ब्रोकली के 19 फायदे, उपयोग और नुकसान – Broccoli Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Suvina Attavar (Dermatologist & Hair transplant surgeon)
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शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पोषक तत्व युक्त आहार जरूरी है। इस श्रेणी में फल और सब्जियों का नाम हमेशा पहले आता है। अगर सब्जियों की बात करें तो पौष्टिक सब्जियों की सूची अनगिनत है। इन्हीं सब्जियों में से एक है ब्रोकली, फूलगोभी सा दिखने वाली ब्रोकली के फायदे कई सारे हैं। ब्रोकली के गुण इसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बनाते हैं। ऐसे में स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम ब्रोकली खाने के फायदे विस्तारपूर्वक साझा कर रहे हैं। ब्रोकली क्या है, इसके फायदे और अधिक सेवन से ब्रोकली के नुकसान से जुड़ी जानकारियां यहां दी गई है। साथ ही ब्रोकली बनाने की विधि भी साझा की गई है, तो इन्हें जानने के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

शुरू करते हैं लेख

ब्रोकली के फायदे बताने से पहले, ब्रोकली क्या है इस बारे में हम लेख के इस भाग में जानकारी दे रहे हैं।

ब्रोकली क्या है? – What is Broccoli in Hindi

ब्रोकली एक तरह की सब्जी है, जिसे हम खाने के लिए उपयोग करते हैं। यह सब्जी फूलगोभी प्रजाति की होती है और दिखने में भी फूलगोभी की तरह ही होती है। हालांकि, इसका स्वाद फूलगोभी से अलग होता है। ब्रोकली का वैज्ञानिक नाम ब्रैसिका ओलेरासिया वार. इटैलिका (Brassica oleracea var. italica) है। ब्रोकली के लाभ कई सारे हैं। इसके सेवन से शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सकता है।

ब्रोकली में गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव (पेट में गैस्ट्रिक एसिड के स्राव को बनने से रोकने), एंटीमाइक्रोबियल (​सूक्ष्म जीवों से शरीर का बचाव), एंटीऑक्सीडेंट, एंटीकैंसर (कैंसर से बचाव), हेपाटोप्रोटेक्टीव (लिवर को नुकसान से बचाने), कार्डियोप्रोटेक्टिव (हृदय को स्वस्थ रखने वाला प्रभाव), एंटी-ओबेसिटी (मोटापे से बचाव), एंटीडायबिटीज (डायबिटीज से सुरक्षा), एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन को कम) आदि गुण मौजूद होते हैं। ये गुण शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में लाभकारी साबित हो सकते हैं (1)।

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लेख के इस भाग में जानेंगे कि ब्रोकली किस तरह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है।

ब्रोकली आपकी सेहत के लिए क्यों अच्छी है?

ब्रोकली में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, जिंक, सेलेनियम, विटामिन-ए, सी के साथ-साथ पोलीफेनोल जैसे – क्वेरसेटिन ​(Quercetin) और ग्लूकोसाइड (Glucosides) व कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए लाभकारी होते हैं (1)। ब्रोकली में मौजूद ये पोषक तत्व व्यक्ति को हृदय रोग, मोटापे की समस्या, पाचन संबंधी परेशानी व मधुमेह की समस्या और इस तरह के अन्य रोगों से बचाव करने में सहायक हो सकते हैं (1)। ब्रोकली से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी फायदों के बारे में लेख में आगे विस्तार से जानकारी दी गई है।

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इससे पहले कि ब्रोकली खाने के फायदे जानें, हम लेख के इस भाग में ब्रोकली के प्रकार बता रहे हैं।

ब्रोकली के प्रकार – Types of Broccoli in Hindi

ऐसे तो ब्रोकली के कई प्रकार हैं, लेकिन यहां हम पाठकों को ब्रोकली के कुछ मुख्य प्रकारों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। तो ब्रोकली के मुख्य प्रकारों की सूची नीचे साझा की गई है।

1. कालाब्रेसी ब्रोकली (Calabrese broccoli): ब्रोकली की इस प्रजाति का नाम इटली के मशहूर शहर कालाब्रिया के नाम पर पड़ा है। इसका ऊपरी भाग गहरा हरा रंग का होता है। इसे ठंड के दिनों में या ठंडी जगह पर उगाया जा सकता है।

2. ब्रोकली राब या रेब (Broccoli raab or rabe): ब्रोकली रेब को ब्रोकली रॉब के नाम से भी जाना जाता है। यह पालक की तरह पत्तेदार होती है।

3. ब्रोकोफ्लोवर (Broccoflower): यह ब्रोकली की तरह कम और फूलगोभी की तरह ज्यादा दिखती है। इसका स्वाद भी कुछ-कुछ फूलगोभी की तरह ही होता है।

4. अंकुरित ब्रोकली (Sprouting broccoli): इसका ऊपरी भाग फैला हुआ होता है और इसमें कई डंठल होते हैं।

5. गई-लन ब्रोकली (Gai-lan): इसे चायनीज ब्रोकली के नाम से भी जाना जाता है। यह लंबी और पत्तेदार होती है और सामान्य ब्रोकली की तुलना में ज्यादा पौष्टिक होती है।

6. पर्पल कॉलीफ्लॉवर (Purple cauliflower): पर्पल ब्रोकली भी ब्रोकली का एक प्रकार है। यह बैंगनी रंग की होती है। इसे अमेरिका और यूरोप में ज्यादा उपयोग किया जाता है।

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ब्रोकली के प्रकार के बाद इससे होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

ब्रोकली के फायदे – Benefits of Broccoli in Hindi

अब ब्रोकली खाने के फायदे के बारे में हम यहां विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। हालांकि, हम यह स्पष्ट कर दें कि ब्रोकली के गुण बीमारियों के जोखिम और लक्षणों को कम कर सकते हैं, लेकिन किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं है। ऐसे में किसी गंभीर बीमारी के लिए डॉक्टरी सलाह को प्राथमिकता दें। तो अब स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए ब्रोकली खाने के फायदे कुछ इस प्रकार हैं

1. हृदय के लिए ब्रोकली के फायदे

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हृदय का स्वस्थ होना आवश्यक है। ऐसे में हेल्दी हार्ट के लिए पोषक तत्व युक्त ब्रोकली अच्छा विकल्प हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, ब्रोकली में सेलेनियम (Selenium) और ग्लूकोसिनोलेट्स (Glucosinolates) जैसे तत्व पाए जाते हैं। ये दोनों शरीर में हृदय को स्वस्थ रखने वाले प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाकर व्यक्ति के हृदय को सेहतमंद रखने में मदद कर सकते हैं (2)।

आसान शब्दों में समझा जाए तो ब्रोकली में हृदय को स्वस्थ रखने वाला (Cardioprotective) गुण मौजूद होता है। इतना ही नहीं, एक शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि ब्रोकली का सेवन करने से कोरोनरी हृदय रोग (Coronary heart disease- कोरोनरी धमनियों का क्षतिग्रस्त होने) का जोखिम भी काफी हद तक कम हो सकता है (1)। ऐसे में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए और ब्रोकली के फायदे के लिए व्यक्ति अपने स्वस्थ आहार डाइट चार्ट में ब्रोकली को शामिल कर सकते हैं।

2. कैंसर से बचाव के लिए ब्रोकली के फायदे

ब्रोकली का सेवन कैंसर से बचाव में मदद कर सकता है। ब्रोकली में कम मात्रा में सेलेनियम (Selenium) होता है जिसमें एंटीकैंसर गुण होते हैं। इसके अलावा इसमें ग्लूकोराफैनिन (Glucoraphanin) पदार्थ होता है, जो एंटी-कैंसर पदार्थ सल्फोराफेन में बदल सकता है। इसलिए यह कई तरह के कैंसर जैसे – ब्रेस्ट कैंसर, स्किन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर से बचाव और उनके इलाज में प्रभावी माना जा सकता है (3)।

बता दें ब्रोकली में पाए जाने वाला सल्फोराफेन एक प्राकृतिक प्लांट कंपाउंड है, जो लिवर को स्वस्थ रखने से लेकर अल्जाइमर, हृदय रोग आदि के जोखिम को कम कर सकता है (4)। जानकारों की मानें तो ब्रोकली को जरूरत से ज्यादा पकाने या उबालने से यह कंपाउंड नष्ट हो सकते हैं। इसलिए ब्रोकली को हल्का उबालकर या स्टीम करके सेवन किया जाए तो बेहतर है। ब्रोकली को अंकुरित करके भी सेवन किया जा सकता है। वहीं, हम यह स्पष्ट कर दें कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है, ऐसे में अगर किसी को यह स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टरी चिकित्सा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

3. वजन घटाने के लिए ब्रोकली के फायदे

ब्रोकली की गिनती लो ग्लाइसेमिक फूड की श्रेणी में होती है, जो रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है। वजन कम करने के लिए शरीर की इंसुलिन के लिए प्रतिक्रिया को नियंत्रित करना आवश्यक है। इसके अलावा, यह एंजाइम को बढ़ावा देती है, जो शरीर से विषैले तत्वों को साफ (डिटॉक्स) करने में मदद कर सकते हैं। बता दें कि शरीर को डिटॉक्स करने से वजन कम होने के साथ-साथ कई बीमारियों का जोखिम भी कम हो सकता है (5)। वहीं, वजन संतुलित या वजन कम करने के डाइट में भी ब्रोकली को शामिल किया गया है (6)। इस आधार पर माना जा सकता है कि ब्रोकली के फायदे में वजन कम करना भी शामिल है।

4. लिवर के लिए ब्रोकली के फायदे

लिवर से जुड़ी समस्याओं से बचाव के लिए भी ब्रोकली के फायदे देखे जा सकते हैं। इस विषय में हुए एक शोध में इस बात की पुष्टि होती है कि प्रतिदिन ब्रोकली के सेवन से न सिर्फ लिवर क्षति का जोखिम कम हो सकता है, बल्कि फैटी लिवर की समस्या में भी लाभ मिल सकता है। साथ ही ब्रोकली का सेवन लिवर को स्वस्थ रखने में भी सहायक हो सकता है (7)।

इतना ही नहीं, ब्रोकोली में मौजूद एंटी-कैंसर और हेपाटोप्रोटेक्टिव (Hepatoprotective- लिवर सुरक्षित रखना) गुण लिवर की बीमारी के जोखिम को कम कर सकता है और लिवर को सुरक्षा प्रदान कर सकता है (1)। तो स्वस्थ लिवर के लिए डाइट में ब्रोकली को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

5. हड्डियों और दांत के लिए ब्रोकली के फायदे

कैल्शियम हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। शरीर 99 प्रतिशत से अधिक कैल्शियम हड्डियों और दांतों में स्टोर कर उन्हें मजबूत बनाने में मदद करता है (8)। वहीं, ब्रोकली में कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है (9)। ऐसे में कैल्शियम की कमी से बचाव के लिए कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों में ब्रोकली को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

6. आंखों के लिए ब्रोकली के फायदे

आंखें हमारे शरीर का जरूरी अंग होती हैं और शरीर के बाकी हिस्सों की तरह इन्हें भी पोषक तत्वों की जरूरत होती है। वहीं, ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जिनकी आंखें कम उम्र में ही खराब हो जाती हैं। यहां तक कि बच्चों को भी चश्मे लग जाते हैं। ऐसे में उनके लिए ब्रोकली फायदेमंद साबित हो सकती है।

ब्रोकली में ल्यूटिन और जियाजैंथिन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो आंखों के लिए सबसे उत्तम पोषक तत्वों में से एक माने जाते हैं। यह आंखों को कमजोर होने से बचा सकती हैं। दरअसल, ये मैक्यूलर डिजनरेशन (age-related macular degeneration- दृष्टि कमजोर होना) और मोतियाबिंद जैसी आंखों की समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं (10)। इतना ही नहीं ब्रोकली को आंखों के लिए स्वस्थ आहार की श्रेणी में भी रखा गया है (11)। ऐसे में आंखों को सेहतमंद बनाने के लिए ब्रोकली को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं।

7. मस्तिष्क के लिए ब्रोकली के फायदे

मस्तिष्क के विकास के लिए ब्रोकली का सेवन लाभकारी हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ब्रोकली में अल्फा लिपोइक एसिड (Alpha lipoic acid) होता है, जो अल्जाइमर के मरीजों के इलाज में मदद कर सकता है। अल्जाइमर से ग्रसित चूहों पर किए गए एक शोध में अल्फा लिपोइक एसिड से चूहों की याददाश्त में सुधार देखने को मिला। वहीं एक अन्य स्टडी में अल्फा लिपोइक एसिड को अल्जाइमर के मरीजों में संज्ञानात्मक खराबी को रोकने में प्रभावी पाया गया। इस आधार पर माना जा सकता है कि ब्रोकली याददाश्त को मजबूत करने में सहायता कर सकती है (12)। इसलिए, ब्रोकली को आहार में शामिल करना न भूलें।

8. गर्भावस्था में ब्रोकली के फायदे

गर्भावस्था के समय शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इन्हीं में कैल्शियम का नाम भी शामिल है। शिशु के स्वस्थ और मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम आवश्यक होता है। ऐसे में कैल्शियम के लिए गर्भवती अन्य खाद्य पदार्थों के साथ ब्रोकली को भी आहार का हिस्सा बना सकती हैं (13)। इतना ही नहीं ब्रोकोली फोलेट, विटामिन सी और विटामिन के का भी अच्छा स्त्रोत है, जो गर्भवती के लिए आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है (14)। हालांकि, ध्यान रहे कि गर्भावस्था में सभी की सेहत एक जैसी नहीं होती है, इसलिए इसे खाने से पहले गर्भवती एक बार डॉक्टर की सलाह भी जरूर लें।

9. शरीर को डिटॉक्सीफाई करने के लिए ब्रोकली के फायदे

आजकल लोग ज्यादातर बाहर के खाने का सेवन करने लगे हैं। कुछ मजबूरी में, तो कुछ शौक के कारण ऐसा करते हैं, लेकिन ज्यादा बाहर की चीजें खाने से शरीर में विषैले तत्व जमने लगते हैं। इस कारण कई शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं (15)। ब्रोकली का सेवन करने से शरीर में एंजाइम्स का स्तर बढ़ता है, जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में सहायक हो सकते है (5)। इतना ही नहीं, ब्रोकली एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है, जो शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में सहायक हो सकता है (16)। इसलिए, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ब्रोकली का सेवन लाभकारी हो सकता है।

10. पाचन के लिए ब्रोकली के फायदे

ब्रोकली का सेवन पाचन क्रिया में मदद कर सकता है। दरअसल, ब्रोकली में विटामिन-ए और उच्च मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जो पाचन में सुधार के साथ गट (आंत) हेल्थ को बनाए रखने में सहायक हो सकता है। इतना ही नहीं ब्रोकली का सेवन अल्सर का कारण बनने वाले बैक्टीरिया (H. pylori bacteria) से भी बचाव कर सकता है (17)। इस आधार पर ब्रोकली को पाचन संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए आहार में शामिल किया जा सकता है।

11. मधुमेह के लिए ब्रोकली के फायदे

मधुमेह की समस्या में भी ब्रोकली का सेवन लाभकारी हो सकता है। इस संबंध में हुए शोध के मुताबिक ब्रोकली में एंटीआक्सीडेंट गुण होते हैं, जो ब्लड ग्लूकोज और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं (18)। इसके साथ ही ब्रोकोली में एंटी डायबिटिक गुण मौजूद होता है, जो मधुमेह के जोखिम को कम कर सकता है (1)। ऐसे में डायबिटीज के लिए डाइट चार्ट में ब्रोकोली को शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

12. चयापचय (मेटाबॉलिज्म) के लिए ब्रोकली के फायदे

भोजन व्यक्ति के चयापचय की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। समय पर भोजन न करने पर इसका प्रभाव मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया पर पड़ सकता है (19)। ब्रोकली में ग्लूकोराफैनिन (Glucoraphanin) पाया जाता है जो चयापचय की क्रिया को बढ़ाने के साथ उम्र बढ़ने के साथ होने वाले रोगों से बचाव में भी मदद कर सकता है। इसके साथ ही ब्रोकली का नाम पत्तेदार सब्जियों (Cruciferous vegetables) में आता है, जो चयापचय की प्रक्रिया को बेहतर करने में सहायक हो सकता है (20)।

13. एलर्जी से बचाव के लिए ब्रोकली के फायदे

ब्रोकली में क्वेरसेटिन (​Quercetin) नामक फ्लेवोनॉइड मौजूद होता है, जिसमें एंटी-एलर्जी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इसलिए ब्रोकली का सेवन एलर्जी से बचाव के साथ-साथ इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने व शरीर को कई वायरल बीमारियों से बचाव करने में भी मदद कर सकता है (21)। इस प्रकार ब्रोकली के सेवन से दमा की समस्या व अन्य एलर्जी के जोखिम को कम किया जा सकता है।

14. ब्रोकली के फायदे रोग प्रतिरोधक शक्ति के लिए

कई लोग मौसम में थोड़ा बदलाव होते ही बीमार हो जाते हैं। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार के लिए हरी सब्जियों का सेवन लाभकारी हो सकता है। इन्हीं में पौष्टिक ब्रोकली का नाम शामिल है।दरअसल, ब्रोकली में सल्फोराफेन (Sulforaphane) और विटामिन सी पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद कर सकता है (17)। ऐसे में ब्रोकली के सेवन से बीमारियों से बचाव हो सकता है।

15. स्ट्रेस के लिए ब्रोकली के फायदे

ब्रोकली का सेवन तनाव के जोखिम को भी कम कर सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में ब्रोकली को एंटी-डिप्रसेंट फूड (डिप्रेशन के लक्षण को कम करने वाले खाद्य पदार्थ) की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, ब्रोकली में सल्फोराफेन नामक यौगिक होता है जो न्यूरोप्रोटेक्टिव गुणों (मस्तिष्क को स्वस्थ और सुरक्षित रखने वाले प्रभाव) के लिए जाना जाता है (22)। इसके साथ ही इसमें फॉलिक एसिड मौजूद होता है जो मस्तिष्क के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। ऐसे में मूड को अच्छा रखने के लिए और तनाव के जोखिम को कम करने के लिए ब्रोकली को आहार में शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है (23)।

16. शरीर के पीएच स्तर के लिए ब्रोकली के फायदे

अगर शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो पीएच स्तर का सामान्य रहना जरूरी है। पीएच बैलेंस करने के लिए शरीर में एसिड और एल्केलाइन का संतुलन होना जरूरी है, जिसके लिए एल्केलाइन डाइट लेने की सलाह दी जाती है (24)। ऐसे में एल्केलाइन डाइट में ब्रोकली को शामिल किया जा सकता है। दरअसल ब्रोकली की गिनती एल्कलाइन फूड में होती है, जो शरीर में एसिडिक पदार्थ को कम करने में और पीएच स्तर को संतुलित करने में मदद कर सकती है (25)।

17. एजिंग के प्रभाव के लिए ब्रोकली के फायदे

बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां दिखाई देना आम बात है। इन झुर्रियों को तेजी से बढ़ने से रोकने के लिए कई उपाय हैं, जिनमें ब्रोकली की सब्जी भी शामिल है। ब्रोकली में सल्फोराफेन पाया जाता है, जो एजिंग के प्रभाव को कम कर सकता है (17)I इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि ब्रोकली खाने के फायदे में झुर्रियों और एजिंग का प्रभाव कम होना भी शामिल है।

18. कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने के लिए ब्रोकली के फायदे

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के जोखिम को कम करने के लिए ब्रोकली का सेवन फायदेमंद हो सकता है। इसमें ग्लूकोराफैनिन (Glucoraphanin), फाइबर और एस-मिथाइल सिसटिन सल्फोक्साइड (S-methyl cysteine sulphoxide) होते हैं, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (LDL Cholesterol- हानिकारक कोलेस्ट्रॉल) को कम करने में मदद कर सकते हैं (26)। इसलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि ब्रोकली का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है।

19. हाई ब्लड प्रेशर के लिए ब्रोकली ब्रोकली के फायदे

ब्रोकली का इस्तेमाल कर उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध एक रिसर्च की मानें, तो ब्रोकली को आहार का हिस्सा बनाने से रक्तचाप को कम किया जा सकता है। शोध में कहा गया है कि हफ्ते में चार बार से ज्यादा ब्रोकली को आहार में शामिल करने से हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है (27)। ब्रोकली का सेवन हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रख सकता है (1)।

20. त्वचा के लिए ब्रोकली के गुण

सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि त्वचा के लिए भी ब्रोकली खाने के फायदे हैं। इसका सेवन कील-मुंहासों की समस्या, फाइन लाइन्स और झुर्रियों के लिए लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा, हमने पहले ही जानकारी दी थी कि ब्रोकली शरीर से विषैले तत्वों को निकालकर शरीर को डिटॉक्सीफाई कर सकता है। वहीं, डिटॉक्सिफिकेशन से त्वचा में निखार आ सकता है (16)।

21. बालों के लिए ब्रोकली के फायदे

ब्रोकली का सेवन बालों की समस्या से भी राहत दिलाने में लाभकारी हो सकता है। दरअसल, ब्रोकली में मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व मौजूद हैं, जो बालों को बढ़ाने और स्वस्थ रखने के लिए उपयोगी हो सकते हैं (17)। इसलिए बालों के लिए घरेलू उपाय के साथ-साथ ब्रोकली का सेवन भी उपयोगी हो सकता है, क्योंकि स्वस्थ बालों के लिए स्वस्थ डाइट भी आवश्यक है।

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जैसा कि आपने ऊपर ब्रोकली के फायदे जाने। अब आगे के भाग में हम ब्रोकली में मौजूद पौष्टिक तत्वों के बारे में बताएंगे।

ब्रोकली के पौष्टिक तत्व – Broccoli Nutritional Value in Hindi

ब्रोकली में अनेक प्रकार के पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। इन पौष्टिक तत्वों को हम नीचे इस चार्ट के माध्यम से पाठकों के साथ साझा कर रहे हैं (28)।

पोषक तत्वमूल्य प्रति ग्राम
पानी89.30 g
ऊर्जा34 Kcal
प्रोटीन2.82 g
टोटल लिपिड (फैट)0.37 g
कार्बोहाइड्रेट6.64 g
फाइबर टोटल डाइटरी2.6 g
शुगर टोटल1 .7 g
कैल्शियम47 mg
आयरन0.73 mg
मैग्नीशियम21 mg
फास्फोरस66 mg
पोटेशियम316 mg
सोडियम33 mg
जिंक0.41 mg
कॉपर0.049 mg
सेलेनियम 2.5 µg
विटामिन सी टोटल एस्कॉर्बिक एसिड89.2 mg
थियामिन0. 071 mg
राइबोफ्लेविन0.117 mg
नियासिन0.639 mg
विटामिन -बी60.175 mg
फोलेट63 µg
कॉलिन18.7 mg
विटामिन-ए (RAE)31 µg
बीटा कैरोटीन361 µg
ल्यूटिन + जियाजैंथिन1403 µg
विटामिन-ई (अल्फा-टोकोफेरोल )0.78 mg
विटामिन-के (फाइलोकिनने)101.6 µg
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.114 g
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.031 g
फैटी एसिड टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.112 g

आगे है और जानकारी

लेख में आगे जानिए कि ब्रोकली का उपयोग किस तरह से किया जा सकता है।

ब्रोकली का उपयोग – How to Use Broccoli in Hindi

बेशक, ब्रोकली के बारे में जानकारी विस्तार में मिल गई है, लेकिन अगर ब्रोकली बनाने की विधि या खाने का तरीका सही है, तभी ब्रोकली के फायदे पूरी तरह से मिल सकेंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए नीचे हम ब्रोकली के उपयोग के बारे में बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:

  • ब्रोकली को सब्जी या करी बनाकर खाया जा सकता है।
  • इसे चिकन और अंडे के साथ भी मिलाकर बनाया जा सकता है।
  • ब्रोकली का अंडे के साथ ऑमलेट बनाया जा सकता है।
  • ब्रोकली का रायता बना सकते हैं।
  • सूप में भी ब्रोकली का उपयोग कर सकते हैं।
  • ब्रोकली को उबालकर भी खाया जा सकता है।
  • ब्रोकली की सलाद भी बनाई जा सकती है। फिटनेस के शौकीन इसे सलाद के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
  • ब्रोकली को अंकुरित करके भी खाया जा सकता है ।
  • अगर ब्रोकली को पास्ता और नूडल्स में मिक्स किया जाए, तो इससे न सिर्फ उनका स्वाद बढ़ता है, बल्कि जरूरी पोषक तत्व भी मिल सकते हैं।

आगे और पढ़ें।

ब्रोकली के उपयोग के बाद आगे ताजी ब्रोकली को चुनने और उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के टिप्स दिए गए हैं।

ब्रोकली का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

  • ब्रोकली को सब्जी मंडी से खरीदना चाहिए, क्योंकि वहां सब्जियां प्रतिदिन लाई जाती हैं। ताजी सब्जी में प्रोटीन व विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इस प्रकार ब्रोकली के लाभ अधिक मिल सकते हैं।
  • सुपर मार्केट या फिर किसी दुकान से ब्रोकली खरीदते समय ध्यान रखें कि उसकी पत्तियां हरी हों और उनमें कीड़ा न लगा हो।
  • ऑर्गेनिक ब्रोकली का चुनाव कर सकते हैं क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए ज्यादा लाभदायक हो सकती है।
  • ब्रोकली को फ्रिज में एक या दो दिन स्टोर करके रखा जा सकता है।
  • इसके अलावा, ब्रोकली को कपड़े से ढककर या पेपर बैग में भी रख सकते हैं ताकि इसमें मक्खियां या कीड़े न बैठे।
  • ब्रोकली को अन्य सब्जियों के साथ न रखकर अलग टोकरी में रखें।

लेख को अंत तक जरूर पढ़ें

अभी आपने ब्रोकली के चुनाव के बारे में पढ़ा और अब आगे हम ब्रोकली के नुकसान के बारे में जानेंगे।

ब्रोकली के नुकसान – Side Effects of Broccoli in Hindi

इसमें कोई दो राय नहीं है कि ब्रोकली खाने के फायदे कई सारे हैं, लेकिन अधिक सेवन से इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसे में सावधानी के तौर पर हम यहां ब्रोकली के नुकसान की जानकारी दे रहे हैं, ताकि लोग ब्रोकली का जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बचें।तो ब्रोकली के नुकसान कुछ इस प्रकार हैं:

  • ब्रोकली का अधिक मात्रा में सेवन करना हानिकारक हो सकता है, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है (28)। ऐसे में इसके अधिक सेवन से पेट की समस्या हो सकती है (29)।
  • ब्रोकली से कुछ लोगों को एलर्जी भी हो सकती है (30)।
  • ब्रोकली की गिनती पेट में गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थों में भी होती है (31)। जैसे कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि ब्रोकली में फाइबर होता है और फाइबर पेट-फूलने और गैस का कारण बन सकता है (29)।

तो ये थे ब्रोकली के फायदे और उपयोग से जुड़ी कुछ जानकारियां। लेख में ब्रोकली के नुकसान भी दिए गए हैं, लेकिन उनसे डरने की जरूरत नहीं है। ये सावधानी के तौर पर बताए गए हैं, ताकि इसका जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बचा जा सके। ब्रोकली खाने के फायदे के लिए लेख में बताए गए तरीके से इसका सेवन किया जा सकता है। उम्मीद करते हैं यह लेख आपके लिए उपयोगी रहा होगा। तो अब जल्द से जल्द ब्रोकली को अपनी डाइट में शामिल करें और इस लेख को अन्य लोगों के साथ शेयर करना न भूलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:

ब्रोकली को कैसे उगाया जाता है?

ब्रोकली को उगाने के लिए धूप की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है। ब्रोकली को उगाने का सबसे आसान तरीका है कि नर्सरी से इसके पौधे को खरीदें। पौधे की रोपाई करें और लगा दें। हालांकि, इसके लिए सही तापमान और सही प्रक्रिया की आवश्यकता है, ऐसे में बेहतर है इस बार में एक्सपर्ट माली से जानकारी ली जाए।

ब्रोकली का रंग हरा क्यों होता है?

हरी सब्जियों में हरा पिगमेंट होता है, जिसे क्लोरोफिल (Chlorophyll) कहते हैं। ब्रोकली में भी यह पदार्थ पाया जाता है जिस वजह से इसका रंग हरा होता है (32)।

क्या ब्रोकली का सेवन रोजाना किया जा सकता है?

हां, ब्रोकली का सीमित मात्रा में रोजाना सेवन किया जा सकता है, लेकिन बेहतर है इसका हफ्ते में दो से तीन किया जाए क्योंकि किसी भी चीज का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। वहीं, कभी-कभी खाने में वैराइटी लाने के लिए ब्रोकली सलाद के तौर पर इसे अपने आहार का हिस्सा बना सकते हैं (16)।

ब्रोकली हमारे शरीर के लिए किस तरह फायदेमंद है?

ब्रोकली शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाती है। यह शरीर को हृदय रोग से लेकर डायबिटीज व अन्य कई रोगों से बचाव में मदद कर सकती हैं जिसके बारे में ऊपर लेख में विस्तार से जानकारी दी गई है (1)।

ब्रोकली खाने का बेहतर तरीका क्या है- कच्चा या पकाया हुआ?

ब्रोकली का सेवन कैसे करना है यह पूरी तरह व्यक्ति की पसंद पर निर्भर करता है। इसका सेवन कच्चा या पकाकर दोनों तरीके से किया जा सकता है (33)। हालांकि कच्ची ब्रोकली में कीड़ा हो सकता है। इसलिए हमेशा गर्म पानी से अच्छे से साफ करने के बाद ही ब्रोकली का सेवन करें।

क्या ब्रोकली त्वचा के लिए फायदेमंद है?

हां, ब्रोकली त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकती है। एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन-सी, कॉपर और जिंक से भरपूर ब्रोकली त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। ब्रोकली को आहार में शामिल करने से त्वचा संबंधित परेशानियां जैसे एक्ने, पिगमेंटेशन, झुर्रियां आदि से बचाव में मदद हो सकती है। साथ ही ब्रोकली के सेवन से त्वचा में चमक आ सकती है (16)।

क्या बालों की ग्रोथ के लिए ब्रोकली लाभकारी है?

हां, बालों की ग्रोथ के लिए भी ब्रोकली का सेवन उपयोगी हो सकता है। ब्रोकली कई पोषक तत्वों से भरपूर है और इस आधार पर माना जा सकता है कि ब्रोकली के सेवन से हेयर ग्रोथ में मदद मिल सकती है (17)।

ब्रोकली का कौन सा हिस्सा सबसे ज्यादा पौष्टिक होता है?

ब्रोकली के फूल, डंठल और पत्तियां, तीनों भागों में ही कई सारे पौष्टिक तत्व होते हैं। हालांकि ब्रोकली के फूल में सबसे ज्यादा पोषक तत्व मौजूद होते हैं (34)।

एक दिन में कितनी मात्रा में ब्रोकली का सेवन किया जा सकता है?

प्रतिदिन आधा से एक कप ब्रोकली का सेवन किया जा सकता है। हालांकि यह व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। ऐसे में बेहतर होगा कि डाइट में इसकी मात्रा के बारे में जानने के लिए एक बार आहार विशेषज्ञ से परामर्श लें।

क्या लिवर के लिए ब्रोकली का सेवन अच्छा होता है?

ब्रोकली में सल्फोराफेन नामक पदार्थ पाया जाता है जो फैटी लिवर की समस्या से बचाव में मदद कर सकता है (7)। साथ ही लिवर को सुरक्षित रखने का गुण (हेपाटोप्रोटेक्टिव) मौजूद होता है (1)।

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