दालचीनी और जीरा के फायदे – Amazing Benefits of Dalchini and Jeera in Hindi

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हलकी-फुलकी स्वास्थ्य समस्याओं में घरेलू उपाय के तौर पर रसोई में मौजूद कोई न कोई मसाला काम आ ही जाता है। इन्हीं में शामिल है दालचीनी और जीरा, ये दोनों ही मसाले बहुत ही आराम से किसी भी घर की रसोई में मिल जाते हैं। इन दोनों ही मसालों के अपने अलग-अलग स्वास्थ्य लाभ हैं, जिनके बारे में हमने पहले ही अपने अन्य आर्टिकल्स में जानकारी दी है। वहीं, दालचीनी और जीरा को अगर एक साथ मिलाकर उपयोग किया जाए तो इनके औषधीय गुणों का असर दोगुना हो सकता है। ऐसे में स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम जीरा और दालचीनी के फायदे के साथ-साथ दालचीनी और जीरा के नुकसान पर भी गौर करेंगे। तो दालचीनी और जीरा से जुड़े स्वास्थ्य लाभ के बारे में अधिक से अधिक जानकारी के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

लेख विस्तार से पढ़ें

इस लेख में सबसे पहले हम जीरा और दालचीनी के फायदे जान लेते हैं।

दालचीनी और जीरा के फायदे – Benefits of Dalchini and Jeera in Hindi

जीरा और दालचीनी का सेवन करने से स्वास्थ्य को कई सारे फायदे प्राप्त हो सकते हैं। इनके बारे में नीचे विस्तार से बताया जा रहा है। हम यह स्पष्ट कर दें कि नीचे बताए गए दालचीनी और जीरा के फायदे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव या उनके लक्षणों को कम करने में उपयोगी हो सकते हैं। इन्हें बीमारी का इलाज समझने की भूल न करें। गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता दें। तो चलिए अब जानते हैं दालचीनी और जीरा के फायदे, जो कुछ इस प्रकार हैं:

1. वजन कम करने के लिए

दालचीनी और जीरा के फायदे में वजन कम करना या वजन को संतुलित रखना शामिल है। इस विषय में हुए एक शोध के अनुसार, दालचीनी की चाय को वजन घटाने में उपयोगी पाया गया है। साथ ही यह बढ़ते वजन के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से बचाव करने में भी सहायक हो सकता है (1)। वहीं, वजन कम करने के लिए जीरा पानी या जीरा का सेवन भी उपयोगी हो सकता है। इस संबंध में मौजूद मधुमेह से पीड़ित जानवरों पर हुए एक शोध में, जीरा को वजन कम करने के लिए असरदार पाया गया है (2)। ऐसे में संतुलित वजन के लिए ये दोनों ही मसाले उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि इसके साथ वजन कम करने के लिए सही डाइट और नियमित योग या व्यायाम भी जरूर करें।

2. मधुमेह

मधुमेह के रोगियों की डाइट में दालचीनी और जीरा के मिश्रण को शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में दालचीनी में एंटी-डायबिटिक गुण होने का जिक्र मिलता है (3)। वहीं, एक अन्य शोध में दालचीनी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स को हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycemia- ब्लड शुगर लेवल बढ़ने की स्थिति) की समस्या को नियंत्रित करने में उपयोगी माना गया है (4)। 

ठीक इसी तरह मधुमेह के लिए जीरा के फायदे भी देखे जा सकते हैं। इस विषय में हुए शोध में मधुमेह मरीजों को कुछ हफ्तों तक जीरा का सेवन कराने के बाद उनमें ब्लड शुगर लेवल के कम होने की बात सामने आई है। दालचीनी की तरह ही जीरा में भी एंटी-डायबिटिक गुण मौजूद होता है (5)। ऐसे में इस आधार पर कह सकते हैं कि जीरा और दालचीनी का एक साथ सेवन डायबिटीज के जोखिम को कम कर सकता है। वहीं, अगर कोई व्यक्ति मधुमेह की दवा का सेवन कर रहा हो तो बेहतर है दालचीनी और जीरा के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह ले।

3. एंटीऑक्सीडेंट गुण

शरीर में मौजूद कोशिकाओं को क्षति से बचाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना आवश्यक है (6)। ऐसे में आहार में जीरा और दालचीनी का उपयोग लाभकारी हो सकता है। कई स्टडीज में दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट गुण की पुष्टि हुई है (7)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, दालचीनी में मौजूद प्रोसीयानीडीन (Procyanidin- एक प्रकार का पॉलीफेनोल) एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रदर्शित कर सकता है (3)।

वहीं, ठीक इसी तरह जीरा में भी एंटीऑक्सीडेंट गुण होने की पुष्टि हुई है (5)>। ऐसे में फ्री रैडिकल के प्रभाव से सेल डैमेज को बचाने के लिए आहार में एंटीऑक्सीडेंट युक्त दालचीनी और जीरा को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

4. एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण

रिसर्च के अनुसार सूजन की वजह से शरीर में कई सारी गंभीर बीमारियां जैसे – ह्रदय रोग, गठिया, पेट संबंधी समस्या और यहां तक की कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का जोखिम भी बढ़ सकता है (8)। ऐसे में सूजन से बचाव के लिए डाइट में एंटी-इंफ्लेमेटरी खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरुरी है। इसी में शामिल है दालचीनी और जीरा। रिसर्च के मुताबिक दालचीनी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होता है। दरअसल, दालचीनी में कई सारे फ्लेवोनोइड कंपाउंड (Flavonoid compounds) होते हैं, जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं (3)।

इसी तरह जीरा में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हड्डियों व जोड़ों की सूजन से राहत दिलाने में सहायक पाया गया है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एनाल्जेसिक (Analgesic) यानी दर्द निवारक गुण दर्द से राहत दिलाने में सहायक पाया गया है (9)। सिर्फ जीरा ही नहीं, बल्कि जीरा के तेल में भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होता है (5)। ऐसे में सूजन की समस्या से बचाव के लिए दालचीनी और जीरा का उपयोग लाभकारी हो सकता है।

5. पाचन के लिए

आजकल के खानपान की वजह से पाचन संबंधी समस्याएं सामान्य हो चुकी हैं। यहां भी दालचीनी और जीरा के फायदे देखे जा सकते हैं। पाचन को स्वस्थ रखने के लिए घरेलू उपाय के तौर पर दालचीनी और जीरा को डाइट में शामिल किया जा सकता है। दालचीनी डाइजेस्टिव टॉनिक के रूप में जाना जाता है। इसका सेवन अपच की समस्या, गैस, एसिडिटी की परेशानी के लिए उपयोगी हो सकता है (10)।

वहीं, जीरा में मौजूद क्युमिनाल्डीहाइड (Cuminaldehyde- ऑर्गेनिक कंपाउंड) और फ्लेवेनॉइड व्यक्ति के मुंह के लार ग्रंथियों (Salivary glands) को सक्रिय कर पाचन क्रिया में सुधार करने में सहायक हो सकता है (11)। ऐसे में पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए अपने खाने में दालचीनी और जीरा का उपयोग जरूर करें। इनसे खाने का स्वाद तो बढ़ ही सकता है, साथ ही इसके साथ पेट और पाचन स्वास्थ्य भी सुधर सकता है।

6. इम्यूनिटी के लिए

दालचीनी और जीरा शरीर की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बना सकता है। जहां जीरा आयरन का अच्छा स्त्रोत होने के साथ-साथ व्यक्ति के इम्युनिटी में सुधार कर सकता है (12)। वहीं, दालचीनी में इम्यूनोमॉड्युलेटरी प्रभाव (Immunomodulatory effects) होने की पुष्टि हुई है, जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में सहायक हो सकता है (13)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि इम्यून सिस्टम में सुधार करने के लिए और बदलते मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए डाइट में जीरा और दालचीनी शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

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दालचीनी और जीरा के फायदे के बाद अब गौर करते हैं इसके उपयोग से जुड़ी कुछ जानकारियों पर

दालचीनी और जीरा का उपयोग – How to Use Dalchini and Jeera in Hindi

इस आर्टिकल में बताए गए जीरा और दालचीनी के फायदे को प्राप्त करने के लिए दालचीनी और जीरा का उपयोग जान लेना जरूरी है। ऐसे में नीचे हम दालचीनी और जीरा के उपयोग से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • दालचीनी और जीरा के फायदे प्राप्त करने के लिए इन दोनों के मिश्रण से बने काढ़े का सेवन किया जा सकता है। दो से तीन कप पानी में एक चम्मच जीरा और आधा चम्मच दालचीनी पाउडर को डालकर उबाल लें। उसके बाद इस पानी को छानकर सेवन कर सकते हैं।
  • जीरा और दालचीनी को खाना बनाते वक्त सब्जी में उपयोग करें। ये न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाएंगे, बल्कि शरीर को स्वस्थ भी रखने में सहायक होंगे।
  • दालचीनी पाउडर और जीरा पाउडर को रायता या दही में डालकर सेवन कर सकते हैं।
  • सुबह के नाश्ते में फ़्रूट या वेजीटेबल सलाद में जीरा पाउडर और दालचीनी पाउडर डालकर खा सकते हैं।
  • सूप में भी दालचीनी और जीरा का उपयोग कर सकते हैं।

नीचे और भी है जानकारी

दालचीनी और जीरा के उपयोग के बाद पढ़ते हैं दालचीनी और जीरा के नुकसान के बारे में।

दालचीनी और जीरा के नुकसान – Side Effects of Dalchini and Jeera in Hindi

इसमें कोई शक नहीं है कि जीरा और दालचीनी के फायदे कई सारे हैं, लेकिन अधिक उपयोग से दालचीनी और जीरा के नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसे में लेख के इस भाग में हम सावधानी के तौर पर दालचीनी और जीरा के नुकसान से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:

  • दालचीनी के अत्यधिक सेवन से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल यानी आंतो व पेट की समस्या हो सकती हैं (14)।
  • कुछ लोगों को दालचीनी के सेवन एलर्जी की समस्या हो सकती है (14)।
  • संवेदनशील लोगों को जीरा से एलर्जी जैसे – डर्मेटाइटिस (एक्जिमा), स्किन रैश की समस्या हो सकती है। वहीं, ओवरडोज के कारण जीरा किडनी और लिवर के काम करने की प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है  (2)।
  • गर्भवती महिलाएं जीरा व दालचीनी का सेवन डॉक्टरी सलाह पर ही करें (2)।
  • कैसिया दालचीनी (Cassia cinnamon), जिसे चाइनीज दालचीनी भी कहा जाता है, इसके हाई डोज से विषाक्तता का जोखिम हो सकता है। इसमें कूमरिन (coumarins) नामक यौगिक होता है, जो टॉक्सिक का कारण बन सकता है (15)।
  • जीरा का अधिक सेवन ब्लड ग्लूकोज के स्तर को जरूरत से ज्यादा कम कर सकता है। इसके अलावा ब्लीडिंग का जोखिम पैदा कर सकता है (2)।

इस आर्टिकल में दालचीनी और जीरा के फायदे के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देने की कोशिश की गई है। हालांकि, लेख में सावधानी के तौर पर दालचीनी और जीरा के नुकसान के बारे में भी बताया गया है। हम यह स्पष्ट कर दें कि इन नुकसानों से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दालचीनी और जीरा का उपयोग आहार में थोड़ी मात्रा में करने से इनके नुकसान न के बराबर हो सकते हैं । अगर फिर भी मन में संशय हो तो इनके उपयोग से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की राय लेना अच्छा विकल्प हो सकता है। उम्मीद है यह लेख आपके लिए उपयोगी रहा होगा। ऐसे ही अन्य विषयों के बारे में जानने के लिए स्टाइलक्रेज की वेबसाइट पर मौजूद अन्य आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खाली-पेट दालचीनी और जीरा का सेवन करने से क्या फायदे हो सकते हैं?

खाली-पेट दालचीनी और जीरा का सेवन करने से जुड़े लाभ के बारे में अभी वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है। ऐसे में हम अनुमानतः यह कह सकते हैं कि खाली-पेट दालचीनी और जीरा का सेवन करने से भी वही लाभ हो सकते हैं, जो भरे पेट या सामान्य समय में सेवन करने से होंगे। ऐसे में इस आधार पर कह सकते हैं कि खाली पेट दालचीनी और जीरा का सेवन करने से भी इस लेख में जो फायदे बताए गए हैं, वही लाभ हो सकते हैं।

क्या दालचीनी और जीरा का सेवन रोजाना किया जा सकता है?

दालचीनी और जीरा का सेवन कम मात्रा में खाना बनाते वक्त मसाले के तौर पर किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी चीज की अधिकता उसके नुकसान का कारण बन सकती है। ऐसे में सीधे तौर पर दालचीनी और जीरा का सेवन हर रोज करने से बचें।

क्या दालचीनी और जीरा का सेवन रात में किया जा सकता है?

दालचीनी और जीरा का सेवन करने के लिए कोई निर्धारित समय नहीं बताया गया है। हालांकि, रात के खाने की सब्जी में मसाले के तौर पर दालचीनी और जीरा को शामिल कर दालचीनी और जीरा युक्त सब्जी का सेवन कर सकते हैं।

क्या दालचीनी और जीरा वजन घटा सकते हैं?

हां, लेख में पहले ही हमने जानकारी दी है कि दालचीनी की चाय वजन कम करने के लिए उपयोगी पाई गई है (1)। वहीं, जीरा को भी वजन कम करने के लिए लाभकारी पाया गया है (2)। ऐसे में वजन कम करने के लिए दालचीनी और जीरा की चाय का सेवन किया जा सकता है।

15 Sources

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