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एलोवेरा जूस के फायदे, उपयोग और नुकसान – Aloe Vera Juice Benefits and Side Effects in Hindi

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एलोवेरा जूस के फायदे, उपयोग और नुकसान – Aloe Vera Juice Benefits and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 November 20, 2019

इस बात से तो आप भलीभांती परिचित होंगे कि एलोवेरा कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से समृद्ध होता है। खासकर, एलोवेरा जूस का सेवन कारगर औषधि के रूप में किया जाता है, जिसके बारे में इस लेख में आपको विस्तार से बताया जाएगा। साथ ही इस बात पर जरूर ध्यान दें कि यह किसी भी बीमारी का इलाज नहीं हो सकता। हां, यह इस लेख में बताई जा रही विभिन्न शारीरिक समस्याओं से बचाव और उनके लक्षणों को कम करने में एक सहायक भूमिका जरूर निभा सकता है। वहीं, गंभीर बीमारी की अवस्था में डॉक्टरी उपचार को नजरअंदाज न करें। आइए, स्टाइलक्रेज के इस लेख में जान लेते हैं कि एलोवेरा जूस पीने के फायदे और एलोवेरा जूस पीने के तरीके क्या हैं।

एलोवेरा जूस के फायदे – Benefits of Aloe Vera Juice in Hindi

एलोवेरा जूस आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर माना जाता है, जिससे विभिन्न शारीरिक फायदे हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:

1. वजन घटाने के लिए

एलोवेरा जूस में एंटी-ओबेसिटी प्रभाव पाया जाता है, जो शरीर के मोटापा को कम करने का काम कर सकता है। इससे वजन को कम करने में भी मदद मिल सकती है (1)। एलोवेरा जूस के लाभ के लिए डॉक्टरी परामर्श के अनुसार इसकी निश्चित मात्रा का रोजाना सेवन किया जा सकता है। वजन कम करने के लिए एलोवेरा जूस के साथ-साथ संतुलित डाइट पर प्रतिदिन व्यायाम भी जरूर करना चाहिए।

2. प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए मददगार

एलोवेरा प्रतिरक्षा प्रणाली को भी प्रभावित कर सकता है। एलोवेरा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। साथ ही एलोवेरा में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव भी होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का काम कर सकता है (2)।

3. ब्लड शुगर को नियंत्रण में करना

एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, एलोवेरा जूस का इस्तेमाल ब्लड शुगर को कम करने के लिए किया जा सकता है। दरअसल, एलोवेरा में हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव पाए जाते हैं, जो मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं (3)। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि एलोवेरा जूस का उपयोग रक्त शर्करा को नियंत्रण में रखने का काम कर सकता है। वहीं, अगर किसी को मधुमेह की समस्या है, तो उसे एलोवेरा का सेवन करने के साथ-साथ डॉक्टरी दवा भी जरूरी खानी चाहिए।

4. कैंसर के लिए

एलोवेरा जूस पीने के फायदे कई बीमारियों के इलाज और बचाव में देखे जा सकते हैं। वैसे ही यह शरीर को कैंसर से दूर रखने का काम कर सकता है। दरअसल, एलोवेरा में एंटीट्यूमर प्रभाव पाए जाते हैं। साथ ही यह प्रतिरक्षा कोशिकाओं को उत्तेजित करने में भी सहायक होता है, जिससे कैंसर जैसी घातक समस्या को दूर रखने में मदद मिल सकती है (4)। यहां हम स्पष्ट कर दें कि अगर किसी को कैंसर हो, तो सिर्फ एलोवेरा का सेवन ही काफी नहीं है। इस अवस्था में डॉक्टर से पूरा इलाज करवाना जरूरी है।

5. शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए

शरीर को हाइड्रेट रखने में एलोवेरा का जूस अहम भूमिका निभा सकता है। दरअसल, एलोवेरा में पानी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसके जूस का सेवन हाइड्रेशन को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। इसके अलावा, इसमें प्राकृतिक रूप से स्किन हाइड्रेशन को बेहतर बनाने वाले घटक भी पाए जाते हैं। इसलिए, कई स्किन केयर प्रोडक्ट में एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है (5)।

6. मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए

एलोवेरा जेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने का काम करते हैं। साथ ही यह याददाश्त को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकता है। इसलिए, एलोवेरा जूस का उपयोग मस्तिष्क के लिए फायदेमंद माना जा सकता है (6)।

7. हार्टबर्न के इलाज में सहायक

एनसीबाआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार एलोवेरा गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स (पाचन संबंधी रोग) के लक्षणों को कम करने का काम कर सकता है, जिसमें हार्टबर्न भी शामिल है। इसलिए, कहा जा सकता है कि हार्टबर्न की समस्या से निजात पाने के लिए एलोवेरा जूस का सेवन किया जा सकता है (7)। इस अवस्था में अगर एलोवेरा का सेवन करने से पहले से डॉक्टर की सलाह ली जाए, तो बेहतर होगा।

8. पाचन संबंधी समस्याओं का इलाज

खराब पाचन के कारण कई बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में पाचन क्रिया को ठीक करने में एलोवेरा जूस की अहम भूमिका हो सकती है। एलोवेरा में लेक्सटिव प्रभाव पाया जाता है, जो कब्ज की समस्या को कुछ हद तक ठीक कर सकता है। कब्ज के ठीक होने से पाचन संबंधी समस्या पर भी दूर हो सकती है (8)।

9. इंफ्लेमेशन को कम करने में

एलोवेरा जूस का उपयोग कर इंफ्लेमेशन यानी सूजन की समस्या को दूर किया जा सकता है। एलोवेरा में भरपूर मात्रा में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो इंफ्लेमेशन को कम करने का काम कर सकते हैं (9)।

10. हृदय स्वास्थ्य के लिए

एलोवेरा जेल का उपयोग हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी किया जा सकता है। यह हृदय को प्रभावित करने वाले विभिन्न प्रकार के कारकों के खिलाफ कार्य करता है (10) (11)। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि एलोवेरा जूस के फायदे आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए भी हो सकते हैं। वहीं, अगर किसी को हृदय संबंधी किसी भी तरह का रोग है, तो उसे घरेलू नुस्खों के साथ-साथ मेडिकल ट्रीटमेंट जरूर करवाना चाहिए।

11. मौखिक स्वास्थ्य के लिए

एलोवेरा मौखिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हो सकता है। दरअसल, इसमें एंटी-इफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो प्लाक से होने वाली जिंजीवाइटिस (मसूड़ों से जुड़ा संक्रमण) की समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकते हैं। साथ ही एलोवेरा में एंटीबैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं, जो मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने और उनसे बचाव का काम कर सकते हैं। मौखिक स्वास्थ्य के लिए एलोवेरा जूस को माउथवॉश के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है (3)।

12. शरीर को डिटॉक्सिफाई करने के लिए

एलोवेरा जूस के फायदे शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में भी देखे जा सकते हैं। दरअसल, यह एक जिलेटिनस पौधा (जेल युक्त) है। माना जाता है कि एलोवेरा के जूस हमारे शरीर के विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकता है। (12)। फिलहाल, इस संबंध में अभी और शोध की आवश्यकता है।

13. बालों के लिए

एलोवेरा में कुछ खास एंजाइम पाए जाते हैं, जो बालों के विकास को बढ़ावा देने का काम कर सकते हैं। इसके अलावा, इसमें एल्कलाइन गुण भी पाया जाता है, जो स्कैल्प और बालों के पीएच स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसलिए, एलोवेरा के फायदे बालों के लिए भी हो सकते हैं (13)। इसे पीने के साथ-साथ बालों और स्कैल्प पर भी लगाया जा सकता है।

14. त्वचा के लिए

एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कई तरह की त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए किया जा सकता है। एलोवेरा में एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है, जो त्वचा को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही यह सूरजी की पराबैंगनी किरणों से भी सुरक्षित रखने का काम कर सकता है (9)। इसलिए, एलोवेरा जूस के लाभ त्वचा के लिए भी माने जा सकते हैं।

चलिए, अब एलोवेरा जूस में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में जानते हैं।

एलोवेरा जूस के पौष्टिक तत्व – Aloe Vera Juice Nutritional Value in Hindi

एलोवेरा जूस को फायदेमंद बनाने के पीछे इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व सहायक होते हैं। नीचे जानिए इमसें कौन-कौन से जरूरी पोषक तत्व कितनी मात्रा में मौजूद होते हैं (14)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ML
ऊर्जा33 kcal
कार्बोहाइड्रेट8.75 g
शुगर7.92 g
कैल्शियम CA8 mg
सोडियम Na17 mg
विटामिन सी20 mg

आर्टिकल में आगे आप एलोवेरा जूस के उपयोग के बारे में जानेंगे।

एलोवेरा जूस का उपयोग – How to Use Aloe Vera Juice in Hindi

कैसे करें सेवन:
  • एलोवेरा जूस को सामान्य तरीके से पी सकते हैं।
  • इसे अन्य फलों के जूस में मिलाकर पी सकते हैं।
  • एलोवेरा जेल को त्वचा पर लगाया जा सकता है।
कब करें सेवन:
  • एलोवेरा जूस को सुबह खाली पेट पी सकते हैं।
  • एलोवेरा जूस को शाम के समय भी पी सकते हैं।
कितना करें सेवन:
  • दिन में दो बार 30 ml तक एलोवेरा जूस का सेवन किया जा सकता है (15)। प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग-अलग होती है, इसलिए आपके लिए इसकी कितनी मात्रा सही है, इस बारे में डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

लेख के अंत में जानिए एलोवेरा जूस से नजर आने वाले दुष्प्रभावों के बारे में।

एलोवेरा जूस के नुकसान – Side Effects of Aloe Vera Juice in Hindi

जिस तरह एलोवेरा जूस आपके लिए फायदेमंद हो सकता है, उसी तरह यह कई बार नुकसान का कारण भी बन जाता है (9)।

  • एलोवेरा जूस पेट में ऐंठन, दस्त, पेशाब के रंग में परिवर्तन, हेपेटाइटिस (लीवर में इंफ्लेमेशन) और कब्ज की समस्या का कारण बन सकता है। इसके अलावा, एलोवेरा जूस का लंबे समय तक उपयोग कोलोरेक्टल कैंसर (पेट से जुड़ा कैंसर) के जोखिम को उत्पन्न कर सकता है।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को एलोवेरा जूस के सेवन से बचना चाहिए। यह गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय संकुचन और स्तनपान के दौरान नवजात में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से जुड़ी समस्या खड़ी कर सकता है।
  • कुछ लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है। इसलिए, उन्हें एलोवेरा के प्रयोग से एलर्जी हो सकती है।

अब आप यह तो समझ ही गए होंगे कि एलोवेरा जूस किस तरह कई शारीरिक समस्याओं के लक्षणों से राहत दिलाने में लाभकारी साबित हो सकता है। साथ ही यह कई बीमारियों को दूर रखने का भी काम कर सकता है। साथ ही एलोवेरा जूस के नुकसान को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अगर इसे डॉक्टरी परामर्श पर उचित मात्रा में लिया जाए, तो यह पूरी तरह सुरक्षित है। हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इसके अलावा, इस लेख से संबंधित अन्य जानकारी या सवाल के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स का सहारा ले सकते हैं।

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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