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च्यवनप्राश के 15 फायदे, उपयोग और नुकसान – Chyawanprash Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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च्यवनप्राश के 15 फायदे, उपयोग और नुकसान – Chyawanprash Benefits, Uses and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 December 6, 2018

सर्दियां आते ही हर कोई सर्दी-खांसी से बचने के उपाय में लग जाता है। कुछ लोग इसके लिए घरेलू उपाय अपनाते हैं, ताकि ठंड से बच सकें। इन्हीं उपायों में से एक है च्यवनप्राश। शायद ही कोई होगा जिसे च्यवनप्राश के बारे में न पता हो। सर्दियों के समय च्यवनप्राश इम्युनिटी को बढ़ाने में मददगार साबित होता है। कई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बनी इस औषधि का सेवन बच्चों से लेकर बूढ़े तक करते हैं। बाजार में सर्दी और गर्मी के मौसम के लिए अलग-अलग च्यवनप्राश उपलब्ध हैं। च्यवनप्राश के कई फायदे हैं (chyawanprash ke fayde in hindi), जिनके बारे में हम इस लेख में बता रहे हैं। साथ ही च्यवनप्राश खाने की विधि के बारे में भी विस्तार से बताएंगे।

विषय सूची


च्यवनप्राश क्या है?

इससे पहले कि आप च्यवनप्राश के फायदे जानें, यह जानना ज़रूरी है कि च्यवनप्राश क्या है और कैसा होता है? च्यवनप्राश कई प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बनता है और इसका मुख्य घटक आंवला होता है। आंवले में विटामिन-सी होता है, जो कई बीमारियों से लड़ने में मददगार साबित हो सकता है (1)। च्यवनप्राश स्वाद में खट्टा-मीठा और हल्का तीखा लगता है।

च्यवनप्राश में मौजूद सामग्री – Ingredients Present in Chyawanprash in Hindi

Ingredients Present in Chyawanprash in Hindi Pinit

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अब जब आप च्यवनप्राश के बारे में जान ही गए हैं, तो यह भी जान लें कि इसमें किन-किन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल होता है। डाबर, हिमालय, पतंजलि व झंडू जैसी बड़ी कंपनियां च्यवनप्राश बनाने के लिए मशहूर हैं। वैसे तो च्यवनप्राश में 20 से ज़्यादा जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल होता है, लेकिन अलग-अलग ब्रांड के अनुसार सामग्री की मात्रा कम या ज़्यादा हो सकती है। नीचे हम कुछ मुख्य घटकों के बारे में बता रहे हैं, जो च्यवनप्राश में होते हैं।

  1. आंवला
  2. अश्वगंधा
  3. तुलसी
  4. नीम
  5. केसर
  6. पिप्पली
  7. दालचीनी
  8. इलायची
  9. ब्राह्मी
  10. घी

इनके अलावा कई और जड़ी-बूटियां च्यवनप्राश में मौजूद होती हैं।

च्यवनप्राश के फायदे – Benefits of Chyawanprash in Hindi

इस लेख में हम आगे च्यवनप्राश के फायदे बता रहे हैं।

1. पाचन शक्ति के लिए च्यवनप्राश

Chyawanprash for digestive power in Hindi Pinit

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आजकल की बदलती दिनचर्या के वजह से लोगों का ठीक ढंग से खाना-पीना नहीं हो पाता है। सही वक्त पर खाना न खाना या ज्यादा तैलीय चीजें खाने से पेट की हालत बिगड़ने लगती है। नतीजा पाचन तंत्र में समस्याएं आने लगती है और कभी-कभी तो बदलते मौसम के कारण भी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। ऐसे में कई लोगों को दवाइयां लेने की आदत हो जाती है। बार-बार दवाइयों का सेवन करने से अच्छा है कि आप कुछ घरेलू या आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं। च्यवनप्राश इन्हीं आयुर्वेदिक उपायों में से एक है। अगर आप नियमित रूप से च्यवनप्राश खाते हैं, तो च्यवनप्राश के फायदे कई हैं, इससे आपकी कमजोर पाचन शक्ति में सुधार आ सकता है (2)। इसमें मौजूद आंवला और दालचीनी पेट फूलने या पेट से संबंधित अन्य बीमारियों जैसे – कब्ज से राहत दिला सकता है।

2. सांस संबंधी परेशानियों में च्यवनप्राश

बदलते मौसम की वजह से या धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण कई लोगों को सांस संबंधी परेशानियां होने लगती है। ऐसे में च्यवनप्राश का नियमित रूप से सेवन किया जाए, तो फेफड़ों की परेशानी और श्वसन प्रणाली में काफी हद तक सुधार आ सकता है (3)।

3. कोलेस्ट्रॉल को संतुलित करता है

सही आहार न लेने से, बढ़ते वज़न के कारण और नियमित रूप से शारीरिक श्रम न करने के कारण शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है, जो आगे चलकर कई बीमारियों को न्योता देता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल के दौरे और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अगर च्यवनप्राश का सेवन किया जाए, तो खून में कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है (4)। च्यवनप्राश खाने से ब्लड प्रेशर भी संतुलित हो सकता है।

4. दिल के लिए च्यवनप्राश

Chyawanprash for the heart in Hindi Pinit

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काम के दबाव के चलते लोगों में तनाव बढ़ रहा है। साथ ही दिल की बीमारी का खतरा भी बढ़ रहा है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि अपने के दिल की सेहत पर वक़्त रहते ध्यान दिया जाए। अगर नियमित रूप से च्यवनप्राश का सेवन किया जाए, तो दिल की बीमारी का खतरा कम हो सकता है, लेकिन अभी तक इसका कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है। वैज्ञानिक इस पर अध्ययन कर रहे हैं, लेकिन इससे कोलेस्ट्रॉल जरूर कम होता है (4) और कोलेस्ट्रॉल बढ़ना भी दिल की बीमारी का एक कारण है।

5. याददाश्त तेज़ करता है च्यवनप्राश

एक उम्र के बाद कई लोगों को चीज़ें भूलने की समस्या होने लगती है, लेकिन कई बार यह समस्या कम उम्र में भी होती है। हालांकि, काम के चक्कर में लोग कई बार चीज़ें भूल जाते हैं, जोकि बहुत सामान्य बात है, लेकिन कई बार भूलने की समस्या गंभीर भी हो सकती है। ऐसे में अगर च्यवनप्राश का सेवन किया जाए, तो याददाश्त तेज़ हो सकती है। इसमें मौजूद जड़ी-बूटियां और उनके एंटी-ऑक्सीडेंट गुण मस्तिष्क को तेज़ बना सकते हैं। इससे याददाश्त तेज़ हो सकती है और किसी चीज़ में ध्यान लगाने की क्षमता को बढ़ सकती है (5) (6)।

6. खून को करता है साफ

जो संतुलित भोजन नहीं लेते, ज्यादा बाहर के तैलीय चीजें खाते हैं, व्यायाम नहीं करते, उनके शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं। इस कारण शरीर धीरे-धीरे बीमारियों की चपेट में आने लगता है और खून प्राकृतिक तरीके से साफ नहीं हो पाता है। अगर ऐसे में च्यवनप्राश का सेवन किया जाए, तो शरीर से विषैले तत्व निकल सकते हैं और खून साफ हो सकता है।

7. यौन शक्ति बढ़ाने के लिए

शायद कई लोगों को नहीं पता होगा कि च्यवनप्राश के नियमित सेवन से यौन शक्ति बढ़ सकती है। यौन संबंधी बीमारियों में भी च्यवनप्राश का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है। यहां तक कि च्यवनप्राश के सेवन से महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म यानी पीरियड्स की समस्या भी दूर हो सकती है (7)।

8. तनाव कम करता है

Chyawanprash for stress in hindi Pinit

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इस तेज रफ़्तार ज़िंदगी में लोग काम के कारण अपने ऊपर ध्यान नहीं दे पाते हैं। ऐसे में कई लोग तनाव की समस्या भी झेलते हैं। तनाव को कम करने के लिए व्यायाम व ध्यान लगाना तो ज़रूरी है ही, लेकिन खान-पान में सुधार लाना भी ज़रूरी है। आप अपने खान-पान में सुधार लाने के साथ-साथ रोज च्यवनप्राश खाने की आदत डालें। इससे काफी हद तक तनाव कम हो सकता है (8)।

9. यूरिन इंफेक्शन यानी मूत्र संक्रमण

पानी कम पीने से या अन्य कई कारणों से कई लोगों को यूरिन इन्फेक्शन की समस्या होती है। ऐसे में अगर च्यवनप्राश का सेवन किया जाए, तो इस परेशानी से बचा जा सकता है। हालांकि, वैज्ञानिक तौर पर अभी तक इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन इसकी पौराणिक मान्यता जरूर है।

10. त्वचा के लिए च्यवनप्राश

बदलते मौसम, धुल-मिट्टी, प्रदूषण और कई अन्य कारणों से त्वचा रूखी और बेजान होने लगती है। कई बार तो सूरज की हानिकारक किरणों और तरह-तरह की क्रीम लगाने के कारण त्वचा पर वक़्त से पहले झुर्रियां पड़ने लगती हैं। ऐसे में च्यवनप्राश लाभकारी साबित हो सकता है। च्यवनप्राश खाने से त्वचा स्वस्थ होगी और सूरज की हानिकारक किरणों से होने वाली क्षति से भी त्वचा का बचाव हो सकता है (9) (10)। इसमें मौजूद केसर त्वचा की रंगत में भी निखार ला सकता है।

11. मौसमी संक्रमण

जब मौसम बदलता है, तो कई तरह की बीमारियां और संक्रमण होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इस दौरान हवा में कई तरह बैक्टीरिया होते हैं, जो मनुष्य को बीमार बना सकते हैं। कई लोग बदलते मौसम के कारण बहुत जल्दी बीमार हो जाते हैं। ऐसे में अगर च्यवनप्राश का सेवन किया जाए, तो यह शरीर को संक्रमण और बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम बना सकता है।

12. वज़न कम करने के लिए

Chyawanprash To reduce weight in Hindi Pinit

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गलत खान-पान, नियमित व्यायाम न करने से और कई अन्य कारणों से कब आपका वज़न बढ़ने लगता है पता ही नहीं चलता है। ऐसे में अगर आप च्यवनप्राश का सेवन करते हो, तो कुछ हद तक वज़न कम हो सकता है।

13. इम्युनिटी बढ़ाता है च्यवनप्राश

कई लोगों की इम्युनिटी यानी प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर होती है और वो बहुत जल्दी बीमार हो जाते हैं। ऐसे लोग अगर थोड़ा-थोड़ा च्यवनप्राश खाएं, तो उनके शरीर में इम्युनिटी सही रहती है। च्यवनप्राश इम्युनिटी को बढ़ाने और उसमें सुधार लाने का काम करता है (11) ।

14. बाल और नाखून के लिए

बालों की खूबसूरती की चाह लगभग हर किसी को होती है। हालांकि, बढ़ते प्रदूषण और तरह-तरह के शैंपू व कई तरह के केमिकल युक्त उत्पादों के वजह से बाल खराब होने लगते हैं और वक़्त से पहले सफ़ेद होने लगते हैं। अगर ऐसे में च्यवनप्राश का सेवन किया जाए, तो न सिर्फ बाल स्वस्थ हो सकते हैं, बल्कि नाखून भी स्वस्थ हो सकते हैं।

15. सर्दी-खांसी में च्यवनप्राश

Chyawanprash for cough in Hindi Pinit

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अचानक बदलते मौसम या कई अन्य कारणों से कई लोगों को सर्दी-खांसी की शिकायत ज़्यादा होती है और उन्हें ठंड बहुत जल्द लग जाती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि उनकी इम्युनिटी पावर कमज़ोर होती है। अगर ऐसे लोग च्यवनप्राश का सेवन करें, तो सर्दी-खांसी की परेशानी से बचा जा सकता है (11) (12)। च्यवनप्राश में कुछ ऐसी जड़ी-बूटियां होती हैं और विटामिन-सी होता है, जो शरीर को वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण से बचा सकता है।

च्यवनप्राश का सेवन कैसे करें – How to Use Chyawanprash in Hindi

How to Use Chyawanprash in Hindi Pinit

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च्यवनप्राश के लाभ तो आप जान ही गए हैं, अब ज़रूरी है च्यवनप्राश खाने की विधि जानना। नीचे हम च्यवनप्राश खाने का सही वक़्त और इसे खाने की मात्रा आपको बता रहे हैं।

  1. च्यवनप्राश हर मौसम में फायदेमंद होता है और आप इसे साल भर खा सकते हैं, लेकिन इसे सर्दियों में खाने से ज़्यादा फायदा होता है।
  1. च्यवनप्राश सुबह के वक़्त खाली पेट खाना ज़्यादा फायदेमंद होता है।
  1. इसका सेवन आप दूध के साथ भी कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि च्यवनप्राश खाने के तुरंत बाद कोई भी मसालेदार चीज़ न खाएं, बल्कि करीब आधे घंटे बाद ही कुछ खाएं।
  1. हर रोज एक या दो चम्मच च्यवनप्राश खा सकते हैं।
  1. छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं व डायबिटीज के मरीज च्यवनप्राश का सेवन डॉक्टर से पूछकर करें।
  1. च्यवनप्राश की तासीर गर्म होती है, इसलिए अगर मुंह में छाले हो गए हैं, तो इसका सेवन न करें।
  1. च्यवनप्राश आप रोटी पर लगाकर भी खा सकते हैं।
  1. अगर आप संवेदनशील हैं और आपको किसी भी चीज़ से जल्दी एलर्जी होती है या आप कोई दवाई ले रहे हैं, तो च्यवनप्राश खाने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह ज़रूर कर लें।

च्यवनप्राश के नुकसान – Side Effects of Chyawanprash in Hindi

हर चीज़ के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। वहीं, किसी भी चीज़ का अगर ज़रूरत से ज़्यादा सेवन किया जाए, तो उससे भी नुकसान हो सकते हैं। अगर आप सोचते हैं कि ज़्यादा च्यवनप्राश खाने से आपको ज्यादा फायदा होगा, तो आप गलत हैं। नीचे हम च्यवनप्राश के कुछ नुकसान भी आपको बता रहे हैं।

  1. च्यवनप्राश ज्यादा खाने से पेट खराब हो सकता है।
  1. च्यवनप्राश की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्मियों में इसके सेवन से पेट में जलन व अपच जैसी अन्य परेशानियां हो सकती है। हालांकि, आजकल गर्मियों के लिए बाजार में अलग च्यवनप्राश मिलता है, फिर भी इसका सेवन आप एक सीमित मात्रा में ही करें।
  1. डायबिटीज के मरीजों को च्यवनप्राश नहीं खाना चाहिए।

आशा करते हैं कि च्यवनप्राश खाने के फायदे (chyawanprash benefits in hindi) जानने के बाद इस सर्दी के मौसम में आप च्यवनप्राश को अपने डेली रूटीन में ज़रूर शामिल करेंगे। च्यवनप्राश के सेवन के बाद होने वाले फायदों के अनुभव आप हमारे साथ कमेंट बॉक्स में शेयर करना न भूलें।

अच्छा खाएं, स्वस्थ रहें, हैप्पी विंटर !

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