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एलोवेरा (घृतकुमारी) के 21 फायदे, उपयोग और नुकसान – Aloe Vera (Ghritkumari) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Shivani Aswal Sharma, Nutritionist, Diabetes Educator, and Yoga Trainer by
एलोवेरा (घृतकुमारी) के 21 फायदे, उपयोग और नुकसान – Aloe Vera (Ghritkumari) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 February 11, 2020

एलोवेरा भले ही एक छोटा-सा पौधा है, लेकिन इसके गुण जगजाहिर हैं। इसके अनगिनत फायदों के कारण ही हर घर में इसे इस्तेमाल किया जाता है। एलोवेरा के फायदे अनेक हैं, चाहे वो स्वास्थ्य के लिए हों, त्वचा के लिए हों या बालों के लिए हों। पौराणिक काल से इसे औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। तमाम गुणों के बावजूद एलोवेरा कोई मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं है। इसे सिर्फ घरेलू नुस्खे की तरह ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए, अगर कोई गंभीर रोग से पीड़ित हो, तो उसे डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम एलोवेरा के औषधीय गुणों के साथ-साथ एलोवेरा के नुकसान के बारे में भी बताएंगे।

एलोवेरा के कई नाम हैं

एलोवेरा के कई हैं जैसे – हिंदी में घृतकुमारी, घीकवार, तेलुगु में कलाबंदा, तमिल में कतरलाई, मलयालम में कुमारी, कन्नड़ में लोलिसारा, मराठी में कोरफाड़ा और बंगाली में घृतकुमारी, लेकिन मुख्य रूप से इसे एलोवेरा के नाम से ही जाना जाता है। अपने नाम के साथ-साथ एलोवेरा के फायदे भी कई हैं।

आइए, सबसे पहले आपको यह बताते हैं कि सेहत के लिए एलोवेरा किस प्रकार लाभकारी है।

एलोवेरा के फायदे – Benefits of Aloe Vera in Hindi

एलोवेरा में मौजूद पोषक तत्व सेहत और त्वचा के साथ-साथ बालों के लिए भी लाभदायक हैं। एलोवेरा में विटामिन, फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं (1)। इन पोषक तत्वों के कारण यह पेट, डायबिटीज, रूखी त्वचा, सनबर्न व बालों के लिए फायदेमंद है।

नीचे हम एलोवेरा के इन्हीं फायदों को विस्तार से बता रहे हैं।

सेहत के लिए एलोवेरा के फायदे – Health Benefits of Aloe Vera in Hindi

1. वजन कम करने के लिए

कई लोग मोटापे की समस्या से परेशान हैं। बाहर का खाना और सही ढंग से शारीरिक क्रिया न करने से वजन बढ़ने लगता। ऐसे में अगर एलोवेरा जूस का सेवन किया जाए, तो कुछ हद तक इस परेशानी से छुटकारा मिल सकता है। एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो वजन को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। शोध के मुताबिक एलोवेरा का सेवन आहार प्रेरित मोटापे को कम कर सकता है (2)। यह ऊर्जा खपत को बढ़ाता है और शरीर में फैट को कुछ हद तक कम कर सकता है (3)।

2. रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार

बदलते मौसम के साथ कई बार लोग जल्दी बीमार हो जाते हैं। ऐसे में एलोवेरा का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है। यह कोशिकाओं को नाइट्रिक ऑक्साइड और साइटोकिन्स का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करता है, जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करते हैं (4)। इस प्रकार एलोवेरा जूस, रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने में कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है। रात को सोने से पहले एलोवेरा जूस पिया जा सकता है। सोते समय एलोवेरा  शरीर में अपना काम करना शुरू कर देता है। कुछ अध्ययन के अनुसार, एलोवेरा का सेवन सेलुलर और ह्यूमोरल (शरीर में एक प्रकार का द्रव्य) इम्यून सिस्टम को उत्तेजित कर सकता है (5)। वहीं, नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट का भी मानना है कि एलोवेरा जेल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम कर सकता हैं (6)।

3. पाचन क्रिया के लिए एलोवेरा

आजकल ज़्यादा मिर्च-मसाले वाला और बाहरी खाना खाने से पाचन तंत्र खराब हो जाता है। ऐसे में अगर एलोवेरा का जूस पिया जाए, तो काफी हद तक पेट संबंधी परेशानियों से आराम मिल सकता है। इस जूस में लैक्सटिव (पेट साफ करने की प्राकृतिक दवा) होता हैं, जो पाचन क्रिया में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को साफ करता है और कब्ज व आईबीएस (आंत संबंधी बीमारी) को ठीक करता है। यहां तक कि यह पेट के अल्सर में भी आराम पहुंचाता है। इसका जूस पेट में आसानी से अवशोषित हो सकता है।

एक ईरानी अध्ययन के मुताबिक, एलोवेरा का जूस पाचन तंत्र को साफ करता है और आईबीस से ग्रस्त मरीजों में पेट दर्द व पेट फूलना की समस्या को कम कर सकता है (7)। एलोवेरा में लैटेक्स गुण भी कब्ज का इलाज करने में मददगार साबित होता है (8)। एक अन्य भारतीय अध्ययन के अनुसार, एलोवेरा का व्यापक रूप से पेप्टिक अल्सर के इलाज में उपयोग किया जाता है। यह एच. पाइलोरी (H. pylori) (जो गैस्ट्रिक संक्रमण का कारण बनता है) के खिलाफ एंटी-बैक्टीरियल का काम करता है (9)। वहीं, एक और भारतीय अध्ययन में कहा गया है कि पाचन रोगों में एलोवेरा का उपयोग कोई हानिकारक प्रभाव नहीं डालता है (10)। इसके अलावा, जिन्हें अल्सरेटिव कोलाइटिस (आंतों का रोग, जिससे पाचन तंत्र में सूजन आती है) की बीमारी हो या फिर पेट में दर्द हो, उन्हें एलोवेरा का सेवन नहीं करना चाहिए (11)।

4. मानसिक स्वास्थ्य के लिए

मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए योग व व्यायाम के साथ-साथ खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। एक अध्ययन के मुताबिक, जिन व्यक्तियों के आहार में एलोवेरा शामिल था उन लोगों की स्मरण शक्ति बेहतर हुई और तनाव कम हुआ (12)। यह असर एलोवेरा में मौजूद सैकराइडस (saccharides) की वजह से हुआ।

5. सूजन या जलन के लिए एलोवेरा

सूजन या जलन का एक सामान्य कारण होता है ऑक्सीडेटिव क्षति (oxidative damage)। यह शरीर में मुक्त कणों की वजह से होता है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं, एलोवेरा में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होता है, जो सूजन को कम करने में मदद कर सकता है (13)। इसके लिए एलोवेरा का जूस पिया जा सकता है।

6. गठिया के लिए एलोवेरा

बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं और कुछ लोगों को जोड़ों का दर्द या फिर गठिया की बीमारी होने लगती है। ऐसे में समय रहते ध्यान देना जरूरी होता है। एलोवेरा जोड़ों के दर्द में काफी फायदेमंद होता है। एक अध्ययन के मुताबिक, यह ऑस्टियोअर्थराइटिस (osteoarthritis) के इलाज में लाभ पहुंचा सकता है (14)। फिर भी ऑस्टियोअर्थराइटिस के इलाज के रूप में एलोवेरा के रस को उपयोग करने के लिए लंबे अध्ययन की जरूरत है। एलोवेरा में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के कारण इसका जूस हड्डियों के दर्द से राहत पहुंचा सकता है (15)।

7. कोलेस्ट्रॉल के लिए एलोवेरा

एलोवेरा के सेवन से कोलेस्ट्रॉल की परेशानी कुछ हद तक बचा जा सकता है। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि एलोवेरा महत्वपूर्ण अंगों में कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है (16) (17)। इसलिए, अगर कोई लगातार एलोवेरा का सेवन कर रहा है, तो उसे कोलेस्ट्रॉल से थोड़ी-बहुत राहत मिल सकती है।

8. स्वस्थ दिल के लिए एलोवेरा

एलोवेरा के सेवन से दिल की बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। चूहे पर किए गए एक भारतीय अध्ययन से पता चला है कि एलोवेरा दिल की समस्याओं, खासकर डॉक्सोरूबिसिन दवा (कैंसर उपचार के लिए उपयोग की जाती है) के दुष्प्रभाव से होने वाली समस्याओं को कम कर सकता है (18)। वहीं, एक अन्य अध्ययन में उच्च रक्तचाप वाले रोगियों ने 12 सप्ताह के लिए एलोवेरा को इलाज के लिए उपयोग किया, जिसके बाद उनमें 15 प्रतिशत स्तर में कमी देखी गई। एक और अध्ययन के अनुसार एलोवेरा, कार्डिओप्रोटेक्टिव गतिविधि करता है (19)। अगर एलोवेरा का सप्लीमेंट के तौर पर डायबिटीज में सेवन किया जाए, तो ब्लड प्रेशर कुछ कम हो सकता है (20)। एक और अध्ययन के अनुसार, एलोवेरा एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) को रोक सकता है (21)। एथेरोस्क्लेरोसिस में धमनियां संकुचित हो जाती है और शरीर में रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।

9. डायबिटीज के लिए एलोवेरा

इन दिनों डायबिटीज की समस्या भी आम हो गई है। एक समय था जब डायबिटीज तय आयु के बाद या फिर आनुवंशिक हुआ करती थी, लेकिन आज ऐसा नहीं है। आज डायबिटीज किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते इस पर ध्यान दिया जाए और अगर डायबिटीज है, तो उसे संतुलित कैसे रखा जाए ।

डायबिटीज में योग व व्यायाम तो जरूरी ही है, साथ ही नियंत्रित खानपान भी जरूरी है। अगर डायबिटीज के मरीज अपने आहार में एलोवेरा शामिल करेंगे, तो डायबिटीज से कुछ राहत मिल सकती है। हर रोज एलोवेरा का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज से ग्रस्त मरीज का ब्लड शुगर लेवल कुछ संतुलित हो सकता है (22)। वहीं, फाइटोथेरेपी रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में भी इसकी पुष्टि की गई है। इसके अलावा, टाइप-1 डायबिटीज वाले मरीज एलोवेरा के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं (23)।

10. मुंह के स्वास्थ्य के लिए एलोवेरा

मुंह में बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए एलोवेरा का उपयोग किया जा सकता है। एक भारतीय अध्ययन में कहा गया है कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में एलोवेरा बेहद उपयोगी हो सकता है (24)। एलोवेरा का उपयोग माउथ वॉश के तौर पर भी कर सकते हैं और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता (25)। एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो प्लाक के कारण मसूड़ों में आई सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं (26)।
एलोवेरा जेल में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ सकते हैं। यह मसूड़ों में सूजन की बीमारी खासकर पायरिया में मददगार साबित हो सकते हैं (27)।

आप एलोवेरा का टूथपेस्ट घर में भी बना सकते हैं, जिसकी विधि हम नीचे शेयर कर रहे हैं।

एलोवेरा का टूथपेस्ट

सामग्री:
  • तीन चम्मच एलोवेरा जेल
  • पांच चम्मच बेकिंग सोडा
  • पांच चम्मच वेजिटेबल ग्लिसरीन
  • बारीक कटा हुआ पुदीना
  • नीलगिरी या फिर पुदीने का तेल
  • शीशे का जार
  • प्लास्टिक कंटेनर
बनाने की विधि:
  • एलोवेरा बाजार में आसानी से मिल जाएगा, लेकिन ताजा एलोवेरा ज्यादा फायदेमंद होता है।
  • अब शीशे के जार में बेकिंग सोडा, ग्लिसरीन, पुदीना या नीलगिरी का तेल अच्छे से मिलाएं।
  • आपका एलोवेरा टूथपेस्ट तैयार है।
  • अगर आप कहीं यात्रा कर रहे हैं, तो इस टूथपेस्ट को प्लास्टिक के जार में रख लें, ताकि यह लीक न हो।

11. सर्दी-ज़ुकाम के लिए एलोवेरा

सर्दी-ज़ुकाम में भी काफी हद तक एलोवेरा जूस पीने के फायदे हो सकते हैं। अक्सर लोगों को बदलते मौसम या प्रदूषण के कारण सूखी खांसी की समस्या हो जाती है। ऐसे में एलोवेरा का उपयोग किया जाए, तो यह काफी गुणकारी साबित हो सकता है।

सामग्री:
  • एलोवेरा जूस
  • दो चम्मच शहद
बनाने की विधि:
  • आप एक गिलास एलोवेरा लें और उसमें एक या दो चम्मच शहद मिला लें।
  • इसे अच्छे से मिक्स कर लें।
  • आप इस मिश्रण को दिन में दो या तीन बार पिएं।

नोट: अगर आपको एलोवेरा से एलर्जी है, तो इस जूस को लेने से पहले अपने डॉक्टर से एक बार जरूर पूछ लें।

12. कब्ज के लिए एलोवेरा

कई लोग कब्ज के लिए तरह-तरह की दवाइयां लेते हैं, जिसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसे में अगर प्राकृतिक चीजों का सेवन किया जाए, तो कब्ज की परेशानी से राहत मिल सकती है। इस अवस्था में एलोवेरा का रस फायदेमंद हो सकता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा उपयोग स्थिति को बिगाड़ भी सकता है। इसलिए, सीमित मात्रा में सेवन करें और इस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से भी बात कर लें (28)।

त्वचा के लिए एलोवेरा के फायदे – Skin Benefits of Aloe Vera in Hindi

धूल-मिट्टी, प्रदूषण और तरह-तरह की केमिकल युक्त क्रीम से चेहरा नमी खोने लगता है। आगे चलकर आपकी त्वचा बेजान और रूखी होने लगती है। ऐसे में एलोवेरा का चेहरे पर उपयोग से चमक लौट आती है। एलोवेरा में ग्लिसरीन, सोडियम कार्बोनेट व सोडियम पाल्मेट जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो त्वचा को नमी देते हैं और उसे मुलायम बनाकर स्वस्थ व चमकदार बनाते हैं। नीचे जानिए एलोवेरा से बने घरेलु फेस पैक की रेसिपी।

1. चमकती त्वचा के लिए एलोवेरा फेस पैक

सामग्री:
  • एक चम्मच एलोवेरा जेल
  • चुटकीभर हल्दी
  • एक चम्मच शहद
  • एक चम्मच दूध
बनाने और लगाने की विधि:
  • एक कटोरी में सारी सामग्रियों को मिलकर एक पेस्ट बना लें।
  • अब इसे चेहरे पर लगाकर कुछ मिनटों के लिए सूखा लें।
  • फिर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
  • आप इस फेस पैक को हफ्ते में दो बार लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?

एलोवेरा जेल त्वचा संबंधी समस्यों में गुणकारी है। एलोवेरा में मौजूद पौष्टिक तत्व और औषधीय गुण त्वचा में चमक लाकर उसे फिर से जवां बना सकते हैं (29)।

2. मुहांसों के लिए एलोवेरा

मुहांसे कभी भी हो सकते हैं। अगर किसी पार्टी में या घूमने जाना हो और अचानक मुंहासे निकल आएं, तो सारा मजा किरकिरा हो जाता है। ऐसे में तरह-तरह की क्रीम और फेसवॉश ट्राई करने की जगह, नीचे दिए गए एलोवेरे के घरेलू उपाय को अपनाएं।

सामग्री:
  • एक चम्मच एलोवेरा जेल
  • दो-तीन बूंद नींबू का रस
बनाने और लगाने की विधि:
  • नींबू के रस को एलोवेरा जेल में मिलाएं।
  • अब इससे अपने चेहरे पर मालिश करें। आप इसे रात को भी लगा सकते हैं।
  • फिर थोड़े देर बाद इसे धो लें।
कैसे फायदेमंद है?

एलोवेरा को नींबू के साथ मिलाने से मुंहासे और उनके दाग कम होते हैं। नींबू में चेहरे की रंगत बढ़ाने के गुण हैं, जो मुंहासों और उनके दाग-धब्बों को कम करते हैं (30)। वहीं, एलोवेरा में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण है। इसमें पोलिसैकराइड (polysaccharides) भी शामिल हैं, जो नई कोशिकाओं के विकास को बढ़ाता है। यह मुंहासे को ठीक कर दाग होने से बचाता है।

नोट : संभव है कि नींबू के उपयोग से कुछ लोगों की त्वचा धूप के लिए अति-संवेदनशील हो जाए (31)। इसलिए, दिन में बाहर निकलने से पहले सनब्लॉक या सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

3. झुर्रियों और एंटी-एजिंग के लिए एलोवेरा

बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां सामान्य हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ महिलाओं में समय और उम्र से पहले ही झुर्रियां आने लगती हैं। ऐसे में कई बार महिलाएं तरह-तरह की क्रीम और मेकअप का सहारा ले लेती हैं, लेकिन इसका असर बस कुछ वक्त के लिए ही रहता है। इसलिए, यह जरूरी है कि इसके कुछ प्राकृतिक उपाय किए जाएं। एलोवेरा उन्हीं प्राकृतिक उपायों में से एक है। नीचे हम झुर्रियों के लिए एलोवेरा के फेसपैक की विधि साझा कर रहे हैं।

सामग्री:
  • एक चम्मच एलोवेरा जेल
  • आधा चम्मच ऑलिव यानी जैतून का तेल
  • एक चम्मच इंस्टेंट ओटमील
बनाने और लगाने की विधि:
  • सभी सामग्रियों को एक कटोरी में डालकर उसका मिश्रण बना लें।
  • अब इस फेस पैक को चेहरे पर लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • फिर इसे ठंडे पानी से धो लें।
कैसे फायदेमंद है?

एलोवेरा त्वचा को मॉइस्चराइज करता है और मृत कोशिकाओं को हटाने में भी मदद कर सकता है। कुछ शोध के अनुसार, यह साबित हुआ है कि एलोवेरा त्वचा को स्वस्थ, मुलायम और कोमल बना सकता है (32)।

4. सनबर्न के लिए एलोवेरा

सर्दी हो या गर्मी सनस्क्रीन की जरूरत लगभग हर मौसम में होती है। कभी-कभी सनस्क्रीन लगाने के बावजूद धूप की हानिकारक किरणों से त्वचा झुलस जाती है और स्किन टैन की परेशानी हो जाती है। ऐसे में एलोवेरा का उपयोग किया जाए, तो इससे राहत मिल सकती है।

सीधे एलोवेरा जेल को सनबर्न पर लगाया जा सकता है या फिर एलोवेरा जेल को लगाने से पहले लगभग आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। उसके बाद एलोवेरा जेल को सनबर्न और टैन पर जगाएं। ऐसा करने से सनबर्न और टैन से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

कैसे फायदेमंद है?

एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूर्य की हानिकारक किरणों के प्रभाव से त्वचा को राहत पहुंचा सकते हैं (33)। यह त्वचा में मॉइस्चर को बरकरार रखते हुए उसे सुरक्षित परत देते हैं। एलोवेरा में एंटीऑक्सीडेंट और पौष्टिक गुण भी होते हैं, इसलिए त्वचा में नमी बरकरार रहती है, जिससे सनबर्न की समस्या जल्दी ठीक हो सकती है। इसके अलावा, एलोवेरा ठंडा होता है, जो सनबर्न या उससे होने वाले जलन से राहत दिलाता है (34)।

5. चोट के लिए एलोवेरा जेल

चोट लगने पर एलोवेरा जेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। एलोवेरा जेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो किसी भी प्रकार के चोट या जलन से आराम पहुंचा सकता है। यहां तक कि अगर कोई कीड़ा काट ले, तो भी एलोवेरा जेल फायदेमंद होता है, क्योंकि इसको लगाने से दर्द और जलन कुछ हद तक ठीक हो सकता है।

6. स्ट्रेच मार्क्स में एलोवेरा

बढ़ती उम्र, बढ़ता वजन या प्रेग्नेंसी के बाद स्ट्रेच मार्क्स होना एक आम बात है। कभी-कभी ये दाग बहुत गहरे और आसानी से नजर आने वाले होते हैं। ऐसे में एलोवेरा के लगातार इस्तेमाल से स्ट्रेच मार्क्स कम हो सकते हैं। नीचे हम स्ट्रेच मार्क्स में एलोवेरा को कैसे लगाना चाहिए, उस विधि के बारे में बता रहे हैं।

सामग्री:
  • दो चम्मच एलोवेरा जेल
  • एक चम्मच नींबू का रस
बनाने और लगाने की विधि:
  • सभी सामग्रियों को मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें।
  • अब इस मिश्रण को स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं।
  • फिर इसे गुनगुने पानी से धोकर इस पर मॉइस्चर लगा लें।
  • ऐसा रोज करें, इससे धीरे-धीरे फर्क दिख सकता है।
कैसे फायदेमंद है?

नींबू के रस में मौजूद त्वचा के रंग को निखारने का गुण और एलोवेरा में मौजूद चिकित्सकीय गुण कुछ ही हफ्तों में अपना असर स्ट्रेच मार्क्स पर दिखाने लगते हैं।

आइए, अब बालों के संदर्भ में एलोवेरा के फायदे जान लेते हैं।

बालों के लिए एलोवेरा के फायदे – Hair Benefits of Aloe Vera in Hindi

हर कोई चाहता है कि उसके बाल घने, मुलायम, लंबे और काले हों, लेकिन धूल-मिट्टी, प्रदूषण और तरह-तरह की स्टाइलिंग के वजह से बाल रूखे व बेजान होकर झड़ने लगते हैं। इसलिए, वक्त रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है। यहां हम बता रहे हैं कि एलोवेरा बालों के लिए कैसे फायदेमंद है।

1. बालों को बढ़ने में मदद करे एलोवेरा

एलोवेरा सिर्फ त्वचा के लिए ही नहीं, बल्कि बालों के लिए भी फायदेमंद है। एलोवेरा का उपयोग बालों को बढ़ने में मदद कर सकता है। अगर एलोवेरा को अरंडी के तेल के साथ लगाया जाए, तो बालों को बढ़ने में मदद मिल सकती है।

सामग्री:
  • दो चम्मच एलोवेरा जेल
  • एक चम्मच अरंडी का तेल
लगाने की विधि:
  • एलोवेरा जेल और अरंडी के तेल को मिक्स कर लें।
  • अब मिश्रण को अपने बालों में और स्कैल्प पर लगाएं।
  • इस मिश्रण को रात में लगाने से ज्यादा असरदार होगा।
  • इसे रात भर बालों में लगा रहने दें और अगले दिन शैंपू से धो लें।
कैसे फायदेमंद है?

एलोवेरा सिर से मृत कोशिकाओं को निकाल देता है, जिससे बालों को बढ़ने में मदद मिल सकती है (35)।

[पढ़े: बालों के लिए एलोवेरा के फायदे और घरेलू उपाय]

2. डैंड्रफ को कम करता है

एलोवेरा को शैंपू और कंडीशनर में भी इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि यह डैंड्रफ पर काफी फायदेमंद होता है। यह डैंड्रफ से होने वाली परेशानियों, जैसे खुजली को भी कम करता है। डैंड्रफ कई कारणों से हो सकता है जैसे – तैलीय सिर, मृत कोशिकाओं की वजह से या किसी इंफेक्शन की वजह से। एलोवेरा इन सब समस्याओं को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि एलोवेरा में एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो संक्रमण को कम कर सकते हैं।

सामग्री:
  • दो चम्मच मेथी
  • दो चम्मच एलोवेरा जेल
बनाने और लगाने की विधि:
  • मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगो लें।
  • सुबह इसे अच्छे से पीसकर पेस्ट तैयार कर लें और इसमें एलोवेरा जेल मिला लें।
  • अब इस मिश्रण को अपने बालों में लगाएं और आधे घंटे तक लगा रहने दें।
  • फिर अपने बालों को शैंपू और कंडीशनर के साथ ठंडे पानी से धो लें।
  • आप इस पैक को हफ्ते में एक बार लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?

यह सबसे अच्छे उपचारों में से एक है, जिसका उपयोग बालों को ठीक करने और कंडीशन करने के लिए कर सकते हैं। मेथी और एलोवेरा के इस मिश्रण से डैंड्रफ आसानी से दूर हो सकता है और साथ ही बालों में नमी भी बरकरार रहेगी।

3. बालों को कंडीशन करता है एलोवेरा

बालों को शैंपू के साथ-साथ कंडीशन करना भी जरूरी है। कई बार लोग बाजार में मिलने वाले कंडीशनर का उपयोग करते हैं, लेकिन इसकी जगह घर में ही कंडीशनर बनाकर उसका प्रयोग कर सकते हैं। एलोवेरा बालों को कंडीशन भी कर सकता है। यह बालों को न सिर्फ मॉइस्चराइज करेगा, बल्कि बालों को मजबूती भी देगा।

लगाने की विधि:

शैम्पू करने के बाद कंडीशनर की जगह एलोवेरा जेल का उपयोग करें, जो बालों को प्राकृतिक रूप से कंडीशन करेगा। बालों को कंडीशन करना एलोवेरा जेल के फायदे में से एक है।

कैसे फायदेमंद है?

एलोवेरा में प्रोटीलोइटिक एंजाइम (proteolytic enzymes ) होते हैं, जो मृत कोशिकाओं को हटाते हैं। ये बालों को सुधारते हैं और उनमें नमी बरकरार रखकर चमक लाते हैं।

नोट : अगर आपको किसी चीज से एलर्जी जल्दी होती है, तो एलोवेरा के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क कर लें।

आगे लेख में हम एलोवेरा जूस बनाने की विधि बता रहे हैं।

एलोवेरा जूस पीने का सही तरीका – How to Drink Aloe Vera Juice in Hindi

एलोवेरा जूस के फायदे अनेक हैं, लेकिन इसके फायदे तभी असर करेंगे, जब तक कि इसे सही तरीके से पिया जाए। इसलिए, हम एलोवेरा जूस बनाने की विधि और इसे पीने का सही तरीका बता रहे हैं।

घर पर एलोवेरा जूस बनाने की विधि

सामग्री:
  • एक बड़ा एलोवेरा का पत्ता
  • तीन कप पानी
  • चम्मच
  • छोटी कटोरी
  • ब्लेंडर
बनाने की विधि:
  • अपने एलोवेरा पेड़ से एक एलोवेरा का पत्ता काट लें।
  • चाकू की मदद से एलोवेरा के पत्ते की ऊपरी परत को छिल दें। इससे पत्ते में मौजूद लैटेक्स (एक पीले रंग की परत जो नीचे रहती है) नज़र आएगी।
  • अब लैटेक्स को काटकर अंदर के एलोवेरा जेल को चम्मच की मदद से निकालें।
  • इसे निकालकर एक कटोरी में रख दें।
  • एक बार जांच लें कि कहीं एलोवेरा जेल में लैटेक्स तो नहीं है, क्योंकि लैटेक्स में लैक्सेटिव गुण है, जो हानिकारक हो सकते हैं।
  • जूस बनाने के लिए दो चम्मच एलोवेरा जेल में पानी डालकर तीन से चार मिनट के लिए मिक्सी में पीस लें
  • अब इस जूस को एक गिलास में निकाल लें।
  • आप इस जूस में स्वाद के लिए नींबू या अदरक मिला सकते हैं।
  • आप स्वाद के लिए इसे अन्य जूस के साथ मिलाकर भी पी सकते हैं, लेकिन इसके लैक्सेटिव प्रभाव का ध्यान जरूर रखें।

एलोवेरा को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें – How to Store Aloe Vera in Hindi

अब बात आती है कि एलोवेरा को लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रखा जाए। यहां जानिए, इसकी प्रक्रिया।

  1. आप एलोवेरा के पत्तों को प्लास्टिक में पैक करके फ्रिज में रख दें।
  2. आप एलोवेरा के जेल को भी बर्फ की तरह जमाकर रख सकते हैं।
  3. आप एलोवेरा के जेल को एक एयर टाइट कंटेनर में रखकर फ्रिज में रख सकते हैं।
  4. आप शहद के साथ एलोवेरा जेल को मिलाकर एक जार में रखकर फ्रिज में रख सकते हैं।
  5. आप एलोवेरा जेल को ब्लेंडर में नींबू के रस के साथ मिलाकर भी स्टोर करके रख सकते हैं। नींबू में विटामिन-सी होता है, जो एलोवेरा को कई दिनों तक सुरक्षित रख सकता है।

आइए, अब यह जान लेते हैं कि एलोवेरा के प्रयोग से क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

एलोवेरा के नुकसान – Side Effects of Aloe Vera in Hindi

हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। ठीक वैसे ही एलोवेरा के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। हालांकि, यह बात जानकार आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन इस बारे में जान लेना जरूरी है।

  1. एलोवेरा त्वचा के लिए फायदेमंद तो है ही, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कर लिया जाए, तो इससे त्वचा में जलन, खुजली और रैशेज भी हो सकते हैं।
  2. एलोवेरा से ब्लड प्रेशर कम होता है, लेकिन अगर कम बीपी वाले मरीज इसका जरूरत से ज्यादा सेवन करते हैं, तो यह उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
  3. गर्भवती महिला को गर्भपात का खतरा हो सकता है।
  4. एलोवेरा में मौजूद लैक्सेटिव से पेट खराब की शिकायत हो सकती है या इसके ज्यादा सेवन से आईबीएस की परेशानी बढ़ सकती है।
  5. यह मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है।

एलोवेरा के गुण इसे कई मायनों में विभिन्न बीमारियों में एक बेहतरीन घरेलू इलाज के तौर पर उपयोगी बनाते हैं। अगर इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो एलोवेरा न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए, बल्कि बालों और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद है। ऊपर दी गई एलोवेरा की जानकारी से आपको यह तो पता चल ही गया होगा कि एलोवेरा और एलोवेरा जूस के फायदे अनके हैं। इसलिए, अपने आहार में एलोवेरा को शामिल करके इसके गुणों से अपने स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाए। साथ ही नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में एलोवेरा के सेवन से हुए फायदों को हमारे साथ जरूर साझा करें।

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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