दालचीनी और दूध के फायदे – Amazing Benefits of Dalchini and Milk in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है, क्योंकि यह शरीर को कई तरीके से लाभ पहुंचाने का काम कर सकता है। वहीं, इसके साथ अगर दालचीनी का इस्तेमाल किया जाए, तो इसके लाभ दोगुने हो सकते हैं। माना जाता है कि इन दोनों का मिश्रण शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम दालचीनी और दूध से लाभ बताने जा रहे हैं। यहां आप दालचीनी और दूध के फायदे के साथ ही दालचीनी और दूध के नुकसान भी जान पाएंगे। इसके अलावा, अन्य जरूरी जानकारी को भी यहां शामिल किया गया है।

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आर्टिकल की शुरुआत करते हैं दालचीनी और दूध के फायदे के साथ।

दालचीनी और दूध के फायदे – Benefits of Dalchini and Milk in Hindi

सेहत के लिए दूध में दालचीनी के फायदे कई हैं, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं। यहां ध्यान देने की बात यह है कि दूध और दालचीनी के फायदे किसी बीमारी का उपचार नहीं हैं, लेकिन बीमारी से बचाव और उनके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में दालचीनी दूध के लाभ देखे जा सकते हैं। अब पढ़ें आगे :

1. मधुमेह की समस्या में

रक्त में ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर मधुमेह की समस्या का कारण बन सकता है। वहीं, दूध और दालचीनी के फायदे इस समस्या को कम करने में देखे गए हैं। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध (जिसे जानवरों पर किया गया था) के अनुसार दालचीनी में हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव होता है। यह प्रभाव ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर मधुमेह के जोखिम को कम कर सकता है (1)।

इसके अलावा, दूध में मौजूद फैटी एसिड टाइप-2 डायबिटीज (T2D) के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकते हैं (2)। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि दूध और दालचीनी का सेवन मधुमेह को कुछ हद तक नियंत्रित करने में फायदेमंद हो सकता है।

2. पाचन में सुधार करे

दालचीनी दूध के लाभ पाचन संबंधी विकार में भी देखे गए हैं। एक शोध के अनुसार दालचीनी एंटी-माइक्रोबियल गुण से समृद्ध होती है। यह गुण लिस्टेरिया और एस्चेरिचिया कोली (Escherichia Coli) जैसे बैक्टीरिया से लड़ने का काम कर सकते हैं। बता दें कि ये बैक्टीरिया खाने के माध्यम से पेट में पहुंच कर समस्या पैदा कर सकते हैं। साथ ही पाचन तंत्र व पेट में संक्रमण का कारण बन सकते हैं (3)। वहीं, एक शोध में दालचीनी को पाचन संबंधी समस्या के लिए एक कारगर घरेलू नुस्खा माना गया है (4)। इसके अलावा, दूध में मौजूद विटामिन बी-12 पाचन की प्रक्रिया में मदद कर सकता है (5)।

3. अनिद्रा की समस्या में

अनिद्रा की समस्या यानी नींद न आने की समस्या। इसमें भी दालचीनी और दूध का सेवन फायदेमंद हो सकता है। विषय से जुड़े एक रिसर्च में इस बात की पुष्टि की गई है कि दालचीनी के अर्क में एंटीडिप्रेसेंट (डिप्रेशन को कम करने वाला) प्रभाव मौजूद होता है, जो डिप्रेशन की वजह से होने वाली अनिद्रा की समस्या में फायदेमंद साबित हो सकता है (6)। इसके साथ ही बुजुर्ग रोगियों पर किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि रात में दूध पीने से नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है (7)।

4. रोग प्रतिरक्षा क्षमता में सुधार करे

कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियां होने का खतरा हो सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुधारने के लिए दूध में दालचीनी के फायदे देखे गए हैं। एक रिसर्च के अनुसार दालचीनी का पॉलीफेनोल अर्क सूक्ष्मजीवों के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करने में लाभदायक हो सकता है। हालांकि, इसकी प्रक्रिया जानने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है (8)। इसके अलावा, एक अध्ययन में पाया गया है कि दूध में मौजूद विटामिन डी में इम्युनोमॉड्यूलेटरी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित व सुधार करने वाला प्रभाव होता है, जो इम्यूनिटी को बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं (9)।

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5. हड्डियों की मजबूती के लिए

दालचीनी और दूध का सेवन हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए भी किया जा सकता है। एक रिसर्च से प्राप्त जानकारी के अनुसार दूध और डेयरी उत्पाद में मैग्नीशियम और कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है। ये दोनों पोषक तत्व हड्डियों के विकास और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं (10)। वहीं, एक अन्य शोध के मुताबिक दालचीनी में मैंगनीज की अच्छी मात्रा पाई जाती है। वहीं, मैंगनीज बोन कार्टिलेज (इलास्टिक टिश्यू) और बोन कोलेजन (एक प्रकार का प्रोटीन) के गठन में अहम भूमिका निभा सकता है। साथ ही बोन मिनिरलाइजेशन (जरूरी खनिज की पूर्ति) में भी अहम भूमिका निभा सकता है (11)।

6. गले में खराश के लिए

गले में खराश को कम करने के लिए दालचीनी और दूध का नुस्खा फायदेमंद हो सकता है। एक अध्ययन में पाया गया कि प्राचीन काल से ही दालचीनी का उपयोग खांसी और गले में खराश के इलाज के लिए किया जा रहा है (12)। इसके अलावा, अगर इसे दूध में मिलाकर लिया जाए, तो यह और असरकारी हो सकता है। फिलहाल, गले की खराश को दूर करने के लिए दूध पर कोई सटीक शोध उपलब्ध नहीं है।

7. मौखिक स्वास्थ्य के लिए

मुंह की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए और दालचीनी को दूध में मिलाकर लेना लाभदायक हो सकता है। एक रिसर्च के मुताबिक दूध में एंटी-कारियोजेनिक प्रभाव होता है। एंटी-कारियोजेनिक प्रभाव कैविटी से बचाव कर दांतों को मजबूती प्रदान कर सकता है। वहीं, यह प्रभाव दांतों पर बैक्टीरिया और बायोफिल्म के जमाव से भी बचाव में मदद कर सकता है (13)। कुछ इस प्रकार दूध का सेवन ओरल हाइजीन को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो सकता है।

इसके साथ ही दालचीनी के अर्क में एंटी माइक्रोबियल प्रभाव होता है, जो मुंह की बदबू जैसी समस्याओं का कारण बनने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ सकारात्मक भूमिका अदा कर सकता है। इसके अलावा, यह दांतों के क्षरण और पेरियोडोंटल रोग यानी मसूड़ों की बीमारी की रोकथाम में भी फायदेमंद माना गया है (14)। इस आधार पर हम मान सकते हैं कि दूध और दालचीनी का उपयोग मुंह को स्वस्थ रखने में लाभदायक हो सकते हैं।

8. त्वचा के लिए

सेहत के साथ ही त्वचा के लिए भी दूध और दालचीनी के फायदे देखे गए हैं। विषय से जुड़े एक शोध में जानकारी मिलती है कि दूध का उपयोग त्वचा स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है। यह त्वचा की रंगत में सुधार का काम कर सकता है। वहीं, इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल और प्रोटीन त्वचा में निखार लाने में मददगार साबित हो सकते हैं। कुछ इस प्रकार दूध त्वचा के लिए लाभकारी साबित हो सकता है (15)।

इसके अलावा, दालचीनी में एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण मौजूद होते हैं, जो त्वचा को बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण से बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। साथ ही इसमें एंटी एजिंग प्रभाव भी होते हैं, जो समय से पहले त्वचा पर दिखने वाले एजिंग के लक्षण जैसे झुर्रियों और फाइन लाइन्स से बचाने में मदद कर सकते हैं (16)।

9. बालों के लिए

अच्छी सेहत और त्वचा के लिए फायदेमंद होने के अलावा दालचीनी दूध के लाभ बालों के लिए भी हो सकते हैं। शोध में पाया गया कि दूध में कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा होती है, जो बालों के विकास के लिए महत्वपूर्ण बिल्डिंग ब्लॉक की तरह काम कर सकते हैं। प्रोटीन बालों को झड़ने से रोककर ग्रोथ में मदद कर सकता है। वहीं, कैल्शियम बालों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है (17)।

इसके अलावा, दालचीनी का इस्तेमाल बाल झड़ने की समस्या को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, जिससे गंजेपन के जोखिम को कम किया जा सकता है (16)।

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फायदों के बाद जानते हैं दूध और दालचीनी के उपयोग के बारे में।

दालचीनी और दूध का उपयोग – How to Use Cinnamon and Milk in Hindi

दालचीनी और दूध का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है, जिसके बारे में हम नीचे बता रहे हैं :

  • दालचीनी, अदरक और दूध को सुबह ले सकते हैं।
  • शक्कर के स्थान पर दूध में दालचीनी के साथ शहद का उपयोग किया जा सकता है।
  • दूध में दालचीनी, शहद और हल्दी मिलाकर एनर्जी ड्रिंक की तरह ले सकते हैं।
  • दालचीनी, दूध और शहद के साथ ही इसमें बर्फ डालकर शीतल पेय के रूप में सेवन कर सकते हैं।

मात्रा : दालचीनी का दैनिक सेवन 0.1 मिलीग्राम / शरीर के प्रति किलो वजन के हिसाब से किया जा सकता है (3)। इसके अलावा, रोजाना 200 ml यानी एक गिलास दूध का सेवन किया जा सकता है (18)। वहीं, शरीर के हिसाब से इसकी सही खुराक जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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फायदे और उपयोग के बाद दालचीनी और दूध के नुकसान के बारे में जानते हैं।

दालचीनी और दूध के नुकसान – Side Effects of Dalchini and Milk in Hindi

अभी तक हमने दालचीनी और दूध के फायदे के बारे में जाना, लेकिन कुछ मामलों में दालचीनी और दूध के नुकसान भी हो सकते हैं, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं :

  • दालचीनी का अधिक उपयोग गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (मुंह से लेकर गुदे तक का मार्ग) विकार का कारण बन सकता है (19)।
  • दालचीनी से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है (19) ।
  • दालचीनी का अधिक सेवन लिवर संबंधी समस्या जैसे कि लिवर टॉक्सिसिटी का जोखिम बढ़ा सकता है (20)
  • दालचीनी में हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव यानी रक्त शर्करा को कम करने वाला प्रभाव पाया जाता है। ऐसे में, जिन व्यक्तियों का पहले से ही ब्लड शुगर कम है,
  • उनमें इसका सेवन रक्त शर्करा को और भी कम कर सकता है (21)।
  • दूध में लैक्टोज होता है, जो लैक्टोज इन्टॉलरेंस का कारण बन सकता है। इस कारण दस्त, पेट फूलना और गैस की समस्या हो सकती है (22)।
  • ज्यादा दूध पीने से लैक्टोज के कारण फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ सकता है (23)।

अब तो आपको पता चल ही गया होगा कि दालचीनी और दूध को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में औषधि के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इनका उपयोग लेख में दिए गए तरीकों को अपनाकर कर सकते हैं। हालांकि, दालचीनी और दूध का उपयोग गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं है, लेकिन बीमारी से बचाव में मददगार हो सकते हैं। वहीं, इनके सेवन के बाद किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नजर आने पर इनका इस्तेमाल बंद करें और डॉक्टर से संपर्क करें। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

क्या मैं रोज दालचीनी और दूध का सेवन कर सकता हूं?

हां, दूध और दालचीनी का सेवन डॉक्टर की सलाह पर रोजाना किया जा सकता है।

क्या मैं रात में दालचीनी और दूध ले सकता हूं?

हां, रात को दालचीनी और दूध लिया जा सकता है। हालांकि, इस विषय पर शोध उपलब्ध नहीं है।

क्या दालचीनी और दूध वजन घटाएंगे?

हां, दूध में वजन व चर्बी कम करने वाला एंटी-ओबेसिटी गुण होता है (24)। वहीं, दालचीनी में भी एंटी-ओबेसिटी प्रभाव पाया जाता है, जो मोटापे को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है (25)।

क्या हम दूध के साथ दालचीनी ले सकते हैं?

हां, डॉक्टर की सलाह से दूध के साथ दालचीनी ली जा सकती है।

Sources

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