बालों की देखभाल

बालों और गंजेपन के लिए कलौंजी के तेल का इस्तेमाल – Black Seed (Kalonji) Oil For Hair in Hindi

by
बालों और गंजेपन के लिए कलौंजी के तेल का इस्तेमाल – Black Seed (Kalonji) Oil For Hair in Hindi Hyderabd040-395603080 February 12, 2019

युवाओं में असमय बाल झड़ने को सबसे बड़ी परेशानी कहना गलत नहीं होगा। दैनिक जीवनशैली में आए बदलाव के कारण यह समस्या आम होती जा रही है। अपने मूल स्थान से अन्य शहर में बसने वाले प्रवासियों के साथ यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। जैसा कि हमने पहले कई लेखों में इस बात का जिक्र किया है कि बाल आपके संपूर्ण व्यक्तित्व को संवारने का काम करते हैं। बाल आपके शारीरिक आकर्षण का केंद्र बिंदू हैं। खासकर, महिलाएं बालों को लेकर काफी ज्यादा चिंतित रहती हैं। अगर झड़ते बालों का सही समय पर उपचार न किया जाए, तो गंजेपन तक का सामना करना पड़ सकता है।

विषय सूची


झड़ते बालों की रोकथाम के लिए वर्तमान में आपको कई आधुनिक दवाइयां और उपचार मिल जाएंगे, लेकिन ये ट्रीटमेंट सही हैं या नहीं इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। आधुनिक उपचार के दुष्प्रभावों और इस समस्या से जूझते लोग आज प्राकृतिक इलाज की ओर रुख कर रहे हैं। अगर आप भी बालों की इस समस्या से परेशान हो गए हैं, तो आप कलौंजी का प्रयोग कर सकते हैं। यह एक प्राकृतिक खाद्य पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल शरीर के लिए कई तरीकों से किया जाता है। इस लेख में हमारे साथ जानिए बालों के लिए कलौंजी का तेल किस प्रकार लाभदायक है और इसका किस प्रकार इस्तेमाल किया जा सकता है।

बालों के लिए कलौंजी के तेल के फायदे – Benefits of Kalonji Oil for Hair in Hindi

1. स्कैल्प के लिए बेहतर

बालों के स्वास्थ्य के लिए आपके स्कैल्प का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। बालों की मजबूती से लेकर चमक तक में स्कैल्प की अहम भूमिका रहती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि आपके बाल स्कैल्प के फॉलिकल्स से ही उत्पन्न होते हैं। रूसी, तैलीयता और स्कैल्प में खुजली से बालों के उत्पादन में बाधा आती है और फॉलिकल्स छिद्र ब्लॉक हो सकते हैं। इस स्थिति में आप कलौंजी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। कलौंजी एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-फंगल, एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एनाल्जेसिक (दर्द को कम करने वाला) से समृद्ध होता है। यह स्कैल्प के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। यह रूसी के साथ-साथ एक्जिमा और सोरायसिस से निपटने का काम भी करता है। कलौंजी का तेल स्कैल्प में नमी बनाए रखता है और तेल के उत्पादन को संतुलित करने में मदद करता है।

2. बालों को दोबार बढ़ने में मदद

कलौंजी के तेल में निगेलोन और थायमोक्विनोन पाए जाते हैं और ये दोनों ही शक्तिशाली एंटीहिस्टामाइन होते हैं। एंटीहिस्टामाइन आमतौर पर एंड्रोजेनिक अलोपेसिया और अलोपेसिया अरीटा (दोनों गंजेपन की बीमारी हैं) से ग्रसित मरीजों को दिया जाता है। यह दवा बालों को दोबारा से बढ़ने में मदद करती है। वहीं, अगर प्राकृतिक उपचार की बात करें, तो कलौंजी के तेल में एंटीहिस्टामाइन का गुण पाया जाता है।

3. रोकता है बालों का गिरना

कलौंजी का तेल एक कारगर एंटी हेयर फॉल के रूप में भी काम करता है। यह तेल सबसे अच्छे प्राकृतिक विकल्पों में माना जाता है, जिसका इस्तेमाल आप झड़ते बालों के इलाज के लिए कर सकते हैं। 100 से भी अधिक विभिन्न पोषक तत्वों से समृद्ध यह तेल फॉलिकल्स और बालों को स्वस्थ रखने का काम करता है।

4. बालों का असमय सफेद होना

फॉलिकल्स और स्कैल्प को स्वस्थ रखने के साथ-साथ कलौंजी का तेल असमय सफेद बालों की समस्या से भी निजात दिलाने का काम करता है। यह फॉलिकल्स में पिगमेंट सेल्स की कमी को रोकता है। यह उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है, जो विटिलिगो से पीड़ित हैं। विटिलिगो वह स्थिति है, जिसमें त्वचा के पैच समय से पहले अपनी रंगत खोने लगते हैं।

5. बालों की कंडीशनिंग

सीबम या स्कैल्प में उत्पादित प्राकृतिक तेल बालों को नमी देने और पोषित करने में मदद करता है। सीबम के उत्पादन की मात्रा हर किसी में अलग हो सकती है, जिस कारण किसी के बाल ज्यादा तैलीय या रूखे होते हैं। यह विभिन्नता बालों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। इस स्थिति में कलौंजी का तेल अहम भूमिका निभाता है। यह स्कैल्प में तेल उत्पादन को सामान्य करता है। कलौंजी का तेल सुनिश्चित करता है कि आपके बाल ज्यादा चिकने हुए बिना कंडिशंड रहें। यह तेल फैटी अमीनो एसिड से समृद्ध होने के कारण हेयर शाफ्ट में नमी को सील करने में समर्थ है।

6. हेयर डैमेज

फ्री रेडिकल्स को अगर नजरअंदाज कर दिया जाए, तो ये आपके स्कैल्प और बालों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। फ्री रेडिकल्स हेयर डैमेज का कारण बनते हैं। इस स्थिति में आप कलौंजी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। कलौंजी का तेल एंटीऑक्सीडेंट गुण से समृद्ध होता है। यह बालों पर फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने का काम करता है। इस प्रकार यह स्कैल्प और बालों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

गंजेपन और बालों की वृद्धि के लिए कलौंजी के तेल का इस्तेमाल कैसे करें – How To Use Black Seed Oil For Hair Growth And Baldness in Hindi

बालों को बढ़ाने के लिए आप कलौंजी के तेल का इस्तेमाल सीधे या अन्य किसी सामग्री के साथ मिलाकर कर सकते हैं। नीचे जानिए गंजेपन और बालों को बढ़ा करने के लिए किस प्रकार करें कलौंजी के तेल का इस्तेमाल –

1. कलौंजी हेयर ऑयल ट्रीटमेंट

Kalonji-Oil-Hair-Treatment Pinit

Shutterstock

सामग्री

  • दो चम्मच कलौंजी का तेल

प्रक्रिया

  • तेल को हथेलियों पर लेकर अच्छी तरह रगड़ें, ताकि थोड़ी गरमाहट तेल में आ जाए।
  • अब तेल से अपने बालों की अच्छी तरह मालिश करें। तेल को खासकर उस जगह पर लगाएं, जहां बाल ज्यादा झड़ रहे हैं।
  • बालों की जड़ों और स्कैल्प पर अच्छी तरह तेल लगाएं।
  • तेल को लगभग 30 मिनट से एक घंटे के लिए छोड़ दें और फिर इसे अपने नियमित शैम्पू से धो लें।

कितनी बार करें?

इस प्रक्रिया को सप्ताह में दो-तीन बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक?

कलौंजी के तेल से मालिश करने से हेयर फॉलिकल्स उत्तेजित होते हैं और बालों को बढ़ने में मदद मिलती है। यह खास प्राकृतिक तेल फॉलिकल्स को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, जो बालों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

2. कैरियर तेल के साथ कलौंजी का तेल

कलौंजी के तेल का इस्तेमाल आप अन्य तेलों के साथ भी कर सकते हैं। आप इसमें जैतून, नारियल या अरंडी का तेल मिला सकते हैं। नीचे जानिए कि कलौंजी के तेल को कैरियल ऑयल के साथ कैसे इस्तेमाल किया जाए –

क) जैतून और कलौंजी का तेल

Black-Seed-Oil-And-Olive-Oil-For-Hair Pinit

Shutterstock

सामग्री

  • एक बड़ा चम्मच कलौंजी का तेल
  • एक बड़ा चम्मच जैतून का तेल

प्रक्रिया

  • एक कटोरे में कलौंजी के तेल को जैतून के तेल के साथ मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण से स्कैल्प की मालिश करें और उन जगह ज्यादा मालिश करें, जहां बाल तेजी से झड़ रहे हैं।
  • मालिश करते वक्त बालों की जड़ और स्कैल्प पर भी तेल लगाएं।
  • मालिश के करीब 30 मिनट से एक घंटे बाद बालों को शैम्पू से धो लें।

कितनी बार करें?

  • इस प्रक्रिया को सप्ताह में दो-तीन बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक?

जैतून का तेल एक कारगर हेयर कंडीशनर है, जो आपके बालों को कोमल और मुलायम बनाने का काम करता है। दो तेलों का यह मिश्रण बालों को टूटने से रोकता है।

ख) कलौंजी और नारियल का तेल

Black-Seed-Oil-And-Coconut-Oil-For-Hair Pinit

Shutterstock

सामग्री

  • एक बड़ा चम्मच कलौंजी का तेल
  • एक बड़ा चम्मच नारियल का तेल

प्रक्रिया

  • एक कटोरे में नारियल के तेल के साथ कलौंजी के तेल को मिलाएं और मिश्रण को कुछ सेकंड के लिए हल्का गर्म करें।
  • इस तेल के मिश्रण से लगभग 15 मिनट तक अपने स्कैल्प पर मालिश करें।
  • बालों और स्कैल्प पर अच्छी तरह तेल लग जाने के बाद 30 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • अब नियमित शैम्पू से अपने बालों को धोएं।

कितनी बार करें?

इस प्रक्रिया को सप्ताह में दो-तीन बार दोहराएं ।

कैसे है लाभदायक?

सामान्य बालों के लिए यह एक कारगर उपचार है। नारियल के तेल में क्षमता है कि वह त्वचा की गहराई तक जाकर काम करता है। इसलिए, यह फॉलिकल्स और हेयर शाफ्ट तक जाकर बालों को पूरा पोषण देता है। ये दोनों तेल आपस में मिलकर एक एंटी हेयर फॉल के रूप में काम करते हैं।

ग) कलौंजी और अरंडी का तेल

Black-Seed-Oil-And-Castor-Oil-For-Hair-Growth Pinit

Shutterstock

सामग्री

  • 1/2 चम्मच कलौंजी का तेल
  • 1/2 बड़ा चम्मच अरंडी का तेल

प्रक्रिया

  • एक कटोरी में कलौंजी और अरंडी का तेल मिलाएं।
  • इस तेल मिश्रण से अपने स्कैल्प की मालिश करें। उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें, जहां से बाल ज्यादा झड़ रहे हैं।
  • तेल को अच्छी तरह बालों और जड़ों पर लगाएं और लगभग 30 मिनट तक के लिए छोड़ दें।
  • अब अपने नियमित शैम्पू से बालों को धो लें।

कितनी बार करें?

इस प्रक्रिया को सप्ताह में दो-तीन बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक?

सूखे बालों के लिए यह एक आदर्श घरेलू उपचार है। अरंडी का तेल अपनी ग्रोथ-बूस्टिंग गुण के लिए जाना जाता है। इसका उपयोग अक्सर बालों की मोटाई और बालों की वृद्धि के लिए किया जाता है। जब इसे कलौंजी के तेल के साथ मिलाया जाता है, तो यह बालों को झड़ने से रोककर उनके विकास में मदद करता है।

3. नींबू और कलौंजी का तेल

Lemon-And-Black-Seed-Oil-For-Hair Pinit

Shutterstock

सामग्री

  • एक नींबू का रस
  • दो बड़े चम्मच कलौंजी का तेल

प्रक्रिया

  • एक ताजा नींबू का रस निकाल लें और अपने स्कैल्प की मसाज करें।
  • 15 मिनट बाद अपने बालों को शैम्पू से धो लें।
  • बालों को हवा में सूखने दें और फिर कलौंजी के तेल से अपने स्कैल्प की 10 मिनट तक मसाज करें।
  • बालों और बालों की जड़ों तक तेल को अच्छी तरह लगाएं।
  • तेल को रात भर बालों में लगा रहने दें और सुबह नियमित शैंपू से बालों को धो लें।

कितनी बार करें?

  • इस प्रक्रिया को सप्ताह में एक-दो बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक?

नींबू विटामिन-सी से भरपूर होता है, जो स्कैल्प में कोलेजन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। इसका अम्लीय गुण स्कैल्प के पीएच को संतुलित करने का काम करता है। इस प्रकार कलौंजी के तेल का इस्तेमाल तैलीय बालों वाले लोगों के लिए आदर्श उपचार है, जो बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं।

4. शहद और कलौंजी का तेल

Black-Seed-Oil-And-Honey-For-Hair Pinit

Shutterstock

सामग्री

  • 1/2 कप नारियल तेल
  • एक बड़ा चम्मच शहद
  • 1 बड़ा चम्मच कलौंजी का तेल
  • गर्म तौलिया

प्रक्रिया

  • एक कटोरे में सभी सामग्रियों को तब तक मिलाएं, जब तक आपको एक चिकना मिश्रण न मिल जाए।
  • अपने स्कैल्प पर इस मिश्रण से मालिश शुरू करें। मुख्य रूप से उस जगह पर फोकस करें, जहां सबसे ज्यादा बाल झड़ रहे हैं।
  • स्कैल्प के साथ बालों की जड़ों पर भी तेल अच्छी तरह लगाएं।
  • तौलिये को गर्म पानी में भिगोकर निचोड़ लें और बालों को उससे ढक दें।
  • मिश्रण को लगभग 15-20 मिनट से एक घंटे के लिए छोड़ दें और फिर इसे अपने नियमित शैम्पू से धो लें।

कितनी बार करें?

यह प्रक्रिया सप्ताह में एक बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक?

शहद एक हुमेक्टैंट है और यह दोनों तेल के कंडीशनिंग प्रभाव को आपके बालों में सील करने में मदद करेगा, जिससे बाल नरम रहेंगे। वैकल्पिक रूप से आप एक गिलास पानी में एक चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर भी पी सकते हैं। यह एक लोकप्रिय उपाय है, जो न केवल बालों के झड़ने पर अंकुश लगाने में मदद करता है, बल्कि शरीर की अन्य समस्याओं को भी दूर करता है।

असमय बालों का झड़ना महिला और पुरूष दोनों को परेशान कर सकता है, इसलिए ज्यादा समय न गंवा कर कलौंजी के तेल का प्रयोग करना शुरू कर दें। बालों के लिए कलौंजी का तेल बेहद फायदेमंद माना गया है। बालों के लिए आधुनिक दवाइयों की जगह प्राकृतिक उपचारों को प्राथमिकता जरूर दें। आपको यह लेख कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। अन्य जानकारी के लिए आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने सवाल भी पूछ सकते हैं।

The following two tabs change content below.

Nripendra Balmiki

नृपेंद्र बाल्मीकि एक युवा लेखक और पत्रकार हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की है। नृपेंद्र विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद करते हैं, खासकर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर इनकी पकड़ अच्छी है। नृपेंद्र एक कवि भी हैं और कई बड़े मंचों पर कविता पाठ कर चुके हैं। कविताओं के लिए इन्हें हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

संबंधित आलेख