अशोकारिष्ट के फायदे, उपयोग और नुकसान – Ashokarishta Benefits and Side Effects in Hindi

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रोजमर्रा की जिंदगी में हम आए दिन छोटी-मोटी बीमारियों से बचाव के लिए कई तरह के घरेलू-नुस्खे  और जड़ी-बूटियों को उपयोग में लाते रहते हैं। इन्हीं जड़ी-बूटियों में अशोकारिष्ट का नाम भी शामिल है, जिसे आयुर्वेद में कई स्वास्थ्य लाभों के लिए उपयोगी माना गया है। यह मानव स्वास्थ्य के लिए कैसे उपयोगी है और इसे किन-किन स्वास्थ्य समस्याओं के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है, इस बात को गहराई से समझने के लिए हम स्टाइलक्रेज के इस लेख में अशोकारिष्ट के फायदे के साथ-साथ अशोकारिष्ट के सेवन का तरीका विस्तार से बताने जा रहे हैं।

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तो आइए, अशोकारिष्ट बेनिफिट्स जानने से पूर्व हम अशोकारिष्ट क्या है, यह समझ लेते हैं।

अशोकारिष्ट क्या है – What is Ashokarishta in Hindi

अशोकारिष्ट एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे अशोक के पेड़ के अर्क के साथ पानी, गुड़, धातकी (एक औषधीय पौधा), श्वेत जीरा और मुस्ता (एक विशेष जड़ी-बूटी) को मिलाकर तैयार किया जाता है। इसे खासकर महिलाओं से संबंधित कुछ विकारों में इस्तेमाल में लाया जाता है। इन विकारों में अनियमित मासिक चक्र, असंतुलित हार्मोन, पेट दर्द और कमर दर्द जैसी समस्याएं शामिल हैं (1)। इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं कि इसे पुरुष इस्तेमाल में नहीं ला सकते हैं। लेख में आगे चलकर हम अशोकारिष्ट के फायदे विस्तार से समझाने का प्रयास करेंगे, जिससे अशोकारिष्ट की उपयोगिता को समझने में काफी हद तक मदद मिलेगी।

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लेख के अगले भाग में अब हम अशोकारिष्ट में मौजूद औषधीय गुणों की जानकारी हासिल करेंगे।

अशोकारिष्ट के औषधीय गुण

निम्न बिंदुओं के माध्यम से हम अशोकारिष्ट के औषधीय गुणों के बारे में जान सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (2) :

  • कार्डियोटॉनिक (हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने वाला)
  • इम्यून मॉड्यूलेटर (प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करने वाला)
  • कार्मिनेटिव (गैस से राहत दिलाने वाला)
  • डायजेस्टिव (पाचन शक्ति बढ़ाने वाला)
  • ब्रेन टॉनिक (दिमागी शक्ति बढ़ाने वाला)
  • शारीरिक जलन को दूर करने वाला

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अशोकारिष्ट के औषधीय गुण जानने के बाद अब हम अशोकारिष्ट के फायदे जान लेते हैं।

अशोकारिष्ट के फायदे – Benefits of Ashokarishta in Hindi

लेख के इस भाग में हम क्रमवार अशोकारिष्ट बेनिफिट्स बताने जा रहे हैं, जिनके माध्यम से इस आयुर्वेदिक औषधि के महत्व को आसानी से समझा जा सकता है।

1. पेट दर्द में सहायक

अशोकारिष्ट के औषधीय गुण वाले भाग में पहले ही बताया जा चुका है कि इसमें कार्मिनेटिव (गैस से राहत दिलाने वाला) और डायजेस्टिव (पाचन शक्ति बढ़ाने वाला) गुण पाया जाता है (2)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि गैस और अपच के कारण होने वाली पेट दर्द की समस्या में यह लाभकारी हो सकता है। वहीं, अशोकारिष्ट से संबंधित एक अन्य शोध में सीधे तौर पर अशोकारिष्ट को पेट दर्द में सहायक बताया गया है (3)। इन दोनों तथ्यों को देखते हुए अशोकारिष्ट को पेट दर्द से राहत पाने के लिए उपयोगी माना जा सकता है।

2. मासिक धर्म में उपयोगी

मासिक धर्म की तकलीफ से राहत दिलाने के साथ ही अशोकारिष्ट नियमित मासिक धर्म की प्रक्रिया को बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है। अशोकारिष्ट बेनिफिट्स से संबंधित एक शोध में इस बात को सीधे तौर पर स्वीकार किया गया है। शोध में माना गया है कि अशोकारिष्ट महिला को पोषण प्रदान कर खून और प्रजनन तंत्र को नियंत्रित करने के साथ बिगड़ी हार्मोनल स्थिति को भी ठीक करने में मदद कर सकता है। इससे नियमित मासिक चक्र को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही इसमें मौजूद कमर और पेट दर्द से राहत दिलाने वाले गुण के कारण यह मासिक चक्र के दौरान होने वाली तकलीफ को कम करने में भी मददगार हो सकता है (1)

3. प्रतिरोधक क्षमता को सुधारे

प्रतिरोधक क्षमता में सुधार के लिए भी अशोकारिष्ट को उपयोग में लाया जा सकता है। इस बात का प्रमाण अशोकारिष्ट से संबंधित एक शोध से मिलता है। शोध में माना गया है कि अशोकारिष्ट औषधि में इम्यून मॉड्यूलेटर (प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करने वाला) गुण पाया जाता है। यह गुण कमजोर हुई शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को फिर से मजबूत करने में मदद कर सकता है (2)

4. अल्सर से दिलाए राहत

अल्सर की समस्या में भी अशोकारिष्ट बेनिफिट्स हासिल किए जा सकते हैं। इस बात का जिक्र अशोक के पेड़ से संबंधित एक शोध में मिलता है। शोध में माना गया है कि अन्य औषधीय गुणों के साथ ही अशोक के पेड़ में एंटी-अल्सर (अल्सर से राहत दिलाने वाला) गुण मौजूद होता है। वहीं, अशोक के अर्क का इस्तेमाल करके ही अशोकारिष्ट को तैयार किया जाता है (4)। इस आधार पर अशोकारिष्ट को अल्सर की समस्या से राहत पाने के लिए भी उपयोगी माना जा सकता है।

5. पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज में मददगार

पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज में भी अशोकारिष्ट को सहायक माना जाता है। दरअसल, अशोक के अर्क में एंटी-इन्फ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) और एंटी-माइक्रोबियल (सूक्ष्म जीवाणुओं को नष्ट करने वाला) गुण पाया जाता है (4)। वहीं, पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज की मुख्य वजह बैक्टीरियल इन्फेक्शन को माना जाता है, जिसमें पेल्विक हिस्से में सूजन की स्थिति पैदा होती है (5)। ऐसे में अशोकारिष्ट को पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज की वजह बनने वाले बैक्टीरिया और पेल्विक हिस्से में होने वाली सूजन से राहत दिलाने में मददगार माना जा सकता है। हालांकि, अशोकारिष्ट पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज में सीधे तौर पर प्रभावी है या नहीं, इस बात का कोई स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

6. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

शरीर में मुक्त कणों की अधिकता कई गंभीर समस्याओं (जैसे :- प्रतिरोधक तंत्र विकार, बढ़ती उम्र का प्रभाव, हृदय विकार और तंत्रिका तन्त्र संबंधी विकार) का कारण बन सकती है। इन सभी समस्याओं से मुक्त रहने के लिए एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) से भरपूर खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है (6)। वहीं, अशोकारिष्ट से संबंधित एक शोध में जिक्र मिलता है कि फिनोलिक यौगिकों से भरपूर होने के कारण अशोकारिष्ट में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मौजूद होते हैं (3)। इस कारण शरीर को मुक्त कणों के प्रभाव से बचाने में भी अशोकारिष्ट उपयोगी साबित हो सकता है।

7. ऑस्टियोपोरोसिस में दिलाए आराम

जैसा कि आपको लेख में पहले ही बताया जा चुका है कि अशोकारिष्ट को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से अशोक के पेड़ के अर्क का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, अशोक के पेड़ से संबंधित एक शोध में यह माना गया है कि अशोक का अर्क हड्डियों के घनत्व को बढ़ाकर हड्डियों को मजबूती प्रदान कर सकता है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में कुछ हद तक राहत हासिल हो सकती है (7)। इस आधार पर माना जा सकता है कि ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में भी अशोकारिष्ट सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है।

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लेख के अगले भाग में अब हम अशोकारिष्ट के पौष्टिक तत्वों के बारे में जानेंगे।

अशोकारिष्ट  के पौष्टिक तत्व – Ashokarishta Nutritional Value in Hindi

लेख में पहले ही बताया जा चुका है कि अशोकारिष्ट एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे अशोक के अर्क के साथ अन्य जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक सामग्रियों के उपयोग से तैयार किया जाता है। ऐसे में इसमें मौजूद रसायनों को ही इसके पोषक तत्वों के रूप में देखा जाता है, जो कुछ इस प्रकार हैं (1) :

  • कार्बोहाइड्रेट्स
  • एल्केलाइड्स
  • ग्लाइकोसाइड्स
  • टैनिन्स
  • फ्लेवेनोइड्स

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अगले भाग में अब हम अशोकारिष्ट के सेवन के बारे में जानकारी देंगे।

अशोकारिष्ट का सेवन कैसे करें – How to Eat Ashokarishta in Hindi

अशोकारिष्ट पीने का तरीका यह है कि सामान्य रूप से अशोकारिष्ट के लाभ लेने के लिए खाने के बाद करीब 25 मिली अशोकारिष्ट को बराबर पानी की मात्रा के साथ दिन में दो बार लिया जा सकता है (8)

अशोकारिष्ट लेने से पहले सावधानियां

अशोकारिष्ट में प्राकृतिक रूप से अल्कोहल मौजूद होता है (1)। यही वजह है कि अशोकारिष्ट का सेवन करने से पूर्व निम्न सावधानियों को ध्यान में रखना जरूरी है, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • बिना पानी के अशोकारिष्ट का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • खाली पेट अशोकारिष्ट का सेवन न करने की सलाह दी जाती है।

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अशोकारिष्ट का सेवन करने के तरीकों के बाद अब हम अशोकारिष्ट के नुकसान जानेंगे।

अशोकारिष्ट के नुकसान – Side Effects of Ashokarishta in Hindi

लेख में आपको पहले भी बताया जा चुका है कि अशोकारिष्ट एक औषधि है। इसलिए, डॉक्टर द्वारा सुझाई गई मात्रा लेने पर इसके दुष्परिणाम की आशंका कम रहती है। वहीं, अधिक मात्रा में इसका उपयोग थोड़े-बहुत अशोकारिष्ट के नुकसान प्रदर्शित कर सकता है। हालांकि, अशोकारिष्ट के नुकसान के संबंध में कोई भी स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। फिर भी अधिक सेवन के कारण अशोकारिष्ट के जो नुकसान देखने को मिल सकते हैं, वह कुछ इस प्रकार हो सकते हैं :

  • प्राकृतिक अल्कोहल की मौजूदगी के कारण इसका अधिक सेवन एसिडिटी और जलन की समस्या पैदा कर सकता है।
  • यह अनियमित मासिक चक्र को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन नियमित मासिक चक्र के क्रम को प्रभावित भी कर सकता है। फिलहाल, इससे जुड़ा कोई सटीक शोध उपलब्ध नहीं है।
  • अशोकारिष्ट में गुड़ का भी उपयोग किया जाता है, इसलिए डायबिटीज रोगियों को इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए।
  • गर्भवती और स्तनपान करने वाली महिलाओं को इसका सेवन न करने की सलाह दी जाती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को इसके सेवन से पूर्व डॉक्टरी सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

यह तो आप अच्छे से समझ गए होंगे कि अशोकारिष्ट एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे महिला टॉनिक कहना गलत नहीं होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि लेख में हमने महिला स्वास्थ्य से जुड़े इसके फायदों को गहराई से समझा। इतनी ही नहीं, हमने लेख में अन्य अशोकारिष्ट बेनिफिट्स भी जानें, जिससे इस औषधि के गुण और उपयोगिता को समझने में हमें मदद मिली। उम्मीद है, सेहत और स्वास्थ्य को बनाए रखने का प्रयास करने वाले लोगों को यह लेख काफी पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य ज्ञानवर्धक विषयों के बारे में जानने के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

अशोकारिष्ट को कब तक लिया जा सकता है?

लेख में आपको पहले ही बताया जा चुका है कि यह एक औषधि है, इसलिए इसे लेने की अवधि के बारे में डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

क्या अशोकारिष्ट रजोनिवृत्ति के लिए अच्छा है?

हां, रजोनिवृत्ति में अशोकारिष्ट को लाभकारी माना जाता है (1)

क्या अशोकारिष्ट में अल्कोहल होता है?

हां, अशोकारिष्ट में प्राकृतिक रूप से अल्कोहल मौजूद होता है (1)

क्या अशोकारिष्ट गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छा है?

इस संबंध में कोई भी स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। फिर भी जानकार गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को अशोकारिष्ट न लेने की सलाह देते हैं।

क्या अशोकारिष्ट बच्चों के लिए अच्छा है?

बच्चों के लिए अशोकारिष्ट के उपयोग के संबंध में कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए, बच्चों को इसका सेवन कराने से पूर्व डॉक्टरी सलाह जरूर ले लें।

क्या अशोकारिष्ट पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Pcos) में लाभदायक है?

अशोकारिष्ट फॉर पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) के लिए लाभदायक है या नहीं, इस बात का कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। हां, इस समस्या में दिखने वाले कुछ लक्षणों (जैसे:- गर्भधारण में परेशानी और मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव व दर्द) को कम करने में जरूर यह सहायक हो सकता है (9)

Sources

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अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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