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एनीमिया (खून की कमी) के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Anemia Symptoms and Home Remedies in Hindi

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एनीमिया (खून की कमी) के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Anemia Symptoms and Home Remedies in Hindi Hyderabd040-395603080 December 16, 2019

नींद न आना, सिर चकराना और बार-बार थकावट महसूस होना एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं। यह एक घातक बीमारी है, जो शरीर में खून की कमी के कारण होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में लगभग 1.62 मिलियन लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं (1)। यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है, लेकिन इसके ज्यादा मामले महिलाओं में देखे गए हैं। इस लेख में हम एनीमिया होने के कारण, एनीमिया के उपचार, एनीमिया रोग के लक्षण व कुछ घरेलू उपाय बताएंगे। ये घरेलू उपचार एनीमिया को होने से रोकने में मदद कर सकते हैं। साथ ही अगर किसी को एनीमिया है, तो उसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। हां, अगर किसी की समस्या गंभीर है, तो डॉक्टर से उपचार करना जरूरी है।

आइए, लेख की शुरुआत यह जानने से करते हैं कि एनीमिया क्या है।

एनीमिया (खून की कमी) क्या है – What is Anemia in Hindi

एनीमिया एक चिकित्सकीय स्थिति है, जिसमें हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से नीचे चला जाता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद आयरन युक्त प्रोटीन है, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाने का काम करता है। हीमोग्लोबिन की कमी का मुख्य कारण शरीर में आयरन की कमी का होना है (2)।

एनीमिया क्या है, यह जानने के बाद नीचे जानिए एनीमिया के प्रकार।

एनीमिया के प्रकार – Types of Anemia in Hindi

एनीमिया कई रूपों में आपको प्रभावित कर सकता है, जो इस प्रकार है :

  1. आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया : आयरन की कमी वाला एनीमिया, एनीमिया का सबसे आम प्रकार है। शरीर में हीमोग्लोबिन का उत्पादन करने के लिए आयरन की आवश्यकता होती है। आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया में पीड़ित को थकान, सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द हो सकता है (3)।
  2. अप्लास्टिक एनीमिया : इस प्रकार का एनीमिया तब होता है, जब अस्थि मज्जा यानी बोन मैरो (हड्डियों के अंदर भरा हुआ एक मुलायम टिशू) में मौजूद स्टेम सेल्स (Stem cells) टूट जाते हैं। स्टेम सेल्स क्षतिग्रस्त होने से लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स का उत्पादन कम होता है (4)।
  3. सिकल सेल एनीमिया : सिकल सेल एनीमिया, एक गंभीर रक्त विकार है। एनीमिया के इस प्रकार में लाल रक्त कोशिकाएं सख्त और दरांती के आकार की हो जाती हैं (5)।
  4. हीमोलिटिक एनीमिया : इस प्रकार का एनीमिया तब होता है, जब लाल रक्त कोशिकाएं अपने सामान्य जीवनकाल के समाप्त होने से पहले ही नष्ट हो जाती हैं (6)।
  5. विटामिन-बी12 की कमी से एनीमिया : आयरन की तरह, हीमोग्लोबिन के उचित और पर्याप्त उत्पादन के लिए भी विटामिन-बी12 की आवश्यकता होती है। अधिकांश पशु उत्पाद विटामिन-बी12 से समृद्ध होते हैं, लेकिन अगर आप शाकाहारी हैं, तो आपको विटामिन-बी12 की कमी हो सकती है। इससे शरीर में हीमोग्लोबिन का उत्पादन बाधित हो सकता है और परिणामस्वरूप एनीमिया हो सकता है (7)।
  6. थैलेसीमिया : थैलेसीमिया आनुवंशिक विकार है, जिसमें शरीर में पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण नहीं हो पाता है (8)।
  7. फैंकोनी एनीमिया : फैंकोनी एनीमिया एक अन्य आनुवंशिक रक्त विकार है, जो बोन मैरो को कमजोर बना देता है। फैंकोनी एनीमिया, अस्थि मज्जा को पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करने से रोकता है (9)।
  8. रक्त की कमी से एनीमिया : मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव या फिर चोट, सर्जरी, कैंसर व पाचन तंत्र की गड़बड़ी के चलते रक्तस्राव होने से शरीर में रक्त की कमी हो जाती है और एनीमिया हो सकता है (10)।

एनीमिया क्या है और इसके प्रकारों को जानने के बाद आगे जानिए एनीमिया होने के कारण।

एनीमिया होने के कारण – Causes of Anemia in Hindi

शरीर में खून की कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ ये हैं (11):

  • आयरन की कमी
  • विटामिन बी-12 की कमी
  • फोलेट की कमी
  • कुछ दवाओं का दुष्प्रभाव
  • समय से पहले लाल रक्त कोशिकाओं का नष्ट होना
  • क्रोनिक रोग जैसे किडनी रोग व कैंसर
  • थैलेसीमिया या सिकल सेल एनीमिया जैसे आनुवंशिक रोग
  • गर्भावस्था
  • बोन मैरो का नष्ट या बाधित होना
  • धीमी गति से रक्त रक्तस्राव (मासिक धर्म या पेट के अल्सर से)
  • अचानक रक्त की भारी कमी

एनीमिया के कारण के बाद नीचे जानते हैं एनीमिया रोग के लक्षण।

एनीमिया के लक्षण – Symptoms of Anemia in Hindi

अगर एनीमिया हल्का या धीरे-धीरे विकसित हो रहा है, तो इसके लक्षणों की पहचान करना मुश्किल है। एनीमिया के लक्षण में निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है (11) –

  • जल्द थकान महसूस होना
  • सिर दर्द
  • ध्यान केंद्रित करने या सोचने में समस्या
  • चिड़चिड़ापन
  • भूख में कमी
  • हाथों और पैरों में झुनझुनी

एनीमिया के गंभीर रूप को इन लक्षणों से पहचाना जा सकता है :

  • आंखों के सफेद भाग में नीला रंग दिखना
  • नाखूनों का नाजुक होना
  • बर्फ या अन्य गैर-खाद्य (non-food) चीज खाने की इच्छा
  • चक्कर आना
  • त्वचा का पीला होना
  • शारीरिक गतिविधि के साथ या आराम करने पर भी सांस की तकलीफ
  • जीभ में सूजन
  • मुंह में छाले
  • असामान्य या बढ़ा हुआ मासिक धर्म रक्तस्राव
  • पुरुषों में यौन इच्छा में कमी

खून की कमी के लक्षण जानने के बाद नीचे पढ़िए एनीमिया से बचने के उपाय रक्ताल्पता।

एनीमिया (खून की कमी) के लिए घरेलू इलाज – Home Remedies for Anemia in Hindi

एनीमिया के उपचार में दवाइयों का सेवन शामिल है, लेकिन आप इससे बचने के लिए घरेलू तरीकों को आजमा सकते हैं। साथ ही अगर किसी को एनीमिया हो गया है, तो इन घरेलू नुस्खों की मदद से एनीमिया रोग के लक्षणों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

1. चुकंदर

सामग्री :

  • एक या दो चुकंदर
  • आधा नींबू

कैसे करें इस्तेमाल :

  • चुकंदर को धोएं और छिलकर काट लें।
  • अब मिक्सर का इस्तेमाल करके चुकंदर को ब्लेंड कर लें।
  • एक गिलास में मिश्रण डालें और आधे नींबू को इसमें निचोड़ें।
  • मिश्रण को चम्मच से अच्छी तरह मिलाएं और पिएं।

कब करें :

वर्कआउट करने से एक घंटे पहले या नाश्ते के समय इसका सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

चुकंदर को आयरन व फोलेट का अच्छा स्रोत माना गया है (12)। शरीर में हीमोग्लोबिन के उत्पादन के लिए आयरन एक महत्वपूर्ण तत्व है (3)। आयरन की पूर्ति के लिए चकुंदर का यह उपाय नियमित रूप से किया जा सकता है (13)। एनीमिया का एक कारण शरीर में फोलेट की कमी भी है, इसलिए इसकी पूर्ति चुकंदर के माध्यम से की जा सकती है। फोलेट एक प्रकार का विटामिन-बी है, जिसे फोलिक एसिड भी कहा जाता है। शरीर में फोलेट एसिड की पूर्ति होने से भी एनीमिया से बचा जा सकता है (14)। खून की कमी के उपाय के रूप में चुंकदर का सेवन किया जा सकता है।

2. हरी सब्जियां

सामग्री :

  • एक चौथाई कप कटा हुआ केल या पालक
  • एक बड़ा चम्मच शहद
  • आधा नींबू
  • एक चुटकी नमक

बनाने की प्रक्रिया :

  • एक ब्लेंडर में कटी हुई सब्जी, शहद, नमक व नींबू के रस को डालें और ब्लेंड करें।
  • इस मिश्रण को गिलास में डालें और पी लें।

कब करें :

कसरत से एक घंटे पहले या नाश्ते के समय इसका सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

एनीमिया रोग को होने से रोकने के लिए हरी सब्जियों का सहारा लिया जा सकता है। शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ाने के लिए केल और पालक जैसी पत्तेदार हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। केल और पालक आयरन के अच्छे स्रोत हैं (15), (16), जो एनीमिया से बचाने या फिर उसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

3. खजूर और किशमिश

सामग्री :

  • तीन-चार खजूर
  • 10 किशमिश

कैसे करें इस्तेमाल :

रोजाना नाश्ते में खजूर और किशमिश का सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

शरीर में खून की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए खजूर और किशमिश खाना शुरू कर सकते हैं। खजूर और किशमिश आयरन के अच्छे स्रोत हैं। ये शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं (17), (18)। इसके अलावा, ये विटामिन-सी से भी समृद्ध होते हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलती है (19), (18), (20)।

[ पढ़े: खजूर के 23 फायदे, उपयोग और नुकसान ]

4. अंजीर

सामग्री :

  • दो-चार पके अंजीर
  • एक कप पानी

कैसे करें इस्तेमाल :

  • अंजीर को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रखें।
  • अगली सुबह इसे नाश्ते में खाएं।

कैसे है लाभदायक :

अंजीर आयरन और फोलेट का अच्छा स्रोत है (21)। एनीमिया में आयरन और फोलेट की जरूरत होती है। ये दोनों महत्वपूर्ण पोषक तत्व माने गए हैं। घर में एनीमिया का इलाज करने के लिए अंजीर का सेवन बताए गए तरीके से किया जा सकता है।

सावधानी : अगर कोई महिला गर्भवती हैं, तो अंजीर का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।

5. केला

सामग्री :

  • एक मध्यम आकार का पका हुआ केला
  • एक चम्मच शहद

कैसे करें इस्तेमाल :

  • केले को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • कटे हुए केले को कटोरे में डालें और ऊपर से शहद मिला दें।

कब करें :

नाश्ते में केले का सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

एनीमिया होने का सबसे बड़ा कारण शरीर में आयरन और फोलेट की कमी का होना है और केला इन दोनों तत्वों से समृद्ध होता है। आयरन-फोलेट की पूर्ति के लिए केले का नियमित सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, केला पोटैशियम और विटामिन से समृद्ध होता है, जो शरीर को पोषित करने का काम करेंगे (22)।

6. अनार

सामग्री :

  • एक अनार

कैसे करें इस्तेमाल :

  • आप अनार के दानों का सीधा सेवन कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, अनार का रस निकालकर उसका सेवन कर सकते हैं।

कब करें :

सुबह नाश्ते में आप अनार का सेवन कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

एनीमिया के उपचार के लिए अनार को विकल्प के रूप में चुना जा सकता है। अनार आयरन और विटामिन-सी से समृद्ध होता है (23), (24)। आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करेगा और विटामिन-सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने का काम करेगा।

7. काले तिल

सामग्री :

  • एक-दो चम्मच काले तिल
  • एक चौथाई कप पानी
  • एक चम्मच शहद

कैसे करें इस्तेमाल :

  • काले तिल को दो-तीन घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें।
  • फिर पानी को छान लें और तिल को पीस कर गाढ़ा पेस्ट बना लें।
  • इसके बाद तिल के पेस्ट में शहद मिलाएं और सेवन करें।

कब करें :

रोजाना नाश्ते के बाद इसका सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

काले तिल के बीज फोलेट और आयरन से भरपूर होते हैं (25)। ये पोषक तत्व लाल रक्त कोशिकाओं के विकास में सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। शरीर में इनकी कमी एनीमिया को जन्म देती है (26), (13)। शरीर में रक्त कमी से बचने के लिए नियमित रूप से तिल का उपयोग किया जा सकता है।

8 . सहजन के पत्ते

सामग्री :

  • 10-15 सहजन के पत्ते
  • एक चम्मच शहद
  • एक चम्मच पानी

कैसे करें इस्तेमाल :

  • पत्तियों को काट लें और एक चम्मच पानी का उपयोग कर ब्लेंड कर लें।
  • अब साफ सूती कपड़े की मदद से ब्लेंड किए हुए सहजन से रस निकाल लें।
  • रस में शहद मिलाएं और पी लें।

कब करें :

इसका सेवन नाश्ते के साथ करें।

कैसे है लाभदायक :

सहजन के पत्ते आयरन और फोलेट जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होते है (27), जो एनीमिया से निजात पाने के सबसे जरूरी तत्व माने गए हैं। एनीमिया के उपचार के रूप में इस उपाय को अपनाया जा सकता है। फिलहाल, इस संबंध में और वैज्ञानिक शोध किए जाने की जरूरत है।

9. प्रोबायोटिक्स

सामग्री :

  • आधा कप दही
  • एक कप पानी
  • दो बड़े चम्मच नींबू का रस
  • थोड़ा कटा हरा धनिया
  • चुटकी भर नमक
  • एक चुटकी जीरा पाउडर

कैसे करें इस्तेमाल :

  • ब्लेंडर का उपयोग करके दही को फेंट लें।
  • अब इसमें पानी, नमक, नींबू का रस, धनिया और जीरा पाउडर डालें।
  • फिर इसे अच्छी तरह से ब्लेंड करें और पिएं।

कब करें :

दोपहर और रात के भोजन के बाद इसका सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

एनीमिया से बचने के लिए दही को विकल्प के तौर पर चुना जा सकता है। दही में विटामिन-बी12, फोलेट और आयरन जैसे प्रोबायोटिक्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं (28)। ये एनीमिया के लिए सबसे जरूरी तत्व हैं, जिनकी कमी से एनीमिया हो सकता है। विटामिन-बी12, फोलेट और आयरन हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार लाकर पीड़ित को आराम पहुंचाने में मदद करते हैं।

10. कॉपर

सामग्री :

  • तांबे की पानी की बोतल
  • पानी

कैसे करें इस्तेमाल :

  • तांबे की बोतल में पानी को स्टोर करें और इस पानी को दिनभर पिएं।
  • जब भी पानी भरें, बोतल को अच्छी तरह साफ जरूर कर लें।

कैसे है लाभदायक :

खून की कमी का इलाज करने में कॉपर भी कुछ हद तक सहायक हो सकता है। कॉपर एक खास पोषक तत्व है, जिसकी कमी से एनीमिया हो सकता है (29)। शरीर में इसकी मात्रा बनाए रखने के लिए यहां ऊपर बताए गए उपाय का पालन किया जा सकता है।

11. गुड़रस

सामग्री :

  • एक बड़ा चम्मच गुड़रस
  • एक कप गर्म पानी या दूध

कैसे करें इस्तेमाल :

एक कप गर्म पानी या दूध में गुड़रस को अच्छी तरह मिलाएं और पिएं।

कब करें :

रात में सोने से लगभग दो घंटे पहले इस उपाय को करें।

कैसे है लाभदायक :

गुड़रस को गन्ने के रस से बनाया जाता है, जो आयरन और कॉपर जैसे जरूरी पोषक तत्वों से समृद्ध होता है (30)। एनीमिया के मरीज के लिए आयरन की पूर्ति सबसे पहली प्राथमिकता होती है। आयरन की कमी से ही एनीमिया होता है। लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में आयरन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है (31)।

12. विटामिन-सी

सामग्री :

  • आधा चकोतरा
  • एक छिला हुआ कीवी
  • आधा सेब
  • एक चम्मच शहद
  • चम्मच का एक चौथाई कद्दूकस किया हुआ अदरक

कैसे करें इस्तेमाल :

  • एक ब्लेंडर में चकोतरा, कीवी और सेब काट कर डालें और ब्लेंड करें।
  • अब इसमें अदरक और शहद मिलाएं और फिर से पूरी सामग्री को ब्लेंड करें।
  • इसके बाद मिश्रण को एक गिलास में डालें और पिएं।

कब करें :

सुबह नाश्ते में यह उपाय करें।

कैसे है लाभदायक :

विटामिन-सी एनीमिया के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, विटामिन-सी आयरन को संतुलित करता है और लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में सहायक भूमिका अदा कर सकता है (32), (33)।

13. विटामिन-बी12 और फोलेट

सामग्री :

  • दो अंडे
  • आधा कप बेक किए हुए बीन्स
  • एक कप बेबी पालक
  • एक कप ब्रोकोली कटी हुई
  • नमक (स्वादानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल :

  • नॉन-स्टिक पैन को गर्म करें और अंडे तोड़ कर उसमे डालें।
  • ऊपर से नमक छिड़कें और दो-तीन मिनट के लिए अंडे को पकाएं।
  • एक प्लेट लें और पके हुए अंडे को उसमें रखें।
  • फिर प्लेट में बेक्ड बीन्स, ब्रोकली और बेबी पालक को डालकर खाएं।

कब करें :

नाश्ते में इसका सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

शरीर में विटामिन-बी12 और फोलेट की कमी से भी एनीमिया हो सकता है (7), (13)। इन पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए पालक, बीन्स और ब्रोकली का सेवन कर सकते हैं (34), (35), (36)। इसके अलावा, डॉक्टरी परामर्श पर विटामिन-बी12 और फोलेट की खुराक भी ले सकते हैं। इस प्रकार खून की कमी को इस घरेलू उपाय के जरिए कुछ हद तक ठीक किया जा सकता है।

खून की कमी का इलाज के बाद आगे जानिए एनीमिया के लिए कौन-कौन से आहार लिए जाएं।

एनीमिया के लिए आहार – Diet for Anemia in Hindi

एनीमिया होने की अवस्था में आयरन, विटामिन बी-12 और फोलेट से भरपूर इन खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल किया जाना चाहिए :

केला: यह आयरन के साथ अन्य विटामिन और खनिजों से समृद्ध होता है (22), जो एनीमिया को रोकने में और इसका इलाज करने में आपकी मदद कर सकता है।
चुकंदर: चुकंदर आयरन का एक अच्छा स्रोत है (12), जिसे शरीर में आयरन की पूर्ति के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है।
शकरकंद: शरीर में आयरन का संतुलन बनाए रखने के लिए शकरकंद का सेवन भी कर सकते हैं (37)।
पालक: पालक को आयरन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है, जिसका सेवन एनीमिया से पीड़ित मरीज कर सकते हैं (15)।
फलियां: बीन्स, दाल और मटर भी आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बेहतर बनाने के लिए आपकी मदद करेंगे (15)।
प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ: मांस, मछली, अंडे और टोफू भी विटामिन बी-12, फोलेट और आयरन से भरपूर होते हैं, जिनका सेवन एनीमिया के इलाज के लिए किया जा सकता है (7)।

एनीमिया को रोकने के लिए निम्नलिखित टिप्स का भी पालन किया जा सकता है (38)-

  • अगर कोई मासिक धर्म के दौरान भारी रक्तस्राव या पाचन तंत्र से संबंधित किसी समस्या का सामना कर रहा है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
  • पालक व ब्रोकली जैसे आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • ऐसे खाद्य पदार्थ खाएं और पिएं, जो शरीर में आयरन को अवशोषित (Absorption) करने में मदद करें, जैसे संतरे का रस, स्ट्रॉबेरी व कीवी आदि।
  • भोजन में संतुलित आहार को शामिल करें।
  • भोजन के साथ कॉफी या चाय पीने से बचें। ये पेय शरीर में आयरन को अवशोषित (Absorption) करने में बाधा उत्पन्न करेंगे।
  • अगर कोई कैल्शियम की गोलियां लेता हैं, तो उसे अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। कैल्शियम शरीर में आयरन को अवशोषित (Absorption) करने में बाधा बन सकता है।

एनीमिया एक रक्त विकार है, जिसे समय रहते सटीक इलाज और संतुलित आहार के जरिए ठीक किया जा सकता है। जैसा कि हमने इस लेख में बताया है कि यह समस्या धीरे-धीरे भी बढ़ सकती है, इसलिए जितना हो सके इसके प्रति जागरूक रहें। बताए गए किसी भी लक्षण के दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें और आयरन व विटामिन से भरपूर भोजन का सेवन ज्यादा करें। आशा है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। आप एनीमिया से जुड़े अपने अनुभव और सुझावों को हमारे साथ साझा कर सकते हैं। इस बीमारी से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हमसे सवाल भी पूछ सकते हैं।

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Nripendra Balmiki

नृपेंद्र बाल्मीकि एक युवा लेखक और पत्रकार हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की है। नृपेंद्र विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद करते हैं, खासकर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर इनकी पकड़ अच्छी है। नृपेंद्र एक कवि भी हैं और कई बड़े मंचों पर कविता पाठ कर चुके हैं। कविताओं के लिए इन्हें हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

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