डार्क चॉकलेट के 14 फायदे और नुकसान – All About Dark Chocolates in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
by

‘चॉकलेट’ यह शब्द सुनते ही हर किसी के चेहरे पर मुस्कान फैल जाती है। बच्चे हों या बूढ़े, चॉकलेट भला किसे पसंद नहीं होती हैं। किसी का गुस्सा शांत करना हो या किसी का दिल खुश करना हो, चॉकलेट हमेशा एक पसंदीदा विकल्प रही है। एक वक्त था जब चॉकलेट की कुछ गिनी-चुनी किस्में ही हुआ करती थीं, लेकिन आज बाजार में तमाम तरह की चॉकलेट मौजूद हैं और ‘डार्क चॉकलेट’ उन्हीं में से एक है। जिन्हें डार्क चॉकलेट पसंद है, उन्हें यह आर्टिकल जरूर पसंद आएगा और जो डार्क चॉकलेट नहीं खाते, वो इसके गुणों को जानकर इसे एक बार तो जरूर ट्राई करेंगे। इस लेख के जरिए हम डार्क चॉकलेट के फायदे तो बताएंगे ही, लेकिन लोग फायदे जानने के बाद इसका जरूरत से ज्यादा सेवन न करने लगें, इसलिए अधिक डार्क चॉकलेट खाने के नुकसान की भी जानकारी देंगे। अब देर किस बात की, तैयार हो जाइए डार्क चॉकलेट बेनिफिट्स जानने के लिए।

पढ़ें विस्तार से

इससे पहले कि डार्क चॉकलेट के फायदे जानें, यह जानना जरूरी है कि आखिर डार्क चॉकलेट क्या है?

डार्क चॉकलेट क्या है?

‘डार्क चॉकलेट’ को किसी परिचय की जरूरत नहीं है, लेकिन जिनको जानकारी नहीं है और जिनके मन में सवाल आता है कि डार्क चॉकलेट क्या है? उनके लिए हम बता दें कि ‘डार्क चॉकलेट’ कोको बीन्स से बनती है। मिल्क चॉकलेट की तुलना में डार्क चॉकलेट में 50 से 90 प्रतिशत कोको सॉलिड, कोको बटर और चीनी मौजूद होती है। इसमें आयरन, कॉपर, फ्लैवनॉल्स, जिंक व फास्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं (1)। लेख के आगे के भाग में हम डार्क चॉकलेट के स्वास्थ्य लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

आगे पढ़ें

अब जानते हैं कि डार्क चॉकलेट खाने के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं। लेख के इस भाग में हम डार्क चॉकलेट के स्वास्थ्य लाभ की जानकारी दे रहे हैं।

डार्क चॉकलेट के फायदे – Benefits of Dark Chocolate in Hindi

डार्क चॉकलेट के फायदे अनेक हैं, लेकिन उनमें से कुछ के बारे में हम आपको नीचे जानकारी दे रहे हैं। पाठक ध्यान दें कि डॉर्क चॉकलेट लेख में शामिल किसी भी शारीरिक समस्या का इलाज नहीं है। यह केवल समस्या से बचाव व उनके लक्षणों को कम करने में कुछ हद तक मददगार साबित हो सकती है।

1. हृदय स्वास्थ्य के लिए डार्क चॉकलेट के फायदे

संतुलित मात्रा में डार्क चॉकलेट का सेवन हृदय के लिए लाभकारी हो सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लैवनॉल (flavanol) नामक तत्व एलडीएल (LDL) कोलेस्ट्रॉल यानी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक पाया गया है। इसके साथ ही यह ब्लड प्रेशर को भी संतुलित करने में सहायक पाया गया है (2)। कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर हृदय संबंधी के मुख्य जोखिम कारकों में शामिल हैं (3)। इसी के साथ एक अन्य शोध में भी यह बात सामने आयी है कि डार्क चॉकलेट में मौजूद उच्च फ्लैवनॉल प्लेटलेट एग्रीगेशन (Platelet Aggregation – प्लेटलेट का एक साथ जमा होना) को कम कर सकता है और एंडोथेलियल फंक्शन (Endothelial Function – हृदय और रक्त वाहिकाओं में मौजूद पतली झिल्ली जो खून के थक्कों को बनने से रोक सकती है) में भी सुधार कर सकता है (4) (5) (6)। ऐसे में संतुलित मात्रा में डार्क चॉकलेट का सेवन हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है।

2. डिप्रेशन और तनाव के लिए डार्क चॉकलेट खाने के फायदे

डिप्रेशन या फिर तनाव की बात करें, तो आजकल लगभग हर कोई कभी न कभी इस तरह की समस्या से गुजरता है। मूड में बदलाव, कभी उदास होना, चिड़चिड़ा होना, इसके लक्षणों में से एक है (7)। ऐसे में इस समस्या से बचने या मूड को ठीक करने के लिए डार्क चॉकलेट मददगार साबित हो सकती है। दरअसल, एक स्टडी में यह बात सामने आयी है कि तीन दिन तक डार्क चॉकलेट के सेवन से कुछ लोगों में डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार पाया गया है (8)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अन्य शोध में भी, डार्क चॉकलेट डिप्रेशन के लक्षणों पर प्रभावकारी पाई गई है (9)। इसके अलावा, महिलाओं में डार्क चॉकलेट के सेवन से तनाव की समस्या में सुधार पाया गया है (10)। चॉकलेट देखकर तो लगभग हर किसी का मूड ठीक हो सकता है, ऐसे में डार्क चॉकलेट देकर मूड के साथ-साथ सेहत को भी फायदा पहुंचाया जा सकता है।

3. कोलेस्ट्रॉल के लिए डार्क चॉकलेट के फायदे

बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए भी डॉर्क चॉकलेट के फायदे देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित कई अध्ययनों में यह बात सामने आयी है कि डार्क चॉकलेट में मौजूद कोको पॉलीफेनोल्स के सेवन से अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL Cholesterol) में वृद्धि पायी गई (11)।

इसके साथ ही लो फैट डाइट के साथ प्लांट स्टेरोल्स (plant sterols) और कोको फ्लैवेनॉल्स (cocoa flavanols) युक्त डार्क चॉकलेट के सेवन से कोलेस्ट्रॉल में कमी हो सकती है और हृदय स्वास्थ्य और ब्लड प्रेशर में भी सुधार हो सकता है (12) (13)।

4. एंटीऑक्सीडेंट गुण

शरीर को बीमारियों से बचाने और स्वस्थ रखने के लिए एंटीऑक्सीडेंट बहुत जरूरी होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को क्षति होने से बचाव कर सकता है (14) (15)। अधिकांश फलों और सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इसके साथ ही डार्क चॉकलेट में भी एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं। कोको को उन खाद्य पदार्थों की श्रेणी में रखा गया है, जिनमें ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं (16) (13) (17)। शोध में यह बात सामने आयी है कि डार्क चॉकलेट में फेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट काफी मात्रा में मौजूद होता है (18)। इसलिए, खुद को स्वस्थ रखने के लिए डार्क चॉकलेट का सहारा ले सकते हैं।

5. सर्दी-जुकाम के लिए डार्क चॉकलेट

बदलते मौसम के साथ हल्की-फुल्की बीमारियां लगी रहती है, सर्दी-जुकाम भी उन्हीं में से एक है। ऐसे में सर्दी-जुकाम से खुद को बचाना है, तो डार्क चॉकलेट का सेवन कर सकते हैं (19)। डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमाइन (Theobromine) नामक रासायनिक पदार्थ होता है, जो श्वसन तंत्र संबंधी समस्याओं से प्रभावी रूप से काम कर सकता है, जिसमें सर्दी-जुकाम भी शामिल हैं (20) (21) (22)।

6. मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए डार्क चॉकलेट

डार्क चॉकलेट स्वास्थ्य के साथ-साथ मस्तिष्क के लिए भी लाभकारी हो सकती है। कुछ स्टडीज में यह बात सामने आयी है कि डार्क चॉकलेट के फ्लेवोनोइड्स संज्ञानात्मक कार्यों में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं (23)। इसके साथ ही डार्क चॉकलेट में मौजूद यह फ्लेवोनोइड्स याददाश्त में सुधार करने में भी मददगार साबित हो सकता है (24)। ऐसे में मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए डार्क चॉकलेट का सेवन किया जा सकता है।

7. ब्लड प्रेशर के लिए डार्क चॉकलेट

डार्क चॉकलेट के फायदे की बात करें, तो यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी सहायक हो सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में यह बात सामने आयी है कि डार्क चॉकलेट का सीमित मात्रा में सेवन करने से रक्तचाप में कमी हो सकती है (25) (26)। ऐसे में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से राहत पाने के लिए हाई बीपी के मरीज डार्क चॉकलेट का सेवन कर सकते हैं। हालांकि, इस बारे में एक बार डॉक्टरी परामर्श लेना भी जरूरी है।

जारी रखें पढ़ना

8. कैंसर के लिए डार्क चॉकलेट

इसमें कोई शक नहीं कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है। ऐसे में अगर चॉकलेट की बात करें, तो कैंसर ठीक करने के लिए तो नहीं, लेकिन कैंसर से बचाव के लिए डार्क चॉकलेट सहायक हो सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित चूहों पर किया गया एक अध्ययन डार्क चॉकलेट के सेवन और पेट के कैंसर की रोकथाम के बीच एक संभावित लिंक को उजागर करता है (27)। आहार में डार्क चॉकलेट को शामिल करना कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने और सूजन को कम कर सकता है। इसके अलावा, डार्क चॉकलेट और अन्य स्रोतों से फ्लेवोनोल्स की कम मात्रा का सेवन करने से पेट के कैंसर से बचाव में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में और अधिक शोध की आवश्यकता है (28)।

वहीं, डार्क चॉकलेट कोको में कैटेचिन (catechins) और प्रोसीएनिडिन (procyanidins) की उच्च मात्रा भी होती है, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और पुरानी सूजन के खिलाफ लाभकारी प्रभाव डालकर कैंसर के इन जोखिमों को कम कर सकती है (29)। ऐसे में कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए संतुलित मात्रा में डार्क चॉकलेट का सेवन किया जा सकता है। इसके साथ ही, पाठक ध्यान दें कि डार्क चॉकलेट किसी भी तरीके से कैंसर का इलाज नहीं है। अगर कोई इस बीमारी के चपेट में है, तो डॉक्टरी इलाज करवाना जरूरी है।

9. एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण

डार्क चॉकलेट के एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण की बात की जाए, तो फ्लेवनॉल युक्त कोको के सेवन से सूजन कम हो सकती है। यह वैस्कुलर सूजन को रोक सकती है या कम कर सकती ही (30)। कोको का यह एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण ही रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) यानी फ्री रेडिकल्स को रोक सकता है और एंटी-हाइपरटेंसिव प्रभाव को प्रदर्शित कर सकता है (16)। हालांकि, कोको फ्लैवनॉल्स के एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण को लेकर अभी और शोध की आवश्यकता है।

10. आंखों के लिए डार्क चॉकलेट

डार्क चॉकलेट का सेवन आंखों को भी स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में मिल्क चॉकलेट की तुलना में डार्क चॉकलेट के सेवन के दो घंटे बाद देखने की क्षमता में अधिक सुधार पाया गया है (31)। हालांकि, इन प्रभावों को लेकर अभी और शोध की आवश्यकता है।

11. मधुमेह के लिए शुगर फ्री डार्क चॉकलेट

कुछ अध्ययनों के अनुसार, डार्क चॉकलेट का सेवन ब्लड शुगर लेवल को कम करने में सहायक हो सकता है। कोको में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण सीधे इंसुलिन प्रतिरोध को प्रभावित कर सकते हैं और बदले में, मधुमेह के लिए जोखिम को कम कर सकते हैं (16)। इसके अलावा, यह भी संभव है कि डार्क चॉकलेट में कोको पॉलीफेनोल्स सीधे इंसुलिन प्रतिरोध को प्रभावित कर सकते हैं और मधुमेह के जोखिम को कम कर सकते हैं। वे अग्नाशयी बीटा-कोशिकाओं को प्रभावित कर और इंसुलिन स्राव को उत्तेजित कर सकते हैं, जिससे ब्लड शुगर स्तर कम हो सकता है। फिलहाल, डार्क चॉकलेट के एंटी-डायबिटिक प्रभावों का विश्लेषण करने के लिए और अधिक अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है (32)। इसके अलावा, यह डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लैवेनॉल्स की मात्रा पर भी यह निर्भर करता है क्योंकि मार्केट में मौजूद डार्क चॉकलेट में फ्लैवेनॉल्स कम और शुगर ज्यादा होता है, ऐसे में यह नुकसानदायक भी हो सकती है (33)। ऐसे में बेहतर है कि एक बार इस बारे में डॉक्टरी सलाह भी ली जाए।

12. वजन संतुलित करने के लिए डार्क चॉकलेट

अगर वजन कम करने की बात की जाए, तो शोध बताते हैं कि वजन कम करने में डार्क चॉकलेट की भूमिका हो सकती है। दरअसल, यह पाचन के साथ-साथ वसा और कार्ब्स के अवषोषण को कम कर सकती है, जिससे तृप्ति बढ़ सकती है (34)। इसके अलावा, डार्क चॉकलेट का सेवन क्रेविंग को शांत करने के लिए भी किया जा सकता है (35)। इसका सेवन स्नैक्स के तौर पर किया जा सकता है (36)। हालांकि, सीधे तौर पर डार्क चॉकलेट से वजन कम होने के बारे में अभी और शोध की आवश्यकता है। देखा जाए, तो इसके साथ सही डाइट और वजन घटाने के लिए एक्सरसाइज की भी जरूरत है। साथ ही डार्क चॉकलेट स्नैक्स की तरह ही लें। अधिक डार्क चॉकलेट के सेवन से वजन बढ़ भी सकता है (1)।

13. त्वचा के लिए डार्क चॉकलेट

डार्क चॉकलेट न सिर्फ आपके स्वास्थ्य बल्कि आपकी त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। कोको त्वचा स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है (37)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद अध्ययनों से पता चलता है कि कोको में मौजूद डायट्री फ्लेवोनोल्स फोटो-प्रोटेक्शन प्रदान करते हैं और त्वचा के ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार कर सकते हैं। यह प्रभाव डार्क चॉकलेट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट (विशेष रूप से फ्लेवानोल्स) के कारण हो सकता है (38)।  इसके अलावा, डार्क चॉकलेट त्वचा को हानिकारक यूवी किरणों से बचा सकती है। हालांकि, इस पर अभी और वैज्ञानिक शोध की जरूरत है (16)। ध्यान रहे कि जरूरत से ज्यादा डार्क चॉकलेट का सेवन करने से बचें क्योंकि यह कील-मुंहासों की समस्या का कारण भी बन सकती है (39)।

14. बालों के लिए

डार्क चॉकलेट, जो कि कोको से भरपूर होती है, बालों के लिए भी लाभकारी हो सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित चूहों पर किए गए एक शोध में प्रोएंथोसाइनिडिन (Proanthocyanidins – एक प्रकार का फेनोलिक कंपाउंड) बालों के विकास के एनाजेन चरण (anagen phase) को प्रेरित करने में सहायक पाया गया है (40)। प्रोएंथोसाइनिडिन कोको में भी पाया जाता है (6)। हालांकि, यह अध्ययन प्रोएंथोसाइनिडिन के आधार पर किया गया है, ऐसे में डार्क चॉकलेट वास्तव में बालों के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव डाल सकता है या नहीं, इसके लिए अभी और शोध की जरूरत है।

अंत तक पढ़ें

आगे जानिए डार्क चॉकलेट में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इसे इतना फायदेमंद बनाते हैं।

डार्क चॉकलेट के पौष्टिक तत्व – Dark Chocolate Nutritional Value in Hindi

नीचे दिए गए टेबल के जरिए जानिए डार्क चॉकलेट में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में (41)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी1.37 ग्राम
एनर्जी598 केसीएएल
प्रोटीन7.79 ग्राम
टोटल लिपिड (फैट)42.63 ग्राम
ऐश2.32 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट45.9 ग्राम
फाइबर10.9 ग्राम
शुगर23.99 ग्राम
कैल्शियम73 मिलीग्राम
आयरन11.9 मिलीग्राम
मैग्नीशियम228 मिलीग्राम
फास्फोरस308 मिलीग्राम
पोटेशियम715 मिलीग्राम
सोडियम20 मिलीग्राम
जिंक3.31 मिलीग्राम
कॉपर1.766 मिलीग्राम
मैंगनीज1.948 मिलीग्राम
सेलेनियम6.8 माइक्रोग्राम
थियामिन0.034 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.078 मिलीग्राम
नियासिन1.054 मिलीग्राम
पैंटोथैनिक एसिड0.418 मिलीग्राम
विटामिन बी-60.038 मिलीग्राम
विटामिन बी-120.28 माइक्रोग्राम
विटामिन ए, आरएई2 माइक्रोग्राम
कैरोटीन, बीटा19 माइक्रोग्राम
कैरोटीन, अल्फा7 माइक्रोग्राम
क्रिप्टोजैन्थिन, बीटा1 माइक्रोग्राम
विटामिन ए, आईयू39 आईयू
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरोल)0.59 मिलीग्राम
विटामिन के (फिलोक्विनोन-phylloquinone)7.3 माइक्रोग्राम
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड24.489 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड12.781 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड1.257 ग्राम
फैटीएसिड, टोटल ट्रांस0.03 ग्राम
कोलेस्ट्रॉल3 मिलीग्राम
कैफीन80 मिलीग्राम
थियोब्रोमाइन802 मिलीग्राम

पढ़ें आगे

इस लेख के आगे के भाग में जानिए कि डार्क चॉकलेट और मिल्क चॉकलेट में कौन ज्यादा बेहतर है।

मिल्क चॉकलेट और डार्क चॉकलेट – कौन सी बेहतर है?

ऊपर हमने पाठकों को डार्क चॉकलेट के फायदे बताएं, जिन्हें पढ़कर आसानी से समझा जा सकता है कि डार्क चॉकलेट कितनी फायदेमंद है। दोस्तों, कई मायनों में डार्क चॉकलेट मिल्क चॉकलेट से ज्यादा बेहतर है। इसमें मिल्क चॉकलेट की तुलना में ज्यादा मात्रा में कोको (50-90%) मौजूद होता है। कोको मस्तिष्क स्वास्थ्य और याददाश्त में सुधार करने के साथ-साथ मूड को भी बेहतर बना सकता है (42)। इसके साथ ही यह सूजन की समस्या से भी बचाव कर सकता है। साथ ही यह फ्लैवनॉल से भरपूर होता है, जो कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचाव कर सकता है (1), (16)। डार्क चॉकलेट खासतौर पर, बढ़ती उम्र के लोगों के लिए अधिक उपयोगी हो सकती है (13) (43)।

पढ़ते रहें

आगे जानते हैं कि डार्क चॉकलेट बेनिफिट्स के लिए इसका उपयोग किन-किन तरीकों से किया जा सकता है।

डार्क चॉकलेट का उपयोग – How to Use Dark Chocolate in Hindi

नीचे पढ़ें डार्क चॉकलेट के स्वास्थ्य लाभ के लिए आसान तरीकों से इसका उपयोग।

  • डार्क चॉकलेट ऐसे भी खाई जा सकती है। मार्केट में कई ब्रांड्स की डार्क चॉकलेट मौजूद हैं, जिसमें कोको की मात्रा के बारे में भी जानकारी दी रहती है।
  • डार्क चॉकलेट को स्मूदी बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • डार्क चॉकलेट का सेवन दूध के साथ किया जा सकता है।
  • फ्रूट सलाद के साथ डार्क चॉकलेट (क्यूब्स या कद्दूकस की हुई) खा सकते हैं।
  • ब्लैक कॉफी के साथ डार्क चॉकलेट का सेवन कर सकते हैं।
  • स्नैक्स के तौर पर डार्क चॉकलेट क्यूब पर शहद डालकर सेवन कर सकते हैं।
  • खाने के अलावा त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए डार्क चॉकलेट फेस मास्क का उपयोग भी कर सकते हैं।

जानें और

अब सवाल यह उठता है कि सबसे अच्छी डार्क चॉकलेट का चुनाव कैसे किया जाए। नीचे हम अच्छी डार्क चॉकलेट को खरीदने से लेकर उसे लम्बे समय तक सुरक्षित रखने तक का तरीका बता रहे हैं।

डार्क चॉकलेट का चयन और लम्बे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका

नीचे जानिये डार्क चॉकलेट का चयन और लम्बे वक्त तक सुरक्षित रखने का तरीका।

चयन

  • बाजार में मिलने वाली सभी डार्क चॉकलेट फायदेमंद नहीं होती हैं। लगभग सभी डार्क चॉकलेट के पैक पर उसमें मौजूद कोको का प्रतिशत लिखा होता है। यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वो कितना प्रतिशत डार्क चॉकलेट का सेवन करना चाहते हैं।
  • कम से कम 70% डार्क चॉकलेट का चयन करना असरदार हो सकता है। हमेशा कम शुगर और अधिक कोकोआ वाली चॉकलेट का चयन करें।
  • उसमें मौजूद सामग्री (आर्टिफिशियल फ्लेवर, रंग, फैट और चीनी) के बारे में पैक पर देखें।
  • हमेशा अच्छे ब्रांड की डार्क चॉकलेट का चुनाव करें।
  • ऑर्गेनिक ब्रांड की डार्क चॉकलेट का चुनाव करना भी फायदेमंद हो सकता है।
  • डार्क चॉकलेट की पैकिंग और एक्सपायरी डेट को भी जरूर देखें।

सुरक्षित रखने का तरीका

  • डार्क चॉकलेट को किसी एयर टाइट कंटेनर में सील करके रखें।
  • इसे किसी ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
  • फ्रिज में रख रहे हैं, तो तापमान का ध्यान रखें (आदर्श रूप से 65 और 68 ° F के बीच)।
  • लाइट, गर्मी और नमी से दूर रखें।

लेख से जुड़े रहिये

डार्क चॉकलेट के फायदे हैं, तो अधिक सेवन से डार्क चॉकलेट के नुकसान भी हो सकते हैं। लेख के इस भाग में हम इसी बारे में जानकारी दे रहे हैं।

डार्क चॉकलेट के नुकसान – Side Effects of Dark Chocolate in Hindi

डार्क चॉकलेट खाने के फायदे और नुकसान दोनों हैं, इसलिए फायदे जानने के बाद लोग ज्यादा इसका सेवन न करने लगें, इसलिए यहां हम डार्क चॉकलेट खाने के नुकसान की भी जानकारी दे रहे हैं। 

डार्क चॉकलेट में कैफीन की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में इसके अधिक सेवन से नीचे बताई गईं समस्याएं हो सकती है (44) –

  • अनिद्रा
  • सिरदर्द या माइग्रेन
  • सिर चकराना
  • डिहाइड्रेशन
  • चिंता
  • असहज महसूस होना
  • वजन बढ़ना
  • हृदय की गति तेज होना
  • डार्क चॉकलेट खाने के नुकसान की बात करें, तो इसमें थिओब्रोमाइन (Theobromine) नामक तत्व होता है, जिसके अधिक सेवन से भी सिरदर्द और जी मिचलाने की समस्या हो सकती है (45)।
  • इसके साथ ही डार्क चॉकलेट के अधिक सेवन से कील-मुंहासों की समस्या हो सकती है (39)।
  • चॉकलेट के अधिक सेवन से सीने में जलन की समस्या भी हो सकती है (16)।
  • ज्यादा डार्क चॉकलेट खाने के नुकसान में वजन बढ़ना भी हो सकता है। डार्क चॉकलेट में कैलोरी अधिक मात्रा में होती है, इसलिए जरूरत से ज्यादा सेवन से वजन बढ़ने का जोखिम भी हो सकता है (1)।

उम्मीद करते हैं कि इस लेख के जरिए पाठकों को यह पता चल ही गया होगा कि स्वास्थ्य के लिए डार्क चॉकलेट किस प्रकार फायदेमंद हो सकती है। अगर अभी तक डार्क चॉकलेट को अपनी रूटीन में शामिल नहीं किया है, तो अब भी देर नहीं हुई है। इसे दैनिक जीवन में स्थान देकर डार्क चॉकलेट खाने के फायदे उठाए जा सकते हैं। वहीं, इसके सेवन की मात्रा का भी ध्यान रखें। अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से डार्क चॉकलेट खाने के नुकसान सामने आ सकते हैं। इसलिए, पाठक सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट का सेवन करें और सेवन के दौरान अगर किसी को असुविधा महसूस हो, तो तुरंत सेवन बंद कर डॉक्टरी परामर्श लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या डार्क चॉकलेट में कैफीन होता है?

हां, सामान्य चॉकलेट की तुलना में डार्क चॉकलेट में ज्यादा कैफीन होता है, क्योंकि इसमें कोको होता है। प्रति 100 ग्राम डार्क चॉकलेट में 80 मिलीग्राम कैफीन मौजूद होता है (41)।

एक दिन में कितनी डार्क चॉकलेट खा सकते हैं?

आप डार्क चॉकलेट बार में से प्रतिदिन एक या दो टुकड़े खा सकते हैं। हालांकि, यह व्यक्ति की उम्र और सेहत पर निर्भर करता है। इस संबंध में डॉक्टर या विशेषज्ञ ज्यादा बेहतर तरीके से बता सकते हैं।

क्या रात में डार्क चॉकलेट खा सकते हैं?

नहीं, डार्क चॉकलेट में कैफीन होता है, ऐसे में रात को इसके सेवन से अनिद्रा की समस्या हो सकती है (44)।

क्या बच्चों के लिए डार्क चॉकलेट अच्छी है?

डार्क चॉकलेट में कैफीन मौजूद होता है, जिससे बच्चों में सिरदर्द, अनिद्रा और घबराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, हो सकता है डार्क चॉकलेट का स्वाद भी बच्चों को पसंद न आए (46)।

क्या डार्क चॉकलेट वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है?

अत्यधिक सेवन से वजन बढ़ने का जोखिम हो सकता है क्योंकि इसमें कैलोरी की उच्च मात्रा होती है (41)।

46 संदर्भ (Sources) :

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.

और पढ़े:

Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

ताज़े आलेख

scorecardresearch