आंखों से चश्मा हटाने के लिए योग – Chashma Hatane Ke Liye Yoga in Hindi

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योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर हर कोई रोग मुक्त जीवन जी सकता है। योग के फायदे में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ ही आंखों की रोशनी को बनाए रखना भी शामिल है। अगर आंखों की कमजोरी की वजह से पावर वाला चश्मा लग जाता है, तो चश्मा हटाने के लिए योग की मदद ली जा सकती है। जी हां, स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आंखों से चश्मा हटाने के लिए योग से जुड़ी संपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।

शुरू करते हैं लेख

सबसे पहले पढ़िए कि चश्मा हटाने के लिए योग किस तरह से फायदेमंद है।

कैसे चश्मा हटाने में लाभदायक है योग मुद्रा?

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए योगासन फायदेमंद हो सकते हैं। इस बात का जिक्र एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) पर प्रकाशित शोध में भी है। इस अध्ययन के मुताबिक, योग करने पर आंखों की थकान और आंखों में होने वाली असुविधा कम हो सकती है (1)। अन्य वैज्ञानिक रिसर्च में दिया है कि योग की रिलेक्सेशन तकनीक से आंखों की रोशनी की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है (2)। यही नहीं, आंखों और उसके आसपास के हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर भी योगासन दृष्टि सुधार कर सकते हैं (3)। इन तथ्यों के आधार पर योग मुद्रा व योगासन को चश्मा हटाने के लिए लाभदायक माना जाता है।

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अब हम आंखों से चश्मा हटाने के लिए योग की जानकारी दे रहे हैं।

चश्मा हटाने के योग – Yoga for Eyes to Remove Glasses in Hindi

चश्मा हटाने के लिए योग का सहारा लेना चाह रहे हैं, तो आगे विस्तार से इस बारे में जानिए। यह हम आंखों की रोशनी बढ़ाने वाले योगासन के नाम और उसे करने का तरीका बता रहे हैं। 

1. शीर्षासन

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शीर्षासन संस्कृत के दो शब्द शीर्ष और आसन से मिलकर बना है, जिसका अर्थ सिर के सहारे योग करना है। इस योग में व्यक्ति को सिर के बल खड़ा होना होता है, इसलिए इसे कठिन योग माना जाता है। एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, शीर्षासन करने से आंखों के रक्त संचार में सुधार हो सकता है। शोध में यह भी बताया गया है कि इस योग से ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का प्रवाह बढ़ता है, जिसका सीधा फायदा आंखों को मिल सकता है (3)

योग करने की विधि: 

  • शीर्षासन करने के लिए पहले योगा मैट बिछाकर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • अब अपने दोनों हाथों की उंगलियों को एक दूसरे में फंसा लें और सामने की ओर झुकते हुए हाथों को जमीन पर रख दें।
  • फिर अपने सिर को झुकाकर दोनों हाथों के मध्य में रखते हुए जमीन पर टिका दें।
  • इसके बाद दोनों पैरों को एक साथ धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं और पैरों को सीधा कर लें।
  • इस मुद्रा में पूरा शरीर सिर के बल सीधा होना चाहिए।
  • अपने शरीर का संतुलन कोहनियों से सहारा लेकर बनाए रखें।
  • अब अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ी देर के लिए इसी अवस्था में रहें।
  • इस दौरान नियमित रूप से सांस लेते और छोड़ते रहें।
  • इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे पैरों को नीचे लाएं और शुरुआती मुद्रा में आ जाएं।
  • शुरूआती अभ्यासक इस योगासन के दो से तीन चक्र विशेषज्ञ की निगरानी में कर सकते हैं।

सावधानियां : 

  • सिर, गर्दन, कंधे, भुजाओं या पीठ में दर्द रहने वालों को यह योगासन करने से बचना चाहिए।
  • उच्च रक्तचाप के मरीज इस योगासन को करने से बचें।
  • 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को यह योगासन करने से बचना चाहिए।
  • गर्भावस्था के दौरान भी शिर्षासन न करें।

2. सर्वांगासन

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आंखों से चश्मा हटाने के लिए योग की सूची में सर्वांगासन का भी नाम शामिल है। इससे जुड़े एक मेडिकल रिसर्च में दिया है कि सर्वांगासन आंखों की दृष्टि के लिए बेहतर हो सकता है। शोध की मानें, तो यह योगासन ईएनटी एरिया यानी आंख, कान और नाक वाले हिस्से में रक्त संचार को बेहतर करके आंखों की रोशनी को बढ़ा सकता है (3)

योग करने की विधि: 

  • सर्वांगासन करने के लिए सबसे पहले चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं। इस समय दोनों हाथों को शरीर से लगाकर सीधा रखें।
  • अब दोनों पैरों के एक साथ, हिप्स और कमर को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठाएं।
  • दोनों हाथों से कमर को सपोर्ट देते हुए कोहनियों को जमीन पर टिका दें।
  • ध्यान दें कि दोनों पैर आपस में सटे हुए व सीधे हों।
  • इस दौरान शरीर का वजन कोहनियों, कंधों व सिर पर होगा। वहीं, ठुड्डी छाती को छू रही होगी।
  • कुछ सेकंड के लिए इसी अवस्था में रहें और सांस लेने व छोड़ने की क्रिया को सामान्य रखें।
  • इसके बाद पैर, नितंब और कमर को धीरे धीरे नीचे लाते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
  • इस आसन को शुरुआत में दो से तीन बार किया जा सकता है।

सावधानियां : 

  • गर्भावस्था में यह योगासन न करें।
  • गंभीर हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को यह आसन नहीं करना चाहिए।
  • अगर गर्दन में दर्द है, तो यह योगासन न करें।

3. अनुलोम-विलोम

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चश्मा हटाने के योग में अनुलोम-विलोम को भी शामिल किया जा सकता है। एक वैज्ञानिक रिसर्च के दौरान कुछ स्कूल की लड़कियों को आंखों की रोशनी में सुधार करने के लिए योग कराया गया। उन योग में से एक अनुलोम विलोम भी था। शोध के आखिर में बताया गया है कि नियमित रूप से योग करने से आंखों की रोशनी में सुधार हो सकता है (4)

योग करने की विधि: 

  • अनुलोम-विलोम करने के लिए सबसे पहले एक साफ जगह पर योग मैट बिछाकर पद्मासन या सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • अगर किसी को जमीन में बैठने में परेशानी हो रही है, तो वे कुर्सी पर सीधा बैठ सकते हैं।
  • इस योग के लिए दाएं हाथ के अंगूठे और मध्य उंगली का इस्तेमाल करें।
  • इस समय पूरा शरीर सीधा होगा और फिर दोनों आंखें बंद।
  • अब एक से दो बार गहरी सांस लेकर धीरे-धीरे छोड़ें और मन को शांत रखने की कोशिश करें।
  • फिर दाहिने यानी सीधे हाथ के अंगूठे से दाहिनी नासिका को बंद कर बाई नासिका से लम्बी व गहरी सांस लें।
  • सांस लेने के लिए अधिक जोर न लगाएं, अपनी क्षमता के अनुसार ही गहरी सांस लें।
  • अब अपने दाहिने हाथ की बीच वाली उंगली से बाई नासिका को दबाकर बंद करें व दाहिने नासिका से अंगूठे को हटाकर धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • करीब 10 सेकंड रुकने के बाद दाहिनी नासिका से लंबी व गहरी सांस लें।
  • इसके बाद यही प्रक्रिया दूसरी नासिका से दोहराएं।

सावधानियां : 

  • गंभीर हृदय रोग से पीड़ित इसे डॉक्टर से पूछकर ही करें।
  • गर्भवती इसे करने से पहले डॉक्टर और योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

4. हलासन

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हलासन के दौरान शरीर का आकार जमीन को जोतने वाले हल के समान दिखाई देता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, हलासन करने से दिमाग शांत रहता है और अनिद्रा दूर हो सकती है (5)। दरअसल, डिप्रेशन और अनिद्रा की वजह से भी आंखों की रोशनी पर नकारात्मक असर पड़ता है (6)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि हलासन करने का सकारात्मक असर आंखों की रोशनी पर हो सकता है।

योग करने की विधि: 

  • हलासन करने के लिए सर्वप्रथम एक स्वच्छ और समतल स्थान पर चटाई बिछा लें।
  • अब चटाई पर पीठ के सहारे सीधे लेट जाएं।
  • इस वक्त दोनों हाथ शरीर से लगे हुए और हथेलियां जमीन की तरफ होंगी।
  • फिर सांस भरते हुए दोनों पैरों को एक साथ 90 डिग्री तक ऊपर उठा लें।
  • अगर किसी को पैर उठाने में कठिनाई होती है, तो वे कमर को हाथ से सपोर्ट दे सकते हैं।
  • इसके बाद सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को धीरे-धीरे सिर के ऊपर से पीछे की तरफ ले जाएं।
  • अब दोनों पैरों के अंगूठे से जमीन को छूने की कोशिश करें।
  • फिर हाथों को कमर से हटाकर पहले की तरफ जमीन पर सीधा रख दें।
  • थोड़ी देर इसी स्थिति में रहें और सामान्य रूप से सांस लें व छोड़ें।
  • अब  सांस लेते हुए शुरुआती मुद्रा में आ जाएं।
  • इस योगासन को तीन से पांच बार किया जा सकता है।

सावधानियां : 

  • दस्त या माहवारी के समय हलासन न करें।
  • गर्दन में चोट होने पर इस योग को करने से बचें।
  • प्रेगनेंसी के दौरान इस आसन को नहीं करना चाहिए।

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चलिए, चश्मा हटाने के लिए अन्य योग के बारे में जान लेते हैं।

चश्मा हटाने के लिए अन्य योग – Other Yoga For Eyes To Remove Glasses In Hindi

ऊपर बताए गए योग के अलावा आंखों से चश्मा हटाने के लिए अन्य योग भी किए जा सकते हैं। उन योग के बारे में हम नीचे जानकारी दे रहे हैं।  

1. पलकें झपकाना

आंखों से चश्मा हटाने के लिए अन्य योग में पलकें झपकाना भी शामिल है। पलकें झपकने का व्यायाम करने से आंखों की मांसपेशियों को आराम मिल सकता है। साथ ही आंखों का स्ट्रेस भी कम होता है। इन सबके कारण आंखों का स्वास्थ्य और रोशनी दोनों ही बेहतर हो सकती हैं (1)। इसी वजह से चश्मा हटाने के लिए पलकें झपकाने वाली एक्सरसाइज को अच्छा माना जाता है।

इसे करने का तरीका:

  • सर्वप्रथम चटाई बिछाकर सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • इस समय दोनों आंखों को खुला रखें और पलकें झपकाने की प्रक्रिया को सामान्य रखें।
  • अब लंबी और गहरी सांस लें। इसके तुरंत बाद करीब 5 से 10 सेकंड तक जल्दी-जल्दी पलकें झपकाएं।
  • फिर दोनों आंखों को लगभग 10 सेकंड तक बंद रखें और सांस लेते व छोड़ते रहें।
  • कुछ सेकंड रुककर इस प्रक्रिया को चार से पांच बार दोहरा सकते हैं।

2. हथेलियों को रगड़ना

इस क्रिया में हाथों को रगड़कर गर्म किया जाता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, इससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है और उन्हें पुनर्जीवित भी किया जा सकता है। साथ ही  एक्वेस ह्यूमर (आंखों में मौजूद तरल पदार्थ) के संचार को उत्तेजित करने में मदद मिल सकती है। इससे आंखों से जुड़ी समस्याएं कम हो सकती हैं और आंखों की रोशनी पर सकारात्मक प्रभाव नजर आ सकता है (1)

इसे करने का तरीका:

  • इसके लिए सबसे पहले योग मैट या चटाई बिछाकर सुखासन या पद्मासन की अवस्था में बैठ जाएं।
  • फिर अपनी दोनों आंखें बंद कर एक लंबी और गहरी सांस लें और धीरे-धीरे उसे छोड़ें।
  • अब अपनी दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ें।
  • जैसे ही हथेलियां गर्म हो जाएं, उन्हें बंद आंखों के ऊपर पर रख दें।
  • इस दौरान हथेलियों की गर्मी आंखों तक पहुंचती है।
  • थोड़ी देर के लिए हाथों को पलकों के ऊपर ही रहने दें।
  • उसके बाद फिर से हथेलियों को रगड़कर पलकों के ऊपर रख सकते हैं।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना एक से दो मिनट तक दोहराया जा सकता है।

3. आंखों को गोल-गोल घुमाना

चश्मा हटाने के योग में आई रोटेशन एक्सरसाइज को भी शामिल किया जा सकता है। इस एक्सरसाइज में दोनों आंखों को एक साथ गोल-गोल घुमाया जाता है। इससे आंखों के आसपास की मांसपेशियों में संतुलन बनाए रखने और आईबॉल्स की गतिविधि में सुधार करने में मदद मिल सकती है (1)

इसे करने का तरीका:

  • इसे करने के लिए सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • अब अपनी दोनों आंखों को करीब 5 सेकंड के लिए बंद कर लें और फिर एक बार लंबी व गहरी सांस लेते हुए आंखें खोलें।
  • फिर दोनों आंखों को निरंतर घड़ी की सुई की तरह बाएं से दाएं गोल-गोल घुमाएं।
  • एक बार में कम से कम 5 राउंड घुमाएं और आंखों को बंद कर 10 सेकंड का विराम लें।
  • फिर आंखें खोलें व एंटी क्लॉक वाइज यानी दाएं से बाएं गोल-गोल घुमाएं।
  • इस पूरी प्रक्रिया को रुक-रुककर तीन से चार बार कर सकते हैं।

4. सामने से दाएं-बाएं देखना

आंखों से चश्मा हटाने के लिए योग में इसे भी शामिल किया जा सकता है। इस योग को करने से तनावग्रस्त मांसपेशियों का तनाव कम हो सकता है, जिससे कि आंखों की रोशनी से जुड़ी क्षति को रोका जा सकता है। इसका सकारात्मक असर आंखों की रोशनी में नजर आ सकता है (1)

इसे करने का तरीका:

  • एक साफ जगह पर चटाई बिछाकर पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • इसके बाद अपने दाएं हाथ से मुट्ठी बांधकर हाथ को सीधे कंधे के सीध में ले आएं। फिर अंगूठे को खोलकर ऊपर की ओर उठाएं जैसे थम्स अप करते हैं।
  • फिर आंखें अंगूठे के ऊपरी हिस्से पर टिकाएं।
  • अब लंबी सांस लें और धीरे-धीरे उसे छोड़ें।
  • फिर हाथ को बाएं तरफ ले जाएं व नजरें अंगूठे पर ही बनाए रखें।
  • इस दौरान सिर्फ आंखों अंगूठे के साथ घूमेंगी। सिर स्थिर रहेगा। उसे बिल्कुल भी न घुमाएंं।
  • इसके बाद हाथ को पुनः सामने ले जाएं और नीचे कर लें।
  • अब इस प्रक्रिया को दाएं हाथ के साथ दाईं तरफ से दोहराएं।
  • इस प्रक्रिया के 5 से 8 चक्र कर सकते हैं।
  • अंत में आंखों को बंद करके कुछ देर सांस लें और छोड़ें।

5. पास और दूर देखना

चश्मा हटाने के लिए अन्य योग में पास और दूर देखना भी शामिल है। इस योग क्रिया के नियमित अभ्यास से ध्यान केंद्रित करने वाली आंखों की मांसपेशियों में सुधार हो सकता है। इससे कि आंखों की रोशनी को बेहतर करने में भी मदद मिल सकती है (1)

इसे करने का तरीका:

  • सबसे पहले योग मैट में आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं और अपने बाएं हाथ के अंगूठे को आंखों के आगे रखें।
  • इस प्रक्रिया में पहले अंगूठा आंखों के पास होगा और फिर धीरे-धीरे उसे आंखों से दूर ले जाएं।
  • इस क्रिया के दौरान निगाहें अंगूठे पर ही टिकाएं रखें।
  • यह व्यायाम विराम ले लेकर 5 से 10 बार कर सकते हैं।

6. ऊपर से नीचे की ओर देखना

एक मेडिकल रिसर्च की मानें, तो ऊपर-नीचे देखने से आईबॉल्स की ऊपरी और निचली मांसपेशियों को बेहतर किया जा सकता है। इससे आंखों की रोशनी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है, इसलिए इसे चश्मा हटाने के योग व एक्सरसाइज का दर्जा दिया जा सकता है (1)

इसे करने का तरीका:

  • सबसे पहले योग मैट बिछाकर उस पर बैठ जाएं।
  • फिर एक हाथ की मुट्ठी बांधकर अंगूठा ऊपर कर लें।
  • अब अंगूठे को आंखों के सीधे सामने ले आए और उस पर निगाहें बनाए रखें।
  • इसके बाद धीरे-धीरे करके अंगूठे को पहले नीचे और फिर ऊपर करें। ऐसा करते समय नजरें अंगूठे पर ही रखें।
  • इस क्रिया को रुक-रुककर 5 से 10 बार कर सकते हैं।
  • इसे करने के बाद आंखों को कुछ देर बंद करके सांस लेते और छोड़ते रहें।

आंखें, मनुष्य के जीवन का अनमोल हिस्सा हैं। इनकी अनदेखी करने से इससे जुड़ी परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती ही चली जाती है। ऐसे में वक्त रहते इसपर ध्यान देने से आंखों को बीमारियों और रोशनी कम होने से बचाया जा सकता है। इसके लिए लेख में बताए गए योगासन और एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें। इससे आंखों पर चश्मा लगाने की स्थिति से बचाव हो सकता है और आंखें स्वस्थ रहती हैं।

पूछे जाने वाले सवाल

क्या योग चश्मा हटाने में मदद कर सकता है?

हां, योग चश्मा हटाने में मदद कर सकता है। दरअसल, योग के माध्यम से आंखों का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे आंखों की रोशनी की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है (3)

क्या चश्मे को प्राकृतिक रूप से हटाया जा सकता है?

हां, प्राकृतिक रूप से चश्मा हटाया जा सकता है। इसके लिए शीर्षासन, सर्वांगासन, अनुलोम-विलोम और हलासन के साथ ही लेख में दिए अन्य योग कर सकते हैं।

कौन से व्यायाम से चश्मे से छुटकारा मिल सकता है?

चश्मे से छुटकारा पाने के लिए व्यायाम के रूप में पलकें झपकाना, हथेलियों को रगड़ना, आंखों को गोल-गोल घुमाना जैसे व्यायाम किए जा सकते हैं।

संदर्भ (Sources)

  1. Effects of yogic eye exercises on eye fatigue in undergraduate nursing students
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4932063/
  2. A clinical study to evaluate the efficacy of Trataka Yoga Kriya and eye exercises (non-pharmocological methods) in the management of Timira (Ammetropia and Presbyopia)
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3665208/
  3. physio-anatomical exploration of shirshasana and its benefits in the body
    https://www.ijsdr.org/papers/IJSDR1910021.pdf
  4. Assessment of Effectiveness of Trataka Exercise on Vision and Aesthenopia among Student Nurses with Refractive Error
    https://www.ijhsr.org/IJHSR_Vol.7_Issue.4_April2017/48.pdf
  5. Yoga as a Remedy for Anxiety and Depression
    https://ijisrt.com/wp-content/uploads/2018/11/IJISRT18OC375.pdf
  6. Relationship between Visual Impairment, Insomnia, Anxiety/Depressive Symptoms among Russian Immigrants
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4442088/
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सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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