अदरक-नींबू की चाय के 11 फायदे और नुकसान – Benefits Of Lemon Ginger Tea in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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चाय के बिना जिंदगी मानो अधूरी सी लगती है। हो भी क्यों न, इसका लाजवाब स्वाद और कई आकर्षक फ्लेवर है ही कुछ ऐसे। अब किसी को ग्रीन टी पसंद है, तो कोई कड़क चाय या फिर नींबू की चाय पीना पसंद करता है। वहीं, अदरक नींबू की चाय पीने वालों की भी कमी नहीं है। मगर, आपको जानकार हैरानी होगी कि स्वाद और ताजगी देने के अलावा अदरक नींबू की चाय कई शारीरिक समस्याओं में भी फायदेमंद हो सकती है। यही वजह कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम अदरक नींबू की चाय के फायदे बताने जा रहे हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह कुछ समस्याओं में राहत तो पहुंचा सकती है, लेकिन इसे उनका उपचार नहीं कहा जा सकता। किसी भी समस्या का पूर्ण इलाज डॉक्टरी परामर्श पर ही निर्भर करता है।

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तो आइए, लेख में आगे बढ़कर पहले हम अदरक-नींबू की चाय के फायदे क्या-क्या हैं, यह समझ लें।

अदरक-नींबू की चाय के फायदे – Lemon Ginger Tea Benefits in Hindi

किन-किन समस्याओं में अदरक नींबू की चाय के फायदे हासिल किए जा सकते हैं, इस बात को हम क्रमवार समझाने का प्रयास करेंगे, ताकि इसकी उपयोगिता को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सके।

1. मतली और उल्टी में सहायक

मतली और उल्टी जैसी समस्याओं से निजात पाने के लिए अदरक और नींबू का उपाय किया जा सकता है। दरअसल, कई अध्ययनों से इस बात का पता चलता है। अदरक से जुड़े एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के एक शोध में जिक्र मिलता है कि यह उल्टी और मतली की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (1)। वहीं, सर्जरी के बाद होने वाली मतली और उल्टी की समस्या में अदरक के साथ नींबू को भी उपयोगी बताया गया है (2)। इसके अलावा नींबू से संबंधित एक शोध में नींबू की खुशबू को गर्भावस्था में उल्टी और मतली से राहत दिलाने में कारगर माना गया है (3)। इन तीनों तथ्यों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि मतली और उल्टी रोकने के उपाय में नींबू और अदरक की चाय को बेहतरीन विकल्प माना जा सकता है।

2. वजन कम करने में मददगार

गलत खान-पान और दिनचर्या की वजह से वजन बढ़ने की समस्या आम हो गई है। ऐसे में लोग तरह-तरह के उपाय जैसे – डाइटिंग व व्यायाम आदि करते हैं। ऐसे में अगर लेमन जिंजर टी को डाइट में शामिल किया जाए, तो वजन बढ़ने की परेशानी से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है। माना जाता है कि अदरक के सेवन से भूख की इच्छा कुछ हद तक कम हो सकती है। वहीं, नींबू को इंसुलिन प्रतिरोध की क्षमता को बढ़ाने और शरीर में फैट की मात्रा को कम करने के लिए जाना जाता है (2), (3)। अदरक और नींबू के मिश्रण के सेवन से चयापचय (metabolism) बढ़ सकता है और एक्स्ट्रा कैलोरी बर्न होने में मदद मिल सकती है।

3. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के मामले में भी अदरक नींबू की चाय के फायदे हासिल किए जा सकते हैं। दो अलग-अलग शोध से इस बात को समझने में मदद मिल सकती है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन के शोध में माना गया कि अदरक प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है (6)। वहीं, दूसरी ओर नींबू के फायदे से जुड़े एक लेख में जिक्र मिलता है कि नींबू जैसे सभी साइट्रस फल शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने में सहायक हो सकते हैं (7)। इन दोनों तथ्यों को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि अदरक नींबू की चाय का उपयोग शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के उपाय में कारगर साबित हो सकता है।

4. दिमागी कार्यक्षमता को बढ़ावा दे

दिमागी कार्य-क्षमता को बढ़ाने के लिए भी अदरक नींबू की चाय को उपयोग में लाया जा सकता है। यह बात अदरक और नींबू के अलग-अलग शोध से स्पष्ट होती है। अदरक से संबंधित एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में माना गया है कि यह मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं की दिमागी कार्य-क्षमता को सुधार कर उनकी याददाश्त को बढ़ावा दे सकता है (8)। वहीं चूहों पर आधारित नींबू से जुड़े एक शोध में माना गया है कि नींबू जैसे साइट्रस फल का उपयोग बढ़ती उम्र के कारण कमजोर होती दिमागी कार्य-क्षमता को सुधारने में मदद कर सकता है (9)। इसके अलावा, साइट्रस फल से जुड़े एक अन्य शोध में भी जिक्र मिलता है कि साइट्रस फल इंसानों के दिमाग में ब्लड फ्लो को बढ़ावा देकर उनकी दिमागी कार्य-क्षमता को सुधारने में मदद कर सकते हैं (10)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि अदरक नींबू की चाय दिमागी कार्य क्षमता को बढ़ाने में उपयोगी साबित हो सकती है।

5. हृदय स्वास्थ्य को सुधारे

हर दिन पी जाने वाली यह एक साधारण अदरक-नींबू की चाय दिल की बीमारियों से बचाने में भी मददगार हो सकती है। दरअसल, नींबू विटामिन-सी से भरपूर होता है, जो धमनियों और नसों के माध्यम से रक्त के उचित प्रवाह को बढ़ावा देने और रक्त के थक्कों को बनने से रोकता है। यह दिल के दौरे के जोखिम को कम कर सकता है (11)। वहीं, अदरक रक्त प्रवाह बढ़ाने और एंटी-इन्फ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाला), एंटी प्लेटलेट (antiplatelet – रक्त के थक्कों से बचाव करने वाला), हाइपोटेंसिव (hypotensive – रक्तचाप कम करने वाला) व हाइपोलिपिडेमिक (hypolipidemic – लिपिड कम करने वाला) जैसे प्रभावों के लिए जाना जाता है। ये सभी गुण हृदय रोगों की आशंका को कम करने में मदद कर सकते हैं (12)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि अदरक और नींबू के फायदे हृदय स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।

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6. शरीर को एल्कलाइज करे

हम सभी को पता है कि नींबू एसिडिक होता है, लेकिन क्या आपको पता है कि जब यह आपके शरीर में जाता है, तो इसकी प्रकृति बदल जाती है और यह एल्कलाइज हो जाता है। जब एक कप गर्म चाय में नींबू का रस मिलाया जाता है, तो यह मेटाबॉलिज्म को ठीक करता है और शरीर को एल्कलाइज करना शुरू कर देता है। यह स्वस्थ दांतों और मसूड़ों को बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल व फैट के स्तर को कम करता है और मीठा खाने की इच्छा को कम करता है। हालांकि कुछ लोगों को अदरक-नींबू चाय के सेवन से एसिडिटी हो सकती है। अलग अलग लोगों पर इसका प्रभाव अलग अलग हो सकता है। इसलिए एसिडिटी की समस्या से पीड़ित व्यक्ति अदरक-निम्बू चाय के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह लें।

7. ओवेरियन सिस्ट के इलाज में लाभकारी

ओवेरियन सिस्ट की समस्या से राहत पाने के लिए भी अदरक और नींबू की चाय को उपयोग में लाया जा सकता है। अदरक और नींबू के दो अलग शोध के माध्यम से इस बात को समझने में मदद मिल सकती है। इंटरनेशनल ऑफ रिप्रोडक्टिव बायोमेडिसिन के एक शोध में अदरक के अर्क को पीसीओएस की समस्या (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) में सहायक माना गया है। बता दें कि पीसीओएस एक ऐसी समस्या है, जिसमें ओवरी का आकार बढ़ने के साथ ही उसके बाहरी क्षेत्र में सिस्ट बन जाता है (16)। वहीं, दूसरी ओर ओवेरियन कैंसर के जोखिम को कम करने में साइट्रस फ्रूट जूस कुछ हद तक प्रभावी हो सकता है। बता दें कि ओवेरियन सिस्ट, ओवरी में कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है (17) (18), इस आधार पर साइट्रस फलों में शुमार नींबू को भी इस समस्या में सहायक माना जा सकता है। फिलहाल, इस विषय में अभी और सटीक शोध किए जाने की आवश्यकता है।

8. मनोदशा और एकाग्रता को सुधारे

बिगड़ी मनोदशा को सुधार कर मन को एकाग्रचित करने के मामले में भी अदरक और नींबू की चाय फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, एनसीबीआई पर प्रकाशित अदरक से जुड़े एक शोध में माना गया कि मासिक चक्र के होने वाली मनोदशा में बदलाव की स्थिति को अदरक का रस सुधार कर सकता है (19)। वहीं, नींबू की सुगंध मन को शांत करने का काम कर सकती है। इसके अलावा, नींबू का उपयोग कुछ हद तक मूड में सुधार करने का काम कर सकता है (20)। फिलहाल, मूड पर नींबू के सीधे प्रभाव जानने के लिए और शोध की आवश्यकता है। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि लेमन जिंजर टी के फायदे मनोदशा को ठीक कर एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद कर सकते हैं।

9. लिवर के लिए उपयोगी

नींबू और अदरक का कॉम्बिनेशन लिवर फंक्शन के लिए असरदार हो सकता है। यह बात अदरक और नींबू के दो अलग-अलग शोध से साफ होती है। हेपेटाइटिस मंथली के जर्नल के अनुसार नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर की समस्या (बिना शराब के होने वाली फैटी लिवर की समस्या) की समस्या में अदरक का रस सहायक हो सकता है (21)। वहीं, बायोमेड रिसर्च इंटरनेशनल के मुताबिक नींबू का रस अल्कोहलिक कारणों से होने वाली लिवर की क्षति में आराम पहुंचाने का काम कर सकता है (22)। इन दोनों ही तथ्यों को देखते हुए यह माना जा सकता है कि चाय के रूप में अदरक और नींबू के फायदे लिवर की समस्या में सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकते हैं।

10. त्वचा को बेदाग और मुलायम बनाए

नींबू और अदरक का मेल न सिर्फ आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह आपको सुंदर और बेदाग त्वचा भी देगा। नींबू-अदरक की चाय में विटामिन, खनिज, और एंटीऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा होती है, जो आपकी त्वचा को स्वस्थ बनाते हैं। अदरक में एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो त्वचा के संक्रमण से लड़ते हैं और त्वचा को साफ करते हैं। इसके साथ ही यह शरीर और त्वचा को हाईड्रेट भी रख सकता है।

11. बालों के विकास के बढ़ावा दे

बालों के विकास को बढ़ावा देने के मामले में भी अदरक और नींबू के फायदे हासिल किए जा सकते हैं। दरअसल, अदरक में सिलिकॉन पाया जाता है, जो बालों के विकास को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है (25)। वहीं, दूसरी ओर नींबू भी बालों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है (26)। साथ ही यह एंटीफंगल गुण के कारण डैंड्रफ की समस्या से राहत दिलाने के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है (27)। इस आधार पर चाय के रूप में अदरक और नींबू के फायदे बालों के लिए भी सहायक माने जा सकते हैं। इसके लिए इस चाय को पीने के साथ ही बालों और स्कैल्प पर लगाने के लिए भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

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लेख में आगे अब हम लेमन जिंजर टी बनाने का तरीका बताएंगे।

लेमन जिंजर टी कैसे बनाएं – Lemon Ginger Tea Recipe in Hindi

निम्न तरीके को अपना कर आसानी से अदरक नींबू की चाय बनाई जा सकती है।

सामग्री :

  • नींबू के दो टुकड़े
  • आधा कप अदरक के टुकड़े
  • आधा कप शहद (स्वाद के लिए)

बनाने की विधि :

  • एक शीशे के जार में सभी सामग्रियों को मिला लें।
  • उन्हें कुछ देर के लिए भीगने दें। चाहें, तो रातभर के लिए इसे फ्रिज में भी रख सकते हैं।
  • नींबू और अदरक दोनों के रस शहद के साथ मिलकर गाढ़ा शरबत या सिरप का रूप ले लेंगे।
  • अब चाय बनाने के लिए एक कप गर्म पानी में एक या दो चम्मच इस सिरप को मिलाएं और गर्मा-गरम चाय पिएं।
  • वहीं, आप चाहें, तो नींबू का रस और अदरक का एक टुकड़ा उबलते पानी में सीधे डालकर करीब 15 से 20 मिनट तक इसे उबाले और ताजा नींबू अदरक की चाय बना लें।

अंत तक पढ़ें लेख

अब अंत में हम लेमन जिंजर टी के नुकसान समझने का प्रयास करेंगे।

अदरक नींबू की चाय के नुकसान – Side effects of Lemon Ginger Tea In Hindi

चूंकि चाय में अदरक और नींबू दोनों बहुत ही कम मात्रा में ही इस्तेमाल किए जाते हैं, इसलिए इसके कोई भी ज्ञात परिणाम नहीं हैं। फिर भी जानकार अधिक सेवन के कारण होने वाले कुछ लेमन जिंजर टी के नुकसान बताते हैं, जो कुछ इस प्रकार हो सकते हैं :

  • इस चाय को ज्यादा पीने से सीने में जलन या पेट खराब की परेशानी हो सकती है।
  • कुछ लोगों को अदरक या नींबू से एलर्जी हो सकती है। ऐसे में पेट की परेशानी और त्वचा पर रैशेज हो सकते हैं।

इस लेख में आपको लेमन जिंजर टी के फायदे तो पता चल ही गए हैं। वजन कम करना हो या संक्रमण से लड़ना हो, लेमन जिंजर टी हर मायने में लाभकारी हो सकती है। सुबह एक कप गर्म नींबू-अदरक की चाय पीने से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। आप इस चाय को आसानी से कभी भी बना सकते हैं। आप लेमन जिंजर टी में स्वाद के लिए दालचीनी भी मिला सकते हैं और अगर आपको मीठा पसंद है, तो आप शहद भी मिला सकते हैं। लेमन जिंजर टी के फायदे अनेक हैं। अगर लेमन जिंजर टी का उपयोग सही तरीके से किया जाए, तो यह गुणों का खजाना साबित हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:

क्या रोजाना अदरक और नींबू की चाय पीना अच्छा है?

हां, अदरक और नींबू की चाय रोजाना पीने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। बशर्ते, इसे संतुलित मात्रा (प्रतिदिन एक या दो कप) में ही लिया जाए।

क्या किडनी के लिए अदरक और नींबू की चाय अच्छी है?

अदरक किडनी की कार्यक्षमता के लिए सहायक माना जाता है (28)। वहीं, नींबू का रस किडनी स्टोन में मददगार हो सकता है (29)। इस आधार पर अदरक और नींबू की चाय को किडनी के लिए अच्छा माना जा सकता है।

क्या अदरक और नींबू की चाय खाली पेट पी सकते हैं?

शहद और नींबू का सेवन खाली पेट करने से लिपिड प्रोफाइल को ठीक करने में मदद मिल सकती है (30)। वहीं, अदरक का अर्क खाली पेट लेने से गैस की समस्या से राहत मिल सकती है (31)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि नींबू अदरक की चाय खाली पेट पी जा सकती है।

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10 Sources

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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