सीलिएक रोग के कारण, लक्षण और इलाज – Celiac Disease Causes, Symptoms and Treatment in Hindi

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शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) की अहम भूमिका होती है। प्रतिरक्षा प्रणाली रोगों से लड़कर शरीर को बीमारियों से बचाए रखने में मदद करती है, लेकिन कई बार विभिन्न कारणों की वजह से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, जिसमें सिलिएक भी शामिल है। इस रोग की वजह से व्यक्ति को भारी दर्द के साथ कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, जरूरी है कि इस रोग संबंधित जरूरी जानकारी आपके पास हो। स्टाइलक्रेज के इस लेख में सीलिएक रोग के कारण, सीलिएक रोग के लक्षण और सीलिएक रोग का इलाज के बारे में बताया गया है, ताकि सभी इस रोग से बचे रहें। वहीं, अगर कोई बीमार है, तो वह उपचार ठीक से करा सके।

आइए, सबसे पहले जान लेते हैं कि यह सीलिएक रोग क्या है।

सीलिएक रोग क्या है? – What is Celiac Disease in Hindi

सीलिएक शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ा एक रोग है। इस समस्या के दौरान ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने की आवश्यकता होती है। ग्लूटेन एक तरह का प्रोटीन होता है, जो गेहूं, राई और जौ आदि में पाया जाता है। इसके अलावा, ग्लूटेन विटामिन और सप्लीमेंट, बाल व त्वचा के लिए बनाए जाने वाले उत्पादों में भी हो सकता है। सीलिएक रोग के दौरान अगर ग्लूटेन का सेवन कर लिया जाए, तो छोटी आंत को नुकसान पहुंचा सकता है। सिलिएक अलग-अलग व्यक्ति को अलग-अलग तरह से प्रभावित कर सकता है। आगे लेख में सीलिएक रोग का कारण और इसके लक्षणों के बारे में जानकारी दी गई है (1)।

आइए, जानते हैं सिलिएक रोग के कारण और जोखिम कारक के बारे में।

सीलिएक रोग के कारण और जोखिम कारक– Causes and Risk Factors of Celiac Disease in Hindi

वैसे तो सिलिएक रोग के कारणों के बारे में पूरी तरह पता नहीं लग पाया है, लेकिन नीचे दिए गए कुछ बिंदुओं के जरिए इसके कुछ कारण और जोखिम कारक को समझा जा सकता है – (2) (3)।

  • ग्लूटेन का सेवन।
  • आनुवंशिक (Genetic)।
  • शरीर द्वारा पोषक तत्वों का सही से अवशोषण न कर पाना।
  • शुरुआती फीडिंग प्रैक्टिस (शिशुओं को भोजन कराने संबंधित)

अब आगे सिलिएक रोग के लक्षण के बारे में पढ़ेंगे।

सीलिएक रोग के लक्षण – Symptoms of Celiac Disease in Hindi

सीलिएक रोग के लक्षण व्यक्तियों में विभिन्न रूपों में सामने आ सकते हैं, जिन्हें हम क्रमवार तरीके से नीचे बता रहे हैं (2):

सीलिएक रोग से जुड़े गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण-

  • पेट दर्द
  • पेट की सूजन
  • गैस या अपच
  • कब्ज
  • भूख न लगना
  • दस्त
  • मतली और उल्टी
  • मल से तेज गंध आना

सिलिएक के कुछ अन्य लक्षण –

  • अवसाद या चिंता
  • थकान
  • बच्चों के विकास में अधिक समय लगना
  • बाल झड़ना
  • त्वचा पर दाने व खुजली होना
  • मासिक धर्म का न आना
  • मुंह में छालें होना
  • मांसपेशियों में ऐंठन और जोड़ों में दर्द
  • नाक से रक्त बहना
  • हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्न होना

बच्चों में सीलिएक रोग के लक्षण इस तरह से भी नजर आ सकते हैं:

  • टूथ इनेमल (Tooth Enamel) कमजोर होना। यह एक प्रकार की परत होती है, जो दांतों को सेंसिटिविटी से बचाकर रखती है।
  • मांसपेशियों को नुकसान।
  • व्यवहार में चिड़चिड़ापन।
  • वजन का बढ़ना।
  • लंबाई का ठीक तरह से न बढ़ना।

इसके आगे सिलिएक रोग के निदान के बारे में जानेंगे।

सिलिएक रोग के निदान- Diagnosis of Celiac Disease in Hindi

कई बार डॉक्टर के लिए सीलिएक रोग का निदान करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि इसके लक्षण कुछ अन्य समस्याओं के लक्षण की तरह ही दिखते हैं। नीचे जानिए सीलिएक रोग का निदान किस प्रकार किया जा सकता है (4)।

  • आनुवंशिक जानकारी- डॉक्टर परिवार में पहले कभी किसी को सिलिएक रोग हुआ है या नहीं, इस बारे में पूछ सकता है।
  • शरीर की जांच- डॉक्टर शरीर पर रैशेज और पोषण की मात्रा की जांच कर सकता है। साथ ही स्टेथोस्कोप से पेट की जांच भी कर सकता है।
  • दांतों की जांच- कुछ लोगों में सिलिएक रोग का पता लगाने के लिए दांतों की जांच भी मददगार हो सकती है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि सिलिएक रोग से प्रभावित व्यक्ति के दांतों के रंग में परिवर्तन आ जाता है।
  • रक्त की जांच- सिलिएक रोग के परीक्षण में यह जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके लिए रक्त को प्रयोगशाला में भेजा जाता है, जहां रक्त में मौजूद एंटीबॉडी का पता लगाया जाता है। अगर रक्त की जांच करने पर एंटीबॉडी का सही से पता न चलें, तो डॉक्टर अन्य ब्लड टेस्ट के लिए भी कह सकते हैं।
  • आंत की बायोप्सी- अगर रक्त की जांच करने के बाद सिलिएक का पता न लग पाए, तो डॉक्टर बायोप्सी जांच कर सकता है। इस जांच के दौरान छोटी आंत से ऊतक का एक छोटा टुकड़ा लिया जाता है, जिससे इस रोग का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
  • त्वचा की बायोप्सी- डॉक्टर त्वचा की बायोप्सी कर सकते हैं। इसके लिए त्वचा के छोटे से टिश्यू को निकाला जाता है और माइक्रोस्कोप से जांच की जाती है।

अगले भाग में सिलिएक रोग का इलाज की जानकारी दी जा रही है।

सीलिएक रोग का इलाज – Treatment of Celiac Disease in Hindi

सीलिएक रोग का उपचार में कई तरीकों को अपनाया जा सकता है, जो इस प्रकार है (2):

  • ग्लूटेन फ्री आहार- सिलिएक के इलाज में ग्लूटेन फ्री आहार का सेवन अहम भूमिका निभा सकता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि ग्लूटेन युक्त आहार भी सिलिएक होने की एक वजह है। इसलिए, इसके इलाज में ग्लूटेन फ्री आहार का उपयोग किया जा सकता है। इस प्रकार के आहार के बारे में लेख में आगे विस्तार से बताया गया है।
  • दवाई का उपयोग- इस रोग के इलाज में कुछ दवाइयों (प्रेडनिसोलोन) का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जो डॉक्टर इलाज के दौरान आपको दे सकते हैं।

अब आगे सिलिएक रोग से होने वाली जटिलताओं के बारे में पढ़ेंगे।

सिलिएक रोग की जटिलताएं- Complications of celiac disease

सीलिएक रोग का इलाज सही समय पर नहीं किया जाए, तो कुछ इस तरह के जटिलातएं उत्पन्न हो सकती हैं (2)।

  • ऑटोइम्यून रोग हो सकता है। यह ऐस्थिति होती है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से शरीर को नुकसान पहुंचाने लगती है।
  • हड्डियों से संबंधित बीमारी, जैसे – ऑस्टियोपोरोसिस या फ्रैक्चर।
  • आंत का कैंसर।
  • एनीमिया की समस्या।
  • बांझपन या फिर गर्भपात का जोखिम।
  • लिवर से जुड़ी बीमारी।

लेख में आगे हम बता रहे हैं कि सिलिएक की स्थिति में किस तरह के आहार लेने चाहिए।

सीलिएक रोग आहार – Celiac Disease Diet in Hindi

सीलिएक रोग का उपचार के समय ग्लूटेन फ्री आहार का सेवन की सलाह दी जाती है। इस लिस्ट में इन खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा सकता है (5)।

  • फलियां
  • मक्का
  • फल और सब्जियां
  • चिकन और फिश (बिना ग्रेवी के सामान्य तरीके से बनाई गई)
  • दूध से बने खाद्य पदार्थ
  • ग्लूटेन फ्री ओट्स, पास्ता, ब्रेड
  • आलू
  • चावल

ये ग्लूटेन युक्त आहार न लें:

  • गेहूं
  • जौ
  • राई
  • ओट्स

आइए, अब सिलिएक रोग से बचने के कुछ उपायों के बारे में बात करते हैं।

सीलिएक रोग से बचने के उपाय – Prevention Tips for Celiac Disease in Hindi

किसी भी प्रकार की समस्या से बचने के लिए कुछ उपायों को अपनाना जरूरी होता है। वैसे ही सिलिएक रोग से बचने के लिए नीचे बताए गए उपायों का पालन किया जा सकता है –

  • उचित आहार (ग्लूटेन मुक्त)।
  • नियमित व्यायाम करना।
  • तरल पदार्थ के सेवन को बढ़ावा देना।
  • अल्कोहल के सेवन का परहेज करना।
  • नियमित रूप से मेडिकल टेस्ट।

इस लेख को पढ़कर यह तो स्पष्ट हो गया कि सिलिएक रोग क्या है और इसके कारण व लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं। इसके अलावा, लेख में सीलिएक रोग का उपचार कैसे किया जा सकता है, इस बारे में भी विस्तार से बताया गया है। साथ ही इस रोग से बचे रहने के लिए लेख में बताए गए बचाव के उपायों का पालन जरूर करें और सिलिएक के लक्षण पर विशेष ध्यान रखें। आप चाहें तो लेख में बताई गई सिलिएक रोग से जुड़ी जानकारी को दूसरों के साथ भी साझा कर सकते हैं। इस विषय से जुड़े किसी सवाल या सुझाव के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स की मदद से हमें संपर्क कर सकते हैं।

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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