चक्कीचलनासन योग करने का तरीका और फायदे – Chakki Chalanasana Yoga in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

आजकल लोग काम में व्यस्त रहने के कारण अपने शरीर पर ध्यान नहीं दे पाते हैं, जिससे उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानिसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अधिकतर लोग बीमार पड़ने के बाद ही अपनी सेहत की चिंता करते हैं। ऐसे में स्वस्थ रहते ही शरीर पर ध्यान देकर हेल्दी रहने के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो चिंता करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसके लिए आप चक्कीचलनासन योग कर सकते हैं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम बताएंगे कि चक्कीचलनासन क्या है। साथ ही चक्कीचलनासन योग करने के फायदे की भी जानकारी देंगे।

नीचे पढ़ें पूरी जानकारी

इस लेख की शुरुआत चक्कीचलनासन क्या है, इसकी जानकारी देते हुए कर रहे हैं।

चक्कीचलनासन योग क्या है?

चक्कीचलनासन शब्द का उदगम संस्कृत से हुआ है। यह संस्कृत के तीन शब्दों से मिलकर बना है, जिसमें चक्की का मतलब मिल, चलन यानी मंथन और आसन का मतलब मुद्रा होता है। अर्थात इस योग को करते समय शरीर की क्रिया से लगता है कि हाथों से चक्की चला रहे हैं। यही वजह है कि इस योग को चक्कीचलनासन के नाम से जाना जाता है। इस योग को अंग्रेजी में चर्निंग मिल पोज (Churning Mill Pose) भी कहा जाता है (1)। यह योग स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है, जिसकी जानकारी आगे लेख में दी जा रही है।

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आइए, अब पढ़ते हैं चक्कीचलनासन योग करने के फायदे किस प्रकार हो सकते हैं।

चक्कीचलनासन योग करने के फायदे – Benefits of Chakki Chalanasana Yoga in Hindi

चक्कीचलनासन योग के नियमित अभ्यास से स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। चक्कीचलनासन योग के लाभ क्या-क्या हो सकते हैं, नीचे विस्तार से बता रहे हैं।

1. पेट की चर्बी कम करे

चक्कीचलनासन योग करने के फायदे पेट की चर्बी को कम करने के लिए दिखाई दे सकते हैं। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन की मानें, तो रोजाना चक्कीचलनासन का अभ्यास करने से पेट वाले भाग पर असर पड़ता है। इससे पेट की चर्बी कम हो सकती है (2)।

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में भी इस बात का जिक्र मिलता है। इस रिसर्च के दौरान कुछ लोगों को 12 से 13 हफ्तों तक नियमित रूप से कुछ योग कराए गए, जिनमें चक्कीचलनासन योग भी शामिल था। अंत में योग का नियमित अभ्यास करने वालों के पेट की चर्बी में कमी देखी गई (1)।

2. मासिक धर्म के दर्द से राहत

मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को काफी दर्द का सामना करना पड़ता है (3)। इस दर्द को कम करने में चक्कीचलनासन मदद कर सकता है। एक मेडिकल रिसर्च में इस बात का जिक्र मिलता है कि चक्कीचलनासन योग के नियमित अभ्यास से महिलाओं के गर्भाशय की मांसपेशियों को टोन करने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे पीरियड के दर्द को भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है (2)। इस तरह मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से राहत के लिए चक्कीचलनासन के फायदे देखे जा सकते हैं।

3. रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए

चक्कीचलनासन योग के लाभ में से एक रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाना भी है। दरअसल, इस योग के दौरान शरीर के ऊपरी भाग को गोल-गोल घुमाना होता है। ऐसा नियमित रूप से करने पर रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ सकता है। फिलहाल, इस संबंध में अभी किसी तरह का स्पष्ट वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है।

4. तनाव से छुटकारा

चक्कीचलनासन योग करने के फायदे तनाव की समस्या में भी हो सकते हैं। एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि योग मेंटल स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकता है। इसके लिए कुछ लोगों को मोटापा कम करने के लिए 12 हफ्तों तक 11 तरह के योग कराए गए, जिनमें चक्किचालानासन भी शामिल था। इस योग से मोटापा कम होने के साथ ही मानसिक तनाव में भी कमी हुई (1)।

5. नींद संबंधी विकार

योग नींद की समस्या को दूर कर इसकी गुणवत्ता में सुधार कर सकता है (4)। दरअसल, चक्कीचलनासन योग में शरीर को आगे की तरफ झुकना और गोल-गोल घुमाना होता है (1)। इस शारीरिक गतिविधि से नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है, जिससे कि नींद संबंधी विकार दूर हो सकते हैं (6)।

6. एकाग्रता और मन का संतुलन

एकाग्रता और मन का संतुलित बनाए रखने के लिए भी योग मददगार होता है (7)। इसके लिए चक्कीचलनासन योग को भी किया जा सकता है। इस योग से मन को आराम मिलता है, जिससे कि मन को संतुलन में रखकर किसी एक काम को पूरी तरह किया जा सकता है (8)। लिहाजा, ऐसा माना जा सकता है कि चक्कीचलनासन योग करने के फायदे एकाग्रता और मन का संतुलन के लिए हो सकते हैं।

लेख में बने रहे

अब हम चक्कीचलनासन योग करने का तरीका बता रहे हैं।

चक्कीचलनासन योग करने का तरीका – How to do Chakki Chalanasana Yoga

How to do Chakki Chalanasana Yoga

किसी भी योग को करने के लाभ तभी होते हैं, जब उसे सही तरीके से किया जाए। ऐसे में चक्कीचलनासन योग को सही से करने के लिए नीचे बताई गई प्रक्रिया को अपना सकते हैं (1)।

  • सबसे पहले शांत व साफ सुथरी जगह पर योगा मैट बिछा लें। फिर उस पर दोनों पैरों को आगे की तरफ फैलाकर बैठ जाएं।
    इस समय दोनों पैरों के बीच में थोड़ी दुरी बनाकर रखें। साथ ही रीढ़ की हड्डी सीधी रहेगी व दोनों हाथों को फर्श पर सीधा रखें।
  • इसके बाद दोनों हाथों को सामने की तरफ फैलाएं और हथेलियां अपने चेहरे की ओर करें।
  • अब दोनों हाथों को करीब लाकर उंगलियों को आपस में फसा लें।
  • फिर गहरी सांस लेते हुए धड़ को आगे की तरफ करें।
  • इसके बाद आंखें बंद करें और हाथों को दाएं से बाएं की ओर गोल-गोल (एक सर्कल) में घुमाएं। साथ ही धड़ वाला हिस्सा भी गोल-गोल घूमना चाहिए।
  • इस क्रिया को पहले दाएं से बाएं ओर करें। फिर बाएं से दाएं तरफ करें।
  • इस योग की प्रक्रिया को रुक-रुककर 10 मिनट तक कर सकते हैं।

अभी जानकारी बाकी है

इस लेख के अंतिम भाग में हम चक्कीचलनासन योग से संबंधित सावधानियां बता रहे हैं।

चक्कीचलनासन योग से संबंधित सावधानियां- Precautions of Chakki Chalanasana Yoga in Hindi

चक्कीचलनासन योग को करने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। इन सावधानियों के बारे में नीचे बता रहे हैं।

  • प्रेगनेंसी के समय इस योग को डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
  • अगर किसी को उच्च रक्तचाप की समस्या है, तो वे इस योग को करने से बचें।
  • रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्या होने पर इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • पेट, कमर पीठ और हाथ की सर्जरी हुई है, तो चक्कीचलनासन योग को करने से परहेज करें।
  • अगर किसी को ज्यादा चक्कर आता है, तो वे इस योग को न करें, क्योंकि इस योग के दौरान शरीर को गोल घुमने से चक्कर आ सकता है।
  • इसे हमेशा सुबह खाली पेट ही करें। अगर कोई शाम के समय योग करने के बारे में सोच रहा है, तो वे योग करने से 3-4 घंटे पहले कुछ न खाएं।
  • योग करने के लिए साफ सुथरी और शांत जगह का चयन करें।

हर किसी को अपने शरीर की देखभाल करनी चाहिए। इसके लिए अपनी दिनचर्या से कुछ समय निकाल कर योग करना अच्छा तरीका हो सकता है। योग करने के लिए कई तरह के योगासन को किया जा सकता है, जिनमें चक्कीचलनासन योग को भी शामिल कर सकते हैं। यह सेहत पर किस तरह के लाभ पहुंचा सकता है, इसकी जानकारी लेख में ऊपर हम दे ही चुके हैं। ऐसे में इस योग को करने से पहले लेख को अच्छे से पूरा पढ़ें।

संदर्भ (Sources) :

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  1. Twelve Weeks of Yoga or Nutritional Advice for Centrally Obese Adult Females
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6107686/
  2. Conceptual study of yoga from anatomical view in female.
    https://ayurlog.com/Archive/january_march/ssac/201502S027.pdf
  3. Period pain: Overview
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK279324/
  4. Impact of long term Yoga practice on sleep quality and quality of life in the elderly
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3667430/
  5. Interrelationship between Sleep and Exercise: A Systematic Review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5385214/
  6. Yoga for health
    https://medlineplus.gov/ency/patientinstructions/000876.htm
  7. The brain on silent: mind wandering mindful awareness and states of mental tranquility
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5866730/
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अनुज जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। अनुज को प्रिंट... more

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