बुखार (Bukhar) का इलाज – कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Fever Home Remedies in Hindi

Medically reviewed byDr. Zeel Gandhi, Ayurvedic Doctor
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बुखार को कई लोग रोग समझ लेते हैं, जबकि यह चिकित्सकीय लक्षण है, जो विभिन्न प्रकार की शारीरिक बीमारियों के कारण होता है। कान, फेफड़े, त्वचा, गले, मूत्राशय या गुर्दे से जुड़े संक्रमण/बीमारी के कारण बुखार हो सकता है। इसे ज्वर भी कहा जाता है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य से अधिक होने लगता है। इस लेख में हम बुखार के कारण, बुखार के लक्षण और बुखार के घरेलू उपाय बता रहे हैं, ताकि आप आसानी से इसका इलाज स्वयं कर सकें। आइए, सबसे पहले जानते हैं बुखार होने के कारणों के बारे में।

क्या है बुखार? – What is Fever in Hindi

शरीर का सामान्य तापमान व्यक्ति विशेष, आयु व उसकी शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है। वैज्ञानिक आधार पर शरीर का सामान्य तापमान 98.6 डिग्री फेरनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) माना गया है। वहीं, कुछ अन्य अध्ययन के अनुसार सामान्य तापमान को 97 डिग्री फेरनहाइट (36.1 डिग्री सेल्सियस) से 99 डिग्री फेरनहाइट (37.2 डिग्री सेल्सियस) के बीच माना गया है। जब शरीर का तापमान इससे ऊपर जाता है, तो इस स्थिति को बुखार या फिर ज्वर कहा जाता है। वहीं बच्चों व नवजात के शरीर का सामान्य तापमान 97.9 डिग्री फेरनहाइट (36.61 डिग्री सेल्सियस) से 100.4 डिग्री फेरनहाइट (38 डिग्री सेल्सियस) के बीच होता है (1)।

बुखार के कारण – Causes of Fever in Hindi

  • जीवाणु संक्रमण जैसे गले-नाक में सूजन, फ्लू, चिकनपॉक्स या निमोनिया आदि
  • अर्थराइटिस
  • दवाइयों का गलत प्रभाव
  • त्वचा संबंधी संक्रमण
  • सन स्ट्रोक
  • डिहाइड्रेशन
  • फेफड़े संबंधी बीमारी

बुखार के लक्षण – Symptoms of Fever in Hindi

  • ठंड लगना
  • शरीर में कंपन
  • भूख न लगना
  • पसीना आना
  • शरीर में पानी की कमी
  • तनाव
  • हाइपरलेजेसिया (दर्द के लिए शरीर संवेदनशीलता बढ़ना)
  • सुस्ती
  • ध्यान केंद्रित करने में परेशानी

बुखार के कारण और बुखार के लक्षणों को जानने के बाद जानिए बुखार के घरेलू इलाज के बारे में।

बुखार के घरेलू इलाज – Home Remedies for Fever in Hindi

बुखार को अनदेखा करना शरीर के लिए घातक हो सकता है, इसलिए इससे संबंधित उपचार बेहद जरूरी है। यहां हम बता रहे हैं कि घरेलू नुस्खों द्वारा ज्वर पर काबू पाया जा सकता है। साथ ही ध्यान रहे कि ये घरेलू उपचार को बुखार व उसके लक्षणों को कम कर सकते हैं, लेकिन संपूर्ण इलाज साबित नहीं हो सकते। इसलिए, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो उसे घरेलू उपचार के साथ-साथ डॉक्टर से इलाज भी करवाना चाहिए।

1. ठंडे पानी की पट्टियां

सामग्री:
  • एक साफ तौलिया
  • साफ ठंडा पानी
कैसे करें इस्तेमाल:
  • एक बड़े बर्तन में ठंडा पानी डालें।
  • तौलिये को पानी में अच्छी तरह भिगोएं।
  • अब तौलिये को निचोड़ कर पीड़ित व्यक्ति के सिर पर आधे मिनट तक रखें।
  • लगभग 10 मिनट तक यह प्रक्रिया दोहराते रहें।
कैसे है लाभदायक:

बुखार के 102 डिग्री फेरनहाइट तक पहुंच जाने पर मरीज के शरीर का तापमान बढ़ जाता है और उसे तकलीफ होने लगती है। इस स्थित में मरीज को स्ट्रोक भी आ सकता है। इसलिए, शरीर के तापमान को कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां बुखार के इलाज का एक कारगर घरेलू तरीका हैं। पानी का ठंडा असर शरीर के तापमान को कम कर देता है, जिससे मरीज को आराम का अनुभव होता है (2)।

2. तुलसी

सामग्री:
  • 10 तुलसी के पत्ते
  • आधा चम्मच पिसा हुआ अदरक
  • आधा चम्मच शहद
  • एक कप पानी
कैसे करें इस्तेमाल:
  • बर्तन में पानी, तुलसी के पत्ते और अदरक डालकर 8 मिनट तक उबालें।
  • इस पानी को छानकर एक कप में डाल लें।
  • अब इसमें आधा चम्मच शहद मिला लें।
  • दिन में दो बार इसका सेवन करें।
कैसे है लाभदायक:

बुखार की दवा के रूप में तुलसी के पत्तों का नुस्खा अपना सकते हैं। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में तुलसी को श्रेष्ठ माना गया है। इसमें एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं। तुलसी का इस प्रकार सेवन कर बुखार को कुछ हद तक कम किया जा सकता है (3)।

3. शहद

सामग्री:
  • एक चम्मच शहद
  • एक गिलास गर्म पानी
  • आधा चम्मच नींबू का रस
कैसे करें इस्तेमाल:
  • एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर रोज सुबह लें।
  • इसमें आधा चम्मच नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक:

शहद में एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेटरी व एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं, जो बुखार का इलाज करने के लिए कारगर माने जाते हैं। ज्वर के दौरान शहद का सेवन बताए गए तरीके से किया जा सकता है (4)।

4. अदरक

सामग्री:
  • अदरक (आवश्यकतानुसार)
  • आधा चम्मच शहद
कैसे करें इस्तेमाल:
  • अदरक का पेय बना सकते हैं, जिसके लिए सबसे पहले एक बर्तन में एक कप पानी को अदरक के साथ उबाल लें।
  • अब इस पानी को एक कप में डाले दें और उसमें आधा चम्मच शहद मिलाकर पिएं।
  • इस पेय को दिन में 2-3 बार लिया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक:

बुखार के लिए अदरक का इस्तेमाल एक प्राकृतिक औषधि के रूप में किया जा सकता है। इसके एंटीवायरल और जीवाणुरोधी तत्व शरीर में संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकते हैं (5)। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। बुखार की दवा के रूप में अदरक का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।

5. तिल का तेल

सामग्री:
  • तिल का तेल
  • 4-5 लहसुन की कलियां
  • सेंधा नमक (स्वादानुसार)
कैसे करें इस्तेमाल
  • लहसुन की कलियों को तिल के तेल में तल लें।
  • तले हुए लहसुन में स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर खाएं।
  • बुखार के समय रोजाना यह प्रकिया एक बार दोहराएं।
कैसे है लाभदायक

तिल के तेल को प्राचीन काल से ही महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक दवा के रूप में उपयोग किया जा रहा है । इस तेल में विटामिन-ई प्रचुर मात्रा में होता है। यह एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल की तरह काम करता है (6)। बुखार के असर को कम करने के लिए तिल के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

6. सेब का सिरका

सामग्री:
  • सेब का सिरका (जरूरत के हिसाब से)
  • साफ पानी (जरूरत के हिसाब से)
कैसे करें इस्तेमाल:
प्रक्रिया नंबर-1
  • सेब के सिरके और पानी को मिक्स कर लें। अब साफ तौलिए को इसमें डुबोकर हल्का निचोड़ लें।
  • अब इस तौलिए को 1-2 मिनट तक माथे पर और पेट पर रखें।
  • इस तौलिए को पैर के तलवे पर भी बांध सकते हैं।
  • तेज बुखार की स्थित में इस प्रक्रिया का प्रयोग लगातार करें।
प्रक्रिया नंबर-2
  • हल्के गर्म पानी में एक कप सेब के सिरका डालकर स्नान कर सकते हैं।
कैसे है लाभदायक:

बुखार के घरेलू उपाय के अंतर्गत सेब के सिरके का इस्तेमाल किया जा सकता है। सेब का सिरका एंटीबायोटिक और एक प्राकृतिक डिटॉक्स एजेंट की तरह काम करता है। बुखार के दौरान इसका इस्तेमाल किया जा सकता है (7)।

7. लहसुन

सामग्री:
  • लहसुन की एक कली
  • एक कप गर्म पानी
कैसे करें इस्तेमाल:
  • एक कप गर्म पानी में लहसुन की एक कली को बारीक काट कर डाल दें।
  • 10 मिनट के लिए लहसुन को पानी में इसी तरह रहने दें।
  • 10 मिनट के बाद पानी को छान लें और पिएं।
  • यह प्रक्रिया दिन में दो बार करें।
कैसे है लाभदायक:

लहसुन में एंटीबैक्टीरियल गुण होता है (8)। साथ ही यह ऑर्गन सल्फर गुण से भी समृद्ध होता है। इसका सेवन कर बुखार के असर को कम किया जा सकता है लहसुन गर्म होता है और ज्वर के दौरान इसे लेने से पसीना निकलता है, जिससे शरीर का ताप कम होने लगता है। इसलिए, बुखार की दवा के रूप में लहसुन का सेवन किया जा सकता है।

8. पुदीने के पत्ते

सामग्री:
  • 3-4 पुदीने के पत्ते
  • चीनी (एक चौथाई चम्मच)
  • नींबू के रस की 5-6 बूंदें
कैसे करें इस्तेमाल:
  • एक बर्तन में एक कप पानी, पुदीने के पत्ते और चीनी डालकर पानी को गर्म करें।
  • बाद में पानी को छानकर कप में डाल दें।
  • आप चाहें तो इसमें नींबू की 5-6 बूंदें भी मिला सकते हैं।
  • बुखार होने पर दिन में दो बार पुदीने की चाय पिएं।
कैसे है लाभदायक:

पुदीना ठंडी प्रकृति का एक गुणकारी पौधा है। पुदीने का सबसे महत्वपूर्ण तत्व इसमें मौजूद मेंथाल होता है, जो शरीर की आंतरिक प्रणाली को शांत करता है। शरीर की अतिरिक्त गर्मी को बाहर निकालने में यह मददगार साबित हो सकता है। बुखार की दवा के रूप में इसका भी इस्तेमाल किया जा सकता है (9)।

9. हल्दी

सामग्री:
  • आधा चम्मच हल्दी
  • एक गिलास गर्म दूध
कैसे करें इस्तेमाल:
  • सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर लें।
कैसे है लाभदायक:

शरीर के विभिन्न रोगों से लड़ने के लिए हल्दी का इस्तेमाल प्राचीन काल से किया जा रहा है। इसमें पाएं जाने वाले एंटीबायोटिक और एंटीबैक्टीरियल गुण बुखार के संक्रमण को खत्म कर मरीज को आराम पहुंचाने का काम कर सकते हैं। बुखार का इलाज करने का यह एक कारगर नुस्खा है (10)।

10. ग्रीन-टी

सामग्री:
  • एक चम्मच ग्रीन-टी की सूखी पत्तियां
  • एक चम्मच शहद
कैसे करें इस्तेमाल:
  • डेढ़ कप पानी को ग्रीन-टी की पत्तियों के साथ 7-8 मिनट तक उबालें।
  • अब इस पानी को छानकर एक कप में डालें।
  • फिर इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं।
  • दिन में दो बार ग्रीन-टी लें।
कैसे है लाभदायक:

ग्रीन-टी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक मानी गई है, यह एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करती है (11)। ग्रीन-टी के सेवन से शरीर से अनावश्यक विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इससे बुखार को जन्म देने वाले संक्रमण बेअसर हो जाते हैं और बुखार के दौरान मरीज को आराम मिलता है। बुखार के लक्षण दिखने पर इसका सेवन किया जा सकता है।

11. मुलेठी की जड़

सामग्री:
  • आधा चम्मच मुलेठी की जड़ का चूर्ण
  • 6-7 तुलसी की पत्तियां
  • पीसी हुई 1 लौंग
  • पीसी हुई 2 काली मिर्च
  • पीसी हुई 1 इलायची
  • आधा चम्मच बारीक कटा हुआ अदरक
  • आधा चम्मच गुड़
  • तीन कप पानी
कैसे करें इस्तेमाल:
  • पानी को बर्तन में डालकर उबाल लें।
  • अब पानी में मुलेठी, लौंग, तुलसी, काली मिर्च, इलाइची व अदरक डाल दें।
  • करीब तीन मिनट बाद गुड़ को डालें।
  • इस मिश्रण को 20 मिनट तक अच्छी तरह पकाएं।
  • 20 मिनट बाद इस काढ़े को एक कप में छान लें।
  • अब गर्मा-गर्म काढ़ा पिएं।
  • इसे रोज सुबह खाली पेट पिया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक:

मुलेठी में एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं (12) (13) , जो जीवाणु और वायरल संक्रमण को दूर करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए, बुखार के संक्रमण को खत्म करने के लिए मुलेठी का काढ़ा पीना फायदेमंद साबित हो सकता है। बुखार के लक्षण दिखने पर मुलेठी का सेवन यहां बताए गए तरीके के अनुसार किया जा सकता है।

12. दालचीनी

सामग्री:
  • एक चौथाई चम्मच दालचीनी चूर्ण
  • एक चम्मच शहद
  • एक कप गर्म पानी
कैसे करें इस्तेमाल:
  • रोज सुबह एक चम्मच शहद के साथ दालचीनी चूर्ण का सेवन करें।
  • इसके अलावा, एक कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद और दालचीनी चूर्ण मिलाकर सेवन करें।
कैसे है लाभदायक:

बुखार के घरेलू उपाय के रूप में दालचीनी का नुस्खा अपनाया जा सकता है (14)। दालचीनी में एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं।

बुखार के लिए कुछ और उपाय – Other Tips For Fever in Hindi

बुखार के घरेलू उपाय जानने के बाद जानिए, बुखार के इलाज से संबंधित अन्य जरूरी टिप्स के बारे में।

रहें हाइड्रेट : बुखार के समय खुद को जितना हो सके हाइड्रेट रखें। पानी व जूस जैसे तरल पदार्थ समय-समय पर लेते रहें। बुखार से शरीर में ऊर्जा और जरूरी तरल पदार्थ की कमी हो जाती है (15), इसलिए इनकी भरपाई के लिए खुद को हाइड्रेट रखें।

खुद को ठंडा रखें : अगर बुखार के दौरान गर्मी लगे, तो खुद को ठंडा रखने के लिए हल्के कपड़े पहनें और पानी पीते रहें। शरीर में कंपन होने की स्थिति में ऐसा न करें, गर्म कपड़े पहने या कंबल ओढ़ लें, ताकि पसीना निकले और शरीर का तापमान कम हो जाए।

तापमान चेक करें : बुखार के दौरान बताए गए घरेलू नुस्खों को अपनाएं और हर 15-20 मिनट में शरीर के तापमान को थर्मामीटर की मदद से नापते रहें। अगर तापमान बढ़ता जा रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

बेड रेस्ट : बुखार के दौरान शरीर में ऊर्जा की कमी होती रहती है, इसलिए शरीर को आराम की बहुत जरूरत होती है। इस दौरान ज्यादा घूमे-फिरे नहीं, बल्कि आराम करें (16)।

नोट – अगर मरीज किसी गंभीर शारीरिक समस्या से ग्रसित हैं, तो इन घरेलू उपायों को अपनाने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

बुखार शरीर से जुड़ी परेशानी की गंभीरता को प्रकट करता है। इसके निवारण के लिए आपको ज्वर के विभिन्न लक्षणों और कारणों के बारे में पता होना चाहिए। ज्वर निवारण के लिए आप इस लेख में बताए गए घरेलू नुस्खों का प्रयोग कर सकते हैं। ये घरेलू उपाय बेहद सरल और कम खर्चीले हैं, जिन्हें आप घर में ही बना सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधित अन्य जानकारी के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

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Nripendra Balmiki

नृपेंद्र बाल्मीकि एक युवा लेखक और पत्रकार हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की है। नृपेंद्र विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद करते हैं, खासकर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर इनकी पकड़ अच्छी है। नृपेंद्र एक कवि भी हैं और कई बड़े मंचों पर कविता पाठ कर चुके हैं। कविताओं के लिए इन्हें हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

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