अरारोट के फायदे और नुकसान – Arrowroot Benefits and Side Effects in Hindi

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विश्व भर में कई प्रकार के खास पौधे पाए जाते हैं, जिनमें औषधीय गुण होते हैं। उन्हीं में से एक है अरारोट। इसका उपयोग कई प्रकार के पकवानों में किया जाता है। इसके अलावा, अरारोट सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि स्वास्थ्य के लिए अरारोट के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं। साथ ही अरारोट का उपयोग और अरारोट के नुकसान संबंधित जानकारी भी इस लेख में दी गई हैं। अरारोट न सिर्फ सेहतमंद रहने में मदद करता है, बल्कि बीमारी की अवस्था में भी कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है। हां, इसे मेडिकल ट्रीटमेंट की तरह इस्तेमाल करना समझदारी नहींं है। इसके लिए डॉक्टरी इलाज ही सबसे बेहतर है।

यहां सबसे पहले हम आपको बता रहे हैं कि अरारोट कहते किसे हैं।

अरारोट क्‍या है? – What is Arrowroot in Hindi

अरारोट का वैज्ञानिक नाम मैरेंटा अरुंडिनेशी एल. (Maranta arundinacea L.) है। इसकी खेती मुख्य रूप से इसके तने (Underground Stem) से स्टार्च प्राप्त करने के लिए की जाती है। इसी स्टार्च से अरारोट पाउडर या आटा बनाया जाता है। अरारोट का आटा कुछ-कुछ कॉर्नस्टार्च की तरह दिखता है। इसके आटे का उपयोग कई प्रकार के व्यंजनों में किया जाता है (1)। इसके कई स्वास्थ्य फायदे भी हैं, जिनके बारे में नीचे विस्तारपूर्वक बताया गया है।

अरारोट के बारे में जानने के बाद जानते अब अरारोट के फायदे के बारे में बात करेंगे।

अरारोट के फायदे – Benefits of Arrowroot in Hindi

अरारोट सेहत के लिए कई तरीके से फायदेमंद हो सकता है। इसके निम्नलिखित स्वास्थ्य फायदे हो सकते हैं –

1. इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है

अरारोट का सेवन इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, इसमें पाया जाने वाला स्टार्च, फाइबर की तरह काम करता है। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, इसमें पाया जाने वाला इम्युनोस्टिमुलेटरी (Immunostimulatory ) गुण प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने का काम कर सकता है। फिलहाल, यह अध्ययन चूहों पर किया गया है। इंसानों पर इसके प्रभाव जानने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है (2)

2. पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है

अरारोट पेट संबंधी समस्याएंं जैसे कि दस्त और कब्ज में लाभदायक माना जा सकता है। इसमें पाया जाने वाला स्टार्च पेट दर्द और कब्ज के प्रभाव को कम करके पाचन संबंधी समस्या से राहत दिला सकता है (3)। साथ ही अरारोट में पाया जाने वाले प्रोबायोटिक बैक्टीरिया, पाचन में सुधार करने के साथ ही आंतों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का काम कर सकता है (4)।

3. ग्लूटेन रहित

एनसीबीआई की वेबसाइट पर ग्लूटेन व अरारोट के संबंध में एक रिसर्च पेपर को प्रकाशित किया गया है। इस शोध के अनुसार, अरारोट की गिनती ग्लूटेन रहित उत्पादों में की जाती है (5)। ग्लूटेन रहित खाद्य पदार्थों का सेवन सीलिएक नामक रोग की समस्या को कम कर सकता है। सीलिएक ग्लूटेन संबंधी विकार है, जिसमें छोटी आंत में सूजन की समस्या पैदा होती है (6)।

4. मधुमेह को कम करने के लिए अरारोट के फायदे

अरोरोट में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (ग्लूकोज की मात्रा नापने का पैमाना) होता है। इसलिए, यह मधुमेह के लिए आदर्श आहार हो सकता है। इसके अलावा, इसमें फाइबर की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो मधुमेह से बचाने में मदद कर सकता है (7)। साथ ही हम स्पष्ट कर दें कि अरारोट और इसके एंटीडायबिटिक गुणों के बारे में जानकारी सीमित है। इसलिए, मधुमेह के मरीज अरारोट का उपयोग अपने डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही करें। साथ ही दवा व संतुलित खान-पान का सेवन करें।

5. हृदय स्वास्थ्य के लिए अरारोट के फायदे

अरारोट हृदय के स्वास्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसमें पोटैशियम की अच्छी मात्रा (454 मिलीग्राम/100 ग्राम) पाई जाती है (8)। एनसीबीआई की ओर से जारी किए गए शोध के अनुसार, पोटैशियम उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह रक्त वाहिकाओं और धमनियों को आराम देता है, इससे रक्त का प्रभाव सही तरीके से हाेता है। साथ ही यह हृदय की समस्याओं जैसे कि स्ट्रोक और हार्ट फेल्योर से बचा सकता है (9)।

6. वजन कम करने में मददगार

अरारोट मोटापे की समस्या को दूर करने में मददगार हो सकता है। इसमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा पाई जाती है (8)। प्रोटीन और फाइबर के सेवन से ऊर्जा की कम खपत और भूख में कमी होती है। इससे वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है (10)।

7. दस्त की समस्या को दूर करे

जैसा कि आप ऊपर पढ़ ही चुके हैं कि अरारोट पाचन संबंधी कई समस्याओं को दूर करने में कारगर हो सकता है। उन्हीं में डायरिया यानी दस्त की समस्या भी है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, लंबे समय तक अरारोट पाउडर का सेवन दस्त की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है (11) (12)। हालांकि, यह किस गुण के कारण दस्त की समस्या को कम कर सकता है, इस संबंध में अभी और शोध की जरूरत है।

अरारोट के फायदे के बाद हम आर्टिकल में आगे इसमें मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं।

अरारोट के पौष्टिक तत्व – Arrowroot Nutritional Value in Hindi

अरारोट में पाए जाने वाले पोषक तत्व और उनकी मात्रा इस प्रकार हैं (8):

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी 80.75 ग्राम
ऊर्जा65 kcal
प्रोटीन4.24 ग्राम
फैट0.2 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट13.39 ग्राम
फाइबर1.3 ग्राम
मिनरल
कैल्शियम6 मिलीग्राम
आयरन2.22 मिलीग्राम
मैग्नीशियम25 मिलीग्राम
फास्फोरस98 मिलीग्राम
पोटैशियम454 मिलीग्राम
सोडियम26 मिलीग्राम
जिंक0.63 मिलीग्राम
कॉपर0.121 मिलीग्राम
मैंगनीज0.174 मिलीग्राम
सेलेनियम0.7 माइक्रोग्राम
विटामिन
विटामिन सी1.9 मिलीग्राम
थियामिन0.143 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.059 मिलीग्राम
नियासिन1.693 मिलीग्राम
विटामिन-बी 60.266 मिलीग्राम
फोलेट338 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए, RAE1 माइक्रोग्राम
कैरोटिन, बीटा11 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए, आईयू19 आईयू
लिपिड
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड0.039 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.004 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.092 ग्राम

अरारोट के पाेषक तत्वों के बाद हम बता रहे हैं कि इसका उपयोग कैसे कर सकते हैं।

अरारोट का उपयोग – How to Use Arrowroot in Hindi

अरारोट का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है। इसके उपयोग के कुछ तरीके हम यहां बता रहे हैं:

  • अरारोट का उपयोग कर स्वादिष्ट बिस्किट या हलवा बनाया जा सकता है।
  • अरारोट पाउडर का उपयोग दूध के साथ करके बर्फी बनाई जा सकती है।
  • गर्मी के मौसम में अरारोट पाउडर का उपयोग ठंडाई बनाने के लिए कर सकते हैं।
  • स्वादिष्ट गुलाब जामुन में अरारोट का उपयोग कर सकते हैं।

इसके अलावा, अरारोट पाउडर का उपयोग और भी कई चीजों में कर सकते हैं। कई स्थानों पर इसका उपयोग मुंहासों को दूर करने और चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए भी किया जाता है, लेकिन इस बात के वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

मात्रा: वैसे तो यह स्पष्ट नहीं है कि अरारोट की कितनी मात्रा रोजाना लेनी चाहिए, लेकिन एनसीबीआई के एक शोध के मुताबिक, रोजाना 8.3 मिलीग्राम/दिन लिया जा सकता है (13)। इसकी सही मात्रा की जानकारी के लिए आहार विशेषज्ञ से संपर्क किया जा सकता है।

उपयोग के बाद हम यहां बता रहे हैं अरारोट के नुकसान।

अरारोट के नुकसान – Side Effects of Arrowroot in Hindi

आमतौर पर अरारोट सुरक्षित होता है। अरारोट के नुकसान या इसके नकारात्मक प्रभाव अभी तक शोध का विषय हैं, लेकिन दो कोरियाई महिलाओं में अरारोट के रस के सेवन के बाद विषाक्त हेपेटाइटिस (लिवर से संबंधित) की समस्या पाई गई थी (14)। इसलिए, अरारोट के नुकसान से बचने के लिए इसके सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करना बेहतर होगा।

तो दोस्तों, इस आर्टिकल में आपने जाना की अरारोट क्या है? साधारण रूप में उपयोग होने वाले अरारोट के कुछ असाधारण गुण भी होते हैं। यह कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। हालांकि, अरारोट बीमारियों का इलाज नहीं है, लेकिन यह इनके उपचार में मदद जरूर कर सकता है। अगर आप इसे अपनी डाइट में शामिल करने के बारे में सोच रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर करें और इसके फायदों का लाभ लें। इसके अलावा, यह आर्टिकल आपके लिए किस प्रकार से फायदेमंद रहा, नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताना न भूलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अरारोट मुख्य तौर पर किस रूपो में उपलब्ध होता है?

अरारोट सबसे अधिक पाउडर रूप में उपलब्ध है। इसे अरारोट आटा या अरारोट स्टार्च भी कहा जाता है।

क्या बच्चों के लिए अरारोट अच्छा है?

अरारोट स्वाद में फीका होता है और यह पाचन तंत्र के लिए अच्छा माना जाता है। इसलिए, इसका उपयोग शिशुओं के लिए किया जा सकता है (15)। कुछ लोग दावा करते हैं कि इसका उपयोग कई प्रकार के शिशु व्यंजनों में किया जा सकता है, लेकिन शिशु को देने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर करें।

अरारोट पाउडर का विकल्प क्या है?

अरारोट पाउडर का सबसे अच्छा विकल्प टैपिओका (Tapioca) है। इसका उपयोग अरारोट पाउडर के स्थान पर किया जा सकता है।

अरारोट, कॉर्नस्टार्च से कैसे अलग है?

अरारोट स्टार्च को ‘मैरेंटा अरुंडिनेशी एल.’ (Maranta arundinacea L.) नामक पौधे से निकाला जाता है (1)। वहीं, कार्नस्टार्च को मकई के दानों से प्राप्त किया जाता है, लेकिन दोनों दिखने में लगभग एक जैसे ही होते हैं।

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