ब्रिज एक्सरसाइज करने का तरीका और फायदे – Bridge Exercise Steps And Benefits in Hindi

Written by , (एमए इन मास कम्युनिकेशन)

आज के समय में लोग अपने काम में इतने व्यस्त हो गए हैं कि स्वास्थ्य पर ध्यान बिल्कुल नहीं देते। इसके चलते कई स्वास्थ्य समस्याएं हो जाती हैं, जिसके कारण पूरी जीवनशैली प्रभावित होने लगती है। ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए योग और एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करना सबसे जरूरी है। हर तरह की एक्सरसाइज और योग के फायदे भिन्न होते हैं, इसलिए स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम ब्रिज एक्सरसाइज की बात करेंगे। यहां आप ब्रिज एक्सरसाइज करने के फायदे के साथ ही ब्रिज एक्सरसाइज करने का तरीका भी जान पाएंगे।

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सबसे पहले जानेंगे ब्रिज एक्सरसाइज क्या है।

ब्रिज एक्सरसाइज क्या है – What is Bridge Exercise in hindi

ब्रिज एक्सरसाइज को सेतुबंधासन और पुल आसन भी कहा जाता है। सेतुबंध का अर्थ होता है सेतु यानी पुल का निर्माण। दरअसल, इस योगासन व एक्सरसाइज के दौरान शरीर की आकृति एक पुल के समान नजर आती है। इसी वजह से इसे सेतुबंधासन कहा जाता है। साथ ही इसे कटुस्पादासन भी कहा जाता है (1)।

एक अध्ययन की मानें, तो ब्रिज एक्सरसाइज से कमर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। साथ ही इससे शरीर पर नियंत्रण स्थापित करने में भी मदद मिलती है। इसे विशेष रूप से पीठ दर्द की समस्या से पीड़ित लोगों को करने का सुझाव दिया जाता है (2)।

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आइए, अब जानते हैं ब्रिज एक्सरसाइज करने के फायदे।

ब्रिज एक्सरसाइज करने के फायदे – Benefits of Bridge Exercise in hindi

ब्रिज एक्सरसाइज करने के फायदे कई सारी स्वास्थ्य समस्याओं में देखे जा सकते हैं, जिसके बारे में हम नीचे विस्तार से बताने जा रहे हैं।

1. रजोनिवृत्ति और मासिक धर्म का दर्द

ब्रिज एक्सरसाइज करने के फायदे में एक रजोनिवृत्ति के लक्षणों से राहत पाना है। इंटरनेशल जर्नल ऑफ ट्रेंड इन साइंटिफिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट में प्रकाशित एक अध्ययन में भी इस बात का जिक्र मौजूद है। रिसर्च के दौरान पाया गया है कि ब्रिज एक्सरसाइज से मासिक धर्म में होने वाले दर्द और रजोनिवृत्ति के लक्षण कम हो सकते हैं। साथ ही इस आसन को गर्भवतियों के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है (2)।

2. तनाव से राहत

ब्रिज एक्सरसाइज से शरीर और मस्तिष्क दोनों का तनाव दूर हो सकता है। इससे जुड़े एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि यह आसन शरीर में खिंचाव उत्पन्न करता है। इससे खासकर पीठ में होने वाले तनाव को दूर करने में मदद मिलती है। साथ ही यह मस्तिष्क को शांत करके अवसाद, तनाव और चिंता जैसी समस्याओं को कम कर सकता है (2)। ऐसे में माना जा सकता है कि तनाव से राहत दिलाने में ब्रिज एक्सरसाइज करने के फायदे होते हैं।

3. कब्ज से छुटकारा

ब्रिज एक्सरसाइज करने से कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है। अध्ययन की मानें, तो इस आसन को करने से पेट के अंगों में खिंचाव उत्पन्न होता है, जो पाचन में सुधार कर कब्ज की समस्या से छुटकारा दिला सकता है (3)। अन्य अध्ययन के अनुसार, यह आसन पाचन अंगों की मसाज करता है, जिससे पाचन में सुधार हो सकता है ()। इन तथ्यों के आधार पर माना जा सकता है कि ब्रिज एक्सरसाइज कब्ज की समस्या से छुटकारा दिला सकता है।

4. एसिडिटी में सहायक

ब्रिज एक्सरसाइज कब्ज की समस्या में राहत दिलाने के साथ ही पाचन तंत्र में सुधार कर सकता है (3)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि पाचन तंत्र में सुधार करने के कारण यह आसन एसिडिटी की समस्या से राहत दिलाने में भी मददगार हो सकता है।

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अब जानते हैं ब्रिज एक्सरसाइज करने का तरीका क्या है।

ब्रिज एक्सरसाइज करने का तरीका

नीचे हम स्टेप बाई स्टेप ब्रिज एक्सरसाइज करने का तरीका बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं (2):

  • सबसे पहले योग मैट बिछाकर पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  • फिर हाथों को शरीर के दोनों तरफ सीधा रखें एवं हथेलियों को जमीन पर फैला लें।
  • अब घुटनों को मोड़ें और अपने पैरों को फर्श पर रखें। इस दौरान टखने और घुटने एक सीधी रेखा में होंगे।
  • अब पीठ और नितंब को ऊपर उठाएं और कंधे व पैर के साथ शरीर का संतुलन बनाकर रखें।
  • इस दौरान हाथ शरीर की सीध में ही होंगे।
  • कम से कम एक मिनट के लिए इस मुद्रा में रहें और धीरे-धीरे सांस लेते रहें।
  • फिर सांस छोड़कर और वापस सामान्य मुद्रा में आ जाएं।

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आगे समझिए कि ब्रिज एक्सरसाइज करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

ब्रिज एक्सरसाइज करने के लिए सावधानियां

यहां हम कुछ सावधानियां बताने जा रहे हैं, जिन्हें ब्रिज एक्सरसाइज करते समय ध्यान में रखना आवश्यक है (2) (3):

  • गर्दन की चोट से पीड़ित व्यक्ति को इस आसन को करने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाएं इस आसन को तीसरी तिमाही में डॉक्टर की सलाह व योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें।
  • यह आसन तब करना चाहिए जब आंत और पेट बिल्कुल खाली हों।
  • इस आसान को करने से करीब चार से छह घंटे पहले भोजन करें।
  • अल्सर, हर्निया से पीड़ित व्यक्ति व गर्भावस्था के उन्नत चरणों में इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

एक्सरसाइज करना सेहत के लिए लाभकारी है, इसलिए ब्रिज एक्सरसाइज करने के फायदे भी शरीर को होते हैं। यहां हमने विस्तार से बताया है कि ब्रिज एक्सरसाइज करने के कितने फायदे शरीर को हो सकते हैं। बस इन फायदों को पाने के लिए ब्रिज एक्सरसाइज करने का तरीका सही होना जरूरी है। इससे जुड़ी जानकारी और सावधानियों को हमने ऊपर विस्तार से बताया है। इन्हें ध्यान में रखते हुए ही इस एक्सरसाइज को करें।

संदर्भ (Sources):

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  1. Common Yoga Protocol
    https://yoga.ayush.gov.in/public/assets/front/pdf/CYPEnglishLeaflet.pdf
  2. Significance of Setu Bandha Sarvangasana in Healthy Life
    https://www.ijtsrd.com/papers/ijtsrd30896.pdf
  3. INTERNATIONAL DAY OF YOGA
    http://mea.gov.in/images/attach/Booklet_English_2017.pdf
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