अमचूर के 11 फायदे और नुकसान – Amchur (Mango Powder) Benefits and Side Effects in Hindi

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घरेलू मसालों के रूप में हम कई प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। मसाले न केवल भोजन को स्वाद और सुगंध प्रदान करते हैं, बल्कि कई पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने का भी काम करते हैं। इन्हीं मसालों में से एक है अमचूर। वैसे क्या आपने कभी सुना है कि अमचूर पाउडर के फायदे सेहत बनाने में भी सहायक हो सकते हैं? अगर नहीं, तो इस लेख में हम यही जानकारी आपके साथ साझा कर रहे हैं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम अमचूर पाउडर के औषधीय गुणों और अमचूर के फायदे के बारे में बताएंगे। साथ ही इस लेख में घर में अमचूर बनाने की विधि भी बताएंगे।

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आइए, अमचूर के फायदे को जानने से पहले जानते हैं कि अमचूर क्या होता है।

अमचूर क्‍या है? – What is Amchur in Hindi

घरेलू मसालों में अमचूर का इस्तेमाल नियमित रूप से किया जाता है। बता दें कि यह आम का पाउडर होता है। इसे आम को सुखाने के बाद पीसकर तैयार किया जाता है। वैसे तो बाजार में आसानी से बना बनाया अमचूर मिल जाता है, लेकिन आप चाहें, तो घर में भी इसे तैयार कर सकते हैं। कच्चे आम के गूदे को सुखाने के बाद उसे पीसकर जो पाउडर तैयार होता है, वह अमचूर है। इसे बनाने की पूरी विधि लेख में आगे विस्तार से दी गई है। वहीं, कई एशियाई व्यंजनों में इसका उपयोग खट्टापन लाने और स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदेमंद हो सकता है, जिसके बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।

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अमचूर क्या है, यह जानने के बाद आइए, अमचूर पाउडर के फायदे के बारे में विस्तार से जानते हैं।

अमचूर पाउडर के फायदे – Benefits of Amchur Powder in Hindi

आम के फायदों की तरह ही अमचूर के भी फायदे देखे गए हैं। यह भी कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। लेख के इस भाग में हम शरीर के लिए अमचूर के फायदे बता रहे हैं। यहां इस बात का ध्यान रखें कि अमचूर लेख में शामिल किसी भी बीमारी का डॉक्टरी उपचार नहीं है। यह समस्या से बचाव या उसके लक्षण को कम करने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है। गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में डॉक्टरी इलाज अनिवार्य है।

1. वजन कम करने में फायदेमंद

अमचूर का उपयोग वजन घटाने में सहायक माना जा सकता है। कारण यह है कि इसमें विटामिन-सी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। साथ ही इसमें फाइबर भी होता है (1)। वहीं, इस संबंध में किए गए शोध में पाया गया है कि विटामिन-सी एक बेहतर एंटीऑक्सीडेंट है, जो वजन कम करने का काम कर सकता है (2)। साथ ही एक अन्य शोध में यह माना गया है कि फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ वजन कम करने में सहायक माने जाते हैं (3)। इसलिए, यह कहा जा सकता है कि अमचूर पाउडर के फायदे वजन घटाने के प्रयास में एक लाभकारी विकल्प साबित हो सकता है। इसके अलावा, एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में यह जिक्र मिलता है कि सूखे आम का सप्लीमेंट बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है (4)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि वजन को नियंत्रित करने में अमचूर कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है। हालांकि, सीधे तौर पर यह किस प्रकार फायदेमंद होगा, इसे लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

2. कैंसर की रोकथाम के लिए अमचूर के लाभ

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार आम में मैंगीफेरीन (Mangiferin) नाम का एक तत्व पाया जाता है। खास यह है कि यह तत्व केवल आम के गूदे में ही नहीं, बल्कि उसके छिलके, पत्तियों और पेड़ की छाल में भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। वहीं, इसी शोध में जिक्र मिलता है कि मैंगीफेरीन नामक तत्व कैंसर के जोखिम को कम करने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है (5)। जैसा कि लेख में पहले ही बताया जा चुका है कि अमचूर कच्चे आमों को सुखाकर बनाया जाने वाला पाउडर है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि अमचूर का सेवन कैंसर से बचाव में लाभकारी हो सकता है। हालांकि, सीधे तौर पर यह कितना प्रभावकारी होगा, इस पर सटीक शोध की आवश्यकता है। वहीं, इस बात का भी ध्यान रखें कि अमचूर कैंसर का इलाज नहीं है। अगर कोई कैंसर से जूझ रहा है, तो इसका डॉक्टरी उपचार जरूरी है।

3. मधुमेह की समस्या में अमचूर के फायदे

अमचूर का इस्तेमाल डायबिटीज की समस्या से राहत पहुंचाने का भी काम कर सकता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि आम में मैंगीफेरीन नामक तत्व पाया जाता है, जो अमचूर में भी मौजूद हो सकता है। मैंगीफेरीन, कैंसर के साथ-साथ संक्रमण, हृदय संबंधी बीमारी और डायबिटीज की समस्या में भी लाभकारी माना जाता है (5)। इसी वजह से यह कहा जा सकता है कि डायबिटीज से परेशान लोग अमचूर का इस्तेमाल एक विकल्प के तौर पर कर सकते हैं। हालांकि, सीधे तौर पर अमचूर किस प्रकार लाभदायक हो सकता है, इस पर फिलहाल और शोध की आवश्यकता है।

4. आंखों के लिए अमचूर पाउडर के फायदे

आंखों के लिए अमचूर फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि आम में बीटा-कैरोटीन नामक तत्व पाया जाता है, जो एंटीऑक्सीडेंट गुणों से युक्त होता है। बीटा-कैरोटीन की मौजूदगी मोतियाबिंद के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकती है (6)। वहीं, अमचूर आम से बनाया जाता है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि बताए गए गुण अमचूर में भी हो सकते हैं, जिसका सेवन आंखों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और सटीक शोध की आवश्यकता है।

5. पाचन में सुधार करने के लिए अमचूर का उपयोग

खराब पाचन जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए भी अमचूर का उपयोग किया जा सकता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि अमचूर में फाइबर कि मात्रा पाई जाती है और फाइबर पाचन में सुधार करने के साथ-साथ कब्ज जैसी समस्याओं से निजात दिला सकता है (1) (7)। हालांकि, यह सीधे तौर पर किस प्रकार पाचन के लिए लाभदायक हो सकता है, इस पर फिलहाल और शोध की आवश्यकता है। 

6. हृदय के लिए अमचूर

अमचूर का उपयोग हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी किया जा सकता है। चूहों पर किए गए एक शोध में पाया गया कि रक्त में लिपिड (फैट) बढ़ने के कारण गंभीर हृदय रोगों का जोखिम पैदा हो सकता है। रक्त में लिपिड बढ़ने की स्थिति को हाइपरलिपिडिमिया कहा जाता है और अमचूर के उपयोग से इसे कम किया जा सकता है। शोध के अनुसार, अमचूर में एंटीहाइपरलिपेमिक (Antihyperlipidemic) गुण पाए जाते हैं, जो सीरम कोलेस्ट्रॉल, वीएलडीएल (very low-density lipoproteins) और ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए, कहा जा सकता है कि अमचूर का सेवन रक्त में लिपिड या कोलेस्ट्रोल बढ़ने के कारण होने वाले हृदय रोग का जोखिम कम कर सकता है (8)।

7. एनीमिया की समस्या को कम करने के लिए अमचूर के लाभ

एनीमिया की समस्या यानी शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होना। इसके होने के पीछे आयरन की कमी हो सकती है (9)। इस समस्या में अमचूर मददगार हो सकता है। वहीं, सूखे आम में, जिससे अमचूर बनाया जाता है, आयरन मौजूद होता है, जो शरीर में आयरन की मात्रा को बनाए रखने में मददगार हो सकता है (1)।

8. स्कर्वी के उपचार में अमचूर के फायदे

स्कर्वी विटामिन-सी की कमी से होने वाला एक रोग है। आमतौर पर इस बीमारी में मसूड़ों से खून आना, थकावट और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं, सूखे आम में (जिससे अमचूर बनाया जाता है) विटामिन-सी पाया जाता है, जिससे शरीर में विटामिन-सी की पूर्ति की जा सकती है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि अमचूर पाउडर के फायदे में स्कर्वी जैसी समस्या से छुटकारा पाना भी शामिल हो सकता है (10) (1)। हालांकि, इस विषय पर और अध्ययन की आवश्यकता है।

9. डिटॉक्सिफिकेशन में अमचूर के फायदे

आम में पाया जाने वाला तत्व मैंगीफेरीन कई औषधीय गुणों से युक्त होता है, जिसमें से एक यह भी है कि यह अपने एंटी-स्कैवेंजिंग गुण के कारण मानव शरीर को जहरीले प्रभाव से बचाने का काम कर सकता है। सीधे तौर पर समझें, तो यह डिटॉक्सिफिकेशन यानी अशुद्धियों को दूर करने में मदद कर सकता है (11)। अमचूर कच्चे आमों को सुखाकर बनाया जाने वाला पाउडर है। इस कारण ऐसा माना जा सकता है कि यह गुण अमचूर में भी मौजूद रह सकते हैं।

10. एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर अमचूर

एनसीबीआई के एक शोध से पता चलता है कि आम के विभिन्न भाग (गूदा, छाल व जड़ आदि) में   एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इससे अलावा, इसमें मौजूद खास तत्व मैंगीफेरीन भी एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है (8)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि यह गुण अमचूर में भी मौजूद हो सकता है, जो शरीर की सूजन संबंधी समस्याओं में लाभकारी हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

11. एंटी बैक्टीरियल गुण के लिए अमचूर बेनिफिट्स

बैक्टीरियल संक्रमण से बचने में भी अमचूर का उपयोग किया जा सकता है। शोध में पाया गया कि अमचूर में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। ये गुण बैक्टीरियल संक्रमण के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकते हैं (12)।  

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अमचूर पाउडर के फायदे के बाद यहां हम आपको बता रहे हैं अमचूर के पौष्टिक तत्वों के बारे में।

अमचूर के पौष्टिक तत्व – Amchur Nutritional Value in Hindi

जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि अमचूर कच्चे आम को सुखाकर बनाया जाता है। इसलिए, इसमें वही पोषक तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो कि कच्चे आम में होते हैं। यहां हम आपको इसी आधार पर अमचूर के पौष्टिक तत्वों के बारे में बता रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अमचूर के लाभ दिला सकते हैं (1)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी16.6 ग्राम
कैलोरी319 kcal
प्रोटीन2.45 ग्राम
फैट1.18 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट78.58 ग्राम
फाइबर2.4 ग्राम
शुगर66.27 ग्राम
आयरन0.23 मिलीग्राम
मैग्नीशियम20 मिलीग्राम
फास्फोरस50 मिलीग्राम
पोटैशियम279 मिलीग्राम
सोडियम162 मिलीग्राम
जिंक0.3 मिलीग्राम
मैंगनीज10 मिलीग्राम
कॉपर0.3 मिलीग्राम
सेलेनियम2.1 माइक्रोग्राम
विटामिन-सी42.3 मिलीग्राम
थियामिन0.062 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.085 मिलीग्राम
नियासिन2 मिलीग्राम
विटामिन-बी 60.334 मिलीग्राम
फोलेट68 माइक्रोग्राम
कोलीन23.7 मिलीग्राम
विटामिन-ए67 माइक्रोग्राम
बीटा-कैरोटिन786 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए IU1343 IU
विटामिन-ई4.02 माइक्रोग्राम
विटामिन-के13.2 माइक्रोग्राम
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.287 ग्राम
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.439 ग्राम
फैटी एसिड टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.222 ग्राम

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अमचूर के पौष्टिक तत्वों के बाद जानते हैं कि अमचूर को कैसे बनाया जा सकता है।

अमचूर बनाने की विधि

यहां हम आपको अमचूर बनाने की एक आसान विधि के बारे में बता रहे हैं, जिसको फॉलो करके आप घर में ही आसानी से अमचूर पाउडर बना सकते हैं।

  • सबसे पहले 2 किलो कच्चे आम लें और उन्हें अच्छी तरह से धोकर छील लीजिए।
  • इसके बाद आमों से बीज निकालकर पतली-पतली फांक में उन्हें काट लें।
  • फिर कटे हुए आमों की फांकों को धूप में 2 से 3 दिन तक सुखाने के लिए रख दीजिए।
  • कीड़ों और बैक्टीरिया से बचाने के लिए उस पर हल्दी पाउडर छिड़क सकते हैं।
  • अच्छी तरह से सूख जाने के बाद आम की कलियों को इकट्ठा कर लें।
  • अब उन्हें एक ग्राइंडर में डालकर पाउडर बना लीजिए।
  • लीजिए आपका अमचूर पाउडर तैयार है।

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अमचूर पाउडर को बनाने की विधि के बाद जानते हैं इसको स्टोर करने के सही तरीके के बारे में।

अमचूर को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

अमचूर का सेवन लंबे समय तक करने के लिए जरूरी है कि इसे सही तरीके से स्टोर किया जाए। इसके लिए आप अमचूर पाउडर को किसी ऐसे जार या डिब्बे में रखें जहां उसमें हवा न लगे। साथ ही उस जार या डिब्बे को खुले स्थान, धूप और नमी से दूर रखें। इससे आप आम के पाउडर का सेवन और इसका इस्तेमाल लंबे समय तक कर सकते हैं।

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अमचूर का उपयोग और अमचूर का सेवन कई प्रकार से किया जा सकता है। यहां हम उन्हीं कुछ तरीकों के बारे में बता रहे हैं।

अमचूर पाउडर का उपयोग – How to Use Amchur (Mango Powder) in Hindi

अमचूर का उपयोग बहुत आसान है, जिन्हें हम कुछ बिंदुओं के माध्यम से जानेंगे।

  • सलाद के साथ एक चुटकी अमचूर का उपयोग इसका स्वाद बढ़ा सकता है।
  • सब्जी में खटास लाने के लिए भी आप एक से दो चुटकी अमचूर का उपयोग कर सकते हैं।
  • दो से तीन चम्मच अमचूर की चटनी बनाकर आप इसे स्नैक्स के साथ भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

मात्रा सामान्य तौर पर दिनभर में करीब एक चम्मच यानी 10 ग्राम अमचूर का सेवन किया जा सकता है। हालांकि, व्यक्ति के स्वास्थ्य के आधार पर इसकी सही मात्रा में बदलाव हो सकता है। इसलिए, सही मात्रा जानने के लिए डाइटीशियन से संपर्क जरूर करें।

और है कुछ खास

ये तो हो गई अमचूर पावडर के लाभ और उपयोग की बात, अब है अमचूर के नुकसान को जानने की बारी।

अमचूर के नुकसान – Side Effects of Amchur in Hindi

अमचूर खाने के नुकसान के बारे में जानने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं पर डालिए एक नजर।

  • अमचूर विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है। इस कारण इसका अधिक सेवन पेट से संबंधित समस्याओं जैसे :- गैस, मतली और डायरिया का कारण बन सकता है (1) (13)।
  • जिन लोगों को किडनी में पथरी की शिकायत है, उन्हें इसके उपयोग से बचना चाहिए, क्योंकि विटामिन-सी की मौजूदगी इस समस्या को बढ़ा सकती है (1) (13)।
  • कुछ लोगों में इसे खाने से एलर्जी की शिकायत हो सकती है।
  • इसकी तासीर ठंडी होने के कारण कभी-कभी अमचूर पाउडर खांसी, जुकाम और गले की खराश की वजह बन सकता है। हालांकि, इससे जुड़े वैज्ञानिक शोध का अभाव है।

इस लेखे से पता चलता है कि अमचूर के फायदे एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 11 हैं। इसलिए, अमचूर का सेवन सही मात्रा में करने से कई समस्याओं से बचा जा सकता है। अगर आप भी इसे अपने नियमित प्रयोग में लाने के बारे में सोच रहे हैं, तो बेहतर होगा कि अमचूर खाने के नुकसान से बचने के लिए पहले लेख में दी गई सभी जानकारियों को अच्छे से पढ़ लें। आशा करते हैं कि इस लेख के माध्यम से आप अपनी स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं को हल कर पाने में सक्षम होंगे।

अकसर पूछे जाने वाले सवाल

अमचूर का स्वाद कैसा होता है?

अमचूर का स्वाद खाने में खट्टा होता है।

क्या अमचूर को गर्भावस्था में खा सकते हैं?

माना जाता है कि क्रेविंग को दूर करने लिए कई गर्भवती महिलाएं कच्चे आम का सेवन करती हैं, हालांकि, स्वास्थ्य की दृष्टि से यह कितना फायदेमंद है, इस पर सटीक वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है। इस आधार पर हम यही सलाह देंगे कि गर्भावस्था में अमचूर का सेवन करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

अमचूर की तासीर कैसी होती है?

अमचूर की तासीर ठंडी होती है।

13 संदर्भ (Sources):

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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