बादाम के 14 फायदे, उपयोग और नुकसान – Almond (Badam) Benefits and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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नट्स आकार में भले ही छोटे हों, लेकिन पोषक तत्वों से समृद्ध होते हैं। ऐसे ही नट्स की श्रेणी में बादाम भी शामिल है। इसमें मौजूद गुणों की वजह से आयुर्वेद में भी बादाम को अहम माना गया है। इसी वजह से  हमारे बड़े-बुजुर्ग भी प्रतिदिन बादाम खाने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार, बादाम खाने से याददाश्त तेज होती है और कई प्रकार की शारीरिक व मानसिक समस्या के लक्षण दूर हो सकते हैं। इन बातों में कितनी सच्चाई है और इसके अन्य क्या फायदे होते हैं, हम स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में बताएंगे। हम न सिर्फ बादाम पर, बल्कि बादाम खाने की मात्रा और छिलके सहित बादाम खाने के फायदे पर भी चर्चा करेंगे।

शुरू करते हैं लेख

इधर-उधर की बात किए बिना आर्टिकल में सीधे हम बादाम खाने के फायदे के बारे में बात करेंगे।

बादाम खाने के फायदे – Almond Benefits in Hindi

बादाम का वैज्ञानिक नाम प्रूनस डलसिस (Prunus Dulcis) है और यह रोजेसी (Rosaceae) परिवार से संबंध रखता है। इसमें फैटी एसिड, लिपिड, अमीनो एसिड, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट की उचित मात्रा होती है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं (1)। इन पोषक तत्वों के कारण होने वाले फायदों के बारे में नीचे विस्तार से जानिए। हां, इस बात पर भी ध्यान दें कि बादाम किसी भी रोग का इलाज नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ रहने के लिए दिनचर्या का अहम हिस्सा हो सकता है।

1. स्वस्थ हृदय के लिए

बादाम के गुण के कारण इसका सेवन हृदय को स्वस्थ रखने के लिए किया जा सकता है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) में प्रकाशित एक शोध में भी होती है। दरअसल, बादाम का सेवन करने से लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल-सी) को कम किया जा सकता है। यह शरीर को नुकसान पहुंचाने वाला कोलेस्ट्रॉल है, जो हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है (2)

साथ ही बादाम के सेवन से शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल-सी) के स्तर को संतुलित रखा जा सकता है। यह हृदय के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इसके अलावा, यह डिसलिपिडेमिया (रक्त में वसा की अधिक मात्रा) संबंधी लक्षणों को भी कम करके भी हृदय रोग से बचाव कर सकता है। बताया जाता है कि इसमें मौजूद फाइबर, मैग्नीशियम और पोटैशियम हृदय को स्वस्थ रखते हैं (2)

2. वजन कम करने के लिए

वजन कम करने के उपाय के बारे में सोच रहे हैं, तो बादाम का इस्तेमाल करें। एनसीबीआई में पब्लिश एक वैज्ञानिक रिसर्च में बताया गया है कि बादाम को कम कैलोरी डाइट के साथ शामिल करके वजन कम किया जा सकता है। बादाम की तकरीबन 84 ग्राम मात्रा का रोजाना सेवन करने से चयापचय सिंड्रोम संबंधी असामान्यताएं दूर हो सकती हैं, जिसमें मोटापा भी शामिल है। रिसर्च में आगे बताया गया है कि बादाम का सेवन करने वालों में 24 हफ्ते बाद वजन में कमी पाई गई (3)

एक अन्य शोध के मुताबिक, 100 ग्राम बादाम में लगभग 12 ग्राम डाइटरी फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। साथ ही यह हेल्दी फैट्स से भरपूर होता है और इसमें मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट को भरा हुआ रखने में मदद करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिल सकती है (4)। इसी वजह से बादाम खाने के फायदे में वेट लॉस को भी गिना जाता है।

3. कैंसर से बचाव

बादाम के फायदे में कैंसर से बचाव को भी शामिल किया जा सकता है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि बादाम में एंटीकैंसर प्रभाव होता है, जो कैंसर सेल लाइन को बढ़ने से रोक सकता है। साथ ही रिसर्च में कहा गया है कि खासकर कड़वे बादाम में मौजूद एमिग्डालिन में संभावित कैंसर का उपचार करना का प्रभाव हो सकता है।  (5)

इसके अलावा, एक अन्य शोध से पता चलता है कि बादाम और बादाम का तेल एजॉक्सिमेथेन नामक कैंसर जनक पदार्थ के कारण होने वाले आंत के कैंसर का जोखिम कम कर सकता है (6)। यहां हम स्पष्ट कर दें कि ये दोनों अध्ययन चूहों पर किए गए हैं। मनुष्यों पर इसके असर को लेकर अध्ययन किए जा रहे हैं। साथ ही ध्यान दें कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने पर इसका इलाज करवाना जरूरी है।

4. मधुमेह के स्तर का नियंत्रण

मधुमेह से बचाव के उपाय में बादाम के गुण लाभकारी साबित हो सकते हैं। इस संबंध में एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक रिसर्च पेपर प्रकाशित है। उसके मुताबिक, बादाम में फाइबर, अनसैचुरेटेड फैट और लो कार्बोहाइड्रेट होता है। साथ ही यह लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स की श्रेणी यानी कम ग्लूकोज वाला खाद्य पदार्थ है। ऐसे में माना जाता है कि बादाम का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज (मधुमेह) के जोखिम से बचा जा सकता है  (7)

इस वैज्ञानिक अध्ययन के दौरान पाया गया है कि सुबह नाश्ते में बादाम को शामिल करने से ब्लड ग्लूकोज का स्तर कम हो सकता है (7)। अगर किसी को मधुमेह है, तो उसे बादाम के साथ ही डॉक्टरी सलाह लेना भी जरूरी है। हां, स्वस्थ व्यक्ति इसका सेवन करके ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित रख सकते हैं।

5. कोलेस्ट्रॉल के लिए

जैसा कि लेख में हम बता ही चुके हैं कि बादाम के गुण की वजह से लो डेंसिटी कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है। साथ ही इसे ट्राइग्लिसराइड्स (एक प्रकार का वसा) के लेवल को कम करने के लिए भी जाना जाता है। इतना ही नहीं, यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभा सकता है (2)। इसी वजह से छिलके रहित और छिलके सहित बादाम खाने के फायदे में कोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रण को भी शामिल किया जाता है।

6. मस्तिष्क के विकास के लिए

याददाश्त बढ़ाने और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर करने में भी बादाम के फायदे हो सकते हैं। बादाम का सेवन करने से बढ़ती उम्र के साथ कमजोर होती याददाश्त और मस्तिष्क से जुड़ी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी से बचाव किया जा सकता है। इसके लिए इसमें पाए जाने वाले टोकोफेरोल, फोलेट, मोनो व पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड और पॉलीफेनोल्स मददगार हो सकते हैं। ये पोषक तत्व उम्र से संबंधित कॉगनिटिव डिस्फंक्शन (याददाश्त कमजोर होना) को रोकने का काम कर सकते हैं (8)। इसके अलावा, बादाम को रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट खाने की सलाह दी जाती है। दरअसल इसमें विटामिन-ई होता है, जो याददाश्त को तेज करने में अहम भूमिका निभा सकता है (9)।

आगे और फायदे हैं

7. आंखों के लिए

बढ़ती उम्र के साथ-साथ आंखें भी कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में आंखों की कमजोरी दूर करने के उपाय में बादाम के फायदे हो सकते हैं। दरअसल, बादाम में विटामिन ई और जिंक की भरपूर मात्रा पाई जाती है। ये पोषक तत्व आंखों से जुड़ी बीमारी एज रिलेटेड मैक्युलर डीजेनेरेशन को दूर रखने का काम कर सकते हैं। साथ ही बादाम में जिंक होता है, जो रेटिना को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी माना जाता है (9)। इसी वजह से कहा जा सकता है कि बादाम के फायदे आंखों के लिए हो सकते हैं।

8. एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव

एनसीबीआई पर मौजूद एक रिसर्च के मुताबिक, बादाम में खासकर बादाम की त्वचा में एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होता है। यह धूम्रपान करने या अन्य कारणों से बढ़े ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाली प्रोटीन की क्षति को कम कर सकता है (1)। साथ ही कई अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि एंटीऑक्सीडेंट शरीर के ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, अल्जाइमर रोग, पार्किंसंस रोग और नेत्र रोग संबंधी समस्याओं के जोखिम से बचा सकता है (10)

9. ऊर्जा बढ़ाए

बादाम खाने के फायदे में ऊर्जा बढ़ाने भी शामिल है। एक रिसर्च पेपर में लिखा है कि बादाम में उच्च मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, फैट और ऐश होता है। इसी वजह से बादाम को उच्च ऊर्जा वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है। इसमें मौजूद एनर्जी के कारण इसे बिस्कुट और कुकीज बनाते समय भी इस्तेमाल में लाया जाता है। बादाम में मौजूद हाई डेंसिटी एनर्जी की वजह से यह व्यक्ति को ऊर्जात्मक एहसास देता है (11)

10. पाचन के लिए

बताया जाता है कि बादाम का सेवन करने से पाचन को बेहतर किया जा सकता है। एक रिसर्च पेपर के अनुसार, बादाम और बादाम की स्किन में फाइबर और प्रीबायोटिक्स होते हैं। यह आंत में माइक्रोबायोटा प्रोफाइल और आंतों के बैक्टीरिया की गतिविधियों में सुधार कर सकता है। इससे स्वास्थ्य पर लाभकारी प्रभाव पड़ता है और हानिकारक चीजों से बचाव हो सकता है (12)। इन लाभकारी प्रभाव में से एक पाचन भी है (13)

11. हड्डियों के लिए

हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी बादाम का सेवन किया जा सकता है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि हड्डियों के लिए कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व जरूरी होते हैं। ये दोनों न्यूट्रिएंट्स बादाम में पाए जाते हैं। मैग्नीशियम को बोन मिनरल डेंसिटी को बेहतर करने के लिए जाना जाता है। इन दोनों पोषक तत्वों और बोन मिनरल डेंसिटी को बेहतर करने वाले प्रभाव की मदद से ऑस्टियोपोरोसिस जैसे हड्डी रोग और फ्रेक्चर के जोखिम को कुछ कम किया जा सकता है। इसी वजह से बादाम के फायदे में हड्डी स्वास्थ्य को भी गिना जाता है (14)

12. पोषक तत्वों से समृद्ध

बादाम कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। इसमें मुख्य रूप से प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, जिंक, विटामिन-ई और फोलेट जैसे पोषक तत्व होते हैं (15)। बादाम में इन पोषक तत्वों के अलावा भी कई न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जिन्हें हमने लेख में आगे एक टेबल के जरिए बताया है। इन सभी न्यट्रिएंट्स के बारे में विस्तार से जानने के लिए लेख को आखिर तक पढ़ें।

13. त्वचा के लिए

त्वचा को स्वस्थ रखने में भी बादाम के गुण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए बादाम के तेल का उपयोग किया जा सकता है। बादाम के तेल में एंटी-इंफ्लामेटरी के साथ इमोलिएंट (Emollient) और स्क्लेरोसेंट (Sclerosant) प्रभाव होते हैं। ये गुण ड्राई स्किन, सोरायसिस और एक्जिमा के घरेलू इलाज के साथ-साथ त्वचा की रंगत को निखारने में भी मददगार साबित हो सकते हैं। साथ ही यह त्वचा को जवां बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है (16)

14. बालों के लिए

बादाम के फायदे में बालों को स्वस्थ और लंबा बनाना भी शामिल है। एक रिसर्च पेपर के अनुसार, बादाम में मौजूद प्रोटीन, विटामिन और टोकोफेरोल बालों के विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा सकते हैं (17)। साथ ही बादाम के तेल के इस्तेमाल से बालों को उचित पोषण मिलता है, जिससे बाल मुलायम और मजबूत बन सकते हैं। साथ ही यह एक क्लींजिंग एजेंट के रूप में भी काम कर सकता है (18)

यही नहीं, बाल झड़ने की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी बादाम फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, आमतौर पर शरीर में बायोटिन (एक तरह के विटामिन) की कमी होने से बालों के पतले और झड़ने की समस्या शुरू होती है। ऐसे में बादाम में मौजूद बायोटिन इसके स्तर को कुछ बेहतर करके बालों को झड़ने से रोक सकता है (19)

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इस आर्टिकल में आगे हम बादाम में पाए जाने वाले पोषक तत्व के बारे में जानेंगे।

बादाम के पौष्टिक तत्व – Almond Nutritional Value in Hindi

बादाम में विभिन्न तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन सभी न्यूट्रिएंट्स के बारे में हम आगे चार्ट के माध्यम से जानकारी दे रहे हैं (15)

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 G
पानी4.41 g
ऊर्जा579 kcal
प्रोटीन21.15 g
टोटल लिपिड (फैट)49.93 g
कार्बोहाइड्रेट21.55 g
फाइबर12.5 g
टोटल शुगर4.35 g
मिनरल्स
कैल्शियम, Ca269 gm
आयरन, Fe3.71 gm
मैग्नीशियम , Mg270 gm
फास्फोरस, P481 gm
पोटैशियम, K733 gm
सोडियम, Na1 mg
जिंक, Zn3.12 mg
विटामिन्स
थाइमिन0.205 mg
राइबोफ्लेविन1.138 mg
नियासिन3.618 mg
विटामिन बी -60.137 mg
फोलेट DFE44 µg
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल)25.63 mg
लिपिड
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड3.802 g
फैटी एसिड, टोटल मोनोसैचुरेटेड31.551 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड12.329 g

पढ़ते रहें लेख

चलिए, अब आगे जानते हैं कि रोजाना बादाम खाने की सही मात्रा और तरीका क्या है।

बादाम खाने का तरीका – How to Eat Almond in Hindi

अगर बादाम खाने के एक ही तरीके से ऊब गए है, तो आगे जाने इसे खाने के अलग-अलग तरीकों के बारे में।

कैसे खाएं :

  • बादाम को ऐसे ही साबूत खाया जा सकता है।
  • बादाम को रातभर पानी में भिगोकर अगली सुबह इसे छिलके उतारकर खाया जा सकता है।
  • चिवड़ा में मिलाकर बादाम को खा सकते हैं।
  • कॉर्नफ्लेक्स या फ्रूट सलाद में बादाम के टुकड़े को डालकर खा सकते हैं।
  • बादाम का हलवा बनाकर खा सकते हैं।
  • बादाम का सेवन मिल्क शेक में मिक्स करके किया जा सकता है।
  • केक में बादाम का उपयोग करके खाया जा सकता है।
  • कई मिठाइयों में भी बादाम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इसे चॉकलेट में भी उपयोग किया जा सकता है।
  • बादाम पाउडर को सादा या दूध में मिलाकर भी बादाम का सेवन किया जा सकता है।
  • बनाना या मैंगो शेक में भी बादाम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • आलमंड से बना बादाम मिल्क भी आप पी सकते हैं।

कब खाएं :

  • सुबह या शाम को व्यायाम के बाद कुछ भीगे हुए बादाम खाए जा सकते हैं।
  • इससे बने चॉकलेट या केक को दिन में किसी भी समय खाया जा सकता है।
  • शाम को बादाम मिल्क शेक पी सकते हैं।

कितना खाएं :

  • प्रतिदिन 56 ग्राम (1 मुट्ठी) तक बादाम खाने की मात्रा को सुरक्षित माना जाता है (20)। वैसे हर किसी की आहार क्षमता एक जैसा नहीं होती है, इसलिए एक बार आहार विशेषज्ञ की सलाह भी ले सकते हैं।

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बादाम खाने के फायदे ही नहीं, बल्कि कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। आगे जानिए बादाम के नुकसान क्या हैं।

बादाम के नुकसान – Side Effects of Almond in Hindi

इसमें कोई दो राय नहीं कि बादाम सेहत के लिए फायदेमंद होता है। हां, कुछ लोगों को इसकी अधिक मात्रा या कुछ अन्य कारण से बादाम के नुकसान हो सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं।

  • कुछ लोगों को बादाम का सेवन करने से फूड एलर्जी हो सकती है (21)
  • गर्भवतियों में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं हैं, तो बादाम के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
  • बादाम में फाइबर होता है (15)। ऐसे में इसकी अधिकता होने पर पेट में गैस (पेट फूलना), सूजन और ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है (22)
  • अध्ययनों से पता चलता है कि बादाम में ऑक्सालेट कंपाउंड होता है, जिससे गुर्दे में पथरी (किडनी स्टोन) का जोखिम बढ़ सकता है (23)
  • स्वाद में कड़वे बादाम के नुकसान भी हैं। इससे शरीर में साइनाइड विषाक्तता हो सकती है (24)

इस आर्टिकल से आपको यह बात तो समझ आ ही गई होगी कि बादाम के सेवन से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। इसमें लगभग सभी तरह के न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो व्यक्ति को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। शायद इसी वजह से बादाम को कई रोगों से बचाव का एक अच्छा तरीका माना जाता है। बस ध्यान रहे कि अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो सिर्फ बादाम पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। उसके लिए डॉक्टरी सलाह जरूर लें। चलिए, अब अंत में बादाम को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब जानते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एक दिन में कितने बादाम खाने चाहिए?

एक दिन में बादाम खाने की मात्रा लगभग 56 ग्राम यानी 8 से 10 बादाम खाना लाभकारी हो सकता है।

छिलके सहित बादाम खाने के फायदे अधिक हैं या बिना छिलके के बादाम खाने के अधिक फायदे हैं?

वैसे तो छिलके सहित बादाम खाने के फायदे और छिलके रहित दोनों तरह के भीगे हुए बादाम खाना पाचन स्वास्थ्य और अन्य चीजों के लिए लाभकारी हो सकता है। आप अपनी पसंद के हिसाब से भीगे हुए बादाम का छिलका हटाकर या छिलके के साथ उसे खा सकते हैं।

क्या हम बादाम को खाली पेट खा सकते हैं?

जैसा कि बादाम में कई पोषक तत्व होते हैं। ऐसे में खाली पेट बादाम खाने पर इसके पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ावा मिल सकता है (25)। इसे देखते हुए खाली पेट बादाम खाना भी सुरक्षित और लाभकारी माना जा सकता है।

क्या हम बादाम खाने के बाद पानी पी सकते हैं?

कई बार ऐसे दावे किए जाते हैं कि भोजन करने या ड्राई फ्रूट्स खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए।

क्या मैं रात में बादाम खा सकता हूं?

हां, आप रात के समय बादाम खा सकते हैं। कुछ शोध से पता चलता है कि बादाम जैसे कई अन्य प्रकार के नट्स से मेलाटोनिन (तेजी से सोने में मदद करने वाले एक तरह का हार्मोन) को बढ़ावा मिलता है। इससे नींद की गुणवत्ता अच्छी हो सकता है (26)

अगर बिना भिगोए बादाम खा लें, तो क्या होगा?

बिना भिगोए हुए बादाम खाने से भी लेख में बताए गए फायदे ही होंगे, लेकिन बादाम को भिगोकर खाने से ये आसानी से डाइजेस्ट हो जाते हैं।

बादाम में कौन से विटामिन होते हैं?

बादाम में विटामिन बी6 और विटामिन ई होते हैं (15)

बादाम और शहद खाने से क्या फायदे हो सकते हैं?

बादाम के गुण और शहद के फायदे एक-दूसरे के गुणों को अधिक बढ़ा सकते हैं। दोनों के मिश्रण से लेख में बताए गए फायदे मिल सकते हैं (27)

बादाम की तासीर कैसी है?

बादाम की तासीर गर्म होती है।

Sources

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