मुंहासे के लिए नींबू के फायदे और उपयोग – Lemon To Treat Acne in Hindi

Written by , (एमए इन मास कम्युनिकेशन)

बेदाग और चमकता-दमकता चेहरा सभी को पसंद होता है। यही वजह है कि चेहरे पर मुंहासे और उनके कारण होने वाले दाद-धब्बे किसी को रास नहीं आते। मगर, कई बार हार्मोनल बदलाव, तनाव, किसी दवा का प्रभाव या फिर तैलीय सौन्दर्य उत्पादों का इस्तेमाल मुंहासों का कारण बन जाता है (1)। ऐसे में मुंहासे के लिए नींबू का उपयोग काफी सहायक साबित हो सकता है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम मुंहासे के लिए नींबू के फायदे विस्तार से बताने जा रहे हैं।

शुरू करते हैं लेख

तो आइए सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि नींबू मुंहासों पर प्रभावी है या नहीं।

क्या नींबू वाकई में मुंहासों को दूर करता है?

नींबू से पिंपल की समस्या से राहत पाने में मदद मिल सकती है। इस बात को एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि नींबू मुंहासों की समस्या को दूर करने में सहायक साबित हो सकता है। यही वजह है कि मुंहासों से राहत दिलाने वाले सौंदर्य उत्पादों में भी नींबू को मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है (2)। अब मुंहासे के लिए नींबू के फायदे की बात की जाए, तो इस बारे में हम लेख में आगे विस्तार से जानेंगे।

पढ़ते रहें लेख

यहां अब हम विस्तार से मुंहासे के लिए नींबू के फायदे जानेंगे।

मुंहासे के लिए नींबू के फायदे – Lemon Benefits for Acne in Hindi

लेख के इस भाग में हम क्रमवार मुंहासे के लिए नींबू के फायदे बताने जा रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

1. एंटी-बैक्टीरियल गुण से समृद्ध

मुंहासे के लिए नींबू के फायदे की बात करें तो नींबू में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) प्रभाव कारगर साबित हो सकता है। इस बात को मुंहासों से संबंधित एक शोध में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि नींबू के रस में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट कर मुंहासों की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं (3)

2. सूजन को कम करे

नींबू से पिंपल ठीक करने के लिए इसमें मौजूद एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) प्रभाव भी मददगार हो सकता है। यह बात त्वचा के लिए विटामिन सी के फायदे से संबंधित एक शोध में साफ तौर पर मानी गई है। शोध में जिक्र मिलता है कि नींबू विटामिन सी से समृद्ध होता है, जो एंटीइन्फ्लामेट्री प्रभाव प्रदर्शित करता है। इस प्रभाव के कारण नींबू का रस मुंहासे के कारण होने वाली सूजन की समस्या से राहत दिलाने में कारगर हो सकता है (4)

3. त्वचा की लाली को कम करे

मुंहासों के कारण त्वचा पर दिखने वाले लाल रंग के दाग-धब्बों को दूर करने में भी नींबू सहायक साबित हो सकता है। इस बात का प्रमाण त्वचा की रंगत सुधारने वाली प्राकृतिक सामग्रियों पर किए गए एक शोध से मिलता है। शोध में माना गया है कि नींबू का रस त्वचा की रंगत को सुधारने में मदद कर सकता है (5)। इस आधार पर माना जा सकता है कि मुंहासे के कारण दिखने वाले लाल दाग को ठीक करने में भी नींबू का रस उपयोगी साबित हो सकता है।

आगे पढ़ें लेख

यहां अब हम मुंहासे के लिए नींबू का उपयोग करने के तरीकों के बारे में जानेंगे।

मुंहासे के लिए नींबू का उपयोग – How to Use Lemon for Acne in Hindi

यहां हम मुंहासों के लिए नींबू का उपयोग करने के कुछ आसान तरीके बताने जा रहे हैं, जिन्हें इस्तेमाल में लाकर आसानी से नींबू के फायदों का लाभ उठाया जा सकता है।

1. नींबू

सामग्री :

  • एक चम्मच नींबू का रस
  • रुई का एक टुकड़ा

कैसे करें इस्तेमाल : 

  • एक चम्मच नींबू का रस एक छोटी कटोरी में लें।
  • अब थोड़ी से रुई लेकर उसे इस नींबू के रस में डुबो लें।
  • इसके बाद रुई के माध्यम से नींबू के रस को मुंहासों पर लगाएं।
  • 10 से 15 मिनट तक मुंहासों पर यह नींबू का रस लगा रहने दें।
  • समय पूरा हो जाने पर चेहरे को साफ पानी से धो लें।

कितनी बार करें प्रयोग : 

  • नींबू से पिंपल कम करने के लिए इस प्रक्रिया को दिन दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद : 

लेख में आपको पहले ही बताया जा चुका है कि नींबू के रस में एंटी-बैक्टीरियल (बैक्टीरिया नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है, जो मुंहासों का कारण बनने वाले जीवाणुओं को नष्ट करने में मदद कर सकता है (3)। वहीं नींबू में मौजूद विटामिन सी के कारण इसमें एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) गुण मौजूद होता है, जो मुंहासों के कारण होने वाली सूजन से राहत दिला सकता है (4)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि नींबू के रस में मौजूद यह दोनों गुण संयुक्त रूस से मुंहासों से छुटकारा दिलाने में कारगर साबित हो सकते हैं।

2. नींबू और अंडा

सामग्री : 

  • दो चम्मच नींबू का रस
  • एक अंडे का पीला हिस्सा

कैसे करें इस्तेमाल : 

  • एक कटोरी में दो चम्मच नींबू का रस लें। इसमें एक अंडे के पीले हिस्से को डालकर मिला लें।
  • जब नींबू और अंडा आपस में अच्छे से मिल जाएं, तो इसे प्रभावित स्थान पर लगाकर छोड़ दें।
  • इसे करीब 10 मिनट तक सूखने दें।
  • समय पूरा होने के बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें।

कितने बार करें प्रयोग :

  • बेहतर प्रभाव के लिए इसे फायदा होने तक प्रतिदिन एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

मुंहासों से राहत दिलाने में नींबू सहायक है। यह बात लेख में पहले ही बताई जा चुकी है। वहीं अंडे का पीला हिस्सा भी मुंहासों पर असरदार साबित हो सकता है। इस बात को अंडे से संबंधित एक शोध में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है। यह शोध एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित है (6)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि नींबू के साथ अंडे का उपयोग करना मुंहासों पर अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।

3. नींबू और दही

सामग्री : 

  • दो चम्मच नींबू का रस
  • दो चम्मच दही

कैसे करें इस्तेमाल : 

  • एक छोटे बर्तन या बाउल में दही लेकर इसमें नींबू का रस मिला लें।
  • इस मिश्रण को मुंहासों वाले स्थान पर लगा लें।
  • 10 मिनट तक इस मिश्रण को ऐसे ही लगा रहने दें।
  • समय पूरा हो जाने के बाद गुनगुने पानी से इसे धो लें।

कितने बार करें प्रयोग : 

  • जल्द लाभ के लिए इस प्रक्रिया को हर दिन एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद : 

मुंहासे के लिए नींबू का उपयोग दही के साथ भी किया जा सकता है। दरअसल, दही त्वचा को नमी प्रदान करने के साथ ही उसे मुलायम और चमकदार भी बनाता है (7)। वहीं नींबू मुंहासों की समस्या से राहत दिलाने में सहायक माना जाता है (3)। ऐसे में अगर नींबू का उपयोग दही के साथ किया जाता है, तो यह मिश्रण मुंहासों से राहत दिलाने के साथ-साथ नर्म, मुलायम और चमकदार बनाने में मददगार हो सकता है।

4. नींबू और शहद

सामग्री : 

  • दो चम्मच नींबू का रस
  • दो चम्मच शहद

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक छोटे से बाउल में शहद लेकर उसमें दो चम्मच नींबू का रस मिला लें।
  • इसे अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट जैसा बना लें।
  • इस पेस्ट को मुंहासों पर लगा लें और 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें।
  • समय पूरा हो जाने पर गुनगुने पानी से इसे धो लें।

कितने बार करें प्रयोग : 

  • इस प्रक्रिया को प्रतिदिन एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद : 

मुंहासे के लिए नींबू का उपयोग शहद के साथ भी किया जा सकता है। दरअसल, शहद में एंटी-बैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) और एंटी-फंगल (फंगस को नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है, जो त्वचा को बैक्टीरियल और फंगल इन्फेक्शन से बचाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा इसका एंटी-बैक्टीरियल प्रभाव मुंहासे का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को नष्ट कर मुंहासों से राहत दिलाने में कारगर साबित हो सकता है (8)। वहीं लेख में हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि नींबू का रस मुंहासों को कम करने में मदद कर सकता है। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि नींबू के साथ शहद मुंहासों से छुटकारा दिलाने में सहायक साबित हो सकता है।

5. गुलाब जल और नींबू

सामग्री :

  • एक चम्मच गुलाब जल
  • एक चम्मच नींबू का रस
  • रुई का एक टुकड़ा

कैसे करें इस्तेमाल :

  • एक कटोरी में गुलाब जल और नींबू का रस मिला लें।
  • रुई के टुकड़े को इसमें डुबोकर मुंहासों पर लगा लें।
  • 15 मिनट तक इस मिश्रण को लगा रहने दें।
  • समय पूरा हो जाने के बाद सामान्य पानी से इसे धो लें।

कितने बार करें प्रयोग :

  • इसे दिन में दो बार लगाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद : 

गुलाब जल में एंटीमाइक्रोबियल (सूक्ष्म जीवों को नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। इस कारण यह सूक्ष्म जीवों के कारण होने वाली त्वचा की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है (9)। साथ ही इसे मुंहासों की समस्या में भी लाभकारी माना गया है (10)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि मुंहासे के लिए नींबू का उपयोग गुलाब जल के साथ करना अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।

और भी है बहुत कुछ

लेख के अगले भाग में हम मुंहासे के लिए नींबू का उपयोग करने से जुड़ी सावधानियों के बारे में बताएँगे।

सुझाव और सावधानियां – Tips & Precautions

लेख के इस भाग में हम जानेंगे कि त्वचा और मुंहासों के लिए नींबू का उपयोग करते समय किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • नींबू का इस्तेमाल सीधे चेहरे पर करने से पूर्व इसका पैच टेस्ट जरूर कर लें। वजह यह है कि एसिडिक होने के कारण अधिक संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसके उपयोग से जलन और खुजली की शिकायत हो सकती है।
  • जब भी चेहरे पर नींबू का रस लगाएं या उपयोग करें, उसके बाद चेहरे पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।
  • नींबू के रस के बेहतर लाभ पाने के लिए हमेशा ताजे नींबू के रस का उपयोग करना चाहिए।
  • अगर त्वचा पर कट या घाव है तो ऐसे में नींबू के रस का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से घाव में सूजन आ सकती है और यह घाव की स्थिति को अधिक गंभीर कर सकता है (11)
  • त्वचा पर नींबू का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद धूप में जाने से बचना चाहिए। नहीं तो त्वचा गंभीर रूप से झुलस सकती है (12)

मुंहासे के लिए नींबू के फायदे तो अब हमने अच्छे से समझ लिए। साथ ही लेख के माध्यम से हमें यह भी पता चल गया कि मुंहासे के लिए नींबू का उपयोग किस प्रकार से किया जाना है। ऐसे में वह लोग जो मुंहासों की समस्या से परेशान हैं, लेख में दिए इसे इस्तेमाल करने के तरीकों को अपनाते हुए इसे उपयोग में ला सकते हैं। मगर, त्वचा पर इसका इस्तेमाल करने से पूर्व पैच टेस्ट जरूर कर लें, क्योंकि मुमकिन है कि कुछ लोगों को यह सूट न करें। उम्मीद है, आपको यह लेख पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य विषयों के बारे में जानने के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नींबू से मुंहासे का इलाज करने में यह कितने दिन में ठीक हो जाते हैं?

सबकी त्वचा और मुंहासों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। इसलिए यह कह पाना मुश्किल है कि नींबू के इस्तेमाल से मुंहासे कितने दिन में ठीक हो जाते हैं। हां, करीब दो हफ्तों में सामान्य तौर पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

मुझे मुंहासों पर कितनी बार नींबू का उपयोग करना चाहिए?

लेख में आपको पहले भी बताया जा चुका है कि नींबू के रस का प्रयोग दिन में करीब एक से दो बार करना चाहिए। वजह यह है कि नींबू का रस एसिडिक होता है, जिस वजह से इसका अधिक उपयोग स्किन पर जलन पैदा कर सकता है।

क्या नींबू को सीधे अपनी त्वचा पर लगा सकते हैं?

हां, रुई के माध्यम से नींबू के रस को सीधे मुंहासों पर लगाया जा सकता है।

क्या नींबू रातभर में मुंहासों को दूर कर सकता है?

नहीं, रातभर में मुंहासों को दूर करना संभव नहीं है। इसे नियमित रूप से दिन में एक से दो बार इस्तेमाल करने से कुछ हफ्तों में इसका असर दिख सकता है।

क्या नींबू चेहरे पर मुंहासों का कारण बन सकता है?

नहीं, नींबू मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह त्वचा को साफ कर उसे स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद कर सकता है (13)। हां, एसिडिक होने के कारण इसके अधिक उपयोग से त्वचा संबंधी खुजली व जलन जरूर पैदा हो सकती है।

Sources

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.

Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

ताज़े आलेख