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बकरी के दूध के फायदे और नुकसान – Goat Milk Benefits and Side Effects in Hindi

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बकरी के दूध के फायदे और नुकसान – Goat Milk Benefits and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 November 19, 2019

जिस तरह लोग अच्छी सेहत और तंदुरुस्ती के लिए गाय के दूध का सेवन करते हैं। उसी तरह बकरी के दूध का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यह दूध आपको पोषण देने के साथ-साथ कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से भी राहत पहुंचा सकता है। इस लेख को पढ़ने पर आप खुद ही समझ जाएंगे कि बकरी का दूध किस प्रकार हमारे लिए लाभदायक हो सकता है। ध्यान रहे कि बकरी का दूध हर किसी को फायदा पहुंचाए, यह संभव नहीं है। कुछ लोगोंं को इससे नुकसान भी हो सकता है। इसलिए, बकरी के दूध का सेवन डॉक्टर से पूछकर ही करना चाहिए। स्टाइलक्रेज के इस लेख में बकरी के दूध के उपयोग और बकरी के दूध के फायदे बारे में विस्तार से बताया गया है।

आइए, अब बकरी के दूध के फायदे के बारे में विस्तार से जानेंगे।

बकरी के दूध के फायदे – Benefits of Goat Milk in Hindi

1. हृदय के लिए अच्छा

हमारे शरीर के सबसे अहम अंग में से एक हृदय है। इसे स्वस्थ रखने पर हम बड़े जोखिम से बच सकते हैं। एक शोध के अनुसार, बकरी के दूध में मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो हृदय के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है। मैग्नीशियम हृदय की धड़कन को बनाए रखने में मददगार होता है (1)। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि बकरी के दूध से लाभ में स्वस्थ हृदय भी शामिल है।

2. सूजन को कम करने के लिए

शायद आपको यकीन न हो, लेकिन यह बात पूरी तरह सत्य है कि बकरी के दूध के उपयोग से शरीर की सूजन को कम किया जा सकता है। दरअसल, बकरी के दूध में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो आपके शरीर की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं (2)।

3. हड्डियों की मजबूती

बकरी के दूध के उपयोग से हड्डियों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, बकरी के दूध का सेवन करने पर हड्डियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। दरअसल, बकरी के दूध को कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना गया है। साथ ही इसमें कुछ मात्रा मैग्नीशियम की भी होती है। मैग्नीशियम और कैल्शियम दोनों मिलकर हड्डियों को स्वस्थ रखने का काम करते हैं (1)।

4. चयापचय के लिए

बकरी के दूध से लाभ में बेहतर चयापचय भी शामिल है। एक अध्ययन के मुताबिक, बकरी का दूध उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है, जिनका शरीर पोषक तत्वों को अवशोषित करने में असमर्थ होता है। इसका सेवन करने से शरीर में आयरन और कॉपर के चयापचय में मदद मिल सकती है (3)। इसलिए, बकरी के दूध का सेवन करना अन्य दूध की तुलना में ज्यादा बेहतर हो सकता है।

5. आसानी से पचने योग्य

बकरी के दूध और उससे बने खाद्य पदार्थ को पचाने में आपको आसानी हो सकती है। बकरी के दूध में पाया जाने वाले प्रोटीन गाय के दूध में मिलने वाले प्रोटीन के मुकाबले जल्दी पच जाता है। साथ ही इसमें कम लैक्टोज होते हैं, जो पाचन में मदद कर सकते हैं। इससे पेट को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है (4) (5)।

6. गाय के दूध से बेहतर

बकरी के दूध में गाय के दूध की तुलना में ज्यादा ग्लिसरॉल इथर (रंग रहित, मीठा व चिपचिपा तरल कंपाउंड) होता है, जो नवजात शिशु के पोषण के लिए महत्वपूर्ण होता है। बकरी के दूध में एल्कलाइन, जबकि गाय के दूध में एसिड होता है और एल्कलाइन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है (4)।

7. मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार

बकरी का दूध शरीर के विकास के साथ-साथ मस्तिष्क में भी मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, बकरी के दूध में लिनोलिक एसिड पाया जाता है। लिनोलिक एसिड मस्तिष्क के विकास को बढ़ावा देने का काम करता है। इसके अलावा, चिंता से मुक्त करने में भी सहायता पहुंचा सकता है (6)।

8. गर्भावस्था के दौरान लाभदायक

गर्भावस्था के दौरान ज्यादातर महिलाओं को कब्ज की समस्या होने लग सकती है। जैसा कि ऊपर बताया गया है कि बकरी का दूध आसानी से पच जाता है, इसलिए ऐसा माना जा सकता है कि बकरी के दूध का इस्तेमाल गर्भवती को कब्ज के समस्या से दूर रख सकता है। फिलहाल, इस पर किसी तरह का सटीक वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।

9. एनीमिया को रोकना

शरीर में आयरन की कमी होने से एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है। एनीमिया होने पर खून पूरे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई करने में असमर्थ होता है (7)। वहीं, बकरी के दूध में आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि एनीमिया की समस्या को दूर करने में बकरी का दूध फायदेमंद हो सकता है (1)। इसलिए, कह सकते हैं कि बकरी के दूध के उपयोग से एनीमिया को होने से रोकने में मदद मिल सकती है।

10. शरीर के पीएच स्तर में संतुलन

जब आपके शरीर का पीएच स्तर असंतुलित होता है, तो कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बकरी के दूध में पाए जाने वाले एल्कलाइन आपके शरीर में पीएच के स्तर को सामान्य बनाए रखने में मदद कर सकते हैं (8), (9)।

11. त्वचा की सेहत बढ़ाने के लिए

बकरी के दूध के फायदे आपकी त्वचा पर भी नजर आ सकते हैं। ऐसे में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए एंटीऑक्सीडेंट गुण मददगार हो सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा के फ्री रेडिकल्स को खत्म करने का काम कर सकते हैं (10)। वहीं, बकरी के दूध में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है (1)। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि बकरी का दूध त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार करने का काम कर सकता है।

12. बाल स्वास्थ्य में सुधार

एक शोध के अनुसार, कई पोषक तत्वों की कमी के कारण बालों का झड़ना शुरू हो सकता है। इनमें विटामिन-ए और विटामिन-बी भी शामिल है (11)। वहीं, बकरी के दूध में विटामिन ए और विटामिन बी पाए जाते हैं (12), जो आपके बालों के स्वास्थ्य में सुधार करने का काम कर सकते हैं।

लेख के अगले भाग में हम बकरी के दूध में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं।

बकरी के दूध के पोषक तत्व – Goat Milk Nutritional Value in Hindi

बकरी के दूध के फायदे जानने के बाद हमारे लिए यह पता करना भी जरूरी है कि इसमें कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिसके बारे में हम यहां चार्ट के जरिए बता रहे हैं (13)।

पोषक तत्वमात्रा
पानी87.00 %
प्रोटीन3.52 %
फैट4.25 %
मिनरल (प्रति 100 g)
कैल्शियम, Ca134 mg
आयरन, Fe0.07 mg
मैग्नीशियम, Mg 16 mg
फास्फोरस, P121 mg
पोटैशियम, K181 mg
सोडियम, Na41 mg
जिंक, Zn0.56 mg
विटामिन (प्रति 100 g)
विटामिन सी1.29 mg
थाइमिन0.068 mg
राइबोफ्लेविन0.21 mg
नियासिन0.27 mg
विटामिन बी-120.065 mg
फोलिक एसिड1.0 µg
विटामिन ए185 IU
विटामिन डी2.3 IU
विटामिन-बी60.046 mg

आइए, अब यह जान लेते हैं कि बकरी के दूध को किस-किस तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं।

बकरी के दूध का उपयोग – How to Use Goat Milk in Hindi

कैसे करें सेवन :

  • बकरी के दूध को ऐसे ही पिया जा सकता है।
  • बकरी के दूध से चाय बनाई जा सकती है।
  • बकरी के दूध से बने पनीर को खाने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।
  • इसे मिठाई बनाने में उपयोग किया जा सकता है।
  • बकरी के दूध को आइसक्रीम बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

कब करें :

  • बकरी का दूध या उससे बनी चाय को सुबह-शाम किसी भी समय पिया जा सकता है।
  • इससे बनी मिठाई को आप दिन में कभी भी खा सकते हैं।
  • इससे बने पनीर की सब्जी बनाकर किसी भी समय सेवन किया जा सकता है।

कितना सेवन करें :

  • प्रतिदिन एक गिलास दूध या एक कप चाय पी जा सकती है। बेहतर होगा कि आप इसकी मात्रा के संबंध में आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

अब हम बकरी के दूध से होने वाले नुकसान के बारे में जानेंगे।

बकरी के दूध के नुकसान – Side Effects of Goat Milk in Hindi

बकरी के दूध के फायदे के साथ-साथ कुछ दुष्प्रभाव भी हैं, जो इस प्रकार हैं (14), (15) :

  • जिन लोगों को जल्दी एलर्जी होती है, उन्हें बकरी के दूध का सेवन करने से समस्या हो सकती है।
  • बेशक, बकरी के दूध में लैक्टोज की मात्रा कम होती है, लेकिन इसका अधिक सेवन करने से भी लैक्टोज इनटॉलेरेंस की समस्या हो सकती है।
  • अगर आप फैट को कम करने के बारे में सोच रहे हैं, तो बकरी का दूध पीने से उल्टा असर हो सकता है, क्योंकि इसमें फैट की अधिक मात्रा पाई जाती है।
  • बकरी का दूध शिशुओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

उम्मीद है कि अब आपको स्पष्ट हो गया होगा कि कई मामलों में बकरी का दूध अन्य प्रकार के दूध से बेहतर क्यों है। इसके अलावा, आप यह भी जान गए होंगे कि बकरी के दूध के सेवन से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को किस प्रकार बेहतर किया जा सकता है। इसके बावजूद, बकरी का दूध पीने से पहले खासकर छोटे बच्चे को देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि कुछ मामलों में यह नुकसानदायक हो सकता है। इस विषय से संबंधित किसी अन्य तरह के सवाल या सुझाव के लिए आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स की मदद से हमें संपर्क कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ताजा बकरी के दूध और पाउडर दूध में क्या अंतर है?

बकरी का ताजा दूध ,बकरी के दूध पाउडर से ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इसमें पाउडर दूध से ज्यादा मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं (16)।

क्या हम बकरी का कच्चा दूध पी सकते हैं?

बकरी का कच्चा दूध हानिकारक बैक्टीरिया को मारने में सक्षम नहीं होता है। इसलिए, बेहतर होगा कि बकरी के कच्चा दूध पीने से बचें (17)।

अगर हम गाय के दूध के प्रति संवेदनशील हैं, तो क्या हम बकरी के दूध का उपयोग कर सकते हैं?

जी नहीं, अगर आप गाय के दूध के प्रति संवेदनशील हैं, तो बकरी का दूध इस्तेमाल करने से बचें। बकरी के दूध के कारण आपको एलर्जी हो सकती है (14)।

क्या बकरी के दूध के कोई दुष्प्रभाव हैं?

जी हां, बकरी के दूध के उपयोग से कुछ नुकसान हो सकते हैं। इसके बारे में लेख में ऊपर विस्तार से बताया गया है (14)।

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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