दालचीनी के तेल के फायद, उपयोग और नुकसान – Cinnamon Oil Benefits and Side Effects in Hindi

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दालचीनी की गिनती चुनिंदा खास मसालों में होती है। खासकर, भारतीय व्यंजनों में इसका इस्तेमाल जायका बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, इसका उपयोग स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। वहीं, दालचीनी की तरह ही कई शारीरिक समस्याओं में इससे बनने वाले तेल यानी दालचीनी के तेल का उपयोग भी फायदेमंद माना जाता है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम दालचीनी के तेल के फायदे बताने जा रहे हैं। इस लेख में आप दालचीनी के तेल के फायदे के साथ-साथ इसके उपयोग और इससे जुड़े नुकसान भी जान पाएंगे। दालचीनी के तेल के बारे में जानने के लिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

पढ़ें विस्तार से

सबसे पहले यह जान लेते हैं कि दालचीनी तेल के फायदे क्या-क्या हैं?

दालचीनी के तेल के नुकसान – Side Effects of Cinnamon Oil in Hindi

 दालचीनी के तेल के फायदे – Benefits of Cinnamon Oil in Hindi

दालचीनी का तेल गुणों से भरपूर होता है। दालचीनी के तेल के फायदे के बारे में हम नीचे विस्तार से बता रहे हैं। इससे पहले हम पाठकों को यह बताना चाहते हैं कि दालचीनी का तेल किसी भी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं है। इसका उपयोग केवल समस्या से बचाव व उसके लक्षणों को कम करने के लिए किया जा सकता है। गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

1. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक

हृदय की अच्छी सेहत के लिए दालचीनी के फायदे तो हैं ही, लेकिन दालचीनी का तेल भी हृदय के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि दालचीनी का अर्क बढ़ते कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। इसी अध्ययन में मुर्गियों पर हुए शोध में दालचीनी का तेल कोलेस्ट्रॉल को कम करता दिखाई दिया है (1)। वहीं, कोलेस्ट्रॉल को हृदय रोग का एक जोखिम कारक माना जाता (2) है। इस आधार पर माना जा सकता है कि दालचीनी का तेल कोलेस्ट्रॉल की वजह से होने वाले हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

2. मधुमेह के उपचार में फायदेमंद

अगर किसी को मधुमेह है, तो उनके लिए भी दालचीनी के तेल के फायदे हो सकते हैं। दरअसल, चूहों पर हुए एक शोध से पता चलता है कि दालचीनी का तेल एंटी-डायबिटिक प्रभाव प्रदर्शित कर ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित करने का काम कर सकता है। शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि यह टाइप-2 डायबिटीज के उपचार में लाभकारी हो सकता है (3)।

3. कैंसर से बचाव में लाभकारी

दालचीनी के तेल के फायदे कैंसर से बचाव में भी कुछ हद तक लाभकाही हो सकते हैं। दरअसल, इससे जुड़े एक शोध में इसके एंटीकैंसर प्रभाव के बारे में पता चलता है, यानी यह कैंसर से बचाव में मददगार हो सकता है। इसके एंटीकैंसर गुण के पीछे इसमें मौजूद ट्रांस-सिनामलडिहाइड (trans-cinnamaldehyde) नामक यौगिक का प्रभाव माना जाता है। वहीं, शोध में इस बात का साफ जिक्र मिलता है कि ट्रांस-सिनामलडिहाइड, स्तन कैंसर के जोखिम को कम करने में प्रभावकारी हो सकता है (4)।

नोट: दालचीनी का तेल किसी भी तरीके से कैंसर का डॉक्टरी इलाज नहीं है। अगर कोई इस बीमारी से पीड़ित है, तो उसे जल्द से जल्द डॉक्टरी उपचार करवाना चाहिए।

4. कामोत्तेजक (Aphrodisiac)

यौन संबंधी गतिविधियों में भी दालचीनी के तेल के फायदे देखे गए हैं। एक शोध में इस बात का जिक्र किया गया है कि दालचीनी की छाल का तेल शुक्राणु की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ शुक्राणु की गतिशीलता की कमी से ग्रस्त मरीजों में उपयोगी साबित हो सकता है (5)। वहीं, एक अन्य शोध में पता चलता है कि दालचीनी का मेथनॉल अर्क कामोत्तेजक गुण प्रदर्शित कर सकता है (6)। हालांकि, इसकी कार्यप्रणाली को लेकर अभी और सटीक शोध की आवश्यकता है।

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5. अल्सर में मददगार

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, एच. पाइलोरी (H. pylori) नामक बैक्टीरिया गैस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) और पेप्टिक अल्सर (पेट का अल्सर) के जोखिम को बढ़ा सकता है। वहीं, इसी शोध में साफ तौर से जिक्र मिलता है कि दालचीनी का तेल अल्सर पैदा करने वाले बैक्टीरिया एच. पाइलोरी के खिलाफ लड़ने का काम कर सकता है (7)। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि अल्सर की समस्या में दालचीनी का तेल लाभकारी हो सकता है।

6. फंगल इंफेक्शन के लिए

दालचीनी का तेल फंगल इंफेक्शन को भी कम करने में मदद कर सकता है। दरअसल, इसमें एंटी-फंगल गुण मौजूद होते हैं, जो फंगल संक्रमण से आराम दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं (8)। इसमें मौजूद एंटीफंगल गुण कैंडिडा अल्बिकन्स, कैंडिडा ट्रॉपिकल और कैंडिडा क्रूसि जैसे फंगस से लड़ने में मदद कर सकते हैं (9)।

7. तनाव में प्रभावी

दालचीनी का तेल तनाव की स्थिति में कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, इससे जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि दालचीनी के तेल को सूंघने से निराशा यानी फ्रस्ट्रेशन को कम करने के साथ ही मूड को ठीक करने में मदद मिल सकती है (10)। ऐसे में हम कह सकते हैं कि दालचीनी तेल के उपयोग तनाव के उपचार में कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है।

8. त्वचा के लिए लाभकारी

त्वचा के लिए भी दालचीनी का तेल लाभकारी हो सकता है। इससे जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि दालचीनी के तेल युक्त हर्बल साबुन का उपयोग चेहरे को साफ करने के साथ-साथ मुंहासों के दाग-धब्बों को दूर करने में मदद कर सकता है (11)। वहीं, एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि शहद के साथ दालचीनी का अर्क मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ एंटीबैक्टीरिल गतिविधि प्रदर्शित कर सकता है (12)।

आगे और है जानकारी

दालचीनी के तेल के पौष्टिक तत्व – Cinnamon Oil Nutritional Value in Hindi

दालचीनी की छाल के तेल में कुछ खास रसायन होते हैं, जिनकी वजह से यह औषधीय गतिविधि प्रदर्शित कर पाता है। इन्हें दालचीनी के तेल के पौष्टिक तत्व मान सकते हैं। इसमें मौजूद सिनामलडिहाइड और यूजेनॉल को प्रमुख तत्व माना जाता है। इसके अलावा, इसमें सिनेमिक एसिड, सिनेमाइल एसिटेट, अल्फा – थूजेने, अल्फा – टरपिनॉल, अल्फा – क्यूबेबेने, अनकॉनजुगेटेड एक्सोसाइक्लिक डबल बॉन्ड यूजेनॉल, बीटा-कैरोफिलीन और टेरपिनोलीन जैसे यौगीक पाए जाते हैं (13)।

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दालचीनी के तेल का उपयोग – How to Use Dalchini Oil in Hindi

लेख के इस भाग में हम दालचीनी के तेल के उपयोग के बारे में बताएंगे।    

दालचीनी के तेल के फायदे जानने के बाद अब नीचे जानिए दालचीनी का तेल किस प्रकार इस्तेमाल किया जा सकता है (11), (14) –

  • त्वचा के लिए दालचीनी के तेल का इस्तेमाल हर्बल साबुन और क्रीम में किया जाता है।
  • अरोमाथेरेपी के लिए दालचीनी के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • एक गिलास गुनगुने पानी में इसके तेल की कुछ बूंदों का इस्तेमाल कर माउथवॉश किया जा सकता है।
  • इसका इस्तेमाल कई परफ्यूम में भी किया जाता है।
  • दालचीनी का तेल जोड़ों में दर्द की समस्या में इस्तेमाल किया जा सकता है।

सेवन की मात्रा :

इसके सेवन की सही मात्रा से जुड़ा कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए, हमारा सुझाव यही है कि इसका इस्तेमाल डॉक्टर या विशेषज्ञ के परामर्श पर ही करें।

अंत तक पढ़ें

दालचीनी तेल के फायदे और इसका उपयोग जानने के बाद आगे जानिए दालचीनी का तेल बनाने की विधि।

दालचीनी का तेल बनाने की विधि – How to Make Cinnamon Oil in Hindi 

सामग्री :

  • दालचीनी (पाउडर के रूप में) – 25 ग्राम
  • जैतून का तेल – 100 ग्राम
  • चीज़क्लॉथ – एक 

बनाने की विधि :

  • सबसे पहले एक पैन में जैतून का तेल डालें।
  • इसके बाद इसमें दालचीनी का पाउडर मिला लें।
  • दोनों को मिलाने के बाद इसे गर्म करने के लिए गैस पर चढ़ाएं।
  • धीमी आंच पर इसे 10 से 15 मिनट तक पकाएं।
  • समय पूरा होने के बाद तेल को चीज़क्लॉथ की मदद से छान लें और किसी एयरटाइट बोतल में भरकर रख दें।
  • इस प्रकार दालचिनी का तेल बना सकते हैं। 

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दालचीनी के तेल को लम्बे समय तक सुरक्षित कैसे रखें – How to Store Cinnamon Oil in Hindi 

दालचीनी का तेल लंबे समय तक संग्रहित किया जा सकता है। इसके लिए इसे कांच की एयरटाइट बोतल में भरकर फ्रिज में रख दें। इस प्रकार इसका इस्तेमाल लंबे समय तक किया जा सकता है।

करें स्क्रॉल 

दालचीनी का तेल कहां से खरीदें?

दालचीनी का तेल अपनी स्वेच्छा के अनुसार किसी भी मॉल, नजदीकी स्वास्थ्य स्टोर या ऑनलाइन माध्यम से खरीदा जा सकता है। हालांकि, इसे घर में भी बनाया जा सकता है। इसे बनाने की विधि हमने अपने ऊपर बता दी है।

अब जानें नुकसान 

लेख में अब जानिए दालचीनी के नुकसान किस प्रकार सामने आ सकते हैं। 

दालचीनी के तेल के नुकसान – Side Effects of Cinnamon Oil in Hindi

दालचीनी के तेल के फायदे तो हम बता चुके हैं, लेकिन इसका अधिक मात्रा में किया गया इस्तेमाल दालचीनी के तेल के नुकसान का कारण बन सकता है। पढ़ें आगे – 

  • लिवर से जुड़ी किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को दालचीनी के तेल का सेवन नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में किया गया इसका सेवन समस्या को और भी गंभीर बना सकता है। इसके अलावा, शराब का सेवन करने वालों को भी इससे बचना चाहिए (15)।
  • पैरासिटामाल दवा लेने के दौरान भी दालचीनी के तेल का सेवन न करने की सलाह दी जाती है (15)।
  • दालचीनी के तेल का सेवन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र अवसाद (central nervous system depression) का कारण भी बन सकता है (15)। यह समस्या केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क और रीढ़) की क्षति का कारण बन सकती है।
  • जैसा कि हमने ऊपर बताया कि दालचीनी का तेल बढ़े हुए ग्लूकोज के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है (3)। ऐसे में जिनका ब्लड ग्लूकोज पहले से ही कम है, उनमें इसका अधिक मात्रा में सेवन ब्लड ग्लूकोज के स्तर को और भी कम कर सकता है।
  • संवेदनशील त्वचा पर इसका इस्तेमाल जलन और रैशेज का कारण भी बन सकता है।

अब हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख को पढ़ने के बाद पाठक दालचीनी तेल के फायदे अच्छी तरह समझ गए होंगे और जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल जरूर करेंगे। आपकी सुविधा के लिए हमने लेख में दालचीनी तेल बनाने की विधि और इसके विभिन्न उपयोग भी बता दिए हैं। अब आप इसका लाभ पाने के लिए इसे इस्तेमाल में ला सकते हैं। वहीं, इसकी मात्रा का भी ध्यान जरूर रखें, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा बताए गए दालचीनी के तेल के नुकसान का कारण बन सकती है। अब हम नीचे अक्सर पूछे जाने वाले कुछ सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

दालचीनी के तेल का उपयोग कैसे कर सकते हैं?

दालचीनी के तेल के उपयोग से जुड़ी जानकारी हमने लेख में ऊपर दी है। आप उपयोग वाले भाग में जाकर विस्तार से इस बारे में जान सकते हैं।

क्या दालचीनी का तेल त्वचा को जला सकता है?

दालचीनी का तेल अगर संवेदनशील त्वचा पर अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जाए, तो इससे त्वचा में जलन सकती है। वहीं, ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि यह त्वचा को जला सकता है।

क्या दालचीनी का तेल बालों के विकास के लिए अच्छा है?

इससे जुड़े एक वैज्ञानिक शोध से पता चलता है कि दालचीनी का तेल बालों की लंबाई बढ़ाने में मदद कर सकता है (16)। हालांकि, यह शोध चूहों पर किया गया था, इसलिए इंसानों पर इसका प्रभाव जानने के लिए और शोध की आवश्यकता है।

क्या दालचीनी का तेल वजन घटाने के लिए अच्छा है?

वजन घटाने में दालचीनी का तेल फायदेमंद है या नहीं, यह बता पाना मुश्किल है। फिलहाल, इस पर कोई सटीक शोध उपलब्ध नहीं है।

 दालचीनी के तेल और दालचीनी की छाल के तेल में क्या अंतर है?

दालचीनी के तेल को जैतून या नारियल तेल में दालचीनी की छाल के चूर्ण को डालकर बनाया जाता है। वहीं, दालचीनी की छाल का तेल इसकी छाल में मौजूद तेल होता है, जिसे सिनेमन एसेंशियल ऑयल के नाम से भी जाना जाता है।

कौन-सा दालचीनी का तेल सबसे अच्छा है?

सीलोन दालचीनी को अच्छी गुणवत्ता वाला माना जाता है। इसलिए, इससे बनने वाले तेल को अच्छा माना जा सकता है।

Sources

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आवृति गौतम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने अपने करियर की शुरूआत डिजिटल मीडिया से ही की थी। इस क्षेत्र में इन्हें काम करते हुए दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। आवृति को स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर विडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ने का, नई-नई जगहों पर घूमने का और गाने सुनने का भी शौक है।

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