अनार व उसके जूस के फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Pomegranate (Anar) in Hindi

Medically reviewed byMadhu Sharma, Registered Dietitian
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मोती जैसे लाल रंग के छोटे और रसदार अनार के दानों को देखते ही मुंह में उसके मीठे स्वाद का एहसास होने लगता है। यह फल सिर्फ स्वाद से भरपूर ही नहीं है, बल्कि कई औषधीय गुणों की खान भी है। इन खूबियों के कारण ही कई गंभीर बीमारियों से बचने के लिए इसे इस्तेमाल में लाने की सलाह दी जाती है। बेशक, अनार व उसके रस का सेवन करने से स्वस्थ रहा जा सकता है, लेकिन इसे किसी भी गंभीर बीमारी का उपचार समझना सही नहीं है। ऐसी अवस्था में डॉक्टर से इलाज करवाना ही बेहतर है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम अनार के औषधीय गुण और अनार के फायदे विस्तार से जानेंगे। आइए, अब सीधा मुद्दे पर आते हैं और अनार से जुड़ी हर-छोटी बड़ी जानकारी हासिल करते हैं।

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आगे लेख में हम अनार के फायदे बताएंगे, लेकिन उससे पहले हम अनार के औषधीय गुण के बारे में जानते हैं।

अनार के औषधीय गुण

अनार के औषधीय गुण में एंटीऑक्सीडेटिव (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला), एंटीएथीरियोजेनिक (धमनियों में वसा के जमाव को रोकने वाला), एंटीहाइपरटेंसिव (ब्लड प्रेशर को कम करने वाला), एंटीइन्फ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाला), एंटीडायबिटिक ( ब्लड शुगर को नियंत्रित करने वाला), एंटीमाइक्रोबियल (सूक्ष्म बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला), एंटीप्लाक (दांतों पर जमा प्लाक को हटाने वाला), एंटीपैरासिटिक (परजीवियों को नष्ट करने वाला), एंटीफंगल (फंगस को खत्म करने वाला), एंटीवायरल (वायरस के प्रभाव को कम करने वाला), एंटीप्रोलीफरेटिव (घातक कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने वाला), एंटीट्यूमर (ट्यूमर को बढ़ने से रोकने वाला) और एंटीकैंसर (कैंसर के प्रभाव को कम करने वाला) शामिल हैं। इन्हीं गुणों के कारण अनार को एक स्वास्थ्यवर्धक फल के रूप में देखा जाता है (1) (2)

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अनार के औषधीय गुण के बाद अब हम अनार के फायदे बताएंगे, ताकि आप जान सकें कि अनार खाने से क्या होता है।

अनार के फायदे – Benefits of Pomegranate in Hindi

अनार खाने के फायदे की बात करें, तो इसमें मौजूद औषधीय गुण इसे सेहत के साथ ही त्वचा और बालों के लिए भी उपयोगी बनाते हैं। हम अनार खाने के फायदे क्रमवार जानने का प्रयास करते हैं और गहराई से समझते हैं कि अनार खाने से क्या होता है। 

1. हृदय स्वास्थ्य को रखे बरकरार

अनार का सेवन हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। एडवांस्ड बायोमेडिकल रिसर्च के एक शोध से यह बात स्पष्ट होती है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की ओर से प्रकाशित शोध के अनुसार, अनार में एंटीहाइपरटेंसिव (ब्लड प्रेशर कम करने वाला) के साथ ही एंटीएथीरियोजेनिक (धमनियों में वसा के जमाव को रोकने वाला) गुण पाया जाता है। इसके अलावा, शोध में यह भी माना गया है कि अनार का उपयोग कर बढ़े हुए कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। वहीं, अनार के फायदे में अनार के बीज का तेल भी शामिल है। यह तेल संपूर्ण लिपिड प्रोफाइल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (1)। इसलिए, अनार के बीज के फायदे में हृदय रोग से बचाना भी शामिल है।

2. डायबिटीज नियंत्रण में मददगार

डायबिटीज यानी बढ़े हुए बल्ड शुगर की समस्या में भी अनार के फायदे उपयोगी साबित हो सकते हैं। वजह यह है कि अनार में एलेजिक, गैलिक व ओलियानोलिक एसिड आदि होता है। इन सभी एसिड की मौजूदगी के कारण अनार एंटीडायबिटिक (ब्लड शुगर कम करने वाला) गुण प्रदर्शित कर सकता है। वहीं, खास यह है कि अनार के जूस में मौजूद शुगर भी ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। अनार की इन सभी खूबियों का जिक्र एनसीबीआई के एक शोध में स्पष्ट रूप से किया गया है (3)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि अनार का सेवन कर डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

3. कैंसर के जोखिम को कम करे

कैंसर से बचाव के लिए भी अनार के गुण सहायक साबित हो सकते हैं। अनार पर किए गए दो अलग-अलग शोध से यह बात काफी हद तक स्पष्ट होती है। एक शोध में जिक्र मिलता है कि अनार में मौजूद पॉलीफिनोल्स के कारण यह फल एंटीकैंसर गुण प्रदर्शित करता है। यह भी माना गया है कि अनार में मौजूद एलेगिटैनिंस और गैलोटैनिंस नामक पॉलीफिनोल्स कैंसर पैदा करने वाले घातक ट्यूमर के विकास को कम कर सकते हैं (4)। वहीं, अनार से संबंधित एक अन्य शोध में पाया गया कि अनार का एंटीकैंसर गुण प्रोस्टेट कैंसर से बचाने में सीधे तौर पर प्रभावी साबित हो सकता है (5)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि अनार का उपयोग कैंसर से बचने में किया जा सकता है। फिर भी यह जरूर ध्यान रखना होगा कि कैंसर एक घातक और जानलेवा बीमारी है। अगर कोई इससे ग्रसत है, तो डॉक्टर से संपूर्ण इलाज करवाना जरूरी है।

4. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

अनार में फाइबर व अन्य जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं, जो अच्छे पाचन तंत्र के लिए जरूरी हैं। अगर अनार का सेवन तय मात्रा में किया जाए, तो कब्ज जैसी समस्या से राहत मिल सकती है। इसके अलावा, अनार में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में आई समस्या को ठीक करने में मदद कर सकते हैं। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट मानव शरीर में पाचन तंत्र का अहम हिस्सा है। साथ ही अनार में एंटी-हेलिकोबैक्टर पाइलोरी प्रभाव पाया जाता है। हेलिकोबैक्टर पाइलोरी एक प्रकार का बैक्टीरिया है, जो पेट में पाया जाता है। यह पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है (6) (7)। इन तमाम वैज्ञानिक प्रमाण के बावजूद पाचन तंत्र के संबंध में अनार के गुण पर और शोध किए जाने की जरूरत है।

5. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

अनार के दानों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल व एंटीवायरल गुण रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर कर सकते हैं। एनसीबीआई ने इस संबंध में एक शोध को प्रकाशित किया है। इस रिसर्च में बताया गया है कि इन्हीं गुणों के कारण अनार के दाने खाने के फायदे विभिन्न तरह के बैक्टीरिया व वायरस से लड़ने में मदद कर सकते हैं (8)। एक अन्य शोध में भी माना गया है कि अनार के बीज का तेल बीटा सेल्स की कार्यक्षमता को बढ़ावा देने का काम कर सकता है, जो प्रतिरोधक क्षमता में सुधार के लिए सहायक है (9) । इसलिए, अनार कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण होने वाली अन्य बीमारियों से बचाने में भी मदद कर सकता है।

6. गर्भावस्था में सहायक

प्रत्येक महिला के लिए गर्भावस्था काल को संवेदनशील माना गया है। इस दौरान, जरा-सी लापरवाही मां और शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान अनार का सेवन करना गर्भवती महिला के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। यह प्लेसेंटा (अपरा) को होने वाली क्षति की आशंका को कम कर सकता है। अनार में एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है, जो गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा (अपरा) की रक्षा कर सकता है (10)। साथ ही अनार में फोलेट भी होता है, जो गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है (11)। इस आधार पर माना जा सकता है कि गर्भावस्था में अनार का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है। गर्भावस्था एक नाजुक पड़ाव है, इसलिए ऐसे वक्त में किसी भी चीज का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

7. मासिक धर्म में स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

कुछ वैज्ञानिक शोध में माना गया है कि जो महिलाएं अनार का सेवन करती हैं, उन्हें मासिक धर्म के दौरान होने वाली विभिन्न परेशानियों जैसे – अधिक रक्त स्त्राव और गर्भाशय का असामान्य आकार आदि से राहत मिल सकती है। साथ ही गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं को भी कुछ हद तक दूर किया जा सकता है (12)

इसके अलावा, अनार फाइबर का मुख्य स्रोत है, जिस कारण यह यीस्ट इंफेक्शन को भी ठीक कर सकता है। यह फंगस को जड़ से खत्म कर अच्छे बैक्टीरिया को पनपने का मौका देता है। वहीं, पीरियड्स के चलते अक्सर महिलाओं को एनीमिया की समस्या हो जाती है। ऐसे में आयरन से भरपूर अनार उन्हें इस परेशानी से उबरने में मदद कर सकता है। आयुर्वेद में भी अनार की इस खूबी का वर्णन किया गया है (13)

8. हड्डियों को मजबूती प्रदान करे

अगर कोई हड्डियों व जोड़ों के दर्द से परेशान हैं, तो आज से अनार का सेवन करना शुरू कर दें। अनार के दानों में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो अर्थराइटिस जैसी बीमारी में फायदेमंद साबित हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक रिसर्च पेपर के आधार पर पुष्टि होती है कि अनार के सेवन से जोड़ों में दर्द और सूजन में कमी आ सकती है। साथ ही गठिया रोग का कारण बनने वाले एंजाइम भी नष्ट हो सकते हैं (14)

9. ब्लड प्रेशर को करे नियंत्रित

जैसा कि पहले भी बताया गया है कि अनार में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। साथ ही इसमें एंटीहाइपरटेंसिव (रक्तचाप को नियंत्रित करने वाला गुण) प्रभाव होता है। इस लिहाज से रक्तचाप को नियंत्रित रखने में अनार फायदेमंद साबित हो सकता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को शरीर से खत्म कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाने में मदद कर सकता है और धमनियों में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आने देता। यही कारण है कि अनार जूस के फायदे देखते हुए डॉक्टर भी बेहतर रक्तचाप के लिए प्रतिदिन एक गिलास अनार का जूस पीने की सलाह देते हैं (15)

10. एंटीइंफ्लेमेटरी गुण से है समृद्ध

अनार में एंटीइंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) गुण मौजूद होता है। यह गुण पेट से संबंधित सूजन को दूर करने में सहायक साबित हो सकता है (7)। वहीं, अनार के इस गुण से संबंधित एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि यह गुण सूजन के कारण होने वाली विभिन्न शारीरिक समस्या को कम कर सकता है (16)। इतना ही नहीं इस गुण के कारण अनार का सेवन अर्थराइटिस (गठिया) के कारण होने वाली जोड़ों की सूजन से राहत दिलाने में भी कारगर साबित हो सकता है (14)

11. वजन घटाने में मददगार

वजन घटाने का प्रयास करने वाले लोगों के लिए भी अनार का फल लाभदायक साबित हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में जिक्र मिलता है कि अनार और उसका अर्क बढ़ते हुए वजन को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकता है (17)। वहीं, अनार की पत्तियों से संबंधित एक शोध में पाया गया कि इसमें भूख को कम करने की क्षमता होती है। इस कारण अनार की पत्तियां अधिक वसा युक्त भोजन के कारण बढ़ते वजन की रोकथाम में मदद कर सकती हैं (18)

12. बैक्टीरिया और फंगस से करे बचाव

बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए भी अनार का इस्तेमाल किया जा सकता है। अनार पर किए गए दो अलग-अलग शोध इस बात की पुष्टि करते हैं। फूड एंड न्यूट्रिशन रिसर्च के मुताबिक, अनार के जूस में एंटीमाइक्रोबियल गुण मौजूद होता है। इस गुण के कारण अनार सूक्ष्म बैक्टीरिया के प्रभाव को कम कर सकता है (19)। वहीं, ब्राजीलियन जर्नल ऑफ माइक्रोबायोलॉजी के मुताबिक, अनार के बीज और इसके छिलके में एंटीफंगल (फंगस को नष्ट करने वाले) गुण मौजूद होते हैं (20)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि अनार के साथ-साथ अनार के छिलके और अनार के बीज के फायदे बैक्टीरिया और फंगस दोनों के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।

13. किडनी स्टोन की समस्या में पहुंचाए राहत

किडनी स्टोन से पीड़ित व्यक्ति भी अनार का सेवन कर कुछ हद तक राहत पा सकते हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मोलीक्यूलर साइंसेज के एक शोध से यह बात स्पष्ट होती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध शोध में जिक्र मिलता है कि अनार में एंटी-हाइपरकैल्सीयूरिया (कैल्शियम नियंत्रित करना) और एंटी-यूरोलिथियासिस (स्टोन बनने की प्रक्रिया को रोकने वाला) प्रभाव पाया जाता है (21)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि किडनी में स्टोन की समस्या में अनार का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है। बेशक, यहां हमने वैज्ञानिक प्रमाण सहित बताया है कि अनार किडनी समस्या में लाभदायक है, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह पर इसका सेवन करना सही नहीं है।

14. फैटी लिवर की समस्या में पहुंचाए आराम

चूहों पर किए गए एनसीबीआई के दो अलग-अलग शोध में माना गया है कि अनार के सेवन से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन में कमी आ सकती है। परिणामस्वरूप लिवर में जमा हुए अतिरिक्त फैट को कम करने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रतिदिन अनार के सेवन से अल्कोहल का सेवन न करने वालों में फैटी लिवर की समस्या कम हो सकती है (22)। साथ ही पीलिया होने पर भी अनार लिवर की कार्यप्रणाली को बेहतर करने में मदद कर सकता है (23)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि अनार कुछ हद तक फैटी लिवर की समस्या में राहत पहुंचा सकता है।

फिर भी इंसानों पर इसके प्रभाव को जानने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है। इसलिए, लिवर की समस्या में अनार का सेवन डॉक्टर से पूछकर ही करें।

15. यौन क्षमता में सुधार

इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों से संबंधित एक समस्या है। इसमें नसों में ढीलेपन के कारण पुरुष की यौन क्षमता प्रभावित होती है। इस समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए भी अनार का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है। चूहों पर किए गए एक शोध से स्पष्ट होता है कि अनार के जूस में एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होता है, जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन से कुछ राहत दिला सकता है। इस बात का उल्लेख एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध रिसर्च पेपर में किया गया है (24)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि अनार जूस के फायदे की लिस्ट में यौन क्षमता में सुधार भी शामिल है।

16. अल्जाइमर्स में सहायक

अल्जाइमर्स एक तंत्रिका संबंधी विकार है, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण पैदा होता है। यह बीमारी खासकर बुजुर्गों को प्रभावित करती है। इस समस्या में बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों की याददाश्त कम होने लगती है। इस समस्या से पीड़ित व्यक्तियों में अनार के जूस के सेवन से सुधार देखने को मिल सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध शोध के मुताबिक, अनार के जूस में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इस कारण अनार जूस के फायदे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम कर अल्जाइमर के जोखिम को कम करने में कारगर साबित हो सकते हैं। वहीं, अनार में इसी एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव भी पाया जाता है। यह प्रभाव तंत्रिका तंत्र की बिगड़ी कार्यशैली में सुधार कर व्यक्ति की याददाश्त को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है (25)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि अनार का इस्तेमाल कर इस समस्या में कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है।

17. त्वचा के लिए उपयोगी

कई स्वास्थ्य लाभों के साथ ही अनार का उपयोग त्वचा के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है। अनार से संबंधित एक शोध में यह माना गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि अनार का सेवन कर त्वचा से संबंधित सूजन, त्वचा पर बढ़ती उम्र का प्रभाव और बैक्टीरियल इन्फेक्शन को दूर करने में सहायक है। वहीं, चाहे तो इसे त्वचा पर बेहतर प्रभाव के लिए लगाने के लिए भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है (26)

18. बालों के लिए अनार

बालों के लिए अनार खाने के लाभ की बात करें, तो फिलहाल वैज्ञानिक रूप से इसके कोई स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है। फिर भी अनार पर किए गए कुछ शोध इस बात का इशारा देते हैं कि अनार का उपयोग बालों पर आने वाले तनाव को कम कर सकता है (27)। यह एनीमिया के कारण होने वाली बाल झड़ने की समस्या में सुधार कर सकता है (28)। साथ ही यह भी माना गया है कि अनार में मौजूद पॉलीफिनोल्स और टैनिन के कारण यह एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर सकता है। अनार का यह गुण प्राकृतिक या डाई किए गए बालों के रंग को सूरज की यूवीए (अल्ट्रावायलेट-ए) किरणों से बचा सकता है (29)। इस आधार पर इसे कुछ मामलों में बालों के लिए उपयोगी भी माना जा सकता है।

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लेख के अगले भाग में अब हम आपको अनार में पोषक तत्व कौन-कौन से होते हैं, इस बारे में बताएंगे।

अनार के पौष्टिक तत्व – Pomegranate Nutritional Value in Hindi

नीचे दिए गए चार्ट के माध्यम से आप अनार में पोषक तत्व कौन-कौन से होते हैं, इस बारे में विस्तार से जान सकते हैं (30)

पोषक तत्वयूनिटमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानीg77.93
एनर्जीKcal83
प्रोटीनg1.67
टोटल लिपिड (फैट)g1.17
कार्बोहाइड्रेटg18.7
फाइबर (टोटल डाइटरी)g4
शुगरg13.67
मिनरल
कैल्शियमmg10
आयरनmg0.3
मैग्नीशियमmg12
फास्फोरसmg36
पोटैशियमmg236
सोडियमmg3
जिंकmg0.35
कॉपरmg0.158
मैगनीजmg0.119
सेलेनियमµg0.5
विटामिन
विटामिन सीmg10.2
थियामिनmg0.067
राइबोफ्लेविनmg0.053
नियासिनmg0.293
विटामिन बी-6mg0.075
फोलेट (डीएफई)µg38
विटामिन ए (आईयू)IU00
विटामिन ईmg0.6
विटामिन केµg16.4
लिपिड
फैटी एसिड (सैचुरेटेड)g0.12
फैटी एसिड (मोनोअनसैचुरेटेड)g0.093
फैटी एसिड (पॉलीसैचुरेटेड)g0.079

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लेख के अगले भाग में अब हम आपको अनार के उपयोग के बारे में जानकारी देंगे।

अनार का उपयोग – How to Use Pomegranate in Hindi

यह आप पर निर्भर करता है कि आपको अनार का सेवन करना किस प्रकार से अच्छा लगता है। यहां हम अनार का सेवन करने के कुछ आम तरीके बता रहे हैं :

  • आप अनार का जूस निकालकर इसे पी सकते हैं।
  • फलों के सलाद में अनार के दानों को मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।
  • अगर आप घर में कस्टर्ड, केक या आइस्क्रीम बनाते हैं, तो उसमें अनार के दाने डाल सकते हैं। इससे व्यंजन का स्वाद और बढ़ जाएगा।
  • ऐसा माना जाता है कि अनार का सेवन सुबह करना चाहिए। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।

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लेख के अगले भाग में अब हम आपको अनार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के तरीके बताएंगे।

अनार को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

निम्न बिन्दुओं के माध्यम से आप अनार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के बारे में जान सकते हैं।

  • अनार को सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका है कि पूरे फल को फ्रिज में रख दिया जाए। इस तरह इसे कुछ हफ्तों के लिए सुरक्षित किया जा सकता है।
  • छिले हुए अनार के दानों को एयरटाइट बर्तन में स्टोर करके फ्रिज में कुछ दिनों तक रखा जा सकता है।

अभी बाकी है जानकारी

लेख के अगले भाग में अब हम आपको अनार का जूस कैसे बनाएं इस बारे में बताएंगे।

अनार का जूस बनाने की विधि

सामग्री :

  • एक कप अनार के दाने
  • आधा कप पानी (वैकल्पिक)
  • एक चुटकी काला नमक (स्वाद के लिए)

बनाने का तरीका

  • अनार को काटकर उसके दाने एक बर्तन में इकट्ठा कर लें।
  • अब अनार के दानों को ब्लेंडर में डालकर कुछ देर चलाएं और जूस तैयार कर लें।
  • आप चाहें तो इसमें पानी भी मिक्स कर सकते हैं।
  • अब छन्नी की सहायता से जूस को फिल्टर कर गिलास में निकाल लें।
  • फिर इसमें स्वाद के लिए एक चुटकी नमक मिलाएं और सेवन करें।

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अनार का जूस कैसे बनाएं यह जानने के बाद अब हम आपको अनार के नुकसान से जुड़ी जानकारी देंगे।

अनार के नुकसान – Side Effects of Pomegranate in Hindi

कुछ विशेष स्थितियों में या अधिक सेवन से अनार के नुकसान भी देखने को मिल सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • अनार में ब्लड शुगर को कम करने का गुण होता है (3)। इसलिए, डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों को अनार का जूस पीने में सावधानी बरतनी चाहिए। दवा के साथ इसका सेवन करने से लो ब्लड शुगर की समस्या हो सकती है।
  • लो ब्लड प्रेशर की शिकायत वाले या ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोगों को इसके सेवन में सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि ब्लड प्रेशर कम करने के गुण के कारण इसका अधिक सेवन लो ब्लड प्रेशर की समस्या पैदा कर सकता है (15)
  • अनार खाने के नुकसान में एलर्जी भी शामिल है। इसलिए, कुछ विशेष खाद्य पदार्थों से एलर्जी की शिकायत वाले लोगों को अनार के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए (31)

अनार खाने के फायदे और उपयोग संबंधी इतनी सारी बातें जानने के बाद आप यह तो समझ ही गए होंगे कि एक अनार कितने काम का साबित हो सकता है। फिर देर किस बात की आज से ही इसे अपने इस्तेमाल में लाएं और स्वस्थ जीवन का लाभ उठाएं। साथ ही आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि यह लेख में बताई जाने वाली समस्याओं में अनार राहत तो पहुंचा सकता है, लेकिन संपूर्ण उपचार साबित नहीं हो सकता। किसी भी बीमारी का पूर्ण इलाज केवल डॉक्टरी सलाह पर ही निर्भर करता है। वहीं, अनार को उपयोग में लाने से पहले अनार खाने के फायदे और नुकसान दोनों पर बराबर से ध्यान दिए जाने की जरूरत है। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अनार के बीज कब्ज पैदा कर सकते हैं?

हालांकि, अनार का सेवन कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है, जिस बारे में लेख में ऊपर विस्तार से बताया गया है। वहीं, अनार के बीज की बात करें, तो इन्हें पचाना मुश्किल होता है, जिस कारण कब्ज की समस्या हो सकती है (32)। फिलहाल, इस संबंध में और शोध की जरूरत है।

प्रतिदिन कितने अनार का सेवन किया जा सकता है?

पोमेग्रेनेट यानी आनार की ली जाने वाली संतुलित मात्रा का फिलहाल कोई प्रमाण नहीं है। फिर भी सामान्य रूप से प्रतिदिन माध्यम आकार के एक से दो अनार का सेवन किया जा सकता है।

अनार का जूस पीने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

सुबह के समय अनार जूस के फायदे अधिक नजर आतो हैं, क्योंकि इस वक्त पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है और अनार में मौजूद पोषक तत्वों को आसानी से अवशोषित कर सकता है।

क्या खाली पेट अनार के जूस का सेवन किया जा सकता है?

जी हां, अनार का जूस खाली पेट पीने के फायदे अधिक प्रभावी हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले एक गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है।

क्या अनार और दूध साथ में ले सकते हैं?

अनार और दूध के मेल से तैयार शेक या स्मूदी कई लोगों को लुभाती हैं। इस कारण यह कह सकते हैं कि अनार के साथ दूध लिया जा सकता है, लेकिन अनार के सेवन के बाद दूध न लेने की सलाह दी जाती है।

क्या अनार के बीज खाने चाहिए या नहीं?

अनार को हमेशा इसके बीज के साथ ही खाया जाता है। इसलिए, यह स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद है। एक शोध में भी माना गया है कि अनार फल के साथ ही इसके बीजों और छिकले के अर्क का सेवन कैंसर जैसी घातक बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है (5)। हां, कुछ परिस्थितियों में अनार के बीज से नुकसान हो सकते हैं, जिसके बारे में हमने ऊपर बताया है।

अनारदाना क्या होता है?

पोमेग्रेनेट यानी अनार ऐसा फल है, जिसके छिलके को हटाने के बाद कई छोटे-छोटे लाल रंग के दानों का समूह नजर आता है। इन दानों को सुखाकर इसके पाउडर में चीनी और काला नामक के साथ कुछ अन्य सामग्रियों को मिलाकर अनारदाना बनाया जाता है।

अनार की तासीर कैसी होती है?

अनार की तासीर ठंडी होती है।

अनार का वैज्ञानिक नाम क्या है?

अनार का वैज्ञानिक नाम प्यूनिका ग्रेनैटियम (Punica granatum) है।

क्या सुबह खाली पेट अनार खाना ज्यादा फायदेमंद है?

जूस की तरह ही एक गिलास पानी पीने के बाद अनार का सेवन भी किया जा सकता है।

अनार में कौन सा विटामिन पाया जाता है?

पोमेग्रेनेट में विटामिन-सी के साथ ही थियामिन, राइबोफ्लेविन और नियासिन जैसे कई विटामिन पाए जाते हैं। इसके अन्य पोषक तत्वों के बारे में हमने ऊपर टेबल के जरिए विस्तार से बताया है (30)

32 संदर्भ (Source):

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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