दलिया के फायदे और नुकसान – Bulgur Wheat (Daliya) Benefits and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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दलिया और दलिया से बने खाद्य पदार्थ पोषक तत्वों से समृद्ध होते हैं। दलिये के सेवन से पोषण तत्वों की कमी से होने वाले समस्या को कम किया जा सकता है। साथ ही यह कई बीमारियों के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो डॉक्टर की सलाह इसका सेवन करने से इलाज के प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है। ऐसा इसलिए संभव है, क्योंकि इलाज के साथ-साथ सही खान-पान भी जरूरी है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम दलिया खाने के फायदे और दलिया खाने के नुकसान दोनों के बारे में जानकारी देंगे।

लेख के शुरुआत में हम यही बता रहे हैं कि दलिया कहा किसे जाता है।

दलिया क्या है? – What is Bulgur Wheat in Hindi

दलिया एक पौष्टिक आहार होता है, जो टूटे हुए अनाज के मिश्रण से बनता है। इन अनाज में मुख्य रूप से गेहूं, चावल, बाजरा, मकई व जई आदि शामिल है। भारत में सामान्य रूप से लगभग सभी के घर गेंहू का दलिया पाए जाते हैं। यह कई पोषक तत्व से समृद्ध होता है, जैसे – विटामिन, मिनरल व आयरन। इसे ज्यादातर सुबह के नाश्ते में खाया जाता है, क्योंकि सुबह इसका सेवन करने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और आप दिनभर तारोताजा रहते हैं। इसके सेवन से पाचन, कब्ज और हृदय स्वस्थ जैसी कई समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। इसके बारे में लेख में आगे विस्तार से बताया गया है।

दलिया के फायदे जानने के लिए पढ़ते रहें यह लेख।

दलिया के फायदे – Benefits of Bulgur Wheat in Hindi

दलिया लोगों के आहार में अपनी जगह इसलिए बनाए हुए है, क्योंकि इसका सेवन सेहतमंद होता है। यहां हम इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

1. हृदय स्वाथ्य में सुधार

आजकल हर कोई स्वस्थ रहना चाहता है और दलिये की मदद से ऐसा संभव है। दलिया फाइबर का अच्छा स्रोत होता है, जो हृदय के जोखिम से बचाए रखने में मदद कर सकता है। वहीं, अगर किसी का हृदय संबंधी इलाज चल रहा है, तो दलिया इलाज के प्रभाव को बढ़ा सकता है (1)। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि दलिया के फायदे हृदय के लिए भी हो सकते हैं।

2. ब्लड शुगर को नियंत्रण में करने के लिए

एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, दलिया का सेवन करने से ब्लड शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है। दरअसल, दलिया रक्त में शुगर की मात्रा को कम और इंसुलिन के संचार की मात्रा को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इससे मधुमेह की समस्या से बचने में सहायता मिल सकती है (2)। साथ ही दलिया को लो ग्लाइसेमिक इंडेक्टस की श्रेणी में रखा गया है, जिस कारण इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा माना गया है (3) (4)। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि दलिया खाने के स्वास्थ्य लाभ वालों को भी हो सकता है।

3. पाचन में मददगार

दलिया खाने के फायदे में बेहतर पाचन तंत्र भी शामिल है। यह दलिया में पाए जाने वाले फाइबर के कारण संभव हो सकता है। फाइबर खाने को पचाने और पाचन क्रिया में सुधार करने का काम कर सकता है। साथ ही कब्ज को दूर करके पेट को साफ कर सकता है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम कर सकता है (5)।

4. स्वस्थ पेट के लिए

पेट को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के आहार और पेय पदार्थ का सेवन किया जा सकता है, उन्हीं में से एक दलिया भी है। दलिया में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है (6), जो पेट को साफ करने का काम करता है। इससे कि पेट की विभिन्न तरह की समस्याएं दूर हो सकती हैं (7)। इसलिए, दलिया के फायदे पेट के लिए माने जा सकते हैं।

5. कब्ज के लिए

कब्ज की समस्या से निपटने के लिए फाइबर युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। इसमें दलिया मदद कर सकता है, क्योंकि दलिया में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो मल को एक साथ शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकता है। इससे कब्ज की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है (8)।

6. वजन को कम करने के लिए

दलिया खाने के स्वास्थ्य लाभ में वजन घटाना भी शामिल है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की ओर से प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, फाइबर वजन को घटाने का काम कर सकता है। दरअसल, फाइबर शरीर में ऊर्जा को बनाए रखने में मदद कर सकता है, जिससे लंबे समय तक भूख को शांत रखा जा सकता है (9)। वही, दलिया फाइबर का अच्छा स्रोत होता है (10)। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि वजन घटाने के लिए दलिया फायदेमंद हो सकता है।

इस लेख के आगे भाग में दलिया में मौजूद पौष्टिक तत्व के बारे में जानेंगे।

दलिया के पौष्टिक तत्व – Bulgur Wheat Nutritional Value in Hindi

दलिया में पाए जाने वाले पोषक तत्व के कारण ही यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। इन पोषक तत्वों को नीचे चार्ट के जरिए विस्तार से बताया जा रहा है (10)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 g
पानी77.76 g
ऊर्जा83 kcal
प्रोटीन3.08 g
टोटल लिपिड (फैट)0.24 g
कार्बोहाइड्रेट18.58 g
फाइबर4.5 g
शुगर, टोटल0.1 g
मिनरल्स
कैल्शियम ,Ca10 gm
आयरन ,Fe0.96 mg
मैग्नीशियम , Mg 32 mg
फास्फोरस ,P40 mg
पोटैशियम ,K68 mg
सोडियम ,Na5 mg
जिंक ,Zn0.57 mg
विटामिन्स
विटामिन सी , टोटल एस्कॉर्बिक एसिड0 mg
थाइमिन0.057 mg
राइबोफ्लेविन0.028 mg
नियासिन1 mg
विटामिन बी -60.083 mg
फोलेट DFE18 µg
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफ़ेरॉल)0.01 mg
लिपिड
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड0.042 g
मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड0.031 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.098 g

लेख के अगले हिस्से में बताया जा रहा है कि दलिया का उपयोग कैसे किया जाए।

दलिया का उपयोग – How to Use Bulgur Wheat in Hindi

दलिया से कोई एक नहीं, बल्कि कई प्रकार के व्यंजन बनाए जा सकते हैं। ये स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहतंद के लिए भी फायदेमंद है।

कैसे खाएं:

  • दलिया को फलाफल बनाकर खाया जा सकता है।
  • दलिया को कई ड्राई फ्रूट और बीन्स में मिलाकर सलाद की तरह खाया जा सकता है।
  • दलिया को सूप में मिलाकर लिया जा सकता है।
  • कई आहार में इसे ऊपर से गार्निश करके खाया जा सकता है।
  • दलिया में दूध और शक्कर डालकर भी खाया जा सकता है।

कब खाएं:

  • इसे सुबह ड्राई फ्रूट और बिन्स के साथ पका कर खाया जा सकता है।
  • शाम को दलिया को सूप में मिलकर लिया जा सकता है।
  • दोपहर या रात के आहार में इसे गार्निश करके खाया जा सकता है।

कितना खाएं :

प्रतिदिन 85 से 226 ग्राम दलिया का सेवन किया जा सकता है (11)। फिर भी इसका सेवन से पहले आहार विशेषज्ञ से इसकी उचित मात्रा के बारे में पूछा जा सकता है।

आइए, अब दलिया खाने के नुकसान के बारे में जान लेते हैं।

दलिया के नुकसान – Side Effects of Bulgur Wheat in Hindi

जिस तरह दलिया खाने के फायदे हो सकते हैं, उसी तरह इसके सेवन से कुछ दुष्प्रभाव होने की आशंका भी रहती है, जो इस प्रकार है:

  • दलिया के अधिक मात्रा में सेवन करने पर पेट में गैस, पेट फूलना और पेट में ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है, क्योंकि इसमें कुछ मात्रा फाइबर की पाई जाती है (10) (12)।

अब आप यह तो बखूबी जान गए होंगे कि दलिया क्या है। इसके सेवन से शरीर को विभिन्न तरह के लाभ मिल सकते हैं। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि दलिया इन लेख में बताई गई समस्याओं को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकता है। यह सिर्फ कुछ लक्षणों को कम करने में ही मदद करता है। इसलिए, उचित इलाज के लिए डॉक्टरी परामर्श जरूरी है। हां, यह भी संभव है कि अगर दलिया का सेवन नियमित रूप से किया जाए, तो ये बीमारियां हो ही न। साथ ही इसके नुकसान और उपयोग के बारे में भी लेख में ऊपर बताया गया है। ऐसे में इस लेख को अन्य लोगों के साथ शेयर कर इन जानकारियों से सभी को अवगत कराएं।

Sources

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भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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