आंवला और उसके जूस के फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Amla (Gooseberry) in Hindi

Medically reviewed by Neelanjana Singh, Nutrition Therapist & Wellness Consultant
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छोटे आकार का साधारण सा फल आंवला औषधीय गुणों की खान है। यही वजह है कि इसे कई शारीरिक समस्याओं के घरेलू उपचार के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है। वहीं, आयुर्वेद में भी कुछ गंभीर समस्याओं से राहत दिलाने के लिए इसे एक औषधि के तौर पर प्रयोग में लाया जाता है। यही कारण है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख के माध्यम से हम आपको आंवला का उपयोग, आंवला के फायदे और आंवला के औषधीय गुण से जुड़े कुछ खास तथ्यों को बारीकी से समझाने जा रहे हैं। लेख में आगे बढ़ने से पहले आपको यह समझना होगा कि कोई भी घरेलू उपचार समस्या से राहत दिलाने में कुछ हद तक मदद कर सकता है, लेकिन उसे उस समस्या का उपचार नहीं कहा जा सकता। बीमारी के पूर्ण उपचार के लिए डॉक्टरी परामर्श अतिआवश्यक है।

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आइए, सबसे पहले हम आंवला के फायदे पर गौर कर लेते हैं, उसके बाद हम आंवला खाने के लाभ के बारे में भी बात करेंगे।

आंवला के फायदे – Benefits of Amla in Hindi

1. वजन घटाने में मददगार

मोटापे की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए आंवला फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के मुताबिक आंवले पर किए गए एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है। चूहों पर किए गए इस शोध में माना गया कि आंवले में एंटीओबेसिटी यानी मोटापे की समस्या से राहत दिलाने वाला गुण पाया जाता है (1)। इस तथ्य के आधार पर यह माना जा सकता है कि आंवला का उपयोग कर मोटापे की समस्या से कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। हालांकि, इसके साथ ही रोगी को नियमित व्यायाम और संतुलित खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना जरूरी है, ताकि इस समस्या में रोगी को सकारात्मक रूप से आंवला के फायदे हासिल हो सकें।

2. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने और हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए भी आंवला को उपयोग में लाना फायदेमंद माना जा सकता है। इस संबंध में इंडियन जर्नल ऑफ फार्मेकोलोजी द्वारा आंवला पर एक शोध किया गया। शोध में पाया गया कि आंवला का सेवन बढ़े हुए लिपिड को कम करने के साथ ही बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को भी कम करने में सहायता कर सकता है। ये दोनों हृदय से संबंधित जोखिम कारक हैं, इसलिए यह कहा जा सकता है कि आंवला के औषधीय गुण हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं (2)। फिलहाल, हृदय स्वास्थ्य पर आंवला के प्रभाव को और गहराई से समझने के लिए अभी इस संबंध में और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

3. डायबिटीज/ब्लड शुगर को करे नियंत्रित

डायबिटीज की समस्या से पीड़ित व्यक्ति भी आंवला का उपयोग कर इस समस्या में राहत पा सकते हैं। यह बात कर्नाटक के फादर म्यूलर मेडिकल कॉलेज की रिसर्च डेवलेपमेंट सेल द्वारा किए गए एक शोध से प्रमाणित होती है। इस शोध में पाया गया कि आंवला में गैलिक एसिड (Gallic Acid), गेलोटेनिन (Gallotanin), एलेजिक एसिड (Ellagic Acid) और कोरिलागिन (Corilagin) नाम के खास तत्व मौजूद होते हैं। ये सभी तत्व एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों के प्रभाव को नष्ट करने वाला) प्रभाव प्रदर्शित करते हैं। वहीं, शोध में यह भी माना गया कि इसी एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव के कारण ही यह तत्व एंटीडायबिटिक प्रभाव भी प्रदर्शित करते हैं, जो बढ़े हुए ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (3)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि डायबिटीज की समस्या में भी आंवला खाने के फायदे कुछ हद तक सहायक साबित हो सकते हैं।

4. कैंसर से करे बचाव

आंवला के औषधीय गुण के कारण कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव और रोकथाम के लिए भी आंवला का सेवन लाभकारी सिद्ध हो सकता है। दरअसल, कर्नाटक के फादर म्यूलर मेडिकल कॉलेज द्वारा आंवला पर की गई एक रिसर्च में पाया गया कि इस फल में कीमोप्रिवेंटिव प्रभाव पाए जाते हैं, जो कैंसर से बचाव में मददगार हो सकते हैं। साथ ही शोध में जिक्र मिलता है कि आंवला में मौजूद कुछ फाइटोकेमिकल्स (गैलिक एसिड, एलेजिक एसिड, पाइरोगॉलोल, नॉर्सेसक्विटरपेनोइड, कोरिलागिन, गेरानिन, इलाओकार्पुसिन और प्रोडेलफिनिडिन बी 1 और बी 2) में एंटीनियोप्लास्टिक (कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने वाला) प्रभाव मौजूद होता है। इन तत्वों की मौजूदगी के कारण ही आंवला का सेवन कैंसर के जोखिमों को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है (4)। हालांकि, कैंसर के खिलाफ आंवला खाने के फायदे कितने प्रभावी हैं, इस संबंध में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

इसके साथ ही इस बात को भी ध्यान में रखना जरूरी है कि कैंसर एक घातक और जानलेवा बीमारी है। इसलिए, इस बीमारी के उपचार के लिए घरेलू उपचार की जगह डॉक्टरी इलाज अतिआवश्यक है।

5. यूरिनरी सिस्टम संबंधित परेशानियों में राहत

यूरिनेशन न होने की समस्या बच्चे, महिला या पुरुष किसी को भी हो सकती हैं, लेकिन सामान्य रूप से यह समस्या बुजुर्ग पुरुषों में अधिक देखने को मिलती है। वजह यह है कि बढ़ती उम्र में बुजुर्ग पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि (वीर्य बनाने वाले ग्रंथि) में सूजन आ जाती है (5)। ऐसे में आवंला का सेवन इस समस्या से राहत पाने का एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक आयुर्वेद में कई ऐसे फल, फूल या जड़ी-बूटियां शामिल हैं, जिनमें डियूरेटिक (मूत्रवर्धक) गुण पाए जाते हैं। इनमें आंवला का नाम भी शामिल है (6)। इसलिए, यह कहा जा सकता है कि आंवला या आमला का जूस के फायदे यूरीनेशन न होने की समस्या में कुछ हद तक मददगार साबित हो सकते हैं।

6. पाचन प्रकिया में सहायक

बिगड़ी पाचन प्रक्रिया को सुधारने में भी आमला का जूस के फायदे कारगर माने जा सकते हैं। दरअसल, कैंसर से संबंधित आंवला पर किए गए एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि इसमें स्टमैकिक ( Stomachic – पाचन सुधार और भूख को बढ़ावा देने वाला) गुण पाया जाता है। वहीं, इस शोध में यह भी माना गया कि आंवला पेट के अल्सर और अपच की समस्या में सुधार करने में भी सहायक है। इसमें पेट में गैस की समस्या से राहत दिलाने की भी क्षमता मौजूद होती है (4)। इन तथ्यों को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि आंवला का उपयोग कर पाचन स्वास्थ्य को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

7. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

आंवला खाने के फायदे में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार भी शामिल है। दरअसल, जर्नल ऑफ फार्माकोग्नॉसी एंड फाइटोकेमिस्ट्री के मुताबिक आंवला में ऊर्जा और प्रतिरोधक क्षमता दोनों को बढ़ाने की क्षमता मौजूद होती है। इसलिए, इसे रोगों से बचाने वाला टॉनिक भी कहा जाता है (7)। वहीं दूसरी ओर, आंवला पर किए गए एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि आंवला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण मुक्त कणों के प्रभाव को कम कर प्रतिरोधक क्षमता में सुधार कर सकते हैं (8)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी आंवला सहायक साबित हो सकता है। हालांकि, प्रतिरोधक क्षमता में सुधार के लिए यह किस तरह शरीर पर काम करता है, इस संबंध में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

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8. हड्डियों को करे मजबूत

विशेषज्ञों के मुताबिक आंवला में एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) गुण पाया जाता है। यह गुण आर्थराइटिस (गठिया) की समस्या में होने वाली जोड़ों की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी भी मौजूद होता है (9)। विटामिन सी हड्डियों की मजबूती के लिए अहम माना जाता है (10)। इस आधार पर हम यह कह सकते हैं कि कहीं न कहीं हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में आंवला सहायक साबित हो सकता है। हालांकि, हड्डियों के विकास और मजबूती के लिए आंवला खाने के फायदे कितने सहायक हैं, इस बात का कोई स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

9. आंखों की रोशनी बढ़ाए

जर्नल ऑफ फार्माकोग्नॉसी एंड फाइटोकेमिस्ट्री के एक शोध में जिक्र मिलता है कि आंवला का सेवन कंजेक्टिवाइटिस और ग्लूकोमा आंखों के विकार में मदद कर सकता है। बता दें कंजेक्टिवाइटिस में आंख के सफेद हिस्से में सूजन और ग्लूकोमा में रोगी की नजर कमजोर होने लगती है। इसके साथ ही आंखों की नसों पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव से राहत पाने में भी आंवला मददगार साबित हो सकता है (7)। इसके लिए आंवला के जूस में शहद मिलाकर दिन में दो बार लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि ,यह स्पष्ट नहीं है कि आंवला में मौजूद वह कौन से तत्व हैं, जो आंखों के लिए फायदेमंद हैं।

10. पित्त की पथरी के लिए

पित्त की पथरी की समस्या में भी आंवला और आंवला जूस पीने के फायदे हासिल किए जा सकते हैं। दरअसल, एशियन पेसिफिक जर्नल ऑफ ट्रॉपिकल डिजीज द्वारा किए गए एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है। शोध में माना गया कि पित्त, गुर्दे और मूत्राशय की पथरी की समस्या में आंवले के बीज का चूर्ण यूरीनेशन में पथरी के कारण होने वाली जलन को कम करने में मदद कर सकता है (11)। फिलहाल, पित्त की पथरी बनने से रोकने में आंवला के गुण प्रभावी है या नहीं, इसका कोई स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

11. लिवर को रखे स्वस्थ

आंवला के गुण लिवर को स्वस्थ बनाए रखने में भी मददगार साबित हो सकते हैं। देखा जाता है कि अनियमित और गलत खान-पान के कारण लिवर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, जिससे लिवर से संबंधित जोखिम की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, शरीर में आयरन की अधिकता के कारण कुछ विषैले पदार्थ भी लिवर पर बुरा प्रभाव प्रदर्शित कर सकते हैं। इसके कारण लिवर में सूजन या क्षति की समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में आंवला में मौजूद हेपटोप्रोटेक्टिव (लिवर की रक्षा) करने वाला गुण इस जोखिमों के प्रभाव को कम करने में सहायता कर सकता है (12)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि आंवला जूस के फायदे में लिवर को सुरक्षित रखना भी शामिल है।

12. सूजन को कम करे

आंवला जूस के फायदे सूजन की समस्या में भी लाभकारी साबित हो सकते हैं। जैसा कि हम लेख में पहले भी बता चुके हैं कि आंवला में एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) गुण पाया जाता है। इस गुण के कारण आंवला का सेवन हड्डियों और मांसपेशियों से संबंधित सूजन की समस्या को दूर करने में कुछ हद तक मदद कर सकता है (9)। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

13. त्वचा को बनाए चमकदार

आंवला रस के फायदे त्वचा के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। दरअसल, आंवला से संबंधित एक शोध के मुताबिक इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो मुक्त कणों के प्रभाव को दूर कर सकते हैं। साथ ही ये त्वचा की रंगत को साफ करने में भी सहायक साबित हो सकते हैं  (13)। इस तथ्य को देखते हुए यह माना जा सकता है कि आंवला जूस पीने के फायदे त्वचा की रंगत को साफ करने और इसे चमकदार बनाए रखने में सहायक साबित हो सकते हैं।

14. बालों के लिए लाभकारी

अन्य स्वास्थ्य लाभों के साथ ही आंवला के गुण बालों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकते हैं। आंवले में मौजूद विटामिन सी कोलाजन प्रोटीन का उत्‍पादन करता है, जो बालों की ग्रोथ के लिए मददगार साबित हो सकता है। यहीं कारण है कि हेयर केयर प्रोडक्ट्स में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। आंवला के गुणों के कारण इसे कई एविडेंस बेस्ड कम्प्लीमेंटरी एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन द्वारा चूहों पर किए गए एक शोध से इस बात का पता चलता है। शोध में माना गया कि आंवला एक बेहतरीन हेयर टॉनिक है, जो बालों के विकास को बढ़ावा दे सकता है।साथ ही यह बालों के प्राकृतिक रंग को भी बनाए रखने में भी मदद कर सकता है (14)। इसलिए, यह माना जा सकता है कि बालों के लिए भी आंवला और इसके रस के फायदे हासिल किए जा सकते हैं।

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आंवला के फायदे के बाद अब हम आंवला का उपयोग कैसे करें? इस संबंध में जानकारी देंगे।

आंवला का उपयोग – How to Use Amla in Hindi

आंवला का उपयोग कैसे करें इस बारे में नीचे दिए गए बिंदुओं के माध्यम से अच्छी तरह समझा जा सकता है।

  • आंवला को जूस, मुरब्बा और चूर्ण के रूप में इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
  • वहीं चाहें तो अन्य फलों के साथ हेयर मास्क बनाने के लिए भी इसे उपयोग में ला सकते हैं।
  • त्वचा पर लगाने के लिए और रंगत में सुधार के लिए इसका फेस मास्क बनाकर भी उपयोग किया जा सकता है।
  • इसका पेस्ट सूजन वाले स्थान पर लगाने के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है।

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आमला जूस बेनिफिट्स के बाद लेख के अगले भाग में हम आंवला का जूस बनाने का तरीका बताएंगे।

आंवला का जूस बनाने की विधि

सामग्री
  • चार आंवले के कटे हुए टुकड़े
  • एक गिलास पानी
  • एक चुटकी काला नमक (स्वाद के लिए)
कैसे इस्तेमाल करें
  • पानी और आंवले के टुकड़े को मिक्सर में डालें और अच्छे से इसे पीस लें।
  • अच्छे से पिस जाने के बाद इसे गिलास में छान लें।
  • अब तैयार जूस में एक चुटकी काला नमक मिलाएं और पी लें।

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आंवला का जूस बनाने का तरीका जानने के बाद, आंवला रस के फायदे हासिल करने के लिए लेख के अगले भाग में हम आंवला खाने का तरीका और सही समय बताएंगे।

आंवला खाने का सही समय और आमला जूस पीने का सही तरीका

जैसा कि हमने लेख में पहले ही बताया कि आंवले का जूस, चटनी, चूर्ण और मुरब्बे के रूप में उपयोग किया जा सकता है। वहीं, अगर हम इसे लेने के सही तरीके और समय की बात करें तो आंवला और आंवला रस के फायदे हासिल करने के लिए निम्न बातों का खास ध्यान रखना होगा।

  • सुबह के समय खाली पेट आंवला जूस पीने के फायदे प्रभावी माने जाते हैं। हालांकि, इससे जुड़ा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
  • चूर्ण को सुबह खाली पेट या रात में सोने से पहले गरम पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है।
  • आंवले का मुरब्बा सुबह खाली पेट गरम पानी के साथ खाना लाभकारी हो सकता है।

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लेख के अगले भाग में हम आंवला की हेल्दी रेसिपी के बारे में बताएंगे।

आंवला की दो सबसे लोकप्रिय हेल्दी रेसिपी

1. आंवले का मुरब्बा 

सामग्री
  • एक किलो कटे हुए आंवले
  • डेढ़ किलो पिसी हुई चीनी
  • एक चम्मच पिसी हुई इलायची
  • एक चम्मच पिसी हुई काली मिर्च
  • एक चम्मच काला नमक
  • आधा चम्मच फिटकरी पाउडर 
कैसे इस्तेमाल करें
  • सबसे पहले आंवलों को धोकर करीब एक दिन पानी में भीगने के लिए छोड़ दें। याद रहे इसमें आधा चम्मच फिटकरी पाउडर भी मिलाना है।
  • अगले दिन आंवलों को पानी से निकालकर धो लें और उनमें सुई से बारीक छेद कर लें।
  • अब एक बड़े बर्तन में पानी भरकर उसे गैस पर गरम होने के लिए चढ़ा दें।
  • जब पानी खौलने लगे तब आंवले गरम पानी वाले बर्तन में डाल दें।
  • पानी में दोबारा उबाल आने पर गैस बंद कर दें और बर्तन को किसी चीज से ढक कर 15 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
  • अब इस बर्तन को उतार लें और एक दूसरा बर्तन लें और उसमें दो गिलास पानी डालकर गैस पर चढ़ा दें।
  • अब इस बर्तन में चीनी डाल दें और उसे पानी में अच्छे से मिक्स करें।
  • चीनी अच्छी तरह पानी में मिल जाने के बाद उसमें उबले हुए आंवले डाल दें और मध्यम आंच पर अच्छे से पकाएं।
  • जब आंवला गर्म होकर अच्छी तरह पाक जाए और चीनी गाढ़ी होने लगे तो इसमें काली मिर्च, काला नमक और इलायची डालकर अच्छे से मिलाएं।
  • अब इसे दो मिनट तक पकाएं और फिर गैस बंद कर दें।
  • अब आंवले का मुरब्बा बनकर तैयार है। इसे ठंडा होने के लिए रख दें और फिर किसी एयर टाइट डिब्बे में बंद करके रख दें।

2. आंवले की चटनी

सामग्री
  • 100 ग्राम हरा धनिया
  • दो आंवले
  • दो हरी मिर्च
  • आधा नींबू
  • एक चौथाई चम्मच नमक
कैसे इस्तेमाल करें
  • सबसे पहले हरा धनिया, आंवला, हरी मिर्च और नमक को एक साथ मिक्सी में डालकर अच्छे से पीस लें।
  • अब तैयार पेस्ट को किसी बर्तन में निकालें और उसमें नींबू का रस डालें और खाने के लिए परोस लें।

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लेख के अगले भाग में अब हम आंवला को कैसे सुरक्षित रखा जाए, इस बारे में जानकारी देंगे।

आंवला को लम्बे समय तक सुरक्षित कैसे रखें

वैसे तो आंवला सर्दी के मौसम में मिलता है और इसके सीजन के दौरान इसे फ्रिज में अन्य सब्जियों की तरह ही करीब पांच से छह दिन तक स्टोर कर सकते हैं। वहीं, अगर इसे लंबे समय के लिए सुरक्षित करना चाहते हैं तो आंवला का मुरब्बा, आंवला कैंडी, आंवला का रस, आंवला का लड्डू, आंवला का चूर्ण, आंवला का अचार और आंवले की चटनी बनाकर स्टोर कर सकते हैं।

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लेख के अगले भाग में अब हम आंवला के नुकसान से जुड़ी जानकारी देंगे।

आंवला के नुकसान – Side Effects of Amla in Hindi

फिलहाल, कोई भी वाजिब आंवला के नुकसान ज्ञात नहीं हैं, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इसकी अधिक मात्रा कुछ नकारात्मक प्रभाव जरूर प्रदर्शित कर सकती है।

  • यह ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक है, इसलिए लो ब्लड प्रेशर से ग्रस्त रोगियों को इसके सेवन से बचना चाहिए (2)।
  • डायबिटीज की दवा लेने वाले लोग इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। कारण यह है कि इसमें एंटीडायबिटिक (ब्लड शुगर को कम करने वाला) गुण पाया जाता है (3)।
  • अगर किसी खाद्य सामग्री से एलर्जी की शिकायत है तो इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।
  • गर्भावस्था के दौरान आंवला का सेवन करने से पूर्व डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

आंवला के फायदे और आंवला के औषधीय गुण जानने के बाद, अब आप यह तो समझ ही चुके होंगे कि इसका किसी भी रूप में सेवन स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार लाभदायक हो सकता है। ऐसे में इसका नियमित इस्तेमाल में लाने का ख्याल आना भी लाजमी है। फिर देर किस बात की, लेख में दिए हर पहलू को एक बार अच्छे से पढ़ें। साथ ही लेख में बताई गई बातों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अमल में लाएं। इसके साथ ही आपको आंवला के नुकसान के विषय पर भी जरूर ध्यान देना चाहिए। उम्मीद करते हैं कि आंवला को अपने दैनिक जीवन में शामिल कर आप इससे होने वाले सभी स्वाभाविक फायदों का लाभ उठा पाएंगे।

Frequently Asked Questions

क्या कच्चे आंवले खाना ज्यादा फायदेमंद है?

विशेषज्ञों की मानें तो कच्चे आंवले के फायदे सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होते हैं। हालांकि, आंवले के मुरब्बे, चूर्ण और पाउडर में भी इसके गुण बरकरार रहते हैं। आप आंवले को किसी भी तरह डाइट में शामिल कर सकते हैं। कच्चे आंवले का सेवन करने से पूर्व एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

क्या गर्भावस्था में आंवला खाना सुरक्षित है?

जी बिलकुल, गर्भावस्था के दौरान आंवला का सेवन सुरक्षित माना जा सकता है। कारण यह है कि महिलाओं में इस दौरान होने वाली विटामिन सी और आयरन की कमी को पूरा करने में आंवला मददगार साबित हो सकता है। वहीं, यह रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में भी सहायक माना जाता है (15)

क्या आंवला और शहद साथ में ले सकते हैं?

जैसा कि लेख में ऊपर बताया जा चुका है कि आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आंवले के जूस में शहद मिलाकर लेने की सलाह दी जाती है। इसलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि आंवला को शहद के साथ उपयोग में लाया जा सकता है (7)। डायबिटीज के पेशेंट्स आंवले को शुगर के साथ लेने से परहेज करें।

आंवले की तासीर कैसी होती है?

आंवले की तासीर ठंडी होती है (7)

क्या खाली पेट आंवला का सेवन किया जा सकता है?

हां, आंवला के जूस को पानी के साथ मिलाकर खाली पेट सेवन किया जा सकता है (16)।

क्या हम अश्वगंधा, ब्राह्मी और आंवला एक साथ खा सकते हैं?

अश्वगंधा, ब्राह्मी और आंवला एक साथ सेवन डॉक्टर की सलाह पर किया जा सकता है, लेकिन इस विषय पर कोई शोध उपलब्ध नहीं है।

Sources

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अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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