अरबी के 14 फायदे, उपयोग और नुकसान – Taro Roots Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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जमीन के नीचे उगने वाली स्वादिष्ट अरबी कई प्रकार के व्यंजन और स्वादिष्ट पकवान बनाने के काम में आती है। क्या आपको पता है, यह स्वादिष्ट सब्जी न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। पहले यह सब्जी सिर्फ एशिया में मशहूर थी, लेकिन इसके स्वाद और स्वास्थ्य के गुणों के कारण यह धीरे-धीरे पूरे विश्व में फैल गई। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम अरबी के बारे में ही बात करेंगे। हम अरबी के लाभ, उपयोग और अरबी के नुकसान के बारे में जानेंगे।

आइए सबसे पहले हम जानते हैं अरबी के फायदे के बारे में।

अरबी के फायदे – Benefits of Taro Roots in Hindi

अरबी कैंसर, आंखों की बीमारी, हृदय रोग व डायबिटीज जैसी कई बीमारियों में औषधि के रूप में काम आ सकती है। आइए जानते हैं कि अरबी किस प्रकार से हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

1. स्वस्थ हृदय के लिए अरबी के फायदे

अरबी में मौजूद फाइबर और स्टार्च आपको हृदय रोग के जोखिम से बचाकर स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। शोध में पाया गया है कि जिन लोगों के आहार में फाइबर मौजूद होता है, उन्हें हृदय रोग होने की आशंका कम होती है (1), (2)। अरबी में मौजूद रेजिस्टेंस स्टार्च, फाइबर की तरह ही काम करता है। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हृदय को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाता है (3)।

2. कैंसर के लिए अरबी खाने के फायदे

अरबी को पॉलीफेनॉल्स का अच्छा स्रोत माना गया है। पॉलीफेनॉल्स में कैंसर के जोखिम को कम करने की क्षमता शामिल है। पॉलीफेनॉल्स कैंसर सेल को बढ़ने से रोक सकते हैं। साथ ही ट्यूमरजेनिक कोशिकाओं को भी कम करने में मदद करते हैं। ये ट्यूमरजेनिक कोशिकाएं ही होती हैं, जो ट्यूमर को बढ़ाकर कैंसर का कारण बनती हैं (4)।

3. पाचन तंत्र में अरबी के लाभ

अरबी खाने के लाभ ये हैं कि इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जिस कारण यह हमारे पाचन तंत्र के लिए उत्तम आहार है (1)। फाइबर की मदद से पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है, जिस कारण भोजन को पचाने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यह गैस, ऐंठन, कब्ज और दस्त जैसी बीमारी को भी रोकने में मदद कर सकता है (5)।

4. वजन को कम करने में सहायक

जैसा कि हमने शुरुआत में बताया कि अरबी को फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है (1)। फाइबर के सेवन से भूख कम लगती है और शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है। कम आहार लेने से वजन में गिरावट आने लगती है (5)। मोटापे से पीड़ित लोग वजन कम करने के लिए अपने भोजन में फाइबर से युक्त अरबी को शामिल कर सकते हैं।

5. उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करे

अरबी के पत्ते में एंटी-इंफ्लेमेटरी, हाइपोलिपिडेमिक, एंटी-कैंसर व एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण इसका उपयोग आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में उच्च रक्तचाप जैसी कई बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है (6)।

6. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए

रोग प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए विटामिन-ई और विटामिन-सी जरूरी पोषक तत्व हैं (7)। वहीं, अरबी में विटामिन-ई और सी दोनों ही अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए, अरबी को आहार में शामिल करने से हमें विटामिन-ई और विटामिन-सी दोनों ही प्राप्त होंगे, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर किया जा सकता है (8)।

7. मांसपेशियों काे स्वस्थ रखने में अरबी के लाभ

अरबी में विटामिन ई और मैग्नीशियम होता है। (9)। ये मांसपेशियों के निर्माण और उनकी देखभाल करने में मदद करता है (10)।

8. स्वस्थ आंखों के लिए अरबी के फायदे

अरबी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं (4), जो बढ़ती उम्र में आंखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं (12)। साथ ही इसमें विटामिन-ए, सी व जिंक जैसे जरूरी तत्व भी पाए जाते हैं (13), जो आंखों की रोशनी को बढ़ाकर इससे होने वाली बीमारियों को दूर करने में सहायक हो सकते हैं (12)।

9. थकान को कम करें

अरबी में पाया जाने वाला फाइबर खाने को पचाने की प्रक्रिया को कम करता है और शरीर को लंबे समय तक चुस्त बनाए रखने के लिए ऊर्जा देने में मदद करता है। इससे थकान कम हो सकती है (14)। इस लिहाज से यह एथलीटों के लिए अच्छा खाद्य पदार्थ साबित हो सकता है।

10. पेट को साफ रखने में अरबी के लाभ

अरबी में उच्च स्तर का फाइबर होता है (1), जो आंत में फंसे भोजन के रेगुलेशन और पाचन में सहायक बन सकता है। अरबी के सेवन से फाइबर हमारे पेट में पहुंचता है और मल को बाहर निकालने में सहायता करता है। इससे पाचन तंत्र तो बेहतर होता ही है, साथ ही कब्ज की बीमारी भी दूर होती है (15)। अरबी में एक विशेष प्रकार का रेजिस्टेंस स्टार्च भी पाया जाता है। यह भी पेट को साफ रखने और पाचन तंत्र को हेल्दी और स्ट्रांग बनाने में मदद कर सकता है।

11. डायबटीज को नियंत्रित करे

डायबिटीज के रोगियों में इंसुलिन को नियंत्रित करने में डायटरी फाइबर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, अरबी में फाइबर और रेजिस्टेंस स्टार्च होता है (1), जो टाइप-2 मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है (16)। प्रतिदिन अरबी के सेवन से पर्याप्त फाइबर प्राप्त हो सकता है, जो मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए बेहतर तरीका साबित हो सकता है (17)।

12. एंटीऑक्सीडेंट

अरबी एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है। अरबी में पाए जाने वाले विटामिन-ए, विटामिन-सी और अन्य तत्व हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर सकते हैं। साथ ही हमारे शरीर से खतरनाक फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करते हैं (4)। शरीर में फ्री रेडिकल्स बनने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

13. उम्र को बढ़ने से रोके के लिए अरबी के फायदे

अरबी में विटामिन-ए, सी, बी, तांबा, मैंगनीज, जिंक, मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन, सेलेनियम, पोटैशियम, बीटा-कैरोटीन व क्रिप्टोक्सांथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। इन एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण ही कई प्रकार की बीमारियों से बचना आसान हो जाता है। साथ ही अरबी में प्रोटीन की मात्रा भी होती है, जिस कारण बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकने में मदद मिल सकती है (18)।

14. अमीनो एसिड और ओमेगा-3 ऑयल

अरबी में पाया जाने वाला अमीनो एसिड शरीर के लिए आवश्यक कोशिकाओं की संरचना में मदद करता है (4)। साथ ही इसमें ओमेगा-3 ऑयल भी पाया जाता है , जो हृदय रोग, प्रतिरक्षा प्रणाली, सूजन और कैंसर जैसी बीमारियों के लिए लाभदायक माना जाता है (20)।

अरबी खाने के फायदे जानने के बाद आइए जानते हैं, इसमें पाए जाने वाले पौष्टिक तत्वों के बारे में।

अरबी के पौष्टिक तत्व – Taro Roots Nutritional Value in Hindi

अरबी में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। आइए, जानते हैं कि अरबी में कौने-कौन से पोषक तत्व होते हैं (13)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
कोलेस्ट्रॉल0 मिलीग्राम
कैलोरी112 कैलोरी
कार्बोहाइड्रेट26.46 ग्राम
वसा0.20 ग्राम
प्रोटीन1.50 ग्राम
शुगर1.40 ग्राम
फाइबर4.1 ग्राम
विटामिन
फोलट22 µg
नियासिन0.600 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.025 मिलीग्राम
थियामिन0.095 मिलीग्राम
विटामिन सी0.7 मिलीग्राम
विटामिन ए76 आईयू
विटामिन ई2.38 मिलीग्राम
विटामिन के1.0 µg
इलेक्ट्रोलाइट्स
सोडियम11 मिलीग्राम
पोटैशियम591 मिलीग्राम
मिनरल्स
कैल्शियम43 मिलीग्राम
आयरन0.55 मिलीग्राम
मैग्नीशियम33 मिलीग्राम
फास्फोरस84 मिलीग्राम
जिंक0.23 मिलीग्राम
सेलेनियम0.7µg
काॅपर0.172 मिलीग्राम

आइए जानते हैं कि फायदेमंद अरबी को हम कैसे उपयोग कर सकते हैं।

अरबी का उपयोग – How to Use Taro Roots in Hindi

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अरबी के उपयोग के पहले यह जान लेना चाहिए कि कच्ची अरबी विषैली हो सकती है। इसलिए, खाने से पहले इसे अच्छी तरह से पका लेना चाहिए। पकने पर इसका स्वाद अखरोट जैसा हो जाता है। हम इसका उपयोग पका कर, भून कर, उबालकर या स्टीम करके कर सकते हैं। यहां हम अरबी को उपयोग करने के कुछ तरीके बता रहे हैं।

1. अरबी फ्राई

सामग्री

  • 500 ग्राम अरबी
  • दो चम्मच तेल
  • नमक (स्वादानुसार)

कैसे बनाएं

  • सबसे पहले इसे साफ कर लें और छिलके को उतार दें।
  • फिर इसे पतले और लंबे टुकड़ों में काट लें।
  • एक फ्राई पैन में दो चम्मच तेल डालकर उसे अच्छी तरह गर्म कर लें।
  • इसके बाद अरबी के टुकड़ों को तब तक तलें, जब तक कि वो हल्के भूरे रंग के न हो जाएं।
  • फिर अतिरिक्त तेल को टिशू पेपर के ऊपर रखकर निकाल लें।
  • आपकी अरबी फ्राई तैयार है। अब इस पर नमक छिड़क कर सर्व करें।

2. अरबी चिप्स

सामग्री

  • 500 ग्राम अरबी
  • दो बड़े चम्मच जैतून का तेल
  • नमक (स्वादानुसार)

कैसे पकाएं

  • सबसे पहेल अरबी को छिल लें।
  • फिर इसे पतले स्लाइस में लंबाई में काट लें।
  • जैतून के तेल के साथ प्रत्येक स्लाइस को हल्के से कोट करें।
  • कोट किए हुए चिप्स को बेकिंग शीट पर रखें।
  • बेकिंग शीट को 400°F (204°C) पर ओवन में 20 मिनट के लिए रखें।
  • इसके बाद चिप्स पर नमक डालकर इसे सर्व करें।

ऐसा नहीं है कि अरबी सिर्फ फायदेमंद ही हो, जानकारी के अभाव में इसके नुकसान भी हो सकते हैं।

अरबी के नुकसान – Side Effects of Taro Roots in Hindi

अरबी के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। कच्ची अरबी जहरीला हो सकती है। ऐसे में इसे खाने से इसके नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। आइए, अरबी से होने वाले विभिन्न प्रकार के नुकसानों के बारे में जानते हैं।

ऑक्सालिक एसिड : अरबी में ऑक्सालिक एसिड होता है (21), पत्तियों और जड़ों में मौजूद यह एसिड त्वचा और मुंह में जलन पैदा कर सकता हैं। अधिक मात्रा में ऑक्सालिक एसिड का सेवन करने से पथरी की समस्या हो सकती है (22)।

किडनी स्टोन : मूत्र में कैल्शियम, ऑक्सालेट और फास्फोरस की मात्रा बढ़ने के कारण किडनी में पथरी की समस्या हो सकता है (23)। अरबी में ये तीनों ही पाए जाते हैं (13)। अरबी के अधिक सेवन से किडनी में स्टोन की समस्या हो सकती है।

हाइपोग्लाइसीमिया : हाइपोग्लाइसीमिया ऐसी स्थिति है, जिसमें रक्त में शुगर का स्तर बहुत कम हो जाता है (24)। चूंकि, अरबी मधुमेह के लिए अच्छी हैं और इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट रक्त में मौजूद शुगर को कम करने में कारगर है, इसलिए इसका सेवन करते समय यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि अरबी की अधिक खपत से रक्त में शुगर के स्तर में गिरावट आ सकती है (17)।

इस लेख के माध्यम से अब आप अरबी के फायदे, उपयोग और नुकसान के बारे में जान चुके होंगे। साथ ही जाना कि अरबी का उपयोग करते समय हमें क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। अरबी के इन औषधीय गुणों को जानकर आप इसे अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली में जरूर शामिल करें। उम्मीद है कि अरबी पर लिखा यह लेख आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा करके, अरबी के लाभ से अन्य लोगों को भी अवगत कराएं।

संदर्भ (References) :

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सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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