बबूल गोंद के 12 फायदे, उपयोग और नुकसान – Babul Gond (Acacia) Benefits and Side Effects in Hindi

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पेड़ों के पत्ते, फूल और छाल को अक्सर दवाओं के रूप में इस्तेमाल करने के बारे में आपने सुना होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि पेड़ों से निकलने वाला गोंद भी आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। जी हां, हम किसी ऐसे-वैसे गोंद की नहीं, बल्कि औषधीय पेड़ बबूल से निकलने वाले गोंद की बात कर रहे हैं। बबूल गोंद को अक्सर लोग साधारण पेड़ समझ लेते हैं, लेकिन इसके हर हिस्से का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवा और घरेलू उपचार में किया जाता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम खासकर बबूल गोंद के बारे में बात करेंगे। लेख में हम बबूल गोंद क्या है, बबूल गोंद के फायदे और इसके उपयोग से संबंधित जानकारी विस्तार से देंगे।

चलिए, सबसे पहले यह जान लेते हैं कि बबूल गोंद क्या है। इसके बाद हम बबूल गोंद के फायदे विस्तार से जानेंगे।

बबूल गोंद क्‍या है? – What is Babul Gond in Hindi

बबूल गोंद को इंग्लिश में अकेसिया (Acacia) कहा जाता है। अकेसिया का अर्थ अरबी में गोंद ही होता है। यह गोंद बबूल के पेड़ के तनों और शाखाओं से निकलता है। इस गोंद का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाई बनाने के साथ ही लड्डू बनाने के लिए भी किया जाता है। औषधीय गुणों से भरपूर बबूल गोंद को आप कई तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

बबूल गोंद क्‍या है यह तो आप जान ही चुके हैं। अब बबूल गोंद के फायदे पर एक नजर डाल लेते हैं।

बबूल गोंद के फायदे – Benefits of Babul Gond (Acacia) in Hindi

1. वजन घटाए

बबूल गोंद स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही यह अधिक वसा को कम करने में भी सहायक है। एक अध्ययन के मुताबिक, महिलाएं जिन्होंने बबूल गोंद का छह हफ्ते तक सेवन किया था, उनके बॉडी मास इंडेक्स (शरीर में मौजूद वसा) में कमी दर्ज की गई। माना जाता है कि बबूल गोंद डाइटरी फाइबर से भरपूर होता है, जिस वजह से यह वजन घटाने में मदद करता है (1)। आप इसे पानी में घोलकर पी सकते हैं। 3 महीने तक 30 ग्राम बबूल गोंद की खुराक लेने से यह वजन बढ़ाने की प्रक्रिया को रोकने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है (2)

2. कैंसर

कैंसर जैसी प्राणघातक बीमारी से बचने में भी बबूल गोंद मदद कर सकता है। इसमें एंटीकार्सिनोजेनिक (Anticarcinogenic) प्रभाव पाए जाते हैं। यह प्रभाव कैंसर सेल्स को खत्म करने में मदद करता है। आप इसका सेवन अपनी नियमित दवाओं के साथ भी कर सकते हैं (1)

3. डायबिटीज

अगर आप डायबिटीज या इसके खतरे से बचना चाहते हैं, तो बबूल गोंद आपकी मदद कर सकता है। एक अध्ययन के मुताबिक, बबूल गोंद के इस्तेमाल से सीरम ग्लूकोज के स्तर में कमी देखी गई है। इसके अलावा, यह हानिकारक कोलेस्ट्रोल एलडीएल को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रोल एचडीएल को बढ़ाने में मदद करता है (3)

ये सभी किसी न किसी तरह से डायबिटीज से जुड़े हुए हैं। डायबिटीक व्यक्ति अगर अपने ग्लूकोज लेवल और कोलस्ट्रोल को नियंत्रण में रखता है, तो उसे डायबिटीज में काफी फायदा मिलता है (4)। वहीं, मोटापे को नियंत्रण में रखकर भी यह आपको डायबिटीज के खतरे से बचाता है। दरअसल, मोटापा डायबिटीज का जोखिम कारक (रिस्क फैक्टर) होता है (1)

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4. डायरिया

बबूल गोंद का इस्तेमाल डायरिया ठीक करने के लिए ओआरएस में मिलाकर कर सकते हैं। कई रिसर्च में इसे डायरिया रोकने में लाभदायक पाया गया है (5)। बबूल गोंद को शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट के अवशोषण ( Absorption) के लिए जरूरी पाया गया है (6)। हालांकि, कई रिसर्च में इसको लेकर विरोधाभास भी है। माना जाता है कि बबूल गोंद के सेवन से हल्का डायरिया हो सकता है। इसलिए, डायरिया में इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

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5. पेट संबंधी परेशानियां

बबूल गोंद का सीधा सेवन तो पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत नहीं दिलाता, लेकिन आप दही में बबूल गोंद को मिलाकर खाते हैं, तो आपको पेट संबंधी परेशानियों से जल्द राहत मिल सकती है। जब दही में बबूल गोंद मिला दिया जाता है, तो बबूल में मौजूद फाइबर और दही में होने वाला बिफिदोबैक्टीरियम लैक्टिस, इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome) से आपको बचा सकता है। इसका मतलब यह है कि बबूल गोंद के सेवन से पेट में होने वाले दर्द, पेट फूलने और कब्ज जैसी समस्या से निजात पाने में मदद मिल सकती है (7)

6. तनाव

बबूल गोंद का इस्तेमाल आप तनाव कम करने के लिए कर सकते हैं। दरअसल, बबूल गोंद में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं (8)। दरअसल, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का मनोविकार से सीधा-सीधा संबंध होता है। इसके कम होने से अवसाद, तनाव व चिंता जैसे कई दिमागी विकार और परेशानियों दूर हो जाती हैं। ऑफिस के काम से संबंधित तनाव हो या किसी घरेलू समस्याओं से संबंधित, हर तरह के तनाव को बबूल गोंद दूर करने का काम कर सकता है (9)। हालांकि, तनाव दूर करने के लिए बबूल का किस प्रकार सेवन करना है, इसके लिए एक बार विशेषज्ञ से सलाह जरूर कर लें।

7. टॉन्सिल

सूजन की वजह से गले में टॉन्सिल हो सकते हैं (10)। इसलिए, बबूल गोंद में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आपको टॉन्सिल से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं (11)। इसके इस्तेमाल से आपके गले में टॉन्सिल की वजह से होने वाली सूजन को कम किया जा सकता है (12)

8. दांतों के लिए

बबूल गोंद का उपयोग कई लोगों द्वारा दैनिक रूप से मुंह की स्वच्छता के लिए किया जाता है। इसमें मौजूद रोगाणुरोधी गुण आपके मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने और उन्हें पनपने से रोक सकते हैं। इसके साथ ही यह आपके मुंह में मौजूद प्लाक को दूर करने और मसूड़ों की सूजन को कम करने के लिए भी इस्तेमाल में लाए जाते हैं (13)। ऐसे में कहा जा सकता है कि यह पूरे मुंह और दांतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है, क्योंकि दांतों में पनपने वाली समस्या अक्सर बैक्टीरिया की वजह से ही होती है।

9. एक्जिमा

बबूल गोंद को आप एक्जिमा (त्वचा में सूजन, खूजली और रूखापन) से राहत पाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि एक्जिमा को इंफ्लेमेटरी स्किन कंडिशन कहा जाता है (14)। जैसा कि हम आपको ऊपर बता ही चुके हैं कि बबूल गोंद में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो स्किन को एक्जिमा से बचाने और इसके उपचार में मदद कर सकते हैं (11)। बबूल गोंद में इंफेक्शन से लड़ने और इन्हें पनपने से रोकने के गुण भी मौजूद होते हैं। आप बबूल गोंद का इस्तेमाल एक्जिमा से राहत पाने के लिए सीधे त्वचा पर कर सकते हैं (15)

10. घाव

बबूल के पेड़ को इसके एंटीसेप्टिक गुणों के लिए जाना जाता है। आप घाव लगने पर बबूल गोंद या इसके पत्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। बबूल गोंद का इस्तेमाल घाव को भरने के लिए कारगर हो सकता है। जलने-कटने पर भी आप त्वचा पर सीधे बबूल गोंद को लगा सकते हैं (15)। आप बबूल के पत्तों को पीसकर भी घाव पर लगा सकते हैं।

11. त्वचा स्वास्थ्य

माना जाता है कि बबूल गोंद त्वचा स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। लोग चेहरे पर कसावट लाने, झुरियों और त्वचा संबंधी रोग को दूर रखने के लिए इसका इस्तेमाल चेहरे पर भी करते हैं। हालांकि, इससे संबंधित कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है। इसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में फेस पाउडर और मास्क बनाने के लिए किया जाता है। स्किन लोशन को स्मूद बनाने के लिए भी इसे प्रयोग में लाया जाता है (16)

12. बालों के लिए

बालों के लिए भी बबूल गोंद फायदेमंद हो सकता है। एक रिसर्च में कहा गया है कि बबूल गोंद बालों के रोम में रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद कर सकता है (17)। फिलहाल, इसकी पुष्टि के लिए कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इस पर और शोध करने की सलाह दी गई है। वहीं, माना जाता है कि जब बालों के रोम में रक्त का संचार होता है, तो बालों की ग्रोथ अच्छी होती है। शायद यही वजह है कि इसे बतौर हेयर क्रीम भी इस्तेमाल में लाया जाता है (18)

बबूल गोंद के फायदे जानने के बाद अब बबूल गोंद के उपयोग पर एक नजर डाल लेते हैं। इसके बाद आगे हम आपको बबूल गोंद के नुकसान के बारे में बताएंगे।

बबूल गोंद का उपयोग – How to Use Babul Gond (Acacia) in Hindi

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बबूल गोंद का उपयोग आप कुछ इस प्रकार से कर सकते हैं:

  • बबूल की गोंद को भूनकर खाया जा सकता है।
  • बबूल की गोंद को पानी में डालकर सेवन किया जा सकता है।
  • दही में मिलाकर भी आप बबूल की गोंद को खा सकते हैं।
  • इसे घी में भूनकर अन्य आवश्यक सामग्रियों के साथ मिलाकर लड्डू बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • सूप और डेसर्ट मिक्स में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • ग्रेवी बनाने के लिए भी इसे उपयोग में लाया जा सकता है।

बबूल गोंद की उपयुक्त खुराक कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे इसका उपयोग और उपयोगकर्ता की आयु, स्वास्थ्य व अन्य स्थितियां। घाव में कितना लगाया जाए, इसका अंदाजा तो आसानी से लगाया जा सकता है। इसकी उपयुक्त खुराक सीमा कितनी होनी चाहिए, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। फिर भी आप करीब 30 ग्राम बबूल गोंद का इस्तेमाल कर सकते हैं (2)

अब हम आपको बबूल गोंद के नुकसान के बारे में बताएंगे।

बबूल गोंद के नुकसान – Side Effects of Babul Gond in Hindi

बबूल गोंद के फायदे के साथ ही इसके कई नुकसान भी होते हैं। इसका उपयोग करने से पहले इसके नुकसान पर भी एक नजर जरूर डाल लें। नीचे दिए गए नुकसान आपको बबूल गोंद इस्तेमाल करते ही पहले हफ्ते में नजर आने लगेंगे (1)

  • मुंह में सनसनाहट
  • सुबह-सुबह जी-मिचलाना
  • हल्के दस्त
  • पेट का फूलना

बबूल गोंद के फायदे तो आप जान ही गए हैं। इसके नुकसान भी न के बराबर हैं। इसलिए, आप स्वास्थ्य लाभ के लिए इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं। बबूल गोंद आपको बाजार में आसानी से मिल जाएगा। बबूल गोंद के बारे में आपको सबसे अच्छा क्या लगा हमें जरूर बताएं। अगर आप इस लेख से संबंधित कुछ पूछना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमसे संपर्क कर सकते हैं।

18 sources

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vinita pangeni

विनिता पंगेनी ने एनएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में बीए ऑनर्स और एमए किया है। टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम करते हुए इन्हें करीब चार साल हो गए हैं। इन्हें उत्तराखंड के कई पॉलिटिकल लीडर और लोकल कलाकारों के इंटरव्यू लेना और लेखन का अनुभव है। विशेष कर इन्हें आम लोगों से जुड़ी रिपोर्ट्स करना और उस पर लेख लिखना पसंद है। इसके अलावा, इन्हें बाइक चलाना, नई जगह घूमना और नए लोगों से मिलकर उनके जीवन के अनुभव जानना अच्छा लगता है।

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