आंवला तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Amla Oil Benefits and Side Effects in Hindi

by

इस बात से सभी अवगत होंगे कि आंवला को सदियों से सेहत और स्वास्थ्य के लिए एक लाभकारी फल माना जाता रहा है। वहीं, शायद ही कुछ लोग जानते हों कि आंवला ही नहीं बल्कि कुछ मामलों में आंवले का तेल भी उपयोगी माना जाता है। इसी बात से अवगत कराने के उद्देश्य से स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आंवला तेल के फायदे और उपयोग को बताने जा रहे हैं। साथ ही यहां हम आंवले का तेल बनाने का तरीका भी समझाएंगे, ताकि घर में ही इसे तैयार कर इसके फायदे हासिल किए जा सकें। हालांकि, आपको यह ध्यान रखना होगा कि किसी भी समस्या का इलाज डॉक्टरी परामर्श पर ही निर्भर करता है। इसलिए, आंवला तेल लेख में बताई गई समस्याओं में राहत तो पहुंचा सकता है, लेकिन इसे उनका इलाज नहीं कहा जा सकता है।

पढ़ते रहें लेख

तो आइए, बिना देर किए पहले हम आंवला तेल के फायदे जान लेते हैं।

आंवला तेल के फायदे – Benefits of Amla Oil in Hindi

यहां हम आंवला तेल के फायदे क्रमवार बताने जा रहे हैं और साथ ही यहां हम यह भी बताने का प्रयास करेंगे कि यह उन समस्याओं में कैसे काम कर सकता है। वहीं, उससे पहले यह समझ लेना जरूरी है कि आंवला तेल को तैयार करने के लिए ताजा या सूखे आंवले को नारियल के तेल के साथ गर्म किया जाता है (1) (2)। इसलिए, आंवला तेल में आंवला के औषधीय गुण और पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। इन्हीं, औषधीय गुणों के कारण ही आंवला तेल निम्न समस्याओं में फायदेमंद साबित हो सकता है। तो आइए, गहराई से आंवला तेल के फायदे समझने का प्रयास करते हैं।

1. डैंड्रफ हटाए

डैंड्रफ की समस्या से राहत पाने के लिए आंवला तेल एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। वजह यह है कि आंवला के अर्क में एंटीफंगल (फंगस को नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। यह प्रभाव डैंड्रफ पैदा करने वाले मालासेजिया फरफर (Malassezia furfur) फंगस को नष्ट करने में मदद कर सकता है (3)। वहीं, आंवला के अर्क से आंवला तेल का निर्माण होता है। इसलिए, यह प्रभाव आंवला के तेल में भी मौजूद हो सकता है। इसलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि आंवला का तेल उपयोग कर डैंड्रफ से राहत मिल सकती है।

2. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

आंवला का तेल एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों के प्रभाव को नष्ट करने वाला) से भी भरपूर होता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के आंवला के अर्क से संबंधित एक शोध में जिक्र मिलता है कि आंवला में एस्कॉर्बिक एसिड पाया जाता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। आंवला फल का यह प्रभाव आंवला के अर्क में भी मौजूद रहता है (4)। वहीं, एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि खाद्य पदार्थ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव हृदय संबंधी समस्या, डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक साबित हो सकते हैं (5)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि आंवला के अर्क से तैयार होने वाले आंवला तेल के फायदे एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण उपरोक्त समस्याओं में हासिल किए जा सकते हैं।

3. हृदय के लिए उपयोगी

हृदय रोग की समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए भी आंवला तेल उपयोगी साबित हो सकता है। इससे जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि आंवला का अर्क बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम कर हृदय संबंधी जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है (6)। वहीं, एक अन्य शोध में माना गया है कि आंवला का अर्क संपूर्ण लिपिड प्रोफाइल को ठीक करने के साथ ही हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक हो सकता है (7)। इन दोनों तथ्यों को देखते हुए यह माना जा सकता है कि आंवला तेल के फायदे कोलेस्ट्रॉल को कम कर इससे होने वाले हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।

4. बालों को झड़ने से बचाए

अन्य स्वास्थ्य लाभों के साथ ही आंवला के तेल को बालों के लिए भी उपयोगी माना गया है। यही वजह वजह है कि इसे हेयर टॉनिक भी कहा जाता है। इस बात को बालों से संबंधित एक शोध में भी माना गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि आंवला का तेल बालों के विकास को बढ़ावा देकर बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है, जिससे बाल झड़ने की समस्या में राहत मिल सकती है (8)।

जारी रखें पढ़ना

5. प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए

आंवला तेल शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का भी कम कर सकता है। दरअसल, लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज द्वारा किए गए एक शोध में जिक्र मिलता है कि आंवला के अर्क में एंटीऑक्सीडेंट गुण के साथ ही इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाला) प्रभाव पाया जाता है (9)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि आंवला तेल प्रतिरोधक क्षमता में सुधार के लिए भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

6. समय पूर्व बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करे

आंवला तेल बालों के विकास को बढ़ावा देकर टूटते-झड़ते बालों की समस्या को ठीक करने के साथ ही समय पूर्ण बालों की सफेदी या ग्रे हेयर की समस्या को ठीक करने में भी मदद कर सकता है। इस बात का जिक्र बालों से संबंधित एक शोध में मिलता है (8)। वहीं, एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि आंवला का अर्क एंटीरिंकल औ एंटी फोटोएजिंग (सूर्य की हानिकारक किरणों की वजह से होने वाली एजिंग) प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है (10)। ऐसे में आंवला तेल को बढ़ती उम्र के प्रभाव से बचाव के एक घरेलू उपचार के तौर पर इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

7. त्वचा के लिए उपयोगी

बालों के साथ-साथ आंवला तेल को त्वचा के लिए भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। दरअसल, आंवला का अर्क कोलेजन (त्वचा में पाया जाने वाला प्रोटीन का एक प्रकार) को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। चूंकि कोलेजन त्वचा के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है और त्वचा की लोचता बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए, आंवला तेल त्वचा स्वास्थ्य को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकता है (11)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि आंवला तेल त्वचा स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।

8. सूजन को दूर करे

आंवला तेल के फायदे में से एक यह भी है कि यह शरीर से जुड़ी सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। दरअसल, इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इन्फ्लामेशन द्वारा आंवला के अर्क पर किए गए शोध से यह बात साबित होती है। शोध में माना गया कि आंवला के अर्क में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं, जो सूजन को कम करने में कारगर साबित हो सकते हैं (12)। इस आधार पर माना जा सकता है कि हल्की या गंभीर सूजन की स्थिति में आंवला तेल सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है।

9. आंखों के लिए फायदेमंद

आंवला तेल का उपयोग आंखों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, आंवला के अर्क पर आधारित एनसीबीआई के एक शोध से पता चलता है कि आंवले के अर्क में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण मोतियाबिंद के जोखिम को कम करने में कुछ हद तक मददगार हो सकते हैं (13)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि आंवला का तेल आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

आगे पढ़ें लेख

लेख के अगले भाग में अब हम आंवला तेल के पौष्टिक तत्वों से जुड़ी जानकारी हासिल करेंगे।

आंवला तेल के पौष्टिक तत्व – Amla Oil Nutritional Value in Hindi

जैसा कि हम लेख में पहले ही बता चुके हैं कि ताजे या सूखे आंवला फल को नारियल के तेल में गर्म करके आंवला तेल को तैयार किया जाता है। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि ताजे या सूखे आंवले के पौष्टिक तत्व आंवले के तेल में भी मौजूद हो सकते हैं। इसी आधार पर हम नीचे आंवले के तेल के पोषक तत्व बताने जा रहे हैं – (14)

  • ऊर्जा
  • प्रोटीन
  • फैट
  • कार्बोहाइड्रेट
  • फाइबर
  • कैल्शियम
  • आयरन
  • पोटेशियम
  • फैटी एसिड (टोटल सैचुरेटेड)

नीचे स्क्रॉल करें

लेख के अगले भाग में अब हम आंवला तेल का उपयोग कैसे करें, इस बारे में जानेंगे।

आंवला तेल का उपयोग – How to Use Amla Oil in Hindi

निम्न बिंदुओं के माध्यम से हम आंवला तेल का उपयोग करने के बारे में हम आसानी से समझ सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • विशेषज्ञ या डॉक्टरी सलाह पर सामान्य तौर पर आंवले के तेल को करीब एक चम्मच तक सेवन के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है। वहीं, अगर एसेंशियल ऑयल का उपयोग किया जा रहा है, तो इसकी दो से चार बूंद पानी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
  • वहीं, त्वचा पर लगाने के लिए दो से तीन बूंद (आवश्यकतानुसार) तक आंवला तेल को इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • बालों के लिए कोई इसे इस्तेमाल करना चाहता है, तो करीब आधा या एक चम्मच (आवश्यकतानुसार) आंवला तेल इस्तेमाल कर सकता है।

नोट – आंवले के तेल के सेवन से जुड़े सटीक वैज्ञानिक शोध का अभाव है, इसलिए सेवन के लिए इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

पढ़ते रहें लेख

आंवला तेल का उपयोग जानने के बाद अब हम आंवले का तेल बनाने की विधि समझाएंगे।

आंवला तेल बनाने की विधि – How to Make Amla Oil in Hindi

वैसे तो बाजार में खाने और लगाने के लिए अलग-अलग तरीके से तैयार किए गए आंवला तेल उपलब्ध रहते हैं, लेकिन इसे घर में भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। घर में आंवले का तेल बनाने की विधि कुछ इस प्रकार है :

सामग्री :

  • एक चम्मच आंवला चूर्ण या तीन-चार कटे हुए ताजे आंवले (ग्राइंड किए हुए और बीज निकले हुए)
  • एक कप शुद्ध नारियल तेल

बनाने का तरीका :

  • एक पैन में आंवला और नारियल तेल डालकर गैस पर चढ़ा दें।
  • इसे करीब 10 से 15 मिनट तक पकाएं।
  • जब तेल में बुलबुले उठने लगें, तो गैस को बंद कर दें।
  • जब पैन में रखा तेल ठंडा हो जाए, तो इसे छानकर किसी बोतल में भरकर रख लें।
  • इस प्रकार आंवले का तेल घर में बनाया जा सकता है।

आगे पढ़ें लेख

आंवले का तेल बनाने की विधि के बाद अब हम आंवला तेल को सुरक्षित रखने के तरीके के बारे में जानेंगे।

आंवला तेल को लम्बे समय तक सुरक्षित कैसे रखें – How to Store Amla Oil in Hindi

आंवला ऑयल को किसी भी कांच या प्लास्टिक की एयर टाइट बोतल में भरकर घर की किसी ठंडी और अंधेरी जगह पर रखा जा सकता है। इस प्रकार इसे लंबे समय तक सुरक्षित किया जा सकता है।

नीचे स्क्रॉल करें

तैयार आंवला तेल कहां से खरीदा जा सकता है? लेख के अगले भाग में हम इस बारे में जानेंगे।

आंवला तेल कहां से खरीदें?

बालों और त्वचा पर लगाने के उद्देश्य से अगर कोई आंवला तेल लेना चाहता है, तो वह इसे किसी भी ग्रोसरी स्टोर से ले सकता है। वहीं, अगर इसे खाने के लिए इस्तेमाल में लाना है, तो बेहतर होगा कि इसे किसी आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर से ही खरीदा जाए, जिसे खाने के साथ-साथ त्वचा और बालों पर लगाने के लिए भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

पढ़ते रहे लेख

लेख के अगले भाग में अब हम आंवला तेल के नुकसान जानने का प्रयास करेंगे।

आंवला तेल के नुकसान – Side Effects of Amla Oil in Hindi

फिलहाल, आंवले के तेल के नुकसान से जुड़े सटीक वैज्ञानिक शोध का अभाव है। वहीं, जानकारों के मुताबिक कुछ स्थितियों में इसके कुछ दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • आंवला चूर्ण में ब्लड शुगर को कम करने का प्रभाव पाया जाता है (15)। चूंकि आंवला का तेल में आंवला चूर्ण का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए डायबिटीज की दवा लेने वालों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए।
  • आंवला तेल का निर्माण कैरियर ऑयल (जैसे :- नारियल तेल) के साथ किया जाता है। ऐसे में कम गुणवत्ता वाले कैरियर ऑयल के कारण कुछ लोगों को त्वचा संबंधित सूजन या जलन की शिकायत हो सकती है। हालांकि, इससे जुड़ा सटीक वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है।
  • अगर किसी को आंवले से एलर्जी है, तो वो आंवले के तेल का उपयोग न करें। इससे एलर्जी की समस्या हो सकती है।

इस लेख को पढ़ने के बाद अब आंवला तेल के फायदे और नुकसान को लेकर शायद ही कोई संशय रह गया होगा। ऐसे में लेख में बताई गई समस्याओं में से किसी एक से भी कोई जूझ रहा है, तो आंवला तेल को वह एक बेहतर घरेलू उपचार के तौर पर इस्तेमाल में ला सकता है। जरूरत है, तो इसकी खाने और लगाने की संतुलित मात्रा को ध्यान में रखने की, ताकि कोई भी संभावित आंवला तेल के नुकसान देखने को न मिलें। वहीं, लेख में दी गई आंवले का तेल बनाने की विधि की मदद से आप इसे घर में भी बना सकते हैं। उम्मीद है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य ज्ञानवर्धक लेख पढ़ने के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बालों के विकास पर आंवला तेल का प्रभाव कब तक दिखेगा?

लेख में आपको बताया जा चुका है कि यह एक बेहतरीन हेयर टॉनिक है, जो बालों के विकास को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। मगर, इसका असर कितने दिनों में दिखेगा, इस बात का कोई स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है। क्योंकि, प्रत्येक व्यक्ति के बालों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है, इसलिए धीरज से काम लें और इसे नियमित इस्तेमाल में लाएं।

क्या आंवला तेल सफेद बालों को फिर से ठीक कर सकता है?

हां, आंवला तेल समय पूर्व बालों में आने वाली सफेदी की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (8)।

क्या आंवला तेल बालों में अवशोषित हो जाता है?

हालांकि, इस बात का कोई स्पष्ट प्रमाण मौजूद नहीं है, फिर भी लेख में पहले ही बताया जा चुका है कि आंवला तेल बालों के विकास को बढ़ावा दे सकता है। इस आधार पर माना जा सकता है कि यह बालों में अवशोषित हो जाता है।

क्या आंवला तेल बालों को सीधा करने का काम करता है?

हां, आंवला तेल बालों को सुलझाने और सीधा करने में मदद कर सकता है (16)।

क्या आंवला तेल मेलेनिन को बढ़ा सकता है?

बता दें, मेलेनिन एक प्राकृतिक तत्व है, जो बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखने में मदद करता है (17)। वहीं, आपको लेख में पहले ही बताया जा चुका है कि आंवला तेल समय पूर्व बालों की सफेदी को दूर करने में मदद कर सकता है (8)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि आंवला तेल मेलेनिन को बढ़ा सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

कौन-सा आंवला तेल बालों के लिए सबसे अच्छा है?

एक भरोसेमंद ब्रांड के आंवला तेल को बालों के लिए अच्छा माना जा सकता है, जिससे आप भली प्रकार से परिचित हों।

नारियल तेल या आंवला तेल दोनों में से कौन बेहतर है?

आमतौर नारियल तेल सभी को सूट करता है, जबकि आंवला तेल को बालों के लिए एक टॉनिक माना जाता है। वहीं, घरेलू तौर पर आंवला तेल बनाने के लिए आंवला और नारियल तेल का उपयोग किया जाता है। इसलिए, बेहतर होगा कि आंवला और नारियल तेल को मिलाकर इस्तेमाल में लाया जाए।

संदर्भ (Sources) :

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.
Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

ताज़े आलेख

scorecardresearch