कोविड-19 वैक्सीन कितनी सुरक्षित है : COVID-19 वैक्सीन: आम सवाल (COVID-19 vaccination: Frequently Asked Questions)

Written by , (शिक्षा- बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मीडिया कम्युनिकेशन)

देशभर में कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है। इस दौरान लगाई जा रही कोविड वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सटीक जवाब मिल पाना मुश्किल हो जाता है। लोगों की इसी परेशानी को देखते हुए स्टाइलक्रेज कोविड-19 वैक्सीन से जुड़े सभी तरह के सवालों के जवाब लेकर आया है। यहां वैक्सीन के असर, सुरक्षा, प्रभावकारिता के साथ ही किन लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए इंतजार करना चाहिए, इससे जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है।

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सबसे पहले वैक्सीन के प्रभाव और सुरक्षा के बारे में जान लीजिए।

वैक्सीन के बारे में – ABOUT THE VACCINE IN HINDI

1. क्या COVID-19 के टीके सुरक्षित हैं?

हां, कोविड-19 के टीके सुरक्षित हैं।  टीका लगवाने से COVID-19 संबंधी गंभीर बीमारी को विकसित होने से रोकने और इसके कारण होने वाली मृत्यु से बचने में मदद मिल सकती है (1)

2. क्या COVID-19 के टीकों से गर्भावस्था और स्तनपान पर कोई असर पड़ता है?

नहीं, COVID-19 के टीकों से गर्भावस्था और स्तनपान पर कोई असर नहीं पड़ता है। सीडीसी (सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) ने बताया है कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं कोरोना वैक्सीन लगा सकती हैं। सीडीसी के मुताबिक, गर्भवतियों को कोविड होने का खतरा अधिक होता है, इसलिए उन्हें वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए (2)

वहीं, भारत सरकार का कहना है कि वैक्सीन को लेकर गर्भवतियों और स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर किसी तरह का अध्ययन नहीं हुआ है। उन पर कोविड वैक्सीन के असर का किस तरह से होगा, यह निश्चित नहीं है। ऐसे में गर्भवतियों और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को फिलहाल टीकाकरण से बचना चाहिए (3)

3. क्या COVID-19 के टीके मेरे DNA को बदलेंगे?

नहीं, COVID-19 के टीके किसी भी तरह से आपके डीएनए में बदलाव या उसपर प्रभाव नहीं डालते हैं (4)

4. देश में उपयोग किए जाने वाले टीकों की सुरक्षा और प्रभावकारिता क्या है?

कोविड-19 टीकों का इस्तेमाल करने से पहले तीन फेज में इनका ट्रायल किया जा चुका है, इसलिए ये पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा, शुरुआत में लोगों को टीका लगाने के चार से छह हफ्तों तक उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी गई थी कि उन्हें इसके प्रतिकूल प्रभाव हुए हैं या नहीं। इसी आधार पर दोनों भारतीय टीकों को सुरक्षित माना गया है। टीका लगवाने के बाद  बुखार आना और कमजोरी महसूस होना इसके आम हल्के लक्षण हैं (3)

बात करें प्रभाव की, तो शुरुआत में कोविशील्ड (Covishield) की प्रभावकारिता 70.42% पाई गई थी (5)। हालांकि, अब इसे 90 प्रतिशत प्रभावकारी बताया जा रहा है। वहीं, कोवैक्सिन (COVAXIN) के नैदानिक परीक्षण यानी क्लिनिकल ट्रायल के दौरान इसे 81% प्रभावकारी पाया गया है (6)। भारत सरकार का कहना है कि अधिकांश टीकों ने दो से तीन महीने में ही 70 से 90 प्रतिशत प्रभावकारिता दिखाई है। फिर भी इनकी प्रभावकारिता के आकलन के लिए कम-से-कम एक से दो साल तक टीकाकरण का फॉलोअप लेते रहना होगा (3)

5. कोविड वैक्सीन की तुलना – Comparison of all vaccines

भारत में मुख्य रूप से दो ही वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें एक कोविशिल्ड (Covishield) और दूसरी कोवैक्सीन (Covaxin) है। इनके बारे में नीचे चार्ट से समझिए (3)

कंपनी उत्पत्ति स्टोरेज डोज वैक्सीन के बीच का अंतराल
कोविशिल्ड  ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। फिर भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने इसका उत्पादन किया। +2 से +8⁰ सेल्सियस कोल्ड चेन पर स्टोर और ट्रांसपोर्ट किया जाता है। दो कोविशील्ड वैक्सीन की दो खुराक के बीच का समय चार से आठ सप्ताह है।
कोवैक्सीन भारत की ही कंपनी बायोटेक द्वारा बनाया गया है। +2 से +8⁰ सेल्सियस कोल्ड चेन पर स्टोर और ट्रांसपोर्ट किया जाता है। दो इसका दूसरा टीका पहली खुराक के चार से छह हफ्ते बाद लिया जाता है।

6. टीकों की खुराक के बीच की समयावधि क्या होनी चाहिए?

पहली वैक्सीन लेने के चार से छह हफ्ते में कोवैक्सीन और चार से आठ सप्ताह के अंदर कोविशिल्ड की दूसरी खुराक लेनी चाहिए (3)

7. वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स क्या हैं?

वैक्सीन लेने के बाद कुछ हल्के साइड इफेक्ट्स नजर आ सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (7):

  • हल्का सिरदर्द
  • इंजेक्शन वाले हिस्से में दर्द या सूजन होना
  • हल्का बुखार
  • चिड़चिड़ापन

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आगे कोविड के टीकाकरण से जुड़ी और जानकारी मौजूद है।

वैक्सीन कौन लगा सकता है – WHO WILL GET THE VACCINE IN HINDI

1. मुझे कैसे पता चलेगा कि मैं टीकाकरण के लिए योग्य हूं?

प्रारंभिक चरण में,  COVID-19 वैक्सीन सिर्फ स्वास्थ्य सेवा और अन्य फ्रंट-लाइन कार्यकर्ताओं को लगाई गई थी। फिर 1 मार्च,  2021 को शुरू हुए दूसरे चरण के टीकाकरण के दौरान 60 से ऊपर और एक से अधिक बीमारी से ग्रस्त 45 से 59 की आयु के बीच के भारतीयों को टीकाकरण की अनुमति दी गई। इसके बाद 1 अप्रैल, 2021 से 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को COVID-19 वैक्सीन लगाने की शुरुआत हुई। अब 1 मई, 2021 से 18 वर्ष से लेकर 44 वर्ष तक की आयु के सभी नागरिक के लिए सुविधा शुरू कर दी गई है (3)

2. क्या मेरे पास टीके को चुनने के विकल्प मौजूद हैं?

नहीं, फिलहाल वैक्सीन को चुनने का विकल्प मौजूद नहीं है। वैक्सीन की उपलब्धता और वितरण योजना के अनुसार भारत के विभिन्न हिस्सों में इसकी आपूर्ति की जा रही है। इसी वजह से वर्तमान में वैक्सीन को चुनने का विकल्प उपलब्ध नहीं है (3)

3. COVID-19 का टीका कौन-कौन लगवा सकता है?

18 साल से अधिक की उम्र के लोग कोविड-19 का टीका लगवा सकते हैं (3)

4. क्या सभी को एक साथ COVID-19 वैक्सीन दी जाएगी?

नहीं, सरकार ने वैक्सीन को लेकर चरणबद्ध योजना बनाई है। इसके तहत पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मचारियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी गई। उसके बाद वृद्धों को और इसी तरह करते-करते अब 18 से ऊपर की आयु के लोगों के लिए भी वैक्सीन उपलब्ध है। बस बच्चों के लिए यह वैक्सीन कितनी सुरक्षित है, इसका पता लगाने के लिए अभी भी कुछ नैदानिक परीक्षण यानी क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं (3)

5. क्या वर्तमान में COVID-19 (पुष्टि या संदिग्ध) संक्रमण वाले व्यक्ति को टीका लगाया जा सकता है?

कोविड-19 की पुष्टि होने पर या संदिग्ध व्यक्तियों का टीकाकरण स्थल जाने से दूसरों को कोरोना होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसी कारण से संक्रमितों को कोरोना के लक्षण दिखना बंद होने के 14 दिनों बाद ही टीकाकरण केंद्र वैक्सीन लगवाने के लिए जाना चाहिए (3)

6. क्या COVID-19 से ठीक हुए व्यक्ति के लिए वैक्सीन लेना आवश्यक है और अगर मुझे COVID-19 संक्रमण था और उसका इलाज किया गया था, तो मुझे टीका लगवाना क्यों जरूरी है?

हां, COVID-19 के संक्रमण के पिछले इतिहास के बावजूद, COVID-19 वैक्सीन की पूरी डोज लेने की सलाह दी जाती है। वैक्सीन, रोग के खिलाफ मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित करने में मदद करता है, लेकिन COVID-19 होने के बाद कोरोना से लड़ने वाली इम्यूनिटी विकसित नहीं होती है। इसी वजह से COVID-19 संक्रमण के बाद भी वैक्सीन लेने के लिए कहा जाता है। बस ध्यान दें कि टीका COVID के लक्षणों से ठीक होने के बाद 4 से 8 सप्ताह बाद ही लगवाना चाहिए (3)

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लेख में आगे बढ़ते हुए समझिए कि टीकाकरण किस तरह से किया जाता है।

हमें कैसे टीका लगाया जाएगा – HOW WILL WE BE VACCINATED IN HINDI

1. उपलब्ध कई टीकों में से एक या अधिक टीकों को कैसे चुना जाता है?

सभी कोविड वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावकारिता को लेकर हुए क्लिनिकल ट्रायल से जुड़े डेटा की ड्रग रेगुलेटर जांच करते हैं। जांच से संतुष्ट होने के बाद ही वैक्सीन को लाइसेंस मिलता है। इन लाइसेंस प्राप्त टीकों को ही टीकाकरण के लिए चुना जाता है। इसी वजह से लाइसेंस प्राप्त सभी COVID-19 वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावकारी होती हैं। बस यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया केवल एक प्रकार की वैक्सीन से ही पूरी होनी चाहिए। COVID-19 की अलग-अलग वैक्सीन के टीके का उपयोग किसी दूसरे की जगह नहीं किया जा सकता है (3)

2. क्या टीका लगाने के दौरान किसी तरह की बातों का पालन करना जरूरी है?

हां, COVID-19 वैक्सीन लगाने के बाद कम से कम आधे घंटे के लिए टीकाकरण केंद्र में आराम करने की सलाह दी जाती है। इस अवधि के बाद यदि कोई असुविधा या बेचैनी महसूस हो, तो निकटतम स्वास्थ्य अधिकारियों/एएनएम/आशा को सूचित किया जाना चाहिए। ध्यान दें कि COVID-19 वैक्सीन के बाद भी कोरोना संबंधी गाइडलाइन, जैसे – मास्क पहनना, हाथ धोना और शारीरिक दूरी (6 फीट या दो गज) बनाए रखना जरूरी है (3)

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अब वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी हासिल करें।

वैक्सीन पंजीकरण – VACCINE REGISTRATION IN HINDI

1. मुझे टीकाकरण के लिए कहां पंजीकरण करना चाहिए?

टीकाकरण के लिए Co-WIN पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें और टीकाकरण के लिए किसी एक टाइम स्लॉट को चुनकर अपॉइंटमेंट लें (3)। कुछ राज्य सरकारों ने टाइम स्लॉट लेने से छूट भी दी है, लेकिन रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है।

2. मैं कोरोना टीकाकरण संबंधी अपॉइंटमेंट के लिए खुद को ऑनलाइन प्री-रजिस्टर कैसे करूं?

Co-Win पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। इसके लिए नीचे बताई गई बातों पर गौर करें (3)

  • ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए कुछ बुनियादी जानकारी और फोटो पहचान पत्र का विवरण देना होगा।
  • एक फोन नंबर से चार लोग रजिस्टर कर सकते हैं, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को अपना पहचान पत्र देना अनिवार्य होगा।
  • अगर किसी ने आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किया है, तो व्यक्ति से सहमति लेकर उससे जुड़ा डेटा रिकॉर्ड किया जाएगा।
  • पोर्टल के माध्यम से अपने आसपास के कोविड सेंटर और अपनी व्यस्तता के हिसाब से समय का चुनाव कर सकते हैं।
  • इन सबके लिए आपको मोबाइल पर आने वाली ओटीपी डालनी होगी। ओटीपी डालने के बाद रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और एक कंफर्मेशन स्लिप व टोकन एसएमएस के जरिए मोबाइल पर आएगा।
  • सभी निजी अस्पतालों के लिए अपॉइंटमेंट ही प्री-रजिस्ट्रेशन का तरीका होगा।
  • सरकारी अस्पतालों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और अपॉइंटमेंट के लिए कुछ स्लॉट उपलब्ध होंगे, बाकी को साइट पर पंजीकरण और टीकाकरण के लिए रखा जाएगा।

3. यदि मैं खुद का ऑनलाइन पूर्व-पंजीकरण नहीं करा पाई, तो पंजीकरण और टीकाकरण कैसे होगा?

ऑनलाइन पंजीकरण जिनसे नहीं हो पा रहा है, वो अपने स्थानीय सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों से संपर्क कर सकते हैं। वो उसी दिन मौके पर पंजीकरण, अपॉइंटमेंट, सत्यापन और टीकाकरण के लिए सरकारी केंद्र के चुनाव से जुड़ी सभी तरह की मदद करेंगे। बस इस दौरान आपको अपना मोबाइल फोन और एक फोटो वाला पहचान पत्र साथ रखना होगा (3)

4. क्या कोई व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण करवाए बिना COVID-19 वैक्सीन प्राप्त कर सकता है?

नहीं, COVID-19 वैक्सीन के टीकाकरण के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। एक बार पंजीकृत होने के बाद, नोटिफिकेशन और वैक्सीन सत्र की तारीख व समय की जानकारी लाभार्थी के साथ साझा की जाएगी। टीकाकरण केंद्रों में वॉक-इन का प्रावधान होगा, लेकिन उन्हें भी टीकाकरण से पहले साइट पर पंजीकरण कराना होगा (3)

5. पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता है?

फोन नंबर के साथ फोटो आईडी प्रूफ जरूरी है। आप पहचान पत्र के रूप में पंजीकरण के समय इन डॉक्यूमेंट्स को प्रस्तुत कर सकते हैं (3):

  • आधार कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) जॉब कार्ड
  • सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र
  • पैन कार्ड
  • बैंक/डाकघर द्वारा जारी पासबुक
  • पासपोर्ट
  • पेंशन से जुड़े दस्तावेज
  • केंद्र/राज्य सरकार/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी सर्विस आइडेंटी कार्ड
  • वोटर आईडी

6. क्या टीकाकरण से पहले और बाद में लाभार्थियों को इससे जुड़ी जानकारी प्राप्त होगी?

हां, COVID-19 वैक्सीन से जुड़ी जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भेजी जाती है। वैक्सीन की सभी खुराक लेने के बाद लाभार्थी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक क्यूआर कोड आधारित प्रमाण पत्र भेजा जाएगा (3)

7. क्या मुझे कोई प्रमाण पत्र मिलेगा कि मुझे टीका लगाया गया है?

हां, पहली खुराक के बाद एक अस्थायी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। दूसरी खुराक लेने के बाद टीकाकरण का डिजिटल प्रमाणपत्र डाउनलोड करने के लिए एक लिंक लाभार्थी को भेजा जाता है। इसके बाद सर्टिफिकेट को डाउनलोड करके डिजी-लॉकर में सेव किया जा सकता है (3)

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चलिए, अब टीकाकरण होने से पहले जिन बातों के बारे में पता होना चाहिए, उन पर एक नजर डाल लेते हैं।

टीकाकरण से पहले क्या अपेक्षा करें? – WHAT TO EXPECT BEFORE VACCINATION IN HINDI

1. किन लोगों को टीकाकरण का इंतजार करना चाहिए?

अभी 18 साल से कम उम्र के लोगों को टीकाकरण का इंतजार करना होगा (3)। इसके अलावा, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वालों, गंभीर रूप से कमजोर वृद्ध, टीकों से गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया होने वालों, गर्भवती और स्तनपान कराने वालों को डॉक्टर से पूछकर ही टीकाकरण करना चाहिए (8)

2. एचआईवी से संक्रमित मरीजों को वैक्सीन दी जा सकता है या नहीं?

कोरोना वैक्सीन लेने से पहले एचआईवी संक्रमित मरीजों को डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है (8)

3. COVID-19 वैक्सीन लगाने से पहले कितने समय तक किन-किन दवाओं को लेने से बचना चाहिए?

फिलहाल, ऐसे कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। व्यक्ति अपनी नियमित दवा को जारी रख सकता है। बस वैक्सीनेटर (वैक्सीन लगाने वाले को) को अपने द्वारा ली जाने वाली दवाओं के बारे में सूचित जरूर करें (3)

4. क्या पुरानी  (क्रॉनिक) बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए कोरोना टीकाकरण नुकसानदायक (Contraindicated) है?

पुरानी बीमारियां यानी क्रॉनिक डिजीज, जैसे – हृदय, तंत्रिका संबंधी, पल्मोनरी (फेफड़े), चयापचय, रेनल (गुर्दे) और मालिगनेंसी (घातक कैंसर युक्त ट्यूमर) संबंधी बीमारी के लिए टीकाकरण नुकसानदायक नहीं है। वास्तव में, गंभीर COVID-19 बीमारी और मृत्यु के जोखिम को कम करने के लिए COVID-19 टीकों का लाभ क्रॉनिक डिजीज से गुजर रहे लोगों को भी उठाना चाहिए (3)। बस ध्यान दें कि इन बीमारियों से जूझ रहे व्यक्ति को डॉक्टर से परामर्श लेकर ही टीकाकरण करवाना चाहिए।

5. यदि कोई कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि  बीमारियों के लिए दवा ले रहा है, तो क्या वह COVID-19 वैक्सीन ले सकता है या मधुमेह/उच्च रक्तचाप/किडनी रोग/हृदय रोग/लिपिड विकार आदि से पीड़ित व्यक्ति के लिए टीका सुरक्षित है?

हां, इनमें से एक या अधिक स्थितियों वाले व्यक्तियों को उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखा जाता है। उन्हें COVID-19 टीकाकरण लेने की आवश्यकता होती है। कुल मिलाकर, टीकाकरण को इन बीमारियों से जूझ रहे वयस्कों के लिए सुरक्षित और प्रभावकारी माना गया है। फिर भी बीमारी में टीकाकरण कराने से पहले एक बार चिकित्सक से परामर्श जरूर करें (3)

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अब टीकाकरण के बाद से जुड़े सवालों के जवाब जानिए।

टीकाकरण के बाद क्या अपेक्षा करें? – WHAT TO EXPECT AFTER VACCINATION IN HINDI

1. क्या मुझे वैक्सीन लेने के बाद भी मास्क और अन्य COVID-19 से जुड़े बचाव करने की आवश्यकता है?

हां, यह COVID-19 वैक्सीन लगाने के बाद कोरोना से जुड़ी गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। इसमें मास्क पहनना, दो गज की दूरी और हाथ सैनिटाइजेशन करना और खुद को व अपने आसपास के लोगों को संक्रमण से बचना जरूरी है (3)

2. कोरोना वैक्सीन लगने के बाद क्या होता है?

कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद हल्का बुखार, सिरदर्द, उल्टी होना और इंजेक्शन वाली जगह में सूजन व दर्द हो सकता है (7)

3. टीकाकरण के बाद मैं कब तक सुरक्षित रहूंगा?

टीका लगाए गए व्यक्तियों में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया की अवधि अभी तक निर्धारित नहीं की गई है। इसी वजह से मास्क का उपयोग जारी रखने, हाथ धोने, शारीरिक दूरी बनाने और अन्य COVID-19 उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की सलाह दी जाती है (3)

4. क्या टीकाकरण मुझे SARS-CoV 2 के नए स्ट्रेन और उत्परिवर्तित (Mutated) वायरस से बचाता है?

टीकाकरण के बाद शरीर प्रतिक्रिया के रूप में एक से अधिक प्रकार की एंटीबॉडी बनाता है, जिनमें से एक स्पाइक प्रोटीन भी है। इसी वजह से सभी टीकों को उत्परिवर्तित वायरस के खिलाफ लड़ने में सक्षम माना जा सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट किए गए म्यूटेशन से टीकों के अप्रभावी होने की आशंका नहीं है (3)

5. क्या कोविड वैक्सीन से ब्लैक फंगस, व्हाइट फंगस और येलो फंगस से सुरक्षा मिलती है?

कोविड वैक्सीन से इन फंगस से सुरक्षा मिलती है, ऐसी किसी तरह की जानकारी मौजूद नहीं है। इनके लिए अलग से दवा व इंजेक्शन की मदद से उपचार किया जाता है।

6. कितने दिनों में टीकाकरण पर्याप्त प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शुरू करता है और सुरक्षा देता है?

कोरोना वैक्सीन यानी COVISHIELD® या COVAXIN® में से किसी एक की दोनों खुराक लेने के बाद प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया होने में 2 से 3 हफ्ते लग सकते हैं (3)

7. कोविड-19 के टीकाकरण से होने वाले दुष्प्रभाव की दशा में किससे संपर्क करना होगा?

कोविड-19 के टीकाकरण के दुष्प्रभाव नजर आने पर टीकाकरण केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, निकटतम स्वास्थ्य अधिकारियों/एएनएम/आशा को सूचित किया जाना चाहिए (3)

8. क्या वैक्सीन लगाने के बाद कोविड टेस्ट पॉजिटिव हो जाता है?

नहीं, किसी भी अधिकृत COVID-19 टीकाकरण लगवाने के बाद कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आती है। हां, वैक्सीन लगवाने के बाद शरीर में जब प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित होने लगती है, तो कुछ एंटीबॉडी टेस्ट का परिणाम सकारात्मक आ सकता है। इस टेस्ट से यह पता चलता है कि पहले शरीर में कोरोना संबंधित संक्रमण था और शरीर में उस वायरस के खिलाफ कुछ स्तर की सुरक्षा मौजूद है। वैसे, विशेषज्ञ वर्तमान में यह देख रहे हैं कि कैसे COVID-19 टीकाकरण एंटीबॉडी परीक्षण के परिणामों को प्रभावित कर सकता है (4)

9. क्या मुझे COVID-19 वैक्सीन लेने के बाद शराब पीने से बचना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि शराब से टीके की प्रभावशीलता कम होती है (3)। फिर भी स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शराब न पीने और धूम्रपान न करने की सलाह दी जाती है।

COVID-19 वैक्सीन से जुड़े ये थे कुछ आम सवाल, जो अक्सर लोगों के जहन में उठते हैं। हम उम्मीद करते हैं आप कोरोना टीकाकरण से जुड़े इन सभी सवालों के जवाब से संतुष्ट होंगे। ये सभी जवाब सरकार और वैज्ञानिक संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर दिए गए हैं। आप इस लेख को अपने प्रियजनों के साथ साझा करके उन्हें भी कोरोना वैक्सीन से जुड़ी सटीक जानकारी प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही मास्क भी पहनें और दो गज की दूरी का पालन करें।

Sources

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