कढ़ी पत्ते के 10 फायदे, उपयोग और नुकसान– Curry Leaves Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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हमारी रसोई में कई ऐसे मसाले पाए जाते हैं, जिनका उपयोग खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी किया जाता है। इन्हीं में से एक है कढ़ी पत्ता। इसका वैज्ञानिक नाम है मुराया कोएनिजी। इसे करी पत्ता, कड़ी पत्ता और मीठी नीम जैसे नामों से भी पुकारा जाता है। अंग्रेजी में इसे करी लीफ और संस्कृत में कृष्णा निंबा कहकर संबोधित किया जाता है। दक्षिणी भारत में इसे लंबे समय से उपयोग किया जाता रहा है। इसके औषधीय गुणों और विशेषताओं को देखते हुए इसका उपयोग अब देश के अधिकतर हिस्सों में किया जाने लगा है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको कढ़ी पत्ते के पौष्टिक तत्वों, विशेषताओं और इससे होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से बताएंगे।

सबसे पहले हम बात करते है कढ़ी पत्ता के फायदे के बारे में।

कढ़ी पत्ते के फायदे – Benefits of Curry Leaves in Hindi

1. वजन घटाने में कढ़ी पत्ता के फायदे

बताया जाता है कि कढ़ी पत्ते में डाइक्लोरोमेथेन, एथिल एसीटेट और महानिम्बाइन जैसे खास तत्व पाए जाते हैं। इन तत्वों में वजन घटाने, कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ट्राइग्लिसराइड (फैट का एक प्रकार) के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता पाई जाती है। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि कढ़ी पत्ते का उपयोग वजन घटाने में मददगार साबित होता है (1)।

2. एनीमिया में लाभदायक

विशेषज्ञों के मुताबिक कढ़ी पत्ते में एंटी एनीमिया गुण पाया जाता है, जो एनीमिया पर प्रभावी रूप से काम कर सकता है। इसके अलावा कड़ी पत्ता कैल्सियम आयरन, जिंक और वैनेडियम जैसे खनिज पदार्थों का अच्छा स्रोत है। इस कारण कहा जा सकता है कि एनीमिया से निजात दिलाने में कढ़ी पत्ते का उपयोग सहायक साबित हो सकता है (2)।

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3. डायबिटीज में मददगार

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बताया जाता है कि कढ़ी पत्ते में हाइपोग्लाइसेमिक (शुगर लेवल को कम करना) गुण पाए जाते हैं (3)। यह गुण शरीर में शुगर की मात्रा को कम करने में सहायक साबित होता है। इस कारण ऐसा कहा जा सकता है कि नियमित आहार में करी पत्ता के लाभ डायबिटीज जैसे जोखिमों को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं ।

4. लिवर के लिए कढ़ी पत्ता के फायदे

बताया जाता है कि कढ़ी पत्ते में टैनिन और कारबाजोले एल्कलॉइड जैसे तत्व मौजूद होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इन तत्वों में हेप्टोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं, जो लिवर की कार्यक्षमता को बढाते हैं। साथ ही उससे संबंधित हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसे जोखिमों को कम करने में भी सहायक होते हैं (4)।

5. डायरिया से बचाव

विशेषज्ञों के मुताबिक कढ़ी पत्ते में पाए जाने वाले कार्बाजोले एल्कलॉइड्स में डायरिया से बचाव करने की अद्भुत क्षमता पाई जाती है। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि इसका नियमित सेवन डायरिया जैसी समस्या से निजात पाने में कारगर साबित हो सकता है (5)।

6. दिल का रखे ख्याल

कढ़ी पत्ता एक हर्बल औषधि है, जो विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है। हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज लिए करी पत्ते का उपयोग एक कारगर आयुर्वेदिक औषधि के रूप में लंबे समय से होता आया है। इसके अलावा करी पत्ता कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का काम भी करता है, जो हृदय को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है (6)।

7. कोलेस्ट्रोल का नियंत्रण

आपको लेख में पहले भी बताया जा चुका है कि कढ़ी पत्ते में विटामिन सी के साथ एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइन्फ्लामेट्री गुण मौजूद होते हैं। वहीं इस संबंध में किये गए एक शोध में विशेषज्ञों ने पाया कि कढ़ी पत्ते का उपयोग शरीर से बैड केलेस्ट्रोल की मात्रा को घटाने में सहायक सिद्ध होता है (7)।

8. संक्रमण से बचाव में कढ़ी पत्ता के फायदे

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विशेषज्ञों के मुताबिक कढ़ी पत्ते के तेल में पाए जाने वाले कुछ खास पोषक तत्वों में एंटीबायोटिक और एंटीफंगल गुण भी पाए जाते हैं। इसमें पाए जाने वाले यही गुण बैक्टीरिया और फंगल प्रभाव को कम करने में लाभकारी परिणाम देते हैं (8)। इसलिए कहा जा सकता है कि करी पत्ता के फायदे में संक्रमण से बचाव भी शामिल है।

9. त्वचा के लिए लाभदायक

कढ़ी पत्ते का प्रयोग त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होता है। माना जाता है कि इसके तेल में मौजूद तत्वों में कुछ ऐसे गुण पाए जाते हैं, जिनके प्रभाव से जले-कटे और बैक्टीरियल इन्फेक्शन को दूर करने में मदद मिलती है। इसके लिए इसकी पत्तियों का पेस्ट बनाकर इसे उपयोग में लाया जा सकता है (8)।

10. बालों का रखे खास ख्याल

विशेषज्ञों के मुताबिक कढ़ी पत्ते के तेल में पाए जाने वाले पोषक तत्व बालों के लिए भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। कढ़ी पत्ते का तेल बालों पर लगाने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। इसका नियमित इस्तेमाल बालों के विकास में मदद करता है। वहीं, करी पत्ता के फायदे में भूरे बालों की समस्या से छुटकारा भी शामिल है (8)।

कढ़ी पत्ता के फायदे जानने के बाद अब हम इसमें पाए जाने पौष्टिक तत्वों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

कढ़ी पत्ते का पौष्टिक तत्व – Curry Leaves Nutritional Value in Hindi

आइए चार्ट के माध्यम से कढ़ी पत्ते के पौष्टिक तत्वों पर डालते हैं एक नजर (9)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
कैल्सियम810mg
फास्फोरस600mg
आयरन3.1mg
कैरोटीन (विटामिन ए के रूप में)12600IU
निकोटिनिक एसिड2.3mg
विटामिन सी4mg

आगे लेख में हम कढ़ी पत्ते के उपयोग के बारे में बात करेंगे।

कढ़ी पत्ते का उपयोग – How to Use Curry Leaves in Hindi

अपने नियमित आहार में कढ़ी पत्ते को शामिल करने के लिए इसका कई तरीके से उपयोग किया जा सकता है।

1. खाने में उपयोग

  • भोजन पकाते वक्त करी पत्ता का इस्तेमाल मसाले के रूप में किया जाता है। इसे सब्जी, दाल, सांभर चावल और तरह-तरह के व्यंजनों का स्वाद बढाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
  • इसकी चटनी बनाकर भी आप इसे प्रयोग में ला सकते हैं।
  • इसे फ्राई करके फूड गार्निशिंग के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कुछ विशेष परिस्थियों जैसे किसी खास बीमारी से बचाव के लिए इसके जूस का सेवन भी किया जा सकता है। लेकिन इसके जूस के उपयोग से पहले आपको विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

नोट– एक बार के आहार में कढ़ी पत्तियों की करीब 8 से 10 पत्तियों को इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

2. बालों के लिए उपयोग

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  • बालों के स्वास्थ्य के लिए आप इसका पेस्ट बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • नारियल के तेल के साथ गरम करके भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कढ़ी पत्ते को पानी में उबालकर, उससे बाल धोने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

3. त्वचा के लिए उपयोग

  • इसका पेस्ट त्वचा की निखार बढ़ाने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।
  • इसे पानी के साथ उबालें और उस पानी को नहाने के लिए इस्तेमाल में लाएं, ऐसा करने से त्वचा संबंधी विकारों (फंगल इन्फेक्शन) से छुटकारा पाया जा सकता है।

करी पत्ता के फायदे और उपयोग जानने के बाद अब बात करते हैं कढ़ी पत्ते से होने वाले नुकसान के संबंध में।

कढ़ी पत्ते के नुकसान – Side Effects of Curry Leaves in Hindi

कढ़ी पत्ते के वैसे तो कोई नुकसान नहीं देखे गए हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में या अधिक मात्रा में इसका उपयोग नुकसानदायक साबित हो सकता है।

  • कुछ लोगों में इसके एलर्जिक इफेक्ट भी देखे जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में इसके उपयोग को बंद कर देना चाहिए।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका उपयोग करने से पहले चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि इस स्थिति में इसके प्रयोग के कुछ दुष्परिणाम देखे जा सकते हैं।
  • वहीं, कुछ मामलों में इसके तेल का उपयोग बालों की जड़ों को कमजोर करने और उनके झड़ने का कारण भी बन सकता है।

नोट– कढ़ी पत्तों के दिए जाने वाले नुकसान के संबंध में अभी कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

अब तो आप करी पत्ता से अच्छी तरह परिचित हो गए होंगे। साथ ही यह भी जान गए होंगे कि इसका प्रयोग किस तरह से आपकी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को दूर कर सकता है। लेख में आपको इसके फायदे, लाभ और उपयोग के तरीको के बारे में भी विस्तार से बताया जा चुका है। साथ ही यह भी समझाया गया है कि इसका उपयोग किन-किन बीमारियों में आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इसलिए, अगर आप भी इसके नियमित इस्तेमाल का मन बना रहे हैं, तो पहले लेख में दी गई सभी जानकारियों को अच्छी तरह पढ़ लें। फिर दिए हुए तरीकों को अमल में लाएं। आशा करते हैं कि यह लेख स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों को दूर करने में आपकी सहायता करेगा। इस विषय में किसी अन्य प्रकार के सुझाव और सवालों के लिए आप हमसे नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से जुड़ सकते हैं।

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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