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कसावा के फायदे, उपयोग और नुकसान – Cassava Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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कसावा के फायदे, उपयोग और नुकसान – Cassava Benefits, Uses and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 November 11, 2019

खाने में हम कई तरह के खाद्य पदार्थों को शामिल करते हैं, जो हमारे शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं। इन्हीं खाद्य पदार्थों में कसावा का नाम भी शामिल है। अगर आप कसावा से परिचित नहीं हैं, तो यह लेख इसे जानने में आपकी मदद करेगा। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको कसावा के उपयोग, गुण और फायदों के बारे में विस्तार से बताएंगे। लेख में बताई गई समस्याओं से कसावा कुछ हद तक राहत तो दिला सकता है, लेकिन यह सटीक उपचार नहीं हो सकता। हां, यह डॉक्टरी इलाज के प्रभाव को बढ़ाने में मदद जरूर कर सकता है। साथ ही कसावा आपके लिए फायदेमंद है या नहीं, इस बारे में एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

कसावा के गुण और फायदे जानने से पहले कसावा क्या है, आइए थोड़ा इस बारे में जान लेते हैं।

कसावा क्या है – What is Cassava in Hindi

कसावा एक झाड़ीनुमा पौधा है। इसका वैज्ञानिक नाम मनिहॉट एस्‍कुलेंटा (Manihot esculenta) है। यह कम पानी में भी तेजी से बढ़ता है। सामान्य तौर पर यह गर्म स्थानों में पाया जाता है, जहां पानी की कमी होती है। खाने के लिए इसकी जड़ का इस्तेमाल किया जाता है। यही कारण है कि इसकी जड़ कसावा के नाम से अधिक प्रचलित है। इसकी जड़ काफी हद तक शकरकंद जैसी नजर आती है। अमूमन, हर घर में इस्तेमाल किया जाने वाला साबूदाना कसावा के पाउडर से ही तैयार किया जाता है। खाने के लिए इसे कई प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है, जिसके बारे में हम आपको लेख में आगे बताएंगे।

लेख के अगले भाग में अब हम कसावा के फायदे के बारे में जानेंगे।

कसावा के फायदे – Benefits of Cassava in Hindi

1. भूख कम करने में सहायक

अगर मोटापे की समस्या से परेशान कोई व्यक्ति वजन घटाने की कोशिश कर रहा है, तो उसके लिए कसावा फायदेमंद साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसमें कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते हैं, जो भूख के एहसास को कम करने में मदद करते हैं। इससे खाने की इच्छा पर नियंत्रण लगता है और वजन घटाने में सहायता मिलती है (1)। इस कारण यह कहा जा सकता है कि कसावा के गुण मोटापे की समस्या से छुटकारा दिलाने में सहायक साबित हो सकते हैं।

2. एंटी-न्यूट्रिएंट्स से युक्त

कसावा में फाइटेट और टैनिन नाम के एंटी-न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। इनकी मौजूदगी कसावा के विषैले पदार्थों को कम कर इसे सेहत के लिए फायदेमंद बनाती है (2)। वहीं, एक अन्य शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि ये एंटी-न्यूट्रिएंट्स नपुंसकता, बांझपन, ब्लड ग्लूकोज, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को नियंत्रित करने के साथ कैंसर के जोखिमों कम करने में भी सहायता करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं (3)

3. पाचन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

कसावा की जड़ के साथ-साथ इसके पत्तों को भी पाचन क्रिया के लिए सहायक माना जा सकता है। दरअसल, कसावा के गुण पाचन से संबंधित माइक्रोब्स (जीवाणु) की सक्रियता को बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही यह पाचन के साथ-साथ संपूर्ण शरीर की उपापचय प्रक्रिया को भी प्रभावित करते हैं (4)। इस कारण यह माना जा सकता है कि कसावा पाचन शक्ति को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।

कसावा के फायदे जानने के बाद आगे लेख में हम इसके पौष्टिक तत्वों के बारे में बात करेंगे।

कसावा के पौष्टिक तत्व – Cassava Nutritional Value in Hindi

नीचे दिए गए चार्ट के माध्यम से आप कसावा के पौष्टिक तत्वों के बारे में विस्तार से जान सकते हैं (5)

पोषक तत्वयूनिटमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानीg59.68
एनर्जीKcal160
प्रोटीनg1.36
टोटल लिपिड (फैट)g0.28
कार्बोहाइड्रेटg38.6
फाइबर (टोटल डाइटरी)g1.8
शुगरg1.7
मिनरल
कैल्शियमmg16
आयरनmg0.27
मैग्नीशियमmg21
फास्फोरसmg27
पोटैशियमmg271
सोडियमmg14
जिंकmg0.34
कॉपरmg0.1
मैंगनीजmg0.384
सेलेनियमµg0.7
विटामिन
विटामिन सीmg20.6
थियामिनmg0.087
राइबोफ्लेविनmg0.048
नियासिनmg0.854
विटामिन बी-6mg0.088
फोलेट (डीएफई)µg27
विटामिन ए (आरएई)µg1
विटामिन ए (आईयू)IU13
विटामिन ई (अल्फा टोकोफेरॉल)mg0.19
विटामिन केµg1.9
लिपिड
फैटी एसिड (सैचुरेटेड)g0.074
फैटी एसिड (मोनोअनसैचुरेटेड)g0.075
फैटी एसिड (पॉलीसैचुरेटेड)g0.048

 पौष्टिक तत्वों के बाद अब हम लेख के अगले भाग में कसावा के उपयोग के बारे में आपको बताएंगे।

कसावा का उपयोग – How to Use Cassava in Hindi

कसावा की जड़ आलू की तरह ही एक कंद (जमीन के अंदर बढ़ने वाली जड़ या तना) है। इसलिए, कसावा के उपयोग के तरीके कई हैं। आइए, इसके उपयोग के कुछ तरीकों को जानते हैं।

  • आप इसके चिप्स को नारियल के तेल में फ्राई करके स्नैक्स के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • कसावा से ही साबूदाना बनाया जाता है, तो आप इसका सेवन खीर या खिचड़ी बनाकर कर सकते हैं।
  • वहीं, आप चाहें तो इसे मसलकर इसका हलवा बनाकर भी उपयोग में ला सकते हैं।
  • इसे आलू की तरह उबालकर कई प्रकार के व्यंजन भी तैयार किए जा सकते हैं।

मात्रा- कसावा की ली जाने वाली मात्रा की बात करें, तो करीब एक तिहाई कप तक दिन में दो बार तक सेवन किया जा सकता है (6)। बेहतर यही होगा कि आप अपने डॉक्टर से पूछ लें कि आपके लिए कसावा की कितनी मात्रा का सेवन करना फायदेमंद रहेगा।

उपयोग के बाद अब हम कसावा के नुकसान के बारे में भी जान लेते हैं।

कसावा के नुकसान – Side Effects of Cassava in Hindi

कसावा के गुण तो अपने जान ही लिए हैं, लेकिन साथ ही साथ कसावा के नुकसान भी हैं, जिनके बारे में पता होना जरूरी है। यही कारण है कि सेवन के लिए ली जाने वाली इसकी मात्रा को लेकर अधिक सावधान रहने की आवश्यकता होती है।

1. बच्चों के पैरों में लकवे की शिकायत

कसावा की कड़वी जड़ में कुछ विषैले पदार्थ मौजूद होते हैं। इस कारण इसके उपयोग से बच्चों में अमूमन पैरों में लकवे की शिकायत देखी जा सकती हैं। इसलिए, ध्यान रखें कि स्वाद में कड़वी जड़ का उपयोग न करें। वहीं, एक शोध में यह पाया गया है कि कसावा की जड़ को भिगोकर रखने से इसमें मौजूद विषैले तत्वों को काफी हद तक कम किया जा सकता है (7)

2. आयोडीन का स्तर होता है कम

 विशेषज्ञों के मुताबिक, कसावा में गोइट्रोजेनिक (थायराइड हार्मोन को बढ़ाने वाला) प्रभाव पाया जाता है, जिसके कारण शरीर में आयोडीन की मात्रा कम हो सकती है। इस कारण यह कहा जा सकता है कि इसका अधिक सेवन आयोडीन की कमी का एक कारण बन सकता है (8)

3. घेंघा रोग की समस्या

जैसा कि आयोडीन वाले पॉइंट में बताया गया है कि कसावा में गोइट्रोजेनिक (थायराइड हार्मोन को बढ़ाने वाला) प्रभाव पाया जाता है और इसके अधिक सेवन से आयोडीन की कमी हो सकती है (8)। वहीं, शरीर में आयोडीन की कमी होने से घेंघा रोग हो सकता है (9)

4. आंखों की रोशनी करता है कम

कसावा की जड़ में घातक और विषैला पदार्थ सायनाइड पाया जाता है। यही कारण है कि इसका अधिक मात्रा में सेवन आंखों में जलन व अन्य परेशानियों का कारण बन सकता है (10)। साथ ही यह देखने की क्षमता को भी कमजोर कर सकता है। इसलिए, इसकी ली जाने वाली संतुलित मात्रा का हमेशा ध्यान रखना चाहिए।

5. शारीरिक कमजोरी

 जैसा कि आप जान चुके हैं कि कसावा की जड़ में सायनाइड पाया जाता है। यह विषैला तत्व कई शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकता है, जिसमें शारीरिक कमजोरी भी शामिल है। इस कारण यह माना जाता है कि इसका अधिक मात्रा में सेवन आपको शारीरिक रूप से कमजोर कर सकता है (10)

6. तंत्रिका संबंधी विकार

 कसावा की जड़ में सायनाइड (एक विषैला तत्व) होने के कारण यह तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है और उससे जुड़ी कार्यप्रणाली में अवरोध का कारण बन सकता है। इसलिए, इसके अधिक सेवन के प्रति आपको हमेशा सजग रहना चाहिए (10)

7. कैंसर का खतरा

कसावा की जड़ में आर्सेनिक और कैडमियम जैसे विषैले तत्व भी पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं के साथ कैंसर का भी कारण बन सकते हैं (11)

अब तो आप कसावा के उपयोग, गुण और फायदों के बारे में भी अच्छी तरह जान गए होंगे। साथ ही आपको यह भी पता चल गया होगा कि कसावा में कौन-कौन से पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं। ऐसे में अगर आप इसके उपयोग के बारे में विचार कर रहे हैं, तो कसावा के नुकसान को भी अच्छी तरह से जान लेना आपके लिए बेहतर होगा। इसकी अधिक मात्रा फायदों के बदले दुष्प्रभाव का कारण बन सकती है। इसलिए, हमारी सलाह यही है कि पहले आप लेख में इससे संबंधित सभी जरूरी बातों को एक बार अच्छे से पढ़ लें। बाद में इसे प्रयोग में लाएं। इस संबंध में अगर आपके मन में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से उसे आप हम तक पहुंचा सकते हैं।

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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