अखरोट के फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Walnut (Akhrot) in Hindi

Reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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इसमें कोई दो राय नहीं है कि ड्राई फ्रूट्स और नट्स स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए फायदेमंद भी होते हैं। अगर आप रोज की डाइट में इन्हें भी शामिल करते हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा है। बादाम, काजू, किशमिश, खजूर व अखरोट के साथ-साथ कई ऐसे ड्राई फूट्स और नट्स  हैं, जो आपको सेहतमंद बनाए रखने में मदद करते हैं। फिलहाल, हम बात करते हैं सिर्फ अखरोट की, जो कई गुणों का खजाना है। इसे एनर्जी का पावरहाउस भी कहते हैं। इसे अंग्रेजी में वॉलनट, तेलुगू में अकरूट काया, मलयालम में अक्रोथंदी, कन्नड़ में अक्रोटा, तमिल में अकरोट्टू, मराठी में अकरोड़ और गुजराती में अक्रोट कहा जाता है। विभिन्न भाषाओं में अखरोट के जितने नाम हैं, उसके फायदे भी उतने ही हैं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम अखरोट खाने का तरीका और अखरोट खाने के फायदे बताएंगे। साथ ही अखरोट के कुछ नुकसान की भी जानकारी देंगे।

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आइए, इस लेख के पहले भाग में जाने कि अखरोट क्या है।

अखरोट क्या होता है? – What are Walnuts in Hindi

अखरोट एक नट है। इसे नट्स की श्रेणी में सबसे ऊपर रखा गया है, क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। इसके पेड़ का वैज्ञानिक नाम जुगैलस जीनस है। एक अखरोट के फल में एक ही बीज होता है, जो स्वादिष्ट और कुरकुरा होता है। इसे कई तरह के खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें मुख्य रूप से केक, कुकीज और एनर्जी बार आदि शामिल है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं। इससे कई तरह की समस्याओं को दूर रखा जा सकता है, जिनके बारे में आगे हम विस्तार से बताएंगे। साथ ही यह भी ध्यान में रखने वाली बात है कि अखरोट कोई दवा नहीं है, जिसके सेवन से किसी बीमारी को ठीक किया जा सके। इसलिए, गंभीर बीमारी की अवस्था में डॉक्टर से इलाज करवाना जरूरी है।

आइए, अब अखरोट के फायदे के बारे विस्तार से जानते हैं।

अखरोट के फायदे – Benefits of Walnut in Hindi

अखरोट पोषक गुणों से भरपूर है। आइए, जानते हैं कि अखरोट के सेवन से क्या-क्या स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। यह कई रोग को दूर रखने और उसके इलाज में मदद कर सकता है, जो इस प्रकार है:

1. दिल के स्वास्थ्य के लिए

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, अखरोट खाने के फायदे हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं (1)। अखरोट में अल्फा लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड का ही एक रूप है। ये रक्त धमनियों (arteries) में फैट के जमाव (blood clot) को रोकता है। इसमें पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (PUFA) भी होता है, जो हृदय प्रणाली के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा, जिन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या होती है, उनके लिए भी अखरोट लाभकारी होता है। यहां बता दें कि पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड शरीर में खराब कोलेस्ट्रोल (LDL) को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रोल (HDL) के निर्माण में मदद करता है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है। (2)।

2. मस्तिष्क के लिए

अखरोट के औषधीय गुण को लेकर एक रिसर्च की गई। इस रिसर्च के मुताबिक, अखरोट में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो मस्तिष्क के कार्य (ब्रेन फंक्शन) पर लाभकारी प्रभाव डालता है। साथ ही पोलीअनसैचुरेटेड फैट यादाश्त (memory power) को बढ़ाने में मदद करता है व डिप्रेशन को कम करता है। फिलहाल, इस विषय पर और शोध की आवश्यकता है, ताकि यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाए कि ओमेगा-3 फैटी एसिड ब्रेन फंक्शन पर किस तरह से काम करता है।

3. कैंसर के लिए

कैंसर जैसी घातक समस्या को दूर रखने में अखरोट फायदेमंद साबित हो सकता है। एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, अखरोट में पोलीफिनोल पाया जाता है, जो कैंसर के खतरे को कम करता है। एंटीकैंसर प्रभाव के कारण यह कैंसर के ट्यूमर को पनपने से रोक सकता है। यह जानकारी एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध एक रिसर्च पेपर में दी गई है (4)। वहीं, अगर कोई कैंसर से पीड़ित है, तो उसे डॉक्टर से उचित इलाज करवाना चाहिए। सिर्फ घरेलू उपचार के जरिए कैंसर को ठीक करना संभव नहीं है।

4. हड्डियों के लिए

हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के लिए भी अखरोट का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, अल्फा लिनोलेनिक एसिड युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से हड्डियों को मजबूती मिलती है और जिन खाद्य पदार्थ में यह एसिड होता है, उनमें अखरोट भी शामिल है। इसके अलावा, अखरोट में कैल्शियम और फास्फोरस भी पाया जाता है, जो हड्डियों में ऑस्टियोपोरोसिस होने से रोकता है, साथ ही कॉपर बोन मिनरल डेनसिटी को बनाए रखता है (5)। ऐसा कहा जा सकता है कि वालनट खाने के फायदे में हड्डियों को स्वस्थ रखना भी शामिल है।

5. वजन कम करने के लिए

यह एक रोचक तथ्य है कि फैट और कैलोरी से भरपूर होने के बावजूद अखरोट वजन घटाने में मदद कर सकता है। अखरोट भूख को नियंत्रित करता है। यह फाइबर युक्त होने के कारण फैट को कम करने में सहायक हो सकता है। इसलिए, वजन को कम करने में भी अखरोट का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के निष्कर्ष से यह पता लगता है कि अखरोट के सेवन से वजन घटाने में मदद मिल सकती है। इस तथ्य की पुष्टि एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध रिसर्च पेपर से होती है (6)। फिलहाल, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

6. गर्भावस्था

एक वैज्ञानिक शोध से पता चलता है कि गर्भावस्था के दौरान अखरोट का सेवन लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इस शोध के मुताबिक अखरोट में पाए जाने वाले फैटी एसिड, विटामिन-ए , ई और बी-कॉम्प्लेक्स होने वाले शिशु के मानसिक विकास में मदद कर सकते हैं। साथ ही आयरन और कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो एनीमिया से बचाता है। इसके अलावा, अखरोट में भरपूर मात्रा में फेनोलिक कंपाउंड (यौगिक) पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य पर लाभकारी प्रभाव डालने का काम कर सकते हैं। साथ ही इसमें एंटीकॉन्वेलसेंट, न्यूरोप्रोटेक्टिव और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं। अखरोट में प्रोटीन, पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (PUFA) और टोकोफेरॉल्स की भी समृद्ध मात्रा पाई जाती है (7)।

7. लो ब्लड प्रेशर के लिए

उच्च रक्तचाप की स्थिति में हृदय संबंधी रोग होने का जोखिम बना रहता है। ऐसे में उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर रखना जरूरी है। इसके लिए अखरोट का सेवन करना अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। एक शोध के अनुसार, अखरोट का सेवन उच्च रक्तचाप को कम करने का काम कर सकता है, जिससे हृदय से जुड़े जोखिम को दूर रखने में मदद मिल सकती है (8)। फिलहाल, इस पर और शोध की आवश्यकता है, ताकि रक्तचाप को नियंत्रित करने करने वाले पोषक तत्वों की जानकारी मिल सके।

8. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए

प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) के मजबूत होने पर कई बीमारियों को दूर रखने में मदद मिल सकती है। इसे मजबूत करने में अखरोट के गुण सहायक साबित हो सकते हैं। दरअसल, अखरोट में मौजूद प्रोटीन में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव पाए जाता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकता है (9)।

9. बेहतर नींद और तनाव से राहत पाने के लिए

अखरोट का सेवन करने से तनाव और नींद की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। दरअसल, अखरोट में विटामिन-बी6, ट्रिप्टोफैन, प्रोटीन और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो तनाव से छुटकारा दिलाने का काम कर सकते हैं। साथ ही इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड मूड को बेहतर करने का काम कर सकता है, जिससे अच्छी नींद आ सकती है। अखरोट ओमेगा 3 एसेंशियल फैटी एसिड और यूरिडीन का प्रमुख स्रोत है। ओमेगा 3 फैटी एसिड और यूरिडीन की मौजूदगी के कारण अखरोट में प्राकृतिक एंटीडिप्रेसेंट प्रभाव होता है (10)।

10. डायबिटीज

मधुमेह जैसी समस्या में अखरोट का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में बताया गया है कि अखरोट का सेवन मधुमेह की रोकथाम में मददगार हो सकता है (11)। वहीं, इसी संबंध में बीजिंग स्थिति एक यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए रिसर्च से पता चलता है कि अखरोट के पेड़ और पत्तों में एंटी-डायबिटिक प्रभाव पाए जाते हैं। इस प्रभाव के कारण यह रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम करने का काम कर सकता है (12)। इससे मधुमेह की समस्या से राहत मिल सकती है। ऐसे में कहा जा सकता है कि अक्रोड खाने के फायदे में मधुमेह की समस्या को दूर रखना शामिल है।

11. मिर्गी से बचाव

अखरोट खाने के फायदे मिर्गी की समस्या को दूर रखने के लिए भी हो सकते हैं। दरअसल, फ्री रेडिकल्स के अधिक उत्पादन से मिर्गी और न्यूरोलॉजिकल जैसे विकारों का जोखिम बढ़ जाता है। इस समस्या को कम करने के लिए एंटीकॉन्वल्सेंट दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा मिर्गी के दौरे को कुछ कम कर सकती है। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद रिसर्च पेपर के अनुसार अखरोट में एंटीकॉन्वल्सेंट प्रभाव पाया जाता है। इस प्रभाव के कारण अखरोट मिर्गी के खिलाफ न्यूरोप्रोटेक्टिव यौगिक के रूप में काम कर सकता है। इस प्रकार मिर्गी की समस्या से बचा जा सकता है। वहीं, अगर किसी को मिर्गी की समस्या है, तो लक्षणों को कुछ कम किया जा सकता है (13)।

12. एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट

कई समस्याओं के समाधान में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव की अहम भूमिका देखी गई है। वहीं, एक वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि अखरोट में ये दोनों प्रभाव पाए जाते हैं, जो इंफ्लेमेशन (सूजन) और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की समस्या से बचाए रखने का काम कर सकते हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी, पार्किंसंस और अल्जाइमर जैसे घातक समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। इसलिए, इससे बचने का बेहतर विकल्प अखरोट का सेवन हो सकता है (14)।

13. स्वस्थ पेट

एक शोध के अनुसार, 8 सप्ताह तक प्रतिदिन 43 ग्राम अखरोट का सेवन करने से एक स्वस्थ व्यक्ति में प्रोबायोटिक और ब्यूटिरिक एसिड का उत्पादक होता है, जो अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। इससे आंतों को स्वस्थ्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध रिसर्च पेपर में भी की गई है (15)। यह फाइबर युक्त होने के कारण कब्ज से भी बचा सकता है। साथ ही इसमें रिबोफ्लेविन यानी विटामिन-बी2 होता है, पाचनतंत्र के लिए लाभदायक हो सकता है।

14. पित्त की पथरी

पित्त की पथरी के इलाज में अखरोट का सेवन सहायक हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, अखरोट सहित कुछ नट्स में अनसैचुरेटेड फैटी एसिड, फाइबर और मिनरल पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व पित्त की पथरी से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि अखरोट के फायदे पित्त की पथरी से निजात दिलाने के लिए हो सकते हैं (14)। ध्यान रहे कि अखरोट सिर्फ मदद कर सकता है, इसे पित्त की पथरी का इलाज न समझा जाए।

15. एंटी-एजिंग

बढ़ते उम्र के प्रभाव को तेजी से बढ़ने से रोकने के लिए अखरोट का सेवन सहायक साबित हो सकता है। इस संबंध में पब्लिश एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि अखरोट में विटामिन-ई होता है, जो त्वचा में नमी बनाए रखता है और रूखापन दूर करता है। इसलिए, त्वचा प्रसाधनों में इसका उपयोग किया जाता है। इस रिसर्च पेपर में अखरोट के तेल में मौजूद एंटी-एजिंग प्रभाव का भी जिक्र किया गया  (12)। ऐसे में कहा जा सकता है कि अखरोट बढ़ते उम्र के प्रभाव को कम करने का काम कर सकता है।

16. बालों के लिए

बालों के लिए अखरोट के फायदे हो सकते हैं। इसमें कई तरह के पोषक तत्व (बायोटीन) पाए जाते हैं, जो बालों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं (16)। फिलहाल, बालों को लेकर अखरोट खाने के फायदे के संबंध में और शोध करने की जरूरत हैं।

लेख के अगले भाग में हम अखरोट में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी देंगे।

अखरोट के पौष्टिक तत्व – Walnut Nutritional Value in Hindi

कई बार लोग यह जानने की कोशिश करते है कि अखरोट में कितना प्रोटीन होता है और यह कैसे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। हमने ऊपर इसके फायदे तो बता दिए हैं, अब इसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों के बारे में जानना भी जरूरी है। यहां जानिए, अखरोट के पौष्टिक तत्वों के बारे में (17):

मोनोअनसैचुरेटेड फैट

पोषक तत्वमूल्य प्रति 100 G
ऊर्जा667 Kcal
प्रोटीन16.67 g
टोटल फैट (वसा)66.67g
सैचुरेटेड फैट6.67g
मोनोअनसैचुरेटेड फैट8.33 g
पोलीअनसैचुरेटेड फैट46.67g
कार्बोहाड्रेट13.33 g
डाइटरी फाइबर2.6g
शुगर3.33 g
कैल्शियम (Ca)100 mg
आयरन  (Fe)2.4 mg
फास्फोरस (P)380mg
मॉइस्चर4.3g

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आइए, अब अखरोट को उपयोग करने के कुछ तरीके के बारे में जानते हैं।

अखरोट का उपयोग कैसे करें – How to Use Walnut in Hindi

अक्सर लोग सोचते हैं कि अखरोट कब खाना चाहिए, अखरोट कैसे खाना चाहिए और कितना खाना चाहिए। अब इन सारे सवालों का जवाब के साथ ही अखरोट खाने का तरीका भी हम नीचे बताएंगे।

कब और कैसे खाएं :

  • योगर्ट में केले और अखरोट की दो-तीन गिरियां मिलाएं और स्मूदी के तौर पर इसे खाएं। आप इसमें स्वाद के लिए एक चम्मच शहद भी मिला सकते हैं। दोपहर के खाने के बाद मीठे के तौर पर आप इस स्मूदी का सेवन कर सकते हैं।
  • आप ब्रेड स्प्रेड के तौर पर भी अखरोट का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए आप बटर में अखरोट का पाउडर मिलाएं और ब्रेड पर लगाकर खाएं। आप इसे सुबह के नाश्ते या शाम के स्नैक्स के तौर पर खा सकते हैं।
  • रात को सोते समय एक गिलास दूध के साथ अखरोट के दो-तीन टुकड़े खाना सबसे आसान तरीका है।
  • आप शाम के स्नैक्स में अखरोट को भूनकर खा सकते हैं।
  • आप दूध में एक चम्मच अखरोट का पाउडर और एक चम्मच शहद डालकर पी सकते हैं।

नोट: अखरोट की तासीर गर्म होती है, तो अगर आप गर्मियों के मौसम में अखरोट खा रहे हैं, तो इस बात पर ध्यान दें कि आपको यह सूट करता है या नहीं। अगर किसी पर गर्म चीजों का प्रभाव नकारात्मक तरीके से पड़ता है, तो उसे एक दिन छोड़कर अखरोट का सेवन करना चाहिए या फिर सिर्फ सर्दियों में इसका सेवन करें।

कितना खाएं : एक युवा व्यक्ति प्रतिदिन 30 ग्राम तक अखरोट का सेवन कर सकता है (18)। हर किसी की आहार क्षमता एक जैसी नहीं होती है। इसलिए, इसकी उचित मात्रा की जानकारी के लिए आप विशेषज्ञ की सलाह ले सकते हैं।

अब इसके आगे जानेंगे कि अखरोट का चयन कैसे करना चाहिए।

अखरोट का चयन – How to Choose Good Walnut in Hindi

अखरोट तीन अलग-अलग आकार में आते हैं – छोटे, मध्यम और बड़े आकार का अखरोट। अखरोट का चुनाव करते समय उसके छिलके को चेक करें। अगर छिलके में छेद है या टूटा हुआ है, तो ऐसे अखरोट लेने से बचें। साथ ही यह भी चेक करें कि अखरोट वजन में हल्का होना चाहिए।

चलिए, अब जानते हैं अखरोट को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के तरीके के बारे में।

अखरोट को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका – How to Store Walnut in Hindi

  • अगर आप छिलके वाला अखरोट स्टोर करना चाहते हैं, तो इसे धूप से दूर, ठंडे स्थान पर एयरटाइट कंटेनर में डालकर रखें। ऐसा करने से यह तीन महीने तक सुरक्षित रह सकते हैं।
  • वहीं, अगर आप बिना छिलके वाला अखरोट स्टोर करना चाहते हैं, तो इसे आप फ्रिज में स्टोर करके छह महीने तक चला सकते हैं। आपको बता दें कि अखरोट अन्य चीजों का फ्लेवर जल्दी ले लेते हैं। ऐसे में फ्रिज में रखते समय इन्हें बाकी खाने की चीजों जैसे प्याज व मछली आदि से दूर रखें।

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आर्टिकल के इस भाग में हम अखरोट का तेल बनाने की विधि बता रहे हैं।

अखरोट का तेल बनाने की विधि

अखरोट को कई तरह से उपयोग में लाया जा सकता है, जिनमें से एक अखरोट का तेल भी है। अखरोट का तेल अखरोट की ही तरह कई फायदे पहुंचा सकता है। इसे बनाने की विधि कुछ इस तरह है:

सामग्री :

  • आधा कप साबुत अखरोट
  • एक कप वेजिटेबल ऑयल

तेल बनाने की विधि:

  • अखरोट का तेल बनाने के लिए पहले माइक्रोवेव को 350 डिग्री पर गर्म होने दें।
  • फिर एक बर्तन में पानी डालकर उबालने के लिए रख दें, कुछ मिनट बाद जब पानी उबलने लगे, तब उसमें अखरोट को डालें।
  • अखरोट डालने के बाद लगभग तीन से पांच तक उबालने के बाद पानी को छान लें।
  • अब उबले हुए अखरोट को एक बर्तन में रख दें। ध्यान रहे कि सभी अखरोट को अलग-अलग रखना है, कोई भी एक दूसरे के ऊपर न हो।
  • इसके बाद अखरोट को माइक्रोवेव में तब तक बेक करें, जब तक कि यह सुनहरा न हो जाए। इसे हर 10 मिनट के अंतराल में हिलाते रहें, ताकि नीचे वाला हिस्सा भी बेक हो सके।
  • जब अखरोट की गिरियां सुनहरे भूरे रंग की हो जाएं, तब इसे माइक्रोवेव से निकाल लें और कुछ देर ठंडा होने दें।
  • इसके बाद अखरोट को एक जिप बंद प्लास्टिक बैग में डालकर बेलन से कूट लें। ध्यान रहे कि इसका पाउडर न बने।
  • फिर एक बर्तन या जार में अखरोट के टुकड़ों को डाल लें और उसमें वेजिटेबल ऑयल अच्छे से मिला लें।
  • इसे कुछ देर तक ऐसे ही रहने दें, जब तक कि तेल का रंग हल्का गहरा न हो जाए। उसके बाद तेल को छान कर अखरोट को अलग कर लें।
  • अब अखरोट का तेल बन चुका होगा और यह इस्तेमाल में लाने योग्य हो गया है।

अगर आप अखरोट के तेल के बारे में और कुछ जानना चाहते हैं, तो आप हमारे इस लेख को भी पढ़ सकते हैं, इसमें अखरोट के तेल के फायदे के साथ-साथ इससे जुड़ी कई अन्य जानकारी भी दी गई हैं। इस आर्टिकल के अगले हिस्से में हम अखरोट के नुकसान की जानकारी दे रहे हैं।

अखरोट के नुकसान – Side Effects of Walnut in Hindi

जिस चीज के इतने फायदे होते हैं, उसके कहीं न कहीं कुछ नुकसान भी होते हैं। ऐसा ही अखरोट के साथ भी हैं। नीचे हम अखरोट खाने के नुकसान बता रहे हैं (19):

  • एलर्जी : अखरोट खाने के नुकसान में एलर्जी भी शामिल है। अगर किसी को इससे एलर्जी होती है, तो अखरोट का सेवन न करें। इससे छाती में खिंचाव महसूस हो सकता है या फिर सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
  • स्किन रैशेज : अखरोट से स्किन रैशेज होने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके छिलके में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा पर लाल रैशेज पैदा कर सकते हैं।
  • अखरोट में चूंकि फैट की मात्रा ज्यादा होती है और कैलोरी भी, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही लेना फायदेमंद है।

इस लेख में आपको समझ आ गया होगा कि अगर अखरोट का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए, तो यह चमत्कारी फायदे करता है। हम उम्मीद करते हैं कि यहां दी गई भी जानकारियां आपके काम आएंगी और आप अखरोट खाने के फायदे उठा पाएंगे। अगर आपने अभी तक अखरोट का सेवन करना शुरू नहीं किया है, तो आज से ही इसे अपनी डाइट में शामिल कर लें। यह लेख आप अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों के साथ भी शेयर कर सकते हैं, ताकि वो भी अखरोट के फायदे जान सकें।

आइए, अब अखरोट के संबंध में पूछे गए हमारे पाठकों के जवाब जानने का प्रयास करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अखरोट की तासीर कैसी होती है?

अखरोट की तासीर गर्म होती है। इसलिए, गर्मियों के दिनों में इसका नियमति और अधिक मात्रा में सेवन न करें।

अखरोट और बादाम एक साथ खाने के फायदे?

अखरोट और बादाम दोनों ही नट्स की श्रेणी में आते हैं। इसलिए, इन दोनों के मिश्रण का संतुलित मात्रा में सेवन करने से लेख में ऊपर बताए गए फायदे हो सकते हैं।

क्या अखरोट को खाली पेट लिया जा सकता है?

जी हां, अखरोट को सुबह खाली पेट लिया जा सकता है। इसे रात में पानी में भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट इसका सेवन कर लें।

अखरोट को भिगोकर खाने के फायदे?

ज्यादातर फिटनेस के शौकीन इसे भिगोकर ही खाते हैं। इसे भिगोकर खाने से लेख में ऊपर बताए गए फायदे हो सकते हैं, लेकिन इस बात की पुष्टि करने के लिए किसी तरह का वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।

क्या अखरोट और दूध साथ में ले सकते हैं?

अगर आप सोच रहे है कि अखरोट कैसे खाएं, तो आपको बता दें कि इसे दूध के साथ लिया जा सकता है। जी हां, अखरोट और दूध को साथ में लिया जा सकता है। हां, अगर आप इसे किसी छोटे बच्चे को देने वाले हैं, तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

क्या अखरोट और शहद साथ में ले सकते हैं?

जी हां, शहद के साथ भी इसका सेवन किया जा सकता है।

19 संदर्भ (Sources)

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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