घरेलू उपचार

दस्त (लूस मोशन) रोकने के घरेलू इलाज और उपाय – Loose Motion (Dast) Home Remedies in Hindi

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पेट से जुड़ी आम समस्याओं में दस्त का नाम भी आता है। यह वो चिकित्सीय स्थिति है, जब मल सामान्य से बिल्कुल पतला पानी की तरह निकलता है। आपको बार-बार टॉयलेट के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे बाहर निकलना पूरी तरह बंद हो जाता है। दस्त को डायरिया और लूस मोशन भी कहा जाता है। इस अवस्था में शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी होने लगती, जिससे मरीज कमजोरी महसूस करने लगता है। यह स्थित जीवाणुओं और वायरस के संपर्क में आने से पैदा होती है, जिसमें जंक फूड्स, मसालेदार भोजन व मदिरा सेवन आदि आम कारक होते हैं।

लूस मोशन दो प्रकार के होते हैं पहला एक्यूट डायरिया, जो 1-2 दिन तक रहता है। वहीं, दूसरा क्रोनिक डायरिया है, जो दो से अधिक दिन तक बना रहता है (1)। दूसरी स्थिति ज्यादा गंभीर होती है। इस लेख में हम आपको दस्त रोकने के घरेलू उपाय बता रहे हैं, जिससे आप अपना उपचार स्वयं कर सकेंगे।

आइए, सबसे पहले जानते हैं डायरिया के विभिन्न कारणों के बारे में।

दस्त के कारण – Causes of Loose Motion in Hindi

  • बैक्टीरिया और वायरस
  • मैग्नीशियमु युक्त दवाएं, जैसे – एंटीबायोटिक्स, एंटासिड्स और कैंसर की दवा आदि
  • अपच को बढ़ाने वाले भोजन
  • मदिरा का अत्यधिक सेवन
  • पेट और आंत से जुड़ी बीमारी
  • मधुमेह और उच्च रक्तचाप
  • पेट की सर्जरी आदि

दस्त के लक्षण – Symptoms of Loose Motion in Hindi

  • पानी की तरह मल का निकलना
  • दिन में तीन-चार बार टॉयलेट जाना
  • पेट में ऐंठन और दर्द
  • बाथरूम जाने का एहसास
  • कमजोरी
  • जी-मिचलाना
  • कभी-कभी बुखार आदि

दस्त के कारण और लक्षणों को जानने के बाद आगे जानिए इसे रोकने के कारगर घरेलू उपायों के बारे में।

दस्त (लूस मोशन) रोकने के घरेलू उपाय – Home Remedies for Loose Motion in Hindi

1. नारियल पानी

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सामग्री

  • एक-दो गिलास नारियल पानी

कैसे करें इस्तेमाल

  • दिन में एक से दो बार नारियल पानी पिएं।
  • यह प्रक्रिया एक हफ्ते तक जारी रखें।

कैसे है लाभदायक

दस्त के कारण शरीर में ग्लूकोज और पानी की कमी हो जाती है और नारियल पानी इस कमी को पूरा करने का काम करता है। नारियल पानी ग्लूकोज इलेक्ट्रोलाइट सलूशन की तरह काम करता है (2)। डायरिया के दौरान हाइड्रेट रहने के लिए नारियल पानी पीते रहें।

2. दही

सामग्री

  • एक कप दही

कैसे करें इस्तेमाल

  • भोजन के बाद दही का सेवन करें।
  • दिन में दो बार यह प्रक्रिया दोहराएं।

कैसे है लाभदायक

दही प्रोबायोटिक से समृद्ध होती है। दही में मौजूद बैक्टीरिया आंतों को स्वस्थ रखने के साथ-साथ खराब बैक्टीरिया से लड़ने का काम करते हैं। दस्त रोकने के उपाय के रूप में आप दही का सेवन कर सकते है (3)।

3. जीरा पानी

सामग्री

  • एक चम्मच जीरा
  • एक गिलास पानी

कैसे है लाभदायक

  • पानी में जीरा डालकर 10 मिनट तक अच्छी तरह गर्म कर लें।
  • अब पानी को छान लें और ठंडा होने पर धीरे-धीरे पिएं।
  • दिन में तीन से चार बार यह प्रक्रिया दोहराएं।

कैसे करें इस्तेमाल

जीरा एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है, जो दस्त की घरेलू दवा के रूप में काम करता है। जीरा एंटीसेप्टिक गुण से समृद्ध होता है, जो इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने वाले बैक्टीरिया को मार गिराने का काम करता है। जीरा पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने और आंतों के संक्रमण को दूर कर आराम पहुंचाने में भी मदद करता है। जीरा एक्यूट के साथ-साथ क्रोनिक डायरिया को भी ठीक करता है (4)।

4. नींबू पानी

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सामग्री

  • आधा नींबू
  • एक गिलास पानी
  • चीनी आवश्यकतानुसार

कैसे करें इस्तेमाल

  • एक गिलास पानी में आधा चम्मच नींबू निचोड़ लें।
  • अब आवश्यकतानुसार चीनी मिलाकर मिश्रण को पिएं।
  • हर दो घंटे में यह प्रक्रिया दोहराएं।

कैसे है लाभदायक

दस्त रोकने के उपाय के रूप में आप नींबू पानी का सहारा ले सकते हैं। नींबू एक कारगर एंटीइंफ्लेमेटरी और अल्मीय गुणों से समृद्ध होता है, जो संक्रमित आंतों को आराम पहुंचाने और पीएच स्तर को सामान्य करने का काम करता है (5)। नींबू शरीर में पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की पूर्ति भी करता है, जो दस्त के दौरान शरीर से निरंतर बाहर निकलते रहते हैं।

5. कैमोमाइल टी

सामग्री

  • एक से दो चम्मच कैमोमाइल टी
  • एक कप पानी
  • शहद

कैसे करें इस्तेमाल

  • एक से दो चम्मच कैमोमाइल टी को पानी में डालकर तीन बार उबाल लें।
  • थोड़ा ठंडा होने दें और फिर एक कप में छान लें।
  • अब इसमें शहद मिलाएं और पिएं।
  • यह प्रक्रिया दिन में तीन बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक

कैमोमाइल शक्तिशाली एंटीस्पास्मोडिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट की तरह काम करता है (6)। लूज मोशन से छुटकारा पाने के लिए आप कैमोमाइल टी का सहारा ले सकते हैं। यह आंतों की मांसपेशियों को आराम देने के साथ-साथ संक्रमण से भी राहत दिलाता है।

6. मैथी के बीज

सामग्री

  • दो चम्मच मैथी के बीज
  • एक गिलास पानी

कैसे करें इस्तेमाल

  • मैथी के बीजों को पानी में 15 मिनट तक भिगोकर रखें।
  • अब बीजों को ग्राइंड कर एक गिलास पानी में मिला लें।
  • अब इस पानी को पी लें।
  • यह प्रक्रिया दिन में दो से तीन बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक

मैथी के बीज म्यूसिलेज से समृद्ध होते हैं, जो मल को भारी बनाकर लूस मोशन को रोकने का काम करते हैं। मैथी के बीज पाचन में मदद करने के साथ-साथ एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों के कारण पेट में संक्रमण फैलाने वाले रोगजनकों से लड़ने का काम भी करते हैं (7)। दस्त का इलाज करने के लिए आप मैथी के बीजों का सहारा ले सकते हैं।

7. सेब का सिरका

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सामग्री

  • दो चम्मच सेब का सिरका
  • एक गिलास गर्म पानी
  • एक चम्मच शहद

कैसे करें इस्तेमाल

  • एक गिलास पानी में सेब के सिरके को अच्छी तरह मिला लें।
  • अब इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं।
  • अब धीरे-धीरे पिएं।
  • यह प्रक्रिया दिन में एक से दो बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक

दस्त के इलाज के लिए आप सेब के सिरके का सहारा ले सकते हैं। इसमें पेक्टिन नामक तत्व होता है, जो लूस मोशन को रोकने और आंतों को आराम पहुंचाने का काम करता है (8)। सेब का सिरका एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भी समृद्ध होता है, जो पाचन तंत्र को संक्रमण और दर्द-सूजन से बचाने का काम करते हैं।

8. अदरक

सामग्री

  • एक से दो चम्मच अदरक का रस
  • आधा चम्मच शहद

कैसे करें इस्तेमाल

  • अदरक के रस को शहद के साथ मिला लें।
  • अब इस मिश्रण को पी लें।
  • यह प्रक्रिया दिन में दो से तीन बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक

दस्त रोकने के उपाय के लिए आप अदरक का उपाय कर सकते हैं। अदरक एक गुणकारी खाद्य-पदार्थ है, जो एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेशन गुणों से समृद्ध होता है (9) (10)। अदरक पाचन तंत्र को संक्रमित करने वाले जीवाणुओं से लड़ने के साथ-साथ आंतों को आराम पहुंचाता है। दस्त के देसी इलाज के रूप में आप इसका सेवन ऊपर बताए गए तरीके से कर सकते हैं।

9. पुदिना और शहद

सामग्री

  • एक चम्मच पुदीने का रस
  • एक चम्मच नींबू का रस
  • एक चम्मच शहद
  • एक कप गर्म पानी

कैसे करें इस्तेमाल

  • शहद को नींबू और पुदीने के रस के साथ मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को एक कप गर्म पानी में मिलाएं।
  • फिर इसे धीरे-धीरे पिएं।
  • यह प्रक्रिया दिन में दो बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक

पुदीना दस्त की घरेलू दवा के रूप में काम करता है (11)। नींबू और शहद के साथ मिलकर यह और भी प्रभावकारी हो जाता है। पुदीना पेट को शांत कर आंतों का आराम पहुंचाने का काम करता है। शहद और नींबू में मौजूद एंटीबैक्टीरियल व एंटीइंफ्लेमेशन गुण पेट को संक्रमित करने वाले रोगाणुओं से लड़ने का काम करते हैं। दस्त से छुटकारा पाने के लिए आप यह उपाय अपना सकते हैं।

10. दालचीनी

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सामग्री

  • आधा चम्मच दालचीनी पाउडर
  • एक चम्मच शहद
  • एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे करें इस्तेमाल

  • एक गिलास गुनगुने पानी में दालचीनी पाउडर और शहद को डालकर मिला लें।
  • अब इसे धीरे-धीरे पिएं।
  • यह प्रक्रिया दिन में दो से तीन बार दोहराएं।

कैसे है लाभदायक

दालचीनी एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुणों से समृद्ध होती है (12), जो दस्त के लिए कारगर घरेलू उपाय है। शहद के साथ मिलकर यह और भी प्रभावशाली हो जाती है और संक्रमित पेट को आराम पहुंचाने का काम करती है।

इस लेख में आगे हम बता रहे हैं कि दस्त के दौरान क्या खाएं और क्या न खाएं।

दस्त में क्या खाएं, क्या न खाएं – Foods to Eat in Loose Motion in Hindi

दस्त के दौरान शरीर में ऊर्जा के साथ-साथ जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, इसलिए खानपान ठीक रखना बेहद जरूरी है। इस अवस्था में मसालेदार, जंक फूड्स और शराब से दूर रहे हैं और नीचे बताई जा रहीं चीजों का सेवन करें :

  1. केला : दस्त के दौरान केला काफी लाभदायक माना गया है। यह पोटेशियम तत्व से समृद्ध होता है, जो लूस मोशन को रोककर पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है।
  2. अनार: दस्त के दौरान आप अनार का सेवन कर सकते हैं, इसमें अस्ट्रिंजंट गुण पाए जात हैं, जो लूस मोशन को नियंत्रित करने का काम करते हैं। यह शरीर की कमजोरी को भी दूर करता है।
  3. गुलाब जामुन : आप दिन में दो बार गुलाब जामुन खा सकते हैं, इससे भी दस्त से काफी आराम मिलता है।
  4. स्ट्रॉबेरी : आप स्ट्रॉबेरी भी खास सकते हैं। इसमें फाइबर होता है, जो मल को सामान्य कर देता है, जिससे लूस मोशन बंद हो जाते हैं।
  5. ब्राउन राइस : दस्त के दौरान आप ब्राउन राइस का सेवन भी कर सकते हैं। यह विटामिन-बी से समृद्ध होता है, जो आपको काफी आराम पहुंचाएगा।
  6. गाजर : डायरिया को नियंत्रित करने के लिए आप गाजर या गाजर का जूस पी सकते हैं। इसमें पेक्टिन पाया जाता है, जो लूस मोशन को रोकने का काम करता है। इसके अलावा, आप अमरूद भी खा सकते हैं
  7. ओआरएस : डायरिया के दौरान शरीर में तरल की कमी हो जाती है। इसे पूरा करने के लिए आप ओआरएस पीते रहें। आप ओआरएस को एक लीटर पानी में छह चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक के साथ घोलकर बना सकते हैं। ओआरएस दस्त के देसी इलाज के रूप में काम करता है।

दस्त (लूस मोशन) से बचाव के अन्य उपाय – Prevention Tips For Loose Motion in Hindi

  1. पानी पीते रहें : लूस मोशन के दौरान शरीर से तरल अधिक निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
  2. फाइबर युक्त भोजन : दस्त से राहत पाने के लिए आप फाइबर युक्त भोजन का सेवन करें। ओट्स, स्ट्राबेरी, संतरा, दाल व आलू आदि में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
  3. ब्लूबेरी : ब्लूबेरी में एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल तत्व होते हैं (13) (14), जो पेट के रोगागुणों को मार गिराने का काम करते हैं। इसका एंटीऑक्सीडेंट गुण लूस मोशन में काफी आराम पहुंचाता है। दस्त रोकने के उपाय के रूप में आप ब्लूबेरी का सेवन कर सकते हैं (15)।
  4. सहजन के पत्ते : दस्त से राहत पाने के लिए आप एक चम्मच सहजन की पत्तियों का रस आधा चम्मच शहद के साथ ले सकते हैं। सहजन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं, जो पेट के संक्रमण को दूर करने का काम करते हैं। सहजन दस्त का इलाज करने का एक सटीक देसी उपाय है (16)।
  5. स्वच्छता : गंदगी के संपर्क में आने से भोजन पर कीटाणु कब्जा कर लेते हैं, जो डायरिया का कारण बन सकते हैं। भोजन करने से पहले और बाद में हाथ व मुंह को अच्छी तरह साफ करें। अपने शरीर और अपने आसपास की जगह को साफ-सुधरा रखें।

नोट : अगर इन घरेलू उपायों से भी दस्त नहीं रुक रहे हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर के पास जाएं और अपना इलाज कराएं।

दस्त से राहत पाने के लिए आप इस लेख में बताए किसी भी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये सभी प्राकृतिक उपाय प्रभावशाली हैं और कम खर्चीले भी। यह लेख आपको कैसा लगा, हमें नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताना न भूलें।

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Nripendra Balmiki

नृपेंद्र बाल्मीकि एक युवा लेखक और पत्रकार हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की है। नृपेंद्र विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद करते हैं, खासकर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर इनकी पकड़ अच्छी है। नृपेंद्र एक कवि भी हैं और कई बड़े मंचों पर कविता पाठ कर चुके हैं। कविताओं के लिए इन्हें हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

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