आलूबुखारे के रस के फायदे, उपयोग और नुकसान – Prune juice Benefits and Side Effects in Hindi

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आलूबुखारा, चुनिंदा गुणकारी फलों में गिना जाता है। यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। यह साबुत और जूस, दोनों रूपों में लाभकारी है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आलूबुखारे के रस के फायदे बताने जा रहे हैं। इस लेख में जानिए शरीर के लिए प्रून जूस पीने के फायदे किस प्रकार काम करते हैं। यहां एक बात बता दें कि इसका सेवन लेख में बताई गई बीमारियों के प्रभाव को कम करने में एक सहायक भूमिका निभा सकता है। लेकिन यह किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है।

आलूबुखारे के रस के फायदे जानने के लिए पढ़ते रहिये यह लेख।

आलूबुखारे के रस के फायदे – Benefits of Prune juice in Hindi

1. उच्च रक्तचाप के लिए आलूबुखारे के जूस के फायदे

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए आलूबुखारे का जूस लाभदायक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित तौर पर आलूबुखारे या आलूबुखारे के रस का सेवन उच्च रक्तचाप को कम करने में मददगार साबित हो सकता है (1) (2)। वहीं आलूबुखारे के जूस में पोटेशियम भी मौजूद होता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है (3)।

2. लिवर के लिए आलूबुखारे के रस के फायदे

आलूबुखारे के जूस के लाभ लिवर के लिए भी देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई (NCBI – The National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में, हेपेटाइटिस (लिवर संबंधी बीमारी) के लिए प्रून या प्रून जूस पीने के फायदे देखने को मिले हैं। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा सकता है कि आलूबुखारे का जूस, लिवर की समस्या के जोखिम से बचाव कर सकता है (4)। हालांकि, इसके लिए अभी और शोध की जरूरत है।

3. बच्चों के लिए आलूबुखारे के रस के फायदे

आलूबुखारे के रस के फायदे, बच्चों में कब्ज की समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं। माना जाता है कि जिन बच्चों को कब्ज की समस्या है, उनके लिए आलूबुखारा या आलूबुखारे का रस लाभकारी हो सकता है। इसमें सोर्बिटोल (Sorbitol, एक प्रकार का कार्बोहायड्रेट) होता है, जो इस समस्या के लिए लाभकारी हो सकता है। पर ध्यान रहे कि इस जूस का अत्यधिक सेवन दस्त की समस्या भी बन सकता है (5)। साथ ही ध्यान रखें कि 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को आलूबुखारे का जूस न दें (6)। कब्ज के अलावा, आलूबुखारे का रस बच्चों के लिए और किस तरह फायदेमंद हो सकता है, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

4. कब्ज के लिए आलूबुखारे के जूस के फायदे

कब्ज की परेशानी को दूर करने के लिए आलूबुखारे का सेवन किया जा सकता है। इसमें फाइबर और फ्रुक्टोज मौजूद होते हैं। ये कब्ज की परेशानी से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। वहीं जिन्हें आलूबुखारा खाना न पसंद हो वो आलूबुखारे के जूस का सेवन कर सकते हैं। लेकिन, ध्यान रहे कि साबुत आलूबुखारे की तुलना में आलूबुखारा के जूस में फाइबर की मात्रा कम होती है (7)। ऐसे में यह कहना थोड़ा मुश्किल होगा कि कब्ज की समस्या पर आलूबुखारे का जूस कितना कारगर साबित होगा।

5. हड्डियों के लिए आलूबुखारे के जूस के फायदे

हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए भी आलूबुखारे के रस का सेवन किया जा सकता है। आलूबुखारे के रस में कैल्शियम होता है (8)। इसमें कोई शक नहीं है कि कैल्शियम हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। दरअसल, कैल्शियम हड्डियों के निर्माण से लेकर इन्हे मजबूत रखने का काम करता है और साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस जैसे हड्डी रोग और फ्रैक्चर के जोखिम से बचाव भी करता है (9)। इसके अलावा, आलूबुखारे का सेवन भी हड्डियों के लिए फायदेमंद हो सकता है (10)।

6. कैंसर से बचाव के लिए आलूबुखारे के रस के फायदे

कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए भी आलूबुखारे के जूस के गुण लाभकारी हो सकते हैं। दरअसल, आलूबुखारे में एंटीकैंसर गुण मौजूद होते हैं, जिसके पीछे इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण हो सकते हैं (11)। ऐसे में प्रून जूस पीने से कुछ हद तक कैंसर का जोखिम कम हो सकता है। लेकिन, अगर कोई कैंसर से पीड़ित है तो उसे डॉक्टरी चिकित्सा कराने में देर नहीं करनी चाहिए।

आगे जानिये प्रून जूस में मौजूद पौष्टिक तत्वों के बारे में, जो इसे इतना लाभकारी बनाते हैं।

आलूबुखारे के जूस के पौष्टिक तत्व – Prune juice Nutritional Value in Hindi

नीचे हम अपने पाठकों के लिए प्रून जूस में मौजूद पौष्टिक तत्वों की सूची साझा कर रहे हैं (8)।

पौष्टिक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी81.24 ग्राम
प्रोटीन0.61 ग्राम
टोटल लिपिड (फैट)0.03 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट17.45 ग्राम
फाइबर1 ग्राम
शुगर16.45 ग्राम
कैल्शियम12 मिलीग्राम
आयरन1.18 मिलीग्राम
मैग्नीशियम14 मिलीग्राम
फास्फोरस25 मिलीग्राम
पोटेशियम276 मिलीग्राम
सोडियम4 मिलीग्राम
जिंक0.21 मिलीग्राम
कॉपर0.068 मिलीग्राम
मैंगनीज0.151 मिलीग्राम
सेलेनियम0.6 माइक्रोग्राम
विटामिन सी4.1 मिलीग्राम
थियामिन0.016 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.07 मिलीग्राम
नियासिन0.785 मिलीग्राम
विटामिन बी-60.218 मिलीग्राम
कैरोटीन, बीटा2 माइक्रोग्राम
विटामिन ए, आईयू3 आईयू
ल्यूटिन+ जियाजैंथिन40 माइक्रोग्राम
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरोल)0.12 मिलीग्राम
विटामिन के3.4 माइक्रोग्राम
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड0.003 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.021 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.007 ग्राम

लेख के इस भाग में हम पाठकों को आलूबुखारे के जूस के उपयोग के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

आलूबुखारे के रस का उपयोग – How to Drink Prune juice in Hindi

आलूबुखारे के रस का सेवन सामान्य जूस की तरह किया जा सकता है। चाहें तो एक कप प्रून जूस में दो-तीन आइस क्यूब डालकर, इसे और रिफ्रेशिंग बनाया जा सकता है। हालांकि, इसे पीने की सही मात्रा उम्र के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसलिए, इसके सेवन से जुड़ी जानकारी के लिए आहार विशेषज्ञ से जरूर संपर्क करें।

आलूबुखारे के जूस के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। यह जानकारी नीचे दी जा रही है।

आलूबुखारे के जूस के नुकसान – Side Effects of Prune juice in Hindi

नीचे जानिए, अगर प्रून जूस का सेवन सही तरीके से नहीं किया गया तो आलूबुखारे के रस के नुकसान भी हो सकते हैं-

  • प्रून जूस से पेट संबंधी समस्या हो सकती है। हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।
  • जिनको फूड एलर्जी की समस्या है, उन्हें प्रून जूस से एलर्जी हो सकती है।

नोट : आलूबुखारे के रस के नुकसान जानने लिए अभी और शोध की आवश्यकता है। इसलिए, हमारी यही सलाह है कि इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करें।

उम्मीद करते हैं कि आलूबुखारे के जूस के गुण जानने के बाद आप इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहेंगे। हालांकि, आलूबुखारे के जूस के नुकसान को ध्यान में रखते हुए इसका संतुलित मात्रा में ही सेवन करें। एक बार फिर से बता दें कि यह किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। इसका सेवन बताई गई स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में एक सहायक भूमिका जरूर निभा सकता है। इसके अलावा, आलूबुखारे के जूस से संबंधित अन्य सवालों और सुझावों के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स की मदद ले सकते हैं।

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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