एल्केलाइन पानी पीने के फायदे और नुकसान – Benefits of Alkaline Water and Side Effects in Hindi

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पानी का हमारे जीवन में विशेष महत्व है, इसके बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। हम पानी को दिन भर में किसी न किसी तरह से इस्तेमाल करते रहते हैं। वहीं, अब पीने के पानी का चलन पहले से थोड़ा बदल गया है। आज बाजार में पानी के कई ऐसे रूप हैं, जो हमें सोचने-समझने पर मजबूर कर रहे हैं। पानी के इन्हीं रूपों में से एक है, एल्केलाइन वाटर। सेहत और स्वास्थ्य के नजरिए से एल्केलाइन वाटर काफी उपयोगी होता है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम एल्केलाइन पानी क्या है और एल्केलाइन पानी पीने के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं, यह बता रहे हैं। साथ ही यहां हम एल्केलाइन पानी पीने के नुकसान भी जानेंगे।

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आइए, पहले एल्केलाइन वाटर क्या है और यह आपके लिए अच्छा है या नहीं, यह समझ लेते हैं।

एल्केलाइन वाटर क्या है? क्या यह आपके लिए अच्छा है?

प्राकृतिक रूप से बायकार्बोनेट युक्त पानी (जैसे :- कुएं का पानी) को प्राकृतिक एल्केलाइन वाटर कहा जाता है। इसका पीएच स्तर सामान्य के मुकाबले अधिक होता है। सामान्य रूप से नल में आने वाले पानी या बोतल में पैक पानी का पीएच स्तर 6.4 से लेकर 7.4 तक होता है। वहीं, एल्केलाइन पानी का पीएच स्तर 8.8 होता है। यह एसिड रिफ्लक्स की समस्या (एसिडिटी) से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है (1)। चूहों पर आधारित एल्केलाइन वाटर से संबंधित शोध में भी इसे सेहत के लिए लाभकारी माना गया है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की साइट पर प्रकाशित इस शोध में यह भी बताया गया है कि यह कई शारीरिक समस्याओं को दूर कर व्यक्ति के जीवन जीने की क्षमता और समय को बढ़ावा दे सकता है (2)। एल्केलाइन वाटर के इन्हीं फायदों को देखते हुए सामान्य पानी में इलेक्ट्रोलाइट (कुछ जरूरी मिनरल्स) जोड़ कर पानी को एल्केलाइन वाटर में बदल कर इस्तेमाल में लाया जाने लगा है (3)।

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लेख में आगे हम एल्केलाइन पानी पीने के फायदों को विस्तार से समझाने का प्रयास करेंगे।

एल्केलाइन पानी पीने के फायदे – 12 Alkaline Water Benefits in Hindi

यहां हम क्रमवार एल्केलाइन पानी के फायदे बता रहे हैं। इन्हें जानने के बाद इसकी उपयोगिता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

1. डायबिटीज को करे नियंत्रित

एल्केलाइन वाटर का उपयोग डायबिटीज की समस्या को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इस बात को एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध एक शोध में सीधे तौर पर स्वीकार किया गया है। शोध में माना गया है कि एल्केलाइन वाटर शरीर में मौजूद मुक्त कणों को कम कर कई शारीरिक समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। एल्केलाइन वाटर में एंटीडायबिटिक (ब्लड शुगर को कम करने वाला) प्रभाव भी मौजूद रहता है (2)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि एल्केलाइन पानी के फायदे में डायबिटीज को नियंत्रित रखना भी शामिल है।

2. हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे

हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी एल्केलाइन वाटर लाभदायक साबित हो सकता है। स्विट्जरलैंड के लाउजेन हॉस्पिटल द्वारा किए गए एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के मामले में एल्केलाइन वाटर अहम भूमिका निभा सकता है। यह हड्डियों के क्षरण का कारण बनने वाले तत्वों को कम करने का काम करता है (4)। इस तथ्य को देखते हुए यह माना जा सकता है कि एल्केलाइन वाटर का उपयोग कर हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

3. बीपी को नियंत्रित कर सकता है

हाई बीपी को नियंत्रित करने के मामले में भी एल्केलाइन वाटर सहायक साबित हो सकता है। एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध एल्केलाइन वाटर के एक शोध में माना गया कि यह सिस्टोलिक ब्लड विस्कोसिटी (निचले स्तर पर ब्लड का गाढ़ापन) को कम करने में मदद कर सकता है (5)। वहीं हाई ब्लड विस्कोसिटी, हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी है (6)। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि कुछ हद तक हाई बीपी की समस्या को नियंत्रित करने में एल्केलाइन वाटर लाभकारी हो सकता है।

4. वजन कम करने में सहायक

वजन कम करने के उपाय के तौर पर भी एल्केलाइन वाटर को उपयोग में लाया जा सकता है। वर्ल्ड जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलाजी के एक शोध से यह बात स्पष्ट होती है। शोध में जिक्र मिलता है इलेक्ट्रोलाइज्ड एल्केलाइन वाटर में एंटीओबेसिटी (मोटापा कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है (7)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि वजन को कम करने के लिए एल्केलाइन वाटर उपयोगी हो सकता है।

5. कैंसर के जोखिम को कम करे

कैंसर के जोखिम को कम करने और कैंसर के इलाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी एल्केलाइन वाटर के फायदे लाभकारी हो सकते हैं। कुछ हद तक यह बात एनसीबीआई की साइट पर मौजूद एल्केलाइन वाटर से संबंधित एक शोध से स्पष्ट होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि एल्केलाइन वाटर शरीर में टेलोमर्स (telomeres) को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। बता दें, टेलोमर्स डीएनए का मुख्य भाग होता है, जो क्रोमोसोम्स को सुरक्षा प्रदान करने का काम करता है (8)।

शोध में यह भी माना गया है कि शरीर में पीएच की कमी के कारण टेलोमर्स की कमी होती है, जो कोशिकाओं के नष्ट होने का कारण बन सकते हैं। टेलोमर्स की अधिकता कैंसर से बचाव में अहम भागीदारी निभा सकती है। इस आधार पर कैंसर या ट्यूमर के विकास को रोकने में एल्केलाइन वाटर कुछ हद तक सहायक माना जा सकता है (8)। इसके बावजूद यह ध्यान रखना जरूरी है कि कैंसर एक घातक और जानलेवा बीमारी है, जिसका इलाज डॉक्टरी परामर्श पर ही संभव है।

6. एसिड रिफ्लक्स में पहुंचाए आराम

एसिड रिफ्लक्स यानी कि एसिडिटी की समस्या में भी एल्केलाइन वाटर के फायदे सहायक हो सकते हैं। वाइस इंस्टिट्यूट ऑफ न्यू यार्क द्वारा किए गए एक शोध से यह बात स्पष्ट होती है। शोध में माना गया है कि एल्केलाइन वाटर का उपयोग एसिड की उपस्थिति को कम कर एसिड रिफ्लक्स की समस्या से राहत दिलाने का काम कर सकता है (1)। इस तथ्य को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि एसिड रिफ्लक्स की स्थिति में भी एल्केलाइन वाटर सहायक हो सकता है।

7. गर्भावस्था में लाभकारी

गर्भावस्था के दिनों में भी एल्केलाइन वाटर महत्त्वपूर्ण माना जा सकता है। वजह यह है कि गर्भावस्था में पानी को काफी अहम माना गया है और पानी के उत्तम स्रोतों में से एक है निजी कुएं का पानी (9)। वहीं लेख में ऊपर बताया गया है कि कुएं का पानी प्राकृतिक एल्केलाइन वाटर होता है (1)। यह घुलनशील विटामिन्स के अवशोषण में मदद करता है। साथ ही यह गर्भावस्था में होने वाली कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में भी मदद कर सकता है। इतना ही नहीं यह प्रसव के दौरान होने वाली खून की हानि को सहने की शरीर को क्षमता भी प्रदान करता है। वहीं भ्रूण को पोषण पहुंचाने के मामले में भी यह सहायक की भूमिका अदा करता है (9)।

इसके अलावा एक अन्य शोध में एल्केलाइन वाटर को गर्भावस्था में सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित करने वाला बताया गया है। चूहों पर किए गए एक शोध में जिक्र मिलता है कि गर्भावस्था के दौरान एल्केलाइन वाटर पीना प्रसव के बाद बच्चे के विकास में सहायक हो सकता है। यह बच्चे के शारीरिक वजन में वृद्धि करने के साथ ही बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में मददगार साबित हो सकता है (10)। इन सभी तथ्यों को देखते हुए एल्केलाइन वाटर को गर्भावस्था के लिए भी उपयोगी माना जा सकता है। यह शोध एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

8. शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने में सहायक

शरीर से विषैले और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में भी एल्केलाइन वाटर सहायक हो सकता है। एल्केलाइन वाटर से संबंधित एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है। शोध में माना गया है कि एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण एल्केलाइन वाटर अल्कोहल जैसे हानिकारक पदार्थ को शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकता है (11)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि शरीर को डिटॉक्स करने में भी एल्केलाइन वाटर सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है।

9. ड्राई आइज के लिए उपयोगी

सामान्य ड्राई आइज की समस्या से निजात दिलाने में भी एल्केलाइन वाटर मददगार साबित हो सकता है। इस बात को दो अलग-अलग शोध के माध्यम से समझा जा सकता है। एल्केलाइन वाटर से संबंधित एक शोध में जिक्र मिलता है कि एल्केलाइन वाटर में एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है (2)। वहीं ड्राई आइज से संबंधित शोध में माना गया है कि एंटीऑक्सीडेंट युक्त चीजों का मौखिक सेवन ड्राई आइज से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (12)। इस आधार पर माना जा सकता है कि एल्केलाइन वाटर पीने से ड्राई आइज में भी कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। हालांकि स्पष्ट प्रमाण की कमी के कारण यह कह पाना मुश्किल है कि ड्राई आइज में एल्केलाइन वाटर कितना प्रभावी साबित हो सकता है।

10. ओवेरियन सिस्ट को ठीक करे

ओवेरियन सिस्ट की समस्या में भी एल्केलाइन पानी सहायक हो सकता है। इस बात की पुष्टि एल्केलाइन रिड्यूज वाटर से जुड़े एक शोध से होती है। बता दें, आप्राकृतिक रूप से पानी को इलेक्ट्रोलाइज करके ही एल्केलाइन रिड्यूज वाटर बनाया जाता है, जिसे एल्केलाइन इलेक्ट्रोलाइज वाटर भी कहते हैं (3)। शोध में जिक्र मिलता है कि एल्केलाइन रिड्यूज वाटर हार्मोनल, उपापचय और प्रतिरोधक क्षमता में सुधार कर पॉलीसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम में राहत पहुंचाने का काम कर सकता है (13)।

11. त्वचा के लिए लाभदायक

एल्कलाइन वाटर का उपयोग त्वचा को सुरक्षा प्रदान करने में भी मदद कर सकता है। इस बात को एलेक्लाइन आयनाइज्ड वाटर से जुड़े एक शोध में माना गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि एल्केलाइन वाटर में एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) और एंटीएजिंग (बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने वाला) गुण मौजूद होते हैं, जो त्वचा पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकने में मदद कर सकते हैं। वहीं शोध में यह भी माना गया है कि एल्कलाइन वाटर से नहाने से त्वचा को अल्ट्रावायलेट किरणों के प्रभाव से बचाव कर सकते हैं (14)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि एल्केलाइन वाटर त्वचा के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।

12. बालों को रखे हेल्दी

एल्कलाइन वाटर पीने के फायदे में बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखना भी शामिल है। इस बात को एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध एक शोध के माध्यम से समझा जा सकता है। शोध में जिक्र मिलता है कि एल्केलाइन एरिया में मौजूद पानी को पीने से शरीर में कैल्शियम, स्ट्रोंटियम, मोलिब्डेनम, आयरन और सेलेनियम जैसे तत्वों की पूर्ति होती है। एल्कलाइन पानी में मौजूद यह मिनरल्स बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकते हैं (15)।

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लेख के अगले भाग में हम घर में एल्केलाइन वाटर तैयार करने का तरीका जानेंगे।

घर में एल्केलाइन पानी कैसे तैयार करें?

बेकिंग सोडा एक एल्केलाइन पदार्थ है, जिसे सामान्य पानी में मिलाकर पानी को एल्केलाइन बनाया जा सकता है (16)।

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यहां हम कृत्रिम और प्राकृतिक एल्केलाइन वाटर से जुड़ी जानकारी हासिल करेंगे।

क्या आपका एल्केलाइन वाटर प्राकृतिक है या कृत्रिम?

जमीन के नीचे से निकाले गए पानी (जैसे कुएं का पानी) प्राकृतिक एल्केलाइन वाटर कहलाता है। वहीं अगर पानी में बेकिंग सोडा जैसे क्षारीय पदार्थों को मिलाकर पानी को एल्केलाइन बनाया है तो वह कृत्रिम एल्केलाइन वाटर कहलाता है। वहीं सामान्य पानी को इलेक्ट्रोलाइज्ड करके भी कृत्रिम एल्केलाइन पानी तैयार किया जाता है। इस बारे में आपको लेख में ऊपर बताया जा चुका है।

अंत तक पढ़ें लेख

अंत में हम आपको एल्केलाइन पानी पीने के नुकसान बताएंगे।

एल्केलाइन पानी पीने के नुकसान – Side Effects of Alkaline Water in Hindi

जैसा कि हमने लेख के माध्यम से जाना कि एल्केलाइन वाटर शरीर में एल्कली यानी कि क्षारीय प्रभाव को बढ़ाता है, जो कई तरह से सेहत के लिए फायदेमंद है। वहीं इसके विपरीत शरीर में अधिक क्षारीय गुण की उपस्थिति, स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। यह स्थिति जरूरत से अधिक एल्केलाइन वाटर पीने की वजह से हो सकती है। शरीर में अधिक एल्केलाइन की उपस्थिति के कारण निम्न दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं (17)।

  • भ्रम की स्थिति
  • हांथ का कांपना
  • चक्कर महसूस होना
  • मांसपेशियों में खिंचाव
  • उल्टी और मतली का अनुभव होना
  • चेहरे, हाथ और पैर में दपकन महसूस होना
  • लंबे समय तक मांसपेशियों में ऐंठन बने रहना

अब तो आपको एल्केलाइन वाटर के फायदे और नुकसान अच्छी तरह पता चल गए होंगे। ऐसे में लेख में दी गई समस्याओं में अल्कलाइन पानी को इस्तेमाल करना कुछ गलत नहीं है। बशर्ते, एल्केलाइन वाटर बेनिफिट्स के साथ ही एल्केलाइन पानी पीने के नुकसान भी ध्यान में रखे जाएं। इस तरह बिना किसी दुष्परिणाम के एल्केलाइन पानी के फायदे हासिल किए जा सकते हैं। उम्मीद है, लेख में शामिल जानकारी सभी को पसंद आई होगी। ऐसी ही अन्य जानकारी हासिल करने के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या प्रतिदिन एल्केलाइन वाटर पिया जा सकता है?

हां, एल्केलाइन वाटर रोज पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है (3)।

क्या एल्केलाइन वाटर किडनी के लिए अच्छा है?

हां, किडनी स्वास्थ्य को बनाए रखने के मामले में अल्कलाइन पानी फायदेमंद साबित हो सकता है (18)।

क्या एल्केलाइन वाटर आंखों के लिए अच्छा है?

जैसा कि लेख में ऊपर बताया जा चुका है कि एल्केलाइन वाटर में एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है (2)। वहीं ड्राई आइज से संबंधित शोध में माना गया है कि एंटीऑक्सीडेंट युक्त चीजों का मौखिक सेवन ड्राई आइज से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (12)। इसलिए, एल्केलाइन वाटर को आंखों के लिए अच्छा कहा जा सकता है।

एक दिन में कितना एल्केलाइन वाटर पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है?

एल्केलाइन पानी के फायदे हासिल करने के लिए करीब 500 एमएल तक इसे पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है (3)।

क्या एल्केलाइन वाटर वजन घटाने में मदद कर सकता है?

हां, इलेक्ट्रोलाइज्ड एल्केलाइन पानी का उपयोग वजन को कम करने में मदद कर सकता है (7)।

18 संदर्भ (Source):

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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