अंकुरित अनाज (स्‍प्राउट) के 10 फायदे और नुकसान – Sprouts Benefits and Side Effects in Hindi

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नाश्ता दिनभर का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है। यह शरीर को स्वस्थ रखता है और दिनभर ऊर्जावान बनाए रखता है। इसलिए, पौष्टिक नाश्ता बहुत जरूरी है। जब बात आए पौष्टिक नाश्ते की, तो स्प्राउट से बेहतर और क्या हो सकता है। अंकुरित अनाज को नाश्ते में शामिल करना अच्छा विकल्प है। अंकुरित अनाज में कई तरह के पौष्टिक तत्व होते हैं। अपने इन गुणों के कारण ही अंकुरित अनाज कई लोगों की पहली पसंद बन गया है। अंकुरित अनाज के लाभ कई हैं, जिसके बारे में हम इस लेख में आपको बताएंगे। तैयार हो जाइए अंकुरित अनाज के फायदे जानने के लिए।

विषय सूची


इससे पहले कि आप स्प्राउट यानी अंकुरित अनाज के लाभ जानें, उससे पहले लेख के शुरुआत में हम बता रहे हैं कि स्प्राउट्स क्या है। साथ ही अंकुरित अनाज से संबंधित कुछ जानकारियां भी देंगे।

अंकुरित अनाज क्या है और कितने प्रकार के होते हैं?

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कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि स्प्राउट्स क्या है? अंकुरित अनाज को स्प्राउट कहा जाता है। अंकुरण की प्रक्रिया तब शुरू होती है, जब बीज कई घंटों तक पानी में भिगोए जाते हैं। भीगे बीजों (करीब दो-चार दिन पानी में भिगोकर रखना) के सही नमी और तापमान के संपर्क में आने के बाद अंत में जो रह जाता है, उसे ही स्प्राउट या अंकुरित अनाज कहा जाता है।

अंकुरित आहार कई तरह के होते हैं। नीचे हम सामान्य रूप से उपयोग किए जाने वाले स्प्राउट के बारे में आपको बता रहे हैं।

  • बीन्स और मटर अंकुरित स्प्राउट होते हैं, जिसमें दाल, चना, मूंग बीन्स, सोयाबीन, राजमा व हरे मटर शामिल हैं।
  • सब्जी या पत्तेदार स्प्राउट्स में ब्रोकोली स्प्राउट्स, मूली, सरसों का साग और मेथी अंकुरित आहार होते हैं।
  • अंकुरित अनाज, जिसमें भूरा चावल, कुट्टू (buckwheat), क्विनोआ (quinoa), जई और अमरंथ (amaranth) स्प्राउट शामिल हैं।
  • नट और बीज स्प्राउट में मूली के बीज, बादाम, अल्फाल्फा (alfalfa), कद्दू, तिल और सूरजमुखी के बीज शामिल हैं।

सभी अंकुरित आहारों के लगभग समान लाभ हैं, लेकिन प्रत्येक किस्म कुछ खास पोषक तत्वों से भरपूर है। सबके अपने-अपने फायदे हैं।

जहां अंकुरित मूंग प्रोटीन, फाइबर और विटामिन-ए व सी का अच्छा स्रोत है, वहीं अल्फाल्फा स्प्राउट्स विटामिन-ए, बी, सी, ई और के से भरपूर है (1) (2)। अंकुरित दालें भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं (3)। वहीं, ब्रसेल्स स्प्राउट्स में विटामिन-के1 और सी सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा, इसमें अन्य मिनरल जैसे पोटैशियम व एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं (4)। इसलिए, हम कह सकते हैं कि अंकुरित अनाज पोषक तत्वों का खजाना है।

अब बारी आती है स्प्राउट्स के फायदे जानने की। नीचे हम आपको इसके सेहत संबंधी लाभ बताएंगे।

अंकुरित अनाज के फायदे – Benefits of Sprouts in Hindi

अगर अंकुरित अनाज के फायदे की बात करें, तो पोषक तत्वों से भरपूर अंकुरित अनाज के लाभ कई हैं। शरीर को फिट रखना हो, पेट को स्वस्थ रखना हो या अन्य कोई समस्या हो स्प्राउट बहुत ही सेहतमंद है। लेख के इस भाग में हम अंकुरित अनाज के कुछ फायदों के बारे में आपको जानकारी देंगे।

1. डायबिटीज के लिए अंकुरित अनाज के फायदे

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इन दिनों मधुमेह की समस्या आम हो चुकी है। डायबिटीज होने से शरीर में अन्य परेशानियां भी शुरू हो जाती हैं, इसलिए डायबिटीज में सही जीवनशैली और आहार की आवश्यकता होती है। अगर बात करें खाने की, तो अंकुरित अनाज मधुमेह में काफी फायदेमंद हो सकता है। ब्रोकली स्प्राउट को सल्फोराफेन (sulforaphane) का अच्छा स्रोत माना गया है। यह टाइप 2 मधुमेह के रोगियों में ग्लूकोज नियंत्रण को बेहतर करने में मदद कर सकता है (5)। इसके अलावा, यह इंसुलिन प्रतिरोध में भी सुधार कर सकता है।

इसके अलावा, ब्रसेल्स स्प्राउट्स का भी सेवन भी किया जा सकता है। इसमें मौजूद अल्फा-लिपोइक एसिड (alpha-lipoic acid) एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। यह ब्लड शुगर और इंसुलिन पर लाभकारी प्रभाव डालता है (6)। इतना ही नहीं आप सोयाबीन स्प्राउट का भी सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इसमें एंटी-डायबिटिक गुण मौजूद होते हैं (7)।

2. कैंसर के लिए अंकुरित अनाज के लाभ

अंकुरित अनाज कैंसर से बचाव में भी मददगार साबित हो सकता है। कैंसर से बचाव के लिए ब्रोकली स्प्राउट का सेवन किया जा सकता है। इसमें मौजूद सल्फोराफेन (sulforaphane) कैंसर को रोकने में मदद कर सकता है। यह शरीर में कैंसर पैदा करने वाले केमिकल को खत्म करता है (8)। यह कोशिकाओं को एंजाइम बनाने में मदद करता है, जो शरीर में कैंसर पैदा करने वाले विषाक्त पदार्थों से रक्षा कर सकते हैं। इतना ही नहीं यह कैंसर कोशिकाओं के विकास को भी रोक सकते हैं (9) (10)। इसके अलावा, ब्रोकली स्प्राउट प्रोस्ट्रेट कैंसर से भी बचाव कर सकता है और जो इससे पीड़ित हैं, उनकी गंभीरता को कम कर सकता है (11)।

इसके अलावा, ब्रसेल्स स्प्राउट्स का सेवन भी कर सकते हैं। इसमें ग्लूकोसाइनोलेट (glucosinolate) नामक सल्फर युक्त यौगिक होता है। खाना बनाते और खाने के बाद पाचन के वक्त, इसमें मौजूद ग्लूकोसाइनोलेट्स, आइसोथियोसाइनेट्स (isothiocyanates) में टूट जाते हैं। ये ऐसे यौगिक होते हैं, जिनमें एंटीकैंसर गुण होते हैं (12)।

3. वजन कम करने के लिए स्प्राउट

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अगर आप भी बढ़ते वजन से परेशान हैं, तो अपने नाश्ते में मूंगफली स्प्राउट को शामिल करें। एक अध्ययन के अनुसार, इसके सेवन से पेट के मोटापे में सुधार हो सकता है और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हो सकता है। इसलिए, मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में मोटापे और मोटापे से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के लिए उचित मात्रा में मूंगफली के स्प्राउट्स उपयुक्त और प्रभावी खाद्य पदार्थ हो सकते हैं (13)। हालांकि, सिर्फ मूंगफली स्प्राउट ही नहीं, बल्कि इसके साथ सही डाइट और नियमित व्यायाम भी जरूरी है। अगर आपको मूंगफली से एलर्जी की समस्या है, तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की राय जरूर लें।

4. दिल के लिए अंकुरित अनाज के फायदे

दिल शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर दिल स्वस्थ है, तो शरीर स्वस्थ है, लेकिन आजकल कई लोग दिल की बीमारी से परेशान दिखते हैं। अगर बात करें स्प्राउट्स के फायदे की, तो दिल के स्वास्थ्य के लिए भी स्प्राउट बहुत फायदेमंद हैं। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि अंकुरित काबुली चने के सेवन से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है, जिससे दिल की रक्षा हो सकती है। यह एंटी-हाइपरलिपिडेमिक (antihyperlipidemic) की तरह कार्य करता है (14)। अंकुरित काबुली चने में फाइटोएस्ट्रोजेन भी होते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।

ब्रोकली स्प्राउट्स में ग्लूकोराफेनिन (glucoraphanin) नामक एक अन्य एंटीऑक्सीडेंट यौगिक भी होता है, जो हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (plasma LDL-C or bad choleserol) को कम कर सकता है और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए जाना जाता है (15)। इसके अलावा, स्प्राउट्स में सल्फोराफेन (sulforaphane) होता है, जो रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। इससे ऐथिरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) बीमारी को रोकने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस पर और अधिक शोध की आवश्यकता है (16), लेकिन इतना कह सकते हैं कि अंकुरित अनाज काफी हद तक दिल को स्वस्थ रख सकता है।

5. पाचन के लिए अंकुरित अनाज के फायदे

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पाचन संबंधी समस्याएं होना सामान्य है, खासकर अभी के वक्त में जब लोग ज्यादातर बाहर का खाना खाते हैं। ऐसे में अगर आप पूरे दिन के आहार में किसी एक वक्त कुछ पौष्टिक खाएंगे, तो आपको फायदा होगा। स्प्राउट उन्हीं पौष्टिक खाद्य पदार्थों में से एक है। आप अपने नाश्ते में या किसी भी एक वक्त के आहार में अंकुरित मूंग को शामिल कर सकते हैं। अगर अंकुरित मूंग के लाभ की बात करें, तो यह आपकी पाचन शक्ति को सुधारने में मदद कर सकता है (17)। सिर्फ अंकुरित मूंग ही नहीं, बल्कि अन्य अंकुरित आहार जैसे – अंकुरित ब्रोकली का भी सेवन कर सकते हैं। इसमें सल्फोराफेन (sulforaphane) मौजूद होते हैं, जो विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम को उत्पन्न करते हैं और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (gastrointestinal tract) का बचाव करते हैं (18)।

6. रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए स्प्राउट

शरीर स्वस्थ रहे उसके लिए जरूरी है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो। अगर किसी व्यक्ति का इम्यून सिस्टम सही नहीं है, तो वो कभी भी बीमार हो सकता है। ऐसे में स्प्राउट के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो सकता है। स्प्राउट में विटामिन-सी होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुधारने में मददगार साबित होता है। यह निमोनिया, डायरिया, मलेरिया और अन्य बीमारियों से बचाव कर सकता है (19)। इस स्थिति में ब्रोकली और ब्रूसेल स्प्राउट (brussels sprouts) के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो सकता है (20)।

इसके अलावा, अगर अंकुरित मूंग का सेवन किया जाए, तो इसमें मौजूद एंटीवायरल गुण सांस संबंधी समस्या और बुखार के दौरान होने वाले छालों से भी बचाव कर सकता है (21)।

7. आंखों के लिए अंकुरित अनाज

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उम्र के साथ-साथ कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगती है। आंखों की दृष्टि कमजोर होना उन्हीं में से एक है। अगर वक्त रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो आगे चलकर यह परेशानी की वजह बन सकती है। आंखों के लिए सही पौष्टिक तत्वों से युक्त आहार बहुत जरूरी है। स्प्राउट्स उन्हीं में से एक है। ब्रसेल्स स्प्राउट्स (Brussels sprouts) में ल्यूटिन और जियाजैंथिन (lutein and zeaxanthin) जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं (22)। इसके अलावा, इसमें विटामिन-सी और अन्य पौष्टिक तत्व भी मौजूद हैं, जो आंखों के लिए फायदेमंद हैं। उबले हुए ब्रसेल्स स्प्राउट्स का सेवन लाभकारी हो सकता है (23)।

8. एनीमिया में अंकुरित आहार

एनीमिया यानी खून की कमी किसी को भी हो सकती है। आयरन की कमी से होने वाली यह समस्या व्यक्ति को थका हुआ और कमजोर कर देती है। इस स्थिति में खान-पान का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, ताकि यह परेशानी न हो। अपने आहार में अंकुरित अनाज खासकर के अंकुरित सोयाबीन (soybean sprouts) को शामिल कर सकते हैं (24)। यह अच्छा आयरन पूरक है, जो एनीमिया की समस्या को कम कर सकता है। साथ ही आप ब्रोकली व ब्रूसेल स्प्राउट का भी सेवन कर सकते हैं, जो विटामिन-सी से भरपूर होता है (25)।

9. त्वचा के लिए अंकुरित आहार

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स्वस्थ और निखरी त्वचा की चाहत हर किसी को होती है। हालांकि, प्रदूषण, ज्यादा ब्यूटी उत्पादों का उपयोग, गलत खान-पान और देखभाल की कमी की वजह से त्वचा अपनी प्राकृतिक चमक खोने लगती है। इस स्थिति में त्वचा रूखी, बेजान और वक्त से पहले झुर्रियों का शिकार होने लगती है। ऐसे में अंकुरित आहार का सेवन त्वचा के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। अपनी डाइट में अंकुरित मूंग को शामिल करें। कुछ शोध के जरिए पता चला है कि अंकुरित मूंग सुरक्षित है और इसका उपयोग एंटी-एजिंग उत्पादों में किया जा सकता है (26)। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकते हैं। अंकुरित मूंग के लाभ लेने के लिए आप इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

10. बालों के लिए अंकुरित आहार

लंबे, घने व खूबसूरत बाल व्यक्तित्व में निखार लाते हैं, लेकिन देखभाल न करने पर बाल खराब होने लगते हैं। इसके अलावा, कई बार सेहत संबंधी समस्याओं के कारण भी बाल झड़ने लगते हैं। इतना ही नहीं जब एक उम्र के बाद महिलाओं के मासिक धर्म बंद (मेनोपॉज) हो जाते हैं, तो महिलाओं के शरीर में कुछ बदलाव होते हैं। इस दौरान भी कई महिलाओं को बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बालों की देखभाल के साथ-साथ पौष्टिक आहार भी जरूरी है। इसलिए, आप अपनी डाइट में अंकुरित आहार को शामिल कर सकते हैं। आप ब्रुसेल स्प्राउट (Brussels sprouts) का सेवन कर सकते हैं। इसमें मौजूद विटामिन और अन्य पौष्टिक तत्व बालों को स्वस्थ बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं (27)। साथ ही आप ब्रोकली का भी सेवन कर सकते हैं।

स्वास्थ्य के लिए अंकुरित अनाज के फायदे जानने के बाद आगे हम बता रहे हैं कि इनमें कौन-कौन से पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं।

अंकुरित अनाज के पौष्टिक तत्व – Sprouts Nutritional Value in Hindi

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यहां हम आपको ब्रूसेल स्प्राउट के पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

कैलोरी की जानकारी

अमाउंट्स पर सेलेक्टेड सर्विंग

पोषक तत्वों की मात्रा

%डी वी

कैलोरी28.1 (118 kJ)1%
कार्बोहाइड्रेट से20.0 (83.7 kJ)
फैट से3.3(13.8 kJ)
प्रोटीन से4.9(20.5 kJ)
एल्कोहल से0.0(0.0 kJ)
कार्बोहाइड्रेट
कुल कार्बोहाइड्रेट5.5 ग्राम2%
डाइटरी फाइबर2.0 ग्राम8%
स्टार्च~
शुगर1.4 ग्राम
प्रोटीन और अमीनो एसीड्स
प्रोटीन2.0 ग्राम4%
विटामिन
विटामिन ए604 आईयू12%
विटामिन सी48.4 मिलीग्राम81%
विटामिन डी~~
विटामिन ई (अल्फा टोकोफेरॉल)0.3 मिलीग्राम2%
विटामिन के109 माइक्रोग्राम137%
थियामिन0.1 मिलीग्राम6%
राइबोफ्लेविन0.1 मिलीग्राम4%
नियासिन0.5 मिलीग्राम2%
विटामिन बी 60.1 मिलीग्राम7%
फोलेट46.8 माइक्रोग्राम12%
विटामिन बी 120.0 माइक्रोग्राम0%
पैंटोथेनिक एसिड0.2 मिलीग्राम2%
कॉलिन31.7 मिलीग्राम
बीटाइन0.2 मिलीग्राम
मिनरल
कैल्शियम28.1 मिलीग्राम3%
आयरन 0.9 मिलीग्राम5%
मैग्नीशियम15.6 मिलीग्राम4%
फास्फोरस43.7 मिलीग्राम4%
पोटैशियम247 मिलीग्राम7%
सोडियम16.4 मिलीग्राम1%
जिंक 0.3 मिलीग्राम2%
कॉपर0.1 मिलीग्राम3%
मैंगनीज 0.2 मिलीग्राम9%
सेलेनियम 1.2 माइक्रोग्राम2%
फ्लोराइड

आगे हम आपको अंकुरित अनाज बनाने की विधि बता रहे हैं।

घर में अंकुरित अनाज कैसे बनाएं?

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अगर आपको अंकुरित अनाज के फायदे पूरी तरह से लेने हैं, तो आपको इन्हें सही तरह से बनाना होगा। नीचे हम अंकुरित अनाज बनाने की विधि बता रहे हैं :

सामग्री :

  • अगर अंकुरित करने के लिए बीज ऑर्गेनिक हैं तो अच्छा है
  • मोटा सूती का कपड़ा
  • साफ जार

बनाने की विधि :

  • अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें और जार व बीजों को भी पानी से धो लें।
  • अब इन बीजों को जार में डालकर उसमें साफ पीने वाला पानी भरें। ध्यान रहे कि बीज से पानी थोड़ा ऊपर तक भरा रहे और हमेशा साफ पीने वाले पानी का उपयोग करें।
  • इसे रातभर के लिए भिगोकर छोड़ दें।
  • फिर अगली सुबह एक महीन छलनी का उपयोग करके पानी को छान लें।
  • उसके बाद इसे फिर से साफ पानी से धोएं।
  • फिर इसे मोटे सूती के कपड़े में लपेटकर किसी गर्म जगह पर रख दें।
  • ऐसा करने से यह एक से दो दिन में अंकुरित हो जाएंगे।
  • उसके बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं।

कुछ मामलों में अंकुरित अनाज हानिकारक साबित हो सकते हैं, जिस बारे में हम आगे बता रहे हैं। साथ ही स्प्राउट्स कब खाना चाहिए इस बारे में भी बताएंगे।

अंकुरित अनाज के नुकसान – Side Effects of Sprouts in Hindi

अंकुरित अनाज के नुकसान बताकर हम आपको डराना नहीं चाहते, बल्कि सावधान करना चाहते हैं, ताकि आप इसका गलत तरीके से सेवन न करें। साथ ही हम इसके सेवन का तरीका भी आपको बताएंगे।

अंकुरित अनाज में कई प्रकार के बैक्टीरिया पनप जाते हैं, जिससे

  • फूड पॉइजनिंग,
  • किडनी की समस्या
  • उल्टी और अन्य कई प्रकार के संक्रमण हो सकते हैं।

इन नुकसानों से बचने के लिए आप नीचे दी गई बातों का ध्यान रखें।

  • बच्चे, कमजोर इम्यून वाले व्यक्ति और गर्भवती महिलाएं डॉक्टर के परामर्श पर ही इसका सेवन करें (28)।
  • अंकुरित अनाज का सेवन करने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोकर उबाल लें।
  • अगर आपको इसे सलाद के साथ या सैंडविच के साथ खाना है, तो ध्यान रहे कि आप इसे अच्छे से पकाकर या उबालकर ही खाएं। अंकुरित बीज को पकाने या उबालने से बैक्टीरिया का खतरा कम हो सकता है (29)।
  • राजमा को स्प्राउट के रूप में न खाएं, यह विषाक्त और हानिकारक हो सकता है।
  • अगर बाहर से अंकुरित अनाज ले रहे हैं, तो ध्यान रहे कि वो ताजा और अच्छे से रेफ्रीजेरेट किया हुआ हो।
  • घर में आप 48 डिग्री फेरनाहट तापमान पर स्प्राउट्स को रखें।
  • कभी भी लसलसे और खराब गंध वाले स्प्राउट्स न खरीदें।
  • कच्चे अंकुरित अनाज को छूने से पहले अपने हाथों को अच्छे से धोएं।

नोट : अगर बात करें कि स्प्राउट्स कब खाना चाहिए, तो इसे सुबह नाश्ते में या मिड डे मील की तरह खाना चाहिए। खाने से पहले इसे अच्छी तरह धोकर उबाल जरूर लें।

अंकुरित अनाज के नुकसान से आपको डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अगर इसे सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह गुणों का खजाना है। अंकुरित अनाज के फायदे अनेक हैं, जिनमें से कुछ के बारे में हमने ऊपर आपको बताया है। घर में अंकुरित अनाज बनाने के लिए थोड़े धैर्य की जरूरत है, लेकिन जब आपको अंकुरित अनाज के लाभ दिखने लगेंगे, तब आपको अपनी मेहनत सफल होती दिखेगी। स्प्राउट का सेवन करें और अपना अनुभव हमारे साथ शेयर करना न भूलें। इसके अलावा, अगर आपके पास भी अंकुरित अनाज से संबंधित कोई जानकारी है, तो उसे भी नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ जरूर शेयर करें।

स्वस्थ खाएं, स्वस्थ रहें।

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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