एलोपेशीया के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Alopecia Causes, Symptoms and Home Remedies in Hindi

Medically reviewed by Suvina Attavar (Dermatologist & Hair transplant surgeon)
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सिर के बालों का झड़ना आम बात है, लेकिन जब बाल असामान्य रूप से झड़ने लगें, तो यह चिंता का विषय है। बाल अधिक झड़ने की समस्या एलोपेशीया रोग की ओर इशारा करती है। कुछ मामलों में एलोपेशीया के कारण सिर के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों से भी बाल झड़ने लगते हैं। इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए ही स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम एलोपेशीया क्या है और एलोपेशीया के कारण के साथ-साथ एलोपेशीया के लिए घरेलू उपाय के बारे में संपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। लेख में बताए जाने वाले उपाय इस समस्या से राहत दिला सकते हैं, लेकिन समस्या को पूरी तरह से ठीक नहीं कर सकते। इसके लिए घरेलू उपायों के साथ-साथ संतुलित खान-पान, योग व दिनचर्या का पालन करना जरूरी है। साथ ही एलोपेशीया की गंभीर अवस्था में बिना देरी किए डॉक्टर से चेकअप भी करवाना चाहिए।

आइए, सबसे पहले एलोपेशीया क्या है, हम थोड़ा इसके बारे में जान लेते हैं।

एलोपेशीया क्या है? – What is Alopecia in Hindi

एलोपेशीया एक तरह की समस्या है, जिसके कारण बालों का झड़ना शुरू होता है। इस समस्या से पीड़ित पुरुषों के सामने और साइड से बाल झड़ने लगते हैं। वहीं, महिलाओं में सिर के बीच वाले भाग से बालों का झड़ना शुरू होता है। एलोपेशीया के कारण महिलाएं पूरी तरह गंजेपन का शिकार नहीं होती हैं, लेकिन पुरुष एलोपेशीया के कारण पूरी तरह गंजे हो सकते हैं या फिर सिर के पीछे के भाग में कुछ बाल रह सकते हैं। बालों के अधिक झड़ने की इसी समस्या को मेडिकल भाषा में एलोपेशीया कहा जाता है (1)।

इस लेख के अगले भाग में हम एलोपेशीया के प्रकार जानेंगे।

एलोपेशीया के प्रकार – Types of Alopecia in Hindi

एलोपेशीया को मुख्य रूप से छह भागों में बांटा गया है, जो कुछ इस प्रकार हैं (1)।

  1. एलोपेशीया एरेटा- एलोपेशीया के इस प्रकार में मुख्य रूप से शरीर का केवल एक भाग प्रभावित होता है। इससे एक निश्चित हिस्से के बाल झड सकते हैं।
  2. एंड्रोजेनिक एलोपेशीया- यह भी एक प्रकार का एलोपेशीया है, जिसमें बाल एक पैटर्न में झड़ने लगते हैं। ऐसा जीन और हार्मोन में बदलाव के कारण संभव है।
  3. टेलोजेन एफ्लुवियम- इस तरह के एलोपेशीया में एक दिन में 100 से भी ज्यादा बाल झड़ने लगते हैं। यह हाइपो या हाइपरथायरायडिज्म जैसी बीमारी के कारण उत्पन्न हो सकता है। इसके अलावा तनाव, खराब भोजन और किसी दवाई का दुष्प्रभाव भी इस समस्या का कारण बन सकता है।
  4. ट्रॉमेटिक एलोपेशीया- आमतौर पर बच्चों में होने वाला ट्रैक्शन एलोपेसिया, ट्रॉमेटिक एलोपेशीया का एक प्रकार है, जिसमें रोगी बार-बार अपने बालों को खींचता है।
  5. टिनिआ केपिटिस- इस तरह के एलोपेशीया में स्कैल्प में काले धब्ब्बे दिखाई दे सकते हैं, जो बालों के झड़ने का कारण बन सकते हैं।
  6. ऐनाजेन एफ्फ्लूवियम- एलोपेशीया का यह प्रकार कैंसर के रोगियों में देखा जाता है, जो कीमोथैरेप्यूटिक एजेंट ले रहे होते हैं।

एलोपेशीया की समस्या क्यों होती है, इसके कारण के बारे में हम लेख के अगले भाग में जानेंगे।

एलोपेशीया के कारण – Causes of Alopecia in Hindi

कुछ ऐसे कारण हैं, जो एलोपेशीया जैसी समस्या उत्पन्न कर सकते हैं। ये इस प्रकार से हैं (2):

  • ऑटोइम्यून कंडीशन (जब इम्यून सिस्टम गलती से स्वस्थ बालों के रोम को नष्ट कर देता है)।
  • आनुवंशिक।
  • गर्भवस्था के कारण।
  • ट्रॉमा (आघात) के कारण।
  • पोषक तत्वों की कमी
  • हार्मोनल बदलाव जैसे – पीसीओडी, हाइपो या हाइपरथायरायडिज्म
  • तेज बुखार जैसे – डेंगू, मलेरिया
  • तनाव

आगे हम जानेंगे कि एलोपेशीया के लक्षण किस तरह के होते हैं।

एलोपेशीया के लक्षण – Symptoms of Alopecia in Hindi

एलोपेशीया की समस्या होने पर मुख्य रूप से निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं (2):

  • बालों का झड़ना एलोपेशीया का मुख्य लक्षण है।
  • वहीं, कुछ विशेष मामलों में प्रभावित हिस्से में जलन या खुजली भी हो सकती है।

लेख के आगे के भाग में हम एलोपेशीया के लिए घरेलू उपाय जानेंगे।

एलोपेशीया के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Alopecia in Hindi

एलोपेशीया की समस्या से निजात पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय का भी सहारा लिया जा सकता है। जो आपको इस समस्या में काफी हद राहत पहुंचा सकते हैं। आइए, इससे संबंधित कुछ घरेलू उपायों पर एक नजर डालते हैं।

1. प्याज

सामग्री:

  • एक प्याज

उपयोग की विधि:

  • सबसे पहले प्याज को पीसकर उसका रस निकाल लें।
  • फिर उस रस को अपने स्कैल्प पर लगाएं।
  • इसे 15 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • फिर बालों को शैम्पू कर धो लें।
  • इसे हफ्ते में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

एलोपेशीया के उपचार में प्याज का रस कारगर औषधि की तरह काम कर सकता है। इसमें पाया जाने वाला जिंक स्कैल्प में प्राकृतिक तेल के उत्पादन (सिक्रीट) में मदद करता है। साथ ही रूसी के समस्या से बचाने में मदद कर सकता है, जिससे बाल झड़ने की समस्या को दूर रखा जा सकता है। वहीं, आयरन शरीर की लाल रक्त कोशिकाओं के ऑक्सीजनेशन (ऑक्सीजन मिलने की प्रक्रिया) में सहायक हो सकता है, जिससे बालों के विकास में मदद मिल सकती है। अगर आहार के माध्यम से आयरन की पूर्ति न कि जाए, तो आयरन की कमी से बाल झड सकते हैं, क्योंकि आयरन की कमी के कारण ऑक्सीजन की कमी हो सकती है (3)। इस कारण माना जा सकता है कि प्याज के रस का उपयोग बालों के विकास में सहायक साबित हो सकता है।

2. नारियल का दूध

सामग्री:

  • आधा कप नारियल का दूध

उपयोग की विधि:

  • कुछ सेकंड के लिए नारियल के दूध को हल्का गर्म करें।
  • फिर उसे स्कैल्प पर लगाकर कुछ मिनट तक मसाज करें।
  • इसे लगभग आधे घंटे के लिए छोड़ दें।
  • फिर बालों को शैम्पू से धो लें।
  • इसे हफ्ते में एक बार उपयोग किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद:

विशेषज्ञों के मुताबिक, नारियल के दूध से ही ऑर्गेनिक नारियल का तेल तैयार किया जाता है, जो बालों के विकास में सहायक साबित हो सकता है। इस कारण नारियल के दूध को भी बालों के विकास में सहायक माना जा सकता है। वहीं, जैसा कि हम आपको लेख में पहले भी बता चुके हैं कि बालों के झड़ने की समस्या को ही एलोपेशीया कहा जाता है। इस कारण हम कह सकते हैं कि एलोपेसिया की समस्या में नारियल का दूध फायदेमंद साबित हो सकता है (4)।

3. नारियल का तेल

सामग्री:

  • दो चम्मच नारियल तेल

उपयोग की विधि:

  • नारियल के तेल को हल्का गर्म कर लें।
  • फिर इसे अच्छे से स्कैल्प पर लगाकर हल्की मालिश करें और शॉवर कैप लगा लें।
  • इसे रात में नहाने से पहले लगाएं।
  • कुछ घंटे बाद शैम्पू से धो लें।

कैसे है फायदेमंद:

एलोपेशीया जैसी समस्या से निजात दिलाने में नारियल तेल उपयोगी सिद्ध हो सकता है। दरअसल, नारियल तेल में लौरिक एसिड (lauric acid) की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो बालों के विकास को बढ़ावा देने का काम करता है। इस कारण एलोपेशीया की समस्या में नारियल के तेल को फायदेमंद माना जा सकता है (4)।

4. मेथी

सामग्री:

  • दो चम्मच मेथी के बीज का पाउडर
  • एक चम्मच नारियल तेल

उपयोग की विधि:

  • मेथी के पाउडर में नारियल तेल को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।
  • इस पेस्ट को बाल झड़ने से बने गंजेपन वाले क्षेत्र में लगाएं।
  • फिर पेस्ट को लगभग 20 मिनट तक सूखने दें।
  • उसके बाद शैम्पू से सिर को धो लें।
  • इस प्रक्रिया को एक दिन के अंतराल पर उपयोग में लाया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद:

एक शोध के अनुसार, विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी, विटामिन-ई, आयरन, सेलेनियम और जिंक की कमी के कारण बालों का झड़ना शुरू हो सकता है। इससे एलोपेशीया होने का जोखिम बढ़ जाता है (5)। चूंकि, मेथी के बीज में इन पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा पाई जाती है (6), इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि एलोपेशीया का इलाज मेथी पाउडर के इस्तेमाल से किया जा सकता है।

5. सरसों का तेल

सामग्री:

  • सरसों का तेल

उपयोग की विधि:

  • नहाने से पहले सरसों के तेल को स्कैल्प और बालों में अच्छी तरह लगा लें।
  • फिर कुछ घंटो बाद शैम्पू से सिर को धो लें।

कैसे है फायदेमंद:

सरसों का तेल एलोपेशीया की समस्या में लाभदायक साबित हो सकता है। दरअसल, सरसों के तेल में एंटी डैंड्रफ गुण के साथ-साथ बालों के विकास और बालों के झड़ने की समस्या को रोकने का भी गुण मौजूद होता है। इस कारण यह कहा जा सकता है कि एलोपेशीया की समस्या से राहत पाने में सरसों का तेल फायदेमंद साबित हो सकता है (7)।

6. हिबिस्कस

सामग्री:

  • एक हिबिस्कस फूल
  • चार हिबिस्कस के पत्ते
  • चार चम्मच दही

उपयोग की विधि:

  • हिबिस्कस के फूल और पत्तियों को अच्छे से पीसकर पेस्ट बना लें।
  • फिर उसमें दही मिलाएं, जिससे स्मूद पेस्ट बन जाए।
  • इस पेस्ट को स्कैल्प व बालों में लगाएं और लगभग एक घंटे के लिए छोड़ दें।
  • उसके बाद बालों को गुनगुने पानी से धो लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

एक रिसर्च के अनुसार, हिबिस्कस बालों के झड़ने को रोक कर बालों के विकास में मदद कर सकता है। जैसा कि ऊपर बताया गया है कि बालों के झड़ने की समस्या एलोपेशीया कहलाती है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि हिबिस्कस एलोपेशीया का इलाज करने में मददगार साबित हो सकता है (8)।

7. लहसुन

सामग्री:

  • आठ लहसुन की कलियां
  • एक चम्मच शहद

उपयोग की विधि:

  • लहसुन की कलियों को अच्छे से पीस लें।
  • फिर शहद और लहसुन को मिलाएं।
  • इस मिश्रण को स्कैल्प पर लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • उसके बाद शैम्पू का इस्तेमाल कर सिर को धो लें।
  • हफ्ते में एक बार इस उपाय को इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

एक शोध के अनुसार, लहसुन को एलोपेशिया के लिए एक प्रभावी उपचार माना गया है। यह एलोपेशीया की समस्या में किस प्रकार प्रभावी है, फिलहाल इस संबंध में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है (9)। इसलिए, यह घरेलू नुस्खा प्रयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लेना चाहिए।

[ पढ़े: Lahsun Khane Ke Fayde in Hindi ]

8. लीकोरिस रूट

सामग्री:

  • एक चम्मच लीकोरिस रूट
  • एक कप पानी

उपयोग की विधि:

  • लीकोरिस रूट को पानी में डालकर करीब 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर उबलने दें।
  • फिर पानी को किसी अलग बर्तन में डाल दें।
  • उस पानी से स्कैल्प की हल्की मालिश करें और 2-3 घंटे के लिए छोड़ दें।
  • उसके बाद सिर को पानी से धो लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है कि बालों के झड़ने की समस्या को ही एलोपेशिया कहा जाता है। वहीं, लीकोरिस रूट में बालों के विकास को बढ़ावा देने का विशेष गुण मौजूद होता है। इससे यह बाल झड़ने की समस्या के कारणों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है (10)। इस कारण यह कहा जा सकता है कि लीकोरिस रूट का इस्तेमाल एलोपेशीया की समस्या से राहत पाने के लिए किया जा सकता है।

9. एलोवेरा

सामग्री:

  • एलोवेरा जेल

उपयोग की विधि:

  • एलोवेरा जेल को स्कैल्प और बालों में लगाकर कुछ मिनट के लिए मसाज करें।
  • फिर इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • इसे ठंडे पानी से धोकर शैम्पू करें।
  • इस प्रक्रिया को एक दिन के अंतराल में इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

एलोपेशिया का इलाज करने के घरेलू उपायों के तौर पर विभिन्न पेड़-पौधों के अलग-अलग हिस्सों को उपयोग में लाया जाता है। उन्हीं में से एक एलोवेरा भी है, जो एलोपेशिया के इलाज में सहायक साबित हो सकता है (11)। एलोवेरा में प्राकृतिक रूप से बालों का विकास करने वाले गुण पाए जाते हैं (12)। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि इस समस्या को कम करने में एलोवेरा मददगार साबित हो सकता है।

10. शहद

सामग्री:

  • आधा कप शहद
  • दो चम्मच जैतून का तेल
  • दो चम्मच छाछ

उपयोग की विधि:

  • शहद और जैतून के तेल को मिलाएं और कुछ सेकंड के लिए गर्म करें।
  • फिर इसमें छाछ डाल लें।
  • उसके बाद इस मिश्रण को अपने स्कैल्प पर लगाएं और लगभग 30 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • फिर शैम्पू से सिर को धो लें।
  • दो सप्ताह में एक बार इस विधि का इस्तेमाल करें।

कैसे है फायदेमंद:

शहद में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इन गुणों के कारण यह डैंड्रफ और उसके कारण होने वाली बालों के झड़ने की समस्या को रोकने में यह सहायक साबित हो सकता है। इस कारण हम कह सकते हैं कि एलोपेशिया के उपचार में शहद मदद कर सकता है (13)।

11. ग्रीन टी

सामग्री:

  • एक चम्मच ग्रीन टी
  • एक गिलास पानी

उपयोग की विधि:

  • पानी में ग्रीन टी डालकर कुछ मिनट तक गर्म करें।
  • फिर इसे छान लें और थोड़ा ठंडा होने दें।
  • इसके पानी को सिर में लगाकर मालिश करें और 10 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • उसके बाद सिर को ठंडे पानी से धोएं।
  • इसे हफ्ते में तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

ग्रीन टी में एपीगल्लॉकाटेचीन-3-गल्लटे (Epigallocatechin-3-Gallate) मौजूद होता है, जो इसमें पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स का प्रमुख घटक है। यह एंड्रोजेनिक एलोपेशिया के उपचार में मददगार हो सकता है। इसलिए, ग्रीन टी का उपयोग एलोपेशिया की समस्या में लाभदायक माना जा सकता है (14)।

12. नींबू

सामग्री:

  • आधा नींबू
  • तीन चम्मच एलोवेरा जेल

उपयोग की विधि:

  • नींबू के रस को निचोड़ लें और उसे एलोवेरा जेल के साथ मिलाएं।
  • इस मिश्रण को सिर में लगाएं और आधे घंटे के लिए छोड़ दें।
  • फिर सिर को शैम्पू से धो लें।
  • इस विधि को हफ्ते में तीन बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

नींबू को साइट्रस फलों की श्रेणी में रखा जाता है, जो विटामिन-सी का अच्छा स्रोत होता है। विटामिन-सी बालों को मजबूत बनाने में और बालों के विकास में मदद कर सकता है। साथ ही इसमें एंटीफंगल गुण भी होते हैं, जो रूसी को दूर करने में सहायक हो सकते हैं। इससे स्कैल्प को स्वस्थ रखा जा सकता है (15)। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि नींबू एलोपेशिया की समस्या को कम करने में सहायक हो सकता है।

13. अंडा

सामग्री:

  • एक अंडा
  • दो चम्मच नारियल का तेल

उपयोग की विधि:

  • अंडे को तोड़कर अच्छे से फेंट लें और फिर उसमें नारियल तेल मिला लें।
  • इस मिश्रण को स्कैल्प पर लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • फिर ठंडे पानी से स्कैल्प को धो लें और बालों पर कंडीशन कर लें।
  • इसे हफ्ते में दो बार उपयोग कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

अंडे का उपयोग आपको एलोपेशिया की समस्या से छुटकारा दिला सकता है। अंडे में पेप्टाइड नामक कंपाउंड पाया जाता है, जो बालों के विकास को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। इससे एलोपेशिया की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है (16)।

14. रोजमेरी लीफ

सामग्री:

  • चार सूखी रोजमेरी लीफ
  • एक कप पानी

उपयोग की विधि:

  • पानी में रोजमेरी लीफ को डालें और कुछ मिनट तक उबलने दें।
  • फिर इस पानी को छान लें और सिर पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • उसके बाद इसे ठंडे पानी से धो लें।
  • इसे हफ्ते में तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, रोसमारिनस (रोजमेरी) ऑफिसिनैलिस लीफ एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल करने पर एलोपेशीया की समस्या से राहत मिल सकती है। यह एंड्रोजेन रिसेप्टर्स (एक तरह का हार्मोन) को डायहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (एक तरह का हार्मोन) के बंधन से रोकने में मदद कर सकता है। दरअसल, इन दोनों हार्मोंस के मिलने से टेस्टोरोन हार्मोन जैसे कई हार्मोन की सक्रियता बढ़ जाती है, जो बालों के झड़ने का कारण बन सकते हैं। ऐसे में रोजमेरी लीफ का अर्क उन हार्मोन की सक्रियता को कम कर सकता है, जो सिर पर तैलीय प्रोटीन पदार्थों का कारण बन सकते हैं। इस कारण यह कहा जा सकता है कि यह उपाय बालों के विकास को बढ़ावा देकर एलोपेशीया की समस्या से निजात दिला सकता है (17)।

15. दालचीनी पाउडर

सामग्री:

  • तीन चम्मच दालचीनी पाउडर
  • पानी आवश्यकतानुसार

उपयोग की विधि:

  • दालचीनी पाउडर में पानी मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • प्रभावित भाग के साथ-साथ इसे पूरे स्कैल्प पर भी लगा लें।
  • लगभग आधे घंटे के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें।
  • फिर शैम्पू का इस्तेमाल कर सिर को धो लें।
  • आप इस प्रक्रिया को एक दिन के अंतराल में इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

दालचीनी पाउडर का इस्तेमाल कर एलोपेशीया की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। दालचीनी के उपयोग करने से बालों का झड़ना रोका जा सकता है। साथ ही बालों के विकास को उत्तेजित किया जा सकता है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि दालचीनी को एलोपेशीया के घरेलू उपाय में शामिल करना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है (18)।

जीवन में कुछ बदलाव करके भी एलोपेशीया से बचा जा सकता है। आगे हम इसी बारे में बता रहे हैं।

एलोपेशीया से बचाव  – Prevention Tips for Alopecia in Hindi

निम्न बातों को ध्यान में रखकर एलोपेशीया की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।

  • स्वस्थ आहार के सेवन से इस समस्या से बचा जा सकता है।
  • एसएलएस और पाराबेन फ्री शैम्पू का उपयोग करें।
  • सिर में नियमित तेल का इस्तेमाल करें।
  • बालों को प्रदूषण से बचाएं।

एलोपेशीया से बचने के लिए इस लेख में बताएं गए घरेलू उपचार कुछ हद तक कारगर साबित हो सकते हैं। वहीं, कुछ लोगों की त्वचा अधिक संवेदनशील होती है। ऐसे लोगों को कुछ घरेलू नुस्खों से एलर्जी या अन्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इसलिए, वो इन घरेलू नुस्खों को प्रयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। अगर आपके आसपास एलोपेशीया की समस्या से कोई पीड़ित है, तो उनके साथ यह लेख शेयर कर उनके एलोपेशीया के इलाज में सहायक बने। उम्मीद करते हैं कि इस लेख कि जानकारी आपके लिए मददगार साबित होगी। इसे अन्य लोगों के साथ साझा करके, इस विषय में जागरूकता बढ़ाएं।

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भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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