अशोक के पेड़ के 13 फायदे और नुकसान – Ashoka Tree Benefits and Side Effects in Hindi

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आपने अक्सर कई लोगों को कहते सुना होगा कि हमारी हर समस्या का इलाज प्रकृति में छिपा हुआ है। दरअसल, हमारे आसपास कई प्रकार के पेड़-पौधे हैं, जिन्हें आते-जाते हम हर रोज देखते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि ये पेड़ सिर्फ पर्यावरण को ही शुद्ध नहीं करते, बल्कि हमारे शरीर को भी स्वस्थ करने में सक्षम होते हैं। वजह है, इनमें पाए जाने वाले औषधीय गुण। ऐसे ही कई औषधीय गुणों से भरपूर है, अशोक का पेड़। अशोक के पेड़ का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह कई गंभीर समस्याओं के साथ-साथ स्त्री संबंधी रोगों के लिए भी अचूक माना जाता है। अशोक के पेड़ के फायदे क्या हैं? स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको विस्तार से बताएंगे।
इसके पोषक तत्वों के साथ-साथ हम आपको लेख में इसके उपयोग के तरीकों के बारे में भी बताएंगे, लेकिन उससे पहले हम अशोक के पेड़ के फायदे जान लेते हैं।

अशोक के पेड़ के फायदे – Benefits of Ashoka Tree in Hindi

1. स्त्री रोग संबंधी समस्याओं को करे दूर

अनियमित मासिक चक्र, मासिक चक्र के दौरान असहनीय दर्द, पेल्विक मांसपेशियों में दर्द की समस्या, सक्रिय अंडों की कमी व गर्भधारण कर पाने में मुश्किल जैसी कई समस्याएं हैं, जो स्त्री रोग में शामिल हैं (1)। इन समस्याओं के उपचार के लिए अक्सर महिलाएं और किशोरियां डॉक्टरों के चक्कर लगाती रहती हैं। ऐसे में अब आपको इन समस्याओं से अत्यधिक परेशान होने की जरूरत नहीं है। अशोक के पेड़ के फायदे आपको इन सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में सहायक साबित हो सकते हैं। एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है कि अशोक की छाल का उपयोग स्त्री संबंधित रोगों में लाभकारी साबित होता है (2)। हालांकि, इन रोगों के विरूद्ध यह किस प्रकार काम करता है, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

2. त्वचा का रंग साफ करने में सहायक

विशेषज्ञों के मुताबिक अशोक के फूल के अर्क में फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं। यह त्वचा को जवां बनाए रखने, दाग धब्बों को हटाने और त्वचा के रंग को साफ करने में मदद करते हैं। इस कारण हम कह सकते हैं कि अशोक के पेड़ के फायदे में त्वचा से संबंधित समस्याओं को दूर करना भी शामिल है (3)।

3. दर्द से दिलाए राहत

अशोक के पेड़ में फ्लेवोनॉयड्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इस संबंध में किए गए शोध में भी इस बात का जिक्र मिलता है कि फ्लेवोनॉयड्स की मौजूदगी एंटीइन्फ्लेमेटरी, एंटीपायरेटिक (बुखार से राहत दिलाने वाला प्रभाव) और एनाल्जेसिक (दर्द निवारक) गुण को प्रदर्शित करती है (4)। वहीं, इस संबंध में किए गए एक अन्य शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि अशोक के पेड़ की छाल में एनाल्जेसिक प्रभाव पाए जाते हैं (5)। इस कारण हम यह कह सकते हैं कि अशोक की छाल का उपयोग दर्द से राहत दिलाने में भी सहायक साबित हो सकता है।

4.इंटरनल ब्लीडिंग को रोके

विशेषज्ञों के मुताबिक गर्भाशय में एस्ट्रोजन (एक हार्मोन) की अधिकता अनियमित रक्तस्त्राव (खून बहना) का कारण बन सकती है। वहीं, अशोक के पेड़ की छाल में एंटी-एस्ट्रोजेनिक और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रभाव पाए जाते हैं, जो इस समस्या के जोखिम कारकों दूर करने में सक्षम होते हैं। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि अशोक की छाल का उपयोग इंटरनल ब्लीडिंग की समस्या को दूर करने में लाभकारी साबित हो सकता है (6)।

5. डायबिटीज को करे नियंत्रित

अशोक का पेड़ डायबिटीज की समस्या को ठीक करने में भी कारगर साबित हो सकता है। कारण यह है कि इसके फूलों में कई औषधीय गुणों के साथ हाइपोग्लाइसेमिक (ब्लड शुगर कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है (7)। इस वजह से इसका सेवन शरीर में इंसुलिन की सक्रियता को बढ़ाकर खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में प्रभावी साबित होता है।

6. बवासीर से दिलाए छुटकारा

अगर आप बवासीर की समस्या से परेशान हैं, तो इसे दूर करने के लिए भी अशोक का पेड़ उपयोग किया जा सकता है। बताया जाता है कि अशोक के फूल और छाल दोनों में मौजूद औषधीय गुण पाचन प्रक्रिया को सुधार कर बवासीर से राहत दिलाने में मददगार साबित होते हैं (7) (8)।

7. संक्रमण से करे बचाव

जैसा कि लेख में पहले बताया गया है कि अशोक के पेड़ में अधिक मात्रा में फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं। इन फ्लेवोनॉयड्स की मौजूदगी इसे एंटीमाइक्रोबियल (बैक्टीरिया के संक्रमण से बचाने वाले) गुण से भी समृद्ध बनाती है (9)। इस कारण हम यह कह सकते हैं कि अशोक का पेड़ संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

8.पेट में कीड़ों से दिलाए निजात

अशोक के पेड़ की छाल में फ्लेवोनॉयड्स, टेरपेनॉइड, लिग्निन, फेनोलिक यौगिक और टैनिन जैसे खास तत्व पाए जाते हैं, जो कई औषधीय गुणों से परिपूर्ण हैं। ये सभी तत्व संयुक्त रूप से एंथेल्मिंटिक (पेट से संबंधित कीड़ों को मारने वाला) प्रभाव भी प्रदर्शित करते हैं (10)। इस कारण हम कह सकते हैं कि अशोक की छाल के अर्क को हम पेट के कीड़ों को दूर करने के लिए भी इस्तेमाल में ला सकते हैं।

9. डायरिया से करे बचाव

बताया जाता है कि अशोक के फूलों से बने जूस का सेवन करने से डिसेंट्री यानी पेचिश की समस्या से राहत पाई जा सकती है। यह डिसेंट्री में फायदेमंद माना गया है, जो डायरिया का ही एक प्रकार है और संक्रमण की वजह से होता है (3)। इस कारण यह माना जा सकता है कि डायरिया से बचाव के लिए अशोक के फूलों का जूस काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

10. किडनी में पथरी

आयुर्वेद में किडनी की पथरी की समस्या को दूर करने के लिए अशोक के बीज, छाल और जड़ के चूर्ण को लेने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि अशोक वृक्ष के सभी भागों में बहुत अधिक मात्रा में फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। इनकी उपस्थिति किडनी के जोखिम कारकों को कम करके इस समस्या से राहत दिलाने में सहायक साबित होती हैं (11)।

11. सूजन को करे दूर

अन्य औषधीय गुणों के साथ अशोक के पेड़ में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं (12)। इस कारण अशोक के पेड़ के पत्तों और छाल का लेप सूजन वाली जगह पर लगाने से आराम मिल सकता है।

12. पेट दर्द से दिलाए छुटकारा

अगर आप पेट दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं, तो अशोक के पेड़ पर भरोसा कर सकते हैं। जैसा कि आप जान ही चुके हैं कि अशोक के पेड़ की छाल में दर्द निवारक गुण होता है (4)। साथ ही यह पेट के कीड़ों को दूर करने में भी सहायक साबित होता है (10)। इसके अलावा, इसका उपयोग अपच की समस्या को दूर करने में भी सहायक माना गया है (12)। यह तीनों ही गुण पेट को ठीक करने के लिए पर्याप्त हैं। इस कारण हम यह कह सकते हैं कि पेट से संबंधित किसी भी प्रकार के दर्द में अशोक की छाल का उपयोग लाभकारी साबित हो सकता है।

13. टूटी हड्डियों को जोड़ने में मददगार

विशेषज्ञों के मुताबिक, अशोक के पेड़ की छाल में फ्लेवोनॉयड्स, टैनिन और एनाल्जेसिक जैसे औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो टूटी हुई हड्डियों (Bone Fracture) को जोड़ने में मदद कर सकते हैं (12)। इस कारण हम यह मान सकते हैं कि अशोक का पेड़ हड्डियों को जोड़ने में सहायक साबित हो सकता है।

अशोक के पेड़ के फायदे जानने के बाद लेख के आगे के भाग में हम इसके पौष्टिक तत्वों के बारे में जानेंगे।

अशोक के पेड़ के पौष्टिक तत्व – Ashoka Tree Nutritional Value in Hindi

निम्न बिंदुओं के माध्यम से हम अशोक के फूल में मौजूद खास तत्वों के बारे में जानेंगे, जो अशोक को एक उत्तम औषधि बनाते हैं (13)।

  • अल्कलॉइड
  • प्रोटीन
  • टैनिन
  • स्टेरॉयड
  • कार्बोहाइड्रेट
  • फ्लेवोनॉयड्स
  • ग्लाइकोसाइड
  • सैपोनिन

लेख के आगे के भाग में हम अशोक के पेड़ के उपयोग के बारे में बात करेंगे।

अशोक के पेड़ का उपयोग – How to Use Ashoka Tree in Hindi

उपयोग की बात की जाए तो आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह पर अशोक के पेड़ को निम्न प्रकार से औषधीय इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

  • आप इसके नरम पत्तों से बने काढ़े का प्रतिदिन (दो चम्मच) सेवन कर सकते हैं।
  • इसकी छाल का बारीक चूर्ण बनाकर एक चम्मच प्रतिदिन इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • आप इसके बीज से बने चूर्ण का आधा चम्मच प्रतिदिन उपयोग कर सकते हैं।
  • सूजन से राहत पाने के लिए इसके पत्तों और फूलों से बने लेप को उपयोग में लाया जा सकता है।
  • वहीं, सेवन के लिए इसके फूल, जड़, छाल और पत्तों का दो चम्मच मिश्रित जूस आधा कप पानी में इस्तेमाल भी काफी फायदेमंद माना जाता है।

सेवन का समय- वैसे सुबह के समय इसके काढ़े, जूस या चूर्ण का सेवन लाभकारी माना गया है, लेकिन आप चाहें तो इसे सुबह या रात में सोते वक्त भी इस्तेमाल में ला सकते हैं।

लेख के आगे के भाग में हम आपको अशोक के पेड़ के कुछ नुकसान के बारे में बताएंगे।

अशोक के पेड़ के नुकसान – Side Effects of Ashoka Tree in Hindi

अशोक के पेड़ के नुकसान की बात करें, तो इसे औषधीय मात्रा में लिए जाने से कोई भी नुकसान नहीं होता है, लेकिन कुछ मामलों में इसे न लेने की सलाह दी जाती है, जिसका कोई पुख्ता प्रमाण मौजूद नहीं है।

  • मासिक धर्म न होने की स्थिति में इसका सेवन स्थिति को और खराब कर सकता है।
  • गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो इसका सेवन चिकित्सक की सलाह से ही करें।

अशोक के पेड़ की खूबियां और औषधीय उपयोग इतने अधिक हैं कि इनके बारे में विस्तार से एक ही लेख में बता पाना आसान नहीं है। इसके बावजूद यहांं हमने अशोक के पेड़ के फायदे और इस्तेमाल के तरीकों को बताने की कोशिश की है। ऐसे में अगर आप भी लेख में बताई गई समस्याओं से परेशान हैं, तो लेख में दिए गए तरीकों को अच्छे से पढ़ें और फिर हासिल जानकारी को अपनाकर इसे इस्तेमाल में लाएं। मुमकिन है कि यह आपकी कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने में कारगर साबित होगा। इस विषय से संबंधित कोई अन्य सवाल या सुझाव हों तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमसे संपर्क कर सकते हैं।

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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