अरहर (तुअर) दाल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Pigeon Peas (Arhar Dal) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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खाने की थाली में जब तक एक कटोरी दाल न रखी हो, खाना जैसे पूरा नहीं लगता। खासकर, भारतीय भोजन में दाल की अहम भूमिका होती है। पोषक तत्वों से भरपूर दालें पेट भरने के साथ-साथ शरीर को स्वस्थ रखने का काम भी करती हैं। ऐसी ही एक दाल है अरहर, जिसे तुअर दाल के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि अरहर दाल के फायदे कई बीमारियों से बचाव और उनके लक्षणों को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में जानिए स्वास्थ्य के लिए तुअर दाल के फायदे और इसके विभिन्न उपयोग। इसके साथ ही लेख में तुअर दाल के नुकसान भी बताए गए हैं। पाठक इस बात का ध्यान रखें कि अरहर दाल लेख में दी गईं बीमारियों से लक्षणों को कम करने में सहायक साबित हो सकती है, लेकिन यह बीमारी का इलाज नहीं है।

आइए सबसे पहले आपको बताते हैं अरहर दाल के फायदे के बारे में।

अरहर (तुअर) दाल के फायदे – Benefits of Pigeon Peas in Hindi

1. वजन कम करने में सहायक

वजन के नियंत्रित करने में तुअर दाल के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, यह दाल अन्य जरूरी पोषक तत्वों के साथ फाइबर से भी समृद्ध होती है (1)। वहीं, फाइबर युक्त आहार का सेवन पेट को लंबे समय तक भरा रख, अतिरिक्त भोजन खाने की आदत को कम करने में मदद कर सकता है। इस प्रकार फाइबर की यह प्रक्रिया बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में एक सहायक भूमिका निभा सकती है (2)। वजन को कम करने में अरहर दाल का उपयोग सीधे तौर पर कितना प्रभावी हो सकता है, इसके लिए अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

2. हृदय रोग से बचाव

हृदय रोग कई कारणों से हो सकते हैं और इनमें से एक कारण है शरीर पर फ्री रेडिकल्स (Reactive Oxygen Species) का प्रभाव। दरअसल, ऑक्सीडेटिव तनाव हृदय रोग के जोखिम कारक जैसे डायबिटीज, मोटापा और उच्च रक्तचाप आदि को बढ़ाने का काम कर सकता है (3)। ऐसे में, तुअर दाल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम फ्री रेडिकल्स का प्रभाव कम कर हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं (4)। यह पोटेशियम का भी समृद्ध स्रोत है, जो कि उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए लाभदायक हो सकता है और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

3. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए :

अरहर दाल का सेवन शरीर को स्वस्थ रखने के साथ शरीर को रोगों से दूर रखने में मदद कर सकता है। दरअसल, तुअर की दाल में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (Immunomodulatory) गुण पाए जाते हैं। यह गुण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है (5)।

4. मधुमेह में तुअर दाल के फायदे :

शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव का बढ़ता स्तर मधुमेह का कारण बन सकता है। फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन द्वारा किए गए एक शोध में यह पाया गया है कि ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में एंटीऑक्सीडेंट गुण से समृद्ध आहार का सेवन लाभकारी हो सकता है। वहीं, तुअर दाल एंटीऑक्सीडेंट गुण से समृद्ध होती है, जो मधुमेह से बचाव में सहायक भूमिका निभा सकती है। इस शोध में इस बात की भी पुष्टि की गई है कि हाइपरग्लेसेमिया (हाई ब्लड शुगर) को नियंत्रित करने में अंकुरित तुअर दाल के फायदे कारगर हो सकते हैं (6)। वहीं, यह काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का भी अच्छा स्रोत है, जो कि रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को तेजी बढ़ने नहीं देता है। जब अरहर की दाल को मेथी या पालक जैसी सब्जी के साथ पकाया जाता है तो उसकी पौष्टिकता और बढ़ जाती है।

5. कैंसर के जोखिम को कम करने में तुअर दाल के फायदे

कैंसर जैसी घातक बीमार से बचाव के लिए अरहर दाल का उपयोग कुछ हद तक मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (हैदराबाद) के शोध में इस बात का जिक्र किया गया कि अरहर दाल एंटीऑक्सीडेंट का एक अच्छा स्रोत है और यह गुण ऑक्सीडेटिव तनाव की वजह से होने वाले कैंसर के जोखिम से बचाव में मदद कर सकता है। वहीं, शोध में अरहर की जड़ में एंटीकैंसर गुण होने की बात का भी पता चलता है। इस गुण के पीछे तुअर की जड़ में पाया जाने वाला कैजोनॉल नामक कंपाउंड है (7)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि तुअर दाल और इसके पौधे की जड़ कैंसर से बचाव में कुछ हद तक मददगार साबित हो सकते हैं। वहीं, पाठक इस बात पर भी ध्यान दें कि तुअर दाल कैंसर का इलाज नहीं है, इसलिए कैंसर से पीड़ित व्यक्ति डॉक्टरी ट्रीटमेंट को नजरअंदाज न करें।

नोट : ऊपर बताए गए फायदों के अलावा भी तुअर दाल के अन्य फायदे भी हैं। फोलिक एसिड और आयरन मौजूद होता है, जिस कारण गर्भावस्था में अरहर की दाल का सेवन बहुत लाभकारी हो सकता है। वहीं, यह पेट संबंधी समस्याओं जैसे – कब्ज में लाभकारी हो सकता है। छोटे बच्चों को अरहर की दाल का पानी वीनिंग फूड की तरह दिया जाता है।

सेहत के लिए तुअर दाल के फायदे जानने के बाद, आगे जानिए इसमें मौजूद पोषक तत्वों के बार में।

अरहर (तुअर) दाल के पौष्टिक तत्व – Pigeon Peas Nutritional Value in Hindi

नीचे दिए गए टेबल की मदद से जानिए तुअर दाल में कौन से पोषक तत्व किस मात्रा में पाए जाते हैं (8) :

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी10.59 ग्राम
ऊर्जा343 kcal
प्रोटीन21.7  ग्राम
फैट1.49  ग्राम
कार्बोहाइड्रेट62.78 ग्राम
फाइबर15  ग्राम
मिनरल
कैल्शियम130 मिलीग्राम
आयरन5.23 मिलीग्राम
मैग्नीशियम183 मिलीग्राम
फास्फोरस367 मिलीग्राम
पोटेशियम1392 मिलीग्राम
सोडियम17 मिलीग्राम
जिंक2.76 मिलीग्राम
कॉपर1.057 मिलीग्राम
सिलेनियम8.2 माइक्रोग्राम
मैंगनीज1.791 मिलीग्राम
विटामिन
थियामिन0.643 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.187 मिलीग्राम
नियासिन2.965 मिलीग्राम
पैंटोथैनिक एसिड1.266 मिलीग्राम
विटामिन-बी 60.283 मिलीग्राम
फोलेट, DFE456 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए, आईयू28 आईयू
लिपिड
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.33 ग्राम
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.012 ग्राम
फैटी एसिड टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.814 ग्राम

लेख के अगले भाग में विस्तार से जानिए अरहर दाल का उपयोग किस तरह किया जा सकता है।

अरहर (तुअर) दाल का उपयोग – How to Use Pigeon Peas in Hindi

अरहर दाल का उपयोग नीचे बताए गए तरीकों से किया जा सकता है।

  • इसकी छिली हुई दाल की मदद से तड़का दाल बनाई जा सकती है।
  • दाल बनाने के लिए अरहर की साबुत दाल का भी उपयोग किया जा सकता है।
  • तुअर की दाल को पीस कर उसे घी में भून लें। इसके बाद उसमें शक्कर मिलाकर, पराठे में फिलिंग के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
  • अरहर की साबुत दाल को उबाल कर उसकी ग्रेवी वाली सब्जी भी बनाई जा सकती है।
  • तुअर दाल, चावल और विभिन्न सब्जियों को मिला कर खिचड़ी भी बना सकते हैं।
  • सांभर बनाने में भी अरहर दाल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।

कब करें सेवन – आहार में तुअर दाल को दोपहर या रात के भोजन में शामिल किया जा सकता है।

मात्रा  – रात या दोपहर के भोजन में आधी या एक कटोरी बनी हुई तुअर दाल को शामिल किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए आप डाइटिशियन से संपर्क कर सकते हैं।

लेख के अंतिम भाग में जानिए कि तुअर दाल के नुकसान क्या हो सकते हैं।

अरहर (तुअर) दाल के नुकसान – Side Effects of Pigeon Peas in Hindi

अरहर दाल के नुकसान निम्नलिखित रूप में सामने आ सकते हैं  –  

  • तुअर दाल के नुकसान की बात करें तो इसमें कुछ एंटी न्यूट्रेटिव (Antinutritive) तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं (9)। इस कारण अरहर दाल का उपयोग सीमित मात्रा में ही करें।
  • इसके अलावा, तुअर दाल कुछ मामलों में एलर्जी का कारण भी बन सकती है (10)। ऐसे में जिन्हें फूड एलर्जी की समस्या है, वे तुअर दाल का सेवन डॉक्टरी परामर्श पर ही करें।

इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद आपको यह समझ आ गया होगा कि तुअर दाल के फायदे कितने हैं और इसका उपयोग किस प्रकार स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। तुअर दाल हमारे देश में सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले दालों में से एक है। ऐसे में रोज व्यायाम के साथ संतुलित आहार में अरहर दाल का उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही, तुअर दाल के नुकसान से बचने के लिए इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि इसका उपयोग संतुलित मात्रा में किया जाए। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा। स्वास्थ्य जुड़े ऐसे ही अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहिए स्टाइलक्रेज से।

10 संदर्भ (Sources)

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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