सेरेब्रल पाल्सी के कारण, लक्षण और इलाज – Cerebral Palsy in hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

लोगों को कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं। उन्हीं बीमारियों में से कुछ जन्मजात होती हैं, तो कुछ की चपेट में व्यक्ति समय के साथ आता है। ऐसी ही एक बीमारी सेरेब्रल पाल्सी है। किसी को यह समस्या जन्म के समय से ही हो जाती है, तो किसी को जीवन में हुई दुर्घटना के कारण सेरेब्रल पाल्सी हो जाता है। इसका नाम कुछ अलग है, इसलिए लोग समझ नहीं पाते कि आखिर यह बीमारी क्या है। इसी वजह से आगे हम सेरेब्रल पाल्सी के कारण, इसके प्रकार और सेरेब्रल पाल्सी ट्रीटमेंट से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं।

पढ़ते रहें लेख

सबसे पहले यह समझ लेते हैं कि आखिर सेरेब्रल पाल्सी क्या है।

सेरेब्रल पाल्सी क्या है? – What is Cerebral Palsy in Hindi?

सेरेब्रल पाल्सी (CP) विकारों का एक समूह है, जिसके चलते मूवमेंट, संतुलन और मुद्रा यानी पॉश्चर में समस्याएं पैदा हो सकती हैं। यहां सेरेब्रल का मतलब मस्तिष्क से संबंधित होना है और पाल्सी का अर्थ कमजोरी या मांसपेशियों में समस्या से है। सेरेब्रल पाल्सी की शिकायत के चलते सेरेब्रल मोटर कॉर्टेक्स (दिमाग का एक हिस्सा) भी प्रभावित होता है। सेरेब्रल, मस्तिष्क का वह हिस्सा होता है, जो मांसपेशियों की गति को निर्देशित (डायरेक्ट) करता है (1)। सेरेब्रल पाल्सी के प्रकार भी होते हैं, उन्हें समझने के लिए लेख का अगला भाग पढ़िए।

आगे सेरेब्रल पाल्सी टाइप्स पढ़ें

अब पढ़ते हैं सेरेब्रल पाल्सी के प्रकार। इसके बाद सेरेब्रल पाल्सी के कारण पर एक नजर डालेंगे।

सेरेब्रल पाल्सी के प्रकार – Types of Cerebral Palsy

सेरेब्रल पाल्सी (CP) के विभिन्न प्रकार हैं। इनमें से कुछ इस तरह हैं (1)।

1. स्पास्टिक सेरेब्रल पाल्सी – यह सीपी का सबसे आम प्रकार है। यह मांसपेशियों को टोन करने, कठोर मांसपेशियों और अजीब गतिविधियों का कारण बनता है। कभी-कभी यह शरीर के केवल एक हिस्से को प्रभावित करता है। अन्य मामलों में, यह हाथ और पैर, धड़ और चेहरे दोनों को प्रभावित कर सकता है।

2. डिस्किनेटिक सेरेब्रल पाल्सी – इस प्रकार के कारण हाथ, भुजाओं, पैर और पैरों की गति को नियंत्रित करने में समस्या होती है। इससे बैठना और चलना मुश्किल हो सकता है।

3. अटैक्सिक (Ataxic) सेरेब्रल पाल्सी – इसमें व्यक्ति को संतुलन और समन्वय यानी कॉर्डिनेशन बनाने में समस्याएं होती हैं।

4. मिक्सड सेरेब्रल पाल्सी – इस दौरान प्रभावित इंसान में एक से ज्यादा प्रकार के सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण नजर आते हैं।

अब कारण समझिए

लेख में आगे बढ़ते हुए सेरेब्रल पाल्सी के कारण जानिए।

सेरेब्रल पाल्सी होने का कारण – Causes of Cerebral Palsy in Hindi

अक्सर सेरेब्रल पाल्सी के कारण असामान्य विकास या विकासशील मस्तिष्क को नुकसान पहुंचना होता है। ऐसा नीचे बताई गई परिस्थितियों में हो सकता है (1) (2)।

  • भ्रूण के विकास के दौरान सेरेब्रल मोटर कॉर्टेक्स का सामान्य रूप से विकसित न होना
  • जन्म से पहले, दौरान या जन्म के बाद मस्तिष्क में चोट लगना
  • मस्तिष्क में किसी तरह का इंफेक्शन
  • दिमाग में सही से ब्लड फ्लो न हो पाना

पढ़ना जारी रखें

सेरेब्रल पाल्सी के कारण जानने के बाद एक नजर सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण पर डाल लीजिए।

सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण – Symptoms of Cerebral Palsy in Hindi

व्यक्ति को जब सेरेब्रल पाल्सी होता है, तो उसमें इस बीमारी से संबंधित कई तरह के लक्षण नजर आते हैं। क्या है सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण आगे पढ़िए (1) (3)।

  • विकासात्मक देरी
  • लुढ़कना, बैठना, रेंगना या चलना देरी से सीखना
  • असामान्य मांसपेशी टोन, ये कठोर या बहुत ही मुलायम लग सकती हैं
  • अटैक्सिया यानी चलते समय मांसपेशियां का समन्वय (कॉर्डिनेशन) न हो पाना
  • स्पेसटिसिटी, कठोर और तंग मांसपेशियां
  • हाथ या पैर में कमजोरी
  • पैर की उंगलियों पर चलना
  • झुक कर चलना
  • ड्रोलिंग, मुंह से बार-बार लार टपकना
  • निगलने या बोलने में परेशानी
  • हाथ, पैर, बांह या तलवों में कंपकंपी
  • अचानक अनियंत्रित हो जाना

नोट : सेरेब्रल पाल्सी न होने वाले बच्चों में भी कई बार ये लक्षण दिख सकते हैं, इसलिए चिकित्सक से संपर्क करें, ताकि सेरेब्रल पाल्सी का निदान सही से हो सके।

स्क्रॉल करें

किन कारणों से सेरेब्रल पाल्सी होने का खतरा बढ़ जाता है, यह आगे जानिए।

सेरेब्रल पाल्सी के जोखिम कारक – Risk Factors of Cerebral Palsy in Hindi

सेरेब्रल पाल्सी के कारण और लक्षण के साथ ही इसके जोखिम कारक भी जानना जरूरी है। इससे यह समझ आएगा कि आखिर किन-किन लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है। चलिए, तो पढ़ते हैं आगे सेरेब्रल पाल्सी के जोखिम कारक (3) (2)।

1. नवजात शिशु – इस समस्या के होने का जोखिम शिशु को बड़े बच्चों से ज्यादा होता है। ये बच्चों के ब्रेन डैमेज होने के कारण हो सकता है।

2. प्रीटर्म और लो बर्थ वेट– अगर कोई बच्चा का समय से पहले जन्म हुआ है या कम जन्म वजन के साथ पैदा हुआ है, तो ऐसे बच्चों को सेरेब्रल पाल्सी होने का जोखिम ज्यादा होता है।

3. वैक्सीनेशन नहीं लगवाने पर– शिशु के जन्म के बाद उन्हें जरूरी वैक्सीन लगवाने पर ब्रेन इन्फेक्शन यानी मस्तिष्क के संक्रमण को रोका जा सकता हैं। अगर वैक्सीन नहीं लगवाई गई है, तो इससे सेरेब्रल पाल्सी की समस्या हो सकती है। साथ ही गर्भावस्था के दौरान जरूरी वैक्सीनेशन नहीं हुई है, तो भी शिशु को मां के गर्भ में ही सेरेब्रल पाल्सी हो सकता है।

4. इंजरी– बच्चों को चोट लगने पर भी सेरेब्रल पाल्सी का खतरा बढ़ सकता है। उन्हें इंजरी तब होती है, जब उनपर ठीक से ध्यान न दिया जाए।

5. एक से अधिक शिशु का जन्म– जब एक साथ जुड़वां और तीन बच्चे पैदा होते हैं, तब उन बच्चों को यह समस्या होने का जोखिम होता है।

6. इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट– अगर कोई इनफर्टिलिटी का उपचार करवाता है और उसके बाद किसी बच्चे को जन्म देता है, तो ऐसे बच्चे को सेरेब्रल पाल्सी होने का खतरा ज्यादा होता है।

7. गर्भावस्था के दौरान संक्रमण– संक्रमण से साइटोकिन्स नामक कुछ प्रोटीन में वृद्धि होती है, जो गर्भावस्था के दौरान बच्चे के मस्तिष्क और रक्त में फैलते हैं। साइटोकिन्स सूजन का कारण बनते हैं, जिससे बच्चे में मस्तिष्क की क्षति हो सकती है। इससे डिलीवरी के बाद बच्चे को सेरेब्रल पाल्सी का जोखिम भी रहता है।

8. मां की चिकित्सीय स्थितियां– अगर गर्भावस्था के दौरान किसी को थायरॉइड की समस्या, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी या सीजर्स (दौरे पड़ना) से जुड़ी शिकायत है, तो बच्चे को सीपी का जोखिम अधिक होता है।

9. जन्म से जुड़ी जटिलताएं– अगर शिशु के जन्म के समय किसी तरह की जटिलताएं नजर आती है, जैसे कि प्लेसेंटा का अलग होना, गर्भाशय का टूटना या जन्म के दौरान गर्भनाल की समस्याएं, तो बच्चे को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो सकती है। इससे भी सेरेब्रल पाल्सी का खतरा बढ़ जाता है।

अब हम बताएंगे कि सेरेब्रल पाल्सी ट्रीटमेंट करने के लिए इसका निदान कैसे किया जाता है।

सेरेब्रल पाल्सी का निदान – Diagnosis of Cerebral Palsy in Hindi

1. डेवलपमेंटल मॉनिटरिंग – इस प्रक्रिया के दौरान बच्चों की वृद्धि और विकास को ट्रैक किया जाता है। यदि बच्चे के विकास को लेकर किसी भी तरह की कमी व खामी डॉक्टर को लगती है, तो वो जल्द-से-जल्द डेवलपमेंटल स्क्रीनिंग टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।

2. डेवलपमेंटल स्क्रीनिंग – इस परीक्षण के दौरान बच्चों के शारीरिक विकास और किसी भी चीज को छूने की क्षमता (मोटर स्किल) में देरी को जांचा जाता है। इस जांच को करने के बाद अगर परिणाम सामान्य न हों, तो विशेषज्ञ कुछ सुझाव दे सकते हैं।

3. डेवलपमेंटल एंड मेडिकल इवैल्यूएशन – बच्चे को कौन-सा विकार है, इसका निदान करने के लिए विकासात्मक और चिकित्सक मूल्यांकन यानी डेवलपमेंटल एंड मेडिकल इवैल्यूएशन किया जाता है। इस दौरान विशेषज्ञ कई निदान करने को कह सकते हैं, जैसे कि

  • बच्चे के मोटर कौशल, मांसपेशियों की टोन, सजगता और मुद्रा (पॉश्चर) की जांच करना
  • मेडिकल हिस्ट्री को समझना
  • लैब परीक्षण, आनुवंशिक परीक्षण और इमेजिंग परीक्षण

आगे जानिए कि सेरेब्रल पाल्सी ट्रीटमेंट, कैसे किया जाता है।

सेरेब्रल पाल्सी का इलाज – Treatment of Cerebral Palsy in Hindi

सेरेब्रल पाल्सी की पुष्टि होने पर जल्द-से-जल्द इसका इलाज कराया जाना चाहिए। सेरेब्रल पाल्सी का इलाज किस तरह से होता है, यह समझना चाह रहे हैं, तो लेख को आगे पढ़ें (1)।

  • दवाइयां
  • शल्य चिकित्सा यानी सर्जरी
  • कुछ खास तरह के डिवाइस
  • शारीरिक, व्यावसायिक, मनोरंजक और भाषण से जुड़ी चिकित्सा

कई रिसर्च और सरकारी जानकारियां बताती हैं कि सेरेब्रल पाल्सी का इलाज नहीं हो सकता है। हां, कुछ तरीकों की मदद से सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे लोगों के जीवन में हो रही परेशानी में सुधार लाया सकता है। ऊपर बताए गए तरीकों को सेरेब्रल पाल्सी का सामान्य उपचार माना जाता है।

अब हम बताएंगे कि सेरेब्रल पाल्सी से बचाव कैसे किया जा सकता है।

सेरेब्रल पाल्सी से बचने के उपाय – Prevention Tips for Cerebral Palsy in Hindi

आनुवंशिक समस्याएं, जो सीपी का कारण बनती हैं, उन्हें रोक पाना नामुमकिन है। हां, सीपी के जोखिम कारकों को ध्यान में रखकर सेरेब्रल पाल्सी से बचने की कोशिश की जा सकती है (1)। उदाहरण के लिए (2):

  • सुनिश्चित करें कि गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण समय से हो, जिससे ऐसे संक्रमणों को रोका जा सके, जिसके कारण अजन्मे बच्चों में सीपी हो।
  • शिशुओं और बच्चों को हेड इंजरी से बचाना।
  • अगर इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट करवाने के बाद बच्चा कर रहे हैं, तो एक समय में एक से ज्यादा बच्चा पैदा करने से बचना। जैसे कि एक समय में केवल एक ही
  • एम्ब्र्यो को गर्भ में स्थानांतरित करवाएं।
  • प्रेगनेंसी के दौरान स्वास्थ्य चेकअप समय-समय पर करवाते रहना।
  • अपने हाथों को समय-समय पर धोना, ताकि गर्भस्थ शिशु को इंफेक्शन न हो।
  • प्रीटर्म डिलीवरी (समय से पहले शिशु के जन्म) के खतरे से बचने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना।
  • बच्चे को पीलिया होने से बचाएं, क्योंकि यह दिमाग को क्षति पहुंचा सकता है।
  • गाड़ी चलाते समय हमेशा बच्चे को हेलमेट पहनाएं।
  • हमेशा बच्चे को ज्यादा हिलाना, गिराने और मारने से बचें।
  • बच्चे को बाथटब या घर के किसी भी हिस्से मे यूं ही अकेला न छोड़े। उसे हमेशा किसी की निगरानी में ही रखें।

आप समझ ही गए होंगे कि सेरेब्रल पाल्सी आनुवंशिक कारणों के साथ ही बाद में बरती गई लापरवाही के कारण हो सकता है। एक लापरवाही जीवन भर की परेशानी बन सकती है, ऐसे में हमेशा सतर्क रहें। ऐसा नहीं है कि सेरेब्रल पाल्सी सिर्फ छोटी उम्र में ही होगा, बल्कि बड़ी उम्र में हुई मस्तिष्क क्षति के कारण भी यह हो सकता है। ऐसे में सेरेब्रल पाल्सी से बचाव सतर्कता ही है। बस तो खुद को सुरक्षित रखें और सेरेब्रल पाल्सी जैसे रोग से दूर रहें। बचपन से ही किसी को यह परेशानी है, तो वह इसके उपचार की मदद से इसमें थोड़ी राहत मिल सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सेरेब्रल पाल्सी इलाज योग्य है?

नहीं, सेरेब्रल पाल्सी का इलाज नहीं हो सकता है। हां, कुछ तरीकों से व्यक्ति की परेशानी को कुछ कम किया जा सकता है (1)।

सेरेब्रल पाल्सी कैसे होता है?

सेरेब्रल पाल्सी व्यक्ति का दिमाग पूरी तरह से विकसित न होने के कारण होता है। साथ ही मस्तिष्क में लगने वाली चोट से भी सेरेब्रल पाल्सी हो सकता है। इससे दिमाग का वह हिस्सा प्रभावित होता है, जिसमें शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने की क्षमता होती है (1)।

क्या सेरेब्रल पाल्सी के साथ सामान्य जीवन जी सकते हैं?

सेरेब्रल पाल्सी होने पर व्यक्ति को कई तरह के लक्षणों को सामना करना पड़ता है। जैसे कि चलने, बैठने में समस्या, हाथ-पैरों में कमजोरी, इससे व्यक्ति का जीवन प्रभावित होता है। अगर व्यक्ति इन चीजों के साथ जीवन जीना सीख जाए, तो वह ठीक से जीवन जी सकता है, लेकिन इसे सामान्य जीवन नहीं कहा सकता है।

क्या है सेरेब्रल पाल्सी मीनिंग इन हिंदी?

सेरेब्रल पाल्सी को हिंदी में भी यही कहा जाता है। ऐसे में सेरेब्रल पाल्सी मीनिंग इन हिंदी कुछ खास नहीं है। हां, सेरेब्रल पाल्सी इन हिंदी को इस तरह से समझा जा सकता है कि सेरेब्रल पाल्सी विकारों का समूह है, जिसका संबंध मस्तिष्क और मांसपेशियों से होता है (1)।

संदर्भ (Sources)

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Read our editorial policy to learn more.

  1. Cerebral Palsy
    https://medlineplus.gov/cerebralpalsy.html
  2. Causes and Risk Factors of Cerebral Palsy
    https://www.cdc.gov/ncbddd/cp/causes.html
  3. What are the symptoms of cerebral palsy?
    https://www.nichd.nih.gov/health/topics/cerebral-palsy/conditioninfo/symptoms
Was this article helpful?
thumbsupthumbsdown
The following two tabs change content below.
पुजा कुमारी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने वर्ष 2015 में अपने... more

ताज़े आलेख