बादाम के फायदे, उपयोग और नुकसान – Almond Benefits and Side Effects in Hindi

by

नट्स आकार में भले ही छोटे होते हैं, लेकिन पोषक तत्वों से समृद्ध होते हैं। ऐसे ही नट्स की श्रेणी में बादाम भी शामिल है। आयुर्वेद में भी बादाम को अहम माना गया है। वहीं, हमारे बड़े-बुजुर्ग भी प्रतिदिन बादाम खाने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार, बादाम खाने से याददाश्त तेजी होती है। इसके अन्य लाभों की बात करें, तो बादाम के सेवन से कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक समस्या के लक्षण को कम किया जा सकता है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम इसी ड्राई फ्रूट की बात करेंगे। हम न सिर्फ इसके फायदे बताएंगे, बल्कि बादाम खाने की मात्रा और छिलके सहित बादाम खाने के फायदे के बारे में भी विस्तार से चर्चा करेंगे।

चलिए आर्टिकल के पहले भाग बादाम खाने के फायदे के बारे में ही बात करेंगे।

बादाम खाने के फायदे – Almond Benefits in Hindi

बादाम का वैज्ञानिक नाम प्रूनस डलसिस (Prunus dulcis) होता है और यह रोजेसी (Rosaceae) परिवार से संबंध रखता है। इसके सेवन से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे कि कई रोग से बचा जा सकता है। आइए, बादाम के फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

1. स्वस्थ हृदय के लिए

बादाम के गुण के कारण इसका सेवन हृदय को स्वस्थ रखने के लिए फायदेमंद हो सकता है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) में प्रकाशित एक शोध के जरिए होती है। दरअसल, बादाम का सेवन कर लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन-कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल-सी) को कम किया जा सकता है। यह शरीर को नुकसान पहुंचाने वाला कोलेस्ट्रॉल होता है, जो हृदय रोग के जोखिम कारण बन सकता है। साथ ही बादाम के सेवन से अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन-कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल-सी) के स्तर को संतुलित बनाए रखने में मदद मिल सकती है। यह हृदय के लिए लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा, यह डिसलिपिडेमिया को भी कम करने में मदद करता है, जिससे हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है। डिसलिपिडेमिया एक प्रकार की स्थिति होती है, जिसमें रक्त में लिपिड की मात्रा बढ़ जाती है (1)।

2. वजन कम करने के लिए

बादाम खाने के फायदे वजन को कम करने के लिए भी हो सकते हैं। एनसीबीआई में पब्लिश एक वैज्ञानिक रिसर्च में बताया गया है कि बादाम में कैलोरी की मात्रा कम होती है, जो चयापचय सिंड्रोम से जुड़ी असामान्यताओं को बेहतर बनाने का काम कर सकता है। इसके अलावा, बादाम के सेवन करने वाले समूह में 24 हफ्ते के बाद अधिक वजन की कमी पाई गई है। साथ ही इसके सेवन से मोटापा भी कम हुआ (2)।

3. कैंसर से बचाव

बादाम के फायदे कैंसर जैसी समस्या को दूर रखने के लिए भी हो सकते हैं। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि बादाम में एंटीकैंसर गुण होता है, जो कैंसर सेल लाइन को बढ़ने से रोकता है। इससे कैंसर की समस्या को दूर रखा जा सकता है। साथ ही इसमें कीमो-प्रिवेंटिव गुण भी पाया जाता है, जिसे कैंसर को रोकने वाली दवाइयों व सप्लीमेंट्स में यूज किया जाता है। यहां हम स्पष्ट कर दें कि यह अध्ययन फिलहाल चूहों पर किया गया है (3)। वहीं, अगर किसी को कैंसर है, तो उसे डॉक्टर से इलाज जरूर करवाना चाहिए। साथ ही बादाम का सेवन करना है या नहीं, इस संबंध में डॉक्टर से जरूर पूछना चाहिए।

4. मधुमेह के लिए

एनसीबीआई ने इस संबंध में भी एक रिसर्च पेपर को अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है। इसमें बताया गया है कि बादाम में हाई फाइबर, अनसैचुरेटेड फैट और लो कार्बोहाइड्रेट प्रभाव होता है। साथ ही इसे लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स की श्रेणी में रखा गया है। लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स में उन खाद्य पदार्थ को रखा जाता है, जिनमें ग्लूकोज की मात्रा कम होती है। इसलिए, बादाम का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज (मधुमेह) के जोखिम से बचा जा सकता है। इस वैज्ञानिक अध्ययन में यह भी पाया गया कि सुबह के नाश्ते में बादाम को शामिल करने से ब्लड ग्लूकोज में कमी आई। इस प्रकार, बादाम के फायदे में मधुमेह से बचाव भी शामिल है (4)। हां, अगर किसी को मधुमेह है, तो उसे बादाम किस प्रकार खाने चाहिए, इस बारे में डॉक्टर ही बेहतर बता सकते हैं। साथ ही मधुमेह के मरीज को समय पर दवा जरूर लेनी चाहिए।

5. कोलेस्ट्रॉल के लिए

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखने के लिए भी बादाम का सेवन किया जा सकता है। बादाम लो डेंसिटी लेवल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक साबित हो सकता है। साथ ही यह ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को भी कम करता है। इसके अलावा, बादाम हाई डेंसिटी लेवल कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने का काम करता है। जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है (1)। अब कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए छिलके सहित बादाम खाने के फायदे हैं या नहीं, इस संबंध में स्पष्ट रूप से कहना मुश्किल है। इस बारे में डॉक्टर ही बेहतर बता सकते हैं।

6. मस्तिष्क के लिए

बादाम के गुण में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर करना भी शामिल है। बादाम का सेवन करने से बढ़ती उम्र के साथ कमजोर होती याददाश्त और मस्तिष्क से जुड़ी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी से बचा जा सकता है। इसके लिए इसमें पाए जाने वाले टोकोफेरोल, फोलेट, मोनो व पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड और पॉलीफेनोल्स जिम्मेदार होते हैं। ये पोषक तत्व एज एसोसिएटेड कॉगनिटिव डिस्फंक्शन (उम्र के साथ याददाश्त कमजोर होना) को रोकने का काम कर सकते हैं। यह जानकारी एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में दी गई है, जिसे चूहों पर किया गया था (5)।

7. आंखों के लिए

बढ़ती उम्र के साथ-साथ आंखें भी कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में आंखों की कमजोरी को दूर करने में बादाम का सेवन फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, बादाम में विटामिन ई और जिंक की भरपूर मात्रा पाई जाती है। ये पोषक तत्व आंखों से जुड़ी बीमारी एज रिलेटेड मैक्युलर डीजेनेरेशन को दूर रखने का काम करते हैं। साथ ही जिंक रेटिना को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होता है (6)। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि बादाम के फायदे आंखों के लिए हो सकते हैं।

8. एंटीऑक्सीडेंट की तरह

एंटीऑक्सीडेंट शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाने का काम कर सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, बादाम में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं (7)। एंटीऑक्सीडेंट कई क्रोनिक यानी पुरानी बीमारियों के लक्षण को कम करने में मदद कर सकता है। इनमें हृदय रोग, कैंसर, मोतियाबिंद और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस शामिल है (8)।

9. पाचन के लिए

बादाम खाने की मात्रा को संतुलित रखा जाए, तो यह पाचन क्रिया के लिए सहायक हो सकता है। दरअसल, बादाम में डाइजेशन प्रोपर्टी पाई जाती है। इससे बादाम के सेवन इसे पचाने में आसानी हो सकती है। इसके अलावा, बादाम में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है (9)। फाइबर पाचन के दौरान शरीर में मौजूद तरल पदार्थ को आकर्षित करता है और उसके साथ मिलकर जेल का निर्माण करता है। इससे कि पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। यह पाचन तंत्र के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ हृदय के लिए भी फायदेमंद है (10)।

10. हड्डियों के लिए

एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम की पूर्ति करने पर हड्डियों को स्वस्थ रखा जा सकता है। इससे हड्डियों को नुकसान होने से रोका जा सकता है। जिन खाद्य पदार्थों में कैल्शियम पाए जाते हैं, उनमें बादाम भी शामिल है। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि बादाम खाने के फायदे हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए भी हो सकते हैं (11)।

11. पोषक तत्वों से समृद्ध

बादाम कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। इसमें मुख्य रूप से कैलोरी, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम Ca, आयरन Fe, जिंक Zn, विटामिन-ई और फोलेट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। बादाम के पोषक तत्वों को हमने लेख में आगे एक टेबल के जरिए विस्तार से समझाने का प्रयास किया है (12)।

12. त्वचा के लिए

त्वचा को स्वस्थ रखने में भी बादाम की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसके लिए बादाम से बने तेल का उपयोग किया जा सकता है। बादाम का तेल ड्राई स्किन, सोरायसिस और एक्जिमा इलाज में मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा, यह त्वचा के टोन और रंग को बेहतर बनाने का काम भी कर सकता है। आयुर्वेद में भी त्वचा के संबंध में बादाम के तेल का जिक्र मिलता है (13)।

13. बालों के लिए

अगर कोई बाल झड़ने की समस्या से परेशान है, तो उनके लिए बादाम का प्रयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। आमतौर पर शरीर में बायोटिन (एक तरह का विटामिन) की कमी होने पर बालों के पतले होने और झड़ने की समस्या शुरू होती है। ऐसे में बायोटिन की पूर्ति कर बालों को झड़ने से रोका जा सकता है। जिन खाद्य पदार्थों में बायोटिन पाए जाते हैं, उनमें बादाम भी शामिल है (14)।

इस आर्टिकल में आगे हम बादाम में पाए जाने वाले पोषक तत्व के बारे में जानेंगे।

बादाम के पौष्टिक तत्व – Almond Nutritional Value in Hindi

बादाम में विभिन्न तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिन्हें नीचे चार्ट की मदद से समझाया गया है (12)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 g
पानी4.41 g
ऊर्जा579 kcal
प्रोटीन21.15 g
टोटल लिपिड (फैट)49.93 g
कार्बोहाइड्रेट21.55 g
फाइबर12.5 g
शुगर, टोटल4.35 g
मिनरल्
कैल्शियम ,Ca269 gm
आयरन ,Fe3.71 mg
मैग्नीशियम , Mg 270 mg
फास्फोरस ,P481 mg
पोटैशियम ,K733 mg
सोडियम ,Na1 mg
जिंक ,Zn3.12 mg
विटामिन्स
थाइमिन0.205 mg
राइबोफ्लेविन1.138 mg
नियासिन3.618 mg
विटामिन बी -60.137 mg
फोलेट DFE44 µg
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल)25.63 mg
लिपिड
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड3.802 g
फैटी एसिड, टोटल मोनोसैचुरेटेड31.551 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड12.329 g

अब आर्टिकल के अगले भाग में हम बादाम खाने का तरीका जानेंगे।

बादाम खाने का तरीका – How to Eat Almond in Hindi

अगर बादाम खाने के एक ही तरीके से उब गए है, तो आगे जाने इसे खाने के अलग अलग तरीकों के बारे में।

कैसे खाएं :

  • बादाम को ऐसे ही खाया जा सकता है।
  • बादाम को रातभर पानी में भिगोकर अगली सुबह छिलके उतारकर खाया जा सकता है। बादाम खाने का यह सबसे बेहतरीन तरीका माना गया है।
  • बादाम का सेवन मिल्क शेक में मिक्स करके किया जा सकता है।
  • केक में बादाम का उपयोग करके खाया जा सकता है।
  • कई मिठाइयों में भी बादाम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इसे चॉकलेट में भी उपयोग किया जा सकता है।

कब खाएं :

  • सुबह या शाम को व्यायाम के बाद कुछ भीगे हुए बादाम खाए जा सकते हैं।
  • इससे बने चॉकलेट या केक को दिन में किसी भी समय खाया जा सकता है।
  • शाम को बादाम मिल्क शेक पी सकते हैं।

कितना खाएं : प्रति दिन 56 ग्राम बादाम का सेवन शरीर के लिए लाभदायक हो सकता है (14)। वहीं, हर किसी की आहार क्षमता एक जैसा नहीं होती है। इसलिए, इसे आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से उचित मात्रा जान लेना फायदेमंद होगा।

बादाम खाने के फायदे तो जान लिए, अब इसके नुकसान के बारे में जानेंगे।

बादाम के नुकसान – Side Effects of Almond in Hindi

कई बार बादाम का सेवन शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है, जो इस तरह हो सकता है।

  • कुछ लोगों को बादाम का सेवन करने से एलर्जी हो सकती है (15)। इसलिए, ऐसे लोगों को बादाम का सेवन करने से पहले डॉक्टर से एक बार जरूर पूछ लेना चाहिए।
  • गर्भवती महिला को बादाम के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि कई बार खाद्य पदार्थ गर्भवती के लिए नुकसानदायक बन जाता है।
  • बादाम में फाइबर की कुछ मात्रा पाई जाती है (12)। इसलिए, अधिक मात्रा में फाइबर का सेवन करने से पेट में गैस (पेट फूलना), सूजन और ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है (16)।

इस आर्टिकल से यह बात तो समझ आ गई है कि बादाम के सेवन से शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व की पूर्ति की जा सकती है। इसमें लगभग सभी तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कई प्रकार की बीमारियों से बचा सकते हैं। साथ ही ध्यान रहे कि अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो डॉक्टर से इलाज जरूर करवाए। सिर्फ बादाम जैसे घरेलू उपचार के सहारे रहना सही निर्णय नहीं है। हम आशा करते है कि इस लेख में दिए जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। अगर आप इस संबंध में और कुछ पूछना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं।

और पढ़े:

Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

ताज़े आलेख

scorecardresearch