चमेली के तेल के फायदे और नुकसान – Jasmine oil Benefits and Side Effects in Hindi

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चमेली का जिक्र आते ही जहन में इसके फूलों की भीनी-भीनी और मीठी सुगंध मन को सराबोर करने लगती है। वहीं बात करें चमेली के तेल की, तो इसका उपयोग भी सदियों से सेहत, त्वचा और बालों से जुड़ी कई समस्याओं से राहत पाने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन आपसे अगर सवाल किया जाए कि क्या आप चमेली के तेल के सभी गुणों से वाकिफ हैं, तो शायद कई लोगों का जवाब न में होगा। यही कारण है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम चमेली तेल के फायदे और उपयोग से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां देने जा रहे हैं। ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत पाने के लिए चमेली के तेल का उपयोग कैसे किया जाए, इस बारे में आपको उचित जानकारी हासिल हो सके। साथ ही यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि चमेली का तेल लेख में बताई गई समस्याओं से राहत तो दिला सकता है, लेकिन इसे उनका उपचार नहीं कहा जा सकता है।

चमली के तेल से जुड़ी अन्य जानकारियां जानने से पहले आइए हम चमेली के तेल के फायदे के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

चमेली के तेल के फायदे – Benefits of Jasmine oil in Hindi

1. एंटीसेप्टिक

चमेली के तेल को एंटीसेप्टिक लोशन की तरह इस्तेमाल में लाया जा सकता है। कारण यह है कि इसमें एंटीबैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाले) गुण पाए जाते हैं (1)। वहीं एंटीसेप्टिक प्रभाव भी एंटीबैक्टीरियल की तरह बैक्टीरिया की सक्रियता को खत्म करने में मदद करता है (2)। इस कारण यह कहा जा सकता है कि चमेली के तेल को एंटीसेप्टिक लोशन के तौर पर इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

2. डिप्रेशन को दूर कर मन में खुशी का संचार करे

जैसा कि हम लेख में पहले ही बता चुके हैं कि मुख्य रूप से चमेली का फूल अपनी खास खुशबू के कारण ही पहचाना जाता है। यही कारण है कि चमेली के तेल में भी वह सुगंध मौजूद होती है, जिसके कारण इसे डिप्रेशन के मरीजों के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। इस संबंध में थाईलैंड विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक शोध में भी जिक्र मिलता है कि चमेली के तेल से की गई एरोमाथेरेपी डिप्रेशन के रोगियों पर सकारात्मक प्रभाव डालने के साथ-साथ उनमें खुशी के भाव का संचार भी कर सकती है। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि चमेली तेल के फायदे डिप्रेशन की समस्या में भी लाभकारी परिणाम प्रदर्शित कर सकते हैं (3)

3. ब्लड प्रेशर को करे नियंत्रित

चमेली के तेल का उपयोग ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए भी किया जा सकता है। माना जाता है कि एरोमाथेरेपी में इसके इस्तेमाल से कई जरूरी हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जो स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं। इनमें ब्लड प्रेशर को भी शामिल किया जा सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि चमेली के पौधे के एरियल पार्ट (पौधे का वह हिस्सा जो हवा में हो, जैसे फूल और पत्तियां) में एंटी-हाइपरटेंसिव (उच्च रक्तचाप को कम करने वाला) गुण पाए जाते हैं (4)। चमेली के फूलों से ही इसका तेल बनाया जाता है, तो ऐसे में यह गुण चमेली तेल में होना भी स्वाभाविक है। इस कारण यह माना जा सकता है कि मन को शांत करने के साथ ही चमेली का तेल बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकता है। फिलहाल इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

4. मेनोपॉज के लक्षणों को कम करे

चमेली तेल के फायदे मेनोपॉज के लक्षणों से राहत दिलाने में भी सहायक साबित हो सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर इससे जुड़ा एक शोध उपलब्ध है। शोध के मुताबिक मेनोपॉज यानी मासिक चक्र बंद होने की उम्र में महिलाओं में इस बदलाव के कारण दिखने वाले लक्षणों को एरोमाथेरेपी के द्वारा कुछ हद तक कम किया जा सकता है, जिनमें चमेली के तेल का नाम भी शामिल है। इस कारण यह माना जा सकता है कि मेनोपॉज की स्थिति में चिंता, तनाव, अनिद्रा और भावनाओं में बदलाव जैसे कुछ लक्षणों को दूर रखने में चमेली का तेल मददगार साबित हो सकता है (5)

5. एंटी इंफ्लेमेटरी

चमेली तेल में सीधे तौर पर एंटी इंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) गुण पाया जाता है (6)। वहीं इसकी पत्तियों के अर्क में भी यह प्रभाव मौजूद होता है (4)। इस कारण चमेली के तेल के साथ इसकी पत्तियों से बने अर्क को भी सूजन से राहत पाने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इस कारण यह कहा जा सकता है कि किसी भी तरह की शारीरिक सूजन को दूर करने में चमेली का तेल प्रभावी साबित हो सकता है।

6. मुंह के संक्रमण से बचाव

मुंह से संबंधित कई संक्रमण मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों के बचे अवशेष के कारण पनपने वाले बैक्टीरिया की वजह से होते हैं (7)। चमेली के तेल में एंटी-बैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) गुण पाया जाता है (1)। इस कारण यह माना जा सकता है कि चमेली तेल का मुंह की सफाई के लिए इस्तेमाल मुंह के संक्रमण से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकता है। फिलहाल इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

7. त्वचा के लिए लाभकारी

त्वचा संबंधित विकारों के लिए कुछ एसेंशियल ऑयल पर किए गए एक शोध में पाया गया कि चमेली के तेल का उपयोग त्वचा के सूखेपन, अत्यधिक तैलीय त्वचा और सोराइसिस जैसे त्वचा संबंधित विकारों को दूर करने में भी लाभदायक साबित हो सकता है (8)। इस कारण यह कहा जा सकता है कि चमेली का तेल अन्य समस्याओं के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है।

8. बालों के लिए फायदेमंद

त्वचा के साथ-साथ चमेली तेल के फायदे बालों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। दरअसल, बालों के झड़ने के कई कारण होते हैं, जिनमें चिंता, तनाव और स्कैल्प पर बैक्टीरियल इन्फेक्शन भी शामिल हैं (9)। वहीं लेख में हम पहले भी बता चुके हैं कि चमेली के तेल में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा संबंधी कई समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं (8)। साथ ही यह तेल अवसाद को ठीक करने और मूड को बदलने का काम भी कर सकता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव चिंता और तनाव की स्थिति को कम करने में मदद कर सकता है (3)। इस कारण यह माना जा सकता है कि चमेली तेल से सिर की मसाज कर बाल झड़ने के इन जोखिमों को दूर रखा जा सकता है।

वहीं एक अन्य शोध में इस बात का जिक्र मिलता है चमेली के पेड़ से अलग किए गए एथेनोलिक अर्क में बालों के विकास को बढ़ावा देने की क्षमता पाई जाती है (10)। इन तथ्यों को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि चमेली का तेल न केवल बालों से जुड़ी समस्याओं में राहत पहुंचा सकता है, बल्कि यह उनके विकास को भी बढ़ावा देने का काम कर सकता है।

चमेली के तेल के फायदे जानने के बाद अब हम चमेली के तेल में मौजूद पौष्टिक तत्वों से जुड़ी जानकारी हासिल करेंगे।

चमेली के तेल के पौष्टिक तत्व – Jasmine oil Nutritional Value in Hindi

जैसा कि हम आपको लेख में पहले ही बता चुके हैं कि चमेली के तेल को इसके फूलों से तैयार किया जाता है। इसलिए, इसके पोषक तत्वों को लेकर अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। हां, इसमें मौजूद कुछ रासायनिक तत्वों का जिक्र जरूर मिलता है, जिनके कारण इसे औषधीय गुणों से समृद्ध माना गया है। तो आइए चमेली के तेल में मौजूद उन रासायनिक तत्वों पर एक नजर डाल लेते हैं (10):

  • कार्बोहाइड्रेट
  • फ्लेवोनॉयड
  • टैनिन्स और फेनोलिक यौगिक
  • ग्लाइकोसाइड
  • सैपोनिंस

लेख के अगले भाग में अब हम चमेली के तेल का उपयोग कैसे किया जाए इस बारे में भी जानकारी हासिल कर लेते हैं।

चमेली के तेल का उपयोग – How to Use Jasmine oil in Hindi

चमेली के तेल का उपयोग निम्न प्रकार से किया जा सकता है।

  • चमेली के तेल को त्वचा पर मालिश करने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
  • चमेली के तेल को सिर पर लगाने के लिए इस्तेमाल में ला सकते हैं।
  • वहीं मुंह के संक्रमण से बचाव के लिए चमेली के तेल को कुल्ला करने के लिए माउथवाश की तरह प्रयोग में ला सकते हैं।
  • वहीं आप चाहें तो रूम डिफ्यूजर में भी इसे इस्तेमाल में ला सकते हैं।

चमेली के तेल का उपयोग जानने के बाद अब हम आपको चमेली के तेल के नुकसान के बारे में बताएंगे।

चमेली के तेल के नुकसान – Side Effects of Jasmine oil in Hindi

चमेली के तेल को केवल बाहरी तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है, इसलिए इसके कोई भी ज्ञात दुष्परिणाम नहीं हैं। फिर भी इसके अधिक इस्तेमाल से बचना चाहिए, नहीं तो कुछ संभावित दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं, जो इस प्रकार हैं।

  • आरामदायक और उत्तेजक प्रभाव के कारण इसके अधिक उपयोग से बचना चाहिए (3)
  • आरामदायक और उत्तेजक प्रभाव के कारण ही प्रसव से पूर्व गर्भवती महिलाओं को इस तेल का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है। फिलहाल इस संबंध में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
  • कुछ लोगों में चमेली का तेल त्वचा संबंधित एलर्जी का कारण बन सकता है।

चमेली का तेल क्या है और इसके क्या-क्या फायदे हो सकते हैं, इस बारे में तो अब आप अच्छी तरह जान गए होंगे। साथ ही आपको इसके कुछ संभावित नुकसान से जुड़ी जानकारी भी मिल गई होगी। फिर देर किस बात की, अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य लेख में बताई गई किसी भी समस्या से पीड़ित है तो वह चमेली के तेल का उपयोग कर सकता है। बशर्ते यह ध्यान में रखना जरूरी है कि चमेली का तेल बताई गई समस्या से राहत तो दिला सकता है, लेकिन इसे किसी भी समस्या का उपचार नहीं कहा जा सकता। किसी भी रोग के पूर्ण उपचार के लिए डॉक्टरी सलाह जरूरी है। इस लेख से जुड़ा कोई अन्य सवाल या सुझाव अगर आपके मन में शेष रह गया हो तो उसे आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक पहुंचा सकते हैं।

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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