बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल का उपयोग – Bhringraj oil For Hair Growth in Hindi

Medically reviewed by Suvina Attavar (Dermatologist & Hair transplant surgeon)
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क्या आप भी टूटते-झड़ते बालों से परेशान हैं और बाल बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं? ऐसे में भृंगराज तेल लाभकारी साबित हो सकता है। बताया जाता है कि इसमें कई ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो बालों के झड़ने की समस्या को रोकने का काम कर सकते हैं। साथ ही यह बालों के विकास में भी सहायक साबित हो सकता है। यही वजह है कि आयुर्वेद में इसे बाल बढ़ाने की उत्तम औषधि के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम वैज्ञानिक प्रमाण के साथ भृंगराज तेल की ऐसी ही कई खूबियां बताने जा रहे हैं। इन खूबियों के माध्यम से आप समझ पाएंगे कि बालों के लिए भृंगराज तेल कितना लाभदायक है। वहीं, आपको लेख में बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल का उपयोग कैसे करना है, इस बात की भी विस्तृत जानकारी मिलेगी। साथ ही आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि भृंगराज तेल बाल बढ़ाने का एक विकल्प मात्र है, यह किसी समस्या का उपचार नहीं है। बालों से जुड़ी किसी भी समस्या के पूर्ण उपचार के लिए डॉक्टरी परामर्श अतिआवश्यक है।

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तो आइए पहले बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल के फायदे जान लेते हैं, बाद में हम इसे उपयोग करने के तरीकों के विषय में भी बताएंगे।

बालों के लिए भृंगराज तेल के फायदे – Benefits of Bhringraj Oil for Hair in Hindi

1. बालों के विकास में सहायक

चूहों पर आधारित एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की एक रिसर्च में माना गया कि भृंगराज बालों के विकास को बढ़ावा दे सकता है। शोध में पाया गया कि भृंगराज से अलग किया गया मेथेनॉल अर्क हेयर फॉलिकल्स की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकता है। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल का उपयोग सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है (1)। हालांकि इसे लेकर इंसानों पर शोध होना अभी बाकी है।

2. रक्त संचार में मददगार

अगर बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल का उपयोग किया जाता है तो यह स्कैल्प में रक्त संचार को भी प्रेरित कर सकता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एण्ड रिसर्च द्वारा किए गए एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि भृंगराज बालों के विकास की प्रक्रिया में सुधार करने का काम करता है। वहीं, दूसरी ओर यह भी बात कही गई है कि बालों के विकास में सहायक औषधीय तेल की मसाज से स्कैल्प में रक्त संचार को बढ़ावा मिलता है, जो बालों के विकास में एक सहायक कड़ी है (1)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि बालों के लिए भृंगराज तेल से की जाने वाली मसाज स्कैल्प में रक्त संचार को भी बढ़ावा दे सकती है।

3. स्कैल्प से जुड़ी समस्याओं को करे दूर

खुजली और डैंड्रफ स्कैल्प से संबंधित कुछ आम समस्याएं हैं (2)। इन समस्याओं को दूर करने के लिए भी भृंगराज तेल को उपयोग में लाया जा सकता है। दरअसल, हर्बल तेल पर किए गए शोध में इस बात का जिक्र मिलता है। शोध में माना गया कि भृंगराज में एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) और एनाल्जेसिक (दर्दनिवारक) प्रभाव पाए जाते हैं। शायद यही वजह है कि आयुर्वेद में एंटीडैंड्रफ हेयर ऑयल तैयार करने के लिए अन्य जड़ी बूटियों के साथ भृंगराज को भी इस्तेमाल में लाया जाता है (2)। वहीं, एक अन्य शोध में पाया गया कि भृंगराज में अन्य औषधीय गुणों के साथ ही खुजली को कम करने की भी क्षमता होती है (3)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि स्कैल्प से जुड़ी खुजली और डैंड्रफ की समस्या को दूर करने में भी भृंगराज के तेल को उपयोग में लाया जा सकता है।

4. समय पूर्व बालों का सफेद होना

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि भृंगराज का तेल बालों के विकास को बढ़ावा देने के साथ ही स्कैल्प से जुड़ी कई समस्याओं को भी दूर कर सकता है। इसके साथ ही भृंगराज का एक गुण यह भी है कि यह समय पूर्व बाल सफेद होने की समस्या में भी राहत पहुंचा सकता है। प्रमाण के तौर पर इंटरनेशनल स्कालरली रिसर्च नोटिसेस के एक शोध से भी इस बात की पुष्टि होती है। शोध में माना गया कि भृंगराज की ताजा पत्तियों से अलग किया गया अर्क सफेद बाल की समस्या को नियंत्रित कर सकता है (4)(5)(6)।

5. बालों को पोषण प्रदान करे

भृंगराज पर किए गए एक शोध में पाया गया कि इससे अलग किया गया ईथर अर्क स्कैल्प में केराटिन (keratin) की गतिशीलता बढ़ाने में मदद कर सकता है (7)। केराटिन (प्रोटीन का एक प्रकार) बाल, त्वचा और नाखूनों के निर्माण में सहायक होता है (8)। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि भृंगराज तेल बालों को पोषण प्रदान करने में भी मदद कर सकता है।

अधिक जानकारी आगे है

लेख के अगले भाग में अब हम आपको बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल के उपयोग के बारे में बताएंगे।

बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल का उपयोग – How To Use Bhringraj Oil For Hair Growth In Hindi

बता दें भृंगराज की पत्तियों को कैरियर ऑयल (जैसे:- नारियल या सरसों का तेल) में मिलाकर भृंगराज तेल बनाया जाता है। आइए, अब हम बालों को बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल के उपयोग के कुछ आसान तरीके जान लेते हैं।

1. भृंगराज तेल

सामग्री
  • दो चम्मच भृंगराज ऑयल
कैसे इस्तेमाल करें
  • भृंगराज तेल को करीब 30 सेकंड गुनगुना होने तक गर्म करें।
  • अब इसे हाथों की सहायता से गोल-गोल घुमाते हुए स्कैल्प की मसाज करें।
  • करीब 15 मिनट मसाज करने के बाद 30 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें।
  • समय पूरा होने के बाद बालों को ऑर्गेनिक शैम्पू से धो लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार तक दोहराया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि भृंगराज से अलग किया गया मेथेनॉल अर्क हेयर फोलिकल्स की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकता है (1)। इस तथ्य को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल के फायदे काफी हद तक लाभकारी साबित हो सकते हैं।

2. तिल का तेल और भृंगराज तेल

सामग्री
  • एक चम्मच भृंगराज तेल
  • एक चम्मच तिल का तेल
कैसे इस्तेमाल करें
  • एक कटोरी में दोनों तेल एक-एक चम्मच निकालें और फिर अच्छे से मिलाएं।
  • अब इस मिक्सचर को करीब 30 सेकंड के लिए गुनगुना होने तक गर्म करें।
  • अब 15 मिनट तक अच्छे से स्कैल्प की मसाज करें और फिर करीब 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
  • समय पूरा होने के बाद अब बालों को ऑर्गेनिक शैम्पू से धो लें।
  • हफ्ते में इस प्रक्रिया को दो बार तक दोहराया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद

विशेषज्ञों के मुताबिक तिल का तेल झड़ते बाल और समय पूर्व सफेद बाल की समस्या को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (9)। वहीं, लेख में बताया जा चुका है कि भृंगराज तेल बालों की जड़ों को मजबूत कर हेयर फॉलिकल्स की संख्या में बढ़ोतरी करता है। इससे बालों के विकास में मदद मिलती है। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि भृंगराज और तिल का तेल मिलाकर उपयोग करने से बाल बढ़ाने के प्रयास में बेहतर लाभ हासिल हो सकते हैं।

3. आंवला और भृंगराज तेल

सामग्री
  • एक चम्मच आंवला पाउडर
  • दो चम्मच भृंगराज तेल
कैसे इस्तेमाल करें
  • किसी बर्तन में भृंगराज तेल और आंवला पाउडर मिलाकर गैस पर अच्छे से गर्म करें।
  • जब तेल का रंग गहरा भूरा हो जाए तो उसे गैस से उतार लें और ठंडा होने के लिए रख दें।
  • ठंडा होने के बाद इस तेल को छानकर किसी बर्तन में अलग कर लें।
  • अब इस तेल से करीब 15 मिनट तक स्कैल्प की अच्छे से मसाज करें।
  • अच्छे से मसाज करने के बाद अब इसे करीब 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
  • समय पूरा होने के बाद बालों को शैम्पू कर लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में करीब दो से तीन बार तक दोहराया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद

बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल के फायदे हासिल करने के लिए इसे आंवला पाउडर के साथ भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। दरअसल, एविडेंस बेस्ड कम्प्लीमेंटरी एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन द्वारा किए गए शोध में आंवला को हेयर टॉनिक बताया गया है। शोध में माना गया कि आंवला बालों को मजबूती प्रदान कर पोषण देने का काम कर करता है। इससे बालों के विकास में मदद मिलती है (10)। वहीं, दूसरी ओर भृंगराज भी बालों को बढ़ाने में मदद करता है (1)। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि बाल बढ़ाने में आंवला और भृंगराज तेल का प्रयोग लाभकारी हो सकता है।

4. नारियल तेल और भृंगराज तेल

सामग्री
  • एक चम्मच नारियल तेल
  • एक चम्मच भृंगराज तेल
कैसे इस्तेमाल करें
  • नारियल तेल और भृंगराज तेल को किसी बर्तन में लेकर अच्छे से मिलाएं।
  • अब इसे गैस पर चढ़ाकर करीब 30 सेकंड के लिए गर्म करें, ताकि यह गुनगुना हो जाए।
  • अब इस तेल को उंगलियों की सहायता से स्कैल्प पर लगाएं और गोलाकार घुमाते हुए मसाज करें।
  • करीब 15 मिनट मसाज करने के बाद इसे ऐसे ही छोड़ दें और करीब 30 मिनट इंतजार करें।
  • समय पूरा होने के बाद बालों को शैम्पू कर लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में करीब दो से तीन बार तक दोहराया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद

भृंगराज तेल के साथ नारियल तेल बाल बढ़ाने का एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। कारण यह है कि नारियल तेल हल्का होने के कारण आसानी से बालों में समा जाता है। वहीं, इसमें मौजूद लौरिक एसिड के कारण यह बालों में ट्राइग्लिसराइड (फैटी एसिड का एक प्रकार) की पूर्ति करता है। इससे बालों को पोषण मिलता है (11)। वहीं, लेख में पहले ही बताया जा चुका है कि भृंगराज तेल का उपयोग बालों के विकास में मददगार साबित हो सकता है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह कहा जा सकता है कि नारियल तेल और भृंगराज का मेल बाल बढ़ाने के प्रयास को और भी प्रभावी बना सकता है।

5. अरंडी का तेल और भृंगराज तेल

सामग्री
  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • एक चम्मच भृंगराज तेल
कैसे इस्तेमाल करें
  • सबसे पहले दोनों तेल किसी बर्तन में लें और इन्हें अच्छे से मिलाएं।
  • अब इसे गैस पर चढ़ाकर करीब 30 सेकंड के लिए गुनगुना होने तक गर्म करें।
  • अब इस तेल से स्कैल्प की करीब 15 मिनट तक मसाज करें।
  • अच्छे से मसाज करने के बाद 30 मिनट के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें।
  • समय पूरा होने के बाद बालों को शैम्पू कर लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार तक दोहराया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद

विशेषज्ञों के मुताबिक अरंडी का तेल बालों के झड़ने की समस्या में काफी हद तक राहत पहुंचा सकता है। वहीं, इसमें मौजूद फैटी एसिड और विटामिन ई स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में मदद करते हैं (12)। इससे बालों के विकास में मदद मिल सकती है। इसके अलग भृंगराज तेल बालों के विकास में कैसे सहायक है, इस बारे में लेख में पहले ही बताया जा चुका है। ऐसे में अरंडी तेल के साथ बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल के फायदे अत्यधिक उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।

6. हिबिस्कस और भृंगराज तेल

सामग्री
  • 10-15 हिबिस्कस की पत्तियां और फूलों की पंखुडियां
  • दो चम्मच भृंगराज तेल
कैसे इस्तेमाल करें
  • एक बर्तन में भृंगराज तेल लें। तेल में हिबिस्कस की पत्तियों और पंखुड़ियों को डालकर गैस पर चढ़ा दें।
  • इसे तेल का रंग भूरा होने तक गर्म करें।
  • तेल गर्म होने के बाद गैस बंद करें और तेल को छानकर ठंडा होने के लिए रख दें।
  • ठंडा होने के बाद इस तेल से स्कैल्प की अच्छे से मसाज करें और इसे करीब 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
  • समय पूरा होने के बाद बालों को शैम्पू कर लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में करीब दो से तीन बार तक दोहराया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद

चूहों पर आधारित सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टिट्यूट के एक शोध में माना गया है कि हिबिस्कस की पत्तियां और फूलों के अर्क में बालों को बढ़ाने की क्षमता होती है। वहीं, शोध में यह भी पता चला कि फूलों के मुकाबले हिबिस्कस की पत्तियों में बाल बढ़ाने की क्षमता अधिक होती है (13)। दूसरी ओर भृंगराज तेल बालों के विकास में सहायक है (1)। इस बारे में आपको लेख में पहले ही बताया जा चुका है। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि इन दोनों तेलों को साथ में मिलाकर लगाने से बालों के विकास से संबंधित प्रभावकारी लाभ हासिल हो सकते हैं।

7. शिकाकाई और भृंगराज तेल

सामग्री
  • एक चम्मच शिकाकाई पाउडर
  • दो चम्मच भृंगराज तेल
कैसे इस्तेमाल करें
  • एक बर्तन में भृंगराज तेल और शिकाकाई पाउडर लें और इसे अच्छे से मिलाएं।
  • अब इस बर्तन को गैस पर चढ़ाएं और तेल का रंग भूरा होने तक गर्म करें।
  • तेल गर्म होने के बाद बर्तन को उतार लें और ठंडा होने के लिए रख दें।
  • तेल ठंडा होने के बाद इसे छान लें और इस तेल से स्कैल्प की अच्छे से मसाज करें।
  • करीब 15 मिनट मसाज करने के बाद इसे 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
  • समय पूरा होने के बाद बालों को शैम्पू कर लें।
कैसे है फायदेमंद

विशेषज्ञों के मुताबिक शिकाकाई डैंड्रफ की समस्या को दूर कर बालों को साफ करने का काम कर सकता है। साथ ही यह बालों की जड़ों को मजबूत कर बाल बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकता है (14)। वहीं, भृंगराज तेल बालों को बढ़ाने में सहायक साबित होता है, इस बारे में हम लेख में पहले ही बता चुके हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि भृंगराज तेल में शिकाकाई मिलाकर प्रयोग करने से बेहतर लाभ हासिल किए जा सकते हैं।

लेख पढ़ने के बाद आप यह तो समझ गए होंगे कि झड़ते बालों की समस्या जटिल है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। बस जरूरत होती है तो थोड़ी देख-रेख की। ऐसे में बाल बढ़ाने के लिए भृंगराज तेल का उपयोग काफी सहायक साबित हो सकता है। बाल बढ़ाने के लिए प्रयासरत लोग लेख में बताए गए इसे उपयोग में लाने के तरीकों को प्रयोग कर काफी हद तक इस समस्या से राहत पा सकते हैं। ऑयली और एक्ने प्रोन स्किन वाले इसका इस्तेमाल न करें। क्योंकि यह आपकी परेशानी बढ़ाने का काम कर सकते हैं। फिर देर किस बात की, एक बार लेख को अच्छे से पढ़ें और लेख में सुझाए गए तरीकों को उपयोग में लाएं। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा। हेयर केयर से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप हमारे अन्य आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं।

14 संदर्भ (Sources) :

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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