आंवला मुरब्बा के फायदे और नुकसान – Amla Murabba Benefits and Side Effects in Hindi

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आंवला प्रकृति के अनमोल उपहारों में से एक है। इसमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। शायद इसी वजह से इसका उपयोग कई प्रकार से किया जाता है। उन्हीं में से एक है आंवला मुरब्बा। इसे आंवले की तरह ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में जानिए शरीर के लिए आंवला मुरब्बा के फायदे और इसके विभिन्न उपयोग के बारे में। साथ ही इस लेख में आंवले के मुरब्बे से जुड़ी अन्य जानकारी भी साझा की गई है। पाठक ध्यान दें कि आंवला का मुरब्बा लेख में शामिल किसी भी स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं है। यह केवल वैकल्पिक रूप से इन समस्याओं के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकता है।

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आर्टिकल में सबसे पहले हम आपको बता रहे हैं कि आंवला मुरब्बा क्या है?

आंवला मुरब्बा क्‍या है? – What is Amla Murabba in Hindi

आंवला मुरब्बा एक प्रकार का जैम होता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले आंवलों को पानी से अच्छी तरह साफ किया जाता है और फिर इसे दो दिन तक फिटकरी के पानी में रखा जाता है। इसके बाद इसे अच्छी तरह धोकर दूसरे बर्तन में डालकर, इसमें पानी और चीनी मिलाकर मध्यम आंच में पकाया जाता जाता है। फिर इसे एक जार में भरकर ठंडा किया जाता है। यही आंवला मुरब्बा कहलाता है। आगे जानिए आंवले के मुरब्बे के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं।

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आंवला मुरब्बा के बारे में जानने के बाद नीचे जानिए इसके स्वास्थ्य लाभ क्या-क्या हो सकते हैं।

आंवला मुरब्बा के फायदे – Benefits of Amla Murabba in Hindi

औषधि के रूप में आंवला मुरब्बा का उपयोग करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें, क्योंकि इस विषय पर कम ही शोध उपलब्ध हैं। हम यहां आंवले के फायदे के आधार पर इसके मुरब्बे के लाभ बताने जा रहे हैं।

1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आंवला मुरब्बा के फायदे

आंवला का मुरब्बा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार हो सकता है। दरअसल, एक शोध में इसके इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण के बारे में पता चला है, जो इम्यून सिस्टम की कार्यप्रणाली को बेहतर करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है (1)। विटामिन सी के फायदे इम्यून सिस्टम को सुरक्षा प्रदान करने का काम कर सकते हैं (2)।

2. पाचन क्षमता के लिए आंवला मुरब्बा के लाभ

पाचन को सुधारने के लिए भी आंवला मुरब्बा के फायदे हो सकते हैं। आंवले को फाइबर युक्त खाद्य सामग्री की श्रेणी में रख जाता है, क्योंकि इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है (1)। फाइबर पेट के लिए जरूरी पोषक तत्व माना जाता है, क्योंकि यह पाचन में सुधार करने के साथ-साथ कब्ज जैसी समस्या से भी आराम दिलाने में मदद करता है (3)। वहीं, इसके उपयोग का जिक्र आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में भी मिलता है। इसका उपयोग पाचन को सुधारने के साथ-साथ लैक्सटिव (पेट साफ करने) के लिए किया जाता है (4)।

3. स्वस्थ हृदय के लिए आंवला मुरब्बा के फायदे

आंवला मुरब्बा हृदय रोग से बचाव में कुछ हद तक मददगार हो सकता है। शोध के अनुसार, आंवले में विटामिन सी और बायोएक्टिव फाइटोकोनस्टिटुएंट्स (Phytoconstituents) मौजूद होते हैं। ये कई प्रकार के रोगों को दूर करने के साथ ही हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव में मददगार हो सकते हैं (5)।

4. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए

कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए भी आंवले का मुरब्बा फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, एक शोध में पाया गया कि मुरब्बा का सेवन रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसका कौन-सा गुण कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदेमंद होता है, यह अभी भी शोध का विषय है (6)।

5. आंखों के लिए आंवला मुरब्बा के लाभ

माना जाता है कि आंवला मुरब्बा आंखों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, एक शोध में पाया गया कि आंवला मुरब्बा आंखों की रोशनी सुधारने में मदद कर सकता है (6)। हालांकि, इसका कौन-सा गुण आंखों के लिए फायदेमंद होता है यह अभी शोध का विषय है।

6. कब्ज की समस्या को दूर करे

कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए आंवला और इससे बने खाद्य मदद कर सकते हैं। एक शोध में पाया गया है कि आंवले में मौजूद लैक्सेटिव गुण कब्ज से आराम दिलाने में मददगार हो सकते हैं (7)। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि आंवले का मुरब्बा, आंवले से ही बनाया जाता है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि आंवले का मुरब्बा कब्ज में कुछ हद तक मददगार हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

7. एसिडिटी को कम करने के लिए आंवला मुरब्बा के लाभ

असंतुलित भोजन, अनियमित दिनचर्या और अपच एसिडिटी का कारण बन सकते हैं। इस परेशानी को कम करने के लिए आंवला और इससे बना मुरब्बा फायदेमंद हो सकता है। एक शोध के अनुसार आंवला और इससे बने खाद्य पदार्थों का सेवन न सिर्फ पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है, बल्कि यह एसिडिटी को भी दूर करने में फायदेमंद हो सकता है (7)। एसिडिटी को आंवले का कौन-सा गुण दूर करता है, यह शोध में स्पष्ट नहीं है।

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आंवला मुरब्बा के फायदे के बाद यहां पर हम इसे उपयोग के तरीके के बारे में बता रहे हैं।

आंवला मुरब्बा का उपयोग – How to Use Amla Murabba in Hindi

सेहत के लिए आंवला मुरब्बा के फायदे जितने कारगर हैं, उतने ही चाव से लोग इसका सेवन भी करते हैं। आंवला मुरब्बा का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है। यहां पर हम आपको इसके कुछ खास उपयोग के बारे में बता रहे हैं।

  • आंवला मुरब्बा को किसी भी समय सीधे खाया जा सकता है।
  • इसका उपयोग नाश्ते में ब्रेड के ऊपर जैम के रूप में कर सकते हैं।
  • रोजाना दूध के साथ आंवले के मुरब्बे का सेवन किया जा सकता है।

मात्रा: आंवला मुरब्बा को रोजाना एक चम्मच तक सेवन कर सकते हैं। हालांकि, इस पर अभी शोध कार्य बाकी है। इसलिए, इसके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेना अच्छा होगा।

यहां हम आपको बता रहे हैं आंवला मुरब्बा को कितने दिनों तक स्टाेर किया जा सकता है।

आंवला मुरब्बा को कितने दिनों तक स्टोर किया जा सकता है?

आंवला मुरब्बा को कमरे के तापमान पर 5 महीने तक स्टाेर करके रखा जा सकता है (1)।

आर्टिकल के सबसे आखिर में हम आपको बता रहे हैं आंवला मुरब्बा खाने के नुकसान के बारे में।

आंवला मुरब्बा के नुकसान – Side Effects of Amla Murabba in Hindi

जैसा कि हम आपको ऊपर बता चुके हैं कि आंवला मुरब्बा पर बहुत कम शोध किए गए हैं। फिर भी इससे होने वाले अनुमानित नुकसान इस प्रकार हैं –

  • आंवला मुरब्बा में शुगर की मात्रा अधिक होती है, इसलिए मधुमेह के मरीजों के लिए इसका सेवन हानिकारक हो सकता है (8)।
  • जिन लोगों को आंवला और उससे बने खाद्यों से एलर्जी की समस्या है, उनके लिए आंवला मुरब्बा नुकसानदायक हो सकता है।

जैसे आंवला सेहत के लिए फायदेमंद होता है, ठीक वैसे ही आंवला मुरब्बा भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है। आर्टिकल के माध्यम से आपने जाना कि आंवला मुरब्बा में मौजूद गुण और पोषक तत्व किस प्रकार से सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। वहीं, बिना जानकारी या अधिक मात्रा में किया गया इसका सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अगर आप इसका सेवन औषधि के रूप में करना चाहते हैं, तो पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा।

8 sources

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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