कोको बटर के 12 फायदे और नुकसान – Cocoa Butter Benefits and Side Effects in Hindi

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कोको बटर का नाम आते ही, इससे बनने वाले सौंदर्य व खाद्य पदार्थों का जिक्र जरूर किया जाता है। हो भी क्यों न, इसके औषधीय गुण इतने लाभकारी जो हैं। यही कारण है कि कोको बटर का उपयोग सौंदर्य प्रसाधन के रूप में सदियों से किया जा रहा है, लेकिन हम बता दें कि कोको बटर त्वचा के साथ-साथ सेहत के लिए भी कई तरीके से फायदेमंद हो सकता है, जिसकी विस्तारपूर्वक जानकारी हम स्टाइलक्रेज के इस लेख में दे रहे हैं। इस लेख में हम कोको बटर के विभिन्न फायदे, उपयोग और इससे जुड़े कुछ संभावित नुकसानों को बता रहे हैं। पूरी जानकारी के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

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आइये, सबसे पहले आपको बता दें कि कोको बटर क्‍या है।  

कोको बटर क्‍या है – What is Cocoa Butter in Hindi

कोको बटर एक प्रकार का बटर है, जिसे थियोब्रोमा कोको के पेड़ृ पर होने वाले कोको बीज से निकाला जाता है। वास्तविकता में यह कोको बीज का फैट होता है। इन बीजों को पकाने के बाद, दबा कर इनमें से कोको बटर निकाला जाता है। रंग में यह हल्का पीला, मीठी खुशबू और स्वाद में लगभग चॉकलेट जैसा होता है। कोको बटर का उपयोग चॉकलेट और अन्य मीठे खाद्य पदार्थ जैसे बेकरी उत्पाद बनाने में किया जाता है (1)। कोको बटर के फायदे की वजह से इसका उपयोग कई ब्यूटी उत्पाद में भी किया जाता है (2)। इसमें ऐसे कई गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। उन सभी गुणों के बारे हम आपको लेख के अगले भाग में बताएंगे।

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यह जानने के बाद कि कोको बटर क्‍या है, आगे जानिए कोको बटर के फायदे।

कोको बटर के फायदे – Benefits of Cocoa Butter in Hindi

कोको बटर में पाए जाने वाले औषधीय गुण इसे सेहत के लिए कई प्रकार से फायेदमंद बनाते हैं। नीचे जानिए यह विभिन्न शारीरिक समस्याओं में किस प्रकार मददगार हो सकता है। वहीं, इस बात का ध्यान रखें कि कोको बटर किसी भी समस्या का इलाज नहीं है। इसका उपयोग समस्या के प्रभाव को कम करने में कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है। अब पढ़े आगे :

1. स्किन एलर्जी

कोको बटर का उपयोग स्किन एलर्जी में के लिए किया जा सकता है। स्किन एलर्जी में त्वचा पर लाल चकत्ते, रैशेज, खुजली और सूजन होने लगती है। इससे राहत पाने में कोको बटर का उपयोग लाभकारी साबित हो सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार कोको बटर 50 प्रतिशत से ज्यादा स्किप्रोटेक्टिव प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है। ऐसे में हम मान सकते हैं कि यह त्वचा की एलर्जी को कम करने में मददगार हो सकता है (3)। वहीं, इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा की सूजन को कम करने में फायदेमंद हो सकता है, जो कि स्किन एलर्जी के लक्षण में से एक है (2)

2. स्किन बर्न के लिए

कोको बटर के फायदे में त्वचा को स्किन बर्न से राहत दिलाना भी है। इसका उपयोग सनबर्न या अन्य किसी वजह से जली त्वचा को ठीक करने में किया जाता है (4)। कोको बटर में फाेटोप्रोटेक्टिव गुण पाया जाता है, जो सनबर्न से बचाव और उसके प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही इसमें हीलिंग प्रभाव होता है, जो त्वचा के जलने के कारण होने वाले घाव को भरने में मददगार हो सकता है (2)

3. टैटू के घाव

माना जाता है कि जिस प्रकार कोको बटर का उपयोग जली हुई त्वचा के घाव को भरने में किया जा सकता है, उसी तरह इसका प्रयोग टैटू के घाव को भरने में भी किया जा सकता है। फिलहाल, इस संबंध में कोई वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है। इसलिए, अगर आप टैटू के कारण हुए घाव पर कोको बटर लगा रहे हैं, तो एक बार विशेषज्ञ से परामर्श जरूर कर लें।

4. शेविंग क्रीम की तरह

कई शेविंग क्रीम ब्रांड्स अपने उत्पादों में कोको बटर का उपयोग करते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि कोको बटर में मॉइस्चराइजिंग प्रभाव पाया जाता है (5)। इसकी इसी खूबी की वजह से माना जाता है कि यह शेविंग क्रीम के रूप में दाढ़ी में नमी पहुंचाने का काम कर सकता है, जिससे शेव करने में आसानी हो सकती है। यहां हम स्पष्ट कर दें कि कोको बटर के इस गुण के संबंध में अभी कोई वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है।

5. एक्जिमा के लिए

एक्जिमा त्वचा से जुड़ी सूजन की समस्या है। एक्जिमा की समस्या में भी कोको बटर का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार कोको बटर में स्किन प्रोटेक्टिव प्रभाव पाया जाता है, जो एक्जिमा के कारण होने वाली त्वचा की जलन और खुजली से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (3)

6. एजिंग के लक्षण कम करे

उम्र बढ़ने के कारण त्वचा पर दिखाई देने वाले एजिंग के लक्षणों को कोको बटर की सहायता से कम किया जा सकता है। इससे जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि कोको में मौजूद पॉलीफेनोल्स एंटी-एजिंग प्रभाव प्रदर्शित कर सकते हैं। दरअसल, सूर्य की हानिकारक यूवी किरणें एजिंग का मुख्य कारण मानी गई हैं। शोध में आगे कहा गया है कि ये यूवी किरणें फ्री रेडिकल्स के उत्पादन को बढ़ाकर स्किन डिजनरेशन यानी त्वचा की टिश्यू को नुकसान पहुंचाने का काम कर सकती हैं। ऐसे में कोको बटर का सेवन और टॉपिकल इस्तेमाल फोटोप्रोटेक्टिव प्रभाव दिखा सकता है, जिससे यूवी किरणों की वजह से होने वाली एजिंग की समस्या और लक्षण जैसे झुर्रियों से बचाव हो सकता है (2)। इसके अलावा, कोको में मौजूद पॉलीफेनोल्स त्वचा की लोच बढ़ाने में भी लाभदायक माने गए हैं (6)। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि कोको बटर का इस्तेमाल एजिंग के लक्षणों को कम करने में फायदेमंद हो सकता है।

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7. अंडर आई क्रीम

बढ़ती उम्र के लक्षण जैसे झुरियां और महीन रेखाएं आंखों के नीचे भी दिख सकती हैं। ऐसे में एंटी एजिंग क्रीम की तरह कोको बटर का उपयोग अंडर आई क्रीम की तरह भी किया जा सकता है (2)। दरअसल, इसमें विटामिन-ई मौजूद होता है, जो एंटी-एजिंग प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है (7) (8)

8. स्ट्रेच मार्क्स

कोको बटर के फायदे स्ट्रेच मार्क्स की समस्या कम करने में मदद कर सकते हैं। कोको बटर त्वचा की इलास्टिसिटी (लोच) और नमी को बढ़ा सकता है, जिससे स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद मिल सकती है (9)। फिलहाल, इस संबंध में अभी और शोध की जरूरत है।

9. फटे होठों के लिए

अगर फटे हुए होंठ हैं और उनमें नमी की कमी है, तो कोको बटर का उपयोग किया जा सकता है। कोको बटर में मॉइस्चराइजिंग प्रभाव होता है, जो त्वचा पर नमी की एक परत बनाए रख सकता है और उसे फटने या रूखा होने से बचा सकता है (5)। इसलिए, जब भी होंठ सूखें, तो उन पर थोड़ा-सा कोको बटर लगाने से फटे होठों से आराम मिल सकता है।

10. नाखूनों के लिए

कोको बटर का उपयोग नाखून की समस्या में भी लाभकारी हो सकता है। शोध के अनुसार डर्मेटोफाइट्स एक प्रकार का फंगल है, जो त्वचा के साथ ही नाखूनों की सतह पर संक्रमण का कारण बन सकता है (10)। वहीं, एक वैज्ञानिक अध्ययन से पता चला है कि काेको बटर में एंटी फंगल और एंटी डर्मेटोफाइट्स प्रभाव पाया जाता है, जो इस फंगल और इसके कारण होने वाले संक्रमण को रोकने में मददगार हो सकता है (11)

11. दांतों के लिए

दांतों की समस्या में भी कोको बटर का उपयोग किया जा सकता है। रिसर्च में पाया गया कि कोको बटर दांतों की सुरक्षा के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह दांतों को मक्खन का एक कोट देता है, जो शुगर के कारण होने वाले दांतों के नुकसान काे कम करने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही, कोको बटर कैविटी की समस्या और और दांतों के क्षय (Tooth decay) को भी रोकने में लाभदायक हो सकता है। शोध के आगे पाया गया कि कोको बटर में पाया जाने वाला थियोब्रोमाइन नामक घटक दांतों के इनेमल यानी दांतों की ऊपर परत को मजबूत कर सकता है, जिससे दांतों के नुकसान का जोखिम कम हो सकता है (12)

12. बालों के लिए

शोध में पाया गया है कि कोको बटर का उपयोग त्वचा में रक्त संचार और ऑक्सीजन के संचार को बढ़ाने में मदद कर सकता है (13)। वहीं, रक्त संचार अगर बेहतर रहता है, तो बालों की मोटाई को बढ़ने में मदद मिल सकती है (14)। साथ ही कोको बटर में मौजूद विटामिन-ई बालों को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मददगार साबित हो सकता है (7) (15)। फिलहाल, बालों पर कोको बटर सीधे तौर पर कितना लाभकारी हो सकता है, इसे लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

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कोको बटर में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी नीचे दी गई है।

कोको बटर के पौष्टिक तत्व – Cocoa Butter Nutritional Value in Hindi

कोको बटर में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व के कारण ही यह शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। नीचे हम बता रहे हैं कोको बटर में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में (7)

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
कैलोरी884 kcal
टोटल लिपिड (फैट)100 ग्राम
विटामिन-ई1.8 मिलीग्राम
विटामिन-के24.7 माइक्रोग्राम
फैटी एसिड (टोटल सैचुरेटेड)59.7 ग्राम
फैटी एसिड (टोटल मोनो अनसैचुरेटेड)32.9 ग्राम
फैटी एसिड (टोटल पॉली अनसैचुरेटेड)3 ग्राम

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आगे जानते हैं कि कोको बटर का उपयोग किस प्रकार से किया जा सकता है।

कोको बटर का उपयोग – How to Use Cocoa Butter in Hindi

कोको बटर का उपयोग कई कॉस्मेटिक और खाद्य पदार्थों में किया जाता है, जैसे (1) (2) :

  • कोको बटर का उपयोग मॉइस्चराइजर की तरह किया जा सकता है। जब भी त्वचा रूखी लगे, अपने हाथों पर थोड़ा-सा कोको बटर ले कर त्वचा पर लगा लें।
  • धूप में निकलने से पहले त्वचा पर कोको बटर लगाने से यह त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचा सकता है। इसलिए, इसका उपयोग सनस्क्रीन की तरह भी किया जा सकता है।
  • जैसा कि हमने ऊपर बताया कि यह फटे होठों के लिए भी लाभदायक है। ऐसे में, कोको बटर का उपयोग लिप बाम की तरह भी कर सकते हैं।
  • रात को सोने से पहले चेहरे पर कोको बटर से एंटी एजिंग क्रीम की तरह मसाज करें। इससे त्वचा मुलायम हो सकती है और झुर्रियां भी कम हो सकती हैं।
  • कोको बटर को पिघला कर इससे अपने स्कैल्प और बालों की मसाज कर सकते हैं।
  • कोको बटर में फैट की मात्रा अधिक होने के वजह से इसका उपयोग केक व अन्य बेकरी उत्पाद में बटर की तरह किया जा सकता है। यह खाने को बेहतर स्वाद देगा।

 मात्रा : कोको बटर को चॉकलेट के रूप में एक दिन में लगभग 30 ग्राम तक खाया जा सकता है (16)। वहीं, अपने स्वास्थ्य अनुसार इसके सेवन की सही मात्रा जानने के लिए डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

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लेख के अंत में जानिए कोको बटर के नुकसान के बारे में।

कोको बटर के नुकसान – Side Effects of Cocoa Butter in Hindi

कोको बटर के नुकसान पर अभी कोई सटीक वैज्ञानिक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। हां, अगर कोई कोको बटर का उपयोग किसी खास बीमारी या एलर्जी के लिए कर रहा है, तो उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें। इसके अलावा, कोको बटर के कुछ उत्पादों में एस्ट्रोजन हार्मोन (मादा हार्मोन) का स्तर कम करने के प्रभाव देखे गए हैं, जिसे एंटी-एस्ट्रोजेनिक प्रभाव कहा जाता है (17)। एस्ट्रोजेन हॉर्मोन महिलाओं के मासिक धर्म, गर्भावस्था और अन्य शारीरिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एंटी-एस्ट्रोजेनिक को एस्ट्रोजन ब्लॉकर भी कहा जाता है।

इसके प्रभाव के कारण महिलाओं के शरीर में मादा हॉर्मोन एस्ट्रोजेन के निर्माण में बाधा आ सकती है (18)। एस्ट्रोजेन की कमी से महिलाओं को महावारी, गर्भावस्था और अन्य शारीरिक गतिविधियों में समस्या का सामना करना पड़ सकता है (19)। इससे किशोरावस्था के दौरान भी विकास में समस्या आ सकती है (20)। अगर कोको नट्स से एलर्जी है, तो शायद कोको बटर का उपयोग नुकसानदायक हो सकता है (21)

इस लेख से यह तो स्पष्ट हो गया होगा कि कोको बटर क्‍या है और यह किस प्रकार त्वचा और बालों के लिए लाभकारी हो सकता है। वहीं, इसके इस्तेमाल के विभिन्न तरीके भी आपको मालूम हो गए होंगे। ऐसे में, अगर आप चाहें, तो अपनी जीवनशैली में इस खास प्राकृतिक उत्पाद को जगह दे सकते हैं। वहीं, इसके उपयोग की मात्रा का खास ख्याल रखें, क्योंकि अधिक मात्रा में किया गया इसका इस्तेमाल नुकसान का कारण भी बन सकता है। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार रहा होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

कोको बटर का सुरक्षित विकल्प क्या है?

कोको बटर की जगह शिया बटर का उपयोग किया जा सकता है। इसमें भी लगभग कोको बटर जैसे ही गुण पाए जाते हैं।

कोको बटर को कितने समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है?

कोको बटर से बने उत्पाद खरीदें, तो उनकी एक्सपायरी डेट देख लें और उसी के अनुसार उनका उपयोग करें। डब्बे में बंद कोको बटर अपनी एक्सपायरी डेट तक ही सुरक्षित रह सकता है।

क्या कोको बटर त्वचा को काला करता है?

नहीं, कोको बटर त्वचा को डार्क नहीं करता है (2)

क्या कोको बटर आपके चेहरे के लिए अच्छा है?

हां, कोको बटर चेहरे के लिए अच्छा माना जा सकता है। यह त्वचा की इलास्टिसिटी को बढ़ाकर एजिंग के प्रभाव को कम कर सकता है (2)

क्या कोको बटर खा सकते हैं?

सीधे तौर पर कोको बटर को नहीं खाया जा सकता है, लेकिन उन चॉकलेट का सेवन किया जा सकता है, जिनमें कोको बटर का उपयोग किया गया हो (22)

कौन-सा बेहतर है, शिया बटर या कोको बटर?

दोनों में अपने अपने गुण मौजूद होते हैं और दोनों ही अपने अपने स्थान पर फायदेमंद होते हैं। कोको बटर के जैसे ही शिया बटर का उपयोग भी कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जा सकता है।

क्या कोको बटर झुर्रियों की समस्या को कम कर सकता है?

हां, इसमें एंटीएजिंग गुण होते हैं, जो त्वचा की इलास्टिसिटी को बढ़ाकर झुर्रियों की समस्या में फायदेमंद हो सकते हैं (2)

क्या आप अपनी त्वचा पर कच्चा कोको बटर लगा सकते हैं?

हां, त्वचा पर कच्चा कोको बटर लगाया जा सकता है (2)

22 संदर्भ (Sources):

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सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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