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अरंडी के तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Castor Oil (Arandi ka Tel) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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अरंडी के तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Castor Oil (Arandi ka Tel) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi December 18, 2018

भोजन में प्रयोग होने वाली चीज़ों को आम बोलचाल में मिर्च-मसाले कहा जाता है, जबकि आयुर्वेद में इन्हें प्राकृतिक औषधी कहा गया है। बात सिर्फ कहने भर की नहीं है, बल्कि वास्तव में ये मिर्च-मसाले व तेल विभिन्न रोगों में गुणकारी दवा का काम करते हैं। इन्हीं में से एक है अरंडी का तेल (कैस्टर ऑयल), जो त्वचा, बालों व सेहत के लिए रामबाण का काम करता है (1)। आज इस लेख में हम इसके फायदे, उपयोग व नुकसान के बारे में जानेंगे।

क्या है अरंडी का तेल – What is Castor Oil?

वैज्ञानिक नाम : रिसिनस कम्युनिस

मूल स्थान : अफ्रीका व भारत

अन्य नाम : अरंडी का तेल (हिंदी), आमुदामु (तेलगु), रिरिरा टेला (बंगाली), इरांदेला तेला (मराठी), अमानक्कु एनी (तमिल) व अवानक्केना (मलयालम)

यह एक वनस्पती पौधा है। अरंडी की फलियों में प्रचुर मात्रा में तेल पाया जाता है, जिस कारण रेंड़ी के तेल को दुनिया भर में जाना जाता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि यह तेल क्यों गुणकारी है और रोजमर्रा के जीवन में इसका प्रयोग क्यों करना चाहिए।

अरंडी के तेल के फायदे – Benefits of Castor Oil in Hindi

अरंडी का तेल मुख्य रूप से बालों, त्वचा व बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे हमें विस्तार से एक-एक करके जानेंगे। सबसे पहले बात करते हैं कि रेंड़ी का तेल त्वचा के लिए किस-किस तरह से लाभकारी है।

त्वचा के लिए अरंडी तेल के फायदे – Skin Benefits of Castor Oil in Hindi

 Skin Benefits of Castor Oil in Hindi Pinit

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1. गोरेपन के लिए

सामग्री :

  • अरंडी के तेल की कुछ बूंदें

कैसे प्रयोग करें

  • थोड़ा-सा अरंडी का तेल लीजिए और इसे गुनगुना गर्म करके हल्के हाथों से चेहरे की मालिश कीजिए।
  • आप रात को सोने से पहले इसे लगाएं और अगली सुबह उठकर ठंडे पानी से मुंह धो लीजिए।
  • यकीन मानिए, आपके चेहरे पर गोरापन झलकने लगेगा।

कैसे है लाभकारी

अरंडी के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंट-एजिंग व एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। यह त्वचा को मॉश्चराइज़ करता है और उसमें निखार लेकर आता है। इससे मसाज करने से शरीर के अंदर रक्त प्रवाह अच्छा हो जाता है और चेहरा जवां व खिला-खिला नज़र आता है।

2. मुंहासों के लिए

सामग्री :

  • अरंडी के तेल की कुछ बूंदें

कैसे प्रयोग करें

  • रात को चेहरा गुनगुने पानी से धो लें और फिर अरंडी के तेल से चेहरे की मालिश करें।
  • अगली सुबह चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।

कैसे है लाभकारी

जिन लोगों की त्वचा तैलीय होती है, उन्हें कील-मुंहासों का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोग अपने चेहरे पर किसी भी प्रकार का तेल या चिपचिपी क्रीम लगाने के बारे में सोचते तक नहीं है। वहीं, अरंडी का तेल लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है। इस तेल में रिसिनोलेस एसिड होता है, जो कील-मुंहासों को पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ता है (2) (3)।

3. होंठों के लिए

सामग्री :

  • आधा चम्मच ग्लिसरीन
  • आधा चम्मच अरंडी का तेल
  • आधा चम्मच नींबू

कैसे प्रयोग करें

  • इन सभी सामग्रियों को आपस में मिला लें।
  • रात को सोने से पहले इस मिश्रण को अपने होठों पर लगाएं और अगली सुबह धो लें।

कैसे है लाभकारी

भारत में बदलते मौसम के साथ हमारे होंठ अक्सर फट जाते हैं। ऐसे में अरंडी का तेल काफी फायदेमंद साबित हो सकता है (4)। अरंडी का तेल होंठों की मृत त्वचा को नष्ट करता है और कालेपन को दूर कर, उन्हें गुलाबी बनता है। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि होंठों के लिए मार्केट में उपलब्ध कई उत्पादों में यह तेल शामिल होता है।

4. काले घेरों के लिए

सामग्री :

  • अरंडी का तेल व नारियल तेल

कैसे प्रयोग करें

  • अरंडी के तेल व नारियल तेल को बराबर मात्रा में मिला लें।
  • अब रात को सोने से पहले इसे ध्यान से आंखों के नीचे व आसपास उभर आए काले घेरों पर लगाएं।
  • करीब दो-तीन मिनट तक मसाज करें और फिर अगली सुबह चेहरे को धो लें।

कैसे है लाभकारी

चेहरे पर उभर आए काले घेरों को साफ करने के लिए अरंडी के तेल को नारियल तेल के साथ प्रयोग किया जाना चाहिए। अरंडी के तेल की तरह नारियल तेल में एंटी-ऑक्सीडेंट व फैटी एसिड के गुण होते हैं (5)। साथ ही इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है (6)। ये सभी तत्व त्वचा के अंदर रक्त संचार को बेहतर करते हैं।

  • कब लगाएं

जब तक आपके काले घेरे साफ न हो जाएं, तब तक हर रात इसे लगाएं।

5. पिग्मेंटेशन

सामग्री :

  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • आधा चम्मच हल्दी पाउडर

कैसे प्रयोग करें

  • तेल में हल्दी पाउडर को मिला दें।
  • पेस्ट को गाढ़ा करने के लिए और हल्दी पाउडर डाल सकते हैं।
  • अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर करीब एक घंटे के लिए छोड़ दें।
  • इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें।

कब लगाएं

  • इसे दिन में एक बार प्रयोग कर सकते हैं।

कैसे है लाभकारी

पिग्मेंटेशन को कम करने के लिए इससे बेहतर फेस पैक नहीं हो सकता। अरंडी के तेल में फैटी एसिड, खासकर ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। ओमेगा-3 त्वचा में नमी बनाए रखता है और स्वस्थ टिशू को बढ़ने में मदद करता है। इससे चेहरा बेदाग व खिला-खिला नज़र आता है। कई शोध से यह स्पष्ट हो गया है कि पिग्मेंटेशन से निपटने के लिए अरंडी के तेल से बेहतर और कुछ हो ही नहीं सकता (7)।

6. स्ट्रेच मार्क्स के लिए

सामग्री :

  • एक आलू का जूस
  • दो चम्मच अरंडी का तेल

कैसे प्रयोग करें

  • छिलका उताकर आलू को मिक्सी में पीस लें और फिर उसे कपड़े के जरिए निचोड़कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस में अरंडी का तेल मिला दें और करीब दो घंटे के लिए फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें।
  • जब मिश्रण ठंडा हो जाए, तो इसे प्रभावित जगह पर लगाएं।
  • करीब आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से साफ कर लें।

कब लगाएं

  • इसे हफ्ते भर में तीन-चार बार लगाएं।

कैसे है लाभकारी

यौवन अवस्था में, गर्भावस्था के दौरान या फिर पीरियड्स के समय तेजी से वज़न बढ़ने व कम होने पर कमर के आसपास व पेट पर स्ट्रेच मार्क्स उभर आना आम बात है। इससे निपटने में अरंडी का तेल उपयोगी है। यह मिश्रण माश्चराइज़िंग प्रदान करता है और त्वचा के बीच आए गैप को भरकर स्ट्रेच मार्क्स को कम करता है (8)।

7. झाइयों के लिए

सामग्री :

  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • आधा चम्मच शहद

कैसे प्रयोग करें

  • तेल व शहद को आपस में मिला लें।
  • साफ मेकअप ब्रश की मदद से इस मिश्रण को पूरे चेहरे पर लगाएं।
  • करीब 10 मिनट बाद हल्के हाथों से करीब दो मिनट तक चेहरे की मालिश करें।
  • इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें।

कब लगाएं

  • हफ्ते में करीब तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है लाभकारी

अरंडी का तेल (कैस्टर ऑयल) त्वचा के अंदर तक जाता है और कोलेजन व इलास्टिन ( ये दोनों शरीर में एक प्रकार का प्रोटीन हैं) के निर्माण में तेजी लाता है। साथ ही स्किन को कोमल व नमी प्रदान करने में मदद करता है। यह चेहरे पर झाइयों को उभरने नहीं देता और त्वचा को मुलायम व जवां बनाता है (9)।

8. त्वचा में एलर्जी

सामग्री :

  • अरंडी का तेल
  • कॉटन बॉल

कैसे प्रयोग करें

  • कॉटन बॉल को तेल में डुबोएं।
  • अब जहां पर एलर्जी है, वहां तेल को लगाएं।
  • करीब एक घंटे तक लगे रहने दें और फिर इसे धो दें।

कैसे है लाभकारी

सनबर्न, मुंहासों व रूखेपन के कारण हमारी त्वचा खराब हो जाती है। जगह-जगह लाल निशान नज़र आने लगते हैं। ऐसे में अरंडी का तेल किसी वरदान से कम नहीं है।

9. मॉश्चराइज़र

सामग्री :

  • अरंडी के तेल की कुछ बूंदें

कैसे प्रयोग करें

  • चेहरे को अच्छी तरह धोने के बाद, इस तेल के जरिए हल्के हाथों से मालिश करें।

कैसे है लाभकारी

अरंडी का तेल प्राकृतिक मॉश्चराइजिंग का काम करता है। इसमें फैटी एसिड होता है, जो स्किन के अंदर तक जाकर रूखेपन को दूर कर नमी प्रदान करता है (10)।

10. दाग-धब्बों के लिए

सामग्री :

  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • एक चम्मच बेकिंग सोडा

कैसे प्रयोग करें

  • दोनों चीजों को आपस में मिला लें।
  • अब चेहरे पर जहां दाग-धब्बे हैं, वहां इस पेस्ट को लगाएं।
  • करीब 15 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।

कैसे है लाभकारी

अरंडी का तेल चेहरे की मृत कोशिकाओं को नष्ट कर देता है और रोम छिद्रों को बंद करने वाले बैक्टीरिया, गंदगी व अतिरिक्त तेल को साफ कर देता है। इस तेल में एंटी-बैक्टीरिया, एंटी-फंगल व एंटी-वायरल तत्व पाए जाते हैं, जो चेहरे से दाग-धब्बों को खत्म करने में मदद करते हैं (11)।

अरण्डी के तेल का उपयोग त्वचा के लिए किस प्रकार किया जाता है, यह तो आप जान ही चुके हैं। आइए, अब बात करते हैं कि बालों के लिए अरंडी का तेल किस प्रकार फायदेमंद है।

बालों के लिए अरंडी तेल के फायदे – Hair Benefits of Castor Oil in Hindi

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अरंडी के तेल से मालिश करने से बालों को भरपूर पोषण मिलता है, जिससे ये स्वस्थ व मजबूत होते हैं।

1. बालों की वृद्धि के लिए

सामग्री

  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • दो चम्मच नारियल का तेल
  • एक या दो कॉटन बॉल

कैसे प्रयोग करें

  • दोनों तेल को साफ कटोरी में मिला लें।
  • अब कॉटन बॉल की मदद से इस मिश्रण को अपने सिर पर लगाएं।
  • ध्यान रहे कि इस मिश्रण को बालों की जड़ों पर लगाना है, न कि बालों पर।
  • जब तेल पूरे सिर पर लग जाए, तो हल्के हाथों से करीब 10 मिनट तक मालिश करें।
  • संभव हो, तो इसे रात को लगाएं और अगली सुबह शैंपू कर लें।

कब लगाएं

  • इसे हफ्ते में दो-तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है लाभकारी

यह तेल बालों की जड़ों में जाकर रक्त संचार को बेहतर करता है, जिससे बालों को बढ़ने में मदद मिलती है। अरंडी के तेल में ओमेगा-9 नामक ज़रूरी फैटी एसिड पाया जाता है, जो बालों की वृद्धि के बेहद ज़रूरी है। यह बालों को दोमुंहा होने से बचाता है और मॉश्चराइज़िंग प्रदान करता है (12)।

2. डैंड्रफ के लिए

सामग्री

  • दो चम्मच अरंडी का तेल
  • दो चम्मच अदरक का रस

कैसे प्रयोग करें

  • तेल व अदरक के रस को एक कटोरी में मिला लें।
  • इस मिश्रण को पूरे सिर पर लगाएं।
  • करीब 30 मिनट बाद किसी भी अच्छे हर्बल शैंपू से बाल धो लें।

कब लगाएं

  • आप इस मिश्रण को हफ्ते में तीन बार लगा सकते हैं।

कैसे है लाभकारी

अदरक का रस सिर के रोम छिद्रों को साफ करता है और डैंड्रफ को जड़ से खत्म कर देता है। वहीं, अरंडी के तेल में मौजूद एसिड डैंड्रफ के खिलाफ लड़ता है और बालों को साफ करता है।

3. सफेद बालों के लिए

सामग्री

  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • दो चम्मच सरसों का तेल

कैसे प्रयोग करें

  • दोनों तेल को मिला लें और हल्का गर्म कर लें।
  • अब इस तेल को अपने सिर व बालों पर लगाएं।
  • फिर करीब 10 मिनट तक सिर की मालिश करें।
  • करीब 45 मिनट बाद बालों को शैंपू व कंडीशनर से धो लें।

कब लगाएं

  • इसे हफ्ते में दो-तीन बार लगाना फायदेमंद रहेगा।

कैसे है लाभकारी

सरसों के तेल में जिंक, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम व सेलेनियम होता है। यह मिनिरल्स का प्रमुख स्रोत है, जो सिर को भरपूर पोषण देता है। वहीं अरंडी का तेल बालों की मरम्मत कर, उन्हें टूटने से बचाता है। दोनों तेलों के इन्हीं गुणों के कारण बाल समय से पहले सफेद नहीं होते (13)।

4. सिर में संक्रमण के लिए

सामग्री

  • अरंडी का तेल
  • बादाम का तेल

कैसे प्रयोग करें

  • दोनों को एक समान मात्रा में मिक्स कर लें।
  • रात को सोने से पहले इसे अपने सिर पर लगांए और शॉवर कैप से ढक लें।
  • अगली सुबह सिर को शैंपू से साफ कर लें।

कब लगाएं

  • कुछ दिनों के अंतराल पर लगभग सात बार इसे सिर पर लगाएं, जब तक कि आपको परिणाम नज़र न आए।

कैसे है लाभकारी
अरंडी के तेल में एंटी-फंगल व एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो सिर में किस भी प्रकार का संक्रमण होने से बचाते हैं।

5. मुलायम बालों के लिए

सामग्री

  • एक चम्मच अरंडी का तेल

कैसे प्रयोग करें

  • इस तेल को अपने कंडीशनर में मिलाने के बाद अच्छे से हिलाएं।
  • अब जब भी शैंपू करें, तो उसके बाद इस कंडीशनर को बालों में ज़रूर लगाएं।

कैसे है लाभकारी

यह तेल बालों में मॉश्चराइज़ेशन बनाए रखता है। इसलिए, यह बालों को रूखा व बेजान होने से बचाकर कोमल व मुलायम बनाता है (14)।

सेहत/स्वास्थ्य के लिए अरंडी तेल के फायदे – Health Benefits of Castor Oil in Hindi

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1. कब्ज़ के लिए

सामग्री

  • आधा चम्मच अरंडी का तेल
  • एक कप संतरे का जूस

कैसे प्रयोग करें

  • जूस में तेल को अच्छे से मिलाएं और तुरंत पी जाएं।

कब तक सेवन करें

  • इसका रोज सेवन कर सकते हैं।

कैसे है लाभकारी

अरंडी के तेल में प्राकृतिक लैक्सटिव (पेट को साफ करने की दवा) के गुण होते हैं (15)। इसलिए, अगर आप लंबे समय से कब्ज़ की समस्या से जूझ रहे हैं, तो ऐसे में इस तेल का सेवन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं संतरे में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जिससे पेट आसानी से साफ हो जाता है (16)।

नोट : अगर आप पहले से कोई दवा ले रहे हैं, तो अरंडी के तेल का सेवन करने से पहले डॉक्टर से एक बार ज़रूर पूछ लें।

2. आर्थराइटिस/जोड़ों के दर्द में

सामग्री

  • थोड़ा-सा अरंडी का तेल
  • सूती कपड़े का टुकड़ा

कैसे प्रयोग करें

  • कपड़े को चौकोर तरीके से मोड़कर तेल में डुबो दें।
  • अब कपड़े को निचोड़कर, जहां जोड़ों में दर्द हो रहा हो, उसे वहां रखें और किसी प्लास्टिक से कवर कर दें।
  • इसके बाद हॉट बोतल या हीटिंग पैड को उसके ऊपर करीब एक घंटे के लिए रख दें। प्लास्टिक की वजह से हीटिंग पैड पर तेल नहीं लगेगा।

कब करें

  • इसे आप जब चाहें, तब प्रयोग कर सकते हैं या फिर हफ्ते में कम से कम एक बार करें।

कैसे है लाभकारी
अरंडी के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है (17), जो जोड़ों के दर्द और नसों व मासपेशियों में आई सूजन व दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।

3. पेट संबंधी समस्या

सामग्री

  • थोड़ा-सा अरंडी का तेल

कैसे प्रयोग करें

  • तेल को गर्म करके, इससे पेट की मालिश कीजिए।

कब करें

  • करीब दो-तीन महीने तक इसे हफ्ते में तीन बार करें।

कैसे है लाभकारी

अरंडी का तेल पेट की नसों में जाकर सूजन को कम करता है और पाचन तंत्र को बेहतर करता है। साथ ही आंतों को काम करने में मदद करता है।

4. घावों के लिए

सामग्री :

  • अरंडी का तेल व एक पट्टी

कैसे प्रयोग करें

  • शरीर पर जिस जगह घाव हो, वहां यह तेल लगाकर पट्टी बांध दें।

कब करें

  • जब तक चोट ठीक न हो जाए।

कैसे है लाभकारी

अरंडी के तेल का उपयोग करने से घाव जल्दी भर जाते हैं। जब इस तेल को घाव पर लगाते हैं, तो यह उस जगह पपड़ी नहीं जमने देता। साथ ही यह स्वस्थ टिशू को उत्पन्न होने में मदद करता है, जिससे संक्रमण होने की आशंका कम हो जाती है। यह मृत त्वचा कोशिकाओं को भी पनपने से रोकता है (18)।

5. रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए

सामग्री

  • अरंडी का तेल
  • सूती कपड़ा व तौलिया
  • हीटिंग पैट

कैसे प्रयोग करें

  • तेल में सूती के कपड़े को डुबा दें और उसे निचोड़कर अपने पेट के ऊपरी दाएं क्वाड्रंट पर रख लें। यहां आपको बता दें कि वैज्ञानिक तौर पर पेट को चार क्वाड्रंट में बांटा गया है।
  • इसके ऊपर तौलिया लपेट कर, उस पर हीटिंग पैड रख दें और करीब एक घंटा इसी स्थिति में रहें।

कैसे है लाभकारी

इस पैक को पेट के ऊपरी दाएं क्वाड्रंट पर रखने से लिम्फोसाइटों के उत्पादन में तेजी आती है। लिम्फोसाइटों एक प्रकार की सफेद रक्त कोशिका है, जो रोगप्रतिरोधक प्रणाली को संक्रमण से लड़ने में मदद करती है (19)।

6. वज़न कम करने के लिए

सामग्री

  • करीब एक इंच अदरक
  • एक ग्रीन-टी बैग
  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • एक कप पानी

कैसे प्रयोग करें

  • एक कप पानी को गर्म कर लें।
  • अब अदरक को कूटकर पानी में डालें और करीब तीन मिनट तक उबालें।
  • इसके बाद पानी को छानकर कप में डालें।
  • फिर ग्रीन-टी बैग को पानी में करीब एक मिनट के लिए डाल दें।
  • जब पानी में ग्रीन-टी का रंग आ जाए, तो उसे निचोड़कर निकाल लें और अरंडी का तेल डालकर अच्छे से घोलकर पी जाएं।

कैसे है लाभकारी

यह भूख को कम करता है और आंतों की कार्यप्रणाली में सुधार कर फैट मेटाबॉलिज्म को बेहतर करता है। साथ ही शरीर में पानी की कमी को पूरा कर वज़न कम करने में मदद करता है।

7. किडनी में पथरी के लिए

सामग्री

  • अरंडी का तेल
  • नींबू के तेल की एक-दो बूंदें
  • सूती कपड़ा, तौलिया व प्लास्टिक की शीट
  • हीटिंग पैड या फिर हॉट बोतल

कैसे प्रयोग करें

  • नींबू का तेल व अरंडी के तेल को मिला लें। इसमें कपड़े को भिगोकर निचोड़ लें और पीठ पर रखें, क्योंकि किडनी वहीं होती है।
  • इसके बाद कपड़े को तौलिये व प्लास्टिक शीट से कवर कर दें और उसके ऊपर करीब एक घंटे के लिए हीटिंग पैड या फिर हॉट बोतल रख दें।

कैसे है लाभकारी

अरंडी के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो किडनी में पथरी पर सकारात्मक प्रभाव डालता है (20)। यह पथरी के दर्द को कम कर, उससे राहत दिलाता है।

8. सर्दी व ज़ुकाम के लिए

सामग्री

  • आधा कप अरंडी का तेल
  • लहसुन की एक-दो फाड़ियां
  • एक चम्मच पीसा हुआ अदरक
  • नीलगिरी तेल की तीन-चार बूंदें
  • आधा चम्मच लाल मिर्च

कैसे प्रयोग करें

  • लहसुन की फाड़ियों को घिसकर अरंडी के तेल में डालकर मिलाएं।
  • अब इसमें अदरक, नीलगिरी तेल और लाल मिर्च को मिला दें।
  • इन्हें मिलाने के बाद जो मिश्रण तैयार होगा, उससे छाती पर मालिश करें।

कैसे है लाभकारी

अरंडी का तेल जल्द ही शरीर में घुल जाता है और इम्यून सिस्टम को बेहतर करता है। वहीं, अदरक और लाल मिर्च शरीर में गर्मी पैदा करते हैं और बलगम को पतला कर देता है, ताकि वह आराम से बाहर निकल जाए। इसके अलावा, नीलगिरी तेल व लहसुन में एंटी-माइक्रोबियल गुण होता है (21) (22)।

9. कमर दर्द के लिए

सामग्री

  • एक चम्मच अरंडी का तेल

कैसे प्रयोग करें

  • तेल को गर्म करें और इससे कमर की मालिश करें।

कैसे है लाभकारी

अरंडी के तेल में रिसिनोलेस एसिड होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं (2)। यह न सिर्फ कमर दर्द के मुख्य कारक से लड़ते हैं, बल्कि त्वरित राहत भी दिलाते हैं (23)।

10. दाद के लिए

सामग्री

  • थोड़ा-सा अरंडी का तेल

कैसे प्रयोग करें

  • जहां पर दाद हो, वहां इस तेल को लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें।

कैसे प्रयोग करें

  • इसे हर तीसरे दिन प्रभावित जगह पर लगाएं।

कैसे है लाभकारी

अरंडी के तेल में एंटीफंगल एजेंट्स पाए जाते हैं, जो दाद व खुजली पर तेजी से अपना असर दिखाते हैं। यह तेल दाद-खुजली के कारण शरीर पर पड़ गए निशानों को भी भरने का काम करता है। साथ ही सिर पर हुए दाद पर भी असरकारक है।

नोट : अरंडी के तेल से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है। इसलिए, पहले थोड़ा-सा तेल अपने हाथ पर लगाएं, ताकि पता चल सके कि कहीं आपको अरंडी के तेल से किसी प्रकार की एलर्जी तो नहीं है। साथ ही जब इस तेल को अपने शरीर पर लगाएं, तो पुराने कपड़े पहनें, क्योंकि यह शरीर से मुश्किल से उतरता है।

अभी तक हमने जाना कि कैस्टर ऑयल यानी रेंड़ी का तेल किस प्रकार हमारे लिए फायदेमंद है और घरेलू उपचार के तौर पर इसे कैसे प्रयोग किया जा सकता है। आइए, अब पता करते हैं कि अरंडी का तेल कितने प्रकार का होता है।

अरंडी के तेल के विभिन्न प्रकार – Types of Castor Oil in Hindi

वैसे तो इस तेल के कई प्रकार हैं, लेकिन मुख्य रूप से यह तीन प्रकार का होता है।

  • ऑर्गेनिक कोल्ड-प्रेस्ड कैस्टर ऑयल : इसे सीधा अरंडी के बीजों से निकाला जाता है और इसे बनाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की हीट का प्रयोग नहीं किया जाता। तेल निकालने के दौरान हीट का प्रयोग करने से बीज में मौजूद सभी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। आप जब भी इसे खरीदें, तो ध्यार रहे कि यह पीले रंग का होना चाहिए।
  • जमैकन ब्लैक कैस्टर ऑयल : इसे बनाने के लिए अरंडी के बीजों को पहले भूना जाता है और फिर इन्हें दबाकर तेल निकाला जाता है। बीजों को भूनने के दौरान जो राख निकलती है, उसे भी तेल में मिक्स किया जाता है, जिस कारण यह तेल काले रंग का नज़र आता है। इसमें भी कोल्ड-प्रेस्ड कैस्टर ऑयल की तरह सभी पौष्टिक गुण मौजूद होते हैं, लेकिन खारापन काफी होता है।
  • हाइड्रजेंट कैस्टर ऑयल : यह तेल हाइड्रोजनेटिंग प्यूर कैस्टर ऑयल के साथ आता है, जिसमें निकल मिला होता है। इसे कैस्टर वैक्स के नाम भी जाना जाता है। यह तेल गंध रहित, भुरभुरा व अघुलनशील होता है यानी इसे पानी में घोलना मुश्किल होता है।

आगे हम बता रहे हैं कि अरंडी का तेल किस प्रकार नुकसानदायक भी साबित हो सकता है।

अरंडी के तेल के नुकसान – Side Effects of Castor Oil in Hindi

कुछ मामलों में अरंडी का तेल हानिकारक साबित हो सकता है। अरंडी के बीजों में रिसिन टॉक्सिन नामक विषैला पदार्थ पाया जाता है। यह अगर शरीर के अंदर चला जाए, तो जानलेवा साबित हो सकता है (24)। इसके अलावा, तेल निकालने के दौरान, अरंडी के बीजों को कीटनाशक दवाइयों या फिर केमिकल के जरिए पीसा जाता है। इस तरह से तेल की गुणवत्ता पर फर्क पड़ता है और उसके नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। आइए, एक नज़र डालते हैं कि इस तेल के किस-किस प्रकार से दुष्परिणाम होते हैं :

  • उल्टी होना : तेल का अत्याधिक मात्रा में सेवन करने से उल्टी होना शुरू हो सकती है। अगर इस पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया, तो डीहाइड्रेशन हो सकता है (25)। साथ ही ह्रदय संबंधी समस्या भी हो सकती है।
  • दस्त लगना : इस तेल में प्राकृतिक लैक्सटिव होता है (15), जो कब्ज़ की समस्या को दूर करने को लिए इस्तेमाल किया जाता है। अगर इसका ज्यादा सेवन कर लिया जाए, तो दस्त लग सकते हैं।
  • स्किन पर रैशेज़ : एक अध्ययन के अनुसार, कुछ लोगों को इस तेल के प्रयोग से एलर्जी हो सकती है। इसे शरीर पर लगाने से रैशेज़ या फिर खुजली हो सकती है (26)।
  • मांसपेशियों में खिंचाव : इस तेल के प्रयोग से मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या हो सकती है। ऐसा अरंडी के बीजों में रिसिन तत्व होने के कारण होता है (27)।
  • सिर चकराना : अरंडी के तेल का अधिक सेवन करने से सिर चकराने जैसी समस्या भी हो सकती है। साथ ही सांस लेने में तकलीफ जैसी परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है (28)।
  • पेट में मरोड़ : अरंडी का तेल किस कदर जानलेवा साबित हो सकता है, इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि 58 वर्षीय व्यक्ति ने कैस्टर बीन का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। इंजेक्शन का ओवरडोज लेते ही उसे उल्टियां शुरू हो गईं और पेट में मरोड़ पड़ने लगे। ऐसा इन बीजों में पाए जाने वाले रिसिन नामक विषैले तत्व के कारण हुआ (29)।
  • पाचन तंत्र में सूजन : रिसिन का इंजेक्शन लेने से पाचन तंत्र में सूजन की समस्या हो सकते है। ऐसा इंजेक्शन लेने के 6-12 घंटे के भीतर हो सकता है (30)।

हमारे लिए यह जानना भी जरूरी है कि गर्भावस्था में अरंडी के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं। यह जानने के लिए आगे पढ़िए।

गर्भावस्था के दौरान अरंडी के तेल का इस्तेमाल – Castor Oil for Pregnancy in Hindi

स्पष्ट शब्दों में कहा जाए, तो गर्भावस्था के दौरान अरंडी के तेल का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इस लेख में पहले भी बताया गया है कि इस तेल में प्राकृतिक लैक्सटिव होता है। अगर कोई गर्भवती महिला इसका एक चम्मच भी सेवन करती है, तो उसके बार-बार शौचालय जाने की नौबत आ सकती है। साथ ही पेट खराब होने की आंशका भी रहेगी। इसके अलावा, तेल के सेवन से बेवक्त आंतों में खिंचाव आ सकता है, जिसका असर गर्भाशय की मांसपेशियों पर पड़ेगा और समय पूर्व डिलीवर का अंदेशा बढ़ सकता है। साथ ही डीहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, लेबर पैन ज़रूरत से ज्यादा कष्टदायक हो सकता है और डिलीवरी के बाद दूध बनना कम हो सकता है। ऐसे में जब आप एक नए जीवन को जन्म देने वाली हैं, तो इसका सेवन करना उचित नहीं है।

आगे पढ़ लेते हैं कि इस का तेल प्रयोग बच्चों के लिए किया जा सकता है या नहीं।

बच्चों के लिए अरंडी के तेल के फायदे – Castor Oil Benefits for Babies in Hindi

Castor Oil Benefits for Babies in Hindi Pinit

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बड़ों के साथ-साथ बच्चों के लिए भी यह तेल फायदेमंद भी है और नुकसानदायक भी है। सबसे पहले जानते हैं कि यह लाभप्रद कैसे है।

  • प्राकृतिक मॉश्चराइज़र : बच्चों की त्वचा कोमल व मुलायम होती है। इसलिए, उनकी अरंडी के तेल से मालिश करनी चाहिए। इससे बच्चों की त्वचा को पर्याप्त नमी मिलेगी और चमक बनी रहेगी। साथ ही उनकी मांसपेशियां भी मजबूत होंगी।
  • डाइपर रैशेज़ से राहत : आजकल हर कोई अपने बच्चे को डाइपर पहनाता है। अब इसे बच्चे की सुरक्षा कहें या फिर खुद के काम को आसान बनाने का रास्ता, लेकिन इसके परिणाम मासूम को भुगतने पड़ते हैं। अक्सर डाइपर की वजह से बच्चों को रैशेज़ हो जाते हैं। ऐसे में प्रभावित जगह पर अरंडी का तेल लगाया जाना चाहिए।
  • अच्छे बालों के लिए : बच्चों के सिर की इस तेल से मालिश करने पर बालों में प्राकृतिक चमक आती है और तेजी से बढ़ते हैं।
  • गैस से राहत के लिए : अक्सर छोटे बच्चों को गैस बन जाती है, जिसे वह सहन नहीं कर पाते और रोना शुरू कर देते हैं। इस स्थिति में अगर आप अरंडी के तेल को गर्म करके बच्चे के पेट पर लगाएंगे, तो उसे तुरंत गैस की समस्या से राहत मिल जाएगी।

बच्चों के लिए अरंडी के तेल के नुकसान – Castor Oil Side Effects for Babies in Hindi

अगर शिशु के शरीर पर कहीं चोट लगी हो, जख्म हो या फिर त्वचा कहीं से छिल गई हो, तो वहां इस तेल को न लगाएं। उस जगह पर यह तेल जलन पैदा कर सकता है।

  • बच्चे के होंठ, मुंह, आंखों व गुप्तांग पर यह तेल कभी न लगाएं।
  • कैस्टर ऑयल में कुछ विषैले तत्व होते हैं, इसलिए बच्चों को इसका सेवन कभी न कराएं।

आगे हम विस्तार से अरंडी के तेल के पोषक तत्वों के बारे में जानेंगे।

अरंडी के तेल के पौष्टिक तत्व – Castor Oil Nutritional Value in Hindi

यहां जानिए कि इस गुणकारी तेल में कौन-कौन से पौष्टिक तत्व छुपे हुए हैं।

फैटी एसिड ऑयल की औसतन संरचना
एसिड का नामऔसतन प्रतिशत स्तर
रिसिनोलेस एसिड95से85%
ओलेक एसिड6से2%
लिनोलिक एसिड5से1%
लिनोलेलिक एसिड1से0.50%
स्टीयरिक एसिड1से0.50%
पामिटिक एसिड1से0.50%
डायहाइड्रोक्सीस्टेरिक एसिड0.5से0.30%
अन्य0.5से0.20%

हम आशा करते हैं कि आपको अरंडी के तेल से जुड़ी सभी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर आप इस बारे में और कुछ जानना चाहते हैं, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। साथ ही यहां बताए गए घरेलू नस्खों को अपनाने से आपको किस प्रकार से लाभ हुआ, अपने अनुभव हमारे साथ ज़रूर साझा करें।

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