अनिद्रा के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – 20 Effective Home Remedies Of Insomnia in Hindi

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स्वस्थ रहने के लिए कई चीजों की जरूरत होती है और नींद भी उन्हीं आवश्यक चीजों में से एक है। शरीर को आराम देने के लिए नींद कितनी जरूरी है,  इस बात का अंदाजा आप इस तथ्य से लगा सकते हैं कि नींद न आने की समस्या मौत का कारण भी बन सकती है (1)। जी हां, मानसिक दवाब या किसी अन्य कारण की वजह से अगर लगातार सोने में दिक्कत हो रही है, तो ये अनिद्रा के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में स्टाइलक्रेज के इस लेख से हम अनिद्रा के कारण और इसके लक्षण विस्तार से जानेंगे। साथ ही इससे बचने और इससे राहत पाने के लिए अनिद्रा के घरेलू उपाय भी जानेंगे।

लेख विस्तार से पढ़ें

आइये, सबसे पहले अनिद्रा की समस्या क्या है, यह समझ लेते हैं।

अनिद्रा क्या है – What is Insomnia in Hindi

अनिद्रा जिसे अंग्रेजी में इंसोमनिया कहते हैं, नींद से जुड़ा एक विकार है। इससे ग्रसित इंसान को सोने में दिक्कत आती है या वो पूरी तरह से सो नहीं पाता। नतीजतन, उसे पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती है और वो थका-थका महसूस करता है। अगर अनिद्रा ज्यादा दिनों तक हावी रह जाए, तो पीड़ित कई तरह की शारीरिक समस्याओं की चपेट में आ सकता है। वहीं, अनिद्रा के प्रकार की अगर बात की जाए, तो अनिद्रा की समस्या दो प्रकार से प्रभावित कर सकती है, एक एक्यूट इंसोमनिया और दूसरा क्रॉनिक इंसोमनिया (2)

एक्यूट इंसोमनिया : अनिद्रा की यह स्थिति कुछ दिनों या कुछ हफ्तों तक परेशान कर सकती है। यह अनिद्रा का आम प्रकार है, जो काम या पारिवारिक दवाब के कारण हो सकता है।

क्रॉनिक इंसोमनिया : यह अनिद्रा की गंभीर अवस्था है, जो महीने भर से ज्यादा परेशान कर सकती है। कई मामलों में अनिद्रा का यह प्रकार किसी अन्य शारीरिक बीमारी के दुष्प्रभाव के रूप में आ सकता है।

इसके लक्षण जानें

आइये, अब अनिद्रा के लक्षणों पर गौर कर लेते हैं।

अनिद्रा के लक्षण – Symptoms of Insomnia in Hindi

अनिद्रा के उपचार जानने से पहले, इसके लक्षणों को पहचानना जरूरी है। ऐसे में लेख के इस भाग में अनिद्रा के लक्षण की जानकारी दे रहे हैं, ताकि वक्त रहते इसे पहचानकर अनिद्रा के घरेलू उपचार किए जा सकें। तो अनिद्रा के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं (3):

  • सोने से पहले देर तक जागना
  • कुछ देर ही नींद आना
  • रात में देर तक जागना
  • महसूस होना कि बिल्कुल नहीं सोए
  • बहुत जल्दी जागना

कारण जानना भी जरूरी है

अनिद्रा के लक्षण जानने के बाद अब बारी आती है इसके कारणों पर गौर करने की।

अनिद्रा के कारण – Causes of Insomnia Hindi

अनिद्रा की समस्या के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिन्हें हम नीचे विस्तार पूर्वक बता रहे हैं (4):

  • हर रोज सोने के वक्त में बदलाव होना।
  • सोने का सही वातावरण न मिल पाना जैसे – सोने के कमरे में या आस-पास बहुत शोर या रोशनी का होना।
  • जगे रहकर बिस्तर पर ज्यादा देर तक समय बिताना।
  • शाम के वक्त या नाइट शिफ्ट में काम करना।
  • पर्याप्त व्यायाम न करना।
  • सोने से पहले टीवी, लैपटॉप या मोबाइल का उपयोग करना।

ये थे अनिद्रा के कुछ सामान्य कारण। इनके अलावा भी अनिद्रा के और भी कई कारण हैं, जिन्हें नीचे बताया जा रहा हैं:

  • शराब का सेवन
  • धूम्रपान
  • पूरे दिन या सोने से पहले कैफीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन
  • सोने की दवाइयों का आदी होना
  • सर्दी-जुकाम या डाइट से संबंधित दवाइयां लेना
  • कुछ अन्य दवाइयां या सप्लीमेंट्स लेना।

कुछ शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्थितियों के कारण भी अनिद्रा की समस्या हो सकती है। ये कारण कुछ इस प्रकार हैं :

  • बाइपोलर डिसऑर्डर (बार-बार मूड स्विंग होने की समस्या)
  • दुखी होना या अवसाद की स्थिति
  • चिंता या तनाव के कारण

नींद न आने के कारण में कुछ शारीरिक परेशानियां भी शामिल हैं :

  • गर्भावस्था
  • शरीर में किसी प्रकार का दर्द या असुविधा
  •   प्रोस्ट्रेट (पौरुष ग्रंथि) ग्रंथी के बढ़ने होने के कारण व्यक्ति का बार-बार रात में उठकर बाथरूम जाना।
  • स्लीप एपनिया (सोते वक्त सांस न ले पाने की परेशानी) के कारण।

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कारण और लक्षण जानने के बाद अब लेख के इस भाग में जानते हैं अनिद्रा का घरेलू इलाज।

अनिद्रा के 20 घरेलू उपचार – 20 Home Remedies for Insomnia in Hindi

नीचे हम अनिद्रा के घरेलू उपचार की जानकारी दे रहे हैं। ध्यान रहे, नीचे बताए जा रहे उपाय किसी भी तरीके से अनिद्रा का डॉक्टरी इलाज नहीं हैं। ये केवल अनिद्रा रोग से बचाव और कुछ हद तक आराम देने का काम कर सकते हैं।

1. अनिद्रा रोग के लिए पुदीने की चाय

सामग्री :

  • 10 से 12 पुदीने की पत्तियां
  • स्वादानुसार काला नमक
  • आवश्यकतानुसार काली मिर्च पाउडर
  • एक से डेढ़ कप पानी

उपयोग का तरीका :

  • सबसे पहले एक पैन लें और उसमें पानी डाल दें।
  • अब गैस पर इस पैन को चढ़ा दें।
  • फिर इस उबलते पानी में पुदीने की पत्तियां, काला नमक और काली मिर्च डालकर उबाल लें।
  • उसके बाद गैस बंद कर दें और इस मिश्रण को एक कप में छान लें।
  • तैयार है पुदीने की चाय।

कैसे फायदेमंद है :

पुदीने के फायदे की अनिद्रा की समस्या में भी देखे जा सकते हैं। जैसा कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि अनिद्रा के लक्षण में तनाव भी शामिल है। ऐसे में पुदीने की चाय का सेवन तनाव से राहत दिलाकर अच्छी नींद लेने में सहयोग कर सकता है (5)। पुदीने की चाय के अलावा, अरोमाथेरेपी के तौर पर पुदीने के तेल का उपयोग भी कर सकते हैं (6)। ऐसे में पूरे दिन में या सोने से पहले पुदीने की चाय या पुदीने के तेल का उपयोग अनिद्रा के लिए असरदार हो सकता है।

2. अनिद्रा रोग के लिए लैवेंडर का तेल

सामग्री :

  • लैंवेंडर तेल की तीन-चार बूंदें
  • पांच-छह चम्मच पानी
  • एक इलेक्ट्रिक डिफ्यूजर

उपयोग का तरीका :

  • रात में सोने से कुछ देर पहले कमरे के किसी कोने में इलेक्ट्रिक डिफ्यूजर रखें।
  • डिफ्यूजर को ऑन करें और ऊपर खाली जगह को पानी से भर दें।
  • फिर ऊपर से लैंवेंडर तेल की तीन-चार बूंदें डालें।

कैसे फायदेमंद है :

अनिद्रा के घरेलू उपचार के तौर पर लैवेंडर तेल का उपयोग भी लाभकारी हो सकता है। दरअसल, कोरिया में छात्राओं पर हुए अध्ययन से पता चला है कि लैंवेंडर तेल से की गई एरोमाथेरेपी अनिद्रा को कम कर सकती है। इसके अलावा, एरोमाथेरेपी डिलीवरी के बाद महिलाओं में अच्छी नींद लाने में मददगार साबित हो सकती है। इनसोमनिया से पीड़ित मरीजों में नींद की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए लैंवेंडर के तेल का इस प्रकार से उपयोग किया जा सकता है (7)

3. कीवी

सामग्री :

  • एक या दो कीवी फल

उपयोग का तरीका :

  • पूरे दिन में या सोने से कुछ घंटे पहले एक या दो ताजे कीवी फल खाएं।

कैसे फायदेमंद है :

कीवी फल के फायदे की अगर बात की जाए, तो इसमें अच्छी नींद का भी जिक्र है। दरअसल, कीवी फ्रूट का एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। ऐसे में यह माना गया है कि यह गुण नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में उपयोगी हो सकता है। इसके साथ ही इसमें सेरोटोनिन (serotonin- एक प्रकार का केमिकल) मौजूद होता है, जो अच्छी नींद के लिए उपयोगी हो सकता है (8)। कीवी फल की गिनती नींद को बढ़ावा देने वाले फलों में भी की जाती है। सोने से एक घंटे पहले कीवी फल का सेवन अनिद्रा की परेशानी में कुछ हद तक आराम पहुंचा सकता है (9)

4. अनिद्रा रोग के लिए केला

सामग्री :

  • एक या दो केले

उपयोग का तरीका :

  • हर रोज एक या दो केले का सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है :

अनिद्रा के घरेलू उपचार की बात करें, तो केले का सेवन आसान और पौष्टिक उपाय हो सकता है। यह एक गुणकारी फल है, जो कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। विषय से जुड़े एक शोध के अनुसार केला, मेलाटोनिन (एक प्रकार का हार्मोन) से समृद्ध होता है और मेलाटोनिन नींद में सुधार का काम कर सकता है, जिससे अनिद्रा की समस्या में कुछ हद तक राहत मिल सकती है (10)। ऐसे में अनिद्रा से बचाव और इससे राहत पाने के लिए केले के फायदे लिए जा सकते हैं।

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5. अनिद्रा के लिए कैमोमाइल

सामग्री :

  • एक कैमोमाइल टी बैग
  • एक कप गर्म पानी
  • नींबू के रस की कुछ बूंदें

उपयोग का तरीका :

  • कुछ मिनट के लिए गर्म पानी में कैमोमाइल टी बैग को डालें।
  • स्वाद के लिए नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाएं और फिर इसे चाय की तरह पिएं।

कैसे फायदेमंद है :

अनिद्रा के घरेलू उपचार के रूप में कैमोमाइल की चाय का सेवन किया जा सकता है। यह हर्बल टी अनिद्रा में फायदेमंद साबित हो सकती है। इसके अलावा, यह चिंता और बुरे सपनों से भी छुटकारा देने में भी मदद कर सकती है। नींद से जुड़े विकारों का इलाज करने के लिए इस खास चाय का सेवन कर सकते हैं (11)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में भी कैमोमाइल के नींद को बढ़ावा देने वाले गुण का पता चलता है (12)। इस आधार पर इसे अनिद्रा में फायदेमंद माना जा सकता है।

6. शहद और दूध

सामग्री :

  • एक गिलास ठंडा दूध
  • एक चम्मच शहद

उपयोग का तरीका :

  • एक गिलास ठंडे दूध में शहद मिला लें।
  • फिर इसका सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है :

स्वास्थ्य के लिए शहद के फायदे और दूध के लाभ तो हैं ही, लेकिन अगर इन दोनों को मिला दिया जाए, तो इसकी गुणवत्ता और बढ़ सकती है। वहीं, शहद-दूध का उपयोग अच्छी नींद के लिए सहायक हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी से इस बात की पुष्टि होती है। इस रिसर्च में हृदय रोग के मरीजों को शहद-दूध का सेवन कराया गया, जिसके बाद उनमें नींद की गुणवत्ता में सुधारा देखा गया (13)। इस स्टडी के अनुसार, हम मान सकते अनिद्रा में शहद-दूध का सेवन उपयोगी हो सकता है। हालांकि, कई लोगों का मानना है कि उबलते या खौलते हुए दूध में शहद डालकर बिल्कुल सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह मिश्रण जहरीला हो सकता है। हालांकि, इस तथ्य की पुष्टि के लिए कोई सटीक वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है।

7. जूजूबे (एक प्रकार का खजूर)

सामग्री :

  • मुट्ठी भर जूजूबे
  • दो-तीन कप पानी

उपयोग का तरीका :

  • जूजूबे को लगभग 10 मिनट तक उबालें।
  •   फिर पानी को ठंडा करें और छानकर एक कप में डालकर पिएं। बाकी बचे हुए काढ़े को फ्रिज में स्टोर कर लें।

कैसे फायदेमंद है :

अनिद्रा के उपाय के लिए जूजूबे का काढ़ा बनाकर सेवन किया जा सकता है। दरअसल, नींद से जुड़े विकारों के इलाज के लिए प्राचीन चीनी हर्बल औषधि में जूजूबे का उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है। इसे नींद को बढ़ावा देने वाला खाद्य पदार्थ माना गया है। वहीं, एक अन्य शोध में इसके सेडेटिव यानी नींद को बढ़ावा देने वाले गुण का जिक्र मिलता है (14) (15)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि अनिद्रा की समस्या में राहत पाने के लिए जूजूबे का इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

8. पैशन फ्लावर (कृष्ण कमल)

सामग्री :

  • एक पैशन फ्लावर टी बैग (बाजार या ऑनलाइन उपलब्ध)
  • एक से दो कप पानी
  • शहद (वैकल्पिक)

उपयोग का तरीका :

  • सबसे पहले पानी को गर्म करके एक कप में निकाल लें।
  • अब पैशन फ्लावर टी बैग को उसमें डुबोएं (ठीक उसी तरह जैसे ग्रीन टी बैग का उपयोग करते हैं)
  • फिर टी बैग को निकाल दें और शहद मिलाकर इसका सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है :

पैशन फ्लावर का उपयोग स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। अगर बात करें अनिद्रा की, तो इसका उपयोग कई सालों से अनिद्रा के लिए किया जाता रहा है। यह अच्छी नींद के लिए प्रेरक का काम कर सकता है। वहीं, तनाव, माइग्रेन की समस्या पर भी यह कारगर असर दिखाकर अच्छी नींद के लिए उपयोगी हो सकता है (16) (17)। हालांकि, गर्भवती महिलाएं और जिन्हें किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, वे लोग इसका सेवन डॉक्टरी सलाह के बाद ही करें।

9. ग्रीन टी

सामग्री :

  • एक ग्रीन टी बैग
  • एक कप गर्म पानी
  • शहद (वैकल्पिक)

उपयोग का तरीका :

  • ग्रीन टी बैग को एक कप गर्म पानी में कुछ मिनट के लिए डालें।
  • अब इसमें स्वाद के लिए शहद डालें और अच्छी तरह मिलाएं।
  • अब धीरे-धीरे चाय का आनंद लें।

कैसे फायदेमंद है :

नींद आने की दवा के लिए आप ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं। यह नींद न आने की समस्या से छुटकारा पाने का कारगर घरेलू तरीका हो सकती है। दरअसल, यह एक खास अमीनो एसिड एल-थिएनाइन से समृद्ध होती है, जो नींद को बढ़ावा देने का काम कर सकता है (18)। हालांकि, ध्यान रहे कि लो कैफीन युक्त ग्रीन टी का ही सेवन करें। इससे तनाव की समस्या कम हो सकती है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होने में मदद मिल सकती है (19)

10. जायफल (नटमेग)

सामग्री :

  • चुटकी भर जायफल
  • एक गिलास गर्म दूध

उपयोग का तरीका :

  • रात में सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में चुटकी भर जायफल चूर्ण मिलाकर पिएं।

कैसे फायदेमंद है :

जायफल का उपयोग नींद आने की दवा के रूप में किया जा सकता है। दरअसल, इससे जुड़े एक शोध में साफ जिक्र मिलता है कि इसका उपयोग अनिद्रा की समस्या में सहायक हो सकता है (20)। हालांकि, यह किस प्रकार काम करता है, इसे लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है। वहीं, एक अन्य शोध की मानें, तो इसका अधिक उपयोग करने से बचना चाहिए क्योंकि इसकी आदत लग सकती है। साथ ही शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि जिन्हें गैस्ट्रिक की परेशानी है, उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए (21)

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11. केसर

सामग्री :

  • चार से पांच केसर के रेशे
  • एक गिलास दूध

उपयोग का तरीका :

  • एक गिलास दूध को केसर के साथ अच्छी तरह गर्म करें।
  • हल्का ठंडा होने पर केसर दूध का सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है :

नींद आने के घरेलू उपाय की बात करें, तो केसर उपयोगी हो सकता है। केसर का उपयोग अच्छी नींद के लिए और अनिद्रा से बचाव के लिए किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार केसर में एनएक्सीयलिटिक (anxiolytic – चिंता को कम करना) और हिप्नोटिक (hypnotic- नींद को बढ़ावा देने वाला) गुण मौजूद होता है (22)। वहीं, एक अन्य स्टडी में केसर में नींद की गुणवत्ता को बढ़ावा देने के गुण की पुष्टि हुई है (23)। इन दोनों स्टडी से यह बात सामने आती है कि केसर अनिद्रा की समस्या के लिए एक उपयोगी घरेलू उपाय हो सकता है।

12. जीरा

सामग्री :

  • एक से दो चम्मच जीरा
  • एक से दो कप पानी

उपयोग का तरीका :

  • जीरे की बताई गई मात्रा को रातभर पानी में भिगोकर रख दें।
  • फिर अगले दिन एक पतीले में पानी सहित भिगोए हुए जीरे को उबालें।
  • जब पानी का रंग हल्का बदलने लगे, तो गैस बंद कर दें और इसे कप में छान लें।
  • तैयार है जीरा पानी।
  • चाहें, तो जीरा को बिना भिगोए भी उपयोग कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :

जीरा पानी का उपयोग अनिदा की समस्या में लाभकारी साबित हो सकता है। दरअसल, एक शोध में जिक्र मिलता है कि जीरे का पानी अनिद्रा जैसी नींद की परेशानी में लाभकारी हो सकता है (24)। फिलहाल, इसकी कार्यप्रणाली को लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

13. गर्म पानी से स्नान

नींद आने के घरेलू उपाय के तौर पर व्यक्ति गर्म पानी (सहन करने योग्य) से स्नान भी कर सकते हैं। गर्म पानी शरीर की थकान को दूर कर रिफ्रेश कर सकता है, जिससे आरामदायक नींद लेने में मदद मिल सकती है (25)। ऐसे में सोने से पहले गर्म पानी से नहाना अच्छा विकल्प हो सकता है।

14. लेमन बाम

सामग्री :

  • एक लेमन बाम टी बैग (बाजार में उपलब्ध)
  • एक कप गर्म पानी

उपयोग का तरीका :

  • लेमन बाम टी बैग को गर्म पानी में पांच मिनट तक डुबो कर रखें।
  • अब इस चाय को पीएं।

कैसे फायदेमंद है :

लेमन बाम का उपयोग अनिद्रा की परेशानी में उपयोगी हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लेमन बाम का उपयोग नींद से जुड़े विकारों को दूर करने में मददगार साबित हो सकता है (26)। साथ ही यह तनाव और चिंता की परेशानी को कम कर अच्छी नींद में सहायक हो सकता है (27)

नोट : गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिला इसके सेवन से बचें।

15. अरंडी का तेल

सामग्री :

  • अरंडी के तेल की एक-दो बूंदें

उपयोग का तरीका :

  • सोने से पहले अरंडी के तेल को अपनी हथेली पर लें।
  • अब इसे हथेलियों पर रगड़कर आंखों के ऊपर लगाएं और आंखों के ऊपर आराम-आराम से मालिश करें।
  • ध्यान रहे कि तेल आंखों के अंदर न जाएं।
  • चाहें, तो नारियल तेल के साथ अरंडी के तेल को मिलाकर सिर की मालिश भी कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :

अरंडी के तेल का उपयोग कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। उन्हीं में अनिद्रा की समस्या भी शामिल है। दरअसल, एक पारंपरिक दवा के रूप में इसका इस्तेमाल कई शारीरिक समस्याओं के लिए किया जाता रहा है, जिसमें अनिद्रा भी शामिल है (28)। हालांकि, अनिद्रा के लिए इसकी कार्यप्रणाली को लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

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16. लहसुन

सामग्री :

  • एक लहसुन की कली

उपयोग का तरीका :

  • रात को सोने से पहले लहसुन की कली का सेवन करके सोएं।

कैसे फायदेमंद है :

अनिद्रा के उपाय के लिए लहसुन का उपयोग किया जा सकता है। यह एक औषधि की तरह काम कर सकता है, जो नींद न आने की शिकायत को दूर कर सकता है। जैसा कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि नींद न आने के कारणों में तनाव जैसी परेशानी भी शामिल है। ऐसे में एक रिपोर्ट के अनुसार, लहसुन अवसाद और चिंता से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है, जिससे नींद को बढ़ावा मिल सकता है (29)

नोट : जिन्हें एसिडिटी की समस्या है, वह रात को लहसुन खाने से पहले डॉक्टरी सलाह लें।

17. टार्ट चेरी का जूस

सामग्री :

  • टार्ट चेरी का रस (बाजार में उपलब्ध)

उपयोग का तरीका :

  • दिनभर में एक कप (250ml) टार्ट चेरी जूस का सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है :

टार्ट चेरी का इस्तेमाल भी अनिद्रा की समस्या में फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, विषय से जुड़े एनसीबीओई के एक शोध में जिक्र मिलता है कि टार्ट चेरी में भी मेलाटोनिन  नामक खास हार्मोन पाया जाता है। वहीं, हम ऊपर बता चुके हैं कि मेलाटोनिन नींद की गुणवत्ता में सुधार का काम कर सकता है (30)। इस आधार पर माना जा सकता है कि अनिद्रा की  समस्या में टार्ट चेरी का उपयोग लाभदायक हो सकता है।

18. मेथी

सामग्री :

  • एक चम्मच मेथी के बीज
  • एक गिलास पानी

उपयोग का तरीका :

  • एक गिलास पानी में मेथी के बीजों को रात भर के लिए डालकर छोड़ दें।
  • सुबह पानी को छानकर पिएं।
  • अच्छे परिणाम के लिए कुछ हफ्तों तक यह उपाय रोजाना करें।

कैसे फायदेमंद है :

अनिद्रा का इलाज के लिए मेथी के बीज का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, इसमें मेलाटोनिन (Melatonin-एक प्रकार का हार्मोन) मौजूद होता है, जो नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद कर सकता है (31)। इसके अलावा, मेथी के बीज खास एंटी डिप्रेसेंट गुणों से समृद्ध होते हैं, जो अच्छी नींद में मदद कर सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, मेथी के बीजों में एक प्रकार का एमिनो एसिड होता है, जो एंटी डिप्रेशन और एंटी एंजाइटी की तरह काम कर सकता है (32)। अनिद्रा से ग्रसित मरीज मेथी के बीजों का इस्तेमाल ऊपर बताए गए तरीके से कर सकते हैं।

19. तिल का तेल

सामग्री :

  • तिल के तेल की कुछ बूंदें

उपयोग का तरीका :

  • इसे सलाद में मिलाकर खा सकते हैं।
  • इसके अलावा, तिल के तेल को गुनगुना कर सिर की मालिश भी कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :

तिल का उपयोग अक्सर भारतीय व्यंजनों में किया जाता है। तिल की तरह ही तिल का तेल भी उपयोगी हो सकता है। तिल का तेल चिंता जैसी समस्या को कम कर अच्छी नींद में सहायक हो सकता है। इसके उपयोग से चिंता की वजह से होने वाली अनिद्रा की समस्या में राहत मिल सकती है (33)

20. व्यायाम, योग और ध्यान

नींद आने के उपाय की अगर बात की जाए, तो जीवनशैली में बदलाव भी अनिद्रा में लाभकारी हो सकता है। ऐसे में अनिद्रा के उपचार के लिए व्यायाम, योग और ध्यान का सहारा लिया जा सकता है। जहां, योग और व्यायाम से नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है (34) (35)। वहीं, ध्यान करने से चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं दूर हो सकती है, जिससे इनकी वजह से होने वाली अनिद्रा की समस्या में आराम मिल सकता है (36)। ऐसे में हर रोज सुबह व्यक्ति अपनी सुविधानुसार योग, व्यायाम या ध्यान में से किसी भी विकल्प का सहारा ले सकते हैं।

आगे है अन्य उपचार

यहां हम जानेंगे अनिद्रा के कुछ अन्य उपचारों के बारे में।

अनिद्रा के उपचार – Other Treatments For Insomnia in Hindi

अनिद्रा के उपचार के बारे में अगर बात की जाए, तो इसका उपचार आमतौर पर अनिद्रा के पीछे के कारण के अनुसार किया जा सकता है। यहां हम ऐसे ही कुछ ट्रीटमेंट की जानकारी दे रहे हैं (2) (4):

1. कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (Cognitive Behavioral Therapy)

आमतौर पर, डॉक्टर अनिद्रा के पहले उपचार के तौर पर कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी का सहारा ले सकते हैं। यह एक प्रकार का काउंसलिंग सेशन होता है। इसमें बातों के जरिए थेरेपिस्ट मरीज की मनोदशा का पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं। इस दौरान थेरेपिस्ट मरीज से कुछ सवाल-जवाब और उनके मन की बातें जानने की कोशिश करते हैं। अगर मरीज के मन में किसी प्रकार का नकारात्मक विचार हो, तो वो उन्हें जानकर उसमें बदलाव करने की कोशिश करते हैं। हो सकता है कि यह सेशन एक या दो से ज्यादा मीटिंग का भी हो।

2. शारीरिक समस्याओं के आधार पर इलाज

जैसा कि हमने ऊपर जानकारी दी है कि कई बार कुछ शारीरिक समस्याओं (जैसे मांसपेशियों में दर्द, गठिया व प्रोस्टेट की समस्या) की वजह से भी अनिद्रा की समस्या हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर अनिद्रा का कारण बनने वाली समस्या या बीमारी के उपचार की तरफ कदम बढ़ा सकते हैं।

3. मानसिक समस्याओं का इलाज

चिंता, तनाव या ऐसी ही अन्य मानसिक परेशानियां भी अनिद्रा का कारण बन सकती हैं। ऐसे में डॉक्टर चिंता (एंग्जायटी) की परेशानी के लिए एंटीडिप्रेसेंट दवा दे सकते हैं। इसके अलावा, डॉक्टर काउंसलिंग थेरेपी से भी चिंता की समस्या को दूर करने की कोशिश कर सकते हैं।

4. जीवनशैली में बदलाव

डॉक्टर मरीज की जीवनशैली में बदलाव करके भी अनिद्रा का इलाज कर सकते हैं। इसमें स्वस्थ डाइट, व्यायाम, योग व मेडिटेशन शामिल हो सकते हैं। साथ ही डॉक्टर कैफीन और नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने की सलाह दे सकते हैं। वहीं, कई बार कमरे में अधिक शोर के कारण अनिद्रा की समस्या हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर शोर से बचने की सलाह दे सकते हैं (37)

5. दवाइयां

कुछ मामलों में डॉक्टर अनिद्रा की दवा भी दे सकते हैं। हालांकि, इसे लेने की अवधि के बारे में भी डॉक्टर मरीज को बता देते हैं। वहीं, ध्यान रहे कि नींद के लिए किसी भी प्रकार की दवा को लेने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

डाइट के बारे में पढ़ें

अब जानते हैं कि अनिद्रा से बचाव के लिए डाइट में क्या-क्या लिया जा सकता है।

अनिद्रा से बचाव के लिए डाइट – Diet In Insomnia in Hindi

अनिद्रा के उपाय के तौर व्यक्ति अपनी डाइट में कुछ बदलाव कर सकता है। खाने की आदतों में थोड़ा-बहुत बदलाव कर अनिद्रा के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। नीचे हम इसी विषय से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं।

क्या खाएं :

  • अनिद्रा के लिए डाइट में विटामिन-डी युक्त आहार को शामिल कर सकते हैं। दरअसल, विटामिन-डी की कमी से नींद संबंधी विकार का जोखिम हो सकता है (38)। ऐसे में डाइट में विटामिन-डी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे – दूध, बादाम, मछली व अंडा शामिल किया जा सकता है (39)
  •   ऊपर हमने कुछ फलों (केला और कीवी) के बारे में भी जानकारी दी है, जिनका सेवन अनिद्रा से बचाव और उसमें आराम देने में मदद कर सकता है।
  •   फिश ऑयल का सेवन कर सकते हैं। दरअसल, इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। यह नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में सहायक हो सकता है। ऐसे में मछली या फिश ऑयल का सेवन उपयोगी हो सकता है (40)
  • पौष्टिक आहार लें और रात का भोजन हल्का करें।

क्या न खाएं :

यहां पढ़ें कि अनिद्रा में किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए (41):

  • शराब का सेवन न करें।
  • सोने से पहले कॉफी या कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन न करें।
  • सोने से पहले तली-भुनी चीजें या ऐसी चीजों का सेवन न करें, जिससे गैस या एसिडिटी की समस्या हो।
  • सोने से पहले ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन न करें।

अंत तक पढ़ें

अब जानते हैं अनिद्रा से जुड़े कुछ जोखिम के बारे में।

अनिद्रा से होने वाले जोखिम और जटिलताएं – Risks and Complications of Insomnia In Hindi

अनिद्रा के घरेलू इलाज के बाद हम नीचे अनिद्रा से जुड़ी जटिलताओं के बारे में बताने जा रहे हैं (2)

  • अनिद्रा का असर याददाश्त और एकाग्रता पर हो सकता है।
  • क्रोनिक इंसोमनिया के कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।
  • अनिद्रा के कारण हृदय रोग का जोखिम हो सकता है।
  • अनिद्रा के कारण मधुमेह का जोखिम बढ़ सकता है।

नीचे पढ़ें

अब जानते हैं कि अनिद्रा में डॉक्टरी सलाह की जरूरत कब हो सकती है।

अनिद्रा में डॉक्टरी सलाह कब लें – When To Consult  the Doctor?

अगर अनिद्रा के घरेलू उपाय करने के बाद भी उसका हल न निकले, तो डॉक्टरी सलाह लें। इसके अलावा, अनिद्रा के लक्षण अगर ज्यादा हों और उनका असर जीवनशैली पर पड़ने लगे, तो बिना देर करते हुए डॉक्टरी सलाह लें (4)

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अब जानते हैं कि अनिद्रा से बचाव कैसे किया जाए।

अनिद्रा से बचाव – Lifestyle changes and Prevention Tips for Insomnia in Hindi

अनिद्रा के घरेलू उपाय जानने के बाद अब हम इस भाग में अनिद्रा से बचाव की जानकारी दे रहे हैं। (42) (43):

  • सोने और उठने का समय निर्धारित करें।
  • शराब और अन्य नशे के पदार्थों का सेवन न करें।
  • दिन के वक्त न सोएं।
  • सोने से पहले हाई कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन करने से बचें।
  • अगर नींद न आए, तो दूसरे कमरे में जाएं या कोई किताब पढ़ें। ऐसे करने से जल्दी नींद आ सकती है।
  • नींद का संगीत सुन सकते हैं।
  • रात को ज्यादा भारी या तैलीय खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
  • ध्यान रहे, सोने वाले कमरे में ज्यादा लाइट या किसी प्रकार का शोर न हो।
  • अपने कमरे को साफ रखें।
  • हफ्ते में दो-तीन दिन शरीर की मसाज कराएं।
  •   खुश रहने का प्रयास करें।

दोस्तों, नींद न आने की समस्या किसी को भी हो सकती है, जो आगे चलकर घातक परिणामों का कारण बन सकती है। इसलिए, जरूरी है कि वक्त रहते अनिद्रा के लक्षण पहचानकर अनिद्रा के घरेलू उपाय किए जाएं। अगर अनिद्रा के घरेलू उपचार का असर न हो, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टरी सलाह लेने में देरी न करें। साथ ही इस लेख को अन्य लोगों के साथ भी साझा करें। हो सकता है कि किसी को अनिद्रा की समस्या हो। ऐसे में यहां दी गई जानकारी उनके काम आ सकती है। आशा है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य स्वास्थ्य संबंधी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहिये स्टाइलक्रेज के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:

क्या महिलाओं में अनिद्रा का जोखिम ज्यादा रहता है?

हां, महिलाओं में अनिद्रा का जोखिम अधिक होता है (2)

क्या अनिद्रा एक मानसिक बीमारी है?

अनिद्रा मानसिक बीमारी नहीं है, लेकिन किसी मानसिक परेशानी के कारण अनिद्रा की समस्या हो सकती है। यह किसी मानसिक परेशानी का लक्षण हो सकता है (44)

क्या आप अनिद्रा से पागल हो सकते हैं?

अनिद्रा की समस्या मानसिक बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है (45)। हालांकि, इससे लोग पागल हो सकते हैं या नहीं, इस बारे में कोई वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है।

थका हुआ होने पर भी मुझे नींद क्यों नहीं आती?

इसके पीछे अनिद्रा या अन्य कारण हो सकते हैं। अच्छा होगा इस विषय में डॉक्टरी सलाह ली जाए।

कितने घंटे की नींद अनिद्रा है?

तीन महीने तक अगर हफ्ते में तीन रात सही नींद न आए, तो यह अनिद्रा की स्थिति हो सकती है। किसी भी व्यक्ति के लिए 7 या 8 घंटे की नींद आवश्यक है। ऐसे में अगर इससे कम घंटे की नींद आती हो, तो यह अनिद्रा की समस्या हो सकती है (41)। इस विषय में सही जानकारी के लिए डॉक्टर से भी बात की जा सकती है।

क्या अनिद्रा के लिए रोजवुड ऑयल का उपयोग कर सकते हैं?

हां, रोजवुड ऑयल में आराम देने वाला गुण होता है, जो अच्छी नींद में मददगार साबित हो सकता है (46)

नींद का संगीत कैसा हो सकता है?

नींद का संगीत धीमा हो सकता है।

रात को नींद ना आए, तो क्या करें?

रात को नींद न आए, तो धीमा नींद का संगीत सुन सकते हैं या किताब पढ़ सकते हैं।

क्या नींद की टेबलेट ले सकते हैं?

नींद की टेबलेट बिना डॉक्टरी सलाह के बिल्कुल न लें।

अनिद्रा रोग का उपचार क्या है?

अनिद्रा रोग का उपचार आप ऊपर बताए गए तरीकों से कर सकते हैं।

क्या दिन में नींद आना कोई बीमारी है?

हाइपरसोम्निया (Hypersomnia), एक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को दिन में अधिक नींद आती है (47)

अनिद्रा से होने वाले रोग क्या हैं?

अनिद्रा की वजह से हृदय रोग और मधुमेह का जोखिम बढ़ सकता है (2)

नींद नहीं आती मुझे, इसका क्या कारण हो सकता है?

इससे जुड़ी जानकारी हमने ऊपर लेख में दे दी है।

Sources

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अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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