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एलोवेरा (घृतकुमारी) के 21 फायदे, उपयोग और नुकसान – Aloe Vera (Ghritkumari) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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एलोवेरा (घृतकुमारी) के 21 फायदे, उपयोग और नुकसान – Aloe Vera (Ghritkumari) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi December 18, 2018

एलोवेरा भले ही एक छोटा-सा पौधा है, लेकिन इसके गुण जगजाहिर हैं। इसके अनगिनत फायदों के कारण ही हर घर में इसे इस्तेमाल किया जाता है। एलोवेरा के फायदे अनेक हैं, चाहे वो स्वास्थ्य के लिए हों, त्वचा के लिए हों या बालों के लिए हों। पौराणिक काल से इसे औषधि के रूप में जाना जाता है। यहां हम आपको बता दें कि फायदे के साथ-साथ एलोवेरा के नुकसान भी हैं और इस बारे में जानना भी आपके लिए ज़रूरी है। आज इस लेख में हम एलोवेरा के औषधीय गुणों के साथ-साथ एलोवेरा के नुकसान के बारे में भी बता रहे हैं।

विषय सूची


एलोवेरा के कई नाम है

एलोवेरा के कई हैं जैसे – हिंदी में घृतकुमारी, घीकवार, तेलुगु में कलाबंदा, तमिल में कतरलाई, मलयालम में कुमारी, कन्नड़ में लोलिसारा, मराठी में कोरफाड़ा और बंगाली में घृतकुमारी, लेकिन मुख्य रूप से इसे एलोवेरा के नाम से ही जाना जाता है। अपने नाम के साथ-साथ एलोवेरा के फायदे भी कई हैं।

आइए, सबसे पहले आपको यह बताते हैं कि सेहत के लिए एलोवेरा किस प्रकार लाभकारी है।

एलोवेरा के फायदे – Benefits of Aloe Vera in Hindi

एलोवेरा में मौजूद पोषक तत्व सेहत और त्वचा के साथ-साथ बालों के लिए भी लाभदायक है। एलोवेरा में विटामिन, फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य कई पोषक तत्व मौजूद हैं (1)। एलोवेरा पेट के लिए, त्वचा के लिए, डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियों के लिए, रूखी त्वचा, सनबर्न के लिए व बालों के लिए फायदेमंद है।

नीचे हम एलोवेरा के उन्हीं फायदों को विस्तार से बता रहे हैं।

सेहत के लिए एलोवेरा के फायदे – Health Benefits of Aloe Vera in Hindi

1. वज़न कम करने के लिए

Aloe Vera To lose weight in Hindi Pinit

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आजकल लगभग हर दूसरे या तीसरे व्यक्ति को मोटापे की समस्या होती है। बाहर का खाना और सही ढंग से शारीरिक क्रिया न करने से कई लोग वज़न बढ़ने की समस्या से परेशान हैं। ऐसे में अगर एलोवेरा जूस का सेवन किया जाए, तो कुछ हद तक इस परेशानी से छुटकारा मिल सकता है। एलोवेरा में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो वज़न को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
शोध के मुताबिक़ एलोवेरा का सेवन आहार प्रेरित मोटापे को भी कम करता है (2)। यह ऊर्जा खपत को बढ़ाता है और शरीर में फैट को जमने से कुछ हद तक कम करता है। यह मधुमेह और मोटापे से परेशान लोगों के लिए भी लाभदायक है (3)।

2. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

बदलते मौसम के साथ-साथ कई बार लोग जल्दी बीमार हो जाते हैं। ऐसे में एलोवेरा का सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। यह कोशिकाओं को नाइट्रिक ऑक्साइड और साइटोकिन्स का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करता है, जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करते हैं (4)।
एलोवेरा जूस, रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने का काम बहुत अच्छे से करता है। आप सोने से पहले एलोवेरा जूस पी सकते हैं। सोते समय एलोवेरा आपके शरीर में अपना काम करना शुरू कर देता है। जब आप लगातार इसका सेवन करने लगेंगे, तो आपको अपने अंदर फर्क महसूस होने लगेगा। कुछ अध्ययन के अनुसार, एलोवेरा का सेवन सेलुलर और ह्यूमोरल (शारीर में एक प्रकार का द्रव्य) इम्यून (5) को उत्तेजित कर सकता है। वहीं, नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के अनुसार, एलोवेरा जेल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने (6) के रूप में कार्य कर सकता हैं। यही काम एलोवेरा जूस भी कर सकता है।

3. पाचन क्रिया के लिए एलोवेरा

आजकल ज़्यादा मिर्च-मसाले वाला और बाहरी खाना खाने से पाचन तंत्र खराब हो जाता है। ऐसे में अगर एलोवेरा का जूस पिया जाए, तो काफ़ी हद तक पेट संबंधी परेशानियों से आराम मिल सकता है। इस जूस में लैक्सटिव (पेट साफ करने की प्राकृतिक दवा) होता हैं, जो पाचन क्रिया में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को साफ़ करता है और कब्ज़ व आईबीएस (आंत संबंधी बीमारी) को ठीक करता है। यहां तक कि यह पेट के अल्सर में भी आराम पहुंचाता है। हालांकि, एलोवेरा को आप अन्य तरीकों से खाएंगे, तो भी फायदेमंद होगा, लेकिन इसका जूस पेट में आसानी से अवशोषित हो सकता है।

एक ईरानी अध्ययन के मुताबिक, एलोवेरा का जूस पाचन तंत्र को साफ़ करता है और आईबीस से ग्रस्त मरीजों में पेट दर्द व पेट फूलना की समस्या को कम कर सकता है (7)। एलोवेरा लैटेक्स भी कब्ज़ का इलाज करने में मदद साबित होता है (8)। एक अन्य भारतीय अध्ययन के अनुसार, एलोवेरा का व्यापक रूप से पेप्टिक अल्सर के इलाज में उपयोग किया जाता है। यह एच. पाइलोरी (H. pylori) (जो गैस्ट्रिक संक्रमण का कारण बनता है ) के खिलाफ एंटी-बैक्टीरियल का काम करता है (9)। वहीं, एक और भारतीय अध्ययन में कहा गया है कि पाचन रोगों में एलोवेरा का उपयोग कोई हानिकारक प्रभाव नहीं डालता है (10)। वहीं, जिन्हें अल्सरेटिव कोलाइटिस (आंतों का रोग, जिससे पाचन तंत्र में सूजन आती है) की बीमारी हो या फिर पेट में दर्द हो, उन्हें एलोवेरा का सेवन नहीं करना चाहिए (11)।

4. मानसिक स्वास्थ्य के लिए

आजकल हर दूसरा व्यक्ति तनाव से ग्रसित है। ऐसे में ज़रूरी है कि योग व व्यायाम के साथ-साथ खानपान पर भी ध्यान दिया जाए। एक अध्ययन के मुताबिक़, जिन व्यक्तियों के आहार में एलोवेरा शामिल था उन लोगों की स्मरण शक्ति बेहतर हुई और तनाव कम हुआ (12)। यह असर एलोवेरा में मौजूद सैकराइडस (saccharides) की वजह से हुआ।

5. सूजन या जलन के लिए एलोवेरा

सूजन या जलन का एक सामान्य कारण होता है ऑक्सीडेटिव क्षति (oxidative damage)। यह शरीर में मुक्त कणों के वजह से होता है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। यह तो सामान्य है कि एलोवेरा में एंटी-ऑक्सीडेंट होता है। यही एंटी-ऑक्सीडेंट सूजन को काम करने में मदद करता है (13)। आप एलोवेरा का जूस पी सकते हैं, इससे आपकी सूजन कम होगी।

6. गठिया के लिए एलोवेरा

Aloe vera for arthritis in Hindi Pinit

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बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियां भी कमज़ोर होने लगती हैं और कई लोगों में जोड़ों के दर्द या फिर गठिया की बीमारी होने लगती है। ऐसे में समय रहते ध्यान देना ज़रूरी होता है। एलोवेरा जोड़ों के दर्द में काफ़ी फायदेमंद होता है। एक अध्ययन के मुताबिक़ यह ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis) के इलाज में लाभ पहुंचा सकता है (14)। फिर भी, ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज के रूप में एलोवेरा के रस को उपयोग करने के लिए लंबे अध्ययन की ज़रूरत है। एलोवेरा में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के कारण इसका जूस हड्डियों के दर्द से राहत पहुंचाता है (15)।

7. कोलेस्ट्रॉल के लिए एलोवेरा

आजकल हर दूसरा या तीसरा व्यक्ति मोटापे से परेशान रहता है और मोटापे के साथ शरीर में शुरू हो जाती है कई तरह की परेशानियां। कोलेस्ट्रॉल उन्हीं परेशानियों में से एक है। एलोवेरा के सेवन से कोलेस्ट्रॉल की परेशानी काफ़ी हद तक कम होती है। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि एलोवेरा महत्वपूर्ण अंगों में कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है (16) (17)। इसलिए अगर आप लगातार एलोवेरा का सेवन कर रहे हैं तो आपको कोलेस्ट्रॉल से थोड़ी-बहुत राहत मिल सकती है।

8. स्वस्थ दिल के लिए एलोवेरा

गलत खानपान व दिनचर्या के वजह से दिल की बीमारी आम हो गई है। इसलिए, ज़रूरी है कि आप समय रहते इस पर ध्यान दें। ऐसे में एलोवेरा के सेवन से दिल की बीमारी से काफ़ी हद तक बचाव हो सकता है। चूहे पर किए गए एक भारतीय अध्ययन से पता चला है कि एलोवेरा दिल की समस्याओं, खासकर डॉक्सोरूबिसिन दवा (कैंसर उपचार के लिए उपयोग की जाती है) के दुष्प्रभाव से होने वाली समस्याओं को कम कर सकता है (18)। वहीं एक अन्य अध्ययन में, उच्च रक्तचाप वाले रोगियों ने 12 सप्ताह के लिए एलोवेरा को इलाज के लिए उपयोग किया, जिसके बाद उनमें 15 प्रतिशत स्तर में कमी देखी गई। एक और अध्ययन के अनुसार एलोवेरा, कार्डिओप्रोटेक्टिव गतिविधि करता है (19)। अगर एलोवेरा का सप्लीमेंट के तौर पर डायबिटीज़ में सेवन किया जाए, तो ब्लड प्रेशर कम होता है (20)। एक और अध्ययन के अनुसार, एलोवेरा एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) (21) को रोक सकता है। एथेरोस्क्लेरोसिस में धमनियां संकुचित हो जाती है और शरीर में रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।

9. डायबिटीज़ के लिए एलोवेरा

Aloe vera for diabetes in Hindi Pinit

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इन दिनों डायबिटीज़ की समस्या भी आम हो गई है। एक समय था जब डायबिटीज़ तय आयु के बाद या फिर अनुवांशिक हुआ करती थी, लेकिन आज ऐसा नहीं है। आज डायबिटी़ज किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। ऐसे में ज़रूरी है कि समय रहते इस चीज़ पर ध्यान दिया जाए और अगर डायबिटीज़ है, तो उसे संतुलित कैसे रखा जाए ।

डायबिटीज़ में योग व व्यायाम तो ज़रूरी ही है, साथ ही नियंत्रित खानपान भी ज़रूरी है। अगर डायबिटीज़ के मरीज़ अपने आहार में एलोवेरा शामिल करेंगे, तो डायबिटीज में काफ़ी हद तक राहत मिलेगी। हर रोज़ एलोवेरा के सेवन से टाइप 2 वाले डायबिटीज़ के मरीज़ों में ब्लड शुगर के स्तर में गिरावट नज़र आई है (22)। वहीं, फाइटोथेरेपी रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में भी इसकी पुष्टि की गई है । इसके अलावा, टाइप-1 डायबिटीज़ वाले मरीज़ एलोवेरा के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं (23)।

10. मुंह के स्वास्थ्य के लिए एलोवेरा

मुंह में बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए एलोवेरा का उपयोग किया जा सकता है। एक भारतीय अध्ययन में कहा गया है कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में एलोवेरा बेहद उपयोगी हो सकता है (24)। एलोवेरा का उपयोग माउथ वॉश के तौर पर भी कर सकते हैं और इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता (25)। एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो प्लाक के कारण मसूड़ों में आई सूजन को कम करने में मदद करता है (26)।
एलोवेरा जेल में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ सकते हैं। यह मसूड़ों में सूजन की बीमारी खासकर पायरिया में मददगार साबित हो सकता है (27)।

आप एलोवेरा का टूथपेस्ट घर में भी बना सकते हैं, जिसकी विधि हम नीचे शेयर कर रहे हैं।

एलोवेरा का टूथपेस्ट

सामग्री
  • तीन चम्मच एलोवेरा जेल
  • पांच चम्मच बेकिंग सोडा
  • पांच चम्मच वेजिटेबल ग्लिसरीन
  • बारीक़ कटा हुआ पुदीना
  • नीलगिरी या फिर पुदीने का तेल
  • शीशे का जार
  • प्लास्टिक कंटेनर
बनाने की विधि
  • आपको एलोवेरा बाज़ार में आसानी से मिल जाएगा, लेकिन ताज़ा एलोवेरा ज़्यादा फायदेमंद होता है।
  • अब शीशे के जार में बेकिंग सोडा, ग्लिसरीन,पुदीना या नीलगिरी का तेल अच्छे से मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को अच्छे से जार में रख दें।
  • आपका एलोवेरा टूथपेस्ट तैयार है।
  • अगर आप कहीं यात्रा कर रहे हैं, तो इस टूथपेस्ट को प्लास्टिक के जार में रख लें, ताकि यह लीक न हो।

11. सर्दी-ज़ुकाम के लिए एलोवेरा

सर्दी-ज़ुकाम में भी काफ़ी हद तक एलोवेरा जूस पीने के फायदे हो सकते हैं । अक्सर लोगों को बदलते मौसम या प्रदूषण के कारण सूखी खांसी की समस्या हो जाती है। ऐसे में एलोवेरा का उपयोग किया जाए, तो काफ़ी गुणकारी साबित हो सकता है।

सामग्री
  • एलोवेरा जूस
  • दो चम्मच शहद
बनाने की विधि
  • आप एक गिलास एलोवेरा लें और उसमें एक या दो चम्मच शहद मिला लें।
  • इसे अच्छे से मिक्स कर लें।
  • आप इस मिश्रण को दिन में दो या तीन बार पिएं।

नोट: अगर आपको एलोवेरा से एलर्जी है, तो इस जूस को लेने से पहले अपने डॉक्टर से एक बार पूछ ज़रूर लें।

12. कब्ज़ के लिए एलोवेरा

Aloe vera for constipation in Hindi Pinit

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आजकल उल्टे-सीधे खान-पान और ज़्यादा बाहरी चीज़ों का सेवन करने से पेट संबंधी परेशानियां लगी रहती हैं और कब्ज़ भी परेशानियों में से एक है। कई लोग कब्ज़ के लिए तरह-तरह की दवाइयां भी लेते हैं, जिसका कभी-कभी दुष्प्रभाव भी हो सकता है। ऐसे में अगर प्राकृतिक चीज़ों का सेवन किया जाए, तो कब्ज़ की परेशानी से राहत मिल सकती है। अगर कब्ज़ में एलोवेरा का रस लिया जाए, तो इसका फायदा हो सकता है, लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा उपयोग आपकी स्थिति को बिगाड़ भी सकता है। इसलिए, सीमित मात्रा में सेवन करें और इस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से भी बात कर लें (28)।

त्वचा के लिए एलोवेरा के फायदे – Skin Benefits of Aloe Vera in Hindi

धूल-मिट्टी, प्रदूषण और तरह-तरह की केमिकल युक्त क्रीम से चेहरा नमी खोने लगता है। आगे चलकर आपकी त्वचा बेजान और रूखी होने लगती है। ऐसे में एलोवेरा का चेहरे पर उपयोग से चमक लौट आती है। एलोवेरा में ग्लिसरीन, सोडियम कार्बोनेट व सोडियम पाल्मेट जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो त्वचा को नमी देते हैं और उसे मुलायम बनाकर स्वस्थ व चमकदार बनाते हैं। नीचे जानिए एलोवेरा से बने घरेलु फेस पैक की रेसिपी।

1. चमकती त्वचा के लिए एलोवेरा फेस पैक

Aloe vera Face Pack for Glowing Skin in Hindi Pinit

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सामग्री
  • एक चम्मच एलोवेरा जेल
  • चुटकीभर हल्दी
  • एक चम्मच शहद
  • एक चम्मच दूध
बनाने और लगाने की विधि
  • एक कटोरी में सारी सामग्रियों को मिलकर एक पेस्ट बना लें।
  • अब इसे चेहरे पर लगाकर कुछ मिनटों के लिए सूखा लें।
  • फिर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
  • आप इस फेस पैक को हफ्ते में दो बार लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?

एलोवेरा जेल त्वचा संबंधी समस्यों में काफ़ी गुणकारी है। एलोवेरा में मौजूद पौष्टिक तत्व और औषधीय गुण त्वचा में चमक लाकर उसे फिर से जवां बना देता हैं (29)।

2. मुहांसों के लिए एलोवेरा

मुहांसे कभी भी हो सकते हैं। अगर किसी पार्टी में या घूमने जाना हो और अचानक मुहांसें निकल आएं, तो सारा मज़ा किरकिरा हो जाता है। ऐसे में तरह-तरह की क्रीम और फेसवॉश ट्राई करने की जगह, आप नीचे दिए गए एलोवेरे के घरेलु उपाय को अपनाएं।

सामग्री
  • एक चम्मच एलोवेरा जेल
  • दो-तीन बूंद नींबू का रस
बनाने और लगाने की विधि
  • नींबू के रस को एलोवेरा जेल में मिलाएं।
  • अब इससे अपने चेहरे पर मालिश करें। आप इसे रात को भी लगा सकते हैं।
  • फिर थोड़े देर बाद इसे धो लें।
कैसे फायदेमंद है?

एलोवेरा को नींबू के साथ मिलाने से मुहांसें और उनके दाग कम होते हैं। नींबू में चेहरे की रंगत बढ़ाने के गुण हैं, जो मुहांसों और उनके दाग-धब्बों को कम करते हैं (30)। वहीं, एलोवेरा में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण है। इसमें पोलिसैकराइड (polysaccharides) भी शामिल हैं, जो नई कोशिकाओं के विकास को बढ़ाता है। यह मुंहासे को ठीक कर दाग होने से बचाता है।

नोट : नींबू के उपयोग से हो सकता है कि आपकी त्वचा धूप के लिए अति-संवेदनशील हो जाए (31)। इसलिए, दिन में बाहर निकलने से पहले सनब्लॉक या सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

3. झुर्रियों और एंटी-एजिंग के लिए एलोवेरा

बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां सामान्य है, लेकिन कभी-कभी कुछ महिलाओं में समय और उम्र से पहले ही झुर्रियां आने लगती है। ऐसे में कई बार महिलाएं तरह-तरह की क्रीम और मेकअप का सहारा ले लेती हैं, लेकिन इसका असर बस कुछ वक़्त के लिए ही रहता है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि इसके कुछ प्राकृतिक उपाय किए जाएं। एलोवेरा उन्हीं प्राकृतिक उपायों में से एक है। नीचे हम झुर्रियों के लिए एलोवेरा के फेसपैक की विधि आपके साथ साझा कर रहे हैं।

सामग्री
  • एक चम्मच एलोवेरा जेल
  • आधा चम्मच ऑलिव यानि जैतून का तेल
  • एक चम्मच इंस्टेंट ओटमील
बनाने और लगाने की विधि
  • सभी समाग्रियों को एक कटोरी में डालकर उसका मिश्रण बना लें।
  • अब इस फेस पैक को चेहरे पर लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • फिर इसे ठंडे पानी से धो लें।
कैसे फायदेमंद है

एलोवेरा त्वचा को मॉइश्चराइज़ करता है और मृत कोशिकाओं को हटाने में भी मदद करता है। कुछ शोध के अनुसार यह साबित हुआ है कि एलोवेरा त्वचा को स्वस्थ, मुलायम और कोमल बनाता है (32)।

4. सनबर्न के लिए एलोवेरा

Aloe vera for sunburn in Hindi Pinit

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सर्दी हो या गर्मी सनस्क्रीन की ज़रूरत लगभग हर मौसम में होती है। कभी-कभी सनस्क्रीन लगाने के बावजूद धूप की हानिकारक किरणों से त्वचा झुलस जाती है और स्किन टैन की परेशानी हो जाती है। ऐसे में एलोवेरा का उपयोग किया जाए, तो इससे राहत मिल सकती है।

आप सीधे एलोवेरा जेल को सनबर्न पर लगा सकते हैं या फिर एलोवेरा जेल को लगाने से पहले लगभग आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। उसके बाद एलोवेरा जेल को सनबर्न और टैन पर जगाएं। ऐसा करने से सनबर्न और टैन से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

कैसे फायदेमंद है?

एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हैं, जो सूर्य की हानिकारक किरणों के प्रभाव से त्वचा को राहत पहुंचाते हैं (33)। यह त्वचा में मॉइश्चर को बरकरार रखते हुए उसे सुरक्षित परत देता है। एलोवेरा में बहुत से एंटीऑक्सीडेंट और पौष्टिक गुण होते हैं, इसलिए त्वचा में नमी बरकरार रहती है, जिसस सनबर्न की समस्या जल्दी ठीक होती है। इसके अलावा, एलोवेरा ठंडा होता है, जो आपको सनबर्न या उससे होने वाले जलन से राहत दिलाता है। अध्ययन यह भी साबित करते हैं कि एलोवेरा में मौजूद चिकित्सीय गुण त्वचा उपचार को बढ़ाता है (34)।

5. चोट के लिए एलोवेरा जेल

चोट लगना एक आम बात है। चोट कभी बताकर नहीं लगती, ऐसे में यह ज़रूरी है कि हम सावधानी तो बरतें ही साथ ही साथ अगर कहीं चोट लग जाए, तो तुरंत उसका उपाय करें। आप चोट लगने पर एलोवेरा जेल लगा सकते हैं। एलोवेरा जेल एंटी-इंफ्लेमेटरी होता है, जो किसी भी प्रकार के चोट या जलन से आराम पहुंचा सकता है। यहां तक अगर आपको कोई कीड़ा काट ले, तो भी एलोवेरा जेल फायदेमंद होता है, क्योंकि इसको लगाने से दर्द और जलन काफ़ी हद तक ठीक हो जाती है।

6. स्ट्रेच मार्क्स में एलोवेरा

बढ़ती उम्र, बढ़ता वज़न या प्रेग्नेंसी के बाद स्ट्रेच मार्क्स होना एक आम बात है। हालांकि, कभी-कभी ये दाग बहुत गहरे और आसानी से नज़र आने वाले होते हैं। ऐसे में एलोवेरा के लगातार इस्तेमाल से स्ट्रेच मार्क्स कम हो सकते हैं। नीचे हम स्ट्रेच मार्क्स में एलोवेरा को कैसे लगाना चाहिए, उस विधि के बारे में बता रहे हैं।

सामग्री
  • दो चम्मच एलोवेरा जेल
  • एक चम्मच नींबू का रस
बनाने और लगाने की विधि
  • सभी सामग्रियों को मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें।
  • अब इस मिश्रण को स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं।
  • फिर इसे गुनगुने पानी से धोकर इस पर मॉइश्चराइज़र लगा लें।
  • ऐसा रोज़ करें, इससे धीरे-धीरे फर्क दिख सकता है।
कैसे फायदेमंद है ?

नींबू के रस में मौजूद त्वचा के रंग को निखारने का गुण और एलोवेरा में मौजूद चिकित्सीय गुण कुछ ही हफ़्तों में अपना असर स्ट्रेच मार्क्स पर दिखाने लगेंगे।

बालों के लिए एलोवेरा के फायदे – Hair Benefits of Aloe Vera in Hindi

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एलोवेरा के लाभ कई हैं और इसके बारे में तो आपने जान ही लिया कि कैसे एलोवेरा स्वास्थ्य और त्वचा के लिए फायदेमंद है। अब वक़्त आ गया है, बालों के लिए एलोवेरा के गुण जानने का। हर कोई चाहता है कि उनके बाल घने, मुलायम और ख़ूबसूरत हों, लेकिन धूल-मिट्टी, प्रदूषण और तरह-तरह की स्टाइलिंग के वजह से बाल रूखे व बेजान होकर झड़ने लगते हैं। इसलिए, वक़्त रहते इस पर ध्यान देना ज़रूरी है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि एलोवेरा बालों के लिए कैसे फायदेमंद है।

1. बालों को बढ़ने में मदद करे एलोवेरा

एलोवेरा सिर्फ त्वचा के लिए ही नहीं, बल्कि बालों के लिए भी फायदेमंद है। एलोवेरा का उपयोग आपके बालों को बढ़ने में मदद करेगा। एलोवेरा को जब आप अरंडी के तेल के साथ लगाएंगे, तो बालों को बढ़ने में मदद मिलती है।

सामग्री
  • दो चम्मच एलोवेरा जेल
  • एक चम्मच अरंडी का तेल
लगाने की विधि
  • एलोवेरा जेल और अरंडी के तेल को मिक्स कर लें।
  • अब मिश्रण को अपने बालों में और सिर पर लगाएं।
  • इस मिश्रण को रात में लगाने से ज़्यादा असरदार होगा।
  • इसे रात भर बालों में लगा रहने दें और अगले दिन शैंपू से धो लें।
कैसे फायदेमंद है ?

एलोवेरा आपके सिर से मृत कोशिकाओं को निकाल देता है, जिससे बालों को बढ़ने में मदद मिलती है (35)।

[पढ़े: बालों के लिए एलोवेरा के फायदे और घरेलू उपाय]

2. डैंड्रफ को कम करता है

एलोवेरा को शैंपू और कंडीशनर में भी इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि यह डैंड्रफ पर काफ़ी फायदेमंद होता है। यह डैंड्रफ से होने वाली परेशानियां, जैसे खुजली को भी कम करता है। डैंड्रफ कई कारणों से हो सकता है जैसे – तैलीय सिर, मृत कोशिकाओं के वजह से या किसी इंफेक्शन के वजह से। एलोवेरा इन सब चीज़ों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। इसमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो संक्रमण को कम करते हैं।

सामग्री
  • दो चम्मच मेथी
  • दो चम्मच एलोवेरा जेल
बनाने और लगाने की विधि
  • मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगो लें।
  • सुबह इसे अच्छे से पीसकर पेस्ट तैयार कर लें और इसमें एलोवेरा जेल मिला लें।
  • अब इस मिश्रण को अपने बालों में लगाएं और आधे घंटे तक लगा रहने दें।
  • फिर अपने बालों को शैंपू और कंडीशनर के साथ ठंडे पानी से धो लें।
  • आप इस पैक को हफ़्ते में एक बार लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है ?

यह सबसे अच्छे उपचारों में से एक है, जिसका उपयोग आप अपने बालों को ठीक करने और कंडीशन करने के लिए कर सकते हैं। मेथी और एलोवेरा के इस मिश्रण से डैंड्रफ आसानी से दूर हो सकता है और साथ ही साथ आपके बालों में नामी भी बरक़रार रहेगी।

3. बालों को कंडीशन करता है एलोवेरा

बालों को शैंपू के साथ-साथ कंडीशन करना भी बहुत ज़रूरी है। कई बार लोग बाज़ार में मिलने वाले कंडीशनर का उपयोग करते हैं, लेकिन इसकी जगह आप घर में ही कंडीशनर बनाकर उसका प्रयोग कर सकते हैं। एलोवेरा आपके बालों को कंडीशन भी कर सकता है। यह आपके बालों को न सिर्फ मॉइश्चराइज़ करेगा, बल्कि आपके बालों को मज़बूती भी देगा।

लगाने की विधि

आप शैम्पू करने के बाद कंडीशनर की जगह एलोवेरा जेल का उपयोग करें, जो आपके बालों को प्राकृतिक रूप से कंडीशन करेगा। बालों को कंडीशन करना एलोवेरा जेल के फायदे में से एक है।

कैसे फायदेमंद है ?

एलोवेरा में प्रोटीलोइटिक एंजाइम (proteolytic enzymes ) होते हैं, जो मृत कोशिकाओं को हटाते हैं। ये बालों को सुधारते हैं और उनमें नमी बरकरार रखकर चमक लाते हैं।

एलोवेरा जूस पीने का सही तरीका – How to Drink Aloe Vera Juice in Hindi

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एलोवेरा जूस के फायदे अनेक हैं, लेकिन इसके फायदे तभी असर करेंगे, जब तक कि इसे सही तरीके से पिया जाए। इसलिए, हम आपको एलोवेरा जूस बनाने की विधि और इसे पीने का सही तरीका बता रहे हैं।

घर पर एलोवेरा जूस बनाने की विधि

सामग्री
  • एक बड़ा एलोवेरा का पत्ता
  • तीन कप पानी
  • तेज़ धार वाला चाकू
  • चम्मच
  • छोटी कटोरी
  • ब्लेंडर
बनाने की विधि
  • अपने एलोवेरा पेड़ से एक एलोवेरा का पत्ता काटे।
  • चाकू की मदद से एलोवेरा के पत्ते की ऊपरी परत को छील दें। इससे पत्ते में मौजूद लैटेक्स (एक पीले रंग की परत जो नीचे रहती है) नज़र आएगी।
  • अब लैटेक्स को काटकर अंदर के एलोवेरा जेल को चम्मच की मदद से निकालें।
  • इसे निकालकर एक कटोरी में रख दें।
  • एक बार जांच लें कि कहीं एलोवेरा जेल में लैटेक्स तो नहीं है, क्योंकि लैटेक्स में लैक्सेटिव गुण है, जो हानिकारक हो सकते हैं।
  • जूस बनाने के लिए दो चम्मच एलोवेरा जेल में पानी डालकर तीन से चार मिनट के लिए मिक्सी में पीस लें
  • अब इस जूस को एक ग्लास में निकाल लें।
  • आप इस जूस में स्वाद के लिए नींबू या अदरक मिला सकते हैं।
  • आप स्वाद के लिए इसे अन्य जूस के साथ मिलाकर भी पी सकते हैं, लेकिन इसके लैक्सेटिव प्रभाव का ध्यान ज़रूर रखें।

एलोवेरा को लम्बे समय तक सुरक्षित कैसे रखे – How to Store Aloe Vera in Hindi

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अब बात आती है कि एलोवेरा को लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रखा जाए। यहां जानिए, इसकी प्रक्रिया।

  1. आप एलोवेरा के पत्तों को प्लास्टिक में पैक करके फ्रिज में रख दें।
  2. आप एलोवेरा के जेल को भी बर्फ की तरह जमाकर रख सकते हैं।
  3. आप एलोवेरा के जेल को एक एयर टाइट कंटेनर में रखकर भी फ्रिज में रख सकते हैं।
  4. आप शहद के साथ एलोवेरा जेल को मिलाकर एक जार में रखकर फ्रिज में रख सकते हैं।
  5. आप एलोवेरा जेल को ब्लेंडर में नींबू के रस के साथ मिलाकर भी स्टोर करके रख सकते हैं। नींबू में विटामिन-सी होता है, जो एलोवेरा को कई दिनों तक सुरक्षित रख सकता है।

एलोवेरा के नुकसान – Side Effects of Aloe Vera in Hindi

हर चीज़ के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। ठीक वैसे ही एलोवेरा के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। हालांकि, यह बात जानकार आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन इस बारे में जान लेना ज़रूरी है।

  1. एलोवेरा त्वचा के लिए फायदेमंद तो है ही, लेकिन इसका ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल कर लिया जाए, तो इससे त्वचा में जलन, खुजली और रेशेज़ भी हो सकते हैं।
  2. एलोवेरा से ब्लड प्रेशर कम होता है, लेकिन कम बीपी वाले मरीज़ों ने इसका ज़रूरत से ज़्यादा सेवन किया, तो यह उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
  3. गर्भवती महिला को गर्भपात का ख़तरा रहता है।
  4. एलोवेरा में मौजूद लैक्सेटिव से पेट खराब की शिकायत हो सकती है या इसके ज़्यादा सेवन से आईबीएस की परेशानी बढ़ सकती है।
  5. यह मांसपेशियों को कमज़ोर कर सकता है।

एलोवेरा के गुण इसे कई मायनों में विभिन्न बीमारियों में एक बेहतरीन घरेलु इलाज के तौर पर उपयोगी बनाते हैं। अगर इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो एलोवेरा न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए, बल्कि बालों और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद है। ऊपर दी गए एलोवेरा की जानकारी से आपको यह तो पता चल ही गया होगा कि एलोवेरा और एलोवेरा जूस के फायदे अनके हैं। इसलिए, अपने आहार में एलोवेरा को शामिल करके इसके गुणों से अपने स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाए। साथ ही साथ नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में एलोवेरा के सेवन से हुए फायदों को हमारे साथ ज़रूर साझा करें।

नोट : अगर आपको किसी चीज़ से एलर्जी जल्दी होती है, तो एलोवेरा के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क कर लें।

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