कोरोना वायरस क्या है? – लक्षण, इलाज और बचने के उपाय

by

अभी पूरे देश में जिस समस्या की चर्चा हो रही है वो है कोरोना वायरस। यह वायरस लगभग 100 से भी ज्यादा देशों को अपने चपेट में ले चुका। 2 लाख से भी ज्यादा लोगों को प्रभावित करने वाला यह वायरस तेजी से अपने पांव पसार रहा है। आज विश्व का हर नागरिक इस वायरस के वैक्सीन के इंतजार में है, लेकिन इस बीच यह जानना भी जरूरी है कि आखिर इससे बचाव कैसे किया जाए। जहां, सरकार लोगों से घरों में रहने के लिए निवेदन कर रही है, वहीं कोरोना वायरस को लेकर कई तरह की अफवाहें भी जोर पकड़ रही हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हम स्टाइलक्रेज के इस खास लेख के जरिए ‘कोरोना वायरस’ के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। इस लेख में पाठकों को कोरोना वायरस क्या है, यह कैसे फैलता है, इसके लक्षण और कोरोना वायरस से बचने के उपाय जैसी जरूरी जानकारियां मिलेंगी।

नीचे पढ़ें डिटेल में

शुरुआत यह जानने से करते हैं कि कोरोना वायरस क्या है।

विषय सूची

1. कोरोना वायरस क्या है?

कोरोना वायरस विभिन्न प्रकार के वायरस का एक परिवार या समूह है, जो मनुष्यों में बीमारी का कारण बनता है। इसमें सामान्य सर्दी से लेकर गंभीर सांस संबंधी समस्याएं जैसे – मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (Middle East Respiratory Syndrome – MERS-CoV) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (Severe Acute Respiratory Syndrome-SAR-CoV) भी शामिल है।

वहीं, अगर बात करें नॉवेल 2019 कोरोनावायरस (COVID-19) की, तो यह 2019 के अंत में चीन के वुहान शहर से सामने आया। इस वायरस को अधिकारिक तौर पर सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस 2 (SARS-CoV-2) का नाम दिया गया है। इसे कोरोनो वायरस के 7वें सदस्य के रूप में पहचाना गया है, जो मनुष्यों को प्रभावित कर रहा है (1)। यह नया वायरस 90 देशों और क्षेत्रों में व्यक्ति-दर-व्यक्ति फैल रहा है, जिनमें से 80% मामले अकेले चीन में हैं। वहां, इस वायरस के कारण 3 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग इसकी चपेट में हैं (2)।

अब जानते हैं कि आखिर कहां से पैदा हुआ कोरोना वायरस। 

2. कोरोना वायरस का निर्माण कहां से हुआ?

लोगों के दिमाग में एक बात घर कर चुकी है कि कोरोना वायरस चीन से आया है, लेकिन कई लोगों को यह नहीं पता कि चीन में कोरोना वायरस कहां से आया? तो हम बता दें कि कोरोना वायरस इंसान और जानवरों दोनों में सामान्य है। हालांकि, जानवरों का एक बड़ा समूह है जो कोरोनोवायरस के स्रोत के रूप में जाने जाते हैं। उदाहरण के लिए सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SAR-CoV) सिवेट कैट (civet cats) यानी बिल्ली से और मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS-CoV) ऊंट से मनुष्यों को हो सकता है (3)। वैसे, जानवरों से उत्पन्न होने वाला कोरोना वायरस मनुष्यों को मुश्किल से ही प्रभावित करता है, लेकिन जानवरों को प्रभावित करने वाला कोरोना वायरस मनुष्यों को भी संक्रमित कर एक नए वायरस के रूप में उभरा है, जैसे नॉवेल कोरोनावायरस-2019 कहा गया है (4)।

3. कोरोना वायरस कैसे फैलता है और क्या यह संक्रामक है?

इसमें कोई शक नहीं है कि कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है। अगर बात करें इसके फैलने की, तो नीचे बताए गए तरीकों से यह आसानी से फैल सकता है (5)-

एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को
  • कोविड-19 (COVID-19) संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से स्वस्थ व्यक्ति भी इस वायरस से संक्रमित हो सकता है।
  • जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसता है या छींकता है, तो उस दौरान उसके मुंह और नाक से छोटी बूंदें निकलती हैं, जो संक्रमित व्यक्ति के पास बैठे व्यक्ति के मुंह, नाक या सांस के द्वारा अंदर प्रवेश कर उसे भी संक्रमित कर सकती हैं।
दूषित वस्तुएं

दूषित सतहों या वस्तुओं के संपर्क से भी कोरोना वायरस फैल सकता है। अगर किसी व्यक्ति ने कोरोना वायरस से दूषित वस्तु या किसी सतह को छूआ है, तो भी यह वायरस व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है।

आसान शब्दों में समझा जाए, तो अगर कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति ने किसी वस्तु को जैसे – टेबल, कुर्सी, सीढ़ियों की रेलिंग, दरवाजे की हैंडल आदि को छुआ है, तो वहां कोरोना वायरस के निशान रह सकते हैं। ऐसे में अगर उसी वस्तु को किसी स्वस्थ व्यक्ति ने छुआ और उसके बाद उसने अपने मुंह, नाक, आंख या चेहरे को हाथ लगाया, तो यह वायरस व्यक्ति के अंदर आसानी से प्रवेश कर सकता है।

इसके अलावा यह कपड़ों पर, स्मार्टफोन पर व घड़ी पर भी काफी देर तक जिंदा रह सकता है। हालांकि, यह वायरस फैलने का मुख्य तरीका नहीं है, लेकिन जोखिम कारक जरूर है।

इन सबके अलावा एक और मुख्य सवाल है जो लोगों के मन में आ सकता है वो है,

क्या कोई बीमार हुए बिना इस वायरस को फैला सकता है?

यह वायरस उन लोगों द्वारा सबसे अधिक फैलता है, जिनमें इसके लक्षण मौजूद होते हैं। हालांकि, इस नए कोरोनावायरस के साथ ऐसी खबरें भी है कि कुछ मरीजों में इसके लक्षण नजर आए बिना भी उनके संपर्क में आए लोग इससे प्रभावित हुए हैं।

क्या खाने से फैलता है यह वायरस?

कई लोग अभी बाहरी खाने, नॉनवेज व चाइनीज खाने से परहेज कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस प्रकार के खाने से भी यह वायरस फैल सकता है, लेकिन अभी तक किसी भी वैज्ञानिक शोध में यह पुष्टि नहीं हुई है कि इस प्रकार के भोजन से यह फैल सकता है। जैसा कि हमने ऊपर भी बताया कि यह संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति को हो सकता है, तो अगर किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ या उसके खाए हुए भोजन को किसी स्वस्थ व्यक्ति ने खाया, तो वो भी संक्रमित हो सकता है।

नोट : यह वायरस सिर्फ एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में ही नहीं, बल्कि एक समूह से दूसरे समूह में भी तेजी से फैल सकता है।

नीचे पढ़ें कि कितने दिन में होता है वायरस का असर।

4.  कितने दिनों में वायरस असर दिखा सकता है? (Incubation Period)

इस वायरस के संपर्क में आने के 2 से 14 दिन के अंदर इसके लक्षण सामने आ सकते हैं (6)।

स्क्रॉल करें

अब बारी है कोरोना वायरस के सबसे महत्वपूर्ण जानकारियों में से एक यानी कोरोना वायरस के लक्षण जानने की।

5. कोरोना वायरस के लक्षण क्या है?

कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि कोरोना वायरस की जांच कब करवानी चाहिए। आखिर कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं? ये लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 2-14 दिन बाद दिखाई दे सकते हैं, जो इस प्रकार हैं (7) (8) –

  • बुखार
  • खांसी
  • सांस लेने में परेशानी
  • थकान
  • अगर किसी की स्थिति बहुत गंभीर है, तो उनमें निमोनिया जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।

नोट : अभी की स्थिति के अनुसार अगर कोई अंतरराष्ट्रीय यात्रा करके लौटा है या किसी ने कहीं भी यात्रा की है, जहां के लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। इसके अलावा, किसी में भी अगर ऊपर बताए गए लक्षण नजर आए, तो बिना देर करते हुए डॉक्टरी परामर्श लें।

6. कोरोना वायरस का निदान कैसे किया जाता है?

अभी तक खासतौर पर कोरोना वायरस के लिए कोई विशेष टेस्ट किट उपलब्ध नहीं है। इसलिए, अभी इसका निदान नीचे बताए गए तरीकों से किया जा रहा है –

  • सिम्पटोमैटिक टेस्ट (symptomatic test) – इसका मतलब है कि डॉक्टर मरीज में नजर आने वाले लक्षणों, जैसे – सर्दी-जुकाम व बुखार के आधार पर इसका निदान कर रहे हैं।
  • यात्रा के आधार पर – अगर कोई कोरोना वायरस संक्रमित देश या शहर से आया है, तो उसके शरीर के तापमान की जांच कर अंदाजा लगाया जा रहा है।
  • संक्रमित व्यक्ति से संपर्क – अगर कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो, तो उसके आधार पर उसकी जांच की जा रही है।
  • ब्लड टेस्ट या बलगम की जांच – अगर किसी व्यक्ति में सर्दी-जुकाम या बुखार के लक्षण नजर आते हैं, तो उसके खून या बलगम के सैंपल को लैब में जांच के लिए भेजा जा रहा है। फिर लैब रिपोर्ट के आधार पर मरीज का इलाज निर्भर करता है।

आगे है और जानकारी

कोरोना वायरस के इलाज के साथ-साथ कोरोना वायरस से बचने के उपाय की जानकारी होना भी जरूरी है।

7. कोरोना वायरस से कैसे बचें?

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Centers For Disease Control And Prevention) के अनुसार, इस वायरस को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका इसके बचने के कुछ सामान्य, लेकिन मुख्य तरीकों का पालन करना है। ये उपाय इस प्रकार से हैं (9)-

  • कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को साबुन और पानी से धोएं। खासतौर पर खांसी के बाद, खाने से पहले, वाशरूम का उपयोग करने के बाद और जानवरों को छूने के बाद। जितनी बार हाथ धो सकते हैं उतनी बार धोएं।
  • अल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें। खासतौर पर, जिसमें कम से कम 60% अल्कोहल हो।
  • अपनी आंखों, नाक और मुंह को बाहर से आने के बाद या बार-बार छूने से बचें।
  • बाहर से आने के बाद तुरंत कपड़े बदलें और हाथ-मुंह को अच्छी तरह से धोएं।
  • पानी में एंटीसेप्टिक लिक्विड डालकर कपड़ों को धोएं।
  • संक्रमित व्यक्ति से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें।
  • सार्वजनिक समारोहों में जाने से बचें। जितना हो सके घर में रहें।
  • जब भी छींक या खांसी आए, तो टिश्यू पेपर से अपने मुंह व नाक को ढकें और तुरंत उस टिश्यू को डस्टबिन में डाल दें।
  • अपनी वस्तुओं को खासकर जिसका उपयोग लोग ज्यादा करते हैं, उन्हें साफ रखें और एंटीसेप्टिक लिक्विड से साफ करें।
  • खाना बनाने से पहले सब्जियों और मांस-मछलियों को अच्छे से धोएं और कच्चे मांस को छूने के बाद अपने हाथों को अच्छे से धोएं।
  • मांस-मछलियों के लिए अलग-अलग चॉपिंग बोर्ड और बर्तन का उपयोग करें।

8. हाथों को अच्छी तरह धोने का तरीका

सीडीसी के अनुसार, नियमित रूप से हाथ धोने से विभिन्न बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है। अच्छी तरह हाथ धोने के लिए 5 आसान टिप्स कुछ इस प्रकार है (10)-

  • सबसे पहले हाथों को पानी से गीला करें।
  • साबुन लगाने के बाद अपने हाथों को आपस में रगड़ें और हाथों की उंगलियों, हथेलियों व हाथों के पीछे के हिस्से को रगड़ें।
  • कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को स्क्रब करें।
  • फिर हाथों को अच्छे से धो लें।
  • उसके बाद गर्म पानी के साथ अच्छी तरह कुल्ला करें।
  • मुंह को अच्छे से फेसवॉश या साबुन से धोएं।
  • फिर साफ और नर्म तौलिये से मुंह और हाथों को पोंछ लें।
जरूरी जानकारी –
  • अगर किसी ने कोरोना संक्रमित देश या राज्य में यात्रा की है, तो लौटने के बाद 15 दिन तक घर में ही रहें।
  • सार्वजनिक वाहनों से यात्रा न करें।
  • अगर कोई व्यक्ति खुद में कोरोना के हल्के-फुल्के लक्षण महसूस करे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

9. उन लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए, जो कोरोना वायरस के लक्षण वाले व्यक्तियों के संपर्क में आए हों?

सीडीसी और डब्ल्यूएचओ (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति किसी कोरोना प्रभावित मरीज के संपर्क में आए है, तो उसे नीचे बताई गई सावधानियों का पालन करना चाहिए (11) (12)।

  • अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
  • शरीर में नजर आने वाले लक्षणों व स्वास्थ्य में होने वाले बदलाव पर ध्यान दें।
  • व्यक्ति को घर के अन्य सदस्यों से दूर अलग कमरे में रहना चाहिए और अगर संभव हो, तो अलग बाथरूम का उपयोग करना चाहिए।
  • जितना हो सके बाहर के किसी भी व्यक्ति को घर आने से रोकें।
  • रोगी के आसपास पालतू जानवरों को दूर रखें।
  • सफाई का पूरा ध्यान रखें।
  • फर्श व घर की अन्य चीजों को कीटाणुरहित रखें।
  • डिस्पोजेबल मास्क व दस्ताने पहनें और उपयोग के बाद उसे डस्टबिन में फेंक दें।
  • जो भी मरीज के साथ रहे, वो भी मास्क और दस्तानों का उपयोग करें।
  • मरीज के साथ घरेलू सामान साझा करने से बचें।
  • बेडशीट को नियमित रूप से बदलते रहें।

नोट : इन सभी के साथ डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह भी जरूर लें।

10. क्या कोरोना वायरस का इलाज उपलब्ध है?

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, अभी कोरोना वायरस का इलाज उपलब्ध नहीं है। कोरोना वायरस के लक्षण गंभीर रूप न लें, उसके लिए कोरोना वायरस के मरीजों की तुरंत देखभाल शुरू करनी चाहिए। अगर किसी को लगता है कि कोरोना वायरस है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

  • तुरंत उपचार के रूप में मरीज को आइसोलेशन यानी अन्य लोगों से दूर रखा जाएगा।
  • गंभीर मामलों में मरीज को वेंटीलेटर (एक मशीन जो सांस लेने में सहायता करती है) पर रखा जा सकता है।

कितने दिन में ठीक हो सकता है कोरोना वायरस, नीचे पढ़ें।

11. कोरोना वायरस से ठीक होने में कितना वक्त लग सकता है?

कोरोना वायरस से पीड़ित अधिकांश व्यक्ति 2 से 3 सप्ताह के भीतर ठीक हो सकते हैं, लेकिन यह अवधि प्रत्येक व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करती है। जिन लोगों का इम्यून पावर कमजोर है या जिन्हें कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या जैसे – मधुमेह, निमोनिया व फेफड़ों की समस्या है, तो उन्हें ठीक होने में महीनों लग सकते हैं। यहां तक कि ऐसे व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

12. क्या गर्मी से कोरोना वायरस खत्म हो सकता है?

जैसा कि ऊपर जानकारी दी गई है कि कोरोना वायरस विभिन्न चीजों पर कुछ घंटे और यहां तक कि कुछ दिनों तक जीवित रह सकता है। कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्मी के दौरान इस वायरस के जीवित रहने की अवधि कम हो सकती है, लेकिन इस बारे अभी तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि गर्मी से वायरस कैसे प्रभावित हो सकता है (13)।

13. क्या मास्क पहनने से कोरोना वायरस से बचाव हो सकता है?

जब से कोरोना वायरस की बात पूरे देश में फैली है, तब से लोगों में मास्क खरीदने की होड़ लग गई है। इसी फायदा उठाते हुए दुकानदार महंगे दामों में मास्क बेच रहे हैं, लेकिन इस खरीद-बिक्री में किसी ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया है कि मास्क कोरोना वायरस से बचाव कर सकते हैं या नहीं। सीडीसी (CDC) के अनुसार स्वस्थ लोगों को कोरोना वायरस से बचने के उपाय के लिए मास्क पहनने की सलाह नहीं दी गई है। अगर कोई व्यक्ति संक्रमित नहीं हैं, तो उसे मास्क पहनने की जरूरत नहीं है। हां, अगर किसी को संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करनी है, तो ही मास्क पहनने की जरूरत है। फेस मास्क पहनने की जरूरत सिर्फ संक्रमित व्यक्ति को है, ताकि स्वस्थ व्यक्ति इस संक्रमण से बच सके। फेस मास्क का उद्देश्य है कि दूसरों को इस बीमारी से बचाना है।

अभी है और जानकारी

14. मास्क लगाने का सही तरीका क्या है? 

  • मास्क लगाने से पहले अपने हाथों को अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर से साफ करें।
  • फिर अपने नाक और मुंह को मास्क से ढकें।
  • फिर मास्क को अच्छे से चेक करें कि मास्क पहनने के बाद चेहरे और मास्क के बीच कोई गैप तो नहीं है।
  • एक बार उपयोग किए गए मास्क को दोबारा उपयोग न करें।

15. कोरोना वायरस की वर्तमान मृत्यु दर क्या है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 3 मार्च 2020 तक 3.4% मृत्यु दर का अनुमान लगाया है (14)।

16. क्या बच्चों में कोरोना वायरस का जोखिम अधिक है?

फिलहाल, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बच्चों में इस वायरस का खतरा अधिक है (15)। अब तक जितने भी मामलों की पुष्टि हुई उनमें से अधिकतर वयस्कों के हैं। बहुत कम बच्चों में कोरोना वायरस होने की सूचना मिली है। फिर भी बेहतर यही है कि सावधानी के तौर पर बच्चों पर अधिक ध्यान दें और सफाई का पूरा ध्यान रखें।

17. कौन-से आयु वर्ग के लोगों में कोरोना वायरस का जोखिम अधिक है?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार, मध्यम आयु वर्ग के लोगों में कोरोना वायरस का अधिक जोखिम है। कोरोना वायरस के बहुत कम मामले हैं, जो 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में पाए गए हैं (16)।

18. क्या मैं कोरोना वायरस के जोखिम में हूं?

सीडीसी ने निम्नलिखित जोखिम श्रेणियां बताई हैं:

  • उच्च जोखिम (हाई रिस्क) – अगर कोई व्यक्ति हुबेई (चीन), ईराक और इटली की यात्रा करके लौटा है या अगर कोई किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है।
  • मध्यम जोखिम (मीडियम रिस्क) – अन्य छोटे देशों के यात्री जहां कोरोना वायरस फैला हो।
  • कम जोखिम (लो रिस्क) – 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे।

हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख में दिए गए सवालों के जवाब जानकर पाठकों को कोरोना वायरस के बारे में काफी जानकारी मिल गई होगी। कोरोना वायरस से बचने के उपाय पर ध्यान दें और उन्हें अपनी रोजमर्रा की आदतों में शामिल करें। ये उपाय न सिर्फ कोरोना से बचाएंगे, बल्कि अन्य बीमारियों से भी दूर रखेंगे। इसके अलावा, अगर किसी को भी अपने में या अपने आसपास किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसे अनदेखा न करें और बिल्कुल भी न डरें। वक्त रहते लक्षणों को पहचान कर और कोरोना वायरस का इलाज करके इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है। साथ ही इसे फैलने से रोका जा सकता है। जरूरत है तो बस जागरूकता की, इसलिए हम यही कहेंगे ‘कोरोना से न डरो, इसका डटकर सामना करो।’

16 संदर्भ (Sources) :

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.

और पढ़े:

scorecardresearch