कॉफी पीने के फायदे और नुकसान – Coffee Benefits and Side Effects in Hindi

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कॉफी सदियों से एक लोकप्रिय पेय पदार्थ है। कॉफी को अपनी अनोखी खुशबू और स्वाद के लिए पहचाना जाता है। आमतौर पर ताजगी और स्फूर्ती पाने के लिए लोग इसका सेवन करते हैं। रोजमर्रा के जीवन में कॉफी बड़े शौक से पी जाती है, इसलिए इसके फायदे और नुकसान की जानकारी होना जरूरी है। हम स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर कॉफी के फायदे और कॉफी के नुकसान के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। साथ ही इस लेख में कॉफी से जुड़ी अन्य जानकारी भी साझा की गई है। पाठक इस बात का भी ध्यान रखें कि कॉफी लेख में बताई गई किसी भी समस्या का इलाज नहीं है। यह सिर्फ समस्या से बचाव और उसके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में सहायक हो सकती है।

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आइए, सबसे पहले जानते हैं कि कॉफी क्या है?

कॉफी क्‍या है? – What is Coffee in Hindi

कॉफी को कॉफिया अरेबिका (Coffea Arabica) नाम के पेड़ पर लगने वाले फल से तैयार किया जाता है। इस पेड़ पर लगने वाली फलियों (कॉफी बीन्स) को भूनकर और पीसकर कॉफी पाउडर तैयार किया जाता है। कॉफी पाउडर से कई तरह की कॉफी बनाई जाती है, जैसे ब्लैक कॉफी, कैपेचीनो, एस्प्रेसो, लैटे और कोल्ड कॉफी। कॉफी की लोकप्रियता का पता इसी से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में इसका उत्पादन विश्व के कई देशों में किया जाता है और विश्व बाजार में इसकी मांग भी ज्यादा है। कॉफी शरीर को कई तरीके से लाभ पहुंचा सकती है, जिसका जानकारी आगे लेख में दी गई है।

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आइए जानते हैं कि कॉफी पीने के फायदे क्या हैं।

कॉफी पीने के फायदे – Benefits of Coffee in Hindi

कॉफी का सेवन करने से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं। आइए, कॉफी के फायदों को विस्तार से जानते हैं।

1. ऊर्जा का स्तर बढ़ाने में कॉफी के फायदे

कॉफी काम करने की क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि कॉफी में उत्तेजना को बढ़ाने वाला तत्व कैफीन पाया जाता है (1)। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार कॉफी का सेवन करने से अलर्टनेस यानी सतर्कता बढ़ती है। साथ ही दैनिक गतिविधियों के प्रदर्शन में सुधार भी हो सकता है (2)। साथ ही एक अन्य शोध के अनुसार, कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन कॉगनेटिव (मस्तिष्क सम्बन्धी) गतिविधियों में सुधार ला सकता है (3)। इसलिए, कहा जा सकता है कि ऊर्जा बढ़ाने में कॉफी पीने के लाभ उठाए जा सकते हैं।

2. वजन कम करने में कॉफी के फायदे

वजन करने के घरेलू उपाय के रूप में कॉफी पीने के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, इसमें मौजूद कैफीन, मेटाबॉलिज्म यानी भोजन से ऊर्जा बनने की क्रिया को बढ़ाता है। साथ ही इससे पैदा होने वाली गर्मी (Thermogenesis Effect) मोटापे को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है (4)। वहीं, एक अन्य वैज्ञानिक अध्ययन में भी जिक्र मिलता है कि कैफीन के द्वारा मेटाबॉलिज्म का बढ़ना वजन कम करने में मददगार हो सकता है (5)

3. टाइप 2 डायबिटीज में कॉफी के लाभ

कॉफी का नियमित सेवन टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम कर सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार रोजाना 4 कप कॉफी का सेवन टाइप 2 डायबिटिज के जोखिम को 30 प्रतिशत तक कम कर सकता है (6)

एक अन्य वैज्ञानिक शोध के अनुसार कॉफी पीने के फायदे ये हैं कि इसका नियमित सेवन इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार कर टाइप 2 डायबिटिज के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है। शोध में जिक्र मिलता है कि कॉफी में मौजूद तत्व जैसे क्लोरोजेनिक एसिड, क्विनिक एसिड, ट्राइगोनलाइन और लिग्नन सेकियोसोलेराइकिनसोल, ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म में सुधार कर सकते हैं। इससे ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिल सकती है (7)। हालांकि, यह शोध चूहों पर किया गया है और मनुष्य पर इसके सटीक प्रभाव जानने के लिए और शोध की आवश्यकता है।

4. पार्किसंस का जोखिम कम करे कॉफी

पार्किसंस रोग एक मस्तिष्क विकार है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। जब मस्तिष्क में पाई जाने वाली तंत्रिका कोशिकाएं डोपामाइन नामक तत्व का पर्याप्त उत्पादन नहीं करती हैं, तो व्यक्ति को चलने फिरने और संतुलन बनाने में कठिनाई होती है। यह अवस्था पार्किसंस रोग कहलाती है (8)

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार कॉफी के माध्यम से कैफीन का सेवन पार्किसंस रोग के जोखिम को कुछ हद तक कम कर सकता है, क्योंकि इसमें तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करने वाले (न्यूरोस्टिमुलेंट) और इसको सुरक्षा देने वाले (न्यूरोप्रोटेक्टिव) गुण पाए जाते हैं (9)। इसलिए, कहा जा सकता है कि केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर कैफीन सकारात्मक असर कर सकता है। इसी कारण पार्किसंस रोग से बचाव में कॉफी पीने के फायदे उठाए जा सकते हैं।

5. लिवर को सुरक्षा प्रदान करे

लंबे समय तक शराब का सेवन करने से लिवर के टिश्यू क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और लिवर में सूजन आ सकती है। इस स्थिति को अल्कोहलिक सिरोसिस कहते हैं, हालांकि यह बीमारी शराब न पीने वाले व्यक्ति को भी हो सकती है, जिसे नॉन अल्कोहलिक सिरोसिस के नाम से जाना जाता है (10)

कॉफी का सेवन दोनों प्रकार के सिरोसिस से बचाव में मदद कर सकता है। एक शोध में रोजाना 4 कप कॉफी का सेवन करने वाले व्यक्तियों में एस्पारटेट एमिनोट्रांस्फरेज (Aspartate Aminotransferase) और एलेनिन एमिनोट्रांस्फरेज (Alanine Aminotransferase) नामक एंजाइम का स्तर कम पाया गया। इन दोनों एंजाइम की बढ़ी हुई मात्रा लिवर क्षति की ओर संकेत करती है (11)। इस कारण कहा जा सकता है कि कॉफी के गुण लिवर को क्षति से बचा सकते हैं।

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6. तनाव से बचाव में कॉफी के फायदे

विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव को कम करने में कैफीन की सकारात्मक भूमिका हो सकती है, क्योंकि इसका सेवन अल्फा-एमिलेज (sAA) नामक एंजाइम में बढ़ोत्तरी कर सकता है। कैफीन का ये गुण तनाव से राहत में सहायता कर सकता है (12)। वहीं, जो महिलाएं कॉफी का नियमित सेवन करती हैं, उनके अवसाद में जाने का डर कॉफी के गुण के कारण कम हो सकता है (13)

7. अल्जाइमर और डिमेंशिया से सुरक्षा

एनआईएच (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ) की वेबसाइट के अनुसार अल्जाइमर रोग सबसे आम मानसिक बीमारी है, जिसमें धीरे-धीरे याद रखने और सोचने की क्षमता कम होती जाती है। इसके कारण डिमेंशिया नाम का मनोविकार पैदा हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को रोजमर्रा के काम करने में बाधा हो सकती है (14)

यहां कैफिन के फायदे देखे जा सकते हैं। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि कैफीन नर्व सिस्टम को उत्तेजित कर सकता है और साथ ही कॉगनेटिव (मानसिक) स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है। यही कारण है कि अल्जाइमर और डिमेंशिया से सुरक्षा में कैफीन कारगर हो सकता है। फिलहाल, इस बात की पुष्टि करने के लिए इस विषय पर अभी और शोध की जरूरत है (15)

8. स्ट्रोक से बचाव में कॉफी के फायदे

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में कोरियाई लोगों द्वारा कॉफी का अधिक मात्रा में सेवन करने से स्ट्रोक के जोखिम में सुरक्षात्मक प्रभाव दिखा है। एक शोध के अनुसार, कॉफी का नियमित सेवन कुछ हद तक उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। इन सभी स्वास्थ्य समस्याओं को स्ट्रोक का जोखिम कारक माना जाता है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि कॉफी का सेवन स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है (16 ) (17)

9. कैंसर का जोखिम कम करने में कॉफी के फायदे

एनसीबीआई की वेबसाइट पर छपी एक स्टडी के अनुसार रोजाना 2 कप कॉफी का सेवन लिवर कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और एंडोमेट्रियल कैंसर के जोखिम को क्रमशः 27%, 3% और 12% तक कम कर सकता है। वहीं, इसके विपरीत कॉफी का सेवन फेफड़ों के कैंसर के खतरे को 118% तक बढ़ा सकता है। इसलिए, कॉफी का सेवन कैंसर से बचाव में कैसे प्रभावी हो सकता है, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है। साथ ही इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है (18)। साथ ही ध्यान रहे कि कॉफी किसी भी तरीके से कैंसर का इलाज नहीं है। ऐसे में अगर कोई इस बीमारी से पीड़ित है, तो वो तुरंत अपना डॉक्टरी इलाज करवाए।

10. त्वचा के लिए कॉफी के फायदे

कॉफी में प्रमुखता से मौजूद कैफीन तत्व त्वचा के लिए लाभदायक हो सकता है। यही कारण है इसका प्रयोग कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में किया जाने लगा है।

कैफीन त्वचा में अच्छी तरह समाकर कोशिका स्तर पर काम करने में सक्षम है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि पाई जाती है। कॉफी के गुण के चलते इसका मुख्य घटक कैफीन त्वचा को अल्ट्रावायलेट रेडिएशन के हानिकारक प्रभाव से बचा सकता है, जोकि त्वचा को उम्रदराज दिखाने का बड़ा कारण होता है। इसके अलावा, कैफीन त्वचा कोशिकाओं में फैट जमने से रोक सकता है (19)

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अभी आपने जाना कि कॉफी कितनी फायदेमंद हो सकती है। आइए, जानते हैं कि कॉफी में कौन-कौन से पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

कॉफी के पौष्टिक तत्व – Coffee Nutritional Value in Hindi

कॉफी ऐसा पेय पदार्थ है, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कुछ पोषक तत्व भी रखता है। 1 कप कॉफी यानी पीने के लिए तैयार कॉफी में निम्न पोषक तत्व पाए जाते हैं (20)

पोषक तत्वमात्रा प्रति एक कप
पानी239 ग्राम
ऊर्जा2.4 कैलोरी
प्रोटीन0. 288 ग्राम
 फैट0. 048 ग्राम
कैल्शियम4.8 मिलीग्राम
पोटेशियम118 मिलीग्राम
विटामिन ई0.024 मिलीग्राम
कैफीन96 मिलीग्राम

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आइए, जानते हैं कि कॉफी का उपयोग कैसे करें।

कॉफी का उपयोग – How to Use Coffee in Hindi

कॉफी अपनी पसंद और प्राथमिकता के आधार पर कई तरीके से पी जा सकती है, लेकिन कॉफी पीने के नुकसान को भी ध्यान रखना जरूरी है, जिनका हम लेख में आगे जिक्र करेंगें। कॉफी का सेवन कितने तरीके से किया जा सकता है, यह जानने से पहले जानते हैं कि कॉफी का सेवन कब और कितनी मात्रा में करना सही है।

कॉफी का सेवन कब और कितनी मात्रा में करें?

ताजगी और ऊर्जा के लिहाज से कॉफी का सेवन सुबह के समय अच्छा हो सकता है, लेकिन इसका संतुलित सेवन दिन में कभी भी किया जा सकता है। सोने से ठीक पहले कैफीन का सेवन करना चाहिए या नहीं इस पर अभी संदेह की स्थिति बनी हुई है (21)। बेहतर होगा कि आप अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह लें।

अब बात करते हैं कि कॉफी का सेवन कितनी मात्रा में करना चाहिए, तो विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन करीब 3 कप कॉफी पी जा सकती है (22)। इससे अधिक मात्रा में कैफीन नुकसानदायक हो सकता है, जिसके बारे में हम लेख में आगे बताएंगे।

लेख में आगे जानिए कि कॉफी का सेवन कितने प्रकार से किया जा सकता है।

कॉफी का सेवन कैसे करें?

कॉफी का सेवन कई तरीके से किया जा सकता है, जैसे (23)

  • गर्म पानी में कॉफी पाउडर डालकर ब्लैक कॉफी बनाई जा सकती है।
  • इसमें दूध, क्रीम, कोको पाउडर और शुगर मिलाकर जायकेदार कॉफी बनाई जा सकती है।
  • पानी में कॉफी, शुगर और बर्फ के टुकड़े डालकर और मिक्सर में घुमाकर, कोल्ड कॉफी का आनंद उठाया जा सकता है।

लेख के अगले भाग में जानें कॉफी के नुकसान।     

कॉफी के नुकसान – Side Effects of Coffee in Hindi

एफडीए (अमेरिकन फूड और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के अनुसार कैफीन की अधिक मात्रा कुछ स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है – (23)

  • अनिद्रा (नींद न आना)
  • घबराहट
  • चिंता
  • धड़कन तेज होना
  • पेट खराब होना
  • जी मिचलाना
  • सिरदर्द
  • डिस्फोरिया (खुशी का अभाव)

इस लेख में आपने जाना कि कॉफी का सेवन सेहत पर क्या असर डाल सकता है। आशा करते हैं कि स्टाइलक्रेज का यह लेख आपको रोचक और ज्ञानवर्धक लगा होगा। अगर आप किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो कॉफी का सेवन नियमित रूप से करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। कॉफी एक शानदार पेय जरूर है, लेकिन किसी भी तरह की मिलावट से बचने के लिए हमेशा विश्वसनीय ब्रांड की कॉफी का सेवन करें। ऐसी और जानकारी के लिए आप स्टाइलक्रेज के अन्य लेख भी पढ़ सकते हैं।

23 संदर्भ

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Auli Tyagi

औली त्यागी उभरती लेखिका हैं, जिन्होंने हरिद्वार (उत्तराखंड) से पत्रकारिता और जनसंचार में एम.ए. की डिग्री हासिल की है। औली को लेखन के क्षेत्र में दो साल का अनुभव है। औली प्रतिष्ठित दैनिक अखबार और कम्युनिटी रेडियो स्टेशन से ट्रेनिंग ले चुकी हैं। औली सामाजिक मुद्दों पर लिखना पसंद करती हैं। लेखन के अलावा इन्हें वीडियो एडिटिंग और फोटोग्राफी का तकनीकी ज्ञान भी हैं। इन्हें हिंदी और उर्दू साहित्य में विशेष रुचि है।

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