अजवाइन के फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Carom Seeds (Ajwain) in Hindi

Medically reviewed by Neelanjana Singh, Nutrition Therapist & Wellness Consultant
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अजवाइन ऐसी चीज है, जो न सिर्फ खाने का जायका बढ़ाती है, बल्कि स्वास्थ्य को भी ठीक रखने में मदद कर सकती है। यही कारण है कि भारतीय भोजन में अजवाइन का अधिक इस्तेमाल किया जाता है। यही कारण है कि  स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम अजवाइन खाने के फायदे से आपको रू-ब-रू कराएंगे। इसके अलावा, यह भी बताएंगे कि अधिक सेवन से अजवाइन खाने के नुकसान क्या क्या हो सकते हैं। बेशक, अजवाइन खाने के फायदे हैं, लेकिन यह किसी समस्या का सटीक इलाज नहीं है। हां, यह शारीरिक परेशानी के लक्षण या उससे बचाव में मदद जरूर कर सकता है, लेकिन इसे किसी गंभीर बीमारी का इलाज समझने की भूल न करें। आगे विस्तार से जानते हैं कि अजवाइन के फायदे और नुकसान क्या-क्या हैं।

अंत तक जरूर पढ़ें

इस लेख में हम सबसे पहले बताएंगे कि अजवाइन क्या होता है।

अजवाइन क्या होती है?

अजवाइन एक तरह का मसाला है। इसका पौधा हरे रंग का, पत्तियां पंख के समान और बीज छोटे अंडाकार आकार के होते हैं। यह जीरा और सौंफ के परिवार से संबंधित है। इसका वैज्ञानिक नाम ट्रेकिस्पर्मम अम्मी (Trachyspermum ammi) है। यह स्वाद में कड़वी और तीखी होती है। अजवाइन को विभिन्न नाम से जाना जाता है, जैसे कि तमिल में ओमम, कन्नड़ में ओम कलुगलु, तेलुगु में वामु और मलयालम में अयोधमकम।

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अब इस भाग में हम अजवाइन के फायदे की जानकारी देंगे।

अजवाइन के फायदे – Benefits of Carom Seeds in Hindi

अजवाइन खाने के फायदे और नुकसान की बात करें, तो यह शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाने में मदद कर सकता है। इसके बारे में हम नीचे विस्तारपूर्वक जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं।

1. गैस और कब्ज

गैस और कब्ज की समस्या किसी को भी हो सकती है। ऐसे में अजवाइन इस समस्या के लिए असरदार साबित हो सकती है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, अजवाइन में एंटीस्पास्मोडिक और कार्मिनेटिव गुण पाए जाते हैं, जो गैस के प्रभाव को कम करने के लिए दवाई का काम कर सकते हैं। साथ ही, इसमें थाइमोल नामक कंपाउंड भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसका उपयोग गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की बीमारियों से राहत पाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, अजवाइन खाने को पचाने में भी मदद कर सकती है, जिससे कि कब्ज की समस्या को दूर रखा जा सकता है और मल त्यागने में आसान बना सकता है (1)। ऐसे में कहा जा सकता है कि अजवाइन के फायदे गैस और कब्ज से निजात दिला सकता है।

2. अस्थमा

अस्थमा जैसे श्वसन तंत्र की समस्या से राहत दिलाने में भी अजवाइन के लाभ दिखाई दे सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, अजवाइन में एंटीअस्थमा प्रभाव होता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव श्वसन प्रणाली पर पड़ता है। इससे अस्थमा की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है (2)। फिलहाल, इस पर और शोध की आवश्यकता है।

3. सर्दी, फ्लू और वायरल इन्फेक्शन

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मेसी एंड लाइफ साइंस द्वारा किए गए एक वैज्ञानिक रिसर्च में दिया गया है कि अजवाइन के बीज में लगभग 50% थाइमोल मौजूद होता है, जिसे मुख्य तौर पर एंटीबैक्टीरिया के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा, थाइम शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को भी बढ़ाने का काम कर सकता है, जिससे जुकाम, फ्लू और अन्य वायरल इन्फेक्शन को दूर रखा जा सकता है (3)।

4. डायरिया

अजवाइन खाने के फायदे डायरिया से राहत दिलाने के लिए भी देखा जा सकता है। जर्नल ऑफ एप्लाइड फार्मेसी द्वारा प्रकाशित किए गए एक मेडिकल रिसर्च में दिया गया है कि अजवाइन में एंटी-डायरिया प्रभाव पाए जाते हैं, जो इस समस्या से निजात दिलाने में सहायक साबित हो सकता है (4)। फिलहाल, इस पर और वैज्ञानिक शोध कि जरूरत है।

5. गठिया, जोड़ों में दर्द

एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक रिसर्च पेपर में दिया गया है कि अर्थराइटिस (गठिया) और जोड़ों में दर्द से निजात दिलाने में अजवाइन लाभकारी हो सकती है (2)। वहीं, एक दूसरे रिसर्च में बताया गया है कि अर्थराइटिस से जुड़ी समस्या से राहत दिलाने के लिए अजवाइन में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव मदद कर सकते हैं (5)

6. कोलेस्ट्रॉल

बढ़ते कोलेस्ट्रोल की समस्या को कम करने के लिए अजवाइन का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, अजवाइन के बीज में एंटीहाइपरलिपिडेमिक प्रभाव पाया जाता है, जो शरीर के कोलेस्ट्रोल, एलडीएल-कोलेस्ट्रोल, ट्राइग्लिसराइड्स और टोटल लिपिड को कम करने में मदद कर सकता है। यह जानकारी एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक वैज्ञानिक शोध में दी गई है (6)

7. स्तनपान के लिए

प्रसव के बाद कुछ महिलाओं के स्तनों में ठीक तरह से दूध नहीं बनता, जिस कारण शिशु को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है। ऐसे में स्तनपान करने वाली महिलाओं को आहार के साथ अजवाइन देने पर दूध की मात्रा में विकास हो सकता है। अजवाइन दूध स्राव को बेहतर करने में मदद कर सकता है, जिससे इंसफिशिएंट मिल्क सप्लाई की समस्या कुछ कम हो सकती है (7)

8. वजन कम करे

भुनी हुई अजवाइन खाने के फायदे शरीर के वजन को कम करने के लिए हो सकते हैं। एक शोध के अनुसार, अजवाइन को भूख को शांत रखने और मोटापे को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे वजन कम हो सकता है (8)। वहीं, एक दूसरे शोध के मुताबिक, इसमें कुछ मात्रा फाइबर की पाई जाती है, जो मेटाबॉलिक की कार्यप्रणाली को बेहतर करने में मदद कर सकता है (9)। इससे भोजन को पचाने में आसानी हो सकती है। साथ ही फाइबर लंबे समय तक भूख को शांत रखने में भी मदद कर सकता है, जिससे वजन को नियंत्रण में रखा जा सकता है (10)। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि वजन घटाने के लिए अजवायन के फायदे हो सकते हैं।

9. किडनी स्टोन के लिए

अजवाइन खाने के फायदे किडनी स्टोन से राहत दिलाने के लिए भी हो सकते हैं। एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, अजवाइन में ड्यूरेटिक प्रॉपर्टी पाई जाती है, जिसे किडनी स्टोन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है (11)। ड्यूरेटिक प्रॉपर्टी पेशाब में कैल्शियम की मात्रा को कम कर सकती है। इससे किडनी स्टोन के निर्माण को रोका जा सकता सकता है (12)।   फिलहाल, इस संबंध में अभी और शोध की आवश्यकता है। 

10. इंफ्लेमेशन के लिए

इंफ्लेमेशन की समस्या किसी को भी हो सकती है, लेकिन इसके बढ़ने पर समस्या गंभीर हो सकती है। ऐसे में इस समस्या से निजात पाने में अजवाइन का सेवन किया जा सकता है या फिर इसका पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर लगाने से सूजन से आराम मिल सकता है। दरअसल, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव पाए जाते हैं, जो इंफ्लेमेशन की समस्या से निजात दिला सकते हैं (6)

11. पाचन के लिए

अगर आप सोच रहे हैं कि अजवाइन खाने से क्या होता है, तो हम बता दें कि यह पेट संबंधी कई समस्याओं से निजात दिला सकती है, जिनमें से एक पाचन भी है। कई बार आहार ठीक तरह से पच नहीं पाता है, जो पेट में समस्या उत्पन्न कर सकता है। ऐसे में अजवाइन का उपयोग पाचन तंत्र के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, अजवाइन गैस्ट्रिक एसिड और डाइजेस्टिव एंजाइमों की गतिविधि को भी बढ़ावा देने का काम कर सकता है। इससे आहार को पचाने में मदद मिल सकती है (6)

12. रक्तचाप के लिए

रक्तचाप के बढ़ने पर कई घातक समस्याओं का जोखिम बना रहता है। ऐसे में रक्तचाप को संतुलन में रखना जरूरी होता है, जिसके लिए अजवाइन का सेवन करना अच्छा उपाय साबित हो सकता है। इसमें थाइमोल की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो रक्तचाप को कम करने में सहायता कर सकता है। वहीं, अजवाइन का कैल्शियम चैनल ब्लॉकिंग प्रभाव हृदय की गति और रक्तचाप के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (2)

13. त्वचा के लिए

अजवाइन के फायदे त्वचा के लिए भी हो सकते हैं। अजवाइन में थाइमोल पाया जाता है, जो त्वचा संक्रमण से छुटकारा दिलाने में सहायता कर सकता है। साथ ही इसमें एंटीवायरल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटी बैक्टीरियल गतिविधि भी पाई जाती है, जो त्वचा से फंगस, बैक्टीरिया और सूजन की समस्या को दूर कर सकती है (13)

14. बालों के लिए

बालों को पर्याप्त पोषण न मिलने पर बालों की समस्या उत्पन्न होने लगती है। ऐसे में बालों को पर्याप्त पोषण देने के लिए अजवाइन से बने तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह तेल बालों को पर्याप्त पोषण देकर झड़ने और टूटने की समस्या से बचाए रख सकता है। फिलहाल, इस संबंध में किसी तरह का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

बने रहें हमारे साथ

लेख के अगले भाग में हम अजवाइन के पौष्टिक तत्वों की जानकारी दे रहे हैं।

अजवाइन के पौष्टिक तत्व – Carom Seeds Nutritional Value in Hindi

अजवाइन के फायदे उसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों के कारण ही होते हैं, जिसकी जानकारी एक टेबल के माध्यम से हम नीचे दे रहे हैं (14)

पौष्टिक तत्वमूल्य प्रति 100 g
ऊर्जा238 kcal
प्रोटीन23.81 g
कार्बोहाइड्रेट47. 62 g
फाइबर47.6 g
कैल्शियम, Ca667 mg
आयरन, Fe16.19 mg
पोटैशियम, K1333 mg
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.62 g

पढ़ते रहें यह लेख

इस लेख के अगले भाग में हम अजवाइन के उपयोग करने के विभिन्न तरीके बताएंगे।

अजवाइन का उपयोग कैसे करें – How to Use Carom Seeds in Hindi

अजवाइन को कई तरह से उपयोग किया जा सकता है, जो इस प्रकार है:

कैसे खाएं:

  • अजवाइन भूख बढ़ाने का काम भी करती है। इसके लिए एक चम्मच अजवाइन को गुनगुने पानी के साथ खाएं। इससे अच्छी भूख लगेगी।
  • अगर किसी को गैस या पेट फूलने की समस्या है, तो अजवाइन को तवे पर भूनकर उसे नींबू व नमक के साथ चाटने से राहत मिलती है।
  • पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए अजवाइन का पानी भी पी सकते हैं।
  • अगर किसी को फ्लू है या गले में खराश की समस्या है, तो एक चौथाई अजवाइन, एक चुटकी नमक और एक लौंग को मुंह में रखकर चूसें। इससे कुछ राहत महसूस होगी।
  • इसके अलावा, खाना बनाते समय दाल या सब्जी में अजवाइन का तड़का लगाने से खाना स्वादिष्ट भी बनेगा और उसे पचाने में आसानी भी रहेगी।

कब खाएं:

  • इसके उपयोग से बने शाकाहारी और मांसाहारी आहार को दोपहर और रात के खाने में ले सकते हैं।
  • इसे सुबह गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है।

कितना खाएं:

  • अजवाइन के बीज का प्रतिदिन 125 mg तक सेवन किया जा सकता है (2), लेकिन हर किसी की आहार क्षमता एक जैसी नहीं होती है। इसलिए, उचित मात्रा की जानकारी के लिए आहार विशेषज्ञ से सहायता ले सकते हैं।

आगे है और जानकारी

इसके अगले भाग में हम अजवाइन के नुकसान किस तरह के हो सकते हैं, इस बारे में बता रहे हैं।

अजवाइन के नुकसान – Side Effects of Carom Seeds in Hindi

वैसे तो अजवाइन खाने के फायदे कई होते हैं, लेकिन कई बार अजवाइन खाने के नुकसान भी नजर आ सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • अजवाइन में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जिस कारण इसे अधिक मात्रा में लेने से पेट में गैस (पेट फूलना), सूजन और ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है (14), (15)
  • अगर कोई अजवाइन का अधिक मात्रा में सेवन करता है, तो इससे एसिडिटी की समस्या कम होने की जगह बढ़ सकती है।

अब छोटे से दिखने वाले अजवाइन के बड़े फायदे आपको समझ आ गए होंगे। यह न सिर्फ खाने का जायका बढ़ाने का काम करती है, बल्कि कई छोटे-बड़े रोग को भी दूर रखने का काम कर सकती है। इसके फायदे जानकर हर कोई अजवाइन को अपनी रसोई में जगह देना जरूर चाहेगा। साथ ही ध्यान रखें कि अजवाइन खाने के फायदे तभी सही से मिलेंगे, जब इसे सीमित मात्रा में लिया जाए। इसके अलावा, गर्भवती और गंभीर रोग से जूझ रहे व्यक्ति इसे डॉक्टर सलाह करने के बाद ही लें। हम आशा करते हैं कि लेख में दी गई जानकारी आपके काम आएगी।

आइए, अब अजवाइन के संबंध में कुछ पाठकों के सवाल जान लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अजवाइन और गुड़ साथ में ले सकते हैं?

जी हां, अजवाइन का उपयोग गुड़ को साथ किया जा सकता है। इससे भोजन को पचाने और गैस की समस्या से बचने में मदद मिल सकती है, लेकिन इस संबंध में किसी तरह का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

क्या दूध और अजवाइन पीना फायदेमंद है?

जी हां, अजवाइन दूध के फायदे कई हो सकते हैं। इसलिए, कई लोग दूध में अजवाइन और हल्दी डाल के पीने की सलाह देते हैं, लेकिन अभी इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

क्या सौंफ और अजवाइन साथ में ले सकते हैं?

जी हां, कुछ लोग सौंफ और अजवाइन को साथ में इस्तेमाल करते हैं। इसे पानी में डालकर उबालने के बाद चाय की तरह सेवन किया जा सकता है।

क्या सुबह खाली पेट अजवाइन खाना ज्यादा फायदेमंद है?

जी हां, सुबह खाली पेट अजवाइन खाना कब्ज और पाचन क्रिया के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके बारे में ऊपर लेख में विस्तार से बताया गया है।

क्या अदरक और अजवाइन साथ में ले सकते हैं?

जी हां, अदरक और अजवाइन को पानी में उबालकर उस पानी को चाय की तरह पिया जा सकता है।

क्या अजवाइन और जीरा साथ में ले सकते हैं?

जी हां, अजवाइन और जीरा को साथ में मिलकर एक गिलास पानी में मिलाकर उस पानी की उबाल लें। फिर पानी को ठंडा होने दे और उसे पीने के लिए उपयोग करें। इसके अलावा, दलिया, खिचड़ी व दाल-सब्जी में तड़का लगाने के लिए भी अजवाइन और जीरा इस्तेमाल किया जाता है।

अजवाइन के बीज का विकल्प क्या है?

अजवाइन के बीज के विकल्प में जीरा को लिया जा सकता है।

कैरम सीड वाटर क्या है?

अजवाइन को ही कैरम सीड कहा जाता है। जब इसे पानी में डालकर उबाला जाता है, तो उस पानी को कैरम सीड वाटर कहा जाता है।

क्या अजवाइन के बीज बालों के विकास को बढ़ावा देते हैं?

अजवाइन बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, लेकिन इस संबंध में अभी किसी तरह का शोध मौजूद नहीं है।

क्या अजवाइन बीज मासिक धर्म की ऐंठन से राहत देते हैं?

जी हां, अजवाइन बीज के सेवन से मासिक धर्म के ऐंठन से राहत मिल सकती है (16)

क्या हम रात में अजवाइन का पानी पी सकते हैं?

इस बारे में स्पष्ट तौर पर कहना मुश्किल है, लेकिन इसे सुबह खाली पेट जरूर पिया जा सकता है। इसलिए, अगर कोई इसे रात में पीना चाहता है, तो एक बार आयुर्वेदिक डॉक्टर से पूछना सही रहेगा।

क्या रोजाना अजवाइन खाना अच्छा है?

जी हां, अजवाइन का उपयोग रोजाना सीमित मात्रा में किया जा सकता है। इसके बीज को रोजाना 125 mg तक सेवन किया जा सकता है, जिसे तीन से चार खुराक में लें (2)।

क्या अजवाइन पेट की चर्बी कम कर सकता है?

हां, अजवाइन के लाभ पेट की चर्बी को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो पेट की चर्बी को कम करने में मदद कर सकता है। इस बारे में ऊपर वजन कम करने वाले पॉइंट में विस्तार से बताया गया है।

16 संदर्भ (Source):

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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